बेटी की सहेली की ख़ूबसूरत मम्मी को चोदा- 2

Views: 116 Category: Sex Kahani By replyman12 Published: March 05, 2026

Xxx पंजाबी फुद्दी कहानी में मुझे लन्दन में एक प्यासी सेक्सी पंजाबन मिल गयी. जल्दी ही वह सेट हो गयी और एक दिन मेरे लौसे का मजा लेने मेरे घर आ गयी.

फ्रेंड्स, मैं मानस आपको अपनी बेटी की सहेली की मम्मी की चुदाई की सेक्स कहानी सुना रहा था.
कहानी के पहले भाग
लन्दन में मिली पंजाबन चूत
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि उस कामुक हसीना रीना मेरे साथ सेक्स में मजा ले रही थी.
उसने अपनी चुत का रस मेरे मुँह पर ही झाड़ दिया था और मैंने उसकी चुत का रस चाट कर साफ कर दिया था.

अब आगे Xxx पंजाबी फुद्दी कहानी:

पूरी संतुष्टि होने तक उसने सिर दबाकर रखा.
उखड़ी सांसों को नियंत्रित कर उसने आंखें खोलीं.

अनपेक्षित सुख पाने के बाद उसने मुझे गले लगाया और वह जोर-जोर से रोने लगी.

रीना की पीठ सहलाते हुए मैंने पूछा- कैसा लगा नया पति? लगता है काफी दिनों बाद लुटा है खजाना?

रोते-रोते भी उसकी हंसी निकल गई.
मेरी छाती को चूमते हुए वह बोली- काश तू ही पति होता यार … साला मेरा नसीब ही गांडमरा निकला!

शॉवर बंद कर हम दोनों खड़े हुए तो नखरैल बीवी की तरह बोली- ऐसे नहीं … उठाकर ले चल अपनी बीवी को!

उसकी गांड पर थप्पड़ मारके बोला- साली, तू तो अभी से नखरे दिखाने लगी!
वह हंसने लगी.

रीना को गोदी में उठाकर हम दोनों बेडरूम में आ गए.

मेरा और अपना गीला शरीर पौंछ कर उसने मुझे बिस्तर पर धकेला.
फिर अपने बालों को सिर पर बांध रीना घुटनों पर आ गई और मेरे पैर चूमती हुई ऊपर को आने लगी.

मेरा आधा खड़ा मलूल लौड़ा हाथ से पकड़ा और उसके सुपारे पर दीर्घ चुंबन देकर मेरे लंड को मुँह में भर लिया.
रीना का नंगा शरीर और उसके कामुक चुसाई से लौड़े में आग लगी थी.
लौड़े की खाल पीछे धकेलते हुए जीभ से सुपारा चाटने लगी, अंडकोष उंगलियों से सहलाने लगी.

थूक-थूक कर उसने लौड़ा चिपचिपा कर दिया, मेरे आंड चूसते हुए वह जोर-जोर से लौड़ा मुठियाने लगी.
मेरा सवा सात इंच का काला लौड़ा पूरा तन चुका था, नसें फूलकर उजागर हो चुकी थीं.
अचानक उत्तेजित होकर मैंने उसका मुँह लौड़े पर जोर से दबाया.

सुपारा रीना के गले तक घुसा, आंखें अश्रुओं से डबडबा गईं.
पर पता नहीं ये उसका प्यार था या उसकी वासना, उसने कोई तकलीफ जाहिर नहीं की.

पूरे जोश से हर बार वह सुपारा अपने गले तक ले जाती.
चूस-चूस कर रीना ने मेरी वासना की आग भड़का दी.

उसका ये जुनून देख मैंने उसके बाल पकड़ कर उसे ऊपर खींचा.

रीना को बिस्तर पर पटकते मैंने कहा- चल आज देखते हैं, किसका पानी जल्दी निकलता है!
वह एक बेशर्म रंडी के जैसे बोली- आजा फिर … बहन के लौड़े आज पूरा निचोड़ लूँगी तुझे!

मेरी मंशा समझ कर रीना मेरे विपरीत दिशा में घूमी, अपनी मदमस्त भोसड़ी मेरे मुँह पर रखकर फिर से लौड़ा मसलने लगी.
जैसे ही उसकी भोसड़ी मेरे मुँह पर दबी, मैंने पूरी जीभ उसके अन्दर ठेल दी.
‘आअह्ह्ह..’ की किलकारी भरकर वह मेरे आंड दबाने लगी.

