मैरिड गर्लफ्रेंड लव स्टोरी में मेरे कोचिंग में एक विवाहिता लड़की आई. वो मुझे देखती थी तो मेरी निगाहें भी उस पर टिक जाती थी. पर वो कोचिंग छोड़ गयी.
सभी मित्रो को मेरा नमस्कार, मेरा नाम मितांश है लोग मुझे प्यार से मिट्ठू बुलाते हैं.
मैं raatkibaat को बहुत पुराना पाठक हूं.
मेरी यह सेक्स कहानी सत्य घटना पर आधारित है.
अगर इस मैरिड गर्लफ्रेंड लव स्टोरी में कोई भी गलती होगी तो क्षमा का प्रार्थी रहूंगा.
मैरिड गर्लफ्रेंड लव स्टोरी 2014 की है जब मेरी शादी हुई थी और मेरा दांपत्य जीवन खुशी खुशहाल चल रहा था.
मैं अपना निजी कोचिंग संस्थान चला रहा था जिसमें कई छात्र पढ़ने आते थे.
मैं उन पर बहुत मेहनत करता, जिससे छात्र मुझे बहुत मानते थे.
एक सुबह जब मैं कोचिंग के बाद आपने ऑफिस में बैठा था तो कोचिंग की कुछ छात्राओं के साथ एक नई छात्रा ने ऑफिस में प्रवेश किया.
उसकी एक सहेली ने कहा कि सर इन्हें भी कोचिंग करनी है.
उसने इसे की जगह इन्हें कहा, तो मैं उस लड़की को देखने लगा.
मैंने लड़की की ओर देखा तो वह एकदम गुमसुम सी दिखने वाली एक मासूम लड़की थी.
उसकी उम्र करीब 23-24 साल की रही होगी.
बाल कमर से थोड़ा नीचे तक आ रहे थे, रंग बिल्कुल ऐसा गोरा, जैसे दूध में किसी ने केशर मिला दिया हो.
गाल कश्मीरी सेब की तरह एकदम लाल.
उसके एक गाल पर प्यारा सा तिल था.
उसके लिप्स इतने सुर्ख लाल थे शायद उसे कभी लिपस्टिक लगाने की जरूरत न हो.
थोड़ा और गौर करने के बाद जब उसके सिर की ओर देखा तो मैं अचंभित रह गया क्योंकि वह शादीशुदा थी, मांग भरी हुई थी.
अब मैंने उसका नाम पूछा.
तो उसने अपना नाम प्रियांशी बताया.
उसके घर और परिवार के बारे में पूछा तो उसने धीमी आवाज में कहा- मेरे पति सरकारी टीचर हैं … और मेरी शादी कुछ समय पहले ही हुई है.
कुछ सामान्य बातें पूछने के बाद उसको समय के बाद कोचिंग में आने को कहा.
अब कोचिंग पूर्व की भांति चल रही थी और मैं पहले की तरह बच्चों को पढ़ाता.
एक दिन जब मैंने गौर किया तो प्रियांशी मुझे देखे जा रही थी.
जैसे ही मैंने उसकी तरफ देखा तो उसने नजर फेर दी.
अक्सर अब कक्षा में ऐसे ही होता, लेकिन एक माह के बाद उसने अचानक कोचिंग आना बंद कर दिया.
मुझे उसकी तरफ देखने की आदत सी लग गई थी लेकिन जैसे ही उसने कोचिंग आना बंद कर दिया तो दिल सा टूट गया.
मेरे पास उसका फोन नंबर भी नहीं था, जिससे यह पूछ सकूं की कोचिंग आना क्यूं बंद कर दिया.
उसके कुछ दिन बाद जब मैं कोचिंग से घर आ रहा था तो मैंने प्रियांशी को देखा.
मैंने तुरंत उसके पास जाकर पूछा- कोचिंग क्यों आना बंद कर दिया?
तो उसने धीमे स्वर में कहा- सर मेरे पति कह रहे हैं कि गांव में मेरे माता पिता के साथ रहो.
