Xxx भाभी फक स्टोरी में मौसी की बेटी की शादी में एक भाभी मेरे पीछे पद गयी. वो बहुत गर्म बाईसेक्सुअल लेडी थी. वे मुझे अपने घर ले गयी और अपनी बेटी के सामने ही चुद गयी.
हाय फ्रेंड्स, मैं अनिकेत आपको अपनी मौसी की लड़की की शादी में मिली एक भाभी और उनकी लड़की की चुदाई की कहानी सुना रहा था.
कहानी के दूसरे भाग
मौसेरी बहन की कुंवारी सहेली की चुदाई
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि मैं श्वेता की कसी हुई चुत में लंड पेल कर उसे आधा अधूरा चोद कर वापस शादी के पंडाल में आ गया था.
अब आगे Xxx भाभी फक स्टोरी:
दीपक भैया ने चाय के लिए अन्दर बुलाया.
उतने में मौसा जी वहां पहुंचे और मुझे देखकर बोले- कहां थे तुम? देखो आज तुम यहां से हिलना मत. सारा काम तुम पर ही रहेगा यहां का … हलवाई को कब क्या चाहिए, किस चीज की कमी है, वह सब देख लेना.
मैंने हां में सर हिलाया.
मौसा जी वहां से निकल पड़े.
पहले दिन के खाने के बारे में हलवाई से बात की … और फिर रात के खाने की लिस्ट उनको पकड़ा दी और उसे समझाते हुए कहा- कोई भी सामान चाहिए तो आप मुझे बोलना.
मैं अन्दर आ गया.
दीपक भैया बोले- आ जा चाय पी ले!
मेरे पीछे से आवाज आई- चाय आ गई … लो जी गर्मागर्म चाय!
मैं पीछे मुड़ा और शॉक्ड हो गया … ये तो वे ही मोहतरमा हैं … अरे बाप रे, तो ये दीपक भैया की वाइफ हैं … ओह नो!
स्लीवलैस नाइटी … वह भी बिना ब्रा की थी, बूब्स खड़े थे और हिल रहे थे.
भाभी मुझे देखकर मुस्कुराईं और चाय आगे बढ़ाई.
मैंने चाय उनके हाथ से पकड़ ली.
भैया बोले- ये अनिकेत है, कोलकाता से.
भाभी बोलीं- जी, मैं मिल चुकी हूँ दीदी के घर पर.
मैं नजरें झुकाकर चाय पीने लगा.
भाभी बोलीं- सुनिए जी, मैं दोपहर को पार्लर जाने वाली हूँ, थोड़े पैसे चाहिए थे.
भैया ने 2 हजार हाथ में दे दिए और बोले- जाओ रानी.
भैया ने सिगरेट मेरी ओर बढ़ाई.
मैं भाभी को देखने लगा.
भाभी बोलीं- मुझसे क्या शर्माना? पी ले अनिकेत.
वे हंस दीं.
भैया बोले- अनिकेत शर्मा मत, तेरी भाभी भी कभी-कभी धुआँ निकाल लेती हैं.
यह कह कर भैया भी हंस पड़े.
भाभी नाश्ता बनाने किचन में चल दीं.
मैं और भैया बाहर निकल कर कुर्सी लगाकर बैठ गए … सब कुछ ठीक चल रहा था.
दिन का खाना भी सबने वहीं खाया.
मौसा, मौसी, भाई-बहन और रिलेटिव सब थे.
मेरे साथ में श्वेता बैठी थी.
सभी हम दोनों को घूर रहे थे.
भाभी भी वहीं सामने बैठी थीं, पर कंटिन्यू मुझे देख रही थीं.
उनको भी अपनी बेटी पर डाउट हो रहा था.
मुझे समझ नहीं आ रहा था क्या करूँ!
दोपहर के 1:30 बज रहे थे.
सभी खाने के बाद उठे.
मैंने श्वेता को कहा- तुमने बताया नहीं कि वे तुम्हारी मम्मी हैं? देखो, तुम थोड़ा मुझसे दूर ही रहो क्योंकि तुम्हारी मम्मी को डाउट हो रहा है.
श्वेता बोली- मैं संभाल लूँगी उनको … और हां, खबरदार जो दूर रहने को बोला ह्म्म्म!
