ससुराल के बाद मायके में चुदाई की कामुक दास्तां- 5

Views: 133 Category: Maa Ki Chudai By Garimasexy Published: June 23, 2026

📚 Series: ससुराल के बाद मायके में चुदाई की कामुक दास्तां

स्लट मॅाम वांट सेक्स कहानी में मैं अपनी मम्मी के साथ लेस्बो करना चाहती थी और मेरा भाई भी मम्मी की चूत का मजा लेना चाहता था. मैं मम्मी को तैयार कर रही थी.

मेरी कहानी का पिछला भाग
माँ बेटी का सेक्सी वार्तालाप

अब आगे स्लट मॅाम वांट सेक्स कहानी:

मैं और मम्मी खुलकर एक-दूसरे से दोस्तों की तरह हंसी-मजाक कर रही थी।
मम्मी थप्पड़ मारते हुए हंसकर बोलीं- सब तो जान ही गयी अब क्या बताना? वैसे सोनू को क्यों बता दिया ये सब। क्या सोचेगा वो मेरे बारे में?

अब मजे लेने की बारी मेरी थी और मैं भी अब खुलकर बात करना चाह रही थी.
इसलिए हंसते हुए बोली- अरे वो तो वैसे भी बहुत अच्छा सोचता है तुम्हारे बारे में। तुम तो आजकल उसके सपनों की रानी बनी हुई हो।
मम्मी मेरी बात पर हैरान होने के बजाए हंसते हुए बोलीं- पता है मुझे!

मैंने पूछा- क्या… सच में तुम्हें कैसे पता चला।
मम्मी मुस्कुराते हुए बोलीं- अरे मां हूँ उसकी, वैसे भी औरतें निगाह पढ़ने में माहिर होती हैं कि कौन उन्हें किस निगाह से देख रहा है। मैंने महसूस किया था कि जबसे सोनू हॉस्टल में रहने लगा तब से उसका बिहेवियर मुझे लेकर कुछ चेंज हो गया है। मैंने अक्सर उसे चोरी से मुझे देखते हुए देखा है।

मैं हंसते हुए बोली- आए हाय… वैसे कहां देखता था जरा खुलकर बताओ मुझे?
मम्मी भी हंसकर मजे लेते हुए बोलीं- वहीं जहां तुझे देखता है बिना कपड़ों के!

मम्मी की बात पर हम दोनों हंस पड़े फिर मैं बोली- अच्छा सच बताना कि जब सोनू इस तरह तुम्हें देखता है तो तुम्हें कैसा लगता है, गुस्सा आता है या कुछ और? सच बताना कसम है तुम्हें!

मेरे सवाल पर फिर से मम्मी का चेहरा शर्म से हल्का सा लाल हो गया.
वो हंसकर मुझे थप्पड़ मारते हुए बोलीं- दिमाग खराब है तेरा, ये क्या उल्टा-सीधा सवाल कर रही है।

मेरी बात पर मम्मी के चेहरे और आंखों में हल्की सी वासना लाली तैर गयी थी।
मम्मी का चेहरा देखकर और इतनी बातों के बाद मैं भी समझ चुकी थी कि उनके अंदर भी इंसेस्ट फैंटेसी है और अपने बेटे का खुद की तरफ आकर्षण उन्हें अच्छा लग रहा है और वासना भी बढ़ा रहा है।

मैं हंसते हुए बोली- अरे प्लीज़ बताओ ना! तो तुम्हें सच में एक ऐसी बात बताउँगी जिसे सुनकर सच में तुम हैरान रह जाओगी।
मम्मी बोलीं- कौन सी बात? पहले बताओ तुम तो पक्का मैं बताउंगी।

दरअसल जैसा अभी मैंने पहले बोला था कि मम्मी से मेरा रिश्ता अब मां-बेटी से ज्यादा दोस्त का हो चुका था और सच कहूँ तो अब मेरी नज़र में अब वो मेरी मम्मी कम और एक मस्त सेक्सी कामुक बदन की खूबसूरत औरत बन चुकी थीं।
गोरा-गोरा सुन्दर गोल चेहरा, बड़ी-बड़ी सी आँखें, रसीले गुलाबी होंठ, बड़ी-बड़ी दो गोल चूचियाँ और इन सब पर भारी कुर्ती और लेगिंग के ऊपर से साफ दिखती उनकी मदमस्त गोल सी उभरी हुई गांड, कुल मिलाकर अब मुझे वो सेक्स की ऐसी देवी नज़र आने लगी थीं, जिसके साथ मुझे लेस्बियन सेक्स करने का मन करने लगा था।

