Xxx माँ बेटा सेक्स कहानी में मेरा भाई मेरे सामने मेरी मम्मी की गांड के छेद पर लंड रगड़ रहा था. मैंने मम्मी की गांड और भाई के लंड पर तेल लगाया.
कहानी का पिछला भाग
मम्मी की गांड फाड़ने की तैयारी
अब आगे Xxx माँ बेटा सेक्स कहानी:
सोनू ने लण्ड को गांड के छेद पर रखकर जोर लगाया मम्मी के मुंह से आआ आहह… की तेज सिसकारी निकल गयी।
और वो झटके से कमर को आगे की ओर करते हुए लण्ड से हटाने की कोशिश करने लगी।मुझे लगा कि शायद मम्मी सोनू को लंड घुसाने के लिए मना करेंगी।
लेकिन मना करने के बजाय सोनू से थोड़ा दर्द में कराहने वाली आवाज़ में बोलीं- उफ सूखा है सोनू… पहले थोड़ा तेल लगा लो।
सोनू इधर-उधर तेल देखने लगा फिर मेरी ओर देखने लगा।
मैं समझ गयी कि वो चाह रहा है कि मैं तेल लाकर दूं।
मैं जल्दी से मम्मी के रूम में गयी और नारियल के तेल की शीशी लेकर आ गयी।
उसके बाद मैंने खुद ही खूब सारा तेल अपने हाथों पर लेकर पहले मम्मी की गांड पर अच्छे से लगाया।
यहां तक की हल्का सा उंगली को गांड के अंदर डालकर तेल अंदर तक डाल दिया।
उंगली डालते ही मम्मी चिहुंक गयीं।
फिर मैंने और तेल लेकर सोनू के लण्ड पर भी खुद ही अच्छे से तेल लगाया।
जब मैं तेल लगा रही थी तो सोनू बिना कुछ बोले चुपचाप खड़ा रहा।
ज्यादा कुछ बोल ही नहीं रहा था जैसे सपनों की दुनिया में था या उसे ये सब सपना लग रहा था।
उसे शायद यकीन नहीं हो रहा था कि अभी तक जिस मां की गांड और चूत की कल्पना कर वो मुठ मारता था आज वही मां खुद उसे अपनी गांड और चूत खोले नंगी उसके सामने खड़ी है और उसका लण्ड अगले कुछ ही पलों में मम्मी की गांड के अंदर होगा।
अच्छी तरह तेल लगाने के बाद मैं खड़ी हो गयी।
सोनू ने एक हाथ से मम्मी की कमर को और दूसरे हाथ से लण्ड को पकड़ा और मम्मी की गांड की छेद पर रखकर तेज झटके के साथ अंदर डालने के बजाय लण्ड पर जोर देते हुए धीरे-धीरे दबाते हुए अंदर डालने लगा।
10-15 सेकेण्ड के अंदर उसका आधा लण्ड मम्मी की गांड के अंदर था।
मम्मी की आंखें बंद हो गयीं उनके मुंह आ आआ आआहह हहह की सिसकारी निकली।
वहीं लंड के मम्मी की गांड में जाते ही सोनू के मुंह से भी आआ आह मम्मीई ईईईई… की सिसकारी निकली।
लण्ड का गांड में आधा डालकर सोनू रुका और फिर कमर को हल्का-हल्का धक्के देते हुए मम्मी की गांड मारना शुरू कर दिया।
मम्मी भी हल्का-हल्का अपनी कमर को हिलाते हुए सोनू का साथ देने लगीं।
हर धक्के पर मम्मी के मुंह से आआ आहहह हह आआ आहहह की सिसकारी निकल रही थी।
कुछ ही देर में सोनू का पूरा लण्ड मम्मी की गांड में था।
मैं बगल में खड़ी अपनी चूत को सहलाते हुए इस कामुक नजारे को देख रही थी।
एक्साइटमेंट में मेरे शरीर का रोआँ रोआँ खड़ा हो गया था।
सोनू का लंड मम्मी की गांड के अंदर देखकर मुझे वही फीलिंग हो रही थी जिस दिन मेरा पहली बार पापा के साथ चुदाई का खेल शुरू हुआ था और पापा भी इसी तरह अपना लंड मेरी चूत में डालकर चोदना शुरू किये थे।
सोनू गांड मारते हुए अपने हाथों से मम्मी की कमर और गांड को सहलाते हुए और लगातार मम्मी की तरफ देख रहा था। वो शायद मम्मी को देखकर महसूस कर रहा था कि वो उन्हें चोद रहा है। जिससे उसकी एक्साइटमेंट और बढ़ रही थी।
उधर अपनी गांड पर पड़ रहे सोनू के हर धक्के पर मम्मी के मुंह से सिसकारियां निकल रही थीं।
मम्मी अपना एक हाथ नीचे ले जाकर अपनी चूत को भी तेजी से सहला रही थीं।
2-3 मिनट तक इसी तरह मम्मी की गांड मारने के बाद सोनू रुका।