चूत का स्वाद लेते मैं गांड का छल्ला भी चाटने लगा, वासना में डूबकर वह गांड मेरे मुँह पर रगड़ने लगी.

मेरे प्यार का भुगतान करने के लिए रीना ने भी अपनी जीभ मेरे गांड में घुसा दी तो आवेश में आकर मैंने उसका मुँह गांड में दबा दिया.

थूक से सना लौड़ा मसल-मसल कर रीना मुझे परास्त करने की कोशिश कर रही थी तो मैंने भी दो उंगलियां चूत में घुसा दीं.
योनि रस से धधकती भोसड़ी की दीवारें मैं जान-बूझकर अपने नाखूनों से खरोंचने लगा.

खुरदरी जीभ के घिसने से रीना का भगांकुर फूलने लगा, कभी होंठों से तो कभी दांतों में पकड़कर मैं जोर से खींच देता.
‘आह मम्मीईई चूसो’ जैसे कामुक स्वरों से रीना की वासना सर चढ़ने लगी.

काफी देर तक चले मेरे दोहरे हमले से रीना के तन में उठती तरंगें मुझे महसूस होने लगीं.

मैं समझ गया कि रीना का कामज्वर से भभकता भोसड़ा किसी भी समय फिर से बहने लगेगा.
पर मैं आज किसी भी हाल में उसे अपने वश में करना चाहता था, उसे परास्त करना चाहता था.

आखिर में वही हुआ, जो मुझे मंजूर था.

अपनी भोसड़ी मेरे मुँह पर दबाकर रीना चीखी- आअह मादरचोदद … मर गई कुत्तेएए … जोर से काट मेरा भोसड़ा … आआह मानस साले मेरे लौड़े आह.

रीना लगभग मूत रही थी, लौड़ा मुठ्ठी में दबाकर उसने अपना सिर मेरी जांघों पर रखा था.

वीर्यस्खलन से प्रफुल्लित शरीर मेरे ऊपर था, उसकी दुधारू चूचियां मेरे पेट से चिपक गई थीं.
मैंने रीना को अपने ऊपर से हटाकर बिस्तर पर लिटा दिया.

उसकी गांड पर थप्पड़ मारकर मैंने कहा- क्यों भोसड़ी की, हार गई ना? अब दिखाता हूँ कितना पानी है मेरे पाइप में!

रीना को पता चल गया कि अब उसे एक असली मर्द का लौड़ा नसीब होने वाला है.
उसने तकिया अपनी कमर के नीचे घुसाकर खुद अपनी टांगें ऊपर उठा लीं.

वासना से भरी लाल आंखों में विनती के भाव थे.
रीना मुझे पाना चाहती थी, मुझमें समाना चाहती थी.

मुझे अपने ऊपर खींच कर वह बेतहाशा चूमने लगी, लौड़ा मुठ्ठी में भर कर उसने सुपारा अपने भोसड़े के द्वार पर दबाया.

रीना को तरसाने के लिए मैंने उसका हाथ हटाया और सुपारा उसकी भगनासा पर रगड़ने लगा.
रीना बहकने लगी, सिसकारने लगी.
उसकी फूली गांड हवा में उठकर चुदने के लिए मचल रही थी.

उसके स्तनों पर थप्पड़ मारते हुए मैंने कहा- साली, बड़ी आग लगी है तेरे अन्दर … बता रीना कौन है तू मेरी?
वह सिसकती हुई बोली- उफ्फ … तड़पा मत मेरे मानस … मैं रंडी हूँ तेरी … तेरे लौड़े की हवस मिटाने वाली तेरी पालतू रखैल हूँ … आह चोद मुझे आह!

ब/च्ची के जन्म के बाद उसका भोसड़ा खुला था, चिपचिपे योनि रस से भीगी चूत पर मैंने पूरी ताकत से हमला कर दिया.

बिना किसी दिक्कत के पूरा सवा सात इंच का लौड़ा भोसड़ी की दीवारें रगड़ता हुआ उसकी ब/च्चेदानी से जा टकराया.

‘आह मर गई मादरचोदद …’ उसकी चीख निकली और रीना ने मुझे अपनी बांहों में भींच लिया.

