मॅाम ऐस्स लव स्टोरी में मेरा भाई मम्मी को लंड चूसने के लिए कह रहा था. लेकिन मम्मी शायद बेटे का लंड अपनी चूत में लेना चाहती थी. मेरे भाई नजर मम्मी की गांड पर थी.
कहानी का पिछला भाग
माँ ने बेटे का लंड चूस कर पानी निकाला
अब आगे मॅाम ऐस्स लव स्टोरी:
उसके खड़े होते ही मेरी निगाह उसके लंड की तरफ गयी जिसमें एक बार फिर जान आ रही थी।
ये देखकर मैं हल्का सा मुस्कुराते हुए बोली- अब इसे फिर क्यों टेंशन हो रही है?
मेरी बात पर मम्मी की निगाह भी सोनू के लण्ड की तरफ चली गयी और वो भी मुस्कुराने लगीं।
सोनू मुस्कुराते हुए बोला- पता नहीं… लगता है अभी कुछ और चाहिए इसे!
ये कहते हुए सोनू मम्मी का हाथ पकड़ कर अपने लण्ड पर रखत हुए बोला- इसे हिलाओ मम्मी।
सोनू की आवाज़ में एक्साइटमेंट साफ पता चल रहा था।
मम्मी बिना कुछ बोले मुस्कुराते हुए चुपचाप प्यार से उसके के लण्ड के मुट्ठी में पकड़ सहलाने और हिलाने लगीं।
मैं और मम्मी अगल-बगल ही खड़े थे, तो सोनू ने अपने एक को मम्मी की दोनों चूचियों को और दूसरे हाथ से मेरी दोनों चूचियों को बारी-बारी से सहलाने और दबाने लगा।
सोनू की एक्साइटमेंट बढ़ती जा रही थी.
वह मम्मी के कंधे पर हाथ रखकर रिक्वेस्ट करते हुए बोला- मम्मी एक बार फिर से चूसो ना!
मम्मी लण्ड को हाथ ही में पकड़े हुए चूसने के लिए चेयर पर बैठती हुई बोलीं धीरे से बोलीं- फिर?? अभी तो चूसा था ना!
सोनू बोला- अरे उस समय तो इतनी जल्दी पानी निकल गया था कि चूसने का मज़ा ही नहीं ले पाया।
मैं मुस्कुराकर कमेंट में आंख मारते हुए बोली- चूसने का मज़ा नहीं ले पाये और अभी किसी और चीज़ का मज़ा लेना बाकी है।
इतनी देर में मम्मी सोनू का लण्ड मुंह में लेकर चूसना शुरू कर चुकी थीं।
मुझे ससुर जी की बात याद आ गयी कि तेरी तरह तेरी मम्मी को भी लण्ड चूसने में बहुत मज़ा आता है और ये मौका वो कभी नहीं छोड़ती।
मुझे ये बात बिलकुल सच भी लग रही थी क्योंकि मैंने देखा कि पहली बार मम्मी भले ही थोड़ा शरमा रही थीं लेकिन इस बार सोनू के बस एक बार बोलने पर ही बिना ना-नुकर किये वो उसका लण्ड चूसने लगी थीं।
मम्मी बड़े प्यार से सोनू का लण्ड चूस रही थीं जैसे उन्हें कोई जल्दबाजी नहीं थी।
बीच-बीच में मम्मी मुंह में वैक्यूम बनाकर लण्ड के सुपाड़े को इस तरह खींचतीं जैसे कि कुल्फी चूसी जाती है।
जिसकी वजह से फच-फच की तेज आवाज भी निकल जा रही थी।
वो बीच-बीच में निगाह उठाकर सोनू के चेहरे को भी देख रही थीं।
लण्ड चूसते-चूसते कुछ देर बाद मुंह से निकालतीं और उसके सुपाड़े के चारों तरफ जीभ घुमातीं और फिर दुबारा मुंह में लेकर चूसने लगतीं।
मम्मी की जबरदस्त लण्ड चुसाई से सोनू के मुंह से हल्की-हल्की सिसकारी निकल रही थी।
पिछली बार सोनू के लण्ड का पानी करीब-करीब तुरंत ही निकल गया था लेकिन इस बार सोनू ने मम्मी के लण्ड चूसने का पूरा मज़ा लिया वहीं मम्मी भी शायद बेटे के लण्ड चूसने का मजा जो पिछली बार नहीं ले पायी थीं वो अब ले रही थीं।
खैर… कुछ ही देर में सोनू का लण्ड पूरी तरह कड़ा और खड़ा हो गया और अपने नये और रोमांचक सफर पर जाने के लिए तैयार था।
माहौल एक बार फिर से कामुकता से भर गया।
साथ ही मम्मी और सोनू के चेहरे पर वासना की लाली साफ दिखने लगी।
सोनू मम्मी के मुंह से लण्ड निकालते हुए वासना से हल्की कंपकंपाती आवाज़ में बोला- मम्मी थोड़ा रगड़ने दो!
