ससुराल के बाद मायके में चुदाई की कामुक दास्तां- 10

Views: 73 Category: Risto Me Chudai By Garimasexy Published: July 04, 2026

📚 Series: ससुराल के बाद मायके में चुदाई की कामुक दास्तां

चूत चूत सेक्स कहानी में मैं अपनी मम्मी के साथ पूरी नंगी होकर उनके जिस्म का मजा ले रही थी. तभी मम्मी ने मेरी गांड के नीचे तकिया लगाया.

कहानी का पिछला भाग था
माँ के साथ लेस्बो करके मजा आया

अब आगे चूत चूत सेक्स कहानी:

कुछ देर इसी तरह किस करने और चूचियां रगड़ने के बाद मम्मी मेरे होठों को छोड़ते हुए थोड़ी सीधी हुईं और फिर मेरे ऊपर से उतरकर बगल में बैठते हुए मुस्कुराकर बोलीं- कुछ और करें?
मैंने भी मुस्कुराकर हाँ में सिर हिला दिया।

मुझे लगा कि अब मम्मी आपस में चूत रगड़ना चाह रही होंगी।
मैं हल्का सा उठने लगी तो मम्मी बोलीं- लेटी रह!

फिर मम्मी ने अपना गाउन उठाकर तह किया और मुझसे थोड़ा गांड उठाने को बोलीं।
मैंने लेटे-लेट अपनी गांड को हल्का सा ऊपर उठा दिया जिसके बाद मम्मी ने गाउन को मेरी गांड के नीचे लगा दिया।

जब मैंने जिससे मेरी चूत उभर गयी।
उसके बाद मम्मी मेरी कमर के दोनों ओर पैरों को करके घुटनों के बल खड़ी हो गयीं और फिर नीचे बैठते हुए अपनी चूत को ठीक मेरी चूत के ऊपर ऐसे बैठ गयीं जैसे लण्ड पर बैठ कर उछला जाता है।
नीचे गाउन होने से मेरी ऊभरी हुई चूत का ऊपरी हिस्सा मम्मी की चूत से चिपक गया था।
उसके बाद मम्मी सीधी होकर अपनी कमर को हल्का-हल्का हिलाते हुए अपनी चूत को मेरी उभरी हुई चूत से रगड़ने लगीं।

मम्मी के कमर हिलाने से उनकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ हिल रही थीं।
मैं हाथ बढाकर दोनों चूचियों को पकड़कर मसलने लगी और नीचे से मैं भी अपनी कमर को हल्का-हल्का ऊपर की ओर धक्का देने लगी।

मेरे लिए ये बिलकुल ही नया अनुभव था।
ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं कोई लड़का हूँ और मम्मी मेरे लण्ड को अपनी चूत में लेकर हिला रही हों।
सच कहूँ तो मुझे वाकई में मजा आ रहा था।

मम्मी के मुंह से हल्की-हल्की सिसकारियां निकलने लगी थीं।

मम्मी के चूत से रस निकल कर नीचे मेरी चूत की दरार में जा रहा था और मैं स्वर्गिक आनंद में थी।
मुझे उम्मीद नहीं थी कि चूत के साथ ऐसे भी मजा लिया जा सकता है।

कुछ देर इसी तरह करने के बाद मेरी भी इच्छा हुई ऊपर आने की।
तो मैं मम्मी से बोली- अब मैं ऊपर आऊं और तुम नीचे आ जाओ

इस पर मम्मी मुस्कुराते हुए मेरे ऊपर से उतर गयीं।
मैं उठकर बैठ गयी और मेरी जगह मम्मी आ गयीं और खुद ही गाउन के ऊपर अपनी गांड रख कर लेट गयी।
जिससे मम्मी की फूली हुई चूत उभर गयी।
मैं अपने पैरों को मम्मी के दोनों तरफ रखकर उसी तरह घुटनों से मोड़ कर चूत के ऊपर बैठ गयी।
सच कहूँ तो मुझे ऐसी फीलिंग हुई कि जैसे कि मेरी चूत किसी गोल और मुलायम चीज पर रखी है।

मैं सीधी होकर अपनी कमर को हिलाते हुए मम्मी की चूत के उपरी हिस्से से अपनी चूत रगड़ने लगी।
मम्मी के चूत के बाल मेरी चूत के दोनों फांकों की खुजली मिटा रहे थे।

मेरे मुंह से आआ आ आआहह हहह… आआआ आआह हहह की हल्की-हल्की सिसकारियां निकलने लगीं।
मेरी उत्तेजना बढ़ती जा रही थी और मैं आ आआ आहहह की सिसकारी के साथ तेजी से अपनी चूत रगड़े जा रही थी।

वहीं मम्मी भी नीचे से कमर हिलाते हुए मेरा साथ दे रही थीं।
उनके मुंह से भी हल्की-हल्की हम्म्म् म… आआ आआह हहह की सिसकारी निकल रही थी।

