मेच्योर सेक्स की कहानी में 55 साल के मर्द को बीवी के साथ सेक्स का सुख ना मिला तो उसने यह जिस्मानी खुशी बाहर तलाशी. उसे पड़ोस की एक महिला का साथ मिला जिसे उसके पति से सुख नहीं मिल रहा था.
कहानी के पहले भाग
शादी से पहले मंगेतर की चुदाई
में आपने पढ़ा कि सुनील और मालती की शादी विदेश में हुई. दोनों को सेक्स का शौक था पर इनके 2 ब.च्चे हो गए तो मालती का सेक्स का शौक कम हो गया. सुनील ने यह खुशी शायद बाहर तलाश ली.
फिर वे भारत आ गए.
अब आगे मेच्योर सेक्स की कहानी:
अब सुनील 55 साल के हो गये थे.
सुनील तो अधिकाँश समय अपनी जिम कॉर्बेट स्थित पुश्तैनी कोठी में रहते.
मालती बच्चों के साथ बंगलौर रहतीं.
ऐसा नहीं है कि उनके बीच का प्यार खत्म हो गया था, पर हाँ जो भूख सुनील को सेक्स की थी मालती को वो न के बराबर थी.
उनके बीच अब भी सेक्स होता था पर उसमें वो रोमांच और अंतरंगता नहीं थी.
सुनील इस बात से खिजियाए रहते पर उन्होंने मालती से कभी नाराजगी नहीं जाहिर की.
सुनील ने जिम जाकर अपने को बेहतरीन ढंग से फिर रखा हुआ था.
सुबह पार्क में घूमना और योगा करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था.
आज भी वो बहुत आकर्षक व्यक्तित्व के धनी थे.
पार्क में उनके दोस्तों का एक अलग ग्रुप बन गया जिसमें काफी तो दंपत्ति थे.
पर थे सब 55-58 से ऊपर के.
सुनील उन सबके प्रिय थे तो अक्सर ही कोई उनकी कोठी पर डिनर लेता या वो खुद किसी और के यहाँ. यहाँ भी उनकी महिला मित्रों की संख्या ज्यादा थी.
और मजे की बात ये थी कि ये दोस्ती उन महिला मित्रों के पतियों की जानकारी में थी.
ये 4-5 दम्पत्तियों का ग्रुप आपस में खुलकर हंसी मजाक और बातचीत कर लेता था.
सभी अत्यंत पढ़े लिखे और रईस.
एक बात और जो उनमें कॉमन थी कि इन सभी की एक सोच थी कि उम्र के इस पड़ाव पर पति पत्नी का आपसी सामंजस्य कम होता जाता है. आपस के शौक को कभी मिलते ही नहीं.
केवल सुनील ही अकेले थे जिनकी पत्नी अक्सर उनके साथ नहीं रहतीं थीं, बाकी तो सभी जोड़े से ही रहते थे.
इन्हीं मित्रों में एक कपूर फॅमिली थी.
कपूर साहब मिलिट्री से रिटायर्ड थे.
पूरी जिन्दगी अकेले मोर्चे पर रहे तो पत्नी नीता कपूर से बहुत ज्यादा फिजिकली जुड़े नहीं रहे.
एक लड़की हुई जिसकी शादी हो गयी है.
नीता ने भी आर्मी स्कूल में जॉब किया.
बेहद खूबसूरत और एक्टिव.
अब दोनों पति पत्नी रिटायर्ड जिन्दगी जीने इधर आ गये.
कपूर साहब का एक ही शौक है जम कर पीना.
पर केवल रात को.
मतलब नीता के खूबसूरत जिस्म की जगह दारु की बोतल.
बोलने चालने, व्यवहार में अत्यंत सलीकेदार.
नीता अपनी जिन्दगी में बेहद शौक़ीन रहीं.
इसी का परिणाम था कि उन्होंने अपने को बिलकुल फिट रखा हुआ था.
शरीर कसा हुआ, मांसल मम्मे और छोटे बाल.
पार्क में महिलाओं में वो ही सबसे एक्टिव दिखतीं.
उनकी और सुनील की काफी पटने लगी.
सुनील हफ्ते में दो बार तो डिनर उन्हीं लोगों के साथ करते.
