Xxx भाभी स्टोरी में आगरा से दिल्ली की ट्रेन में एक लड़की मुझे लाइन दे रही थी. उसके साथ की एक भाभी ने मुझे देखा तो वो भी मुझे देखकर मुस्कुराने लगी.
नमस्कार दोस्तो, मैं राहुल आपके लिये एक नयी सेक्स कहानी लेकर आया हूँ.
मेरी पिछली सेक्स कहानी
मथुरा की चुदासी औरत को चोदा
को आप लोगों ने खूब पसंद किया और मेल भी भेजे, उसके लिए में आपका धन्यवाद करता हूँ.
ये Xxx भाभी स्टोरी तब की है जब मैं आगरा से दिल्ली अपने काम से जा रहा था और उसी दौरान एक माल किस्म की औरत को मैंने हचक कर चोदा था.
यह चुदाई उसके ही घर में हुई थी.
वह मुझे ट्रेन में मिली थी और उसे सैट करके बाद में उसके घर जाकर मैंने उसे चोदा था.
दोस्तो, मुझे रोमांस और सेक्स करना बहुत पसंद है.
अपने इसी शौक के कारण मैं अब एक कॉल ब्वॉय भी बन गया हूँ.
मैं एक 22 साल का लड़का हूँ और आगरा में जॉब करता हूँ.
मेरी हाईट 5 फुट 3 इंच के आस-पास की ही है और मेरे नाटे कद को पसंद करने वाली लड़कियां व औरतें मुझसे सेक्स बड़े मजे ले लेकर करवाती हैं.
मैं उन चुदासी लड़कियों की चुत को मस्ती से चूसता हूँ और ऐसा उनको खूब पसंद आता है.
ऐसा वे लड़कियां चुदने के बाद मुझसे कहती भी हैं.
उस दिन मैं अपने काम से दिल्ली जा रहा था.
आगरा रेलवे स्टेशन आकर मैं एक ट्रेन के जनरल डिब्बे में चढ़ रहा था.
उस दिन बहुत भीड़ थी तो मैं बड़ी मुश्किल से चढ़ पाया था.
जब मथुरा और कोसी निकल गया, तब बड़ी मुश्किल में मुझे अन्दर बैठने की जगह मिल पाई थी.
जब मैं तसल्ली से अन्दर बैठ गया, तब इधर उधर बैठे लोगों को देखा. मेरे सामने एक फैमिली बैठी हुई थी.
उसमें 3 लड़कियां और दो आदमी भी थे.
लेकिन वे दोनों आदमी कुछ इस तरह से बैठे थे कि मैं उनको देख सकता था, पर वे मुझे नहीं देख पा रहे थे.
ट्रेन में भीड़ भी खूब ज्यादा थी तो किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था.
मैं उन लड़कियों की तरफ देख रहा था.
उनमें एक लड़की बहुत ही सुन्दर थी.
मेरी नजर उस पर जम गई थी.
कुछ देर बाद उसने भी मुझे देखा तो मुस्कुरा दी.
मैं समझ गया कि ये भी मुझ पर लाइन मार रही है.
मैं भी मुस्कुरा दिया.
फिर उसने अपनी आंख मटकाई तो मैंने आंख दबा दी.
वह हंस दी.
हम दोनों ऐसे ही 15 मिनट तक आंखों ही आंखों से खेलते रहे.
काफी टाइम निकल गया.
फिर मैंने देखा कि उसने अपने बाजू में बैठी औरत को कुछ बताया.
वह शायद उसके साथ थी या उसकी मम्मी या आंटी थी क्योंकि वह भी माल किस्म की औरत ही थी.
उसके दूध काफी भरे भरे से थे और उसने अपनी साड़ी को मम्मों से हल्का सा ढलकाया हुआ था तो उसके मम्मों की दरार मेरे लौड़े को कड़क करने लगी थी.
वह मुझे उस लड़की से भी मस्त माल लगी.
उसने भी मुझे देखना और मुस्कुराना चालू कर दिया था तो मेरी नजर उसके मम्मों से हट ही नहीं रही थी.
वह साड़ी में बेहद सेक्सी माल लग रही थी.
उसका फिगर भी शायद 34-30-36 का रहा होगा.
उसने अचानक से अपनी साड़ी के पल्लू को हटाया और अपने पूरे दूध दिखाने के लिए अपने ब्लाउज के अन्दर हाथ डाल कर कुछ ऐसे खुजलाया मानो कोई कीड़ा अन्दर घुस गया हो.
