तलाकशुदा महिला की वासना- 3

Views: 0 Category: Sex Kahani By valmiks482 Published: September 30, 2026 📖 16 min read
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सेक्स टू लव स्टोरी में एक महिला ने मुझे अपनी चुदाई के लिए अपने घर में रख लिया था पर हम दोनों एक दूसरे को चाहने लगे तो हमने आपस में शादी करने का फैसला किया.

कहानी के दूसरे भाग
बीस साल बड़ी मैडम के साथ सेक्स का मजा
में आपने पढ़ा कि मैडम ने संजय को अपने बंगले के आउट हाउस में रख लिया। दिन में संजय दुकान में काम करने जाता। मैडम अपनी नौकरी पर। रात दोनों सेक्स वीडियो देखते। मैडम के बेडरूम में जमकर सम्भोग करते।

आगे की सेक्स टू लव स्टोरी – संजय की जबानी

मैडम हर महीने मेरे बैंक अकाउंट में रुपये ट्रांसफर करतीं।
रकम मेरी दुकान की तनख्वाह से ज्यादा होती।

मैडम कहतीं- संजय, तुम्हारे रात के समय बंगले में रहने से मैं खुद को सुरक्षित महसूस करती हूँ। ये रुपये उसके लिए दे रही हूँ!

मैडम कहतीं- सेक्स एक मनोरंजक खेल की तरह है। उसमें नयापन होना चाहिए। हमें यौन आनंद लेते एक साल हो गया था। हम हफ्ते में 2-3 बार सम्भोग करते जो मजेदार होता। हम साथ बैठकर सेक्स वीडियो देखते। जहां तक संभव होता, उसमें दिखाए गए आसनों में सेक्स करते।

एक रात चूमा-चाटी के बाद मैडम बोलीं- अब नया कुछ करेंगे। हम हर बार एक ही बेडरूम में मजा करते हैं। बंगले में तीन बेडरूम हैं। आज से हम बाकी दो बेडरूम, ड्राइंग रूम, किचन, बाथरूम में मजा करेंगे। कुछ नयापन आएगा!

हम हर बार जगह बदलकर यौन आनंद लेने लगे।
कभी-कभी हम एक-दूसरे की मालिश करते।
फिर घमासान सेक्स।

साथ नहाना, मूत्र पीना-पिलाना तो चालू था।

कुछ बार तो हमने आउट हाउस भी यौन आनंद लिया।
इससे सेक्स में नयापन आया।

मैं चूत चूसने में एक्सपर्ट हो गया।
मैडम लंड चूसने में।

मैं 21 उम्र का था; मुझे सेक्स की इच्छा ज्यादा होती।
मैडम जब सेक्स के मूड में नहीं होतीं, और मैं सेक्स के लिए ज्यादा जिद करता, मैडम मेरा लंड गले तक लेकर चूसतीं और वीर्य पी जातीं।

एक रात मैंने मैडम को कहा- मौसम अच्छा है। हम खुले आसमान के नीचे सेक्स का आनंद लें। कैसा रहेगा?
मैडम- आइडिया पसंद आया। पर बंगले की छत पर हमें कोई देख सकता है।

मैं- बंगले के पीछे खुली जगह है। कंपाउंड वाल काफी ऊंची है। जमीन पर बिस्तर लगाएंगे।

मैडम- हां जगह ठीक है। पर रात को मच्छर, कीड़े काट सकते हैं।

मैं- मच्छरदानी लगा लेंगे।

मैडम- ठीक है। मैं कल डबल बेड की बड़ी मच्छरदानी खरीद लाऊंगी!