मैंने अभी तक तीन के साथ लेस्बियन सेक्स का मजा लिया था।
अपनी सहेली ज्योति, ननद पायल और एक बार स्टेशन पर स्वीटी के साथ।
लेकिन किसी मम्मी के उम्र की औरत के साथ लेस्बियन सेक्स के मजे नहीं लिये थे।

हालांकि पॉर्न मूवी में अक्सर मां-बेटी का लेस्बियन सेक्स देखकर चूत में उंगली की थी लेकिन कभी रीयल में नहीं किया था।

अब मम्मी को देखकर मुझे वो ख्वाहिश पूरी होती नज़र आ रही थी।
इसीलिए मैं मम्मी के साथ थोड़ा इस कामुक बातचीत को पूरी तरह खुलकर करना चाह रही थी।

इसलिए मम्मी के बोलने पर मैंने उनको लेकर सोनू की फैंटेसी वाली बात और हॉस्टल में दोस्तों के साथ उन्हें इमैजिन कर मुठ मारने वाली सारी बात खुलकर मम्मी को बता दी।

ये सब सुनकर मम्मी एकदम से हैरान रह गयीं उनका चेहरे पर कामुकता साफ दिख रही थी।
चेहरा शर्म और कामुकता में लाल हो रहा था।

फिर थोड़ा उत्सुकता छिपाते हुए हंसकर बस इतना बोलीं- बाप रे… दोस्तों के साथ इस तरह की बात करता है और उसके दोस्त भी अपनी मम्मी के बारे में इस तरह की बात करते हैं।

मम्मी की बात पर मुझे थोड़ा आग में घी डालने का मौका मिल गया।
मैं हंसकर बोली- अरे मेट्रो सिटी में की मॉडर्न फैमिली में आजकल ये बहुत हो गया है… माँ अपने बेटों के साथ भी मजे लेती हैं।

मम्मी का चेहरा लाल हो रहा था फिर मैं हंसते हुए बोली- अरे वो सब छोड़ो… तुम बस अपनी फीलिंग बताओ… तुम्हें कैसा लगा ये सब सुनकर, सच बताना?
मम्मी थोड़ा नॉर्मल दिखने की कोशिश करती हुई हंसकर बोलीं- अरे तो इसमें बुरा लगने वाली क्या बात है। तू तो अपने पापा के साथ असली वाले मजे लेती है और वो बेचारा तो बस मुझे इमैजिन कर ही मजे ले लेता है। इसमें क्या गलत है!

मम्मी की बात से साफ पता चल रहा था कि वो अपनी एक्साइटमेंट छुपा रही हैं।

अभी मैं कुछ और बात बढ़ाने की सोच ही रही थी कि तभी मेरे मोबाइल पर ज्योति की कॉल आ गयी वो बोली कि बस 5 मिनट में आ रही है।

मैंने मम्मी से हंसकर बोला कि- ज्योति आ रही है मिलने. लेकिन मेरी और तुम्हारी बात खत्म नहीं हुई है बाकि बातें बाद में करेंगे।
मम्मी इस पर हंसकर बोलीं- तेरे ही मजे हैं ससुराल में पति, ससुर और ननद और मायके में पापा, भाई और ननद की जगह ज्योति।

इस पर मुझे भी मौका मिल गया, मैं भी हंसकर उनके गाल पर चिकोटी काटती हुई आंख मारकर बोली- अरे तो मायके में ज्योति की जगह तुम ले लो। मैं तो तैयार हूं. बताओ?
इस पर मम्मी मेरा कान पकड़ते हंसकर बोलीं- भाग यहां से बद्तमीज़।

लेकिन मेरे इस तरह खुलकर बोलने से मम्मी के चेहरे पर आयी कामुकता की लालिमा साफ पता चल रही थी।

मैं डायनिंग टेबल से उठी और हंसकर उनके गाल पर किस करते हुए बोली- आए हाय… चेहरे की लालिमा तो बता रही है कि तुम्हें भी सौदा मंजूर है।

मैंने भी सोचा आज पहले दिन ही मम्मी के साथ इतनी बातचीत काफी है। ज्यादा जल्दबाजी भी ठीक नहीं है।
एक तरीके से आज थ्योरी कंप्लीट हो गयी थी अब बस प्रैक्टिकल करना बाकी था।

