मॅाम सन ओरल सेक्स कहानी में मेरा भाई मेरी मम्मी के सामने नंगा था, उसने मम्मी को लंड चूसने को कहा. मम्मी ने अपने बेटे के मोटे लण्ड को पकड़ लिया और उसे सहलाने लगीं।
कहानी का पिछला भाग
मम्मी के सामने मैंने भाई का लंड चूसा
अब आगे मॅाम सन ओरल सेक्स कहानी:
सोनू भी शायद यही चाह रहा था इसलिए वो अपने लण्ड को हाथ से पकड़े हुए मम्मी के पास जाकर खड़ा होते हुए बोला- हाँ मम्मी, चूसो ना प्लीज!
मम्मी का चेहरा कामुकता से लाल हो रहा था वासना के नशे में आंखें लाल हो गयी थीं।
वो ना कहना नहीं चाह रही थीं और हां कहने में हिचकिचा रही थीं।
मम्मी एक दम अपने मुंह के पास लहरा रहे अपने बेटे के विशाल लंड को लार टपकाए देखने लगीं।
तभी सोनू अपना लण्ड एकदम मम्मी के होंठ के पास करते हुए उनके सिर पर हाथ रखते हुए धीरे से बोला- प्लीज, एक बार मुंह में तो लो ना मम्मी!
अब मम्मी खुद को रोक नहीं पायीं और उन्होंने अपना हाथ बढ़ाकर अपने बेटे के मोटे लण्ड को पकड़ लिया और धीरे-धीरे उसे सहलाने लगीं।
मैंने देखा कि कामुकता में मम्मी के हाथ हल्के-हल्के कांप रहे थे।
मम्मी ने सोनू के लण्ड को जड़ के पास से पकड़ा और उसकी स्किन को पीछे खींचते हुए मेरे थूक से चमकते उसके लण्ड के चिकने सुपाड़े को गौर से देखने लगीं।
मम्मी शायद पापा के लण्ड से तुलना कर रही होंगी कि उनके पति के लण्ड से कितना मोटा और बड़ा है उनके बेटे का लण्ड।
सोनू का लण्ड भी उत्तेजना के चरम पर था जिससे उसके लण्ड का सुपाड़ा फूलकर मशरूम जैसा दिख रहा था।
मम्मी अपने बेटे के लण्ड को हाथ से पकड़े हुए आश्चर्य से देख रही थीं।
उनकी निगाह से ही पता चल रहा था कि काफी दिनों बाद वो किसी जवान लण्ड को देख और छू रही थीं वो अपने बेटे का।
मम्मी के लण्ड के पकड़ने से ही सोनू का लण्ड ठुमकने लगा था।
वो मम्मी के सिर पर एक हाथ रख अपने लण्ड को उनके मुंह के पास करते हुए धीरे से कंपकंपाती आवाज़ में बोला- चूसो मम्मी!
मम्मी निगाह उठाकर मुस्कुराते हुए सोनू की तरफ देखीं।
वो उसकी उत्तेजना को समझ रही थीं।
फिर मम्मी ने अपनी जीभ निकालीं और हल्का सा झुककर सोनू के लण्ड के सुपाड़े पर फिराया और उसके लण्ड से रिस रहे पानी को टेस्ट किया।
इतने में ही सोनू के मुंह से हल्की सी आ आआ आहह हह मम्मी ईईईई… की सिसकारी निकल गयी थी।
मम्मी जीभ से सोनू के लण्ड के सुपाड़े को चारों ओर से चाटने लगीं।
ऐसा लग रहा था जैसे वो अपने बेटे के लण्ड के हर हिस्से का स्वाद लेना चाह रही हों।
मम्मी जब-जब जीभ से सोनू के लण्ड को चाट रही थी तब-तब सोनू के मुंह से आआहह… उफ्फ… आहह… की सिसकारियां लगातार निकल जा रही थीं।
सोनू एकटक मम्मी के सुन्दर से चेहरे को अपने लण्ड के साथ छेड़खानी करते देख रहा था।
करीब 1 मिनट तक इसी तरह चाटने के बाद मम्मी ने अपना चेहरा हल्का सा ऊपर उठाकर सोनू की तरफ मुस्कुराकर देखा, जो आंखें फाड़े उन्हीं को देख रहा था.
