मैरिड वुमन सेक्स कहानी में फेसबुक पर एक लड़की ने मुझे दोस्त बनाया. उसने बताया कि वो शादीशुदा है और उसे बच्चा नहीं हो रहा. उसने मेरी मदद मांगी.
दोस्तो, आशा करता हूँ कि आप सभी लोग ठीक होंगे.
मैं raatkibaat का नियमित पाठक हूं और अब तक लगभग सभी कहानियां पढ़ चुका हूँ.
मेरा नाम फैज है, मैं कानपुर का रहने वाला गोरा-चिट्टा लड़का हूँ. मेरी उम्र पच्चीस वर्ष है.
मेरी इस मैरिड वुमन सेक्स कहानी की शुरूआत 2019 की गर्मी के बाद की है.
एक दिन की बात है, मैं फेसबुक चला रहा था.
उधर एक सनम नाम की लड़की की फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट की नोटिफिकेशन आयी.
मैंने तुरंत उसकी रिक्वेस्ट को स्वीकार कर लिया.
उस दिन मैं भी जल्दी ही ऑफ लाइन हो गया और उससे कुछ खास बात भी न हो सकी.
उसके अगले दिन उसने हैलो मैसेज किया और मैं उससे बात करने लगा.
फिर इस तरह कुछ दिनों तक हमारी बात धीरे धीरे आगे बढ़ती गई.
बातचीत से पता चला कि वह भी कानपुर की है.
बाद में जो डिटेल मिली, उसके अनुसार सनम 28 वर्ष की विवाहित सुन्दर शरीर की मालकिन थी.
उसका फिगर साईज 34-30-36 का था और वह सवा पांच फिट के आसपास लंबी थी.
जब उसने पहली बार अपनी तस्वीर भेजी, तो मैं सनम को देखते ही सपनों में चोदने लगा.
उसे याद करके अपने हाथों से अपनी मुठ मार कर खुद को शान्त करने लगा.
इसी के साथ साथ लगभग एक महीने तक हमारी सामान्य बातें होती रहीं.
फिर एक दिन उसने बताया कि उसके शौहर का लंड ठीक से खड़ा नहीं होता और उसके ससुराल वाले बच्चे की ख्वाहिश कर रहे हैं.
मैंने कहा- तुम्हें किसी अच्छे डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए.
सनम- बहुत से डॉक्टरों से इलाज हो चुका है. किसी की भी दवा मेरे शौहर को फायदा नहीं कर रही है. अब आप ही कुछ मदद करें.
मैंने कहा- भला मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूँ!
सनम- अगर आप चाहें तो आप मेरी पूरी मदद कर सकते हैं.
मैं उसकी बातों से समझ चुका था कि ये मुझसे चुदवा कर बच्चा लेना चाहती है.
फिर भी मैंने अनजान बन कर पूछा- इसमें मैं क्या करूं … आपके शौहर ही कुछ करेंगे!
सनम- मेरे शौहर का वीर्य मुझे गर्भवती नहीं कर सकता है. आप मेरे शौहर की भूमिका निभा कर मुझे मां बना दें!
उसके ऐसा कहते ही मानो मेरी किस्मत खुल गयी थी.
इतनी खूबसूरत दिखने वाली लड़की मुझसे चुदने की बात कह रही है!
मैंने कहा- ऐसा करने से मुझे समस्या आ सकती है!
सनम- आपको कोई समस्या नहीं आएगी, इस बात का मैं वादा करती हूं और मेरे शौहर भी इसमें साथ देंगे कि ताकि आपको कोई तकलीफ न हो.
मैंने कहा- अगर ऐसा है, तो ठीक है लेकिन ये काम होगा कहां?
सनम- आपको मेरे घर पर आना पड़ेगा. मैं जल्द ही अपने शौहर से बात करके सब कुछ प्लान करके आपको बता दूंगी.
मैंने कहा- ठीक है, मैं आपके संदेश का इंतजार करूंगा.
इसके दो दिन बाद सनम का वापस मैसेज आया- मुझे मेरे शौहर की सहमति मिल गयी है. अब आपको एक हफ्ते बाद रोजाना आना पड़ेगा. तब तक मेरा ओव्यूलेशन का समय आ जाएगा!