दूसरे दिन मैडम मच्छरदानी ले आयीं।
मैंने जगह साफ की, दरी बिछाई। उस पर दो गद्दे रख दिए, मच्छरदानी लगा दी।

रात डिनर के बाद मैं मैडम को लेकर बंगले के पीछे गया।
मैडम इंतजाम देखकर खुश हो गयीं, मुझे आलिंगन में लेकर कड़क चुम्मी दी।

उस रात जब मैं मैडम को मिशनरी आसन में चोद रहा था, मैडम आसमान के तारे देखकर खुश हो रही थीं।

जब मैं चित लेटा था, मैडम लंड की सवारी कर रही थीं. मुझे आसमान के तारे दिख रहे थे।
इससे पहले मुझे तारे कभी इतने खूबसूरत नहीं लगे थे।

हम दोनों को खुले आसमान के नीचे सम्भोग के नए अनुभव से बहुत मजा आया।

मैडम उस रात मेरे साथ आसमान के नीचे ही सोयीं।
हम दोनों नंगे ही सो गए।

सुबह चिड़ियों की आवाज से मेरी नींद खुली।
हल्की ठंड थी।
मैडम सिकुड़कर सो रही थीं।

मैंने उनको चादर उढ़ा दी।

मैंने चाय बनाकर मैडम को जगाया।
हमने बिस्तर पर बैठकर चाय पी।

मैडम मैक्सी पहनकर बोलीं- तुम बिस्तर यहां से हटाओ। मैं तब तक नाश्ता बनाती हूँ।

इसके बाद हमने कई बार आसमान के नीचे सम्भोग का आनंद लिया।

मुझे मैडम के साथ रहते दो साल हो गए थे।
एक रात जब मैं बेडरूम में मैडम के साथ था – मैंने डाउनलोड किया सेक्स वीडियो लगाया जिसमें लड़का लड़की की गांड मार रहा है।

मैंने कहा- यह करके देखें?
मैडम- आइडिया अच्छा है। मैंने कभी पीछे नहीं लिया। मुझे 10-12 दिन का समय दो। फिर कोशिश करेंगे!

दो दिन बाद मैडम का कुछ सामान कोरियर से आया।
उसके बाद से मैंने देखा कि हर शाम मैडम पांव फैलाकर चल रही हैं।

मैंने पूछा- पांव में चोट लगी है?
मैडम बोलीं- कुछ नहीं हुआ।
सुबह मैडम ठीक से चलती थीं।

10 दिन बाद:

मैडम- आज मैं पीछे लेने की कोशिश करूंगी। धीरे से डालना, और स्लो स्पीड में करना। डालने के समय मुझे थोड़ा दर्द होगा। डरकर रुक मत जाना। डाल ही देना। उद्घाटन के समय दर्द होता है, चाहे आगे हो या पीछे!

मैडम नारियल तेल की बोतल ले आयीं
हमने नंगे होकर चूमा-चाटी की।
मेरा लंड खड़ा हो गया।

मैडम ने उंगली में तेल लेकर अपनी गांड के अंदर लगाया।
लंड की तरफ इशारा कर कहा- उस पर भी अच्छे से तेल लगा लो!

मैंने लंड पर तेल लगाया।
मैडम ने तकिया पलंग के किनारे रखा, उसपर तौलिया बिछाया, तकिये पर बैठकर चित लेट गयीं।

उन्होंने अपने पैर छाती की तरफ करके पकड़ लिए।
मुझे मैडम की गांड का छेद दिखने लगा।

मैंने फर्श पर खड़े होकर लंड गांड में धीरे-धीरे डालना शुरू किया।
मैडम हल्के से ‘आ आ’ कर रही थीं।

उनकी आंख में आंसू आ गए, चेहरे पर दर्द भरी मुस्कान थी।
मुझे मैडम का कहा याद आ गया कि रुकना मत।
मैं पूरा लंड गांड में पेलने के बाद ही रुका।

मैडम बोलीं- थोड़ा ऐसे ही रुको।
मैं लंड अंदर डाले ही मैडम के चूचे दबाने-चूसने लगा।

कुछ देर बाद मैडम बोलीं- अब दर्द कम है। शुरू हो जाओ!
मैं धीमी गति से गांड में लंड अंदर-बाहर करने लगा।

गांड चूत की तुलना में काफी टाइट थी।
मैंने 10-12 बार ही लंड अंदर-बाहर किया और मैं गांड में झड़ गया।

