जीजू साली सेक्स कहानी में छोटी बहन ने अपने जीजू को उकसाकर उसके साथ सेक्स सम्बन्ध बना लिए ताकि उसके अपनी बहन के साथ लेस्बियन सम्बन्धों के बीच कोई अड़चन ना आये.
कहानी के दूसरे भाग
लेस्बियन बहनों का गर्म प्यार
में आपने पढ़ा कि हनीमून मनाकर के बाद बड़ी बहन मायके में आई तो उसकी छोटी बहन उसके साथ समलिंगी सेक्स करने के लिए बेडरूम में घुस गयी.
छोटी बहन कोलगा कि जीजू को पटा कर वह अपनी बहन के साथ लेस्बियन सम्बन्ध बनाकर रख सकेगी.
अब आगे जीजू साली सेक्स कहानी:
सुमित ने उसे प्यार से गले लगाते हुए रीना से कहा, “तुम्हारी बहन तो हीरोइन बन गई है। तेरी नौकरी तो पक्की!”
रात को डिनर के बाद रीना सुमित से बोली, “आइसक्रीम ले आओ!”
सुमित बोला, “चलो सभी चलते हैं!”
रीना बोली, “मुझे किचन संभालना है, कल फिर सरिता के जाना है तो तुम अकेले चले जाओ!”
मीना बोली, “जीजू, चलो मैं चलती हूँ!”
रीना मुस्कुराकर बोली, “जीजू की पूंछ, जा तू चली जा!”
मीना ने शॉर्ट्स और टी-शर्ट पहनी थी।
वो ऐसे ही लपककर सुमित की बाइक पर बैठ गई।
सुमित ने बाइक दौड़ा दी।
मीना सुमित से जानबूझकर लिपट रही थी।
सुमित भी उसके बदले स्वभाव को समझ रहा था।
पर उसे रीना का डर था।
मीना ने अपने मम्मे उसकी पीठ में गड़ा रखे थे और अपनी बाहें उसकी छाती पर लपेट ली थीं।
सुमित ने बाइक शहर के पार्क की और बढ़ा दी, जहां अक्सर कम रोशनी होती थी और चाट ठेले वाले खड़े होते थे।
मीना बहुत नजदीक आ चुकी थी सुमित के।
उसने एक बार आगे होकर सुमित को चूम भी लिया।
सुमित ने एक अंधेरी सी जगह पर गाड़ी रोकी और फिर मीना से कहा, “मुझे परेशान क्यों कर रही हो ज्यादा?”
मीना ने अपने हाथ नीचे किए जो सीधे उसकी जींस के उभार पर जा टिके।
मीना ने उसके कान पर काटते हुए कहा, “परेशानी आपसे ज्यादा इसे हो रही है। आज रात में आपको और रीना को अकेला छोड़ दूंगी। सारी परेशानी मिटा लेना!”
कहकर वो खिलखिला दी।
सुमित ने गर्दन घुमा कर उसे चूमना चाहा तो मीना ने उसके होंठों के आगे होंठ कर दिए।
सुमित के लिए किसी पराई लड़की का पहला होंठों पर चुम्बन था।
रात को सुमित अपने कपड़े लेकर गेस्ट रूम में जाने लगा तो मीना बोली, “नहीं जीजू आज से आप रीना के पास ही सोएंगे। गेस्ट रूम में मैं सोऊंगी!”
रीना और सुमित ने उसे बहुत समझाया पर वो नहीं मानी।
हालांकि रात भर मीना करवटें बदलती रही क्योंकि रीना के कमरे से धीमे-धीमे आती आह-उह की आवाज उसे बेचैन कर रही थी।
उधर सुमित भी रीना की जोरदार चुदाई मीना के ख्याल में कर रहा था।
उसे रीना के मम्मों में मीना के मम्मे नजर आ रहे थे।
सुबह रीना ने मीना को बताया कि वो आज दोपहर बाद अपनी सहेली सरिता के घर जाएगी और देर शाम तक वापिस आएगी।
उसने मीना से भी चलने को कहा।
पर मीना बोली, “मुझे जीजू के साथ कहीं किसी से मिलने जाना है तो कल सगाई में चली चलूंगी!”
सुमित ने मीना से कहा, “तुम 12 बजे करीब ऑटो लेकर आ जाना। वहां से मैं तुम्हें उस कंपनी के एडवाइजर से मिलाने ले चलूंगा!”
मीना दोपहर को सुमित के पास चली गई।
उसने एक सूट पहना हुआ था।
अब किसी से मिलने जाने के लिए तो कपड़े ठीक से ही होने चाहिए।
सुमित उसे मोटरसाइकिल पर ले गया क्योंकि शहर में भीड़ होती है।
जिनसे मिलवाना था उनसे मिलवाकर सुमित ने उसे घर छोड़ा तो रीना घर पर ही थी।
सरिता का भाई अनिल उसे लेने आया हुआ था।
अनिल बहुत स्मार्ट था।
सुमित अनिल के पास बैठ गया।
मीना रीना के कमरे में किसी काम से गई तो उसे बेड अस्त-व्यस्त मिला, जबकि सुबह उसके सामने रीना ने खुद बेड ठीक किया था। बेड के नीचे रीना की पेंटी पड़ी थी।
मीना ने सोचा कि सुबह रीना सफाई में भूल गई होगी।
रीना ने सुमित से कहा, “अब आए तो चाय पीकर जाना!”