वह मुझे ऐसे घूरती हुई चली गई मानो मैं उसका माल हूँ.
रात की तैयारी चल रही थी.
भाभी जी पार्लर जाने के लिए निकलीं.
मैं और भैया वहीं बैठे थे.
भाभी भैया से बोली- क्या आप मुझे पार्लर छोड़ देंगे?
वे बोले- रिक्शे से चली जाओ, मैंने अभी-अभी खाना खाया है.
भाभी अचानक मुझसे बोलीं- अनिकेत, आप हमें छोड़ दो स्कूटी से!
भैया बोले- अगर दिक्कत ना हो तो चले जाओ अनिकेत.
भाभी को लेकर मैंने वहीं ऑटो स्टैंड के पास की गली में छोड़ा.
भाभी ने मेरी गर्दन पर गर्म सांसें छोड़ते हुए मजा लिया और उतरते वक्त बोलीं- जो भी हो जाए, आज तुम बच नहीं सकोगे! कुछ भी हो जाए, चाहे तो तुम्हारे भैया के सामने ही क्यों ना हो, मैं तुमसे चुदकर ही मानूँगी!
मैंने धीरे से कहा- क्यों नहीं? जब पार्लर आई हो तो पूरी बॉडी क्लीन करवा लेना! आज तेरी सुहागरात मेरे लंड से ही होगी … आज तू भी चुदेगी और तेरी अम्मा भी चुदेगी साली, साली रंडी बनाकर चोदूंगा तुझे!
भाभी की सांसें तेज होने लगीं.
वे दबी जुबान में बोलीं- साथ में तो कोई न कोई जरूर चुदेगी.
मैं सही से सुन नहीं पाया और समय भी कम था तो मैं उधर से वापस आ गया.
शाम के 6 बज चुके थे.
सभी गेस्ट आने लगे थे.
सारी तैयारी भी हो चुकी थी.
बारात के आने का टाइम 10:00 बजे था.
मैं सुबह से वहीं था.
दीपक भैया बोले- तुम भी फ्रेश हो जाओ. कुछ चाहिए तो बताना.
मैं बोला- भैया, मैं बाद में रेडी हो लेता हूँ. अगर आप बोलो तो मैं आपके छत पर थोड़ा एक्सरसाइज कर लूँ … थकान दूर हो जाएगी.
भैया बोले- कहा ना अपना ही घर समझो, जाओ. वैसे भी तुम्हारी बॉडी इतनी अच्छी है कि मैं भी फिदा हो जाऊं!
ये बोलकर वे हंस पड़े.
भैया भाभी से बोले- अनिकेत को एक तौलिया दे दो और छत पर जाने दो.
यह कह कर वे बाहर निकल पड़े.
भाभी मेरे पीछे-पीछे छत पर आईं.
श्वेता भी आ गई.
मैंने कहा- आप दोनों नीचे जाओ. बस 40-45 मिनट मुझे दे दो, मैं आता हूँ.
करीब 7 बजे मैं नीचे आया.
पसीने से लथपथ.
गेस्ट आने लगे थे.
कैटरिंग वालों ने दस मिनट का और टाइम लिया … सब रेडी कर दिया.
बहन भी आ गई थी दुल्हन सजकर.
काफी भीड़ होने लगी थी.
खाना चालू हुआ और मैं भी रेडी होने चल पड़ा.
साथ में श्वेता भी चल पड़ी.
मैंने कहा- अरे तुम भी रेडी हो जाओ.
वह बोली- ठीक है, आप जल्दी आना.
करीब 20 मिनट के बाद मैं वहां पहुंचा … मेरी बहन ने मेरे साथ पिक शूट करवाई, साथ ही उसकी सारी सहेलियां भी थीं.
सब बोल रही थीं- अरे तेरे भैया तो हॉट हैं यार … मसलमैन!
मैंने नेवी ब्लू जींस और एक व्हाइट शर्ट पहनी थी.
थोड़ी देर में श्वेता वहां आई.
वह एक मैरून कलर की घाघरा चोली में थी और बहुत ही हॉट लग रही थी.
वह स्टेज पर बहन के साथ फोटो शूट करवाने लगी और फिर मुझे भी खींचकर ले गई.