और फिर लण्ड को एक दम जड़ के पास पकड़ कर उसकी स्किन को पूरा खींचा और मुंह को खोलकर उसके बड़े से मशरूम जैसे सुपाड़े मुंह को मुँह में ले लिया।
मम्मी के मोटे गुलाबी होंठ अपने बेटे के लण्ड के सुपाड़े के चारों ओर कस गये।
सोनू के मुंह से आ आआ आआ आहह… मम्मीई ईईईई की सिसकारी निकली।
मम्मी मुंह को हल्का-हल्का आगे-पीछे करते लण्ड को चूसने लगीं।
वहीं सोनू भी हल्का-हल्का कमर हिलाकर मम्मी के मुंह में लण्ड डालते हुए चुसवाने लगा।
सोनू लगातार मम्मी के खूबसूरत चेहरे को अपने लण्ड को चूसते देख रहा था।
अपने लण्ड को मम्मी के मुंह में देखना उसके लिए सपने जैसा था।
सच कहूं तो पॉर्न फिल्मों के अलावा रीयल लाइफ में मां और बेटे का ये सीन देख मेरी चूत में चीटियां रेंगने लगीं।
इतनी देर के कामुक माहौल में पहले से ही मेरी चूत में आग लगी पड़ी थी।
मेरे लिए भी ये सीन बर्दाश्त से बाहर हो रहा था.
मैंने कुर्सी पर बैठे-बैठे ही अपनी जांघों को फैला दिया और चूत को तेजी से रगड़ने लगी।
मेरे मुंह से खुद ही आआहह आआ आहह की हल्की सिसकारी निकलने लगी।
लण्ड चूसते हुए मम्मी अपने हाथों सोनू के अण्डकोषों को भी सहलाती जा रही थीं।
सोनू के मुंह से लगातार सिसकारियां निकल रही थीं।
उसने एक निगाह मेरी तरफ देखा.
उसकी उत्तेजना और उसका चेहरा देख कर लग रहा था कि वो ज्यादा देर बर्दाश्त नहीं कर पाएगा।
सोनू के मुंह से सिसकारी तेज होने लगी थी।
और फिर वही हुआ जो मैं सोच रही थी.
अभी मम्मी को लण्ड चूसते मुश्किल से एक मिनट भी नहीं हुआ था कि अचानक से ऐसा सोनू के मुंह और आँख देखकर ऐसा लगा कि उसका सिर फट जाएगा और एक ज़ोर से सिसकारी आआ आआह हहह मम्मी ईईईई आआआआ आआ आआआहह के साथ सोनू के लण्ड ने पानी छोड़ दिया।
सोनू का शरीर खड़े-खड़े अकड़ गया था और कमर को तीन-चार तेज झटके देते हुए उसने अपना वीर्य मम्मी के मुंह उड़ेल दिया।
सोनू एक हाथ से मम्मी के सिर को लण्ड पर दबाए हुए और दूसरे हाथ से मम्मी की चेयर को पकड़ लिया था।
उसका शरीर उत्तेजना में हल्का-हल्का कांपने लगा था।
ऐसा लग रहा था कि उसने अगर उसने मम्मी की चेयर ना पकड़ी होती तो गिर जाता।
सोनू के लण्ड की तेज धार से मम्मी की आंख हल्की सी बंद हो गयी थी।
लेकिन मम्मी लण्ड को मुंह में ही लिए रहीं।
उनके गले और मुंह के हिलने से साफ पता चल रहा था कि वो अपने बेटे के गरम-गरम वीर्य को पी रही थीं।
सोनू के हर झटके के साथ उसके लंड का पानी मम्मी के मुंह में जा रहा था जिसे वो गटक रही थीं।
हालांकि मम्मी ने पूरा निगलने की कोशिश की लेकिन शायद सोनू के लण्ड ने उत्तेजना में कुछ ज़्यादा ही पानी निकाल दिया था जो मम्मी के मुँह के कोनों से रिसकर उनकी ठुड्डी टपक गया था।
इधर मेरे भी बर्दाश्त की सीमा खत्म हो गयी और मेरे मुंह से भी आआ आआआ आआहहह… की एक तेज सिसकारी निकली और मेरी चूत ने भी पानी छोड़ दिया।
कुर्सी पर बैठे-बैठे ही मैं कमर को झटके देते हुए चूत का पानी निकालने लगी.
