फेल सेक्स स्टोरी में मैं 20 साल का एक दूकान में काम करता था. मुझे 40 साल की एक ग्राहक महिला ने पसंद किया और मुझसे दोस्ती करके अपने घर ले गयी. वो तलाकशुदा थी।
संजय raatkibaat का नियमित पाठक है।
उसने अपनी कहानी मुझे भेजी।
कहानी को सम्पादित करने के बाद मैंने संजय को कहानी भेजी।
संजय की सहमति से कहानी प्रकाशित करने भेज रहा हूँ।
पात्रों के नाम बदल दिए हैं, शहर का नाम नहीं लिखा है।
रतन दत्त
संजय की फेल सेक्स स्टोरी संजय की जबानी:
उस समय मैं 20 उम्र का था।
मैं 5′ 7″ लम्बा, गोरा, छरहरे बदन का जवान था।
मेरे बाल घुंगराले थे।
मैं एक दुकान में नौकरी करता था।
उस दुकान में किराना, फल, सब्जी मिलती थी।
दुकान में एक महिला ग्राहक मोनिका मैडम आती थी।
मैडम 5′ 6″ लम्बी, 40 उम्र की, भरे बदन की, थोड़ी सांवली, सुंदर आकर्षक महिला थी।
मैडम ऑफिस से वापस आते समय शाम को दुकान में आतीं।
जो सामान चाहिए होता, उसकी लिस्ट मुझे देतीं।
मैं रात को सामान उनके बंगले पर साइकिल से पहुंचा देता।
एक बार मैडम ने मुझे आधार कार्ड जेरोक्स करने दिया।
उससे मुझे उनकी उम्र का पता चला।
मैं भारी सामान आसानी से उठा लेता।
मैडम ने एक बार कहा- संजय, तुम काफी ताकतवर हो!
जब मैं सामान देने उनके बंगले में जाता, मैडम मुझे चाय पिलातीं, मुझसे बातें करतीं, मेरे बारे में पता करतीं।
उन्हें मालूम हो गया था – मैं तीन और लड़कों के साथ काफी दूर एक कमरे में रहता हूँ।
गांव में मेरे माता-पिता और बड़े भाई हैं।
मेरी शादी नहीं हुई।
मेरी उम्र 20 है।
मुझे मैडम से बात करना बहुत अच्छा लगता।
मैडम अकेली रहतीं।
मेरे पास छोटा सादा मोबाइल था।
एक बार मैडम ने मुझे स्मार्ट फोन देकर कहा- मैंने नया मोबाइल लिया है। मेरा पुराना मोबाइल तुम्हें दे रही हूँ!
मेरे साथ कमरे में रहने वाले एक लड़के के पास स्मार्ट फोन था।
उसने मुझे स्मार्ट फोन के बारे में बताया।
साथ ही उसने फ्री सेक्स कहानी साईट पर नंगी लड़कियों की वीडियो देखना सिखाया, raatkibaat पर हिंदी कहानी पढ़ना सिखाया।
मैं रात को यह सब देखता और पढ़ता और मुठ मारता।
एक रात आठ बजे मैं सामान पहुंचाने मैडम के बंगले जा रहा था।
अचानक बारिश होने लगी।
मैं पूरा भीग गया।
मैंने मैडम के बंगले के दरवाजे की घंटी बजायी।
मैडम ने दरवाजा खोला।
वे भी पूरी तरह भीगी थीं।
उनकी साड़ी बदन पर चिपकी थी।
मुझे उनका बदन सेक्सी लगा।
मैं उन्हें निहारने लगा।
मैडम- क्या देख रहे हो? मैं भी भीग गयी हूँ। अभी आयी हूँ। अंदर आओ!