मैंने लंड गांड से बाहर निकाला।
मैडम जल्दी से बाथरूम चली गयीं।

वापस आकर मैडम ने बताया- वीर्य ने एनिमा के समान काम किया। उनका पेट साफ हो गया।
मुझे कहा- तुम अपना साबुन से धोकर आओ। पीछे के छेद में कीटाणु हो सकते हैं। तुम्हें इन्फेक्शन हो सकता है।

मैडम लंड, चूत, गांड शब्दों का इस्तेमाल नहीं करती थीं।
मैं लंड धोकर आया।

मैडम- मुझे मजा आना शुरू ही हुआ था कि तुम्हारा हो गया। कुछ देर बाद एक बार और करते हैं!

मैडम नंगी ही चाय बनाकर लायीं।
जब वो चल रही थीं, मैं उनके मस्त थिरकते कूल्हों को देख रहा था।

चाय पीने के बाद हमने एक-दूसरे को गर्म किया, मैडम पेट के बल लेट गयीं।

उन्होंने अपने कूल्हे हाथ से फैलाकर गांड की छेद से दूर कर दिए।
मैंने लंड पर तेल लगाया, गांड की छेद में तेल डाला।

गांड में लंड पेलकर मैडम के ऊपर लेट गया।

मैडम ने थोड़ा ‘आ आ’ किया और अपने कूल्हों से हाथ हटाकर कहा- और कितनी देर मेरे ऊपर लेटे रहोगे?

मैं धीमी गति से गांड मारने लगा।
इस बार मजा आ रहा था।
मैडम सी सी आ आ की सिसकारी लेने लगीं।

मैं कुछ देर इत्मीनान से गांड मारता, फिर लंड अंदर डाले ही मैडम के ऊपर लेट जाता।
कुछ देर बाद फिर गांड मारने लगता।

मैं चूत मारते समय भी ऐसा करता था।
मैडम ने ही सिखाया था।

इससे दोनों को मजा आता और सम्भोग काफी देर चलता।

मैंने करीब 20 मिनट गांड मारी और झड़ गया।

मैडम बोलीं- इस बार मजा आया!
मैंने कहा- मुझे भी!

हम बाथरूम से लंड-गांड धोकर आये।

मैं- आपके पीछे (गांड में) जब मैंने पहली बार डाला तब आपको बहुत दर्द हुआ होगा।
मैडम- ज्यादा दर्द न हो उसके लिए मैंने पीछे के छेद को तैयार किया था।

कहकर मैडम अलमारी से रबर के बने शंख आकार की दो चीजें ले आयीं, मुझे बताया- इसे आस प्लग कहते हैं। कुछ दिन छोटा वाला तेल लगाकर पीछे डालकर छेद थोड़ा ढीला किया। फिर बड़ा वाला डालकर और ढीला किया। तुम पूछते थे कि शाम को मैं पैर फैलाकर क्यों चलती हूँ। उस समय मैं पीछे आस प्लग लगाकर चलती थी!

उसके बाद से मैंने कई बार मैडम की गांड विभिन्न आसनों में मारी।
सबसे मजा आता था जब मैं मैडम को घोड़ी बनाकर गांड मारता और जब मैडम मुझे लिटाकर लंड को गांड में लेकर उछलकर लंड की सवारी करतीं।

एक रात मैं चूत चोद रहा था।
मैडम झड़ कर निढाल हो गयी थीं।

मेरा नहीं हुआ था, मैंने चोदना जारी रखा।

मैडम बोलीं- अब बस करो। मैं थक गयी हूँ!
मैं- मैं पीछे डाल दूं? वह छेद ज्यादा टाइट है। मेरा जल्द हो जाएगा।

मैडम पेट के बल हाथ से कूल्हे फैलाकर लेट गयीं।
मैंने लंड पर तेल लगाकर कुछ देर गांड मारी और झड़ गया।

तब से जब सम्भोग के समय मैडम का हो जाता और मेरा नहीं, मैडम लंड को मुठ मारकर चूसकर वीर्य पीकर मुझे ठंडा करतीं या गांड में डलवाकर।

मुझे मैडम के साथ रहते 3 साल हो गए।

एक रात मैडम बोलीं- आज कुछ नया करेंगे। तुम कपड़े उतारकर हाथ-पांव फैलाकर लेट जाओ!

