न्यूड सिस्टर्स स्टोरी में मैं मैं मामा के घर रहने गया तो मामा की दोनों सेक्सी बेटियों की जवानी देख मेरा लंड सलामी देने लगा. पहले ही दिन छोटी बहन को मैंने नंगी देखा.
मैं नील हूँ, मेरी उम्र 19 साल है।
यह मेरी पहली कहानी है।
न्यूड सिस्टर्स स्टोरी मेरी दीदी की है, उनका नाम रचना है।
वे मेरे मामा की बेटी हैं.
उनकी उम्र 28 साल है और वो इतनी सेक्सी हैं कि क्या बताऊँ!
उनका रंग दूध सा सफेद है, उनके स्तन 32 के हैं, एकदम नारंगी जैसे लगते हैं।
मन करता है कि पकड़ के चूस लूँ! और उनकी लचीली कमर 28 की है।
उनकी तरबूज जितनी बड़ी गांड 36 की है।
वो चलती हैं तो पूरा गांव देखता है।
जब वो कॉलेज में थीं तो उनके बूब्स इतने बड़े नहीं थे लेकिन जब से नर्स की नौकरी ज्वाइन की है तब से वो सेक्सी हो गई हैं।
तो चलो दोस्तो, बदन के दर्शन तो हो गए, अब कहानी की तरफ आते हैं।
गर्मी की छुट्टियाँ शुरू हो गई थीं और हर बार की तरह इस बार भी मैं अपने बड़े मामा के घर रहने आ गया।
अभी करीब शाम के 5 बजे थे।
मैं मामा-मामी से मिला और मुस्कान दीदी (उम्र 25 साल) से मिला (रचना दीदी की छोटी बहन)।
वो बीएड की डिग्री कर रही हैं।
उनके स्तन 34 के हैं और उनकी पतली कमर लगभग दोनों बहनों की सेम ही है— 28, और इनकी 34 की गांड है।
एकदम परफेक्ट फिगर!
बस वो रचना दीदी से थोड़ी सांवली हैं।
मैंने रचना दीदी के बारे में पूछा।
उन्होंने बताया कि वो तो ड्यूटी पर गई हैं, वो तो रात को आएँगी।
दीदी नर्स हैं तो इसलिए उनकी ड्यूटी चेंज होती रहती है, आज उनकी इवनिंग ड्यूटी थी।
वो शाम को 8 बजे बस से घर आती हैं और उन्हें बस स्टेशन पर लेने जाना पड़ता है।
वो घर से करीब 8 किलोमीटर दूर है।
यूं तो मामा उन्हें लेने जाते हैं पर आज मैं आ गया था तो मैं उन्हें लेने चला गया।
मैं स्टेशन पर उनका वेट करने लगा।
कुछ देर में उनकी बस आई।
अंधेरे का समय था तो बहुत ज्यादा भीड़ थी, बस पूरी भरी हुई थी।
रचना दीदी बाहर उतरीं।
उन्होंने सफेद शर्ट पहना हुआ था और नीचे जींस।
गर्मी की वजह से उन्हें बहुत पसीना हुआ था, वो पसीने से भीग गई थीं।
उनके सफेद शर्ट से उनकी पिंक ब्रा दिख रही थी जो उनके गोरे चिकने बूब्स को संभाले हुए थी।
उनके मुंह से पसीने की बूंदें उनके गले से होते हुए उनके बड़े-बड़े चूचों की तरफ जा रही थीं।
वो बहुत ज्यादा सेक्सी लग रही थीं.
कुछ देर तो मैं उन्हें देखता ही रहा।
मेरा तो उन्हें ऐसे देख के ही निकल जाएगा, ऐसा लग रहा था!
हम काफी समय के बाद मिल रहे थे, लगभग एक साल हो गया था।
पिछली बार जब मैं मामा के घर आया था, तब उनके फाइनल ईयर होने की वजह से उन्हें वेकेशन नहीं मिला था और उन्हें हॉस्टल में ही रुकना पड़ा था।
उन्होंने मुझे देख लिया और मेरी तरफ आने लगीं।
मेरे पास आके एकदम से गले लग गईं!