लेकिन इतनी देर की बातचीत से इतना साफ जान चुकी थी कि मम्मी के अंदर भी अपने बेटे-बेटी के साथ सेक्स करने की दबी इच्छा है. स्लट मॅाम वांट सेक्स … बस उन्हें मौका चाहिए।

तभी डोरबेल बजी फिर मैंने जाकर देखा तो बाहर ज्योति खड़ी थी।
पहली बार मम्मी से इस तरह खुलकर सेक्सी और कामुक बातचीत से मेरी चूत हल्की सी पनिया गयी थी।
अब ज्योति के साथ ही चूत की खुजली मिटानी थी।

ज्योति और मैं कमरे में आ गई।
हम दोनों ने खूब बातें की और थोड़ा बहुत एक-दूसरी के साथ मजे भी किये।

ज्योति हंसकर बोली- मेरे पापा को जबसे पता चला है कि तू आने वाली है बड़ी बेसब्री से तेरा इंतज़ार कर रहे हैं।
मैं भी हंसते हुए बोली- इधर मेरे पापा… सोनू के जाने का इंतज़ार कर रहे हैं।

ज्योति हंसते हुए बोली- तू तो पापा लोगों की फेवरिट हो गयी है। तेरे पापा, मेरे पापा, तेरे हसबैंड के पापा सबकी लाड़ली बनी हुई है।
मैं हंसकर बोली- तू भी कम है क्या! अपने पापा के साथ मेरे पापा की भी लाड़ली है। मेरे आने पर पापा भी उम्मीद करते हैं कि अब मेरे साथ उन्हें तेरा भी मजा मिलेगा। वहीं सोनू अलग तेरे इंतजार में बैठा है।

इन सब बातों और मजे में शाम हो गयी और ज्योति चली गयी।

कुछ देर बाद सोनू आ गया फिर पापा आ गये तो फिर मम्मी और मेरे बीच कुछ खास बातचीत नहीं हुई।
रात में डिनर के बाद मैं और सोनू ऊपर अपने-अपने कमरे में आ गये।

मैंने कपड़े उतारे और फिर ब्रा-पैंटी भी उतारकर सिर्फ एक लॉन्ग टीशर्ट पहन लिया और दोबारा पैंटी नहीं पहनी।

12 बजे के करीब सोनू धीरे से मेरे रूम में आ गया।
उसने सिर्फ हाफ पैंट पहना हुआ था।
कमरे में आते ही मेरे बेड पर आकर मेरे बगल बैठ गया।

मैं बोली- आज दिन में तो मज़ा आ गया।
सोनू को अभी तक कुछ पता नहीं था तो वो थोड़ा हैरान होते हुए- पूछा कि क्या हुआ इतनी खुश क्यों हो… मम्मी की चूत चाटने को मिल गयी क्या?

मैं मुस्कुराती हुई बोली- अरे मजा आ जाएगा तुझे सुनकर… आराम से बैठ फिर बताती हूँ क्या हुआ।
सोनू हंसकर बोला- अब रात में अगर हम दोनों कमरे में कपड़े पहन कर बैठे हों तो फिर क्या मजा आएगा।

ये कहकर सोनू ने अपनी हाफ पैंट उतार दी और पूरा नंगा हो गया।
मैंने भी अपनी टी शर्ट उतार दी।
अंदर कुछ पहना नहीं था मैं भी नंगी हो चुकी थी।

अब हम दोनों नंगे एक-दूसरे के साथ चिपक कर बैठ गये बात करने लगे।

मैं सोनू को सुबह कमरे वाली घटना से शुरू करके दिन में मम्मी से हुई सारी बातें धीरे-धीरे बताने लगी।

मैंने देखा कि मेरी बातें सुनते हुए कुछ देर बाद ही उसके लंड में तनाव आने लगा था।

तभी उसने अपना एक हाथ बढ़ाकर मेरी चूत पर रख दिया और उंगलियों से धीरे-धीरे सहलाते हुए मेरी बात सुनने लगा।
फिर दूसरे हाथ से मेरे एक हाथ को पकड़ कर अपने लंड पर रखते हुए धीरे से बोला- इसे सहलाती रहो दीदी।

मैंने अपने उसके हल्का-हल्का तनाव में आ रहे लंड को अपनी उंगलियों को चारों तरफ से कसकर पकड़ लिया और हल्का-हल्का हिलाने लगी।
बीच-बीच में एक उंगली से उसके सुपाड़े को भी सहलाती जा रही थी।