नॉन वेज का शौक जो था उन्हें.
सुनील और नीता एक दूसरे के नजदीक आते चले गए.
बातचीत का दौर जो चलता तो आपसी दुःख दर्द तक आने लगा.
बातों की परत खुलीं तो जिस्मानी मांग पर आकर टिक गयी.
दोनों कहते- जैसी भगवान की मर्जी.
भगवान की मर्जी क्या थी, उन्हें खुद नहीं मालूम था.
एक बार डिनर लेते लेते कपूर साहब तो टुन्न होकर पड़ गए और बाहर मौसम बेहद खराब था.
तेज बारिश.
सुनील ने छाते के सहारे बाहर जाने की कोशिश की तो आंधी होने से न जा पाए और भीग गए.
नीता ने उन्हें जिद करके यहीं रुकने को कहा और बदलने को कपूर साहब के कपड़े दे दिए.
सुनील अपने रूम में सोने की कोशिश करने लगे और नीता अपने कपड़े चेंज करके अपने बेड रूम में चली गयी.
अब जैसा आम कहानियों या फिल्मों में होता है, यहाँ भी वैसा ही हुआ.
सुनील तो कपड़े बदलकर लेट गये.
पर भीग गए थे तो छींकें आने लगीं.
आवाज सुनकर अपनी शोर्ट नाईटी को गाउन से ढकते नीता आ गयीं और उन्होंने मुस्कुराते हुए सुनील से पूछा- कॉफ़ी लेंगे या ड्रिंक?
सुनील को मालूम था कि ये फ़्लर्ट का टाइम है तो उन्होंने कहा कि आपके हाथ की कॉफ़ी भी ड्रिंक का ही नशा देगी.
नीता हंस पड़ी और बोली- यार बड़े रोमांटिक हो, पहले क्यों नहीं मिले?
सुनील ने उन्हें अपनी ओर खींचा और आँखों में आँखें डालते हुए कहा- अब तो मिल गये.
शायद भगवान को यही मंजूर था.
नीता उनकी गोदी में आ गयी, बोली क्या कर रहे हैं?
सुनील बोले- कोई ऐतराज?
नीता फिर हंसी- मुझे तो नहीं है पर कपूर साहब से और मालती से पूछना पड़ेगा.
सुनील ने उसके होंठों से होंठ मिला दिए.
जिसका जवाब नीता ने उतनी ही गर्मजोशी से दिया.
सुनील को मालूम था कि ऐसी परिस्थितियों में जल्दबाजी नहीं करनी.
उन्होंने नीता की पकड़ ढीली की.
नीता खड़ी हुई और बोली- ज्यादा बदमाशी नहीं, रुको मैं कॉफ़ी लाती हूँ.
कॉफ़ी लाते समय नीता ने बेडरूम में झांका तो कपूर साहब तो मस्त सो रहे थे.
वो तो अब सुबह से पहले नहीं उठने वाले.
नीता ने अपने को शीशे में निहारा, हल्के से बाल ठीक किये और बॉडी स्प्रे लगाकर मुस्कुराती सुनील के बेड रूम में पहुँच गयी.
सुनील बेड पर बैठा सिगरेट के कश लगा रहा था.
नीता ने बेड के पास पड़ी कुर्सी पर बैठते हुए सुनील को कॉफ़ी पकडाई.
सुनील ने उसे सिगरेट की डिब्बी ऑफर की तो नीता ने मुस्कुराते हुए सुनील की सिगरेट से ही एक दो सुट्टे मारे और सिगरेट सुनील को लौटा दी.
दोनों कॉफ़ी पीने लगे.
दोनों चुप थे पर मुस्कुरा रहे थे.
कॉफ़ी खत्म कर नीता उठी और गुड नाईट बोलकर जाने लगी.
सुनील ने उसकी ओर हाथ बढ़ाया.
नीता ठिठकी और हाथ में हाथ देते हुए बोली- बहकाओ मत मुझे!
पर अब देर हो चुकी थी.
सुनील ने रूम का गेट लॉक किया और नीता को अपने से लिपटा लिया.
कुछ ही पलों में बेड पर सुनील की चादर के अंदर थी.
दोनों के होंठ आपस में मिले हुए थे.