मम्मी और सोनू दोनों की आंखें वासना के नशे में चूर थीं वो बिना कुछ बोले चुपचाप बैठी रहीं।
मैं भी समझ गयी कि अब असली खेल शुरू होने वाला है।
मम्मी समझ रही थीं कि सोनू कहां रगड़ने की बात कर रहा है।
वासना का भूत हम तीनों पर फिर सवार था… मम्मी भी तो यही चाहती थीं लेकिन खुल नहीं पा रही थीं।
वो बस सोनू की तरफ देखने लगीं।
मम्मी के चुप रहने पर सोनू को लगा कि शायद मम्मी मना कर देंगी तो वो धीरे से रिक्वेस्ट करते बोला- बस एक बार मम्मी… प्लीज़ बस टच करुंगा।
मम्मी के चेहरे से ही लग रहा था कि वो भी यही चाह रही थीं क्योंकि अबकी बार इतनी देर तक मम्मी को अपने बेटे का लंड चूसते देखकर जब मेरी चूत में फिर से कुलबुलाहट होने लगी थी तो मम्मी तो खुद ही अपने बेटे का लंड चूस रही थी से उनकी चूत में भी आग लग गयी होगी।
मम्मी सोनू के लण्ड को अभी भी हाथ से पकड़े हुए थीं।
फिर वो धीरे से खड़ी होती हुई बोलीं- ठीक है लेकिन बस ऊपर ऊपर से टच करना।
कामुकता में मम्मी की आवाज़ भी कंपकंपा रही थी।
जान वो भी रही थीं कि कुछ भी ऊपर ऊपर तक नहीं रहने वाला है लेकिन बस ना सोनू खुलकर कह रहा था ना मम्मी खुलकर कह रही थीं।
सोनू धीरे से बोला- पीछे घूमो।
मम्मी घूम कर सोनू की तरफ पीठ करके खड़ी हो गयीं।
मैंने देखा कि सोनू की निगाह पीछे से मम्मी की गांड पर टिक गयी थी।
मम्मी दो बच्चों की माँ बन चुकीं थीं इसलिए उसका शरीर थोड़ा भरा हुआ था।
वो बिल्कुल भी मोटी नहीं थी, बस उसके शरीर में सेक्सी उभार और कटाव थे।
जो शायद डांस और योगा क्लास से और सेक्सी हो गये थे।
बड़ी-बड़ी चूचियां, पतली कमर, चौड़े कूल्हे और पीछे उभरी हुई गोल-गोल सेक्सी गांड ऐसी कि किसी भी उम्र के आदमी का लण्ड खड़ा कर दे और पापा की तरह सोनू को भी गांड ज्यादा पसंद थी और वो गांड तो उसकी अपनी मां की थी जिसकी कल्पना कर वो जाने कबसे मुठ मार रहा था।
आज उसी गांड और चूत में उसका लण्ड जाने के लिए तैयार था।
सोनू एक हाथ से अपना लण्ड हिलाते हुए दूसरे हाथ को बढ़ाकर पहले मम्मी की गांड पर हाथ फेरते हुए उसे सहलाने लगा।
गांड देखकर और सहलाते हुए ही एक्साइटमेंट में सोनू की सांसें तेज चलने लगी थीं जिसे मैं साफ महसूस कर रही थी।
सोनू लंबा था इसलिए उसका लण्ड मम्मी की कमर से काफी ऊपर तक था।
सोनू झुककर अपने लण्ड को मम्मी की गांड की दरार से रगड़ने लगा लेकिन उसे ज्यादा झुकना पड़ रहा था और ठीक से रगड़ भी नहीं पा रहा था।
सोनू मम्मी से धीरे से बोला- मम्मी, चेयर पर चढ़ जाओ प्लीज।
मम्मी ने हल्का सा पीछे पलटकर हम दोनों को देखा और फिर चेयर पर उल्टा होकर घुटनों के बल खड़ी हो गयीं।
