टप्पू सेना सेक्स कहानी में जेठा ने टप्पू और उसके साथियों को बापू जी के साथ गोआ भेज दिया ताकि पीछे से सारे बड़े लोग एक दूसरे की बीवी छोड़कर मजा ले सकें.
दोस्तो, मैं जोधपुरी गाई आपको एक बहुचर्चित धारावाहिक को लेकर अपनी कल्पना के आधार पर एक सेक्स कहानी लिख कर सुनाने हाजिर हुआ हूँ.
पिछली कहानी
ठोकुरधाम की कुंवारी चुत कुंवारे लंड की सुहागरात
में आपने पढ़ लिया था कि कैसे गोकुलधाम में सेक्स महोत्सव शुरू हुआ, जेठालाल को फाइनली बबीता जी को चुत मिल गई, उधर बाघा और बावरी ने अपनी सुहागरात मनाई.
उस सेक्स कहानी में एक सरप्राइज वाला हिस्सा लिखने को बाकी रह गया था जो इस कहानी के आखिरी हिस्से में आपको पढ़ने को मिलेगा कि उस समय क्या हुआ जब दया भाभी अचानक से लौट आई और जेठा की हालत पतली हो गई.
अब टप्पू सेना सेक्स कहानी में पहले चलते हैं मुंबई से दूर गोवा में, जहां टप्पू सेना और बापूजी को जेठालाल छुट्टियां मनाने भेजा हुआ था.
टप्पू सेना ने अपनी पर्सनल गाड़ी से मुंबई से गोवा जाने का प्लान बनाया था.
वे सब रात को 8 बजे गोवा के लिए निकल गए थे.
टप्पू ने गाड़ी चलाई और बापूजी उसके साथ बैठ गए थे.
पीछे की सीट पर गोली, गोगी, पिंकू और सोनू बैठे थे.
टप्पू सेना वैसे तो ऊपर ऊपर से काफी मजे कर चुके थे, पर इस बार सबका मन कुछ और ही था.
सोनू एक स्कर्ट पहन कर कार में बैठी थी.
मुंबई से बाहर निकलने तक तो गाड़ी सामान्य रूप से चलती रही … उस वक्त तक सब सही था, क्योंकि ट्रेफिक के कारण गाड़ी स्लो चल रही थी और सब लोग गाड़ी में देख भी सकते थे.
पर हाइवे पर आते ही गाड़ी की स्पीड बढ़ गई थी और ट्रेफिक भी काफी कम हो गया था.
टप्पू कांच में से देखने लगा था कि पीछे सब मिल कर सोनू को छेड़ रहे हैं और सोनू आंखों के इशारे से सबको मना कर रही है कि आस-पास गाड़ियां निकल रही हैं और आगे की सीट पर बापूजी भी हैं.
तभी उसने मिरर में से टप्पू को झाँकते हुए देखा तो वह टप्पू को इशारा करती हुई कहने लगी … तो टप्पू ने भी इशारों में ही कह दिया कि ओके मैं कुछ करता हूँ.
टप्पू ने कहा- दोस्तो, गर्मी बहुत हो रही है … पीछे वाली खिड़कियों पर परदे लगा दो ताकि आजू-बाजू से निकलने वाली गाड़ियों की रोशनी से परेशानी न हो. मेरे बैग में आई मास्क भी रखे हैं, सब पहन कर आराम से सो जाओ. अभी मैं गाड़ी चला रहा हूँ. फिर मैं पीछे आकर सो जाऊंगा, तब गोगी गाड़ी चला लेगा. बाकी आपके टप्पू ने सब प्लान किया हुआ है.
ये लास्ट लाइन टप्पू का कोड वर्ड था, मतलब सोनू को परेशान मत करो, वह शर्मा रही है, मैं कुछ करता हूँ.
सबने काले परदे लगा लिए और आई मास्क पहन लिए.
टप्पू- दादाजी, रात हो गई है आप भी सो जाइए, मैं भी थोड़ी देर में गोगी को गाड़ी देकर पीछे जाकर सो जाऊंगा.
लगभग 11 बजे के आस-पास दादाजी भी सो गए.