रीना के मांसल गदराए तन का भोग लगाते हुए मैंने अपने धक्कों की गति तेज कर दी.
स्तनों को काट-काटकर मैं पराई औरत रीना को चोदने लगा.

यौवन की वासना की शिकार रीना हर धक्के पर चीखने लगी, उसकी गांड धक्कों का मजा लेने अपने आप ऊपर उठने लगी.

मेरी पीठ को अपने नाखूनों से खरोंचती हुई वह बोली- उफ्फ मानस … जोर से चोद … आह और तेज चोद अपनी बीवी का भोसड़ा … आह साले रंडी बनाकर चोद दे मुझे!
उसकी चूचियां भींचकर मैं बोला- ले साली रांड … मेरे लौड़े से चुदवाने वाली छिनाल औरत … आज फाड़ दूँगा तेरी फुद्दी हरामजादी!

मेरे धक्के इतने तेज हुए कि मेरे आंड उसकी गांड का छल्ला चूमने लगे.
बेड की चरमराहट और रीना की किलकारियों से कमरे में कामुकता भरने लगी.

निरंतर रिसते योनि रस से लौड़े पर सफेद रंग की परत चढ़ चुकी थी, चूत के आस-पास भी झाग बन चुका था.

मैं बिना रुके रीना की पंजाबन फुद्दी को चोदता रहा और उसका यौवन लूटता रहा.
रीना की दोनों टांगें अब मेरी पीठ पर चढ़ चुकी थीं, उसने अपनी दोनों बांहें मेरी गर्दन के आस-पास घेरा डालकर लपेटी थीं.

तभी मेरी अपेक्षा से कुछ जल्दी ही रीना का शरीर अकड़ने लगा, आंखें बंद करके वह बस थरथरा रही थी.
मुझे कसकर बांहों में भींचती हुई चिल्लाई- आआह मम्मीईई मैं आ रही हूँ मानस्स … रुकना मत भोसड़ी केए … और जोर से चोदो मुझे एए … मेरा फुद्दा पाड़ दे!

रीना चरमसुख से फड़फड़ाने लगी, चूत से बहता पानी लौड़े से होता हुआ बिस्तर गीला करने लगा.
वीर्यस्खलन का पूरा आनन्द देने के लिए मैंने अपने धक्कों की गति कम कर दी.

पसीने से भीगा उसका माथा सहलाते हुए मैंने उसका माथा चूमा.
रीना ने भी मुझे एक पति का दर्जा देती हुई मेरे होंठ चूसने लगी.

हवा में उठने के कारण उसकी टांगें दर्द करने लगी थीं.
मेरी पीठ से अपनी टांगें नीचे उतार कर वह बोली- अब तो रुक जाओ मेरी जान … आज जान ही निकाल दी पंजाबन की एक मराठे ने!

उसकी स्तनाग्रों पर चुटकी लेता मैं बोला- हाय रे मेरी पंजाबन? अभी से थक गई तू कुतिया?
मेरा चेहरा हाथों में लेकर वह बोली- तूने तो निचोड़ लिया पूरा … साले आज पहली बार मर्द से पाला पड़ा है आह … कुछ देर रुक जा मेरे यार!

उसके गीले भोसड़े से लौड़ा बाहर खींच कर मैं उसके बगल में जाकर लेट गया.
एक पत्नी की तरह वह भी मुझसे लिपट गई.

मेरे कंधे पर सिर रखते ही उसने मेरा चूत रस से गीला लौड़ा पकड़ा और प्यार से सहलाने लगी.

उसकी आंखों में देखते हुए मैंने कहा- यार जादू है तेरे हाथों में … रीना देख कैसे गुस्से से देख रहा है तुझे?
वह शरारत से बोली- ये क्या हमेशा खड़ा ही रहता है क्या? हाय रब्बा किस सांड से टकरा गई मैं?

मैं खिलखिलाते हुए बोला- लगता है कोई मर्दानी देखनी पड़ेगी, सांड को शांत करने तेरे बस की बात नहीं है!
मेरी चुनौती से क्रोधित होकर मेरे आंड मसल कर बोली- साले कुत्ते, लौड़ा काट दूँगी तेरा … अगर किसी और रंडी के पास गया तो भोसड़ी के … मेरी प्रॉपर्टी है अब ये … समझा? अब देख कैसे ठंडा करती हूँ तुझे!

