सेक्स प्लेज़र विद भाभी स्टोरी में मुझसे 20 साल बड़ी मैडम में मुझसे दोस्ती करके सेक्स का मजा लेना और देना शुरू किया. उन्होंने मुझे अपने घर में ही रख लिया.
कहानी के पहले भाग
पहली बार सेक्स में फेल हो गया
में आपने पढ़ा कि 20 उम्र का संजय दुकान में काम करता था। दुकान में 40 उम्र की मोनिका मैडम आती थीं। मैडम नौकरी करती थीं। उनका तलाक हो गया था। मैडम का दिल संजय पर आ गया। संजय भी मैडम को पसंद करता था।
मैडम ने संजय को उसका जन्मदिन मनाने अपने बंगले पर बुलाया और संजय को सेक्स के लिए उत्तेजित किया।
उनके बीच घमासान सम्भोग हुआ।
मैडम के कहने पर संजय मैडम के आउट हाउस में रहने आया।
अब आगे सेक्स प्लेज़र विद भाभी स्टोरी:
मैडम- संजय, आज हम दोनों थके हैं। सुबह काम पर जाना है। आज मैं सिर्फ तुम्हारे झांटों की सफाई करूंगी। बहुत बड़े गए हैं। और कुछ नहीं करेंगे। कपड़े उतारकर लेट जाओ!
मैं नंगा चित लेट गया।
मेरा लंड खड़ा हो गया।
मैडम ट्रिमर से मेरे झांटों को काटने लगीं।
मैडम ने लंड को पकड़कर कहा- आज से यह मेरा है। मैं इसकी देखभाल करूंगी!
झांट की सफाई के बाद मैं नहाया।
हम दोनों ने खाना खाया और सो गए।
मैं आउट हाउस में, मैडम अपने बेडरूम में सोयीं।
मैंने मैडम को याद कर मुठ मारी।
सुबह नाश्ते के साथ मैडम ने मुझे फल और मेवा दिया।
जब मैंने कहा – इतना सब कुछ नाश्ते में?
मैडम बोलीं- दिन भर दुकान में मेहनत करनी है, रात को बिस्तर में। अच्छे से खाओ!
दोपहर का खाना मुझे डब्बे में दे दिया।
मैं दुकान गया।
मैडम अपनी नौकरी पर!
दुकान में मेरी ड्यूटी सुबह 7 से शाम 5 बजे की थी।
शाम को मैं आउट हाउस में गया।
मैडम घर पर थीं।
मैडम ने मेरा परिचय घर की सफाई और खाना बनाने वाली महिला से कराया।
उस महिला को बताया कि रात में बंगले की सुरक्षा के लिए मुझे आउट हाउस में रखा है।
मैं शेविंग कर, नहाकर तैयार बैठा था।
खाना बनाने वाली महिला के जाते ही मैडम ने मुझे बंगले में बुलाया।
रात के 8 बजे थे।
हम दोनों ने खाना खाया।
मैडम मैक्सी पहनी थीं।
मैं मैडम के पास सोफे पर बैठ गया।
मैडम टीवी सीरियल देखने लगीं।
मैं मैडम के सुंदर चेहरे और सेक्सी बदन देख रहा था।
मैडम ने अपना हाथ मेरी जांघ पर रखा।
मैं मैडम की जांघ पर हाथ फेरने लगा।
एक टीवी सीरियल खत्म हुआ।
मैडम उठकर बेडरूम में गयीं।
मैं उनके पीछे गया।
मैडम बाथरूम चली गयीं।
बाथरूम से वापस आकर मैडम ने मेरे लंड की तरफ इशारा कर कहा- अच्छे से साबुन से धोकर आओ। आज मुखमैथुन से शुरुआत करने का मूड है!
मैं लंड धोकर आया।
मैडम ने अपनी बांहें फैला दीं।
मैंने मैडम को कसकर आलिंगन में ले लिया।
मेरी छाती में मैडम के चूचे दबे थे, बड़ा सुकून मिल रहा था।
कुछ देर बाद हम अलग हुए।
मैडम मेरे होंठ चूसने लगीं।
मैं भी उनके होंठ चूसने लगा।
हम एक-दूसरे के कपड़े उतारने लगे।
मैडम ब्रा-पैंटी में खड़ी थीं, मैं सिर्फ चड्डी में।
मैंने ब्रा के हुक खोल दिए।
मैडम मुस्कुराकर बोलीं- बड़ी जल्दी ब्रा उतारना सीख गए!