फिर कुछ देर लंड को गांड में डाले ही खड़ा रहा जैसे आराम कर रहा हो और खुद को अगले राउंड के लिए तैयार कर रहा हो।
वहीं मम्मी भी चुपचाप अपने बेटे के लण्ड को गांड में लिए उसके अगले स्टेप का इंतज़ार करने लगीं।
करीब 15-20 सेकेण्ड तक इसी तरह खड़े रहने के बाद उसने धीरे से लण्ड को मम्मी की गांड से बाहर निकाला और हल्का सा झुक कर लण्ड को सीधा मम्मी की चूत के मुहाने पर रखा।
जैसे ही उसने लण्ड को चूत से सटाया मम्मी कीं आंखें बंद हो गयीं और उनके मुंह से आआआ हहहह की एक कामुक सिसकारी निकली जैसे उन्हें बड़ा सुकून मिला हो।
शायद मम्मी इसी का वेट कर रही थीं।
सोनू ने लण्ड को चूत में डालने के लिए जैसे ही कमर को धक्का दिया चूत में जाने के बजाय फिसल कर चूत से रगड़ता हुआ दोनों जांघों के बीच चला गया।
दरअसल सोनू इतना एक्साइटेड हो गया था जल्दबाजी में ये हो गया और मम्मी की चूत भी इस कदर गीली हो चुकी थी कि लण्ड फिसल गया।
लेकिन शायद मम्मी को चूत की खुजली अब बर्दाश्त के बाहर हो रही थी क्योंकि जैसे ही लण्ड चूत में जाने के बजाय फिसल कर बाहर ही रह गया तो मम्मी झुकीं और नीचे की तरफ दोनों के बीच से अपना हाथ ले जाकर सोनू के लण्ड को पकड़कर खुद ही उसे अपनी चूत के दोनों फांकों के बीच रखा और आगे की ओर झुकते हुए अपनी कमर को पीछे की ओर एक हल्का सा धक्का दिया जिससे सोनू के लण्ड का सुपाड़ा मम्मी की चूत में घुस गया।
सोनू और मम्मी दोनों के मुंह से एक साथ आ आआ आआ आहहह की सिसकारी निकली।
इसके बाद सोनू मम्मी की कमर को पकड़ कर धीरे-धीरे धक्का लगाते हुए उनकी चदुाई शुरू कर दी।
सोनू तेजी ना दिखाते हुए आराम से धीरे-धीरे धक्का लगाते हुए मम्मी की चुदाई कर रहा था।
शायद वो मम्मी की चुदाई के ज्यादा देर तक मजे लेने के मूड में था।
मम्मी और सोनू के मुंह से कामुक सिसकारियां घर में गूंज रही थीं।
मैं बगल में खड़ी मां-बेटे की चुदाई देखते हुए अपनी चूत सहला रही थी।
सोनू मुझे अपनी चूत सहलाते हुए देखा और फिर शायद उसकी कामोत्तेजना बढ़ गयी और उसने मम्मी की चूत में धक्के की स्पीड बढ़ा दी।
मम्मी को सोनू से चुदते देखकर कामुकता में मेरा शरीर एक दम जलने लगा था मेरे पैर भी हल्का-हल्का कांपने लगे थी।
मैं बगल की चेयर पर धप से बैठ गयी और मम्मी और सोनू को देखते हुए तेजी से अपनी चूत सहलाने लगी।
मेरे मुंह से भी हल्की-हल्की कामुक सिसकारियां निकलने लगीं।
अब घर में हम तीनों की कामुक सिसकारियां गूंज रही थीं।
तभी सोनू धक्कों की स्पीड बढ़ाने लगा और उसके मुंह से सिसकारी भी तेज निकलने लगी।
सोनू शायद झड़ने वाला था।
वहीं मम्मी की सिसकारियां तेज हो गयीं और वो आआ आहह… सोनू उउउउ हआ आहहह… हांआ आआ… और… तेज सोनू उउउउ हांआ आआ… बड़बड़ाते हुए अपनी गांड को पीछे की ओर धक्का देने लगीं और सोनू के लण्ड को तेजी से अपनी चूत में लेने लगीं।
और फिर… कुछ ही देर में सोनू के मुंह से तेज आआ आआ आआहहह मम्मी ईईईईई की तेज सिसकारी निकली और वो अपनी कमर तेजी से झटका देने लगा।
उसकी आंखें बंद हो गयीं फिर तेज सिसकारी के साथ उसने एक तेज झटके से अपने लण्ड को मम्मी की चूत में जड़ तक डाला और दबाये पंजे के बल खड़ा हो गया.
उसकी कमर हल्का-हल्का झटका ले रही थी।
मैं समझ गयी कि मम्मी की चूत में उसके लण्ड का पानी निकल रहा है।
उधर मम्मी की चूत का पानी अभी नहीं निकला था लेकिन शायद निकलने वाला था.
सोनू के रुकने पर वो अपनी कमर को पीछे की ओर धक्का लगाते हुए उसके लण्ड पर गोल-गोल घुमाने लगीं जैसे उसके लण्ड को पूरा चूत में डाल लेना चाहती हो.