मैंने कहा- ठीक है.
सनम- आप अपना नंबर भेज दीजिए, मेरे शौहर आपको कॉल करके बुला लेंगे.
मैंने तुरंत नंबर भेज दिया और उसके शौहर के फोन के आने का व तयशुदा दिन का इंतजार करने लगा.
फिर यही कोई पांच दिन बाद नए नंबर से कॉल आयी.
मेरा नाम पूछा गया, फिर उसने अपना परिचय बताया.
वह बोला कि दिन में उसके घर वाले सब सोते हैं, तो कल से दोपहर में आना ठीक रहेगा.
मैंने कहा- ठीक है.
उसी रात उसने मुझे अपने घर बुलाया.
उसका घर काफी बड़ा था जिसमें सनम उसके शौहर और सनम की सास रहती थी.
सनम का शौहर मुझे अपने रूम में ले गया और उसने मुझे सनम से मिलाया.
रियल में सामने से देखते ही मैं तो उसमें खो सा गया.
वह फोटो से कई गुना ज्यादा खूबसूरत दिख रही थी और ऐसे लग रही थी, जैसे कोई हुस्न की अप्सरा मेरे सामने बैठी हो.
उस समय उसने सलवार कुर्ता बिना दुपट्टा के पहना हुआ था, जिससे उसके शरीर का एक एक अंग स्पष्ट दिख रहा था.
खास तौर से उसके दोनों दूध मेरे लौड़े को आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रहे थे.
वह मेरे सामने आकर बैठ गयी.
मेरा पूरा ध्यान उसकी चूचियों पर टिका हुआ था.
तभी उसने मेरी नजर भांप कर एक हरकत की.
उसने अपने दोनों पैर फैला कर कुछ इस तरह से इशारा सा किया कि मेरी नजरें उसकी टांगों के जोड़ पर टिक गईं.
वह हल्की सी मुस्कुरा दी.
अब मैं बार बार उसके दूध और चुत को देखता हुआ अपनी कामुक भावनाओं में भटक गया था.
उसका शौहर मुझसे न जाने क्या कुछ बोले जा रहा था, पर मैं तो सनम को अपनी कल्पनाओं में ही चोदने लगा था.
फिर अचानक से सनम ने आवाज दी- क्या हुआ?
वाह क्या सुरीली मीठी आवाज थी!
उसकी मीठी आवाज सुनते ही मेरे मुँह से अचानक निकल गया- बच्चा हो जाएगा!
फिर हम तीनों हंस पड़े.
कुछ बातें हुईं और मैं वापस घर आ गया.
यह मुलाकात हम दोनों में सहजता कायम करने के लिए हुई थी.
अपने बिस्तर पर आकर मेरे दिमाग में चल रही सनम की चुदाई का भूत इस कदर चढ़ गया था कि मुझे दो बार मुठ मार कर लंड को समझाना पड़ा.
उसके बाद मैंने बाथरूम में जाकर अच्छे से अपनी झांटें बनाईं और नहा लिया.
उसके अगले दिन उसके शौहर की कॉल आई.
वह बोला- तीन बजे तक आप घर आ जाइए!
उसके बताए समय पर मैं जा पहुंचा और मैंने उसे मिस कॉल दी तो वह मुझे लेने नीचे आ गया.
उसका रूम दूसरी मंजिल पर था.
वहां सनम पहले से रूम में थी और उधर का माहौल उसने अपनी बेपनाह खूबसूरती से खुशगवार बना कर रखा था.
उसके शौहर हम दोनों को अकेला छोड़ कर और एंजॉय बोल कर दूसरे कमरे में चला गया.
कुछ पल हमारे बीच ख़ामोशी बनी रही.
मैंने भी सोचा कि इसके साथ पहल किधर से की जाए!
फिर चुप्पी तोड़ते हुए मैंने कहा- आप तो आज बहुत हॉट लग रही हो!
सनम- जी, अब आपके लिए तो इतना करना पड़ेगा.
मैंने खुला सही समझा और अपनी बात को ठोक कर कहा- हां, बात तो सही है, चुदाई के लिए थोड़ा संवरना भी जरूरी होता है!
यह कह कर मैंने उसकी तरफ अपना हाथ बढ़ाया तो वह उठ कर मेरे पहलू में आ गई.