फिर वह अपने ब्लाउज के ऊपर के दो बटन खोल कर मुझे अपने आधे से ज्यादा दूध दिखाने लगी.
मैं उसकी दूध घाटी को देख कर अपने लौड़े को सहलाने लगा.
वह भी मुझे देख कर अपने होंठों पर अश्लीलता से जीभ फिराने लगी.
उसकी इस हरकत को देख कर मैं तो भौचक्का ही रह गया था.
मैंने सोच लिया था कि अगर ये मुझसे पट जाएगी, तो आज मैं अपने काम से पहले इसका काम उठाने चला जाऊंगा.
करीब 5 मिनट बाद उसने अपने पल्लू को सही कर लिया और हम दोनों को समझ में आ गया कि गेम सैट हो सकता है.
अब वह अपने साथ के मर्दों को थोड़ी थोड़ी देर में देखने लगी कि कहीं कुछ गड़बड़ न हो जाए.
इस बीच वह लड़की भी मुझे देखती रही थी.
लेकिन अब मुझे पका हुआ माल पसंद आ गया था तो कच्ची अमियां चूसने का मन कम हो गया था.
दोस्तो, चुदी हुई औरत चुत देने में नानुकुर नहीं करती है जबकि कमसिन लौंडिया नखरे करेगी और पैसे भी खर्च करवाएगी.
इसी लिए मैंने पके हुए आम पर हाथ साफ करने का तय किया और सोचा कि इसी के साथ कच्ची अमिया भी चूसने मिल गई तो उसे भी चूस लूँगा.
थोड़ी देर बाद जब मैंने उसे 4-5 बार इशारा करते हुए स्माइल दिए, तो उसने भी मुझे चुम्मी उछाल कर स्माइल दे दिया.
उसकी इस चुम्मी और स्माइल से मेरा लंड खड़ा हो गया और अब मैं पक्की उम्मीद लगा कर बैठ गया कि ये पक्का चुदने मिल जाएगी.
मैंने एक बार अपनी पैंट की चेन खोल कर उसे लंड का उभार दिखाया तो उसने सेक्सी स्माइल दे दी और मुँह में लेकर चूसने का इशारा कर दिया.
यह देख कर मेरा लंड तो और ज्यादा खड़ा हो गया और पैंट की खुली चैन से बाहर निकलने की कोशिश करने लगा था.
पर ट्रेन में इतनी भीड़ में लंड कैसे निकाल सकता था, सो चुप रह गया.
हम दोनों एक दूसरे को ऐसे ही देखते रहे.
मेरा स्टेशन आ गया था.
मैंने सोचा हुआ था कि जहां पर ये उतरेगी, मैं भी वहीं पर उतरूंगा.
यह मेरा नसीब था कि उसे भी निजामुद्दीन स्टेशन पर ही उतरना था.
वह उतरी तो मैं भी उसके पीछे पीछे उतर गया.
जैसे ही हम सब उतर कर प्लेटफॉर्म पर खड़े हुए तब मैंने देखा कि उसकी सारी फैमिली उसके इर्द गिर्द ही खड़ी हो गई है.
मैं भी उधर पास में लगी एक बेंच पर बैठ गया और उस माल को दिखाते हुए अपनी जेब से पेन निकाल कर उसे लिखने का इशारा करने लगा.
उसने मुंडी हिला कर हामी भरी.
मैंने अपना फोन नंबर एक कागज पर लिख दिया और उसे दूर फेंक कर इशारा कर दिया कि यह मेरा फोन नंबर है.
उसने नॉटी सी स्माइल देकर सर हिलाते हुए इशारा किया कि मैं अभी उठा लूँगी.
मैं खुश हो गया.
उसने मेरे नंबर लिखा कागज उठा लिया और एक बार देख कर उस कागज को अपने ब्लाउज में खौंस लिया.
मुझे तसल्ली हो गई और मैं चला गया.
फिर मन नहीं माना तो मैंने दूर को जाकर छुप कर उसे देखा कि वह क्या करती है.
मैंने देखा कि वह कागज देखती हुई अपने मोबाईल में उस नंबर को डायल कर रही थी.
मैं खुश हो गया और वहां से चला गया.
अब मेरा मन किसी और काम में नहीं लग रहा था, बस मुझे उसकी कॉल का इंतज़ार था.
दोपहर में दो बजे उसका कॉल आया कि वह अभी दिल्ली में ही है और 8 दिन बाद आगरा वापस आने वाली है.