मैडम ने मुझे टॉवल, ट्रैक पेंट और टी-शर्ट देकर कहा- आउट हाउस में जाकर कपड़े बदल लो। तुम्हारा घर बहुत दूर है। इस बारिश में साइकिल से घर जाने की जरूरत नहीं। आज रात आउट हाउस में रुक जाओ। सुबह दुकान चले जाना। मैं खाना गर्म करती हूँ।
मैंने आउट हाउस में कपड़े बदले।
भीगे कपड़े फैन के नीचे सुखाने टांग दिए।
मेरी चड्डी भीग गयी थी।
मैंने बिना चड्डी के ट्रैक पेंट पहना।
मैं बंगले में गया।
मैडम ने काफी खुले गले की मैक्सी पहनी थी।
उन्होंने ब्रा नहीं पहना था।
उनके भारी चूचे और निप्पल मैक्सी के ऊपर से मस्त लग रहे थे।
मैडम ने मुझे डायनिंग टेबल के चेयर पर बैठने को कहा।
मैं संकोच कर रहा था।
मैडम बोलीं- आज तुम मेरे मेहमान हो, बैठ जाओ!
मैडम खड़ी होकर झुककर खाना परोस रही थीं।
उनके चूचों का काफी भाग मुझे दिख रहा था।
मेरा लंड खड़ा होने लगा।
मैंने किसी तरह खाना खाया और नींद आ रही है कहकर आउट हाउस गया, मैडम के चूचों को याद करके मुठ मारी और सो गया।
सुबह मैं उठा, नहाकर मैडम के दिए कपड़े धो दिए।
मेरे कपड़े सूख गए थे।
मैंने पहने।
मैडम दोनों के लिए चाय-नाश्ता लायीं।
नाश्ते के समय मैंने हिम्मत कर मैडम से पूछा- मैडम, बुरा ना मानें तो एक बात पूछनी है।
मैडम- पूछो!
मैं- आप अकेली रहती हैं? क्या आपने शादी नहीं की?
मैडम- मैंने शादी की थी, पर 5 साल पहले हमारा तलाक हो गया।
मैडम- संजय, तुम कब शादी कर रहे हो? किसी लड़की से दोस्ती हुई क्या?
मैं- मुझसे कौन लड़की दोस्ती करेगी?
मैडम- तुम हैंडसम हो, तंदुरुस्त और ताकतवर हो। नौकरी करते हो!
“मेरे दुकान जाने का समय हो गया है.” कहकर मैं दुकान चला गया।
दूसरे दिन दोपहर मैडम दुकान में आयीं।
दुकान में ग्राहक नहीं थे।
मैडम- संजय, हमारी कंपनी से फ्री मेडिकल जांच हो रही है। कल दुकान बंद है। तुम भी अपनी जांच करा लो।
कहकर मुझे एक पर्ची दी।
उस पर डॉक्टर का पता था।
दूसरे दिन मैं डॉक्टर के पास गया।
डॉक्टर ने जांच की और मुझे पूछा- क्या मैंने किसी लड़की/लड़के के साथ असुरक्षित सेक्स किया है?
मैंने बताया – मैंने कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया।
उन्होंने मेरे खून के नमूने लिए, कहा- रिपोर्ट मैडम मोनिका को मेल कर देंगे।
एक हफ्ते बाद मेरा जन्मदिन था।
जन्मदिन के एक दिन पहले मैडम दुकान में आयीं, मुझे कहा- तुमने अपना जन्मदिन बताया था। कल तुम्हारा जन्मदिन मेरे घर मनाएंगे। दुकान से शाम को 7 बजे मेरे घर आ जाना!
अगले दिन शाम को मैं मैडम के घर गया।
मैंने अच्छे से शेविंग की थी।
मैडम ने मुझे जन्मदिन की बधाई दी।
मुझे नया कुरता-पजामा देकर कहा- नहाकर ये कपड़े पहनकर आओ!
मैं आउट हाउस के बाथरूम से नहाकर नया कुरता-पजामा पहनकर आया।
मेरी सुबह से पहनी चड्डी पसीने से भीगी थी इसलिए मैंने नए कपड़ों के नीचे चड्डी नहीं पहनी।
मैडम मुस्कुराकर बोलीं- बहुत अच्छे लग रहे हो!