मीना से उसने सुमित के लिए चाय बनाने को कहा और खुद अनिल के साथ चली गई।
मीना ने फटाफट कपड़े पहने और एक फ्रॉक डाल ली। सुमित के लिए चाय बनाने वो किचन में गई तो पीछे-पीछे सुमित आ गया और उसे पीछे से लपेट लिया।
मीना समझ गई कि काम हो गया उसका।
वो पलटी और बोली, “जीजू क्या कर रहे हैं?”
पर सुमित तो बौरा गया था उसे देखकर।
उसकी जवानी फ्रॉक से झांक रही थी।
उसने मीना के होंठ पर होंठ जड़ दिए।
मीना ने दिखावटी ऐतराज-सा किया फिर वो भी चूमाचाटी में सुमित का साथ देने लगी।
दोनों की जीभें एक दूसरे का स्वाद ले रही थीं।
सुमित ने मीना का चेहरा अपने हाथों से पकड़ा हुआ था।
मीना अब उससे चिपटे जा रही थी।
सुमित ने हाथ उसकी पीठ पर किए तो उसे एहसास हो गया कि मीना ने ब्रा नहीं पहनी है।
उसने मीना को गोदी में उठा लिया।
मीना कसमसाती रही, “जीजू क्या कर रहे हो, रीना आ जाएगी!”
सुमित बोला, “वो तो अगले 4-5 घंटे नहीं आने वाली!”
सुमित उसे बेड पर ले गया और आहिस्ता से लिटा दिया।
मीना उसे देखकर मुस्कुराती रही और इशारे से उसे नजदीक बुलाया।
उसके मम्मे तीर से तने थे और नीचे चूत की फांके भी शेप दिखा रही थीं।
मतलब उसने चुदाई की पूरी तैयारी कर ली थी।
वो कपड़े उतारने में ज्यादा समय नहीं बर्बाद करना चाहती थी।
सुमित उसके ऊपर झुका और उसे चूमने लगा।
मीना ने उसकी शर्ट के बटन खोलने शुरू किए तो सुमित खड़ा हुआ और हड़बड़ी में अपने सारे कपड़े उतारकर बस बनियान और बॉक्सर में बेड पर चढ़ गया।
मीना बोली, “रूम लॉक करो और लाइट बंद करो!”
सुमित हंसकर बोला, “जब घर ही लॉक है तो रूम क्यों लॉक करूं!”
खैर, सुमित ने डोर और लाइट बंद की।
कमरे में हल्की सी रोशनी बाहर से आ रही थी।
अब दोनों आपस में लिपट गए।
दो जिस्म एक होने को तड़प रहे थे।
मीना कसमसाई, “जीजू, हम ये गलत कर रहे हैं। रीना को पता चल गया तो मैं कहीं की नहीं रहूंगी!”
अब तक सुमित ने उसके मांसल मम्मों को मसलते हुए उन्हें फ्रॉक के ऊपर से ही चूसना शुरू कर दिया था।
उसका मोटा लंड बॉक्सर से बाहर आने को बेताब था।
उसने फुसफुसाते हुए मीना से कहा, “चाहे कुछ हो जाए मुझे तुम्हें अपनी बनाना है!”
मीना ने शॉट मारा, “आप मुझसे शादी करोगे?”
सुमित को जैसे करंट लग गया।
सुमित बोला, “ऐसा कैसे हो सकता है?”
अब तक मीना ने हाथ नीचे करके उसका लंड बॉक्सर के ऊपर से पकड़ लिया था।
सुमित भी उसकी फ्रॉक उठाकर उसकी मखमली चूत जो पानी से भीग गई थी पर उंगली फिरा रहा था।
वो इससे आगे बढ़ता कि मीना ने उसे अपने ऊपर से हटा दिया और बोली, “मैं अपना कौमार्य आप को सौंप रही हूँ और आप कोई वादा नहीं कर रहे!”
अब सुमित बेचैन हो उठा।
उसका दिमाग काम नहीं कर रहा था।
वो मीना को चोदना चाहता था किसी भी कीमत पर।
उसने मीना से पूछा, “तुम क्या चाहती हो?”
मीना बोली, “आप रीना को तलाक दे दो और मुझसे शादी कर लो!”