उधर वह मुझसे चिपक कर फोटो निकलवाने लगी.
उसकी एक चूची मेरे सीने से सटी हुई थी लेकिन उसको किसी से कोई मतलब ही नहीं था.
कैमरामैन आदि सब हम दोनों को ही देख रहे थे.
मैंने नीचे जाकर श्वेता से भैया के बारे में पूछा.
वह बोली- गए होंगे पीने शायद.
फिर वह मेरे कान में बोली- आप तो व्हाइट शर्ट में काफी हॉट लग रहे हो … आप मेरे साथ ही रहो, चाहे कोई कुछ भी बोले!
मैंने कहा- आपकी मम्मी नहीं दिख रही’?
श्वेता- लगता है आज आपके लिए ही सज रही हैं … आने तो दो, देख लेना!
‘मैं जाऊं देखने?’
वह बोली- बड़ी जल्दी है आपको … आप यहीं खड़े रहो.
उसने मेरा एक हाथ पकड़ कर मेरे कंधे पर सर रखकर खड़ी हो गई, जैसे कि वह मेरी वाइफ हो … आस-पास के सब लोग इस तरह हमें देख रहे थे.
क्या बोलूँ यार … बड़ा अजीब लग रहा था.
फिर 5 मिनट के बाद भाभी आईं.
ब्लैक कलर की साड़ी, ब्लैक स्लीवलैस ब्लाउज, खुले बाल … साली पूरी की पूरी कैटरीना कैफ लग रही थी!
पूरी बॉडी क्लीन, कातिल लग रही थी साली छिनाल!
उन्होंने भी बहन के साथ फोटो शूट करवाई … दोनों कैमरामैन लगे फोटो खींचने …
मैं वहीं खड़ा मुस्कुरा रहा था.
भाभी ने श्वेता को बुलाया.
श्वेता अब मुझे खींचने लगी.
मैंने कहा- तुम जाओ.
दोनों माँ-बेटी ने बहन के साथ फोटो निकलवाईं.
फिर भाभी सीधी मेरे पास आईं और हाथ पकड़ कर मुझे स्टेज पर ले गईं, मेरे साथ चिपक कर फोटो निकलवाने लगीं.
श्वेता से रहा नहीं गया, वह भी मेरे पास आई … माँ-बेटी के बीच में मैं था.
बहन बोली- आज तो भैया का ही दिन है.
उसकी बात से सभी हंसने लगे.
कोई 9 बजे भाभी अन्दर गईं.
थोड़ी देर में श्वेता का फोन बजा और बोली- अनिकेत को अन्दर भेजना.
वह बोली- चलो, आपका आज सुहागरात होगी मम्मी के साथ.
पास में मौसा जी थे.
मैंने मौसा जी को बोला- कोई काम हो तो बताना आप.
वे बोले- बेटा सब ठीक है, तुम थोड़ा आराम कर लो. बाराती 10:30 बजे आएंगे.
श्वेता मुझे ऊपर ले गई, भाभी के बेडरूम में.
मैं सोफे पर बैठा.
श्वेता बोली- मैं आई.
एक अलग ही खुशबू थी रूम में.
श्वेता को देखा, मैंने दरवाजा बंद कर दिया और वह ऊपर आ गई.
वह मेरी गोद में बैठ गई और किस करने लगी.
मैं बोला- अरे तेरी मम्मी आती होगी!
श्वेता ने सारी खिड़कियां बंद कीं और AC चला दिया. उसने कमरे की सारी लाइटें जला दीं … कमरे में उजाला ही उजाला था.
पास के रूम से भाभी आईं. ब्लैक नाइट, वह भी ट्रांसपेरेंट जो कि घुटनों के ऊपर थी. हाथ में एक दो बियर की बोतल लाई थीं.
उन्होंने मेरे सामने दोनों बोतलें रख दीं.
मैं शॉक हो गया और श्वेता को देखने लगा.
वह बोली- सप्राइज है आपके लिए, माय हॉट स्वीटहार्ट!
उसने एक किस की गाल पर … और बेड पर चली गई.
मां बेटी दोनों मेरे लवड़े की शैदाई थीं साली …
भाभी मेरे पास आईं.