मैं चूचे दबाने-चूसने लगा।
मैडम ने मुझे धक्का देकर पलंग पर लिटा दिया।
मैं चित लेटा था।
मैडम ने मेरी चड्डी उतारी, लंड को चूमा।
फिर मेरी आंखों की ओर देखते हुए उन्होंने लंड की सुपारी को चाटा और लंड को मुंह में लेकर चूसने लगीं।
मैंने लंड चूसना वीडियो में देखा था।
लंड चूसे जाने पर इतना मजा आता है, मालूम न था।
कुछ देर लंड चूसने के बाद मैडम चित लेट गयीं, मुझे कहा- अब मेरी चूसो!
मैं मैडम की जांघों के बीच गया, उनकी पैंटी उतार दी।
क्या शानदार फूली हुई चिकनी चूत थी, एक भी बाल नहीं था।
मैंने चूत को चूमा, फिर जीभ से चाटने लगा।
मैडम- चूत की पंखुड़ियों को उंगली से फैलाओ। चूत के अंदर जीभ डालकर चूत चाटो और चूसो!
मैं चूत चाटने-चूसने लगा।
मैडम मेरा सर चूत पर दबाने लगीं।
मैडम बोलीं- दोनों एक साथ एक-दूसरे की चूसते हैं।
मैंने 69 पोजीशन का वीडियो देखा था।
मैडम करवट लेकर लेट गयीं।
मेरा सर चूत की तरफ था, मैडम का सर लंड की तरफ।
मैं चूत चूम रहा था।
मैडम ने एक पैर ऊपर उठाया और मेरे कंधे पर रख दिया।
चूत खुल गयी।
मैं चूत चूसने लगा।
मैडम सिसकारी लेने लगीं।
वे लंड लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं।
मुझे बहुत मजा आ रहा था।
कुछ देर बाद मुझे लगा मैं झड़ने वाला हूँ।
मैंने मैडम को बताया।
मैडम और जोर से लंड चूसने लगीं।
मैं मैडम के मुंह में झड़ गया।
मैडम ने वीर्य पी लिया।
उनकी चूत से रस निकल रहा था।
मैं रस चाट गया।
मैडम बाथरूम से मुंह-चूत धोकर आयीं।
मैंने भी लंड-मुंह धोया।
“चाय बनाती हूँ.” कहकर मैडम नंगी किचन जाने लगीं।
चलते समय मैडम के कूल्हे मस्त थिरक रहे थे।
मैं थिरकते कूल्हे देखते-देखते उनके पीछे-पीछे किचन में गया।
मैडम- तुम क्यों आये?
मैं- मैडम, आपके कूल्हे मस्त थिरक रहे थे। उन्हें देखते-देखते आ गया!
मैडम- अच्छा बच्चू, बोलना भी सीख गए!