मैंने देखा कि मैडम ने पतली पारदर्शी साड़ी और बिना बांह का खुले गले का छोटा ब्लाउज पहना था।
मैडम के चूचियों की घाटी दिख रही थी।
साड़ी काफी नीचे पहनी थी तो उनकी नाभि दिख रही थी।
जब वे केक लाने मुड़ीं, मैडम की पूरी पीठ दिख रही थी।
पीठ पर ब्लाउज का पतला पट्टा था।
मैडम थोड़ी सांवली थीं, पर उनकी चिकनी त्वचा चमक रही थी।
मेरा लंड हलचल करने लगा।
मैडम ने झुककर केक टेबल पर रखा।
उनकी चूची का काफी भाग मुझे दिखा।
अब तक मैंने मोबाइल पर नंगी लड़कियों की फोटो साइट में देखी थी।
असली चूची का काफी भाग पहली बार देख रहा था।
मेरा लंड खड़ा हो गया।
मैं मैडम के सामने ही खड़ा था।
मैडम ने मेरे खड़े लंड को देखा।
मैंने लंड को हाथ से ढक लिया।
मैडम ने मेरे हाथ में चाकू देकर केक काटने को बोला।
मैंने केक काटा।
मैडम ने अपने हाथ से मुझे केक खिलाया, फिर बोलीं- मुझे केक नहीं खिलाओगे?
मैंने मैडम को केक खिलाया।
मैडम व्हिस्की, गिलास, चखना ले आयीं- पीते हो न?
मैं- दोस्तों के साथ खास मौकों पर देसी पी है।
मैडम ने व्हिस्की, पानी, बर्फ दो गिलास में डाली।
एक गिलास मुझे दिया, दूसरा ग्लास हाथ में उठाकर चीयर्स कहा।
मैं जल्दी पीने लगा।
मैडम- धीरे-धीरे पियो। आज रात यहीं रह जाना।
हम पीने लगे।
एक पेग के बाद मैडम- संजय, तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो। क्या तुम भी मुझे पसंद करते हो?
मैं नशे की तरंग में बोल गया- आप मुझे बहुत अच्छी लगती हैं!
मैडम- सिर्फ अच्छी लगती हूँ, या सेक्सी भी लगती हूँ? जिस रात तुम भीग गए थे और यहाँ रह गए थे – मैंने देखा तुम्हारे ट्रैक पेंट में मुझे देखकर तंबू बन गया था, और तुमने आउट हाउस में हस्तमैथुन किया था। मैंने सीसीटीवी में देखा था। आज भी तुम्हारे पाजामे में तंबू बना है!
मैडम- मेरे तलाक का कारण है मेरे और पति के बीच यौन असमानता। मैं सेक्स में पूरी तरह मजा लेना पसंद करती हूँ, एक खेल की तरह। सेक्स में कुछ भी बुरा या गंदा नहीं होता। मैं जंगली सेक्स भी पसंद करती हूँ। पति को यह सब पसंद नहीं था। तुम अपना मोबाइल नहाते जाते समय यहीं छोड़ गए थे। मैंने तुम्हारा मोबाइल देखा। तुम मोबाइल पर सेक्स वीडियो देखते हो।
मैडम- क्या तुम सेक्स में मेरे साथ देने को तैयार हो? मैं तुम्हें शादी करने नहीं बोल रही हूँ। पर इस बात को गुप्त रहना होगा। किसी को भी नहीं बताओगे!
मैं- मैं किसी को भी नहीं बताऊंगा। वादा करता हूँ!
मैडम ने खड़े होकर मुझे उंगली से उनके पास आने का इशारा किया।
मैडम ने मुझे आलिंगन में ले लिया।
मैंने अपने हाथ मैडम की पीठ पर रखे और मैडम को कसकर जकड़ लिया।
मैडम की चूची मेरी छाती पर दबी थी, बड़ा सुकून मिल रहा था।
कुछ देर बाद मैडम ने मुझे छोड़कर कहा- चलो बेडरूम में चलते हैं!