उससे बात करने के बाद पता चला कि वह आगरा में रहती है. यह जानकर मैं और खुश हुआ और हम दोनों ने मिलने का वादा भी किया.
बाद में मैं अपना काम करके वापस लौट आया.
बड़ी मुश्किल से 8 दिन निकले.
इस दौरान हम दोनों की फोन पर लगातार बात होती थी.
एक दिन वह बोली- मैं दिल्ली से वापस आ गई हूँ. कल तुम आ जाना … दोपहर में घर पर कोई नहीं रहता है.
मैं खुश हो गया और 11 बजे अपने घर से निकल कर उसके घर पर आ गया.
उसने जो एड्रेस बताया था, मैं उसी जगह पर आ गया और फोन से पूछते हुए उसके कमरे तक आ गया.
मैंने घर पर देखा तो उसके साथ उसकी बहन की लड़की थी, जो केवल 2 साल की थी.
उसकी बहन कहीं काम पर जाती थी तो वह अपनी बच्ची को छोड़ कर जाती थी.
वह बोली- तुम टीवी के सामने बैठो, मैं अभी मुनिया को सुला कर आती हूँ.
अब मैं टीवी देख रहा था और मेरे बाजू वाले कमरे में वह मुनिया को सुला रही थी.
करीब दस मिनट बाद वह बाहर आई और बोली- तुम जरा अन्दर आकर चीनी का डिब्बा निकाल दो.
मैं उसके साथ अन्दर किचन में चला गया.
उधर वह चाय बना रही थी.
मैंने सोचा कि सच में इसे चीनी का डिब्बा चाहिए होगा. पर जैसे ही मैं अन्दर गया, उसने मुझे पकड़ लिया और मेरे सीने से चिपक गई.
पहले तो मैं डर गया कि कहीं उसकी छोटी बच्ची जाग न जाए.
पर उसने मुझे बहुत कस कर जकड़ा हुआ था तो मैं भी रोमांटिक हो गया.
मेरा लंड तो पहले से ही खड़ा था.
वह मुझे हग कर रही थी और किस कर रही थी.
मैंने भी उसको किस करना स्टार्ट क्या और उसके दूध सहलाने लगा.
आह क्या रसभरे दूध थे उसके … और मखमल जैसे होंठ थे.
उसको भी मजा आ रहा था.
मैं उसके होंठों को चूस रहा था.
मेरा लंड उसकी टांगों में घुसने की कोशिश करने लगा था.
तभी उसका हाथ मेरे पेट से होकर मेरी जींस पैंट में जाने की कोशिश करने लगा था.
मैं उसके बड़े बड़े बूब्स चाट रहा था.
वह सेक्स में भड़क गई थी तो खासी चुदासी हो गई थी.
उसने मुझसे कहा- कितनी टाइट पैंट पहनी है तुमने … आगे से जींस मत पहन कर आना. मेरा हाथ ही नहीं घुस रहा है.
मैं यह सुन कर जींस का बटन खोल दिया और उसने पैंट की चेन खोल कर मेरा लंड चड्डी में हाथ डालकर बाहर निकाल लिया.
लंड एकदम खड़ा था तो वह घुटनों पर बैठ कर चूसने लगी.
मैं आह आह करता हुआ उसके मुँह की गर्मी से अपने लौड़े की सिकाई करवाने लगा.
मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था.
आह साली रांड क्या चूस रही थी … अब तक तो मेरा लंड ऐसा किसी ने नहीं चूसा था.
कुछ देर बाद मैंने उसको उठाया और वापस से होंठों को किस करने लगा, बूब्स दबाने लगा.
वह बोली- चूसो न!
मैं उसके एक दूध को मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरे दूध को हॉर्न समझ जोर जोर से दबाने लगा.
वह मस्ती से मीठी आवाज में सिसकारने लगी ‘आह धीरे से मसलो न … प्लीज धीरे से आह दर्द होता है यार!’
इतने में उसकी उस छोटी लड़की ने कुनमुना कर हम दोनों का ध्यान आकर्षित किया तो वह अपने कपड़े ठीक करके बाहर चली गई.
उसने मुझे बेडरूम में भेज दिया.
मैं बेडरूम में आ गया था और वह अपनी लड़की को चुप करवा कर और सुला कर आ गई.
बेडरूम में आने के बाद उसने दरवाजा बंद किया.
मैंने उसकी तरफ आकर उस पर झपट्टा सा मारा, तो वह बोली- अरे तुम्हें ही देने आई हूँ, धीरे से ले लो न मेरी!
