लेस्बियन सिस्टर्स हॉट लव स्टोरी में हनीमून के बाद बड़ी बहन मायके आई तो उसकी छोटी बहन अपनी बहन के साथ समलिंगी सेक्स करने के बेचैन थी, दोनों बेडरूम में घुस गयी.
कहानी के पहले भाग
लेस्बियन लड़की की शादी और पहली रात
में आपने रीना और मीना में से रीना की शादी के बाद उसकी सुहागरात की चुदाई पढ़ी.
अब आगे लेस्बियन सिस्टर्स हॉट लव स्टोरी:
सुबह 8 बजे उनके दरवाजे पर तूफान मेल यानी मीना आ धमकी।
रीना ने अंदर से कहा, “अभी हमें देर लगेगी।”
तो मीना जोर से बोली, “मुझे अंदर आने दे, मैं तुम दोनों को तैयार करा दूंगी!”
अब हंसते हुए सुमित ने रीना से कहा, “ये पीछा नहीं छोड़ेगी। चलो कपड़े पहन लो।”
सुमित तो कपड़े पहनकर बाहर चला गया।
रूम का डोर लॉक करके मीना रीना से जा लिपटी।
मीना बोली, “मुझे बता कि क्या-क्या किया तुम दोनों ने!”
रीना बोली, “अब तू भी शादी कर ले तो तुझे फिर पूछना नहीं पड़ेगा कि मैंने क्या-क्या किया!”
मीना रो पड़ी।
मीना बोली, “तुझसे पहले ही कह दिया था कि मैं शादी नहीं करूंगी। मेरे लिए तू ही मेरा सबकुछ है। तू तो एक रात में ही बदल गई।”
अब रीना उसे कैसे समझाती कि पति के साथ जो सुख मिलता है, वो सुख लेस्बियन होने में नहीं।
खैर, उसने समझा-बुझाकर कुछ झूठ बोलकर मीना को शांत किया।
दोपहर बाद दोनों परिवार वापिस आ गए।
मीना रीना के साथ जाने की जिद कर रही थी.
तो उनकी मां ने समझाया कि नयी ससुराल है रीना की, कुछ दिन बाद चली जाना।
रीना अपनी ससुराल आ गई।
शाम को सुमित के पिताजी ने एक रिसेप्शन रखा था।
तो आते ही ब्यूटी पार्लर और फिर मेकअप।
रिसेप्शन से निपटकर दोनों थके थे तो बस ऐसे ही लिपटकर सो गए।
आज सेक्स के नाम पर कुछ नहीं हुआ।
अगली रात को दोनों की थाईलैंड की टिकट्स थीं।
तो अब तो सुहागरात का दूसरा चरण पटाया में ही होना था।
पटाया का रंगीन माहौल उनके हनीमून के मजे को दोगुना कर रहा था।
दोनों ही छोटे से छोटे कपड़े पहने थे।
थाईलैंड में जाकर कपड़े पहनना तो मात्र एक औपचारिकता होती है।
उनका रिसोर्ट बहुत मस्त था।
इन पांच दिनों में सुमित और रीना ने जिंदगी को भरपूर तरीके से जिया।
मीना रीना को बार-बार फोन न करे, इसके लिए सुमित ने ही एक तरीका बताया।
रीना अपना फोन यहीं छोड़ गई और सुमित ने भी वहां का सिम ले लिया जिसका नंबर सिर्फ सुमित के पिता के पास था।
अब मीना की इतनी हिम्मत तो थी नहीं कि वो उनसे नंबर लेती।
पर हाँ, इससे रीना और सुमित को भरपूर प्राइवेसी मिली।
दोनों ने जमकर चुदाई की।
ऐसा लग रहा था कि सुमित से ज्यादा रीना को चुदाई का बहुत शौक हो।
वो तो उसकी सील अगर सुहागरात पर न फटी होती तो शायद सुमित ये सोच जाता कि इसने पहले सेक्स किया हुआ है।
पर रीना सुमित की दीवानी हो गई थी।
अब दोनों न दिन देखते न रात।
थाईलैंड तो वैसे भी ऐसा डेस्टिनेशन है, जहां किसी को किसी से कोई मतलब नहीं।
तो बस उन्हें जब जहां मौका मिलता वे शुरू हो जाते।
इन पांच दिनों में सुमित और रीना ने कामसूत्र का हर आसन ट्राई किया।
सुमित ने रीना की टांगें सीधी होने ही नहीं दीं।
रीना ने उसे ये अहसास कराया कि जितना मजा लंड को चूत के अंदर आता है उससे ज्यादा कहीं मजा वो उसका लंड मुंह से चूसकर दे सकती है।
रीना ने सुमित को किसी बात के लिए मना नहीं किया, सिर्फ एक बात के कि पीछे से मत करो।
असल में रीना पिछवाड़े में लंड लेकर हनीमून का मजा खराब नहीं करना चाहती थी।
सुमित का लंड था भी खासा मोटा।
सुमित रंगीन तबियत का साबित हुआ।
रीना ने उसे दूसरी लड़कियों के मम्मे और पेंटी लाइन को ताड़ते पकड़ा तो वो हंस दिया और बोला, “यार ये सब तुम्हारा जादू है मुझ पर। वरना इससे पहले तो मैंने कभी किसी के ताड़े नहीं।”
रीना ने एक बार उसे ऊपर से छोड़ते समय पूछा, “क्या कभी पहले सेक्स किया है?”