नीता थोड़ा बहुत तो कुनमुनाई, थोड़ा नखरे दिखाए पर जल्दी ही वो सुनील का साथ देने लगी.
दोनों के कपड़े उतर गए और दोनों चादर के अंदर एक दूसरे में समाने की होड़ में गुत्थम गुत्था हो गये.
कोई भूमिका की जरूरत नहीं थी. सीधी सीधी बात दो गर्म और भूखे जिस्मों का मिलन था.
वासना का ज्वार था, एक दूसरे की जिस्मानी जरूरत थी.
पूरे कमरे में वासना की आग फ़ैल गयी.
आह उह की आवाजें और कसमसाहट भरी सीत्कारें.
नीता तो आज पागल हो गयी थी.
सुनील को तो सेक्स मालती से कभी कभार मिल जाता था पर नीता तो पता नहीं कब से भूखी थी.
सुनील के गठे और कसरती बदन ने आज उसकी जिस्मानी आग को शांत किया था.
आज सुनील ने नीता के मांसल मम्मों को जम कर मसला था.
चुदाई में नीता ने ऊपर आकर सुनील के लंड को अपनी गहराइयों तक पहुंचाया था.
सेक्स के लगातार दो राउंड लगाकर दोनों बिना कपड़ों के बगल बगल लेटे सिगरेट के कश लगा रहे थे.
नीता बुदबुदाई- हनी, आज तुमने मेरे मरने से पहले की ख्वाइश पूरी कर दी. बड़ी इच्छा थी कि कोई एक बार ऐसे चोदे जैसा आज तुमने चोदा है. जवानी के दिनों में कपूर साहब ऐसे ही चुदाई करते थे.
सुनील बस इतना ही बोला- सेम हियर.
अगले दिन सुनील और नीता की घंटों फोन पर बातें हुईं.
नीता बोली- सच तो ये है की अधिकाँश हिन्दुस्तानी पति पत्नी 55 के बाद एक दूसरे को सुख नहीं दे पाते. वो सेक्स चाहते हैं, पर आपस में नहीं. कुछ नया चाहते हैं दोनों.
सुनील ने उससे कहा कि वो नदी किनारे लीज़ पर लेकर एक रिसोर्ट चालू करना चाह रहा है. और कल रात की घटना से उसे एक आइडिया आया है कि क्यों न वो रिसोर्ट ‘सेकंड इनिंग’ के नाम से बनाया जाए और उसमें 55 से ऊपर के दम्पत्तियों के लिए कुछ रोमांच हो.
सुनील का आइडिया नीता को बहुत पसंद आया.
नीता के आमंत्रित करने पर सुनील कपूर के घर गया.
नीता और उसके पति को भी प्रोजेक्ट जंच रहा था.
सुनील ने नीता को प्रेरित किया कि वो कपूर को उकसाए उसके साथ पार्टनरशिप में काम करने के लिए.
कपूर ने हाँ कह दी.
अब शुरू हुआ सेलिब्रेशन.
पूल साइड पर टेबल लगी.
नीता और सुनील तो स्विमिंग के मूड में थे, दोनों पानी में उतरे.
कभी पानी में कभी बाहर… स्नैक्स के साथ शराब चलती रही.
कपूर तो हमेशा की तरह ओवर ड्रिंक करते करते टुन्न हो गये.
सुनील बोला- लो हो गया सेलिब्रेशन.
उसका मूड खराब हो गया था.
नीता मुस्कुराई और उसने पास आकर सुनील को हग किया और चूमते हुए कहा- हम करेंगे न सेलिब्रेशन.
दोनों ने मिलकर कपूर को तो बेड पर लिटाया.
नीता ने सुनील की मदद से कपूर साहब के कपड़े ढीले किये क्योंकि उसे तो अब उठना नहीं था सुबह से पहले.
सुनील ने कपूर साहब की पेंट उतारी तो साथ में अंडरवियर भी उतर गया.
सुनील ने सॉरी कहते हुए अंडरवियर चढ़ाया तो उसने देखा कि कपूर की लुल्ली तो ब.च्चों से भी छोटी है.
उसने नीता की तरफ देखा तो नीता फीकी हंसी हंसी- अब बताओ क्या से क्या हो गया इसका बम्बू. जवानी में पूरा खड़ा होता था.