मैडम चाय बनाकर बेडरूम जाने लगीं।
मैं थिरकते कूल्हों का पीछा करता उनके पीछे चल रहा था।
हमने चाय पी।
पलंग पर लेटकर मैडम ने उंगली के इशारे मुझे बुलाया।
मैं झटपट गया, मैडम के ऊपर लेटकर उनके होंठ चूसने लगा।
मैडम ने मुझे पकड़ा और लुढ़ककर मेरे ऊपर आ गयीं, मेरे होंठ चूसने लगीं, अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दी।
मैं जीभ चूसने लगा।
मैडम उठीं, मेरी कमर के दोनों ओर अपने घुटने रखे।
मेरे ऊपर बैठकर झुककर चूचे मेरे मुंह के पास ले गयीं।
मैं सर उठाकर बारी-बारी चूचे चूसने-दबाने लगा।
मैडम सीधी होकर बैठीं, लंड को हाथ से पकड़कर चूत के छेद पर रखा। आहिस्ता से लंड चूत में डालते हुए बैठ गयीं और उछलते हुए लंड की सवारी करने लगीं।
मैडम के चूचे मस्त उछल रहे थे।
मैं मुग्ध होकर देख रहा था।
मुझे होश आया तो मैं नीचे से कमर हिलाकर चोदने लगा।
कमरे में बदन से बदन टकराने की मधुर थप-थप आवाज आ रही थी।
मैडम आ आ सीसी सिसकारी ले रही थीं।
मैं कमर उछालते समय सांड की तरह उन्ह-उन्ह कर रहा था।
कुछ देर बाद थक गयीं कहकर मैडम मेरे ऊपर से उतर गयीं, घोड़ी बनकर चार हाथ-पांव पर पलंग के किनारे खड़ी हो गयीं।
उनके घुटने पलंग पर थे।
घुटने से नीचे के पैर पलंग से बाहर हवा में।
मैं फर्श पर खड़ा हुआ।
मैंने भरे कूल्हों पर हाथ फिराया।
लंड चूत में डाला और कमर पकड़कर चोदने लगा।
मैडम- और जोर से!
मैंने चोदने की गति बढ़ा दी।
मैडम कमर हिलाकर लंड और अंदर लेने लगीं।
मैडम- मेरे कूल्हों पर हल्के चांटे मारो!
मैंने एक हाथ से कमर पकड़ी, दूसरे हाथ से कूल्हे पर चांटे मारने लगा।
हर चांटे के साथ मैडम को और जोश आ रहा था।
वे ‘आ आ सीसी मजा आ गया’ बोलने लगीं।
कुछ देर बाद मैडम शांत हो गयीं, कहा- मेरा हो गया।
मैंने कुछ देर चोदा और चूत वीर्य से भर दी।
मैडम पलंग से उतरीं, मेरे होंठ चूमकर बोलीं- बहुत मजा आया!
मैंने कपड़े पहने और आउट हाउस में सोने चला गया।
मैडम ने बताया था कि खाना बनाने वाली सुबह 6 बजे आती है। उसके पास बंगले की चाबी रहती है, इसलिए मेरा रात को मैडम के बेडरूम में सोना ठीक नहीं है।
यौन क्रीड़ा के समय मैडम मुख्य दरवाजे की चिटकनी अंदर से बंद कर लेती थीं।
रात को मैडम सिर्फ मैक्सी पहनने लगीं बिना ब्रा-पैंटी के।
मैं बिना चड्डी पाजामा।
अगली रात मैं और मैडम पलंग पर नंगे चूमा-चाटी कर रहे थे।
मैडम बोलीं- चूचे दबाने-चूसने से सभी स्त्रियां उत्तेजित होती हैं। इसके अलावा हर स्त्री के शरीर के कुछ विशेष भाग चूमने-चाटने से उन्हें जोश आता है। जरूरी नहीं कि जहां चूमने से एक स्त्री को जोश आता है, दूसरी स्त्री को भी वहां चूमने से जोश आये। पुरुष का काम है अपनी साथी स्त्री को कहां चूमने से जोश आता है, ढूंढ़कर निकाले।
अगली चार रातों को यौन क्रीड़ा के समय मैंने मैडम के शरीर के हर भाग को चूमकर मैडम को कहा- आपको कहां चूमने से जोश आता है, मैंने पता कर लिया।
मैडम खुश होकर बोलीं- जो मेरे पति दस साल नहीं समझ पाए, तुमने 4 रात में पता कर लिया!