इस पर सुमित ने ईमानदारी से कहा, “नहीं किया।”
अब रीना ने दूसरा वार किया, “यदि कोई अब दूसरी मिल जाए तो करोगे?”
सुमित यहीं गच्चा खा गया, वो बोला, “जब तुम हो तो मैं दूसरी से क्यों करूंगा?”
अब रीना बोली, “इसका मतलब कि कभी मैं न हूँ, और तुम्हें दूसरी मिले तो कर लोगे?”
सुमित फंस गया।
उसने रीना को नीचे पलटा और उसकी चूत में लंड पेलते हुए बोला, “तुम्हारे जैसी दूसरी मिलेगी कहां और तुम मुझे छोड़ोगी क्यों?”
रीना बोली, “मेरा तो मन है कि एक बार किसी और के साथ भी मैं करूं और तुम देखो और फिर तुम करो मैं देखूं!”
सुमित के लंड में सुरसुराहट बढ़ गई।
उसने पेलम-पेल करते हुए रीना की चूत अपने माल से भर दी।
फिर हंसते हुए बोला, “यार ये कहां की बात ले आईं। देख जल्दी हो गया!”
इस पर रीना बोली, “दूसरी चूत के ख्याल से ही जल्दी हो गया। और जब दूसरी मिलेगी तो क्या होगा?”
दोनों हंस पड़े।
रीना ने मौका देखकर सुमित को इस बात के लिए मना लिया कि मीना जब चाहे वो रीना के पास रहने आ सकती है।
मीना का जिक्र आते ही सुमित को लगता कि माहौल ज्यादा खुशनुमा हो गया है।
साली तो आखिर साली ही होती है।
और फिर मीना जैसी साली जो हर बात के लिए तैयार रहती थी।
रीना और सुमित वापिस आ गए।
रीना दो-चार दिन बाद तीन दिनों के लिए मायके आ गई।
आती कैसे नहीं, मीना ने दुखी कर रखा था फोन कर-करके।
इधर सुमित उसे जाने देने को तैयार नहीं था।
वो तो बड़ी मुश्किल से सुमित की माताजी ने रीना के एक हफ्ते के प्रोग्राम को तीन दिन किया तब सुमित माना।
जिस दिन रीना को सुबह जाना था, पूरी रात सुमित और रीना ने चुदाई की।
सुमित ने अपना हनीमून का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
वो सुबह 4 बजे भी तब सोए जब रीना बोली, “यार चुदते-चुदते मेरी चूत भी दुख रही है और मेरे मम्मे तो तुमने मसल-मसलकर लाल कर दिए हैं!”