ऐसा कहकर वह रुकी ही नहीं, सीधी चली गई.
प्रियांशी न केवल रंग रूप में वरन पढ़ाई में भी काफी होशियार थी, अक्सर कठिन से कठिन सवालों का जवाब चुटकियों में दे देती.
खैर … मैं अब यह बात भूल चुका था.
करीब एक साल बाद उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट मेरे फेसबुक अकाउंट में आई जिसे मैंने पलक झपकते ही स्वीकार कर दिया.
उसे फेसबुक पर देख कर काफी अच्छा लगा.
वह बहुत खुश है.
रोज उसकी हर अपड़ेट देखता रहता लेकिन किसी भी तरह से उसको मैसेज नहीं करता.
एक दिन जब मैं परिवार के किसी समारोह से घर लौटा तो उस दिन मैंने काफी पी रखी थी और चुपचाप फेसबुक चला रहा था.
तभी मैंने देखा कि प्रियांशी ने अपनी स्टोरी पर एक वीडियो डाली थी तो मैंने उस पर झट से रिप्लाई कर दिया- आप बहुत अच्छे लग रहे हो, आई लाइक यू!
उसने मुझे तुरंत रिप्लाई किया- थैंक्स सर.
जब उसका रिप्लाई आया तो खुशी के मारे और नशे में होने के कारण मैंने उसे तुरंत ‘आई लव यू’ कह दिया.
उसने मेरा मैसेज सीन नहीं किया.
कुछ देर बाद मैं भी नींद के आगोश में चला गया.
सुबह जब देखा तो प्रियांशी के दो तीन मैसेज आए थे, जिसमें लिखा हुआ था- सर आप ये क्या बोल रहे हो? मुझे आपसे ये उम्मीद नहीं थी.
उसके ये मैसेज देख कर अपनी गलती का आभास हुआ तथा उसे पुनः प्रियांशी को रिप्लाई किया कि जो मेरे दिल में था, वह आपको कह दिया. गलती के लिए माफी!
उसने भी कुछ नहीं कहा और मुझे ब्लॉक कर दिया.
मैंने भी अब उसे परेशान करना उचित नहीं समझा.
उसके बाद जब अगले दिन मैं क्लास में पढ़ा रहा था तो उसका खुद मुझे मैसेज आया.
वह कहने लगी- कल क्या बोल रहे थे आप?
मैंने कहा- मैंने जो कहा था, वह बिल्कुल सत्य है.
उसने कहा- आप और मैं शादीशुदा हैं, हमारे बीच ऐसा कुछ नहीं हो सकता.
काफी देर समझने के बाद वह दोस्त बनने को राजी हो गई.
अब अक्सर प्रियांशी से घंटों मैसेज में बात होने लगी और धीरे धीरे कॉल पर भी बातें होने लगीं.
एक दिन मैंने उसे रात को मैसेज किया- देखो प्यार मैं आपसे करता हूं, दोनों मिलकर एक बार अपनी प्यास बुझा देते हैं!
उसने रिप्लाई किया- प्यास बुझाने को मेरे पति काफी है, दोस्त की हद में रहो वरना ब्लॉक कर दूंगी.
अब मैं जान चुका था कि प्रियांशी न केवल अच्छी लड़की है और एक अच्छी दोस्त बन सकती है.
लेकिन मैं हार मानने वालों से नहीं था.
मैं उससे बार बार प्यार का इजहार करता.
वह हर बार हंसकर टाल देती.
एक दिन जब मैंने उसे अपनी कसम देकर जवाब पूछा तो उसने यह कहा, जिसकी मुझे उम्मीद ही नहीं थी.
वह बोली- सर, मैं आपसे पहले ही दिन से प्यार करने लगी थी, इसीलिए क्लास में रोज आपकी तरफ देखती थी.
मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई.
मन तो किया कि पिंकू (मैं उसे प्यार से पिंकू बोलता था) को गले लगा लूं, लेकिन वह मुझसे बहुत दूर थी.
अब हम मिलना चाहते थे लेकिन ये संभव नहीं था क्योंकि हम दोनों एक दूसरे से बहुत दूर थे.
