लंडखोर औरत की चूत की दास्तान-ए-चुदाई- 7

Views: 65 Category: Sex Kahani By mrsanjalisharma1986 Published: April 26, 2026

सेक्स क्रेजी भाभी स्टोरी में गैर मर्द से ट्रेन में जोरदार चुदाई के कारण मेरे जिस्म पर काटने चूसने के निशाँ मेरी सहेली ने देख लिये. तो मैंने उसे बता दी ट्रेन में सेक्स की पूरी कहानी.

मेरे प्यारे मित्रो, मैं अंजलि एक बार फिर से आपके सामने अपनी सेक्स कहानी का यह हिस्सा लेकर हाजिर हूँ.
कहानी के छठे भाग
पराये मर्द से चुद कर मजा आ गया
में अब तक आपने पढ़ा था कि मैं अपनी सहेली दीपा के सामने नंगी थी और उससे अपनी ब्रा का हुक लगवा रही थी. वह मुझसे मेरे मम्मों पर बने लव बाइट्स को देख कर मस्ती कर रही थी.

अब आगे सेक्स क्रेजी भाभी स्टोरी:

मैंने सोचा कि कल रात जो मेरे और सुमेश जी के बीच हुआ … क्या वह सब कुछ दीपा को बता देना चाहिए!

एक पल सोचने के बाद मैंने दीपा से कहा- दीपा तुझे एक बात बताऊं!
दीपा बोली- हां यार बता ना!
मैंने दीपा से कहा- पहले मेरी कसम खा कि किसी को ये बात नहीं बताएगी और मुझे गलत नहीं समझेगी!

दीपा ने मेरी कसम खाई और बोली- चल अब बता न यार अंजलि … ज्यादा सस्पेंस मत बना!
मैंने दीपा से कहा- ये जो लव बाईट के निशान तू देख रही है ना, ये कल रात के हैं.

दीपा चौंक कर बोली- मतलब … मैं कुछ समझी नहीं!
मैंने दीपा को पूरा वाकिया बताया कि कल रात ट्रेन के कोच केबिन में सुमेश जी के साथ मैं अकेली थी. उसी दौरान ना जाने कैसे ये हालत पैदा हो गए और मैं सुमेश के साथ हमबिस्तर हो गयी .. मैं सुमेश से चुद गयी!

मेरी यह बात सुन कर दीपा एकदम शॉक हो गयी.
एक दो पल बाद दीपा के चेहरे पर एक अलग स्माइल थी.

वह बोली- अब आगे का क्या सोचा है?
मैंने दीपा से कहा- यार, आगे का अभी कुछ नहीं सोचा है. देखते हैं, अगर सुमेश जी चाहेंगे तो मैं हमारे रिलेशनशिप को छुपा कर रखूंगी. पर हां मुझे सुमेश का साथ अच्छा लगा.

दीपा बोली- ठीक है जैसा तू ठीक समझे, बस संभाल लियो … रोहण जीजू को कुछ पता नहीं चले.
मैं भी दीपा की बात समझ गयी.

दीपा ने मेरी ब्रा का हुक लगाने में मदद की और उसके बाद मैंने अपनी पैंटी पहनी.
उसी के साथ मैंने ऊपर से एक पिंक कलर की कुर्ती डाल ली और नीचे वाइट लैगी डाल ली.
लैगी काफ़ी हद तक टाइट थी, जिसकी वजह से मेरी भरी हुई गांड कुछ ज्यादा ही गदराई लग रही थी.

मैंने अपना मेकअप किया, बाल बनाये और दीपा के साथ नीचे आ गई.
बाकी सब लोग भी पहले से ही नीचे थे. सुमेश जी भी वहीं पर थे. हम सबने साथ बैठ कर ब्रेकफास्ट किया और बातें करने लगे.

यहां आकर सच में मुझे अच्छा लग रहा था.
कुछ देर तक बात करते करते दिन के 12 बज चुके थे और दीपा के घर में सभी रिश्तेदार भी आ चुके थे.

अब दीपा को हल्दी लगने वाली थी.
थोड़ी देर बाद हल्दी की रस्म शुरू हुई.

सभी मर्दों को बाहर भेज दिया गया था और दीपा की हल्दी की रस्म शुरू हुई.