मेरे लेटने के बाद मैडम ने मेरी कलाइयों और टखनों में कपड़ा लपेटा, उस पर रस्सी बांधकर मेरे हाथ-पैर पलंग से बांध दिए, मेरी आंख पर पट्टी बांध दी।

मैं इंतजार करने लगा।
बहुत समय बीत गया।

मैं मैडम को आवाज देने वाला था कि दो हथेलियां मेरे बदन को सहलाने लगीं।
फिर मैडम मेरे होंठ चूमने लगीं, सर पर हाथ फिराने लगीं।

मैडम प्यार से बोलीं- मुंह खोलो!
मुंह खोलते ही एक चूचा मेरे मुंह पर रख दिया।
मैं निप्पल चूसने लगा।

मुझे चूचे दबाने की इच्छा हो रही थी पर हाथ बंधे थे।
मैडम मेरे बदन को चूमते नीचे आयीं, लंड-गोटी को सहलाया, जांघों को चूमा।

मेरा लंड खड़ा हो गया।
मैडम लंड की सवारी करने लगीं।

मुझे उनके लंड की सवारी करते उछलते चूचे देखने की इच्छा हो रही थी, पर आंख पर पट्टी थी।
मैंने पूरा ध्यान लंड को मिल रहे आनंद पर रखा।
मैं कुछ देर में झड़ गया।

मैडम उतरीं, लंड को चाट कर साफ करने लगीं।
फिर मुझे खोल दिया।

मैडम ने बताया कि हथेली और टखनों पर रस्सी बांधने से पहले कपड़ा लपेटा जिससे रस्सी के दाग न आएं।

अगली रात मैंने मैडम को उसी तरह चित लिटाकर उनके हाथ-पांव बांधकर आंख पर पट्टी लगा दी।
मैंने तेज लाइट जला दी और इत्मीनान से बैठकर मैडम के नंगे सुंदर बदन को देखने लगा।

यौन क्रीड़ा के समय मैडम धीमी लाइट जलाती थीं।
तेज रौशनी में मैडम और सुंदर लग रही थीं।

काफी देर बाद मैडम से रहा नहीं गया, वो बोलीं- संजय कहां चले गए?
मैं- आपकी सुंदरता तेज लाइट में देख रहा हूँ!

मैडम- बहुत शैतान हो गए हो। देखना हो गया हो तो आगे बढ़ो!

मैंने मैडम के होंठ चूमे, चूचे दबाए-चूसे, पेट-नाभि चूमी, फिर जांघ चूमते चूत पर हाथ फिराने लगा।

मैडम मचलने लगीं, उनकी जांघें थरथराने लगीं।
उनकी चूत से कामरस निकला और मैडम शांत हो गयीं।

थोड़ी देर बाद मैं फिर से मैडम को चूमने लगा फिर चूत चूसने लगा।

मैडम बोलीं- अब डाल दो। रहा नहीं जा रहा!

मैंने घमासान चुदाई की।
चुदाई के समय तेज रोशनी में डोलते चूचे और अच्छे लग रहे थे।

मैडम और मैं एक साथ झड़ गए।

कुछ देर बाद लंड केले से मूंगफली होकर पक की आवाज से चूत से निकला।
दोनों को मजा आया।

मैडम ने मुझे समझाया- आगे (चूत) में डालने के बाद पीछे (गांड) में डाल सकते हो, पर पीछे डालने के बाद बिना अपना धोये आगे नहीं डालना। नहीं तो सामने इन्फेक्शन हो सकता है!