2 मिनट हुए होंगे कि मम्मी रुकीं और मुझे नीचे उतरने का इशारा किया।
मैं ऊपर से उतर कर पैरों के पास बैठ गयी जिस पर मम्मी एक पैर उठाकर मेरी जांघ पर रखते हुए पैरों को फैलाकर बीच में आने को बोलीं।

मैं मम्मी की जांघों के बीच आकर पीछे की तरफ झुककर हाथों की कुहनी के बल बैठी और अपने दूसरे पैर को क्रॉस ले जाकर मम्मी की जांघ पर रख दिया और फिर नीचे खिसक कर मम्मी की चूत से अपनी चूत सटा दी।
हम दोनों माँ-बेटी की चूत एकदम गीली हो चुकी थी।

मां-बेटी के चूत के मिलन और दोनों के चूत की गरमी से बदन में करंट सा दौड़ गया।
इसके बाद मम्मी और मैं दोनों ने अपनी कमर को हिलाते हुए चूत को रगड़ना शुरू किया।

हम दोनों के मुंह से आ आआ आआहह हहह… की निकलती सिसकारियों से कमरा गूंजने लगा।
हम दोनों एक-दूसरे के साथ ताल मिलाते हुए चूत रगड़ रही थी।

कुछ ही देर में मेरा चेहरा गरम हो गया.
चूत चूत सेक्स में मैंने कमर हिलाने की स्पीड बढ़ा दी.

उधर मम्मी के मुंह से भी आआआ आ आआह हहह की तेज सिसकारियां निकलने लगी थीं और अपनी चूची रगड़ते हुए उन्होंने भी कमर की स्पीड बढ़ा दी थी।

और फिर… कुछ ही मिनटों में मम्मी के मुंह से आ आआ आआआ आआहहह की तेज सिसकारी निकली और उनका बदन अकड़ गया और अपनी जांघों को के बीच कसकर मेरी जांघ को कसकर दबा लिया और कमर को दो-तीन तेज झटके देते हुए मम्मी की चूत ने पानी छोड़ दिया।

मगर मेरी चूत का पानी निकाला तो नहीं था लेकिन बस निकलने वाला था तो मैं उसी तरह तेजी से बेतहाशा चूत रगड़ रही थी और तभी मुझे लगा कि मेरे पेट की नीचे की सारी नसें सिकुड़ गयी हैं।
और आ आआ आआ आआआ आहहह… मम्म्म् मम्मी मीईईई की तेज सिसकारी के साथ मेरी चूत ने भी पानी छोड़ दिया।

कमर को दो-तीन तेज झटके देते हुई मैं चूत का पूरा पानी निकालने लगी।
और फिर निढाल होकर पीछे गिर पड़ी.
मम्मी भी जो अभी सिर्फ मेरे लिए थोड़ा ऊपर थीं मेरे गिरते ही वो भी पीछे की तरफ धप्प से गिर गयीं।

हम दोनों की टांगें अभी भी उसी तरह क्रॉस में फंसी हुई थीं।
शरीर पसीने से तर-बतर हो चुका था; सांसें तेजी से चल रही थी।

दो मिनट बाद मैं उठी और पैर को मम्मी की जांघों से निकालते हुए उठकर बैठ गयी और फिर मम्मी के बगल में जाकर लेट गयी।

मम्मी आंख खोलकर मुझे देखीं और मुस्कुराने लगीं।
दोनों के चेहरे और बदन पसीने से चमक रहे थे।

टाइम देखा तो 9.15 हो चुके थे।

मैं मुस्कुराते हुए कमेंट में बोली- अब सोनू का वेट करना है या कपड़े पहन लें?

मम्मी हंसते उठकर सीधा बैठते हुए बोलीं- मैं तो पहनने जा रही हूं तू अपना देख ले क्योंकि तेरी तो आदत है उसके सामने नंगी रहने की।
मैं हंसकर बोली- अब तुम भी आदत डाल लो..

इस पर मम्मी बिना कुछ बोले हंसने लगीं और उठकर कबर्ड से कुर्ती निकालने लगीं।

मैं बोली- सोनू को सरप्राइज दें?
मम्मी बोलीं- मतलब?

मैं आंख मारते हुए- अरे मतलब जो हम दोनों ने किया है उसे तो पता है नहीं। तो अभी नहा-धोकर जब नाश्ते के लिए नीचे आएगा तब उसे सरप्राइज देते हैं।
मम्मी- मतलब क्या? उसके सामने फिर करना है क्या?

मैं मम्मी का गाल खींचते हुए हंसकर बोली- अरे नहीं यार… कुछ करना नहीं… बस तुम मेरे ऊपर छोड़ दो। देखो क्या करती हूँ मैं!
मम्मी थप्पड़ मारते हुए हंसकर बोलीं- मैं कुछ करने वाली नहीं… समझ गयी ना!

