सेक्सी ममेरी बहनों की नंगी चुदाई- 2

Views: 228 Category: Brother-Sister By h6994661 Published: April 13, 2026 📖 10 min read
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सेक्सी कजिन चुदाई कहानी में मैं अपने मामा की जवान बेटियों के गर्म बदन का मजा लेना चाहता था. वे भी अपनी जवानी के नज़ारे मुझे दिखा रही थी. मुझे पहले छोटी बहन की चूत मिली.

कहानी के पहले भाग
ममेरी बहनों को नंगी देखा
में आपने पढ़ा कि कैसे मैंने अपनी ममेरी बहन रचना को स्पाई कैमरे से नंगी देखा और उसे पटाने के प्लान बनाने लगा और रूपा आंटी को मामा से खेतों के बीच बने मकान में चोदते देखा।

अब सेक्सी कजिन चुदाई कहानी को आगे बढ़ाते हैं।

रचना दीदी नहा कर आईं और फिर हम सबने मिल कर खाना खाया।

खाने में आज बहुत ही अच्छी-अच्छी चीजें बनी थीं तो बहुत ज्यादा खा लिया।
फिर ज्यादा खाने की वजह से रास्ते पर टहलने निकल गए।

रचना दीदी और मुस्कान दीदी दोनों मेरे आगे चल रही थीं।
रचना दीदी ने सफ़ेद टी-शर्ट पहनी थी और नीचे ब्लैक शॉर्ट, और मुस्कान दीदी ने रेड टी-शर्ट पहन रखी थी और नीचे नाइट पैंट पहना हुआ था जो कि काफी टाइट लग रहा था।

मैं उनके पीछे चल रहा था ताकि उनकी गांड को मटकते हुए देख सकूँ।

वाह! क्या मजा आ रहा था!
हर कदम पर उन दोनों की गांड बाउंस हो रही थी और मैं उनकी गांड देख रहा था कि किस की गांड कितना वाइब्रेट करती है और बाउंस होती है।
मैं काफी देर से नोटिस कर रहा था कि मुस्कान दीदी बार-बार अपनी पेंटी ठीक कर रही थीं, शायद नाइट पैंट टाइट होने की वजह से ऐसा हो रहा था।

कुछ देर टहलने के बाद हम घर की छत पर आ गए।

मुस्कान दीदी “मैं थोड़ी देर में आती हूँ” बोल कर नीचे चली गईं।
मैं और रचना दीदी एक दूसरे से बातें करने लगे।

कुछ देर गप्पे लड़ाने के बाद उन्होंने पूछा, “क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है?”
मैंने उदासी से ना में सिर हिला दिया।

उन्होंने कहा, “क्या यार! तुम इतने हैंडसम हो और एक भी गर्लफ्रेंड नहीं!”
मैंने मस्ती-मस्ती में ही कह दिया, “आप बन जाओ फिर मेरी गर्लफ्रेंड!”

उन्होंने कुछ भी नहीं कहा, सिर्फ स्माइल कर दी।

मैंने अब उनको पूछ लिया, “आपका कोई बॉयफ्रेंड नहीं है क्या?”
उन्होंने तुरंत ही जवाब दे दिया, “बॉयफ्रेंड तो नहीं है पर…”
इतना कहते ही वो रुक गईं और नीचे देखने लगीं।

मैंने पूछा, “पर… क्या?”

रचना दीदी कुछ नहीं बोलीं, उनका मुंह पूरा लाल हो गया था।
मैं जोर देके पूछना ही चाहता था कि उतने में मुस्कान दीदी आ गईं।
उन्होंने अपना टाइट नाइट पैंट बदल लिया था और उसके बदले एक ब्लैक शॉर्ट स्कर्ट पहन कर आ गई थीं जो उनके घुटनों तक ही आ रहा था।

यह देखकर मुझे वो पल याद आ गया जब मैंने उन्हें सिर्फ पेंटी में देखा था।
मैं मन में सोचने लगा की दोनों ही बहनें क्या बवाल चीज हैं!
ऐसा लगता है भगवान ने बड़ी फुर्सत से बनाया है इन दोनों को।

रचना दीदी की फिगर है 32–28–36 वो भी 28 की उम्र में, और मुस्कान दीदी की फिगर है 34–28–34 सिर्फ 25 की उम्र में।
दोनों को देख के ही अच्छे-अच्छे लोगों का पानी निकल जाए ऐसी हैं, और मैं इन दोनों के बीच में रह रहा हूँ।
मैं कितना खुश नसीब हूँ!