सबने दीपा को हल्दी लगाई. उसके बदन के हर अंग पर हल्दी लगी थी.
चूंकि हल्दी से बदन में एक अलग चमक आती है जो कि सुहागरात वाले दिन औरत को और ज्यादा खूबसूरत बनाती है.

इस रस्म में चुहलबाजी भी होती है तो सबने एक दूसरे को भी हल्दी लगाई … काफ़ी अच्छे से नाच गाना हुआ.
सभी औरतों और लड़कियों ने एक दूसरे के साथ हल्दी का खेल खेला था तो मुझे भी हल्दी लगा दी गई.

मेरा बदन पहले ही इतना चमक रहा था, हल्दी की वजह से मेरे शरीर में और ज्यादा ग्लो आ गया था.
उसके बाद सब लोगों ने लंच किया. लंच के बाद मेहंदी प्रोग्राम हुआ.

मैंने भी अपने दोनों हाथों में मेहंदी लगवाई.

धीरे धीरे समय बीतता गया और रात के 9 बज चले थे.
मैं काफ़ी थक चुकी थी.

एक तो सुमेश जी ने मेरी कल रात चुदाई की थी और दुबई से चंडीगढ़ तक सफर के कारण बहुत ज्यादा थकान हो चुकी थी.

मैंने दीपा से कहा- दीपा, मैं बहुत थक गई हूं इसलिए अब सोने जा रही हूं.
दीपा बोली- हां अंजलि तुम सो जाओ, कोई दिक्कत नहीं है.

मैं ऊपर आ गई और कमरे को लॉक करके नंगी हुई और दीपा के बिस्तर पर चादर ओढ़ कर मैं नंगी ही सो गई.

सुबह ज़ब मेरी आंख खुली तो सुबह के 9 बज चुके थे.

आज दीपा की शादी थी.
मैं नंगी ही अपने बिस्तर पर सोई हुई थी और मुझे काफी देर हो गई थी.

मैं उठ कर जल्दी से नहाई और एक सफ़ेद सूट पहन कर तैयार होकर लिविंग एरिया में आ गई.

सभी लोग शादी की तैयारी में लगे हुए थे.
दीपा की मम्मी ने मुझे देखा तो वे बोलीं- आ बेटा, नाश्ता कर ले.

मैं नाश्ता करने लगी और उसके बाद शादी के कामों में हाथ बंटाने लगी.

इसी सबमें ना जाने कब शाम होने को थी.
दीपा की शादी की पूरी तैयारी हो गई थी.

दीपा भी रेडी होने के लिए पार्लर चली गई थी.
दीपा की मम्मी ने कहा- अंजलि बेटा, जाओ तुम भी तैयार हो जाओ … काम तो होते रहेंगे.

मैं भी उनकी बात मान कर वापस अपने रूम में आ गई.
मैंने वॉशरूम में जाकर शॉवर लिया और उसके बाद नंगी ही कमरे में आ कर आईने में अपने मदमाते हुस्न को देखने लगी.

इस समय में शीशे के सामने नंगी खड़ी हुई थी और मेरा बदन बहुत खूबसूरत लग रहा था.

मैंने अपनी चुत पर हाथ फेरा तो वह सूखी सी थी.
मैंने अपनी पूरी बॉडी पर फिर से क्रीमिंग की और अपने पूरे बदन को शीशे की तरह चमका लिया.
उसके बाद मैंने अपने बैग से महरून रंग की ब्रा पैंटी निकाली और पहनने लगी.

यह पैंटी हमेशा की तरह थोंग पैंटी थी, पर ब्रा इस बार शोल्डर लेस थी क्योंकि मेरा ब्लाउज की स्ट्रिप पतली थी … ये डोरी वाली स्ट्रिप थी और ब्रा की स्ट्रैप ब्लाउज के ऊपर अच्छी नहीं लगती इसलिए मैंने स्ट्रैपलेस ब्रा पहनी थी.
ब्रा पैंटी पहनने के बाद मैंने ब्लाउज पहना तो यह मुझे काफी ज्यादा टाइट आ रहा था.
मैंने ब्लाउज के हुकों को किसी तरह से लगा लिया और मिरर में देखने लगी.