वहीं सोनू भी मेरी चूत सहला रहा था और बीच-बीच में उंगली से छेड़ रहा था।

सारी बात सुनने के बाद सोनू मुस्कुराते हुए बोला- मुझे पक्का पता था कि तुम मम्मी को भी आराम से पटा लोगी।
मैं हंसते हुए बोली- अब छोटे भाई के लिए इतना तो कर ही सकती हूँ… वैसे सच कहूँ तो मैंने कुछ किया ही नहीं वो तो खुद ही पटने के लिए तैयार बैठी थीं।

सोनू आंख बंद कर आह भरते हुए हंसकर बोला- आ आआ हहह… दीदी… मुझे लगता है मेरे सपने जल्द पूरे होने वाले हैं।
मैं थप्पड़ मारते हुए हंसकर बोली- ए भाई… सपनों से बाहर और मैंने तेरा एक काम कर दिया है प्लीज एक काम मेरा भी कर दे।
सोनू बोला- क्या?

मैं चूत के बालों को दिखाती हुई बोली- यार, प्लीज इन्हें साफ कर दे। ये थोड़े से बढ़ते हैं तो खुजली होने लगती है।
सोनू हंसते हुए बोला- बोल तो ऐसे रही हो जैसे शादी से पहले खुद ही साफ करती थी। वैसे ससुराल में कौन करता है इसे साफ?
मैं हंसकर बोली- ससुराल में तो ज्यादातर तो मैं खुद तेरे जीजा के ट्रिमर से साफ करती हूँ खुद रेजर लगाने से डर लगता है। तेरे जीजा ने भी कभी-कभी रेजर से साफ किया है। एक-दो बार पायल ने भी साफ किया जब मैंने उसका साफ किया था तो!

सोनू बेड से उठते हुए हंसकर बोला- यहां तो हमेशा मुझसे ही साफ करवाती थी।
मैं हंसते हुए बोली- हां याद है… और ये भी याद है कि साफ करने के बाद तू हमेशा क्या करता था।

दरअसल मैंने आने से 10 दिन पहले ही झांट साफ किये थे।
लेकिन अब छोटे-छोटे बाल निकल आए थे। शादी से पहले सोनू ही मेरी चूत के बालों को रेजर से साफ करता था।
लेकिन अच्छे साफ करने और धोने के बाद जब चूत चिकनी हो जाती थी तो बिना चाटे मुझे वाशरूम से बाहर नहीं आने देता था।

सोनू हंसते हुए बोला- वो तो मैं आज भी करुंगा। वैसे यहीं बेड पर ही साफ कर दूं या वॉशरूम में चलेगी।
मैं बोली- यहीं कर दो यार वाशरूम में जाने का मन नहीं है।

फिर सोनू वाशरूम से रेज़र और मग में पानी लेकर आ गया।
मैं बेड़ से उतर कर नीचे खड़ी हो गयी और सोनू मेरे सामने नीचे बैठकर चूत के बाल साफ करने लगा।

साफ करने के बाद अभी वो चूत सहलाकर चाटना शुरू ही किया था कि तभी मोबाइल की घंटी बजी, देखा तो रोहित का फोन था।

पहले तो सोचा कि फोन रिसीव ना करूं.
लेकिन फिर मैंने सोनू को चुप रहने का इशारा किया और बेड पर बैठ कर बात करने लगी।

स्लट मॅाम वांट सेक्स कहानी पर आप मुझे अपने विचार लिखें.
sexygarimaa@gmail.com

You May Also Like

ससुराल के बाद मायके में चुदाई की कामुक दास्तां- 13
Views: 87 Category: Maa Ki Chudai Author: Garimasexy Published: July 04, 2026

मॅाम सन ओरल सेक्स कहानी में मेरा भाई मेरी मम्मी के सामने नंगा था, उसने मम्मी को लंड चूसने को कहा. मम्मी ने अपने बेटे के मोट…

Vidhwa Maa Ki Chut Gaand Me Bete Ka Lund - 3
Views: 536 Category: Maa Ki Chudai Author: RaatKiBaat Published: February 02, 2026

मां की गांड बहुत ही कसी थी. फिर मैंने लंड पूरा निकाल लिया और मां की गांड और मेरे लंड को फिर वैसलीन से चुपड़ कर वापस से …

Comments