हम पांच दिन से हर रात सम्भोग कर रहे थे।
छठी रात:
मैडम- खाना बनाने वाली सुबह 6 बजे आ जाती है। उसके पास घर की चाबी है। तुम्हें रात को गेस्टरूम वापस जाना पड़ता है। मैं उसे कह दूंगी वह हमारे काम पर जाने के बाद आये। इससे तुम रात भर मेरे पास सो सकते हो।
मैडम- रोज सम्भोग करने से सेक्स खाने-पीने-सोने जैसा दिनचर्या हो जाता है। सेक्स में रोमांच नहीं रहता। हम हफ्ते में 3-4 रातों को सेक्स करें तो ठीक होगा। सेक्स में नीरसता नहीं आएगी। सेक्स के नए तरीके निकालेंगे। यदि दोनों में से किसी को उस दिन सेक्स की इच्छा न हो, जबरदस्ती नहीं करेंगे। आज मुझे कुछ काम है। आज सेक्स नहीं करेंगे।
कहकर मैडम लैपटॉप में पेन ड्राइव लगाकर कुछ करने लगीं।
मैं आउट हाउस चला गया।
अगली रात डिनर के बाद मैं और मैडम सोफे पर बैठे।
मैडम ने टीवी शुरू किया।
मुझे लगा मैडम सीरियल देखेंगी, पर टीवी पर सेक्स वीडियो चालू हुआ।
मैडम ने बताया- कल रात मैंने पेन ड्राइव में सेक्स वीडियो डाउनलोड किया था जो आज टीवी में लगाया है।
बाद में मैडम ने मुझे लैपटॉप चलाना और वीडियो डाउनलोड करना सिखा दिया।
वीडियो में लड़का चूत चूसता है, लड़की लंड गले तक लेकर चूसती है।
दोनों घमासान सम्भोग करते हैं।
फिर दोनों बाथरूम जाते हैं।
लड़की लड़के को अपना मूत पिलाती है।
मैं- आज रात ये करें?
मैडम ने मुस्कुराकर हां कहा।
चूमा-चाटी के बाद मैंने चूत चूसी।
फिर मुझे चित लिटाकर वीडियो के समान मैडम मेरी आंखों की तरफ देखकर लंड चूसने लगीं।
मैडम लंड को गले तक लेकर चूसने की कोशिश कर रही थीं, पर उनकी सांस रुक रही थी।
खांसी आ रही थी।
मैडम बोलीं- लंड कितना लम्बा है। नापना पड़ेगा। गले तक ले नहीं पा रही हूँ!
मैडम लकड़ी का स्केल ले आयीं, नापकर देखा कि लंड 5″ लम्बा था।
हमने मिशनरी पोजीशन में चुदाई शुरू की।
फिर मैडम ने लंड की सवारी की।
उसके बाद मैडम घोड़ी बनकर चार हाथ-पांव पर पलंग के किनारे खड़ी हुईं, मैंने वीडियो के समान फर्श पर खड़े होकर लंड चूत में डाला और मैडम के बाल लगाम की तरह पकड़कर चोदने लगा।
साथ में मैं उनके कूल्हों पर थप्पड़ मारने लगा।
मैडम- आ आ मजा आ रहा है! स्केल से कूल्हों पर मारो!
मैंने पलंग पर रखे लकड़ी के स्केल को उठाया और कूल्हों पर मारने लगा।
मैडम जोर-जोर से आ आ सीसी सिसकारी लेकर बोलीं- और जोर से चोदो!
मैंने चोदने की गति बढ़ा दी।
मैडम झड़ गयीं।
कुछ देर बाद मैं झड़ गया।
अब मूत पीने की बारी थी।
बाथरूम में मैडम दीवार पर पीठ टिकाकर पैर फैलाकर खड़ी हुईं।
मैंने नीचे स्टूल पर बैठकर मुंह चूत के छेद पर रख दिया।
मैडम ने मेरे बाल पकड़कर मेरा मुंह चूत की मूतने की जगह रखा और मूतने लगीं।
मैं मूत पीने लगा।
गरम मूत पीने में मुझे मजा आ रहा था।
कुछ पेशाब मेरे शरीर पर बहने लगा।
यूरिन खत्म होने के बाद हमने एक-दूसरे को साबुन लगाकर नहलाया, एक-दूसरे का बदन पौंछा, कपड़े पहने और साथ सो गए।
मैं सुबह जागा।
मैडम सो रही थीं।
नींद में मैडम बहुत सुंदर और भोली लग रही थीं।
मैंने चाय बनायी।
मैडम की आंख, गाल, होंठ चूमकर मैं बोला- मैडम, चाय तैयार है!