अब हम लोग गद्दे बिछाने लगे।

मैं तो यही फिराक में था कि दोनों के बूब्स या गांड देख सकूँ और मैं सही था।

रचना दीदी जब झुकीं तो उनकी टी-शर्ट नीचे खिसक गई और क्योंकि उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी, उनके बड़े-बड़े चूचे साफ दिख रहे थे।
और दूसरी ओर मुस्कान दीदी की मिनी स्कर्ट से उनकी आधी गांड साफ दिख रही थी।

दोनों सोने की तैयारी कर रही थीं और यहाँ मेरा नन्हा शैतान जाग रहा था।

मैंने जैसे-तैसे अपने आप को संभाला और बाथरूम का बहाना बना कर नीचे चला गया।

नीचे मैं बाथरूम में गया और मूतने लगा और तभी मेरी नजर मुस्कान दीदी के नाइट पैंट पर गई।
मैंने ध्यान से देखा तो पता चला कि उनकी रेड कलर की पेंटी इसके साथ थी! यानी अभी ऊपर वो बिना पेंटी के मिनी स्कर्ट में थीं।

मैंने जल्दी से अपना फ़ोन निकाला और स्पाई कैमरा वाला ऐप खोला जिसमें रिकॉर्ड की हुई वीडियो थी।
मैंने उसे ओपन किया।

मुस्कान दीदी आईं, उनके हाथ में एक ब्लैक मिनी स्कर्ट थी।
उन्होंने आधे तक अपना पैंट और पेंटी नीचे सरका दी और मूतने लगीं।

‘सर्र सर्र’ की आवाज आने लगी और पीली धार निकल गई।
फिर उन्होंने कैमरे की तरफ देखा, जैसे कि उन्हें पता हो कि वहां पर कैमरा लगा है!

वो उठीं और उन्होंने कैमरे की तरफ गांड करके धीरे-धीरे अपना पैंट नीचे सरकाने लगीं और अपनी गांड को गोल-गोल घुमाने लगीं।
फिर पूरा पैंट एवं पेंटी निकाल फेंका और स्कर्ट पहन लिया।

फिर उन्होंने कैमरे की तरफ अपना मुंह करके अपनी बीच वाली दाहिने हाथ की उंगली अपने मुंह में डाली और उसे जीभ से चिकनी कर दी, और फिर अपना स्कर्ट उठा के अपनी चूत पर फिराने लगीं।
उनकी चूत पर हल्के-हल्के बाल साफ दिख रहे थे।

तभी वहां दरवाजा खटखटाने की आवाज आई, शायद मामी थी।
मुस्कान दीदी ने आवाज लगाई, “एक मिनट! मैं आ रही हूँ!”

और ये कह कर वो जाने लगीं।
दरवाजे तक गई होंगी कि फिर से कैमरे की तरफ आईं और चूत की तरफ इशारा करके ये बताने लगीं कि उन्हें कैमरे के बारे में सब पता है!
और वो उंगलियों से बुलाने वाला इशारा कर रही थीं जैसे मुझे आमंत्रित कर रही हों चुदाई के लिए!

ये सब देख के मेरा लंड एकदम पहाड़ की तरह खड़ा हो गया था।
मैं समझ गया कि आज की रात तो मेरे लिए रंगीन होने वाली है।
मुस्कान दीदी जैसी पटाखा को चोदने का मौका मैं कैसे गवा सकता था!