मैंने ये सोचा नहीं था कि वो ऐसा करेंगी।
लेकिन उनके बूब्स मेरे सीने से चिपक गए।
मन तो कर रहा था कि वहीं पर उनके चूचों को दबा दूँ और चूस डालूँ, पर मैंने अपने मन को रोक लिया।
फिर हम अलग हुए और बातें करते-करते कब घर पहुँच गए पता ही नहीं चला।
वो फ्रेश हुईं और फिर हमने खाना खाया।
और फिर सोने के लिए चले गए।
हम जब भी मिलते हैं, हम तीनों गैलरी में सो जाते हैं।
आज भी वैसे ही सो गए।
मैं लेटा था, मेरे बगल में रचना दीदी और उनके बगल में मुस्कान दीदी।
रचना दीदी ने एक पीले कलर की टी-शर्ट और सफेद कलर का शॉर्ट्स पहना हुआ था।
उन्हें कंफर्टेबल होकर रहना पसंद है।
हाय, वो क्या कयामत ढा रही थीं!
लगभग रात के 1 बजे होंगे, मेरी नींद खुली।
मैंने देखा कि वो एकतरफा सोई हुई थीं।
उनकी टी-शर्ट ढीली होने की वजह से उनके बूब्स थोड़े से दिख रहे थे।
मैंने उनकी टी-शर्ट और खिसकाने की कोशिश की पर मैं असफल रहा।
मैं जितने बूब्स दिख रहे थे, उन्हें देख कर हिलाने (हस्तमैथुन) लगा।
चाँद के प्रकाश से उनके गोरे दूध से सफेद बूब्स चमक रहे थे।
और कुछ देर में मैं झड़ गया।
कभी-कभी उनको देख के लगता था कि पक्का वो किसी से चुदती होंगी, वरना अचानक से उनके बूब्स और गांड इतने बड़े कैसे हो सकते हैं?
लेकिन दूसरे ही पल लगता है कि वो तो कितनी मासूम और भोली हैं।
अगले दिन सुबह मैं आराम से उठा।
मैं उठा और सीधा बाथरूम की तरफ भागा, बहुत तेज पेशाब लगी थी।
दरवाजा बंद था पर कुंडी नहीं लगी थी, तो मैं सीधा घुस गया।
मैं जैसे ही अंदर घुसा, वहां पर देखा कि मुस्कान दीदी नहा रही थीं।
और उन्होंने सिर्फ ब्लू कलर की पेंटी पहनी हुई थी जिसमें उनकी गांड फिट भी नहीं हो रही थी।
उनका बदन थोड़ा सा सांवला था।
उनके चूचे काफी बड़े थे।
वो उन पर साबुन लगा रही थीं।
उन्होंने जैसे ही मुझे देखा, अपने आप को तौलिए से ढक लिया और मुझ पर साबुन फेंक कर जोर से चिल्लाईं, “निकलो यहाँ से!”
मेरी तो गांड फट गई!
पता नहीं अब मेरे साथ क्या होगा।
दीदी को नंगी देखना… मैंने तो सिर्फ उन्हें सपनों में कल्पना करके ही नंगी देखा है, कभी सोचा नहीं था उनके दर्शन हो जाएंगे।
अब तो मेरा मन उन्हें पूरी नंगी देखने का भी हो रहा था।
उनकी तो पक्का ब्राउन चूत होगी!
पर मैं वो सब भुला दिया.
जब वो बाहर आईं, तो मैंने जैसे-तैसे हिम्मत जुटाकर उनसे माफी माँग ली।
उन्होंने भी मुझसे माफी माँगी क्योंकि वो कुंडी लगाना भूल गई थीं।
वैसे मुस्कान दीदी भी कम नहीं हैं।
हां, थोड़ी पतली सी हैं पर उनके बूब्स और गांड भी बहुत ही निखरे हुए हैं।
वैसे उनका तो बॉयफ्रेंड है इसलिए मुझे लगता है वो तो पक्का चुदती होंगी।
मैं भी उनकी चीख निकलवाना चाहता था अपने नाम से!
कितना मजा आएगा जब मैं उनकी गांड मार रहा हूँ और उसी समय वो फोन पर अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही हों!