तभी 10-15 सेकेण्ड बाद उनके मुंह से भी आआआ आआआआ आहह हांआआ आआआ… की तेज सिसकारी निकली और वो अपनी उन्होंने भी अपनी गांड को पीछे की तरफ करके पूरा सोनू की जांघ से चिपका दीं.
उनकी जांघ तेजी से कांपने लगी और कुर्सी के बैक रेस्ट को तेजी से पकड़े हुए उनका शरीर अकड़ गया।
मेरे बर्दाश्त की सीमा भी खत्म हो चुकी थी और मैं कुर्सी पर बैठे-बैठे अपनी जांघों को पूरा अगल-बगल फैला कर उन दोनों को देखते हुए तेजी से अपनी चूत रगड़े जा रही थी।
और फिर अचानक मेरी आंखें बंद हो गयीं… मेरे दोनों पैर एक दम अकड़ कर सीधे हो गये और मैं पूरा कुर्सी पर पीछे होकर गांड को थोड़ा हवा में उठा दिया।
और कमर को झटके देते हुए हाथ की उंगलियों को तेजी से चूत में अंदर बाहर करते हुए चूत का पानी निकालने लगी।
पानी निकलते ही मैं धप से कुर्सी पर बैठ गयी और आंखे बंद किये हांफने लगी।
कुछ देर बाद थोड़ा नॉर्मल होने पर आंख खोली तो देखा कि सोनू कुर्सी पर बैठा डायनिंग टेबल का टेक लेकर सांस पर काबू पा रहा था और मम्मी कुर्सी पर पैरों को नीचे करके उसी तरह उल्टी साइड होकर हम लोगों की तरफ पीठ किये हुए और चेहरे को हाथों के अंदर कर बैक रेस्ट का टेक लिये हुए थीं।
उनकी भी सांसें अभी तक तेज चल रही थीं और गोरा नंगा शरीर पसीने से चमक रहा था।
हम तीनों नंगे कुर्सियों पर बैठे थे।
मम्मी और सोनू के बीच ये सब Xxx माँ बेटा सेक्स पहली बार हुआ था।
वासना के बुखार में तो दोनों को नहीं पता चल रहा था लेकिन जबरदस्त चुदाई और चूत-लण्ड का पानी निकल जाने से वासना और कामुकता की आग बुझने पर मम्मी और सोनू एक दूसरे से आंख में थोड़ा हिचक रहे थे।
शायद इसीलिए मम्मी अभी कुर्सी पर मुंह को हाथों में छिपाए बैठी थीं।
इसलिए माहौल को थोड़ा नॉर्मल और हल्का-फुल्का करने के लिए मैं उठी और मम्मी के पीछे जाकर उनकी पीठ पर चिपकते हुए पहले उनकी गर्दन पर किस किया और थोड़ा हंसकर बोली- यार, पहले दिन ही इतना थक गयी तुम। अभी तो सोनू के होली के अगले दिन जाएगा वापस तब तक रोज झेलना है उसे!
मम्मी चेहरे को ऊपर किया और हाथ को पीछे लाकर मुझे चिकोटी काटती हुई हंसकर बोलीं- बस अब हो गया। अब तुम दोनों भाई-बहन ही आपस में ही करो जो भी करना है और होली तक तुम ही संभालो उसे!
इस पर सोनू भी हंसते हुए अपनी कुर्सी से उठा और वो मेरे पीछे आकर मेरी पीठ से चिपकते हुए मजा लेकर बोला- अरे अब उठकर कपड़े पहन लो नहीं तो तुम दोनों इसी तरह नंगे देखकर मेरा फिर मूड बन जाएगा।
इस पर मैं सोनू को अपनी पीठ से हटाते हुए मम्मी को छोड़कर सीधी होती हुई हंसकर बोली- बाप रे… मम्मी जल्दी से पहन लो कपड़े क्योंकि अबकी बार ये शुरू हुआ तो जल्दी नहीं निकलेगा भी नहीं इसका माल।
इस पर मम्मी के साथ हम तीनों हंस पड़े।
मैं और मम्मी अपने कपड़े पहनने के लिए कमरे में जाने लगीं तो सोनू भी हमारे पीछे-पीछे कमरे में घुसते हुए मम्मी की गांड पर को हाथ से सहलाते हुए हंसकर कमेंट में मुझसे बोला- यार, पीछे से तो मम्मी तुमसे भी ज्यादा सेक्सी लग रही हैं।
मैं हंसकर बोली- हां… ज्यादा चापलूसी मत कर मम्मी की… और तुझे क्या चीज ज्यादा सेक्सी लग रही है, वो भी मुझे पता है।
कुछ देर इसी तरह हंसी-मजाक के बाद माहौल पूरी तरह नॉर्मल हो गया, साथ ही सोनू और मम्मी भी आपस में खुलकर बिना किसी हिचकिचाहट के एक-दूसरे से बात करने लगे।
खैर आधे घंटे बाद सोनू अपने दोस्तों के घर निकल गया।
Xxx माँ बेटा सेक्स कहानी जारी रहेगी.
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