सुनील और नीता बाहर आ गये.
सुनील बोला- मैं कपड़े बदल लूं फिर चलता हूँ.
नीता बोली- और सेलिब्रेशन?
कहकर नीता लिपट गयी सुनील से.
दोनों शोर्ट ड्रेसेज में थे.
बाहर की लाइट बंद कर के दोनों वापिस पूल में उतर गये.
अब चारों ओर अन्धेरा था.
दोनों आपस में लिपटे हुए थे.
आग तो भड़की हुई थी ही, पानी में और भड़क गयी.
नीता ने सुनील की शॉर्ट्स में हाथ डाल दिया.
सुनील का मोटा लंड उसके हाथ में था.
सुनील भी उसके मम्मे चूमने लगा.
नीता ने पानी के अंदर ही सुनील की शॉर्ट्स उतार दी.
सुनील ने उसकी पेंटी उतार दी.
अब दोनों नीचे से निपट नंगे थे.
दोनों चिपक गये.
नीता ने उसका लंड टटोला और अपनी चूत के मुहाने पर रख दिया.
दोनों की गर्म साँसें निकलने लगी.
सुनील ने ठेल दिया लंड को चूत के अंदर.
पानी के अंदर धक्के नहीं लग पा रहे थे.
नीता कसमसायी और बोली- चलो अंदर.
दोनों टॉवेल लपेट कर बेड पर आ गए और अपने बदन को सुखा कर लग गए गरमा गर्म सेक्स में.
आज नीता की चूत एकदम चिकनी थी तो सुनील ने उसकी टांगें चौड़ायीं और जीभ अंदर घुसा दी.
नीता सिहर गयी.
उसने अपनी टांगें और चौड़ा दीं और फांकों को भी उँगलियों से चौड़ा दिया.
सुनील पूरी जीभ घुसा कर उसे मजा देने लगे.
सुनील ने एक हाथ ऊपर करके मम्मे भी मसले.
नीता बोली- मुझे तुम्हारा चूसना है.
दोनों 69 हो गये.
नीता उसके ऊपर आई, एक सधी खिलाड़िन की तरह नीता ने सुनील के लंड को मुंह में लिया.
जल्दी ही सुनील की समझ में आ गया कि नीता सेक्स की मंजी हुई खिलाड़ी है.
सुनील तड़फने सा लगा.
वो मिमिआया- तुम तो मेरा मुंह में ही खाली कर दोगी.
अब नीता उसे ऊपर आ गयी.
उसकी चूत पूरी थूक से लिपटी हुई थी और सुनील का लंड भी थूक से सराबोर था.
नीता ने हाथ बढ़कर एक लुब्रिकेंट क्रीम सुनील के लंड और अपनी फांकों पर लगाई और फिर धीरे से ऊपर बैठते हुए अपने हाथ से सुनील का लंड अपनी चूत में किया.
सुनील को बड़ा आश्चर्यजनक एहसास हुआ कि उसका लंड नीता की चूत में लुब्रिकेंट की वजह से फिसलता हुआ चला गया और नीता ने जब घुड़सवारी शुरू की तो आज सुनील को अभूतपूर्व मजा आया.
उसने जल्दी ही नीता को नीचे पलटा और उसकी टांगों को चौड़ी करते हुए पेल दिया अपना मूसल.
उसने खूब धकापेल की पर लंड और चूत चिकनी होने की वजह से आज उनका टाइम बहुत बढ़ गया.
मेच्योर सेक्स करके दोनों ही थक गए थे पर सुनील का लंड छूटने का नाम ही नहीं ले रहा था.
नीता मुस्कुराई, उसने अपनी टांगों को सिकोड़ा.
अब अचानक सुनील का लंड कसाव में आ गया और अब धक्के नीता की चूत में घिसटकर जाने लगे.
जल्दी ही सुनील ने एक झटके में सारा माल नीता की चूत में कर दिया.
दोनों निढाल होकर पड़ गए.
सेक्स का ऐसा अनुभव दोनों को ही आज जवानी के दिनों के 25-30 साल बाद आज हुआ था.
अब ही तक की मेच्योर सेक्स की कहानी आपको कैसी लगी?
मुझे बताएं.
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