मैं ऊपर टेरेस पर आ गया।
दोनों बहनें एक दूसरे से गप्पे लड़ा रही थीं।

उन्होंने मुझे आते देखा और उठ कर खड़ी हो गईं।

रचना दीदी ने कहा, “कितनी देर लगा दी! चलो सोते हैं।”
मैंने हामी भरी।

हम सब अपनी-अपनी जगह सोने के लिए गद्दे पर आ गए।
जैसे कि आपको पता है मैं सोता हूँ, मेरे बाजू में रचना दीदी और उनके बाजू में मुस्कान दीदी सोती हैं।

अब मैं सोच रहा था कि क्या करूं कि मुस्कान दीदी के बाजू में सोने को मिले।

तभी मुस्कान दीदी ने रचना दीदी को कहा, “मुझे बीच में सोना है! मुझे डर लग रहा है लास्ट में सोने से!”

और उन्होंने मुझे देख कर आँख मारी, रचना दीदी को न दिखाई दे वैसे।
रचना दीदी ने हामी भरी और लास्ट में सो गईं।

अब मेरे बाजू में बिना पेंटी पहने मुस्कान दीदी लेटी हुई थीं, ये सोच के ही मेरा दिल जोरों से धड़क रहा था और लंड तंबू बन गया था।

मैंने लगभग 1 घंटे तक सोने का नाटक किया।

जब मुझे लगा कि अब रचना दीदी सो गई होगी तो मैंने मुस्कान दीदी की तरफ देखा।
वो मेरी तरफ पीठ करके लेटी थीं।

क्या बवाल चीज लग रही थी! रेड टी-शर्ट और ब्लैक स्कर्ट, एकदम रंडी लग रही थी वो!

भले ही मुस्कान दीदी ने इतनी ज्यादा हिंट दी थी पर फिर भी मेरी फट रही थी।
क्या पता मैंने समझने में गलती कर दी हो, ये सब ख्याल आ रहे थे।

पर मैंने हिम्मत जुटाई और अपना एक हाथ मुस्कान दीदी के जांघ पर रख दिया और उसे धीरे-धीरे सहलाने लगा।

कुछ देर सहलाने के बाद मैंने अब उनकी स्कर्ट को धीरे-धीरे ऊपर की तरफ खिसकाने लगा और दूसरी ओर मैंने अपना लंड निकाल लिया और धीरे से सहलाने लगा।

मैंने उनकी स्कर्ट को कमर तक कर दिया और अब उनकी बड़ी सी गांड बिल्कुल नंगी थी मेरे सामने!

तब मैंने अपनी उंगली से उनकी चूत को छुआ, एकदम गीली हो गई थी, उनका चूत का पानी धीरे-धीरे बह रहा था।

मैंने एक उंगली धीरे से उनकी चूत में खिसका दी।
मुस्कान दीदी एकदम से सिहर उठीं।

मैं उनके कान तक गया और धीरे से उनके कान में कहा, “मैं जानता था मुस्कान दीदी आप जग रही हो! बस देखना चाहता था कब तक आप ये सोने का नाटक करती हैं।”

वो घूम गईं और मेरी तरफ मुंह कर लिया और अपना एक हाथ मेरे लंड पर रख कर आगे-पीछे करने लगीं और बोलीं, “काफी बड़ा हो गया है मेरा भाई!”
मैंने भी उनके निपल्स को टी-शर्ट पर से ही पकड़ लिया और दबा के बोला, “बहन भी अब छोटी नहीं रही!”

अब हम एक दूसरे को चूमने लगे बेइंतहा!
मेरा एक हाथ मुस्कान दीदी के बूब्स पे था और दूसरे हाथ से उनकी बड़ी सी गांड को रगड़ रहा था और वो मेरे लंड (जो कि 6 इंच का है) से खेल रही थी और मेरे सीने को खरोंच रही थी।

कुछ देर ऐसे एक दूसरे के साथ खेलने के बाद मैंने उन्हें घुमाया और अब उनकी गांड मेरी ओर थी।
मैं अब धीरे-धीरे अपने लंड को उनकी चूत पर रगड़ने लगा और दूसरी ओर उनके बूब्स को दबाने लगा।

मैं तो उनको जंगली की तरह चोदना चाहता था, उनकी चूत का भरता बना देना चाहता था पर ज्यादा हलचल नहीं कर सकते थे क्योंकि हमसे कुछ ही दूरी पर रचना दीदी सो रही थीं, तो धीरे से करने में ही समझदारी थी।

अब चूत एकदम गीली हो चुकी थी और मैं अभी भी चूत पर अपना लंड रगड़ रहा था।

मुस्कान दीदी ने धीरे से कहा, “अब चोद भी दो मेरे भाई! कितना तड़पाओगे!”