मेरा शरीर भी पूरी तरह अकड़ गया और फिर अचानक से ढीला पड़ गया।
मैं वहीं बैठे-बैठे आंख बंद किये हांफने लगी।
करीब 15-20 सेकेण्ड के बाद आंख खुली तो देखा कि सोनू आंखें बंद किये अभी भी खड़े-खड़े हल्का-हल्का हाँफ रहा था।
उसने पहले शायद ऐसा अनुभव नहीं किया था।
उसे यकीन नहीं हो रहा था कि वो अपनी माँ के मुँह में वीर्य उड़ेल रहा है और, वो उसे पी रही थी।
उसका लण्ड अभी भी मम्मी के मुंह में था।
जब सोनू का लण्ड एक दम ढीला हो गया और उससे निकले वीर्य की एक-एक बूंद गटकने के बाद मम्मी ने लण्ड को मुंह से निकाला और सीधा होकर बैठ गयीं।
फिर सोनू की तरफ मुस्कुराकर देखा फिर गाउन से मुंह पोछते हुए मुस्कुरा कर बोलीं- बता तो देता कि पानी निकलने वाला है।
इस पर सोनू, जो अब थोड़ा नॉर्मल हो गया था, हल्का सा झेंपते हुए बोला- अरे कसम से बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं हुआ मुझसे और अचानक निकल गया।
मैं हंसते हुए बोली- हां वो तो तेरी शकल से ही पता चल रहा था मुझे!
अब हम तीनों ऐसे बात कर रहे थे जैसे सबकुछ नॉर्मल हो या फिर यूं कहें कि अब हमारे रिश्ते नये बन चुके थे और ये हमारी फेमिली के लिए न्यू नॉर्मल बन गया था।
तभी सोनू मम्मी की चेयर के सामने नीचे घुटनों के बल खड़ा हो और बिना किसी से कुछ बोले मम्मी की दोनों चूचियों को पहले हल्का-हल्का दोनों हाथों से सहलाया और दबाया फिर झुककर एक चूची को मुंह में लेकर चूसने लगा।
मैं और सोनू झड़ चुके थे लेकिन मम्मी की चूत का पानी निकलना अभी बाकी था.
लेकिन चूंकि आज सब कुछ पहली बार हो रहा था इसलिए मम्मी भी खुलकर कह नहीं पा रही थीं कि मेरी चूत की खुजली भी मिटा दो।
सोनू की इस हरकत से मम्मी के चेहरे पर फिर वासना की लहर दिखने लगी।
मम्मी सोनू के बालों पर हाथ फेरते हुए अपनी चूचियां चुसवाने लगीं।
सोनू बारी-बारी से मम्मी की दोनों चूचियों को चूसने लगा।
मैं चेयर पर बैठकर फिर से मां-बेटे का कामुक मिलन देखने लगी।
चूचियां चूसते हुए सोनू अपने एक हाथ से मम्मी की चिकनी जांघों को सहलाता जा रहा था।
मम्मी ने भी अपनी जांघों को हल्का सा फैला दिया.
