न्यू ऐस्स फक स्टोरी में एक अमीर भाभी ने मुझे सेक्स के लिए बुलाया था. मैं उसकी चूत में लंड पेल रहा था कि अचानक लंड चूत से निकल कर गांड में घुस गया.
फ्रेंड्स, आप मेरी सेक्स कहानी को पसंद कर रहे हैं, यह आपकी मेल से पता चल रहा है.
कहानी के पहले भाग
बीवी ने शौहर के सामने गैरमर्द से चुत चुदवाई
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि मैं रिया की सहेली कामिनी के बंगले पर उसके साथ सेक्स में लगा हुआ था और कामिनी की नौकरानी मेरे सामने खड़ी थी तो मेरा उसे चोदने का मन करने लगा था.
अब आगे न्यू ऐस्स फक स्टोरी:
मैंने और कामिनी ने एक-एक पैग मारा और हल्का खाना खाया.
संजना सब उठाकर बाहर चली गई.
मेरा लंड अब मुरझा चुका था.
कामिनी उठी और मेरी गोद में आकर बैठ गई, मुझे किस करने लगी.
उसकी पैंटी के ऊपर से ही मुझे उसकी चूत की गर्मी महसूस हो रही थी.
मैंने धीरे-धीरे उसके बूब्स मसलना शुरू किए. उसके बूब्स बहुत ही कसावदार थे .. एकदम किसी 25 साल की लड़की की तरह.
शरीर भी कसावदार था, स्किन टाइट थी. मुझे बिल्कुल नहीं लग रहा था कि मैं किसी 40 साल की औरत से सेक्स कर रहा हूँ.
कामिनी उठी और उसने पैंटी निकाल दी. उसकी चूत देखकर मेरा लंड फुँफकार मारने लगा.
पूरी बॉडी गोरी थी, लेकिन चूत के आस-पास काला था. चूत कसावदार लग रही थी … एकदम किसी वर्जिन लड़की की तरह.
ऐसा नहीं लग रहा था कि वह किसी से चुद चुकी हो.
वह बिस्तर के मुहाने पर बैठ गई और मुझे नीचे बैठने के लिए कहा.
मैंने वैसे ही किया.
उसने मेरे सिर को पकड़ा और अपनी चूत पर लगा दिया.
पिछले एक घंटे के माहौल की वजह से उसकी चूत पानी छोड़ चुकी थी, तो एकदम खारा-खारा स्वाद आ रहा था.
मैं उसकी चूत चाट रहा था और वह सिसकारियां ले रही थी.
अब मुझे भी मजा आने लगा.
मैं मन ही मन सोच रहा था कि पैसे का कमाल है बाबू भैया, हाँ पैसे का कमाल ही तो है कि चालीस साल की औरत भी खुद को कमसिन कली बनाकर रखती है!
दस मिनट चूत चाटने के बाद मुझे कामिनी ने उठाया और कहा- अब बस, असली वाला काम करते हैं!
वह उठी, बेड के बाजू में ड्रॉवर खोला और कंडोम का एक बड़ा पैक निकाला.
वह उसमें से एक कंडोम निकाल कर मेरे पास आई.
उसने एक मिनट तक मेरा लंड चूसा और उसे कंडोम पहना दिया.
कामिनी बिस्तर के एकदम मुहाने पर लेट गई और मुझसे बोली- अब खड़े-खड़े ही अन्दर डाल दो!
मैंने वैसे ही किया.
हल्के से उसकी चूत को रगड़ते हुए टोपा कामिनी की चूत में डाल दिया.
मुझे अपने लौड़े से चुत की कसावट महसूस हो रही थी.
मैंने वैसे ही टोपा अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया.
कामिनी- जैक, ऐसे ही एकदम आराम से करो … मेरे बिजनेस क्लाइंट सिर्फ उनकी भूख शांत करते हैं और कुछ ही मिनट में खत्म हो जाते हैं. मैं प्यासी रह जाती हूँ. मुझे आज अच्छे से खुश कर दो और मेरा भोग लगा लो, बिल्कुल जल्दबाजी मत करना!
पर कामिनी को क्या पता, मजा तो मुझे भी आ रहा था.
मैंने पहले कभी ऐसा मजेदार सेक्स नहीं किया था. इसमें मेरी मर्जी भी थी.
मैं दस मिनट तक तो सिर्फ टोपा ही अन्दर-बाहर करता रहा.
उसकी चूत में भारी कसाव था, तो ऐसा लग रहा था मानो कॉर्क को बोतल के मुँह में लगा रहा हूँ और निकाल रहा हूँ.
वह उत्तेजित हो गई और अपनी टांगें फैला कर लौड़े को अन्दर तक लेने की कोशिश करने लगी थी.
अब मैं धीरे-धीरे लंड को और अन्दर डालने लगा और उसके दोनों बूब्स हाथ से दबाने लगा.
अब कामिनी मेरा पूरा साथ दे रही थी.
एकाएक कामिनी की चूत ने फव्वारा छोड़ दिया.