कहकर मीना ने अपनी फ्रॉक उतार फेंकी और नंगी लिपट गई सुमित से।
उसने सुमित के अंडरगारमेंट्स भी खींचकर उतार दिए।
अब दो नंगे तड़पते जिस्म सूखी बेल की तरह लिपट गए।
मीना पागलों की तरह चूम रही थी सुमित को।
सुमित के हाथ उसकी गोलाइयों पर घूम रहे थे और उसका तना हुआ लंड मीना की रेशमी चूत पर टक्कर मार रहा था।
मीना ने कसमसाते हुए फिर कहा, “सुमित तुमने जवाब नहीं दिया!”
सुमित को तो बस इस समय मीना की चूत नजर आ रही थी।
उसने हाथ नीचे किया और लंड को मीना की गुफा के मुहाने पर रखा।
पर मीना खेली खाई थी, उसकी सोच स्पष्ट थी, उसका लक्ष्य निर्धारित था।
उसने अपने को पीछे किया और बोली, “पहले तुम बताओ, मुझे रखैल बनाओगे या बीवी?”
अब सुमित बोला, “तुम्हीं बताओ मैं क्या करूं। मैं तुम्हें पाना चाहता हूँ। पर रीना भी तुम्हारी बहन है। उसका कुछ तो सोचो। उसकी क्या गलती है?”
मीना बोली, “फिर जाओ उसी के पेटीकोट में जा घुसो!”
कहकर मीना ने अपने को अलग किया।
सुमित मचल गया और उसे अपने से लिपटा लिया।
मीना के जवान जिस्म की गर्मी उसे जला रही थी।
वो कहने ही वाला था कि चलो मैं रीना को तलाक दे दूंगा।
इससे पहले मीना बोली, “एक काम करो। तुम मुझसे भी शादी कर लो। हम दोनों साथ रह लेंगी!”
सुमित बोला, “क्या रीना मान जाएगी?”
इस पर मीना बोली, “ये मेरा काम है। तुम बस उसके और मेरे बीच में मत आना। जब मैं यहां आऊंगी तो तुम उसे उकसाना कि वो मेरे साथ ही सोये। तुम अलग सोना। फिर कभी ऐसा मौका बना लेंगे कि हम तीनों साथ सोएं और फिर उस रात हम तीनों से करेंगे। फिर आगे से ये बात तय हो जाएगी कि हम तीनों साथ-साथ सेक्स करेंगे!”
सुमित तैयार हो गया।
अब मीना नीचे हुई और उसका मोटा लंड अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी।
सुमित को तो ऐसा लगा मानो वो सातवें आसमान पर है।
वो भी मीना की चूत चाटना चाहता था।
दोनों 69 हो गए और एक दूसरे को मजा देने लगे।
अब मीना से भी नहीं रहा जा रहा था।
उसने पिछले आधे घंटे से अपनी चूत को कैसे रोक रखा था, ये तो वो ही जानती थी।
उसकी चूत तो बार-बार पानी छोड़ रही थी।
सुमित ने मीना के पैर सीधे किए और फैला दिए।
उसका लंड मीना की चूत में घुसने को तैयार था।
मीना ने अभी अपनी उंगलियों से अपनी फांकों को चौड़ा दिया और सुमित के लंड को अंदर आने का न्योता दे दिया।
सुमित ने जैसे ही जन्नत की गुफा के मुहाने पर लंड को रखा और हल्का सा धकेला।
लंड तो सीधे मीना की चिकनी चूत में धरक गया।
मीना के लिए जिंदगी की पहली चुदाई थी किसी मर्द के साथ।
उसकी चीख निकल गई।
वो बिलबिला कर सुमित से बोली, “धीरे-धीरे करो!”
सुमित का दिलो-दिमाग उसके काबू में नहीं था।
उसने तो पूरा बेलन अंदर घुसेड़ दिया और लगा पेलम-पेल करने।
मीना को दर्द तो बहुत हुआ पर आज उसका एक सपना पूरा ही रहा था।
वो लिपट गई सुमित से और उसका साथ देने लगी।
मीना का मादक जिस्म और अनछुआ कौमार्य सुमित को दीवाना कर रहा था।
रीना की जब उसने चुदाई की तो वो उसकी पत्नी थी पर मीना उसकी प्रेयसी है।
अब मीना ने उसे नीचे किया और खुद ऊपर चढ़कर उछलने लगी।
उसके मांसल मम्मे हवा में झूल रहे थे।
मीना का होने को था।
सुमित ने उसे कसके जकड़ा और फिर नीचे कर दिया।
सुमित का हो गया।
उसने सारा माल मीना की चूत में निकाल दिया।
मीना चीखी, “ये क्या कर दिया! बता तो देते!”
पर अब क्या हो सकता था।
सुमित बोला, “परेशान मत हो, मैं दवाई ला दूंगा!”
दोनों उठे और वॉशरूम में चले गए।
सुमित तो थोड़ी देर में ऑफिस चला गया और मीना कपड़े पहनकर मुंह ढक के सो गई।
जीजू साली सेक्स कहानी आपको कैसे लगी?
मेल और कमेंट्स करके मुझे बताएं.
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