एक बोतल मुझे दी, अपना एक पैर सोफे के ऊपर रखा … उनकी पूरी बॉडी क्लीन थी और चूत भी साफ दिख रही थी.
मैंने एक बार में आधी बोतल खत्म कर दी और उनके पैर चाटने लगा. एक हाथ उनकी चूत पर रखा … उसको स्लोली-स्लोली रगड़ने लगा.
मैंने खड़े होकर अपने शर्ट और पैंट को खुद खोल दिया … उन्हें किस करते-करते उनकी नाइट को पकड़ कर फाड़ दिया!
श्वेता ये सब देख रही थी.
फिर उनकी गर्दन को मानो मैं खा लेना चाहता था.
उनके अंडरआर्म्स में घुस जाना चाहता था.
मैं उनकी पूरी बॉडी को चूसने और चाटने लगा.
वे बस मदहोशी में ‘आआह … आआ ह्ह्ह’ किए जा रही थीं.
मैंने उन्हें बेड पर लिटाया और चूत चटाई, गांड चुसाई चालू की.
उनकी चूत में रस तो मानो भरा पड़ा था.
दस मिनट के बाद मैंने लंड उन्हें हाथ में दिया.
वे उसे तन्मयता से चूसने लगीं.
मैंने बोतल को पूरा खाली कर दिया.
भाभी घुटने पर बैठकर लंड चूस रही थीं … मेरे दोनों बॉल को एक साथ मुँह में ले रही थीं.
मैंने इशारे से श्वेता को पास बुलाया और उसे किस करने को बोला.
वह भी लग गई.
अब मेरे पूरे बदन में करंट सा फील होने लगा.
श्वेता को साइड करके मैंने भाभी को बेड पर लिटाया, एक पैर कंधे पर रखकर लंड को चूत पर रगड़ने लगा.
भाभी बोली- अनिकेत, आराम से … काफी बड़ा लंड है तुम्हारा!
मैंने कुछ नहीं कहा.
झुककर एक बार फिर चूत चूसी, जीभ डाली, फिर लंड सैट कर धीरे-धीरे चूत में डाला.
लंड पेलने से पता चला कि भाभी की चूत एकदम कसी हुई थी.
मैंने लंड निकाल कर उस पर अपना थूक लगाया और वापस चुत के अन्दर धकेला.
इस बार झटका तेज लगा था तो आधे से ज्यादा ही घुस गया था.
वे अब छटपटाने लगी थीं.
मैंने कहा- चुप साली … रंडी … आज तू देख क्या हाल करता हूँ तेरा!
लौड़े को चुत से बाहर खींच कर फिर आराम से स्लोली-स्लोली लंड पूरा का पूरा अन्दर धकेला … वे इस बार ज्यादा ही छटपटाने लगी थीं.
मैंने वैसे ही पूरा लंड अन्दर ही रहने दिया. भाभी की गर्दन को सहलाया और जोर से दबाया.
मेरा लंड उनकी बच्चेदानी से टकरा रहा था, यह समझ में आ गया था.
मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई.
अब वे थोड़ी मस्ती में आने लगी थीं.
एक मिनट के बाद भाभी बोलीं- अनिकेत, अच्छा लग रहा है … मुझे चोदो अच्छे से!
मैंने उनके दोनों बूब्स को सहलाया, उन पर थप्पड़ मारे और लग गया.
मेरा रास्ता पूरा क्लियर था.
थोड़ी स्पीड बढ़ाई, तो भाभी डरने लगीं.
थोड़ी और बढ़ाई … अब वे बचना चाहती थीं, पर मेरी पकड़ से कहां जातीं.
मैंने अब गियर को 5 नंबर पर रख दिया.
दनादन स्पीड बढ़ा दी.
भाभी न चाहकर भी जोर-जोर से चिल्लाने लगीं.
मेरी स्पीड इतनी तेज थी कि उनकी चूत के आस-पास की हड्डी से मैं टकरा रहा था.
कोई 20 सेकंड में कम से कम तो 100 धक्के मारे होंगे … सच में भाभी रोने लगी थीं.
मैंने उन्हें ढीला छोड़ा और बेड पर उल्टा कर दिया.
वे कुछ समझ पातीं कि मैंने पीछे से लंड सैट किया और एक ही बार में चूत के अन्दर डाल दिया.