इस छोटे से ब्लाउज में से मेरे बूब्स काफी हद तक तने हुए और उभरे हुए लग रहे थे.

ब्लाउज का गला काफी गहरा था तो मेरे मम्मों का दूधिया क्लीवेज भी बहुत ज्यादा दिख रहा था.
बूब्स का उभार इस तरह से दिखने से मुझे अलग ही तरह की मस्ती महसूस हो रही थी.

अब मैंने पेटीकोट पहना और साथ ही साड़ी भी पहनने लगी.
मैंने साड़ी को अपनी नाभि के नीचे से बांधा था ताकि मेरी कमर का और अच्छा लुक आए.

कुछ ही देर में पूरी तरह से तैयार हो चुकी थी अब बस मेकअप रह गया था.

मैंने जल्दी जल्दी से अपना मेकअप किया और बालों को खोल दिया.
हाथों में लाल चूड़े को भी पहन लिया और पूरी तरह से तैयार हो चुकी थी.

फिर मैं अपनी हाई हील्स पहन कर नीचे आ गई.
वहां सभी लोग पहले से आ चुके थे.

सुमेश जी भी वहीं खड़े हुए थे, उन्होंने मुझे देख कर एक कंटीली स्माइल दी.
मैंने उनकी इस मुस्कान को देख कर भी नजरअंदाज कर दिया क्योंकि मुझे उनकी इस स्माइल को देख न जाने क्यों एक अजीब सी शर्म आ रही थी … बार बार उनके लौड़े पर झूला झूलने वाला दृश्य मेरी आंखों में आ रहा था.

मैं काफी हिचकिचाहट सी महसूस करने लगी थी.
उधर खड़े बहुत से लोगों ने मेरी तारीफ की और साड़ी की भी तारीफ की.

शाम के 8 बज चुके थे.

अब हम सभी लोगों को शादी के वेन्यु के लिए निकलना था जहां दीपा की शादी के सारे कार्यक्रम होने थे.
कुछ ही देर हम सभी कुछ कारों से वेन्यू के लिए निकलने लगे.

सुमेश जी अब तक मेरे करीब आ गए थे और जैसे ही कार आई तो वे मेरा हाथ पकड़ कर कार के अन्दर बैठने का इशारा करने लगे.
मैं भी बिना किसी हील हुज्जत से सुमेश जी के साथ ही बैठ गई थी.

इस कार में आगे की सीट पर कोई दूसरे सज्जन भी बैठे थे इसलिए सुमेश जी और मैं एकदम चुप थे.
हम दोनों ने ऐसी कोई बात नहीं हो रही थी, जिससे कुछ वासनात्मक माहौल बने.

कुछ देर बाद हम सभी लोग वेन्यू में पहुंच गए थे.
समय से शादी के सारे फंक्शन शुरू हो गए.

बारात भी आ चुकी थी.
हम सभी लोग इस पल को बहुत एन्जॉय कर रहे थे.

मैं जिधर बैठी हुई उधर से दीपा की शादी का कार्यक्रम एकदम बढ़िया दिखाई दे रहा था.
थोड़ी देर बाद सुमेश जी भी मेरे पास आ गए.

मैं उन्हें देख कर मुस्कुरा दी.

सुमेश बोले- अंजलि जी, आप बहुत खूबसूरत लग रही हो इस लाल साड़ी में … और आपका चूड़ा और भी ज्यादा सुन्दर लग रहा है.
मैंने उनको स्माइल दी और कहा- अब बस करो यार, आप तो बस मेरी तारीफ के पीछे ही पड़ गए हो!

सुमेश हंस कर बोले- अरे यार आप हो ही इतनी खूबसूरत … और जब से आपकी खूबसूरती के पूरे दर्शन किए हैं, मैं तो पागल ही हो गया हूँ.
मैं समझ गयी थी कि वे चुदाई की बात कर रहे हैं.
उस बात से मैं एकदम से झेंप गई.

सुमेश ने कहा- आज शादी खत्म हो जाएगी, कल का क्या प्लान है आपका अंजलि?

मैंने कहा- कुछ खास नहीं, बस मैं सोच रही हूँ कि कल ही दुबई निकल जाऊं!
सुमेश जी बोले- इतनी जल्दी क्या है, मुझसे मिल कर अच्छा नहीं लगा क्या आपको?