बेडरूम में जाते ही मैडम मेरे होंठ चूमने लगीं।
मैंने अपनी हथेली चूचों पर रखी।
मैडम के चेहरे पर मुस्कान देखकर मैं ब्लाउज के ऊपर से चूचे दबाने लगा।
मैडम ने होंठ चूमना बंद कर मेरा कुरता उतार दिया और मेरी छाती पर कई चुंबन देकर मेरे पुरुष निप्पल पर जीभ फेरने लगीं।
मुझे बहुत मजा आ रहा था।
मैंने मैडम का ब्लाउज खोलने की कोशिश करने लगा।
ब्लाउज के हुक सामने थे।
दो हुक टूट गए।
मैडम ने बाकी हुक खोल दिए।
मैं ब्लाउज उतारने लगा।
मैडम ने अपने हाथ ऊपर कर ब्लाउज उतारने में मदद की।
मैडम लेस वाला सेक्सी ब्रा पहने थीं।
मैं चूचों की घाटी चूमने लगा।
मैं ब्रा उतारने की कोशिश कर रहा था।
ब्रा टाइट थी।
मैडम बोलीं- ब्रा का हुक पीठ पर है।
मैं पीछे गया।
ब्रा का हुक खुल नहीं रहा था।
मैडम ने अपने हाथ पीछे करके ब्रा का हुक खोल ब्रा उतार दिया और मुस्कुराकर कहा- अनाड़ी हो। बहुत कुछ सीखना है!
मैं मैडम के सामने गया और उनके मस्त भरे चूचे और उन पर भूरे निप्पल देखने लगा।
मैंने आज तक नंगे चूचों की फोटो साइट में देखी थी, असली चूचे पहली बार देख रहा था।
कुछ देर मैंने चूचों पर हाथ फिराया, फिर चूचों को दबाने लगा।
नरम और भरे भरे चूचों को दबाने में बड़ा आनंद आ रहा था।
मैडम हल्की सिसकारी लेने लगीं।
अचानक मैडम ने मेरे पाजामे के नाड़े की गांठ खोल दी, पाजामा खींच कर उतार दिया और मेरे खड़े लंड को सहलाया।
मैंने मैडम की साड़ी उतार दी, साये की नाड़े की गांठ खोलकर साया नीचे खींचा।
मैडम सिर्फ पैंटी पहने खड़ी थीं।
वे खिलखिलाकर हंसीं जैसे कोई खेल हो रहा हो,
और पलंग पर जाकर चित लेट गयीं।
मैडम ने पैर घुटनों से मोड़कर जांघ फैलाकर उंगली के इशारे से मुझे पलंग पर बुलाया।
मैं मैडम के पैरों के बीच गया।
अब मुझे चूत देखनी थी।
मैं मैडम की पैंटी उतारने लगा।
मैडम ने कमर उठा दी।
मैंने देखा कि चूत बाल रहित, चिकनी, हल्की सांवली और फूली थी।
मेरा लंड उत्तेजना से झटके ले रहा था।
मैं घुटनों के बल जांघों के बीच बैठा और लंड को चूत में डालने की कोशिश करने लगा।
मुझे चूत का छेद नहीं मिल रहा था।
मैडम ने लंड पकड़ा और चूत की छेद पर रखा।
मैं अपने जोश पर काबू नहीं रख सका।
लंड से वीर्य की पिचकारी निकली औए वीर्य मैडम की जांघों पर फैल गया।
मैं बहुत शर्मिंदा और निराश हो गया।
मैडम बोलीं- संजय, कोई बात नहीं। पहली बार ऐसा हो जाता है। थोड़ी देर बाद फिर कोशिश करना। सफल होंगे। मैं तुम्हें सब सिखाऊंगी।
वे पास के टेबल से टिशू पेपर लेकर बोलीं- मुझे और खुद को साफ करो।
मैंने मैडम की जांघ पर फैला वीर्य साफ किया, अपना लंड पौंछा।
फिर मैंने उठकर पानी पिया।
फेल सेक्स स्टोरी 3 भागों में है.
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