एक तरह से वो अपनी जांघों पर फिसल रहे सोनू के हाथों को चूत तक पहुंचने का रास्ता दे रही थीं।
कुछ ही देर में सोनू ने भी हाथों की उंगलियां वहां तक पहुंचा दिया जहां पहुंचना चाहिए था।
जैसे ही सोनू ने मम्मी की चूत पर हाथ रखा… मम्मी का शरीर कांप गया और उनके मुंह से आआह की तेज सिसकारी निकल गयी।
मम्मी ने हाथ बढ़ाकर खुद ही चूत को सहलाते सोनू के हाथ को कसकर पकड़ लिया और चूत पर दबा दिया।
मम्मी की आँखें बंद हो गयी थीं।
तभी सोनू चूचियों से मुंह हटाकर पीछे हो गया और सीधा होते हुए धीरे से मम्मी से बोला- ये गाउन उतारो ना मम्मी!
मम्मी जिस कदर हवस की आग में जल रही थीं उस स्थिति में वो सब कुछ करने को तैयार थीं।
मम्मी चेयर से खड़ी हो गयीं और दोनों हाथों को पीछे ले जाकर एक झटके गाउन को निकाल दिया जिससे गाउन नीचे गिर गया।
अब मम्मी पूरी तरह नंगी खड़ी थीं।
मम्मी का नंगा और दूध जैसा गोरा कामुक फीगर देखकर सोनू हक्का-बक्का था।
अब मां, बेटा, बेटी तीनों एक दूसरे के सामने पूरी तरह नंगे खड़े थे।
सोनू अभी भी मम्मी के सामने नीचे बैठा था.
मम्मी के खड़े होने से उनकी चूत ठीक सोनू के मुंह के सामने थी।
सोनू एक टक मम्मी की पाव रोटी जैसी फूली हुई चिकनी चूत को देख रहा था जिसे मैंने ही सोनू के लिए शेव करके चिकना किया था।
मम्मी दोबारा चेयर पर बैठने के बजाय उसी तरह खड़ी रहीं और सोनू को अपनी चूत को निहारते हुए देखने लगीं।
हम दोनों ही सोनू को देख रहे थे। सोनू का अगला स्टेप क्या होगा ये हम तीनों ही जा रहे थे.
और मम्मी शायद खड़े होकर उसी पल का इंतज़ार कर रही थीं और वो पल था सोनू का मम्मी की चूत को चाटना।
तभी सोनू ने दोनों हाथों को मम्मी की जांघ पर रखा और मुंह को आगे बढ़ाकर उनकी चूत पर किस किया।
मम्मी के मुंह से ओओ ओह हहह आआह हहह की एक कामुक सिसकारी निकली।
उसके बाद मम्मी को क्या महसूस हुआ ये तो नहीं पता चला मुझे लेकिन मेरी चूत, जिसे अभी पानी छोड़े हुए शायद 2 मिनट भी नहीं हुए थे, के दोनों होंठ फड़कने लगे और मेरे बदन में सिहरन दौड़ गयी।
जिस रास्ते कभी सोनू खुद इस दुनिया में आया था आज उसी रास्ते को उसे चूमने और चाटने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा था।
हालांकि करीब एक घंटे पहले ये सौभाग्य मुझे भी हासिल हो चुका था।
किस करने के बाद सोनू ने जीभ निकाल कर मम्मी की चूत को चाटना शुरू कर दिया।
चूत चाटते हुए सोनू के हाथ मम्मी की चिकनी जांघों और पीछे जाकर मम्मी की गांड पर भी तेजी से फिसल रहे थे।
मम्मी अपनी दोनों जांघों को फैलाकर अपने बेटे को चूत चाटने की पूरी जगह दे रही थीं।
मम्मी का एक हाथ से सोनू के सिर पर और दूसरा हाथ अपनी एक चूची पर पहुंच चुका था।
तभी सोनू चूत से मुंह हटाया और मम्मी के एक पैर को पकड़ कर कुर्सी पर रखने का इशारा किया।
मम्मी ने सोनू के सिर पर हाथ रखे हुए अपना एक पैर उठाकर चेयर पर रख दिया।
जिससे सोनू को मम्मी की दोनों जांघों के बीच मुंह ले जाकर चूत चाटने की पूरी जगह मिल गयी।