वह हंस दी और मेरे कंधे से सर टिका कर मेरे गाल पर अपनी गर्म सांसें छोड़ने लगी.
मैंने उसे अपने साथ उठाते हुए धीरे से पलंग पर लेटा दिया और खुद भी उसके ऊपर चढ़ गया.
मैं उसके होंठों से होंठ मिला कर नर्म मुलायम होंठ का रस पीने लगा.
वह भी मेरा साथ देने लगी.
मैंने उसके होंठ को काटा तो जवाब में वह भी मेरे होंठों को काटने लगी.
हम दोनों में मुख मैथुन होने लगा.
कभी मेरी जीभ उसके मुँह को चोदने लगती तो कभी उसकी जीभ मेरे मुँह में घुस कर खुद चुदने लगती.
कुछ देर चुंबन के बाद उसके गले पर चुंबनों की बारिश कर दी.
मैंने भी उसे चूमना चालू कर दिया.
कुछ ही देर में वह मदहोश हो गई और मदभरी सीत्कारें भरने लगी.
अब चूचियों की बारी आयी, तो मेरे खेल में उसके कपड़े बाधा डाल रहे थे.
मैंने उसे देखा तो उसने मेरे मन की भावना को मानो पढ़ लिया और अपने पूरे कपड़े उतार दिए.
वह सिर्फ पैंटी में रह गयी.
उसके चूचे इतने बड़े थे कि एक हाथ में आ ही नहीं सकते थे.
मैंने एक एक करके दोनों चूचों को चूसना शुरू किया और वह मेरा सर अपने हाथों से चूचों पर दबाने लगी.
उसके मुँह से आवाज आने लगी- आह सी सी आह और तेज चूसो!
फिर मैंने नीचे हाथ ले जाकर उसकी चूत को टटोला, तो वहां का मुहल्ला बहुत ही ज्यादा गर्म लग रहा था.
मेरी उंगली के चुत पर स्पर्श पाते ही वह उछल पड़ी.
मैं समझ गया कि अब लौंडिया बहुत गर्म हो गयी है!
मैं उसकी दोनों चूचियों को तकरीबन दस मिनट तक चूसता रहा और उसके दोनों निप्पलों को चूस चूस कर लाल कर दिया.
इसके बाद अब उसकी चूत चूसने की बारी थी.
मैंने सनम की पैंटी को नीचे खिसकाया तो मेरे सामने उसकी पाव रोटी की तरह फूली और पूरी तरह सफ़ाचट चूत आ गई थी.
उसकी चुत से थोड़ा थोड़ा रस बाहर आ रहा था.
अचानक से मैंने उसकी चूत पर मुँह रख दिया, जिससे वह चौंक गयी और मेरे सर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी.
‘आह आह चूस लो इसे … कितनी अच्छी तरह कर रहे हो… आह आज तक मेरे शौहर ने ऐसा नहीं किया आह खा जाओ इसे… साली बहुत परेशान करती है… चूस कर सारा रस निचोड़ लो इसका आह… बहुत आग लगी है इसमें!’
फिर कुछ ही देर में उसका दबाव बढ़ गया और अचानक से उसकी चूत ने ढेर सारा पानी छोड़ दिया, जिसे मैं पूरा पी गया.
उसका स्वाद थोड़ा ज्यादा नमकीन लगा.
अब उसके लंड चूसने की बारी थी.
मैं उसके मुँह को पकड़ कर अपने लंड के पास लाया तो वह समझ गयी.
उसने भी एक ही झटके में पूरा लौड़ा अन्दर तक गटक लिया और अन्दर बाहर करती हुई चूसने लगी.
वह पूरी पक्की रंडी की तरह लंड चूसे जा रही थी.
मुझे इतना मजा आ रहा था कि शब्दों से बयान करना मुश्किल है.
मेरे मुँह से सिसकारी आने लगी.
सनम भी पूरे जोश में आ गयी.
‘गों गों … उंग उंग’ करती हुई वह पूरी तन्मयता से लंड चूस रही थी और टट्टों को भी चाट रही थी.
जब उससे रहा नहीं गया तो कहने लगी- अब बहुत देर हो गयी, जल्दी से चोद दो … मुझसे बर्दाश्त नहीं होता.