वीडियो कॉल के जरिए एक दूसरे को देखते और फोन सेक्स का मजा लेते.
एक दिन पिंकू ने कहा- मैं कुछ दिनों के लिए आपके शहर आ रही हूं!
यह सुन कर दिल को सुकून मिला और उम्मीद भी जगी कि शायद हम मिलेंगे.
जब वह हमारे शहर आई तो मैंने उसे बार बार मिलने की जिद की.
वह भी मिलना चाहती थी लेकिन मिलने की कोई सुरक्षित जगह नहीं थी … और एक छोटी सी गलती हमको जुदा कर सकती थी.
खैर … एक दिन जब पिंकू के पति कहीं गए थे तो मैंने उसे अपनी कसम देकर मिलने को बुलाया.
वह तय समय पर मेरे ऑफिस में आ गई.
वह अपने साथ अपने बेबी को लेकर आई थी.
इतने सालों में वह काफी सुंदर हो गई थी और उसका बदन भी काफी भर गया था.
हम दोनों ने मिलकर एक दूसरे को जोरों से गले लगाया और 5 मिनट तक जकड़े रहे.
न वह छोड़ने को तैयार थी और न मैं!
अंतः जब पिंकू के बेबी ने ‘ममा… ममा’ कहा तब जाकर हमने एक दूसरे को छोड़ा.
फ़ोन पर हम एक दूसरे से बहुत बात करते लेकिन आज न वह कुछ कह पा रही थी और न मैं.
कुछ देर उसके बेबी से बात करने के बाद उसे अपनी कुर्सी में बिठा कर उसे खूब सारी चॉकलेट देने के बाद मैंने पिंकू से कहा- आओ आपको अपनी क्लास दिखाऊं.
पिंकू मंद मंद मुस्कराती हुई क्लास रूम में मेरे पीछे आ रही थी.
उसके दांत मोती की तरह चमक रहे थे जो उसकी खूबसूरती में चार चांद लगा रहे थे.
क्लास में पहुंचने के बाद मैंने उसे दरवाजे के पीछे एक बार फिर से गले लगा दिया.
कुछ देर गले लगाने के बाद हम एक दूसरे को देखने लगे.
इस बीच हमारे लिप्स आपस में भिड़ गए मानो हम दोनों एक दूसरे में समाना चाहते हों.
किस करते करते मैंने उसके बूब्स को सूट के बाहर से दबाना शुरू किया.
अब उसकी गर्म सांसें सिसकारियों में तब्दील हो गई थीं.
जब उसको दर्द होता तो वह सिर्फ इतना कहती- जोर से नहीं दर्द हो रहा है.
मैं उत्तेजना से जोर जोर से उसके लिप्स काट देता.
इस बीच मैंने उसे गर्म करने के लिए उसकी गर्दन और कंधे पर (जहां पर ब्रा की स्ट्रिप होती है) जोर से से किस करने लगा.
वह जोर जोर से सांसें लेने लगी और मेरी पीठ पर अपने नाखून से दबाने लगी.
इस बीच मेरा लंड रॉड की भांति कड़क हो चुका था जो उसकी चूत में जाने को मचल रहा था.
मैं अब आगे बढ़कर उसकी कुर्ती के अन्दर नीचे से हाथ डाल कर उसके स्तनों को दबाना चाहता था और चूसना चाहता था लेकिन उसने एकदम से मेरा हाथ झटक कर वहां हाथ डालने से मना कर दिया.
इससे आगे और कुछ नहीं हो सकता था. एक वक्त की नजाकत … और दूसरा किसी के आने का भी डर था!
हमने एक दूसरे को ठीक किया और पुनः ऑफिस में चले गए.
थोड़ी देर बात करने तथा उसके बेबी के साथ खेलने के बाद वह जाने को बोलने लगी.
मेरा मन उसे रोके रखने का था लेकिन समय भी अधिक हो चुका था.
उसने जाते जाते मुझे एक बार फिर से गले लगाया, तो उसकी आंखों में आंसू साफ देखे जा सकते थे.