मैडम के साथ रहते 5 साल हो गए थे।

मैं 25 का और मैडम 45 उम्र की हो गयीं।
मैडम की सेक्स की जरूरत कम होने लगी।

अब सेक्स हफ्ते में 1-2 बार होता, पर होता मजेदार।

बाकी दिन चुंबन-आलिंगन आदि होता।

मेरे माता-पिता ने मुझे शादी करने को कहा।
मैंने इंकार कर दिया पर उन्हें कारण नहीं बताया कि मैं मैडम के साथ खुश हूँ।

एक शाम जब मैं काम से लौटा, मैडम ने बताया कि उनकी कॉलेज की सहेली आयी है। वह 3 दिन मैडम के साथ रहेगी। 3 दिन हमें सावधानी बरतनी होगी।

मैं आउट हाउस चला गया।

रात के खाने के समय मैडम ने मुझे बुलाया, सहेली को मेरा परिचय दिया- ये संजय है। यहीं रहता है। इसके रहने से मैं अपने आप को सुरक्षित महसूस करती हूँ। मेरी हर काम में मदद करता है।

मैडम ने मुझे उनके साथ डायनिंग टेबल पर बिठाया, प्यार से खाना परोसा।

उनकी सहेली मुझे गौर से देख रही थी।
सहेली बहुत गोरी थी, पर मेरी थोड़ी सांवली मैडम मुझे ज्यादा सुंदर लगीं।

सहेली ने मैडम को कहा- देखकर अच्छा लग रहा है। तू बहुत खुश है और तेरी जवानी लौट आयी है!

सहेली खाने के थोड़ी देर बाद बोली- मैं थक गयी हूँ।

मैं आउट हाउस सोने चला गया।

सुबह मैडम ने मुझे आउट हाउस में चाय दी।
मैंने मैडम को कहा – सुबह का नाश्ता मैं बनाऊंगा।

किचन में पीछे भी एक दरवाजा था।
मैं उस दरवाजे से किचन में आकर नाश्ते की तैयारी कर रहा था।

मैडम सहेली के साथ ड्राइंग रूम में बैठी बातें कर रही थीं।

उन्हें मालूम नहीं था मैं किचन में हूँ।

सहेली- मैं तेरी शादी के बाद मिली थी। तू खुश नहीं थी। तूने बताया था पति के साथ सेक्स जीवन से खुश नहीं है। तलाक के बाद भी खुश नहीं थी। अब 5 साल बाद मिल रही हूँ। तू खुश दिख रही है जैसे जवानी लौट आयी है। इसका कारण तेरे साथ रहने वाला संजय है क्या? वह तुझे हर खुशी दे रहा है। यदि ऐसी बात है तो तू ठीक कर रही है। तुझे खुश रहने का अधिकार है!

मैडम- अब तुझसे क्या छुपाऊं। हां, संजय मुझे हर खुशी दे रहा है। बिस्तर में भी। वह अच्छा भरोसे का इंसान है, अच्छे स्वभाव का है।
सहेली- तो संजय के साथ लिव-इन में रह! ऐसे छुप-छुप में मिलने से अच्छा है!

मैडम- संजय मुझसे 20 साल छोटा है। दुनिया क्या कहेगी?
सहेली- तू 45 की नहीं, 35-36 उम्र की लग रही है। दुनिया गई भाड़ में। तलाक के बाद तेरे पिताजी ने भी तुझसे नाता तोड़ लिया!
मैडम- सोचूंगी।

मैंने सोचा यदि मैं नाश्ता लेकर किचन से निकलूं, तो मैडम और सहेली समझ जाएंगी कि मैंने उनकी बात सुनी है। उन्हें अच्छा नहीं लगेगा।

मैंने किचन के पिछले दरवाजे से निकलकर बंगले के सामने के दरवाजे पर जाकर घंटी बजायी।
मैडम ने दरवाजा खोला।