इससे मम्मी की गांड और चूत करीब-करीब सोनू के लण्ड के लेवल में आ गयी।
सोनू आगे खिसक कर अपना लण्ड मम्मी की गांड पर रगड़ते हुए मम्मी की पीठ को थोड़ा नीचे की ओर दबाते हुए बोला- थोड़ा आगे झुक जाओ।
मम्मी तो जैसे क्या होने वाला है उसके लिए पूरी तरह तैयार थीं।
सोनू के कहने पर वो चेयर के बैक रेस्ट पर को अपने दोनों हाथ से पकड़ा और गांड को पीछे करते हुए मुंह को करीब-करीब बैक रेस्ट के ऊपर रखकर झुक गयीं।
अब मम्मी की गांड की छेद और चूत का खूबसूरत नज़ारा पीछे से दिखने लगा।
अब जो होने वाला था उसके बारे में सोचकर ही मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था।
जहाँ एक तरफ मम्मी अपने बेटे के लण्ड को अपनी चूत और गांड में लेने के लिए खुला ऑफर दे रही थीं वहीं बेटा भी अपना लण्ड हाथ में पकड़े अपनी मां की चूत और गांड में लण्ड डालने के खड़ा था।
तभी सोनू लण्ड डालने के बजाय झुका और मम्मी की गांड की दरार को दोनों हाथों से फैलाकर गांड की छेद को जीभ से चाटने लगा।
मम्मी के मुंह से हल्की-हल्की सिसकारी निकलने लगी।
एक मिनट तक मॅाम ऐस्स चाटने के बाद सोनू सीधा खड़ा हुआ और एक हाथ से अपने लंड को पकड़े हुए दूसरे हाथ से मम्मी की गांड की दरार को हल्का सा फैलाकर कमर को आगे किया और लण्ड को गांड के छेद पर रख दिया।
मैंने महसूस किया जैसे ही सोनू ने अपना लण्ड मम्मी की गांड की छेद से सटाया मम्मी के बदन में हल्की कंपकंपी सी दौड़ गयी।
सोनू गांड में डालने के बजाय लंड को हाथ से पकड़ कर उसके सुपाड़े को गांड की छेद से लेकर चूत तक पूरा ऊपर नीचे रगड़ने लगा, बीच-बीच में वो गांड की छेद पर सुपाड़े से थपकी देने लगता था।
मॅाम ऐस्स लव के ख्याल से मम्मी के मुंह से हल्की-हल्की सिसकारी निकलने लगी थी।
उन्होंने अपनी गर्दन और कंधे को नीचे की तरफ झुकाते हुए अपनी गांड पीछे की तरफ ओर निकाल दी।
एक तरीके से वो सोनू को अपनी चूत और गांड में लण्ड डालने का खुला निमंत्रण दे रही थीं।
करीब 15 सेकेण्ड बाद मम्मी धीरे से कंपकंपाती आवाज़ में बोलीं- हो गया ना अब!
सोनू रिक्वेस्ट करते हुए बोला- आआ आहहह… मम्मी बस थोड़ा और करने दो।
फिर सोनू ने लण्ड के सुपाड़े को सीधा गांड की छेद पर रखा और सीधा गांड में अंदर डालने की कोशिश करने लगा।
जैसे ही सोनू ने लण्ड को गांड के छेद पर रखकर जोर लगाया मम्मी के मुंह से आआ आआ आहहह… की तेज सिसकारी निकल गयी।
और वो झटके से कमर को आगे की ओर करते हुए लण्ड से हटाने की कोशिश करने लगी।
मुझे लगा कि शायद मम्मी सोनू को मना करेंगी कि अंदर नहीं डालना है।
कहानी जारी रहेगी.
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