ससुराल के बाद मायके में चुदाई की कामुक दास्तां- 6

Views: 99 Category: Ladkiyo Ki Gaand Chudai By Garimasexy Published: June 26, 2026

📚 Series: ससुराल के बाद मायके में चुदाई की कामुक दास्तां

सिस्टर ऐस्स फक कहानी में मेरा भाई मेरी चूत चाट रहा था कि मेरे पति का फोन आ गया. मैं उनसे बात करने लगी पर मेरे भाई ने मेरी गांड में तेल लगाकर लंड पेल दिया.

मेरी कहानी का पिछला भाग
मेरी मम्मी की बेटे-बेटी से सेक्स करने की इच्छा

साफ करने के बाद अभी मेरे भाई ने मेरी चूत चाटना शुरू ही किया था कि तभी मोबाइल की घंटी बजी, देखा तो रोहित का फोन था।
पहले तो मैंने सोचा कि फोन रिसीव ना करूं लेकिन फिर भाई को चुप रहने का इशारा करके बेड पर बैठकर बात करने लगी।

अब आगे सिस्टर ऐस्स फक कहानी:

मैंने सोचा कि थोड़ी देर बात करके नींद का बहाना कर काट दूंगी।
लेकिन रोहित बात किये जा रहे थे और मुझे फोन काटने का मौका नहीं मिल रहा था।

सोनू थोड़ी देर चुपचाप बैठकर देखता रहा वो फोन कटने का इंतजार कर रहा था।
तभी सोनू खड़ा हो गया इस पर मुझे लगा कि फोन की वजह से उसने चाटने का प्लान छोड़ दिया होगा।

लेकिन वो मेरे सामने आ गया और उसने मेरे एक हाथ पकड़ा और अपने लंड पर रख दिया और हिलाते रहने का इशारा किया।
मैं बेड के किनारे पैर नीचे लटका कर बैठी हुई रोहित से बात करते हुए सोनू का लंड हिलाने लगी।

सच कहूं तो पहले तो मुझे घबराहट हुई लेकिन कुछ ही सेकेंड में मुझे अजीब सी एक्साइटमेंट होने लगी।
मैं बिना घबराहट के मजे से सोनू का लंड हिलाने लगी।

पति से बात करते हुए भाई के लंड को हिलाना मेरे लिए नया और बेहद कामुक अनुभव था।
मुझे इतना अच्छा लग रहा था कि जहाँ पहले मैं सोच रही थी कि जल्दी से बात करके रख दूंगी.
लेकिन मुझे मजा आने लगा था इसलिए मैंने फोन को स्पीकर पर कर दिया और आराम से बात को बढ़ाते हुए सोनू के साथ मजा करने लगी।

सोनू की आंखों से भी पता चल रहा था कि उसे भी मजा आ रहा था कि उसकी बहन फोन पर बात अपने हसबेंड से करते हुए अपने भाई का लंड हिला रही है।

तभी अचानक सोनू ने मेरा हाथ अपने लंड पर हटाया और लंड को मुंह में लेने का इशारा किया।
मैं समझ नहीं पायी कि बात करते हुए लंड को मुंह में कैसे लूं।

तभी जब रोहित बोलने लगे तो सोनू ने लंड को मेरे मुंह में डाल दिया।
मैं लंड चूसती हुई हम्म हम्म करते हुए रोहित की बात सुनने लगी।

जब मुझे बोलना हुआ तो लंड को मुंह से निकाल कर बात करने लगी।
फिर जब रोहित बोलने लगे तो दोबारा सोनू का लंड मुंह में लेकर चूसने लगी।

इसी तरह करीब 5 मिनट तक रुककर सोनू का लंड चूसती रही।

कुछ देर इसी तरह करते रहने के बाद सोनू ने मुझे खड़ी होने का इशारा किया।
मैं समझ नहीं पायी लेकिन पूछ भी नहीं सकती थी इसलिए मैं खड़ी हो गयी।

सोनू मेरे सामने नीचे बैठ गया और खिसक कर ठीक मेरे पैरों के पास आ गया और मेरी दोनों जांघों को हल्का सा हाथ से फैलाकर चूत चाटने लगा।
मेरे मुंह से हल्की सी सिसकारी निकल गयी।
हालांकि बातचीत में रोहित ने ध्यान नहीं दिया।