मन तो रोने को हो रहा था लेकिन मैंने सोचा अगर मैं अगर थोड़ा भी नर्वस हुआ तो पिंकू रो पड़ेगी इसलिए उसको हंसाने के लिए उसके गालों को काट दिया.
इस तरह से हंसते हुए मैंने उसको विदा किया.
उसका कमरे पहुंचते ही फोन आया और कहा- मेरे लिप्स बहुत दर्द कर रहे हैं लेकिन इसमें बहुत मजा आया.
उसने थोड़ी देर बाद वीडियो कॉल करके जो मैंने लव बाइट उसकी गर्दन और कंधे पर बना दिए थे, वह दिखाने लगी.
वह बोली- अब मैं अपने पति को क्या जवाब दूंगी?
इस बात पर मुझे अपनी गलती का आभास हुआ लेकिन मुझे पता था कि वह किसी तरह से मामला संभाल देगी.
आज तो चैटिंग पर बातों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा था.
मैंने उससे कहा- पिंकू, आज आपने अपनी ब्रा के अन्दर हाथ नहीं डालने दिया, मैं आपके बूब्स चूसना चाहता था.
तो उसने कहा- मैंने सोचा आप नीचे हाथ डाल रहे हो इसलिए आपका हाथ रोका.
मैंने कहा- अगली बार मिलेंगे तो पक्का चूसने को दोगी?
उसने कहा- हां अगर मिले, तो तब चूस लेना.
उसके मेरे शहर में अब कुछ ही दिन और रहना था लेकिन इस बीच मिलने का बहाना नहीं मिल रहा था.
पर वह कहते हैं ना कि जहां चाह, वहां राह.
एक दिन पिंकू ने कहा- मेरे पति किसी बीमार से मिलने को जा रहे हैं.
मैंने उससे कहा- आ जाओ फिर मिलने को!
काफी ना नुकुर करने के बाद वह मान गई.
मैंने उसे फिर अपने ऑफिस बुलाया, तो वह तय समय पर पहुंच गई.
आज तो पिंकू की सुंदरता कयामत ढा रही थी.
मैंने उसका बेबी गोद में पकड़ा, तो वह पापा … पापा करने लगा.
इस शब्द को सुन कर हम दोनों एक दूसरे की ओर देख कर हंसने लगे.
मैंने उसके बेबी को चॉकलेट दी, वह खाने में लग गया.
थोड़ी देर बाद वह अपनी मम्मी की गोद में गया और रोने लगा.
मैंने पूछा- क्यों रो रहा है?
तो पिंकू ने कहा- शायद इसके सोने का समय हो गया है!
मैंने कहा- यहीं ऑफस की कुर्सी पर सुला दो.
तो पिंकू उसे गोदी में पकड़ कर सुलाने लगी.
थोड़ी देर में पिंकू का बेबी सो गया.
मैंने ऑफिस के दरवाजे को बंद कर दिया और उसे उठा कर गले लगा दिया.
अब धीरे-धीरे उसे चूमने लगा.
आज मैंने देखा कि वह भी रिप्लाई में उसी तरह से किस कर रही है, जैसे मैं कर रहा हूं.
मैंने अब उसके स्तन को जोर जोर से मसलने लगा.
इस बीच उसके स्तन टेनिस की गेंद के समान कठोर हो गए थे और निप्पल एकदम सख्त … जो कुर्ती के बाहर से महसूस किए जा सकते थे.
मैंने पिंकू को बिठा कर कुर्ती को ऊपर करने को कहा, उसने भी देर नहीं की और अपनी कुर्ती ऊपर कर दी.
अब उसके कठोर सफेद स्तन मेरे सामने थे, जिस पर पिंक कलर के निप्पल थे.
ऐसे स्तन मैंने केवल पोर्न फिल्म में ही देखे थे.
मैंने अपने लिप्स उन पर रख दिए, जिससे पिंकू की एक मीठी आह निकल गई.
अब मैं उसके एक स्तन जोर जोर से चूस रहा था जबकि दूसरे स्तन को जोर जोर से दबा रहा था.