मैडम ने मीठी मुस्कान दी।
मुंह धोने के बाद हम दोनों ने चाय पी।
फ्रेश होकर मैडम नाश्ता बनाने लगीं।
मैं उनकी मदद कर रहा था।
नाश्ते के बाद मैडम ने मेरा खाने का डब्बा लगाया।
मैं काम पर चला गया।
उस दिन से रोज ही ऐसा होने लगा।
कभी-कभी मैं नाश्ता बनाता।
अगली रात सम्भोग के बाद मैंने बाथरूम में मैडम का मूत पीने का मजा लिया।
मैडम बोलीं- अब तुम मुझे मूत पिलाओ!
मैडम ने शावर कैप और तैरने में पहना जाने वाला चश्मा पहना।
वे नीचे स्टूल पर मुंह खोलकर बैठ गयीं।
मैं मुंह के अंदर मूतने लगा।
जब मैडम का मुंह भर गया, मैडम ने मुंह बंद किया और मूत निगल गयीं।
मूत मैडम के चेहरे पर गिरने लगा।
तब मुझे समझ आया मैडम ने चश्मा पहना था कि मूत उनकी आंख में न जाए।
मैडम ने फिर से मुंह खोला और मूत पीने लगीं।
अब जब मैडम मुंह बंद करतीं, मैं लंड को उंगलियों से दबाकर मूत रोक लेता।
उसके बाद हम नहाये।
मुझे रोज सम्भोग की इच्छा होती, पर जिस रात मैडम मना कर देतीं और टीवी देखने चली जातीं, मैं लैपटॉप पर सेक्स वीडियो देखता।
जो पसंद आता वह पेन ड्राइव में डाउनलोड कर लेता।
मैं हर रात मैडम के साथ पलंग पर सोने लगा।
सम्भोग हो न हो।
जिस रात मैडम सेक्स के लिए राजी होतीं, हम दोनों मैडम के/मेरे पेन ड्राइव में डाउनलोड किए सेक्स वीडियो देखते।
फिर नए-नए तरीके से सम्भोग करते।
एक रात मैडम बोलीं- अगली 4 रातों को सम्भोग बंद। मेरा मासिक शुरू हो गया है!
पांचवी रात मैडम जोश में थीं, बोलीं- मुझे घोड़े की सवारी करनी है!
मैं- रात के आठ बज गए हैं। पार्क बंद हो गया है। उसके बाहर खड़े घोड़े वाले चले गए होंगे।
मैडम- संजय, तो तुम पलंग पर घोड़ा बन जाओ। मैं तुम्हारी पीठ की सवारी करूंगी!
मैं पलंग पर चार हाथ-पांव रखकर घोड़ा बनकर खड़ा हो गया।
मैडम- घोड़ा क्या कपड़े पहनता है?
मैं नंगा पलंग पर घोड़ा बन गया।
मैडम ने एक चुन्नी गर्दन के पीछे और दोनों कांखों से घुमाकर मेरे कंधे पर लगाम की तरह बांधी और सिर्फ ब्रा-पैंटी पहनकर अलमारी से छड़ी ले आयीं।
छड़ी एक फुट लम्बी थी।
छड़ी के एक सिरे पर चमड़े का टुकड़ा बंधा लटक रहा था।
मैडम- अब घोड़े को सिखाना है। मैं जब एक बार छड़ी मारूं, घोड़े को चलना है। जब दूसरी बार छड़ी मारूं, रुक जाना है!
मैडम ने छड़ी के छोर में लटके चमड़े के टुकड़े को मेरे कूल्हे पर मारा।
चटाक की आवाज हुई, थोड़ा दर्द हुआ।
मैं चलने लगा।
पलंग काफी बड़ा था।
मैडम ने फिर से मारा।
मैं रुक गया।
मैडम मेरी पीठ पर बैठीं।
मेरे कंधे पर बंधी चुन्नी को लगाम की तरह पकड़ लिया।
मैडम ने मेरे कूल्हे पर छड़ी मारी।
मैं पलंग के ऊपर चक्कर लगाने लगा।
मैं और मैडम बच्चों की तरह हंसने लगे।
इस खेल में मजा आ रहा था।
मैडम ने छड़ी मारी, मैं रुक गया।
मैडम- घोड़े, दीवार पर लगे आईने में देखो!