सोनू की इस हरकत पर मेरी धड़कन बढ़ गयी लेकिन सच कहूँ तो मुझे अच्छा भी लगने लगा।
मैंने सोनू को रुकने का इशारा किया और फिर पीछे खिसक कर दिवार का टेक लेकर खड़ी हो गयी और जांघ को फैलाकर सोनू को चूत चाटने की पूरी जगह दे दी।

सोनू खिसक कर आगे आ गया और फिर आराम से नीचे बैठकर चूत चाटने लगा।

मैं एक हाथ से फोन और दूसरे हाथ से सोनू के सिर को अपनी चूत पर दबाए आराम से चूत चटवाते हुए रोहित से फोन पर बात करने लगी।
सच कहूं तो रोहित का फोन आने पर पहले मैं सोच रही थी कि थोड़ी देर बात करके बहाना बना कर फोन काट दूंगी.
लेकिन अब जो हो रहा था उसमें इतना मजा आने लगा था कि मैं खुद ही बात को आगे बढ़ा रही थी और बात करते हुए सोनू से चूत चटवा रही थी।

सोनू अपनी बहन की चूत के दोनों होठों कों उंगलियों से फैलाकर जीभ को अंदर डाल कर घुमाने लगा था।
इधर मेरी आंख बंद हो गयी और आवाज़ में हल्की-हल्की कंपन होने लगी।

तभी सोनू ने चूत से जीभ निकाली और मुझे पलट कर खड़े होने का इशारा किया।
मैं पलट कर एक हाथ को दिवार पर टिकाकर हल्का सा आगे झुक कर खड़ी हो गयी।

सोनू ने हाथों से पकड़ कर मेरी गांड को फैलाया और अपनी जीभ को गांड की छेद पर रखकर चाटने लगा।
कामुकता और एक्साइटमेंट में मेरा शरीर हल्का-हल्का कांपने लगा था।

कुछ देर इसी तरह गांड के छेद को चाटने के बाद सोनू खड़ा हो गया और मुझे बेड पर चलने का इशारा किया।
मैं जाकर बेड पर बैठ गयी।

इसके बाद सोनू ने मुझे पेट के बल लेटने का इशारा किया।
मैं धीरे पलट कर पेट के बल लेट गयी और कुहनी का टेक लेकर रोहित से बात करती रही।
सोनू मेरी जांघों को दोनों तरफ करके बीच में आ गया और गांड के अगल-बगल घुटने रखा और गांड के ठीक नीचे मेरी जांघों पर हल्का सा बैठ गया।
फिर एक हाथ से मेरी गांड को फैलाते हुए दूसरे हाथ से अपने लंड को थूक से चिकनी हो चुकी मेरी गांड के छेद पर रख दिया।

मेरा दिल धक-धक करने लगा मैंने उसे ना करने का हल्का सा इशारा किया।
मुझे डर लग रहा था कि अगर झटके से उसने मेरी गांड में लंड डाल दिया तो कहीं मेरे मुंह से फिर तेज सिसकारी ना निकल जाए।

लेकिन सोनू ने मुझे चुप रहने का इशारा किया और धीरे से उठा और आलमारी से नारियल के तेल डिब्बा उठाकर फिर मेरे पीछे आकर बैठ गया।

उसने अपने हाथ पर ढेर सारा तेल लेकर पहले अपने लंड के सुपाड़े पर लगाकर उसे चिकना किया फिर में गांड के छेद पर लगाकर उसे अच्छी तरह चिकना करने के बाद आराम से धीरे-धीरे लंड को मेरी गांड में डालने लगा।
सोनू एक साथ झटके से लंड डालने के बजाय आराम से रुक-रुक कर अपना लंड मेरी गांड में डाल रहा था और जब पूरा लंड उसने गांड में डाल दिया तो आराम से मेरे ऊपर ही लेट गया।

इधर मैं रोहित से आराम से बात कर रही थी।

कुछ देर तक इसी तरह लंड को गांड में डाले लेटे रहने के बाद उसने धीरे-धीरे अपनी कमर को हिलाते हुए मेरी गांड मारनी शुरू की।
उधर भाई का लंड अपनी गांड में लेते हुए पति से बात करने के अहसास से मेरा पूरा बदन कामुकता से गर्म हो गया था।

मुझे ऐसा अहसास हो रहा था कि जैसे रोहित मेरे सामने बैठकर मुझसे बात कर रहे हैं और उनके सामने ही मेरा भाई मेरी गांड मार रहा है।
इस अहसास ने ही सेक्स का मज़ा दोगुना कर दिया था।