मैंने भी देर ना करते हुए उसे लिटाया और लंड को चूत पर सैट किया ही था कि उसने ऊपर से मुझे नीचे खींच लिया.
चूत गीली होने के कारण पूरा लंड सरसराता हुआ एक ही बार में अन्दर चला गया.
क्या बताऊं यारो, लंड के चूत में जाते ही मानो मैं तो किसी दूसरे गोले पर चला गया था.
उसके मुँह से भी आह की आवाज आई.
मेरे लंड को जैसे गर्म भट्टी में जगह मिली हो, वह झुलसने लगा था.
सनम ‘आह ओह …’ करके आवाज निकालने लगी. मुझे भी उसकी आहों से मज़ा आ रहा था.
मैं- आज तेरी बुर का भोसड़ा बना दूँगा.
सनम- आह हां मेरे राजा … पहले और तेज झटके लगाओ उम्म आह फास्ट!
मैंने झटकों की स्पीड बढ़ा दी और बोला- आज तू और तेरी चूत दोनों रहम मागेंगी!
सनम- हां आह … उम्म … यस आह … और तेज … बहुत दिनों के बाद इस चूत को मज़बूत लंड मिला है .. आह पूरा खा जाऊंगी उम्म!
मैं- तेरा ही तो है ये अब … खा जा बहन की लौड़ी!
मैंने गाली दी तो वह भी मुझे गाली देने लगी और बोली- चोद दे बहन के लंड अपनी इस रंडी को आह!
इसी तरह की गालियों के साथ साथ मस्त चुदाई चलने लगी थी.
तकरीबन दस मिनट तक ताबड़तोड़ चुदाई चलती रही.
सनम अपने चरम पर आ गई थी शायद इसलिए वह अकड़ने लगी.
सनम- आह बेबी येस ओह माय गॉड या ओह उम्म… मैं आ रही हूँ तेज!
उसने अपने पैरों से मेरी कमर को पकड़ लिया और एक बार झड़ गयी.
उसकी चूत से सारा रस रिस-रिस कर बाहर आ रहा था, जिससे लंड को गर्मी महसूस हुई.
फिर कुछ ही झटकों में मैंने पूरा वीर्य उसकी चूत में भर दिया.
झड़ कर मैं निढाल हो गया और उसके ऊपर लेट गया.
तभी उसका शौहर पीछे से आकर मेरे लंड को पकड़ कर चूसने लगा.
शुरू में तो अचकचा गया कि ये भोसड़ी का क्या करने आ गया.
उसके लंड चूसने से मुझे गुदगुदी होने लगी.
आज पहली बार किसी युवक से लंड चुसवाने का अवसर था … लेकिन कुछ ही मिनट बाद मेरे लंड ने अपना असली रूप लेना शुरू कर दिया.
तब तक सनम ने भी अपनी गांड के नीचे तकिया लगा कर पैर ऊपर कर लिए, जिससे वीर्य अन्दर बच्चेदानी तक पहुंच जाए.
मौका देखते ही मैं सनम के बगल में लेट कर चूची चूसने व दबाने लगा.
अब हम तीनों लोग एक दूसरे से लगे हुए थे.
सनम के शौहर ने मेरे लंड को चूस कर पूरी तरह सख्त कर दिया.
मैं फिर से सनम की चुदाई करने के लिए उसके ऊपर चढ़ गया.
सनम ने भी मौका देख कर लंड को पकड़ लिया और उसे अपनी चूत के मुँह पर सैट कर दिया.
मैं झटका दे दिया और पूरा लंड उसकी गुफा में उतार दिया.
उसके मुँह से मीठी सी आह निकली और वह चुदने लगी.
कुछ देर बाद वह मुझे नीचे लेटा कर खुद लंड पर बैठ गयी.
अब वह उछल उछल कर मेरे लंड को चोदने लगी.
उसकी चूचियों को उछलता देख कर मैंने अपने दोनों हाथों से एक एक चूची को पकड़ लिया और दोनों को दबाने लगा.
जितनी तेज सनम उछलती, उतनी ही तेज आवाज से वह ‘आह … आह … माइ लव’ करती जा रही थी.