पीछे गोगी इसी के इंतज़ार में था, वह धीरे धीरे सोनू की स्कर्ट में हाथ डालने लगा और सोनू की चिकनी जांघों का मज़ा लेने लगा.
कुछ ही देर में उसका हाथ सोनू की चुत तक पहुंच गया था.
ये सब कुछ नॉर्मल था क्योंकि टप्पू सेना क्लब हाउस में ये सब कई बार कर चुकी है.
सिर्फ चुदाई और चुसाई नहीं हुई, बाकी सब हो गया था.
दूसरी तरह पिंकू भी सोनू के मम्मे दबाने लगा था.
इस सबसे सोनू बहुत गर्म हो गई और दोनों हाथों से पिंकू और गोगी के लंड पैंट के ऊपर से ही सहलाने लगी.
गोली तीसरी रो की सीट पर बैठा था, वह भी उठ गया और सोनू की गर्दन पर किस करने लगा.
सोनू इस तीन तरफ हमले के लिए तैयार नहीं थी. वह हल्की आवाज में सिसकारियां लेने लगी थी.
टप्पू मिरर में ये सब देख कर मजे ले रहा था और आवाज न करने का इशारा कर रहा था.
गोगी सोनू की टॉप उतारने का कोशिश करने लगा था, पर सबने उसको मना कर दिया कि गाड़ी में बापूजी भी हैं, तो ये सब नहीं.
सोनू पिंकू की गोद में सोने के बहाने उसके लंड से खेलने लगी, पीछे से गोगी उसकी चुत और गांड में उंगली करने लगा.
थोड़ी देर बाद टप्पू पीछे आ गया और गोगी गाड़ी चलाने लगा.
फिर गोली और पिंकू, इस तरह सब सुबह सुबह गोवा पहुंच गए.
वे सब सारे रास्ते मस्ती करते हुए आए थे.
इस बीच सोनू अपनी चड्डी में ही 3 बार झड़ चुकी थी और बाकी भी कम से कम 2-2 बार झड़ चुके थे.
गोवा में टप्पू सेना ने किसी होटल की जगह एक प्राइवेट बंगलो बुक किया था, जिसमें सारी सुविधाएं थीं.
स्विमिंग पूल, गेम्स, गार्डन, प्राइवेसी के लिए चारों तरफ ऊंची ऊंची दीवार, अलग अलग तरह के झूले आदि.
रात भर गाड़ी चलाने के कारण सब लोग कमरों में आकर सो गए.
शाम को सबने बीच पर चलने का प्लान बनाया और गोवा में बीच पर घूमने आ गए.
बीच पर सब अलग अलग तरह से इन्जॉय करने लगे.
बापूजी के होने के कारण वे लोग सोनू के साथ कुछ ज्यादा तो नहीं कर पाए थे, पर वैसे ऊपर ऊपर से बहुत मस्ती करते रहे थे.
टप्पू सेना गाहे-बगाहे सोनू को छेड़ रही थी, उसे छू रही थी और कभी कभी खेल के बहाने से उसके मम्मे दबा दे रहे थे.
सोनू को भी मस्ती चढ़ रही थी, पर बापूजी के कारण वह खुल कर कुछ नहीं कर पा रही थी.
वह धीरे से टप्पू के कान में बोली- टप्पू, मुझे कुछ हो रहा है, गोवा आए और इन्जॉय नहीं कर पा रहे हैं … कुछ तो अलग होना चाहिए, ऐसे किस तो तुम मुझे क्लब हाउस में भी कर लेते थे … फिर गोवा आने का क्या फायदा?
टप्पू- सोनू चिंता मत कर कुछ करता हूँ.
टप्पू सोनू को लेकर पैराग्लाइडिंग के लिए चला गया.
दोनों एक साथ पैराग्लाइडिंग करने लगे.
उसमें दोनों को चिपक कर रहना होता है.
लगभग 100 फुट ऊपर जाकर टप्पू सोनू को वहीं किस करने लगा और जोर से बोला- सोनू, आई लव यू!
टप्पू को पता था कि इतनी ऊंचाई से बापूजी नहीं सुन पाएंगे!
सोनू- टप्पू आई लव यू टू जान, मुआह्ह …
नीचे आने के बाद भी टप्पू सेना की मस्तियां चलती रहीं.