मैं किचन में गया, नाश्ता बनाकर ड्राइंग रूम में लाया।

हम तीनों ने नाश्ता किया।

मैडम ने बताया उन्होंने आज छुट्टी ली है।

मैं काम पर चला गया।

शाम को मैं लौटा।

मैडम ने अकेले में मुझे बताया कि उन्होंने सहेली को हमारे संबंध के बारे में बता दिया है।
आज रात मैं उनके साथ सो सकता हूँ।
मैंने नहीं बताया कि मैंने सब सुना है।

रात को चूमा-चाटी के बाद हमने एक-दूसरे की चूत और लंड चूसे।
फिर हुआ जमकर सम्भोग।

हम दोनों लेटकर बात कर रहे थे।

मैडम बोलीं- सहेली मुझसे पूछ रही थी कि क्या हम मुख मैथुन भी करते हैं? मैंने उसे कहा संजय तो गुप्तअंग चूसने में एक्सपर्ट है। मैं भी उसका चूसती हूँ!

मैडम- सहेली ने बताया उसका पति मुखमैथुन नहीं करता। उसने कोशिश की पर पति राजी नहीं हुआ। सहेली पूछ रही है कि क्या तुम उसे मुखमैथुन का मजा दोगे? तो मैंने कहा कि मुझे आपत्ति नहीं है, पर संजय को पूछूंगी क्या वह राजी है।

मैं- मैं आपके साथ खुश हूँ। आप कहोगी तो चूस लूंगा। नहीं चूसा तो आपकी सहेली सोचेगी आपने झूठ कहा। मुझे अच्छा नहीं लगेगा। पर सम्भोग नहीं करूंगा। क्या आपकी सहेली को चूमकर छाती दबाकर गर्म करना पड़ेगा?

मैडम- नहीं, सिर्फ चूसना है!

मैडम सहेली से मिलने गेस्टरूम गयीं, लौटकर बोलीं- सहेली कमर के नीचे के कपड़े उतारकर चादर से ढककर लेटी है, तुम चादर हटाकर उसका हो जाने तक चूसना!

मैं गेस्टरूम में गया।
मैडम की सहेली पलंग पर चित लेटी थीं।
उन्होंने कमर तक चादर ओढ़ रखी थी।

मैंने चादर हटायी।
उनकी जांघें बहुत गोरी थीं।

मैंने पलंग पर घुटनों के बल बैठकर उनकी जांघें फैला दीं।

चूत एकदम गोरी और बाल रहित थी, पर मैडम की चूत के समान सुंदर और फूली नहीं थी।
मैडम की चूत सांवली है पर सुंदर है। मुझे कोई उत्तेजना नहीं हुई।

मैंने चूत की पंखड़ियों को उंगली से फैलाया।
जीभ चूत के अंदर डाली और चूत चूसने लगा।

थोड़ी देर बाद मैडम की सहेली सिसकारी लेने लगीं और कुछ देर बाद मचलने लगीं, उनकी जांघें कांपने लगीं।
चूत से कामरस निकला और वह निढाल हो गयीं।

मैंने चूसना बंद किया और पलंग से उतरकर पूछा- आपको अच्छा लगा?
सहेली- बहुत!

मैं- मैं अब जाऊं?
सहेली ने हां में सर हिलाया।

मैडम के बेडरूम में जाकर मैंने उन्हें बताया- काम हो गया।

मैडम- मेरी सहेली की गोरे पैरों और गोरी वो (चूत) देखकर तुम्हें बहुत उत्तेजना आयी होगी। और कुछ करने का मन नहीं किया?

मैं- मुझे बिल्कुल उत्तेजना नहीं आयी। यदि आप ऐसे लेटी होतीं तो मुझे उत्तेजना आती। आप जांच कर सकती हैं।

मैं हाथ उठाकर खड़ा हो गया जैसे खुद की तलाशी दे रहा हूँ।
मैंने बिना चड्डी के ट्रैक पेंट पहनी थी।
मैडम ने पेंट के ऊपर से लंड छूकर देखा।
लंड सो रहा था।

मैडम ने मेरे होंठ चूमकर कहा- इसलिए मैं तुमसे इतना प्यार करती हूँ!