यह कह कर उसने हंस दिया और अपने कपड़े उतारने लगी.
मैं उसके दूध देख देख कर मस्त हो रहा था और अपने लौड़े को सहला रहा था.
उसने नंगी होने के बाद मेरे भी सारे उतारे और लंड हाथ में पकड़ लिया.
मैंने भी उसके बूब्स हाथ में पकड़ लिए और हम एक दूसरे को रगड़ने लगे थे.
मैं उसकी चूत में फिंगरिंग कर रहा था तो वह कमर हिला कर चुत रगड़वाने में लग गई.
कुछ ही देर में मैं उसे बिस्तर की तरफ धकेला, तो वह समझ गई और बेड पर लेट गई.
मैं उसके ऊपर चढ़ गया और अपना लंड उसकी चूत की दरार में घिसने लगा.
वह मेरे लंड को पकड़ कर चुत के छेद में लगाने लगी.
मैंने झटका लगा दिया तो मेरा लंड उसकी गीली चुत में घुस गया.
उसकी आह निकली और हम दोनों कमर हिला कर चुदाई का मजा लेने लगे.
हम एक दूसरे को चूमते हुए रगड़ रहे थे.
मैं जल्दी ही अपने लंड को उसकी चूत में बच्चेदानी तक अन्दर पेल रहा था और वह आह आह करती हुई मुझे अपनी ओर खींच कर अन्दर तक लंड को ले रही थी.
उसकी चूत ज्यादा टाईट नहीं थी, पर बहुत ढीली भी नहीं थी. लेकिन कसम से वह औरत बड़ी चुदासी थी.
वह मुझे जोर जोर से अपनी ओर खींच कर लंड को पूरा अन्दर लेने के प्रयास में ही लगी हुई थी.
जब मैं उसकी चूत में झटके देता था तो वह अपनी गांड उठा कर मुझे भी धक्के दे रही थी.
ऐसी चुदाई का मजा मुझे आज से पहले कभी नहीं मिला था.
कहते हैं ना कि अनुभवी औरत से चुदाई करो तो आपको बहुत कुछ सीखने को मिलता हैं.
उस वक्त मुझे यह बात 100% सच लग रही थी.
तभी उसके बदन में खिंचाव सा आया.
वह मुझे हग करके जोर जोर से अपने आप को हिलाने लगी.
मैं समझ गया कि उसकी चूत अब पानी छोड़ेगी.
उसने मुझे और कसके पकड़ा और वह एकदम अकड़ती हुई और जोर जोर से हिलने लगी.
मैं भी पूरी ताकत से अपने लंड को उसकी चूत में पेलने लगा.
उतने में वह आह आह करती हुई झड़ गई और मैं लगातार कमर चलाता रहा.
कुछ देर बाद वह मुझे किस करने लगी थी और संतुष्ट लगने लगी थी.
उसने अपनी दोनों टांगों से मुझे दबोच लिया और दूध पिलाती हुई मुझे जल्दी जल्दी चोदने के लिए कहने लगी.
मैं तेज तेज चोदने लगा और थोड़ी ही देर में मैं भी उसकी चुत में ही झड़ गया.
वह मुझसे चिपक कर प्यार करने लगी और बोली- मुझे अलग अलग मर्दों से चुदने में मजा आता है.
मैंने उस वक्त तो पूछना सही नहीं समझा, पर कुछ देर बाद मैंने उससे उस लड़की के बारे में पूछा.
वह बोली- वह मेरी भतीजी है. क्या उसकी भी लेनी है?
मैंने हां कह दिया तो वह चुप रह गई.
मेरे पूछने पर उसने कहा- जब उससे बात होगी तो पूछ लूँगी.
उस दिन मैं उसे एक बार और चोद कर घर आ गया.
उसके बाद हम दोनों फोन पर बातें करते हैं और फोन सेक्स का मजा लेते हैं.
काफी दिनों से उस Xxx भाभी को चोदने का मौका नहीं मिल रहा है.
उसने कहा है कि जब वह घर में अकेली होगी, तो बुला लेगी.
फिर एक दिन मुझसे रहा न गया तो मैं उसके घर चला गया.
उस दिन मैं सिर्फ उसे किस कर पाया था क्योंकि उसकी बहन भी घर पर थी.
अब देखो कब मौका मिल पाता है.
मेरी हालत ऐसी है कि एक बार ही उसे चोदा है और बार बार चोदने की तमन्ना जाग गई है.
आप इस Xxx भाभी स्टोरी के लिए मुझे अपने विचार मेल कर सकते हैं.
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