ये सब सोचने के बाद जब मैं नहाने गया तो उनके नाम की मुठ मार ली।
इतना ज्यादा चिक निकला कि फर्श पर हर ओर सिर्फ चिक ही चिक हो गया।
लगभग दोपहर हुई थी।
मामी ने मुझे कहा कि तेरे मामा खेत में गए हुए हैं, उनके लिए खाना लेकर जाना है।
मैं खाना देने जाने के लिए रेडी हो गया, वैसे भी बहुत बोर हो रहा था।
मैं थोड़ी देर में चलते-चलते खेत में पहुँच गया।
मामा कहीं दिख नहीं रहे थे।
उनके खेत के बगल में उन्होंने एक पक्का मकान बना के रखा है ताकि रात को खेत में आएँ तो आराम कर सकें।
मैं मकान के पास गया, वहां कुछ आवाजें आ रही थीं।
कोई मादक सिसकारी ले रहा था।
मैं समझ गया कि यह चुदाई हो रही है।
मैं मकान के पीछे की तरफ गया जहाँ एक खिड़की खुली हुई थी।
मैंने देखा कि एक औरत को मामा चोद रहे थे।
ध्यान से देखा तो पता चला कि ये तो रूपा आंटी थीं; ये मेरे मामा की पड़ोसन हैं।
मैं देख के चौंक गया!
मैंने सोचा नहीं था रूपा आंटी इस तरह किसी से चुदवा रही होंगी।
मैंने फोन में वीडियो रिकॉर्ड कर लिया ताकि जरूरत पड़ने पर मैं इसका इस्तेमाल कर सकूँ।
वो क्या चुद रही थीं!
एकदम रंडी की तरह वो बहुत ही मादक आवाजें निकाल रही थीं।
उनके बूब्स तो हवा में झूल रहे थे।
नकी चूत पर बाल साफ दिख रहे थे, लगता है उन्हें शेव करना पसंद नहीं।
मैं मन ही मन सोचने लगा कि यार क्या मस्त माल है, एक बार चोदने को मिल जाए तो मजा आ जाए!
कुछ देर में उनकी चुदाई समाप्त हुई और रूपा आंटी ने अपने आप को साफ किया।
लाल कलर की पेंटी थी जो उन्होंने पहनी और उन्होंने ब्रा पहनना चाहा तो मामाजी ने रोक लिया।
उन्होंने उन्हें बिना ब्रा के ही ब्लाउज पहना दिया और ब्रा को रिवॉर्ड समझ कर रख लिया।
फिर वो ब्लू साड़ी पहन कर वहां से चली गईं।
मैं थोड़ी देर बाद मामा को खाना देने चला गया ताकि उन्हें पता ना चल जाए कि मैं उन्हें और रूपा आंटी को चुदाई करते हुए देख रहा था।
रूपा आंटी मामा के घर से थोड़ी ही दूरी पर रहती हैं।
उनके पति नौकरी नहीं करते.
उनकी दो बेटियाँ हैं—बड़ी बेटी खुशी (उम्र 22 साल) और छोटी नीलम (उम्र 19 साल)।
तो पूरे घर को वो अकेले ही काम करके चलाती हैं।
वैसे वो दिखने में थोड़े सांवले रंग की हैं पर उनके बूब्स 34 के होंगे और गांड 36 की होगी।
उनकी चाल बहुत लुभावनी है। किसी बुड्ढे का लंड भी उसे देख के खड़ा हो जाए!
फिर मैं घर आ गया और मैं मोबाइल पर टाइम पास करने लगा।
तभी एक ऐड आई, वो ऐड एक स्पाई कैमरे की थी।
मैंने उसे खोला, वो काफी सस्ता था और 1 दिन में डिलीवरी हो जाएगी ऐसा लिखा था।
उसे देखकर मुझे आइडिया आया और मैंने वो स्पाई कैमरा मंगवा लिया।
कल रात के बाद मैं रचना दीदी की पूरी सेक्सी बॉडी देखना चाहता था।
इस तरह रात हो गई।
रात को खाना खाने के बाद हम सोने चले गए।
आज रचना दीदी ने टाइट शॉर्ट पहना हुआ था जिसमें साफ नजर आ रहा था कि उन्होंने पेंटी नहीं पहनी है।
उनकी गोल-मटोल गांड मेरे सामने थी।
मैं उसे देख कर शांत हो गया।
अब तो मेरा बहुत ज्यादा मन हो गया था कि उन्हें नंगी देखूँ, बस मुझे कल तक का वेट करना था।
इस तरह पता नहीं कब रात गुजर गई।
अगली सुबह जब मैं उठा तो सब लोग अपने-अपने काम में निकल गए थे।
रचना दीदी की भी आज से सुबह की ड्यूटी थी तो वो निकल गई थीं, वो अब शाम को ही आएँगी।
मैं थोड़ा सा गेम खेला और फिर गांव के पास नदी है वहां चला गया था।
पहले अक्सर नदी पर नहाने आते थे— मैं, रचना दीदी, नीलम, खुशी और मुस्कान दीदी।
और वहां पर बहुत सारी लड़कियां और लड़के नहाने आते हैं।
आज भी आए हुए थे।
एक लड़की ने तो टी-शर्ट के अंदर ब्रा ही नहीं पहनी थी. उसकी गीली टी-शर्ट उसके बूब्स को दिखा रही थी।
उसके गोल-मटोल बूब्स काफी उभरे हुए थे।
वहां पर और भी लड़कियां थीं— किसी के चूचे बड़े थे, किसी के छोटे, किसी की गांड बड़ी थी।
इस तरह व्यू का मजा लेने के बाद मैं घर आ गया।
करीब 3 बजे पार्सल वाले का फोन आया।
मैं पार्सल लेने गया, मैं बहुत ज्यादा एक्साइटेड था कैमरे को लगा के अपनी बहन को पूरी नंगी देखने के लिए!