दुख तो सुमित का लंड भी रहा था क्योंकि रीना ने अपनी जान बचाने को उसे चूसते समय उसके टोपे की चमड़ी को खींच दिया था जिससे सुमित को अब दर्द हो रहा था।
रीना को मालूम था कि कल रात उसके मम्मे और चूत दोनों आज से भी ज्यादा दुखेंगे क्योंकि वहां मीना बैठी है भूखी शेरनी की तरह उसकी इज्जत लूटने को।
रीना के मायके पहुंचते ही मीना ने उसे मां-बाप के पास ज्यादा बैठने नहीं दिया और हंसते हुए खींच ले गई अपने रूम में और जाते ही डोर बंद कर लिया।
रीना ने मुस्कुराते हुए उससे कहा, “देख मेरा पूरा जिस्म दुख रहा है। मुझे थोड़ी देर सोने दे।”
मीना मान गई पर इस वादे के साथ कि रात को जल्दी रूम में आ जाना और जीजू से कह देना कि फोन न करें।
दिन में रीना से मिलने और रिश्तेदार भाभियां और उसकी सहेलियां आती रहीं।
रात को नींद आने का बहाना करके रीना अपने रूम में आ गई।
मीना भी उसके पीछे-पीछे आ गई।
रीना ने मजाक में कह दिया, “मेरी पूंछ बनकर क्यों घूम रही है?”
मीना बुक्का फाड़कर रो पड़ी।
उनकी मम्मी भी दौड़ी आईं कि क्या हुआ।
मीना बोली, “ये इतनी बदल गई। पहले मेरे बिना रहती नहीं थी अब कह रही है कि मैं क्यों पूंछ बनी घूम रही हूँ!”
मम्मी ने भी रीना को ही डांटा, “ये बिचारी तो जब से तू गई है ठीक से खाना भी नहीं खा रही। हर समय गुपचुप रहती है और तू इसे डांट रही है!”
कहकर वो तो चली गईं।
रीना ने कमरा बंद किया और मीना को गले लगा लिया।
रीना बोली, “मैं भी तेरे बिना अधूरी हूँ। पर अब क्या करूं अब हम दोनों के बीच तेरे जीजू आ गए हैं!”
मीना रोते हुए बोली, “तेरा पति तो तेरे पास है, पर मैंने तो तुझे अपना पति माना था। हम रहते भी ऐसे ही थे। अब क्या हुआ?”
रीना चुप थी।
उसने मीना को लिपटा लिया अपने से और बोली, “चल अब चुप हो जा!”
मीना बोली, “मैं तो आत्महत्या कर लूंगी!”
रीना ये सुनकर स्तब्ध रह गई।
बात बहुत आगे तक बढ़ गई थी।
रीना भी रो पड़ी और बोली, “तू ऐसा कुछ नहीं करेगी। मैं हूँ न तेरे साथ!”
दोनों लिपट गईं।
मीना ताबड़-तोड़ चूमने लगी रीना को।
रीना भी अब ये भूल चुकी थी कि उसकी तो अब शादी हो चुकी है।
वो भी मीना का पहले की तरह पूरा साथ दे रही थी।
मीना ने अपने और रीना के कपड़े उतार दिए।
दोनों एक बार फिर लेस्बियन हो गईं।
मीना ने अपने मम्मे रीना के मुंह में ठूंस दिए।
रीना को मालूम था कि इस समय मीना को कैसे शांत किया जा सकता है।
वो उसके मम्मे मसल-मसलकर चूसने लगी।
मीना अब 69 होकर रीना की चूत में उंगली और जीभ कर रही थी।
रीना की चूत एकदम चिकनी थी।
मीना ने पूछा, “इतनी चिकनी क्यों कर रखी है? क्या जीजू को चिकनी पसंद है?”
अब रीना क्या कहती … वो बोली, “नहीं कल ही की है, तेरे लिए!”