कोई न कोई बापूजी का ध्यान भटकाता रहता था और बाकी के दूसरे लड़के सोनू को छेड़ने लगते थे.
बाद में सब अपने विला पर आ गए.
इधर आते ही खाने का ऑर्डर दे दिया. टप्पू ने डिलीवरी वाले को साथ में बियर व और दारू लाने को कह दिया था, जिसके उसे एक्स्ट्रा पैसे दे दिए थे.
सोनू ने टप्पू सेना को इशारा किया कि आज रात का कोई प्लान बनाओ, ऐसे तो गोवा आना या न आना बराबर है!
टप्पू ने खाने के बाद बापूजी के दूध के गिलास में चुपके से नींद की दवाई डाल दी ताकि वे सो जाएं.
थोड़ी देर मौज मस्ती करने के बाद सब सोने चले गए.
बापूजी को जानबूझ कर सबसे आखिरी वाला कमरा दिया गया था ताकि उनको पता न चले.
टप्पू बापूजी के कमरे में ही रुक गया था, उनके पांव दबाने के बहाने ताकि बापूजी को गहरी नींद आ जाए और ये बात कन्फर्म हो जाए कि वे सो गए हैं.
बापूजी के गहरी नींद में सोते ही टप्पू ने पूरी टप्पू सेना को मैसेज कर दिया कि आ जाओ.
अब सब के सब सोनू के रूम में आ गए.
सोनू- हाय फ़्रेंड्स एंड टप्पू, क्या मस्त प्लान बनाया है. होटल की जगह इस प्राइवेट विला को चुन कर एकदम सही किया है!
गोली- टप्पू, मैं तो कहता हूँ कि आज यहीं इसी कमरे में ही शुरू हो जाते हैं. बचपन से आज तक सब कुछ मिल-बांट कर खाया है तो आज सोनू को भी मिल बांट कर खाएंगे.
टप्पू- ओके तो चलो, इस मस्ती में थोड़ी दारू तो होने चाहिए. गोवा आए और दारू न पी तो क्या ही गोवा आए! पीने के बाद तो और मजा आएगा.
सोनू- पर टप्पू ये तो सब करते हैं गोवा आकर … हम टप्पू सेना हैं, कुछ तो स्पेशल होना चाहिए!
टप्पू- ओके मेरी जान.
टप्पू सबको लेकर स्विमिंग पूल के पास आ गया.
सोनू ने इस वक्त एक स्कर्ट और टॉप पहना हुआ था और हल्का मेकअप भी, जो उस पर खूब फब रहा था.
आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि यहां मेरी कल्पना में अभी वाली सोनू नहीं है, जिसका असली नाम ‘प.’ से शुरू होता है, बल्कि इससे पहले वाली सोनू जिसका असली नाम ‘न’ से शुरू होता है और उसका एक एमएमएस भी मार्केट में आ गया था. अगर आपने देखा हो तो वह सोनू मुझे अभी वाली सोनू से ज्यादा सेक्सी लगती है और उसकी स्माइल का तो मैं दीवाना हूँ.
खैर … वापस पूल के पास आते हैं.
सभी वहां डीजे चालू करके दारू के साथ डांस करने लगे.
सब सोनू से चिपकने की कोशिश कर रहे थे और सोनू भी पूरी टप्पू सेना को खुश करने कमी नहीं छोड़ रही थी.
कभी कोई सोनू के मम्मों को टच करता है तो कभी कोई उसको किस करने लगता है.
इसी बीच सबने मिल कर सोनू को उठा कर पूल में फेंक दिया और खुद भी पूल में कूद गए.
पानी में सोनू का बदन और भी मादक हो गया.
भीगे बाल, पानी में बार बार ऊपर उठती हुई उसकी स्कर्ट, बदन से चिपका हुआ उसका बिना ब्रा का टॉप उसके बड़े बड़े मम्मों का साइज़ बता रहा था … खुले गले के टॉप में से उठी हुई चूचियां, डीजे पर बजता हुआ गाना और सबके हाथ में दारू.
एक लड़की और 4 लड़के, कुल मिल कर माहौल एकदम मस्त हो गया था.
सोनू ने बियर मिक्स दारू का एक घूंट लिया और वह अपने मुँह में बियर भर कर टप्पू को किस करने लगी.