मैं मम्मी का गाल खींचते हुए हंसकर बोली- अरे अब करने को बचा ही क्या है… सब कुछ तो कर लिया मेरे साथ। अब तो जो करना है अपने बेटे के साथ करना।
मम्मी बिना कुछ बोले हंसते हुए कबर्ड से कुर्ती निकालने लगीं।

मैं बोली- कुर्ती क्यों पहन रही हो… गाउन ही पहनो ना जो अभी पहना था।
मम्मी- क्यों?
मैं मुस्कुराती हुई बोली- अरे यार अभी बोला ना सोनू को सरप्राइज देना है। प्लीज गाउन पहनों ना सिर्फ।

मम्मी का भी मन तो था ही अंदर-अंदर बस वो बाहर से नखरे कर रही थीं।
मेरी बात पर ‘चल ठीक है’ बोलते हुए पैंटी उठाने लगीं पहनने के लिए।

मैंने पैंटी हाथ से लेते हुए कहा ना… कुछ नहीं पहनना है अंदर बस गाउन पहन लो।

मम्मी हंसते हुए बोलीं- पागल है क्या… क्या करना चाहती है तू। इससे अच्छा नंगी ना बैठ जाऊं?
मैं बोली- तो बैठ जाओ… मैं भी नंगी बैठ जाती हूँ।

मम्मी समझ गयीं कि मैं मानने वाली नहीं हूँ तो वो ‘अच्छा बाबा…’ कहते हुए सिर्फ अपना गाउन पहनने लगीं।

मैं उनका हाथ पकड़कर रोकती हुई बोली- एक मिनट रुको इसे बाद में पहन लेना पहले एक ज़रूरी काम कर देती हूँ।
मम्मी थोड़ा हैरानी से बोलीं- अब क्या करना है?

मैं मुस्कुराते हुए बोली- तुम्हारी चूत साफ कर देती हूं ताकि सोनू पहली बार देखेगा तो उसे अपनी मां की मस्त चिकनी चूत दिखनी चाहिए… जिसकी वो शायद कल्पना भी करता होगा.

मेरी बात पर मम्मी के चेहरे पर हल्की सी लालिमा आ गयी और वो शर्म और हंसी मिक्स के साथ मुझे थप्पड़ मारती हुई बोलीं- तेरा दिमाग खराब है क्या… मैं कुछ नहीं करने वाली। और ये सब करने की ज़रूरत नहीं है।

मैंने उनकी बांह पकड़ी और बाथरूम की तरफ ले जाते हुए बोली- ठीक है मत कुछ करना. लेकिन बाल तो साफ करा लो।

मम्मी भी रुकने और विरोध के बजाय बस ऊपरी मन से हल्का सा मना करते हुए मेरे साथ बाथरूम में आ गयीं।
उनकी बॉडी लैंग्वेज से साफ पता चल रहा था कि वो मेरी बात को मन ही मन वो भी मान गयी थीं।

इसके बाद हम दोनों बाथरूम में आ गये और मम्मी खड़ी रहीं और मैं उनके सामने बैठकर उनकी चूत के बाल अच्छी तरह साफ कर पानी से धोकर सुखा दिया।
सच कहूं तो अब उनकी दूध जैसी गोरी मांसल जांघों के बीच उनकी चिकनी फूली हुई चूत की सुंदरता निखर कर आ रही थी।

मैंने मम्मी की तरफ देखा और मुस्कुराते हुए मुंह आगे कर उनकी चूत पर एक किस करते हुए बोली- अपनी मम्मी की ऐसी चूत को देखकर सोनू के लंड का पानी तो बिना कुछ किये ही निकल जाएगा।

मेरी बात पर मम्मी का गोरा चेहरा गुलाबी हो गया और थप्पड़ मारते हुए बोलीं- तू ना… शादी के बाद सच में बद्तमीज हो गयी है।

ये कहकर मम्मी बाथरूम से बाहर आ गयीं और उनके पीछे पीछे मैं भी।
इसके बाद मम्मी ने अपना गाउन पहन लिया और मैंने वापस अपनी लॉन्ग टीशर्ट पहन लिया।

मम्मी बोलीं- तू सच में ऐसे ही रहगी?
मैं मुस्कुराकर बोली- हां… और क्या!

मम्मी थोड़ा हैरानी से मुस्कुराते हुए- अच्छा… मेरे सामने इस तरह के कपड़े में सोनू तो तुरंत समझ जाएगा कि कुछ गड़बड़ है।

मैं बोली- बस वही तो मैं चाहती हूं कि वो समझ जाए कि मामला आगे बढ़ चुका है। वैसे भी वो रात में ही बोल रहा था कि उसे मेरे ऊपर पूरा भरोसा है कि मैं तुम्हें पटा लूंगी।
मम्मी बोलीं- हम्म और तुमने पटा भी लिया।
मैं हंसकर बोली- उल्टा बोल रही हो… मुझे लगता है कि तुम खुद ही पटने के लिए तैयार बैठी थी।

मम्मी बिना कुछ बोले बस हंसते हुए किचन की तरफ जाने लगीं।
मैं भी उनके साथ किचन में आ गयी।

चूत चूत सेक्स कहानी जारी रहेगी.
यह कहानी आपको कैसी लगी?
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sexygarimaa@gmail.com

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