पार्सल लाने के बाद मैंने स्पाई कैमरा बाथरूम में लगा दिया।
उसको कुछ इस तरह लगाया कि पूरे बाथरूम को देख सकूँ और वो किसी को दिखाई भी न दे, और उसके साथ फोन कनेक्ट कर लिया।
अब बस शाम तक दीदी का इंतजार करना था और उनके पूरे मखमली बदन का दर्शन हो जाएगा।
और उनके साथ-साथ मुस्कान दीदी के भी दर्शन कर लूँगा।
रात को 8 बजे दीदी आईं और फ्रेश होने के लिए बाथरूम में चली गईं।
मैं भी मोबाइल में देखने लगा।
उन्होंने पीले कलर का कुर्ता निकाला और फिर धीरे से अपना जींस निकाला।
उन्होंने नीले रंग की ब्रा और पेंटी पहन रखी थी।
वाह, क्या नजारा था!
उनके नारंगी जैसे बूब्स उछल से रहे थे, शायद वो आजाद होना चाहते थे।
फिर दीदी ने ब्रा और पेंटी भी निकाल दी।
उनके बूब्स उछल कर बाहर आ गए! उन्हें देखकर मेरा मन उन्हें चूसने का करने लगा।
उनकी चूत कुछ ज्यादा ही गुलाबी कलर की दिख रही थी।
ध्यान से देखने पर पता चला कि उन्होंने गुलाबी कलर का वाइब्रेटर अपनी चूत में घुसाया हुआ था।
मैंने सोचा नहीं था मेरी बहन में इतनी हवस भरी हुई होगी कि वो पूरे समय अपनी चूत में वो वाइब्रेटर लेकर घूम रही थी!
दीदी ने वाइब्रेटर धीरे से निकाला और एक उंगली अपनी चूत में डाली और फिर उन्होंने उस उंगली को निकाला और उसे अपने मुंह से चूसने लगीं।
उन्होंने अपने दूसरे हाथ को धीरे से अपने मुलायम चूचों पर फिराने लगीं।
ये नजारा बहुत ही शानदार था! एक हाथ से वो अपने चूचों को मसल रही थीं तो दूसरे हाथ से वो अपनी मुलायम गुलाब की पंखुड़ियों की तरह खिली हुई चूत में उंगली कर रही थीं।
कुछ देर उंगली करने के बाद जब उनकी चूत पूरी तरह गीली हो गई, तब वो उठीं और एक नल के पास गईं जोकि लंबा और गोल था। वो झुकीं और वो नल को अपनी चूत में धीरे से लेकर अपनी चूत चोदने लगीं! वो धीरे-धीरे आगे-पीछे हो रही थीं। उनके बूब्स हवा में उछल रहे थे।
कुछ देर के बाद वो झड़ गईं। उनके चूत का सारा पानी फर्श पर बह रहा था। और फिर कुछ समय बाद वो नहाते हुए अपने संतरे को दबाने लगीं।
दीदी को इस तरह देखने के बाद मेरा मन कर रहा था कि भले ही मुझे कुछ भी करना पड़े, मैं अब तो रचना दीदी को चोद कर ही रहूँगा!
यह न्यूड सिस्टर्स स्टोरी 3 भागों में है.
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