वहीं सोनू भी शायद इसमें मजा आ रहा था तो वो भी बिना मौका गंवाए सब कुछ किये जा रहा था।

करीब पांच मिनट तक इसी तरह रोहित से बात करते हुए सोनू से गांड मरवाती रही।
लेकिन अब मेरी चूत की खुजली बर्दाश्त के बाहर हो रही थी और कामुकता में मेरी आवाज़ लड़खड़ाने लगी थी।
मैं समझ गयी अब कुछ देर और बात करती रही तो पोल खुल जाएगी।
इसलिए मैंने रोहित से नींद आने का बहाना किया और फोन काट दिया।

फोन के कटते ही सोनू तेजी से धक्के लगाने लगा।
मैं अपना एक हाथ नीचे ले जाकर चूत की पंखुड़ियों को तेजी से सहलाते हुए गांड मरवा रही थी।

करीब 10 मिनट तक इसी तरह धक्के लगाने के बाद अचानक से सोनू के मुंह से सिसकारी की आवाज़ तेज होने लगी।
‘आ आआ आआहह हहह हह दीदीई ईईई आआ आआ आहह’ और वो कमर को तेजी से हिलाते हुए धक्के लगाने लगा।
और फिर अचानक से उसके मुंह से तेज सिसकारी निकली- आ आआ आआआ आआहह हहह हह… दीदी ईईई ईईईई आ आआहह हहह… बस… हाँआ आआआ!
और फिर उसका शरीर अकड़ गया।

रुक-रुककर तीन-चार तेज झटके देते हुए सोनू ने अपनी वीर्य की थैली का सारा माल मेरी गांड में निकाल दिया और थककर गांड में लंड डाले मेरी पीठ पर लुढ़क कर हाँफने लगा।
मैं भी चुपचाप नीचे लेटी रही और उसके नॉर्मल होने का इंतजार करने लगी।

1 मिनट बाद उसने अपने ढीले लंड को मेरी गांड से निकाला तो गरम-गरम वीर्य निकल कर दरार से होता हुआ मेरी चूत तक पहुंच गया।
जिसने मेरी कामवासना को और भड़का दिया।

सोनू आंखें बंद किये हुए मेरे बगल में पीठ के बल लेटा हुआ अभी भी अपनी सांस को काबू में करने की कोशिश कर रहा था।
उसके चेहरे से लग रहा था कि उसे शायद सिस्टर ऐस्स फक करके कुछ ज्यादा ही मजा आया था।

मैं उठकर बैठते हुए उसे थप्पड़ मारकर मुस्कुराते हुए बोली- उठ अब मेरा भी काम कर दे।
बैठते ही गांड से अभी भी हल्का-हल्का वीर्य निकल रहा था।

सोनू आंख खोलकर लेटे-लेटे अपने मुंह की तरफ इशारा करते हुए बोला- ऊपर ही आ जाओ, लेटे लेटे तुम्हारा काम कर दूंगा।

मैं सोनू का इशारा समझ गयी।
मैं उठी और ठीक उसके मुंह के दोनों और पैरों को घुटनों से मोड़ कर बैठ गयी और चूत को उसके मुंह पर रख दिया।

सोनू जीभ अपने दोनों हाथों को मेरी गांड और जांघ को सहलाते हुए जीभ निकाल कर चूत चाटने लगा।
मैं सोनू एक हाथ से सामने बेड पर रखकर दूसरे हाथ से सोनू के सिर पकड़े हुए हल्का-हल्का कमर हिलाते हुए चूत चटवाने लगी।

मैं आंखें बंद किये चूत चटवाते हुए इमैजिन करने लगी कि सामने रोहित बैठे हैं और मैं सोनू के मुंह पर बैठे हुए उससे चूत चटवा रही हूँ।

ये इमैजिन करते ही मेरे रोएँ खड़े हो गये और पूरे बदन में करंट सा दौड़ने लगा।
मैं तेजी से कमर हिलाते हुए चूत चटवाने लगी मेरे मुंह से हल्की-हल्की सिसकारी निकलने लगी- आ आआ आह हहह… उफ्फ… सोनू… हाँआ आआआ… तेज चाट भाई ईईई आ आआ आहह!