जोश में आकर मैंने भी उसके बाल पकड़ कर कहा- तो चूस न बहन की लौड़ी … दिखा कितनी बड़ी छिनाल है तू … मेरे लौड़े की गुलाम!

वह झपट कर उठी और अपनी चूत के रस से गीला लौड़ा अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.
मैं उसके बाल पकड़ कर उसका मुँह चोदता रहा.

रीना के नंगे तन पर उमड़े मेरे हाथों की निशानियां उसे और मादक और सुंदर बना रही थीं.
मेरे आंड और गांड का छेद चाटती हुई रीना मेरे लौड़े को जोर-जोर से मसल रही थी.

रीना की चौड़ी गांड देख मैंने उसे कुतिया बनाकर बोला- झुक जा रंडी, आज तेरे भोसड़े को उसकी नानी याद दिलाता हूँ!

पीछे आकर मैंने एक ही झटके में पूरा लौड़ा रीना के अन्दर ठेल दिया.

‘आआह कुत्तेएए फाड़ दी मेरी!’
तेज गूंज भरती हुई रीना पुनः तड़प उठी.

उसके भारी-भरकम चूतड़ मेरे हर धक्के से थिरकने लगे, गांड पर सलवटें उठने लगीं.
हवा में लटकती उसकी दुधारू चूचियां धक्कों से हिलने लगीं.

रीना के लटकते पपीते पंजों की कैद में लेकर मैं बड़ी निर्दयता से भींचने लगा.
स्तनाग्रों को मरोड़-मरोड़कर निचोड़ने से रीना को दर्द में भी मजा मिलने लगा था.

सुपारे की रगड़न और ब/च्चेदानी पर हो रही चुभन से रीना अब खुद अपनी गांड पीछे धकेलने लगी.

रीना के चूतड़ों को गूंथते हुए मैंने कहा- साली बाजारू रांड … और जोर से पटक अपनी गांड … तेरी माँ का भोसड़ा साली चुदक्कड़ रांड!

‘हम्म्म आह उफ्फ.’ रीना करहाती हुई मस्ती से गांड पटकने लगी.

उसके आवेश और लंबी चुदाई से मुझे अब मेरे आंड भारी लगने लगे.
अंडकोष में उबलता वीर्य रीना के बंजर भोसड़े को चूमने के लिए व्याकुल था.

मेरे धक्कों की गति बढ़ने लगी.

रीना को भी आभास हो चुका था, इसी कारण उसने अपनी फुद्दी मेरे लौड़े पर कस ली.
तंग चूत की दीवारों पर घिसने से मेरे लौड़े की नैया डूब गई.

‘आआहह रीना आआह …’ की हुंकार के साथ मैं झड़ने लगा, गर्म वीर्य की पिचकारियों से रीना की ब/च्चेदानी फूलने लगी.
झड़ने का सुख और थकान से मैंने वैसे ही रीना पर लेटा रहा.

मेरा पूरा मलूल लौड़ा अब उसकी भोसड़ी से बाहर आ गया.
एक पतिव्रता पत्नी की तरह रीना ने मुझे आलिंगन में भर लिया और बड़ी भावुकता से मेरा माथा चूमने लगी.

करीब दो घंटे से ज्यादा चले वासना के इस गर्म युद्ध में हम दोनों धाराशाई हो चुके थे.
एक-दूसरे के नंगे तन आपस में जोड़कर पूरी संतुष्टि और समर्पण से निद्रा के अधीन हो गए.

अगले दो दिन और दो रातें रीना मेरे घर रुकी, एक धार्मिक पत्नी की तरह उसने मेरी हर तरह से सेवा की.

मैंने उसे वचन दिया था कि उसके हर सुख-दुःख में मैं हमेशा उसके साथ खड़ा रहूँगा.
मैंने अपना वचन निभाया, रीना को आर्थिक रूप से स्थिर कर मैंने उसे नमन से अलग कर दिया.

पिछले एक साल से रीना आज भी एक बीवी की तरह मेरी सेवा में लगी है.
प्यार ही तो है ये?

Xxx पंजाबी फुद्दी कहानी पर आपको अपने विचार लिखने की स्वतंत्रता है.
replyman12@gmail.com

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