उसकी चूत जब झड़ी तो सारा रस मेरे लंड के रास्ते नीचे आता रहा.
पांच मिनट तक वह थक कर रुक गयी, तो मैं वापस उसे अपने नीचे लेटा कर ऊपर चढ़ गया और चोदना शुरू कर दिया.
उसका शौहर सामने सोफ़े पर बैठ कर अपनी पत्नी की चुदाई देख रहा था.
इधर हम दोनों लगातार एक दूसरे को झटके देते रहे.
वह भी गांड उठाए बार बार और हर झटके का जवाब देती रही.
मेरा दूसरा राउंड था, इसलिए लंड जल्दी झड़ने का नाम भी नहीं ले रहा था.
जबकि वह इतनी देर में दो बार झड़ चुकी थी और थक कर शांत लेट गयी थी.
लौड़े की लंबी चुदाई से उसकी चूत में दर्द होने लगा और वह मुझको रोकने लगी.
उसकी परेशानी को समझ कर मैंने भी रुकना ठीक समझा, पर लंड को शान्त करने के लिए कुछ न कुछ तो करना ही था.
मैंने सोचा कि क्यों ना इसकी चूचियां चोदी जाएं.
बस मैंने उसकी दोनों चूचियों पर तेल लगाया और मम्मों के बीच में लंड रगड़ कर उसे चोदने लगा.
पांच मिनट बाद माल आने को हुआ तो मैंने फिर से अपना लंड सनम की चूत में डाल दिया और पूरे वीर्य की एक एक बूंद को उसकी चूत में छोड़ दिया.
दो बार की चुदाई के बाद मैं भी काफी थक गया था, तो आधा घंटा लेटा रहा … फिर वहीं नहा कर वापस घर आ गया.
उसके शौहर ने अपने ऑफिस से एक सप्ताह की छुट्टी ले ली थी, जिससे उसके रहते हुए घर में ही मैं सनम की सही चुदाई कर सकता था.
अगले दिन सनम की ननद आ गयी, तो उसने मैसेज किया कि आज दिन में नहीं आना मेरी ननद आई हुई है!
उसने दिन में आने का मना कर दिया और रात में दस बजे के बाद आने का तय कर लिया.
उसके घर में मुझे रात भर रह कर उसकी चुत चुदाई करनी थी और सुबह तक उधर ही रुकना था.
मैंने भी ‘ठीक है’ बोल दिया और घर में ‘दोस्त के घर काम है’ बोल कर निकल गया.
रात में उसके घर पहुंचते ही सबसे पहले उसने दूध पिलाया और बताया कि दूध में दवा मिली थी.
हालांकि उसने इसके बारे में मुझे बाद में बताया था.
उसका शौहर पहले दिन की तरह अलग कमरे में चला गया.
हम दोनों टीवी देख कर धीरे धीरे शुरूआत करने लगे.
तब तक दूध में मिली दवा का असर होने लगा था तो मैंने उससे पूछा कि दूध में कुछ मिलाया है क्या?
वह मुस्कुरा दी- हां ताकत मिलाई है!
मैंने कहा- क्यों सांड बना रही हो! चुत का भोसड़ा बना दूंगा साली!
वह हंस दी.
उस रात हम दोनों की चुदाई हुई तो पहला राउंड जोश जोश में जल्दी निकल गया.
असली चुदाई तो उसके बाद हुई, जिसमें दोनों ने जमकर मज़ा लिया.
उस रात चार बार मैंने सनम को अलग अलग स्टाइल में चोदा.
मैरिड वुमन सेक्स करने के बाद फिर सुबह जल्दी उठकर उसके घर से निकल गया.
इस तरह लगातार एक सप्ताह तक मैंने उसकी चुदाई की.
अगले महीने उसने बताया कि उसका पीरियड यानी मासिक धर्म नहीं आया.
डॉक्टर ने भी बताया कि वह गर्भ से है.
बच्चा होने के बाद अब जब भी हम दोनों में से किसी का भी चुदाई का मन करता है, तो उसी के घर में मिल लेते हैं. उसके शौहर के सामने ही सारा खेल हो जाता है.
आपको यह मैरिड वुमन सेक्स कहानी कैसी लगी, प्लीज कमेंट व मेल करके जरूर बताएं.
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