उधर सोनू भी जीभ को चूत में डालकर गोल-गोल घुमाते हुए जीभ से चुदाई करने लगा।
साथ में वह गांड और जांघों को तेजी से सहलाता भी जा रहा था।
वैसे अपनी नंगी गांड पर किसी का हाथ महसूस करने और सहलाने से मेरे एक्साइटमेंट बढ़ती जाती थी।
मैं आंखें बंद किये रोहित को हमें देखते हुए इमैजिन कर रही थी और तेजी से कमर हिलाती जा रही थी.

मेरी सिसकारियां तेज होने लगीं- आआ आआआ हहह… भाई ईईईई… आआ आआ आआ आहह… बससस स्स्सस… हाआआ… तेज चाट आआ आआह हहहह!

करीब पांच मिनट तक इसी तरह चूत चटवाने के बाद अचानक मुझे लगा कि मेरे पेट की नसें सिकुड़ने लगी हैं और रीढ़ की हड्डी से करंट नीचे की ओर जा रहा है.
मेरी कमर की स्पीड अचानक से तेज हो गयी और मेरे मुंह से तेज सिसकारी निकलने लगी- हाआआ आआ भाई ईईई बस्स तेज चाट… निकलने वाला है… भाईई ईई… आ आ आआ आआहह हहहह!

और फिर एक तेज सिसकारी के साथ ‘आआ आहहह… हाँआ आआ…’ मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया।
मेरी दोनों जांघें थरथराने लगीं थीं… मैं सोनू के मुंह अपनी दोनों जांघों के बीच दबाए कमर को झटके देने लगी।

सोनू मेरी चूत का पानी चाट रहा था।
मेरा बदन अकड़ गया था मैं निढाल होकर पीछे की तरफ गिरने लगी।
सोनू ने हाथों से मेरी दोनों बाहों को पकड़ लिया और अपने ऊपर से उतार कर बगल में लिटा दिया।

मैं आँख बंद किये हुए हांफ रही थी और अपनी सांस पर काबू पाने की कोशिश कर रही थी।
कुछ देर बाद नॉर्मल होने पर हम दोनों उसी तरह नंगे एक-दूसरे के साथ चिपक कर सो गये।

हम दोनों को सोते-सोते करीब डेढ़-दो बज गये थे।
सुबह मेरी नींद खुली तो देखा 6.15 बज रहे थे।
सोनू नंगे गहरी नींद में सो रहा था।

रात में देर से सोए थे तो सोनू 9.30-10 बजे से पहले उठने वाला नहीं था।

मैंने फिर सोने की कोशिश की जब नींद नहीं आयी तो पहले सोचा कि नीचे चली जाऊं.
लेकिन तभी दिमाग में आया कि अभी पापा होंगे वहीं सोनू भी मेरे कमरे में ही था।

इसलिए मैंने नीचे जाने का आइडिया ड्रॉप कर दिया और फिर बिना सोनू को जगाए धीरे से उठी और वाशरूम में नहाने-धोने चली गयी।

नहा-धोकर निकली तो 7.15 बज चुके थे।

पहले मैंने सोचा कि सोनू को जगाकर उसे कपड़े पहनने के लिए बोलूं और उसके रूम में भेज दूं।
तभी मुझे कुछ खुराफात सूझी। मैंने सोचा कि क्यों ना कल की तरह आज भी मम्मी को सरप्राइज दूँ।

मैंने नहाने के बाद कुर्ती और लेगिंग की जगह फिर से लॉन्ग टी शर्ट पहन लिया।
टीशर्ट थोड़ी लंबी थी तो वो जांघों तक आ रही थी। मैंने ना ब्रा पहनी और ना ही पैंटी।

उसके बाद दरवाज़े का लॉक अंदर से खोल दिया और फिर बेड पर आकर बस ऐसे ही टीशर्ट पहन कर दोबारा धीरे से लेट गयी।
मैंने सोनू को नहीं जगाया और उसी तरह गहरी नींद में ही नंगे सोने दिया।
ज्यादा आवाज़ नहीं की ताकि सोनू जगे ना।

मैंने बस उसके ऊपर एक कंफर्टर डाल दिया।

उसके बाद ससुराल के बाद मायके में चुदाई की कामुक दास्तां- 7 मैं मम्मी के ऊपर आने का वेट करने लगी।

सिस्टर ऐस्स फक कहानी पर आप मुझे अपने विचार लिखें.
sexygarimaa@gmail.com

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