मैंने आईने में देखा।
मैडम ब्रा पहने मेरी पीठ पर बैठी मस्त लग रही थीं।
मैडम ने छड़ी मारी, मैं चलने लगा।
एक चक्कर के बाद मैडम ने मुझे फिर आईने के सामने रोका।
मैडम ने अपनी ब्रा उतार दी।
मेरा लंड खड़ा हो गया।
एक और चक्कर लगाने के बाद मैडम मेरी पीठ से उतरकर घोड़ी के समान पलंग पर खड़ी हो गयीं, आईने में देखने लगीं।
मैं अभी भी घोड़े की तरह खड़ा था।
मैंने पीछे से मैडम की चूत घोड़े की तरह सूंघी, चूत चाटी।
फिर घोड़े के समान उचककर अपने अगले पैरों (हाथों) को अपनी घोड़ी (मैडम) की पीठ पर रखा, लंड चूत पर घिसने लगा।
फिर एक झटके से लंड चूत में पेल दिया और चोदने लगा।
मैडम कूल्हे आगे-पीछे करके साथ देने लगीं।
कुछ देर बाद हम साथ झड़ गए।
अगली रात मैं घोड़े के दो मुखौटे ले आया।
मुखौटों को बेडरूम में छुपा दिया।
मैं मैडम के साथ बेडरूम गया।
मैंने मैडम के होंठ चूमकर कहा- आज नया खेल खेलेंगे। आप घोड़ी बन जाओ!
मैडम- पागल हो क्या? तुम मेरी पीठ पर बैठोगे तो मेरी कमर टूट जाएगी!
मैं- मैं पीठ पर नहीं बैठूंगा। आप घोड़ी बनकर खड़ी होना, मैं घोड़ी का दूध निकालूंगा।
कहकर मैंने घोड़े का मुखौटा मैडम को दिया।
मैडम उत्साह से बोलीं- मजा आएगा इस खेल में!
मैडम ने अपने हाथ उठा दिए।
मैंने उनकी मैक्सी उतारी।
मैडम ने अंदर कुछ नहीं पहना था।
तब मैडम ने थिरकते कूल्हों से चलते अलमारी से चुन्नी निकाली, चुन्नी का एक सिरा अपने गले में बांध लिया।
मैडम ने मुखौटा पहना। घोड़ी के समान पलंग पर खड़ी होकर बोलीं- घोड़ी को बांध दो नहीं तो दूध निकालने के समय भागने लगेगी!
मैंने चुन्नी का दूसरा सिरा पलंग के सिरहाने पर बांध दिया।
मैंने एक कटोरी चूचों के नीचे रखी और चूचे सहलाकर, निप्पल मरोड़कर, निप्पल खींचकर दूध निकालने जैसा करने लगा।
मैडम आईने में दूध निकालना देखने लगीं।
मैडम सिसकारी लेने लगीं, बोलीं- मजा आ रहा है!
मैंने देखा कि मैडम की चूत गीली हो गयी।
कुछ देर बाद मैडम बोली- अब और इंतजार नहीं कर सकती!
मैडम ने अपने कूल्हे हाथ से थपथपाकर कहा- आ जाओ!
मैंने घोड़े का मुखौटा पहना।
मैडम यह देखकर और खुश होकर बोलीं- आज पूरी तैयारी की है!
मैं घोड़े के समान मैडम के पीछे खड़ा हुआ, कुछ देर चूत चाटी, फिर उचककर घोड़े के समान मैडम की पीठ पर अपने अगले पांव (हाथ) रखे और घमासान चोदने लगा।
मैं कल्पना कर रहा था मैं सच में घोड़ा हूँ।
काफी देर बाद हम दोनों झड़े।
हम बाथरूम से लंड, चूत धोकर आये और नंगे ही पलंग पर सो गए।
घोड़ा-घोड़ी कपड़े नहीं पहनते हैं।
सेक्स प्लेज़र विद भाभी स्टोरी अगले भाग में ख़त्म होगी.
अभी तक की कहानी पर अपने विचार मुझे बताएं.
valmiks482@gmail.com