टप्पू भी सोनू के मुँह से दारू पीकर अपने नशे को दुगुना कर रहा था.
इसी तरह गोली गोगी और पिंकू को भी सोनू किस कर करके दारू पिला रही थी.
उसी के साथ साथ सोनू के बदन पर 4 लड़कों के 8 हाथ चल रहे थे और उनके हाथ सोनू के जिस्म पर न जाने कहां कहां टच हो रहे थे.
टप्पू ने पिंकू के कान में कुछ कहा, तो सोनू हंस दी.
फिर जब सोनू, गोगी को अपने मुँह से दारू पिला रही थी तो टप्पू और पिंकू दोनों पानी के अन्दर चले गए और सोनू की स्कर्ट में घुस कर पैंटी के ऊपर से ही सोनू की चुत और गांड चूसने लगे.
इधर गोली सोनू के एक मम्मे को उसके टॉप के ऊपर से ही चूसने लगा.
इस चौतरफा हमले से सोनू भी सह नहीं पाई और वह भी कामुक होने लगी.
सोनू- बस फ़्रेंड्स, बस अब और नहीं झेल पाऊंगी, बिना लंड के ही तुम लोगों ने मुझे झड़ने को मजबूर कर दिया. आई एम कमिंग!
इतना कह कर सोनू एकदम बेजान सी हो गई.
जब तक सोनू वापस नॉर्मल होती, सारे लड़कों ने अपने अपने कपड़े निकाल दिए.
टप्पू- गोली, तेरे मम्मे तो सोनू से भी मस्त हैं बे … आज सोनू के साथ साथ तेरे मम्मे भी दबाने में कितना मजा आएगा!
सोनू हंस कर बोली- हां यार गोली, तेरे मम्मे तो मेरे से भी बड़े हैं. मुझे तो बड़ा रश्क हो रहा है देख कर … ला जरा दबाने तो दे .. मैं भी तो देखू कैसा लगता है तुम लोगों को मम्मे दबाने और चूसने में!
इतना कह कर सोनू गोली के एक मम्मे को मुँह में दबा कर चूसने लगी और नीचे हाथ ले जाकर उसका लंड सहलाने लगी.
बाकी सब भी उन दोनों के करीब आ गए.
धीरे धीरे सोनू के सारे कपड़ों ने उसके जिस्म का साथ छोड़ दिया और पूल में सोनू की ब्रा और पैंटी तैरती हुई एक एक अलग ही नयन सुख दे रही थी.
चारों दोस्त, मिलकर सोनू को मसल रहे थे. वे सब कभी सोनू की चुत मसल रहे थे, तो कभी गांड को, तो कभी मम्मे चूसने लगते थे.
सोनू भी बारी बारी से चारों के लंड पानी के अन्दर हिला रही थी.
कई बार सोनू पानी में डुबकी लगाती और किसी एक का लंड पानी में ही चूस लेती और बाहर आ जाती.
कभी तीन जने मिलकर सोनू को पानी से ऊपर उठा लेते और चौथा उसकी चुत को चाटने में लग जाता.
कभी सोनू को ऊपर उठा कर उसकी चुत पर दारू गिरा कर पीते, तो कभी पूल के पानी को मुँह में भर कर धार से सोनू की चुत पर मारते.
सोनू- बस फ़्रेंड्स, अब और मत तड़पाओ, मैं एक बार तो झड़ ही चुकी हूँ. अब इस चुत की खुजली मिटाओ, तोड़ दो मेरी चुत और गांड की सील … अब बर्दाश्त नहीं होता. टप्पू सेना साले अब सब तुम टपाटप सेना बन जाओ … और बजाओ मुझे आगे से, पीछे से … सब जगह से … आज इस खुले आसमान से नीचे अलग ही मजा आएगा.
सब सोनू को उठा पूल के बाहर मैट्रिस पर ले आए.
दोस्तो, आपको टप्पू सेना की इस चुदाई लीला वाली सेक्स कहानी में मजा आ रहा होगा.
टप्पू सेना सेक्स कहानी के अगले भाग में आपको और भी मजा आएगा, यह मेरा दावा है.
jodhpurguy69@gmail.com