पिंकू बस ‘आअह्ह आहा … लगती है.’ कह रही थी.
काफी देर तक स्तन चूसने के बाद मैंने उससे हिम्मत करके कह दिया- मुझे सेक्स करना है.
उसने कहा- यहां पर कैसे?
शायद उसका भी मन था पर कहा कि बेबी कभी भी उठ सकता है.
मैंने भी ज्यादा जिद करना उचित नहीं समझा और फिर उसे पागलों की तरह किस करने लगा.
इस बीच मैं अपने लंड को पैंट के बाहर से सहला रहा था.
ये बात पिंकू काफी देर से गौर कर रही थी, उसने मेरा हाथ वहां से दूर किया और कहने लगी- आपको दर्द हो रहा होगा.
मैंने अपना हाथ वहां से हटाया और उठ कर अपने लंड को एडजस्ट करने लगा.
तभी मैंने पिंकू के सिर को पीछे से पकड़ कर शरारती ढंग से अपने पैंट की जिप पर लगा दिया.
अब चौंकने की बारी मेरी थी.
उसने सीधे पैंट की जिप खोल कर मेरा लंड बाहर निकाल दिया.
मैंने उसकी आंखों में देख कर सिर्फ प्लीज कहा, तो उसने मेरे लंड को पकड़ कर अपने होंठों पर रगड़ना शुरू कर दिया.
उसकी इस हरकत से मेरी उत्तेजना के मारे सिसकारियां निकलने लगीं.
थोड़ी देर बाद पिंकू ने मुँह खोल दिया और जीभ से मेरे लंड को चाटने लगी.
अभी मैं अपने आप को स्वर्ग में महसूस कर रहा था.
मैं उसके बालों को पकड़ कर अपनी कमर को चलाने लगा.
थोड़ी देर में मेरे शरीर से वीर्य का फुहारा निकला, जो पिंकू के गले में उतर गया.
कुछ वीर्य उसके लिप्स पर भी लगा था, जिसको मैंने अपनी कमीज से साफ किया.
मैंने गौर किया कि इस दौरान पिंकू ने किसी भी प्रकार का गुस्सा नहीं किया, वह तो उल्टा खड़ी होकर मुझे किस करने लगी.
फिर कहने लगी- अब तो आप खुश हो न?
अकसर कुछ मर्दों की आदत होती है कि वे अपना मतलब निकलने के बाद या तो सोने की कोशिश करते हैं, या फिर अपने साथी से मुँह मोड़ लेते हैं.
मैं सोच रहा था कि इसने मुझे खुश कर दिया, अब इसका भी मन होगा.
तभी उसने एकदम से बात बदलते हुए कहा- देर काफी हो गई होगी, मुझे चलना होगा!
मैंने उसके लिए आइसक्रीम मंगाई और कहा- इसे खाकर चली जाना.
इस बीच उसका बेबी भी उठ गया था तो पिंकू बारी बारी से हम दोनों को आइसक्रीम खिलाने लगती और प्यार से मेरी तरफ देखती.
पिंकू का भी अब जाने का मन नहीं कर रहा था, लेकिन मैंने उससे कहा कि देर हो गई है!
पिंकू ने जाते जाते सिर्फ इतना कहा- क्या अब फिर हमारी मुलाकात होगी?
मैं मौन था, मेरे पास इस बात का कोई उत्तर नहीं था.
बस मन में एक आस थी कि हम दोनों जरूर मिलेंगे.
दोस्तो, इस प्रेम कहानी को आप भले ही एक सेक्स कहानी के नजरिए से देख सकते हैं लेकिन यह मेरे लिए एक सुनहरी याद है.
इस मैरिड गर्लफ्रेंड लव स्टोरी के अगले भाग को भी लिखूँगा और आपको पिंकू की चुदाई कैसे संभव हो पाई, उसे विस्तार से सेक्स कहानी में लिखूँगा.
आप अपने मेल जरूर लिखें और बताएं कि कैसी लगी मेरे प्यार की कहानी.
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