उनकी आवाज ‘आह मर गई’ निकल गई.
भाभी की गांड काफी गोल-मटोल थी.
लंड अन्दर ही डालकर गांड सहलाया और 2-4 थप्पड़ लगाए.
वे अब भी रोये जा रही थीं.
मैंने पास पड़ी बोतल को आधा पिया … फिर उनके बाल पकड़ कर धीरे-धीरे धक्के मारने चालू किए.
भाभी कंटिन्यू छटपटाती हुई कराह रही थीं.
मैंने फुल स्पीड में पूरी ताकत के साथ एक मिनट तक चोदा साली रंडी भाभी को.
फिर लंड निकाल कर उन्हें खड़ी कर दिया.
बेड से हटाकर उन्हें सोफे पर लिटाया और दोनों पैर कंधे पर रख लंड चूत में डाल कर चुदाई चालू कर दी.
इस बार वे सच में मुझे मार रही थीं.
उनके इस ब्यूटीफुल बिहेवियर को देख कर मैं श्वेता समझ कर भाभी को दनादन पेलने लगा.
अब Xxx भाभी फक से सच में बेहोश हो गईं.
मैंने लंड को बाहर निकाला, उनके नाक और मुँह को एक साथ बंद किया.
मेरे ऐसा करने से 5-6 सेकंड में ही वे होश में आ गईं.
मैंने उन्हें उठाया, बेड पर डाला और पानी पिलाया.
कुछ पलों के बाद भाभी थोड़ा अच्छा फील कर रही थीं, पर इस बार वे मुझे ऐसे देख रही थीं मानो मैंने उनका हलाला कर दिया हो.
मैं भी सोफे पर जाकर बैठ गया.
पसीने से लथपथ.
वह भी AC वाले रूम में.
श्वेता को तो मैं भूल ही गया था.
बगल के सोफे पर वह भी चुत खोल कर बैठी थी.
वह वासना से मुझे देख रही थी.
एक मिनट में माहौल बदल गया.
हम तीनों एक दूसरे को देख रहे थे.
दोस्तो, ऐसा नहीं है कि हमारी चुदाई घंटों से चालू थी. मुश्किल से 15 मिनट ही ताबड़तोड़ चुदाई की होगी.
अब मैं भाभी के पास जाकर बैठा.
वे पहले से थोड़ी बेहतर थीं.
मैंने उन्हें सॉरी बोला.
वे कुछ नहीं बोलीं … और बाथरूम में जाने के लिए उठने लगीं.
लेकिन मजाक है कि इतनी ठुकाई के बाद वे खुद के पैरों पर चलकर बाथरूम जा सकें!
यही हुआ … वे लड़खड़ा गईं.
मैंने उन्हें पकड़ा और सहारा देकर बाथरूम में ले गया … मैं भी अन्दर गया.
वे मना करने लगीं.
मैंने कहा- नहीं, चुदाई पूरी नहीं हुई तो क्या हुआ? पेशाब आप पूरी मेरे लंड पर करोगी … वह भी खड़ी होकर!
वे मुस्कुरा दीं.
वही हुआ.
मैं चूत के सामने अपने लंड को हाथ से हिलाने लगा.
वे बोलीं- मेरे मुँह में झाड़ दो.
दो मिनट के बाद मैंने पूरे रस को भाभी के मुँह में डाला और वे पूरी मलाई चाट गईं.
मैं उनके साथ बाथरूम में बैठकर ही उनके मांसल बदन को सहलाने लगा.
फिर फ्रेश होकर मैं बाहर आया … और श्वेता को देख बोला- क्या मेरी बकरी … कैसी है … मम्मी की चुदाई कैसी लगी?
वह बोली- सच में आपने तो मार ही डाला था मम्मी को! जबरदस्त हो आप और आपकी चुदाई!
मैं हंस दिया.
‘और हां, मुझे नहीं चोदने के लिए थैंक्स … नहीं तो मैं मर ही जाती … आज का दिन मैं हमेशा याद रखूँगी.’
‘चोदूंगा तो तुझे भी कुतिया!’
वह हंस दी और फ्रेश होकर मेरे साथ नीचे आ गई.
यदि आप चाहेंगे तो जल्दी ही अगले भाग में मिलते हैं.
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