मैंने कहा- नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है.
तभी सुमेश जी बोल पड़े- तो फिर मेरे साथ चलो न … हम दोनों कुछ दिनों के लिए गोवा चलते हैं. वहां हम दोनों खूब मजे करेंगे.

एक पल को तो मेरे मन में आया कि हां, चली जाऊं.
लेकिन मैंने सुमेश जी को बोला- नहीं सुमेश जी, मैं दुबई जाऊंगी. उधर मेरे पति भी अकेले हैं और मुझे बहुत काम है.

सुमेश जी जिद करने लगे.
वे बोले- चलो न यार अंजलि, चलते हैं … सोच लेना कि कुछ दिन तुम अपने इंडिया वाले पति के साथ हो … और कसम से मैं तुम्हें तुम्हारे पति की कोई कमी महसूस नहीं होने दूंगा.

मैं समझ गयी थी कि सुमेश क्या बोल रहे हैं.
अब मेरा भी मन सुमेश के साथ जाने का होने लगा था.

मैंने उनसे कहा- अगर रोहण पूछेंगे तो क्या जवाब दूंगी?
सुमेश जी बोले- उसकी टेंशन मत लो तुम … सब हो जाएगा.

सुमेश जी ने मेरे अन्दर इतनी हिम्मत भर दी थी कि मैं सुमेश जी के साथ गोवा के लिए तैयार हो गयी.
मैंने बोल दिया- ठीक है सुमेश जी, मैं चलती हूँ आपके साथ!

वे बोले- ठीक है अंजलि जी, अब तुम सारी टेंशन भूल जाओ … और ये सोच लो अब तुम अपने इंडिया वाले पति के साथ हनीमून पर जा रही हो! मैंने भी स्माइल देते हुए कहा- ठीक है सुमेश जी.

सुमेश जी से मन भर के चुदने का सेक्स क्रेजी भाभी का पूरा प्लान बन चुका था.
मैं मन ही मन खुश भी हो रही थी और सोच भी लिया था कि अब सुमेश जी के साथ चुदाई का अच्छे से मजा लूँगी.

सुमेश जी ने कहा- अंजलि, वैसे आपने पूरी तैयारी कर रखी है हनीमून पर जाने के लिए.
मैंने पूछा- वह कैसे?
सुमेश जी बोले- देखो, तुमने हल्दी मेहंदी लगवा ली है और साथ में ये लाल चूड़ा भी पहना हुआ है. कल तुम पूरी न्यूली मैरिड लगोगी और कसम से तुम्हारे जैसी बीवी साथ होगी तो मजा ही अलग आएगा.

मैंने सुमेश जी को स्माइल दी.
सुमेश जी- ठीक है फिर मैं हम दोनों की कल सुबह की गोवा की फ्लाइट की टिकट बुक करता हूँ. कल सुबह हम दोनों गोवा के लिए निकलेंगे और अगर कल कोई बोलेगा कि हम कहां जा रहे हैं तो बोल देंगे कि हम लोग मुंबई मेरे घर जा रहे हैं.
मैंने कहा- ठीक है.

सुमेश जी ने हमारी गोवा की टिकट बुक कर ली अगले दिन की 12 बजे की फ्लाइट थी.
साथ ही सुमेश जी ने हम दोनों के रहने के लिए रिसॉर्ट की बुकिंग भी कर दी थी.

अब सच में मुझे लग रहा था कि हां कल मैं अपने हनीमून पर जा रही हूँ और कुछ दिन तक सुमेश जी से जमकर चुदाई का मजा लूँगी.
मैं मन ही मन बहुत ज्यादा खुश हो रही थी.

दोस्तो, इस सेक्स कहानी को मैं यही विराम दे रही हूँ. इसका अगला भाग आपको एक नई सेक्स कहानी के नाम से पढ़ने को मिलेगा.

आपको मेरी सेक्स क्रेजी भाभी स्टोरी में कितना लुत्फ आया है, प्लीज मुझे मेल से जरूर बताएं.
आपकी अंजलि शर्मा
mrsanjalisharma1986@gmail.com

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