मैडम गेस्टरूम गयीं, वापस आकर मुझे चूमकर बोलीं- उनकी सहेली को बहुत मजा आया। उसे इस बात का दुख था कि उसे पति से मुख मैथुन का सुख नहीं मिला। आज वो मिल गया।

मैडम- आज से हम लिव-इन में रहेंगे। तुम अपने कपड़े और सामान हमारे बेडरूम में रख दो। तुम अकेले में मुझे मेरे नाम मोनिका से बुलाना!

उस रात हमारा घमासान सम्भोग हुआ।

मैडम की सहेली जानकर खुश हो गयीं कि मैं और मोनिका लिव-इन में रहेंगे (सहेली ने मैडम को लिव-इन की सलाह दी थी)।

सहेली चली गयीं।

और तीन साल बीत गए।
मैं मोनिका मैडम के साथ 8 साल से रह रहा था।

मैं 28 उम्र का हो गया था।
मेरे सिर के काफी बाल झड़ गए थे।
मैं अपनी उम्र से बड़ा दिखने लगा।

मोनिका ने खुद को अच्छा मेंटेन किया था।
मेरे साथ खुश थीं।
वह 48 की थीं। देखने से पता नहीं चलता।

मैडम की सहेली साल में एक बार आतीं, दो-तीन दिन रहतीं।
वे मेरे साथ काफी खुल गयी थीं। हर रात मुझे चूसने (चूत) को कहतीं और खुश होकर चली जातीं।

जिस दुकान में मैं 10 साल से काम कर रहा था, उसके मालिक ने मुझे मैनेजर बना दिया।
मेरी तनख्वाह दोगुनी हो गयी।

इन सालों में मोनिका ने मुझे इंग्लिश बोलना, पढ़ना, लिखना सिखा दिया।
कंप्यूटर के बारे में भी सिखाया।

मैं मोनिका के साथ रेस्टोरेंट जाता।
मैंने कांटे-चम्मच से खाना सीखा।

मोनिका का कोई परिचित मिलता, वह मेरा परिचय दोस्त है कहकर करातीं।

मोनिका ने मुझे शादी का प्रस्ताव दिया।
मैंने मान लिया।

हमने मैरिज रजिस्ट्रार में अर्जी दी।
शादी एक माह बाद होनी थी।

मेरे पिताजी का मोतियाबिंद का ऑपरेशन होने वाला था।
मैंने मोनिका को कहा- मैं घर जा रहा हूँ।

मोनिका ने कहा- पिताजी को यहां ले आओ। इस शहर में अच्छे डॉक्टर हैं!

मेरे माता-पिता आये।
मोनिका ने उन्हें गेस्टरूम में ठहराया।

वे मेरे साथ उन्हें लेकर डॉक्टर के पास गयीं।
ऑपरेशन सक्सेसफुल हुआ।

एक हफ्ते बाद दोनों चले गए।
जाने से पहले मेरी मां ने मोनिका को खूब आशीर्वाद दिया, कहा- तुम दोनों खुश रहो। मां को हमारे संबंध का अंदाज हो गया था।

मैंने मां को बताया- हम शादी करने वाले हैं।

शादी के समय मेरे मां-पिताजी, मोनिका की सहेली आयीं।
जब मोनिका ने तलाक लिया था तो मोनिका के माता-पिता ने उनसे संबंध तोड़ लिया था।
वे तलाक के खिलाफ थे।

पर इस शादी में मोनिका के माता-पिता आये।

हम हनीमून मनाने खजुराहो गए।
खूब मजे किए।
खजुराहो से काम आसनों की मूर्तियां और फोटो ले आये।

हमारी शादी हुए 5 साल हो गए हैं।
मैं 33 का, मोनिका 53 की हैं।
हम अभी भी सेक्स के नए-नए तरीके आजमाते हैं।

आपको यह सेक्स टू लव स्टोरी कैसी लगी, बताएं।
मेल भेजते समय कहानी का नाम लिखें।
क्योंकि मैंने अनेक कहानियां लिखी हैं।
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