मैंने लंड को सेट किया और दे मारा धक्का!
मेरा करीब आधा लंड उनकी चूत में चला गया।

वो चीखने ही वाली थीं कि मैंने अपना हाथ बूब्स पर से हटा के उनके मुंह को दबा दिया ताकि आवाज न हो।
थोड़ी देर में ऐसे ही लेटा रहा फिर मुझे लगा कि अब वो तैयार हैं तो मैंने दूसरा झटका दे मारा! मेरा पूरा लंड अब उनकी चूत में था।
उन्हें बहुत दर्द हो रहा था पर वो कंट्रोल कर रही थीं ये मुझे पता चल रहा था क्योंकि मेरे हाथ जो मैंने उनके मुंह पर दबाया था उसे उन्होंने दांतों से भींच रखा था।

कुछ देर के बाद जब वो नॉर्मल हो गईं तो लंड आगे पीछे करना शुरू कर दिया।

धीरे-धीरे उन्हें भी अब मजा आने लगा और अब वो भी अपनी गांड आगे पीछे करने लगीं।
लगभग 10 मिनट तक ऐसे चोदने के बाद दीदी को मैंने पलटने के लिए बोला ताकि मैं उनके बूब्स के भी मजे ले सकूँ।

अब मैंने लेटे हुए ही एक टांग को अपने ऊपर डाल लिया और चूत में फिर से लंड पेल दिया।
एक ओर मैं उनकी चूत मार रहा था और दूसरी और उनके बड़े से चूचों को अपने मुंह में डाल के मौसंबी की तरह चूस रहा था और बीच-बीच में निप्पल को काट देता था।
दीदी भी बड़े मजे ले कर चुद रही थीं।

कुछ देर बाद उनकी बॉडी में खिंचाव महसूस हुआ।
मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली हैं।

मैंने धक्के और जोर से लगाने शुरू कर दिए थे।
वो कुछ ही देर में झड़ गईं।
मैं अभी भी उन्हें चोद रहा था।

लगभग 15 मिनट तक ऐसे ही चोदने के बाद अब मैं भी झड़ने वाला था।
मैंने उनसे कहा कि मैं झड़ने वाला हूँ।
उन्होंने कहा, “बिंदास मेरी चूत में निकाल दो! मेरे सेफ डे चल रहे हैं तो कोई प्रॉब्लम नहीं है।”

मैंने अब सेक्सी कजिन चुदाई की रफ्तार बढ़ा दी थी।
अब थोड़ी-थोड़ी आवाज आ रही थी ठुकाई की और मुस्कान दीदी जो सिसकारी ले रही थीं।
मैं कुछ धक्के लगाने के बाद दीदी की चूत में ही झड़ गया।

क्या मस्त लग रहा था! पूरी टंकी खाली कर दी ऐसा लग रहा था।
मैंने उन्हें कस कर जकड़ लिया और गालों पर पप्पी दे दी!

“थैंक्यू मुस्कान दीदी! आपसे अच्छी कोई भी दीदी नहीं होगी पूरी दुनिया में!”
उन्होंने भी जवाब में कहा, “तो तुम अब से बहनचोद बन गए हो मेरे भाई!”

ये सब बातें करके हम एक दूसरे को देख के हंसने लगे।

मैंने गौर किया कि वातावरण में हर ओर बस दीदी के चूत के पानी और मेरे लंड के पानी के संगम की मनमोहक गंध फैली हुई थी।

अब हमने कपड़े ठीक किए और एक दूसरे को चूम के गुडनाइट बोलने के बाद सो गए।

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