रीना तीन दिन के लिए आई थी।
तीसरे दिन सुमित को आना था उसे लेने।
मीना ने सुमित से लड़-झगड़कर उसका प्रोग्राम दो दिन बाद करवा दिया।
इन 4-5 दिनों में मीना ने रीना को खूब सताया।
वो तो चाहती थी कि दिन में भी दोनों बेड पर एक दूसरे में खो जाएं।
पर रीना भी अब घबरा रही थी मीना के पागलपन से।
उसने मीना को पढ़ाई में मन लगाने को समझाया और फिर एकांत में मम्मी से बात की कि मीना के लिए भी लड़का देखो।
उसकी मम्मी को भी मीना की हरकतें अच्छी नहीं लग रही थीं।
जब सुमित आया तो मीना ने तो उसे एक मिनट के लिए भी चैन नहीं लेने दिया।
सुमित भी मीना के लिए गिफ्ट्स लाया था।
उसे मीना का लड़कपन भा रहा था।
मीना उससे ऐसे ही लिपटती-चिपकती जैसे वो उसकी माशूका हो।
रात को सोने का नंबर आया तो मीना अड़ गई कि मैं तो रीना और जीजू के साथ ही सोऊंगी।
बड़ी मुश्किल से उसकी मम्मी ने उसे समझाया।
अब हर महीने किसी न किसी बहाने से मीना रीना के पास आ जाती और एक दिन रूककर ही जाती।
असल में सुमित और रीना अपने नए फ्लैट में अकेले रहने लगे थे और सुमित के माता-पिता अपनी पुरानी कोठी में ही रहते थे।
जब भी मीना रीना के पास आती, उस रात सुमित को अलग कमरे में सोना पड़ता और रीना और मीना एक दूसरे की बाहों में खो जातीं।
मीना का लेस्बियन सेक्स अब पागलपन की सीमा तक आ गया था।
एक बार रीना ने उसे समझाया कि उसके यहां आने से रीना को तो कोई दिक्कत नहीं है, पर सुमित बुरा मान सकता है।
मीना ने मन ही मन में सोचा कि ये सुमित ही उसके रास्ते का कांटा है।
एक तो उसके मन में ख्याल आया कि किसी तरह रीना और सुमित का तलाक करवा दे।
पर वो रीना से बहुत प्यार करती थी तो उसे अपनी सोच पर शर्म आई।
फिर दूसरा ख्याल उसके दिमाग में ये आया कि किसी तरह अगर वो सुमित को काबू कर ले तो सुमित उसे रीना से मिलने को नहीं रोकेगा।
मीना को अगले महीने ही रीना के पास जाने का मौका मिल गया।
उसका कोई इंटरव्यू निकल आया उसी शहर में।
उसने सुमित से पूछा तो उसने जोर दिया कि वो एक-दो दिन पहले आ जाए। वो कोई सोर्स निकालेगा।
असल में सुमित भी मीना के लटके-झटके से घायल था।
इतनी हॉट साली की उसे कल्पना ही नहीं थी।
मीना जब भी उससे लिपटती उसके मम्मे सुमित को अपनी छाती में गड़ते महसूस होते।
उसके जाने के बाद जब भी वो रीना को चोदता, उसके दिमाग में मीना ही होती।
तो इस बार जाने से पहले मीना ने अपने लुक को और मॉडर्न किया।
ब्यूटी पार्लर में समय देकर, हेयर स्टाइल चेंज करके और नेल पेंट वगैरह चमकाकर वो इस बार दो-तीन दिन के लिए रीना के पास आई।
हालाँकि रीना इस समय कुछ बिजी थी।
उसकी एक खास सहेली सरिता के देवर की सगाई और शादी थी तो रीना रोज पूरे-पूरे दिन के लिए उसी के घर जाती थी।
मीना जिस दिन रीना के पास आई, उसे आते-आते शाम ही हो गई थी।
रीना ने बड़े प्यार से गले लगाकर उसका स्वागत किया और कहा, “तू तो बिलकुल बदल गई। बड़ी प्यारी लग रही है!”
सुमित घर पर नहीं था।
मीना ने भी उससे लिपटते हुए कहा, “आज से मैं तेरे को जीजू के साथ ही सोने दूंगी, ज्यादा परेशान नहीं करूंगी!”
रीना ने उसे लिपटा लिया और बोली, “ऐसे कोई तू मुझे परेशान नहीं करती, बस सोचती हूँ कि कहीं सुमित बुरा न मान जाए। वैसे मेरा मन भी तेरे बिना नहीं लगता। अब तू शादी कर ले!”
मीना बोली, “कर लेती हूँ तेरे साथ। बोल करेगी?”
कहकर वो हंस दी।
तभी सुमित आ गया।
मीना बाहें फैलाते हुए सुमित से जा गले मिली।
अभी तक की लेस्बियन सिस्टर्स हॉट लव स्टोरी कैसी लग रही है?
मुझे मेल और कमेंट्स में बताएं.
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