सोनू अपने एक हाथ की उंगलियों से मम्मी की चूत के बर्गर जैसे दोनों फांकों को अगल बगल फैला दिया और मुंह को जांघ के बीच ले जाकर जीभ को चूत में डालकर हिलाने लगा।
मम्मी के मुंह से आ आआ आआह… सोनू ऊऊऊऊ… आआ आआहह हहह की सिसकारी निकलने लगीं।
इस बार मम्मी ने आंख नहीं बंद की बल्कि अपने सिर को नीचे किये वो लगातार सोनू को अपनी चूत चाटते हुए देख रही थीं।
शायद वो अपने बेटे को अपनी चूत चाटते हुए देखना और महसूस करना चाह रही थीं जो उनकी वासना को कई गुना बढ़ा रहा था।
चूत चाटते हुए सोनू ने अपनी एक उंगली मम्मी की चूत में डाल दी और तेजी से अंदर बाहर करने लगा।
मम्मी के मुंह से आआ आहह हहह हांआ आआ उफ्फ… ओओ ओओ ओहहह… की सिसकारी लगातार निकल रही थी और फिर वो भी अपनी कमर हिलाते हुए चूत में घुसी बेटे की उंगली और चाटती हुई जीभ का साथ देने लगीं।
मम्मी के मुंह से पहली बार निकला- आआ आहह हहहह सोनू ऊऊऊऊऊ और तेज चाट ओओओ ओओ आहहह.
उधर सोनू जीभ निकाल कर मम्मी की रसीली चूत को इतनी तेजी से चाट रहा था कि उसी स्लर्पिंग की आवाज घर में गूंज रही थी।
तभी मैं अपने चेयर से उठी और मम्मी के पास जाकर खड़ी हो गयी और झुककर उनकी एक चूची मुंह में लेकर चूसने लगी।
सोनू चूत चाटने के अपने पुराने के अनुभव का मम्मी को पूरा मज़ा दे रहा था।
वो अनुभव जो उसने अपनी बड़ी बहन की चूत चाटते-चाटते हासिल किया था आज वो सारा अनुभव मम्मी की चूत चाटने में लगा रहा था।
अब मम्मी ने एक हाथ से सोनू के सिर को अपनी चूत पर और दूसरे हाथ से मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चूचियों पर दबाया हुआ था।
मैं भी बारी-बारी से मम्मी की दोनों चूचियों को चूसे जा रही थी।
हम दोनों को इस तरह करते हुए करीब 5 मिनट हुए होंगे कि मम्मी का शरीर तेजी से कांपने लगा।
उनके मुंह से आआ आआ आह हह… सोनू उउउउ रुकनाआ मत आआ आआह हा आआआ सोनू आआ आआहह तेज चाट आआआ आआह हहह.
तभी मम्मी ने मेरे सिर को छोड़ दिया और चेयर को कसकर पकड़ लिया।
और फिर उनके मुंह आआ आआ आआआ आआ आहहह… की तेज सिसकारी निकली और वो अपनी कमर झटका देने लगीं।
उन्होंने सोनू के सिर को दोनों जाघों के बीच अपनी चूत पर तेजी से दबाते हुए कांपने लगीं।
मैं सीधी खड़ी होकर इस डर से मम्मी को पकड़ लिया कहीं वो गिर ना जाएं।
मम्मी की आँखें बंद हो गयी थीं… पसीने से चमक रहे उनका शरीर में पहले तेज थरथराया और फिर हल्का सा अकड़ गया।
करीब 15-20 सेकेण्ड के बाद मम्मी का शरीर ढीला पड़ गया और उन्होंने अपने शरीर का बोझ मेरे ऊपर डाल दिया।
मैंने नीचे सोनू की तरफ देखा तो उसका चेहरा अभी भी मम्मी की दोनों जांघों के बीच दबा था।
मम्मी के ढीले पड़ने पर उसने अपना मुंह मम्मी की चूत से हटाया।
उसका मुंह और नाक मम्मी की चूत के रस से गीला हो गया था।
जिसे वो नीचे पड़ी मम्मी की गाउन उठाकर साफ करते हुए खड़ा हो गया।
कहानी जारी रहेगी.
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