अब मेरा लंड आराम से अन्दर-बाहर हो रहा था.
कामिनी का कामरस बहकर चादर पर पड़ रहा था.
उसकी योनि पूरी गीली हो गई थी.
मुझे लगा अभी सही समय है.
मैंने जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए और पूरा लंड बाहर निकाल कर अन्दर करने लगा.
कामिनी के ऊपर पूरा लेट गया और उसको किस करने लगा.
कामिनी भी मेरा साथ दे रही थी और बड़बड़ा रही थी- जान और जोर से … और जोर से अन्दर तक जाने दो … आह मजा आ रहा है!
वह मुझे जोश दिला रही थी और मेरे नितंबों पर चपत लगा रही थी, जिससे मेरा जोश दुगना हो गया था.
कामिनी जोर-जोर से चिल्लाने लगी और एक बार फिर उसकी चूत से पानी बहने लगा.
हम दोनों को बीस मिनट हो गए थे लेकिन रम का असर मुझ पर सवार था, मेरा पानी निकलने का नाम नहीं ले रहा था.
मैं जिस तरह पूरा लंड बाहर निकाल कर अन्दर डाल रहा था, उससे कामिनी को पूरा मजा आ रहा था.
लेकिन अब उसकी चूत का कसाव कम हो चुका था और मेरा लंड बिना किसी रुकावट के अन्दर-बाहर हो रहा था.
ऐसे शॉट लगाते-लगाते मुझसे एक गलती हो गई.
मैं पूरा लंड बाहर निकाल कर अन्दर डाल रहा था.
हर शॉट में वह चूत ऊपर उछाल देती.
अचानक से मेरा लंड फिसल कर चूत की जगह गांड में घुस गया.
कंडोम की चिकनाहट और कामिनी के रस की वजह से लंड एक झटके में अन्दर घुस गया.
कामिनी जोर से चिल्ला पड़ी लेकिन अब तक मेरा आधा लंड कामिनी की गांड में घुस चुका था.
उसका पेट एकदम अकड़ गया और कामिनी एक बार और झड़ गई.
उसके गांड के छल्ले में भारी कसाव महसूस हुआ, जैसे मेरा लंड अभी काट लेगा.
कामिनी- ओह जैक ये क्या किया तुमने? अभी तक मैंने कभी गांड में नहीं डलवाया है!
मैं लंड बाहर निकालने लगा तो उसने दोनों पैरों को कैंची बनाकर पैरों से मुझे आगे धकेला.
मेरा लंड और अन्दर घुस गया.
मैं- कामिनी, रुको मैं बाहर निकालता हूँ!
कामिनी- नहीं, रहने दो. अच्छा लग रहा है पहले कभी नहीं किया था इसलिए पहले दर्द हो रहा था, अब अच्छा लग रहा है. लेकिन आराम-आराम से करो, बिल्कुल जल्दबाजी मत करना.
मैंने हामी भरी और धीरे-धीरे लंड अन्दर-बाहर करने लगा.
अब मेरे हर धक्के का वह नीचे से गांड उठाकर साथ देती और अपने चूत को सहला रही थी.
मुझे मजा आ रहा था.
जिंदगी में पहली बार मैं किसी की गांड मार रहा था.
सामने चूत से बहता हुआ पानी देख रहा था और कामिनी चूत को सहलाती हुई मुझे और उत्तेजित कर रही थी.
उसकी गांड के कसाव के कारण अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था.
मेरा लावा फूटने वाला था.
मैंने जोर-जोर से धक्के लगाना शुरू कर दिया.
कामिनी जोर-जोर से चिल्लाने लगी.
उसकी चूत से पेशाब निकलने लगा और मेरे पेट-लंड को भिगोने लगा.
कामिनी और मैं दोनों स्वर्ग की अनुभूति कर रहे थे.
इधर कामिनी पेशाब करते हुए झड़ रही थी कि मेरा लावा फूट पड़ा.
मैं वैसे ही कामिनी के ऊपर पड़ा और किस करने लगा.
वह भी मुझे किस करने लगी.
कामिनी ने मुझे कसकर पकड़ रखा था और जोर-जोर से किस करती हुई मेरे होंठ काट रही थी.
मेरा थूक उसके मुँह में जा रहा था, जिसे वह चाट रही थी.
तभी मेरा लंड कामिनी की गांड से आवाज करते हुए बाहर निकला … जैसे किसी सोडे की बोतल फोड़ते समय आवाज आता है.
इसी के साथ कामिनी की पाद निकल गई.
हम दोनों इस वजह से हंसने लगे.
जैसे ही मैंने कंडोम निकालने के लिए लंड पर हाथ लगाया, तो देखा कि कंडोम फट चुका है और मेरा वीर्य कामिनी की गांड में ही निकल गया है.
वासना के खेल में मुझे कंडोम फटने का आभास भी नहीं हुआ था.
जैसे ही मैंने कामिनी को बताना चाहा, उसने मेरी तरफ मुस्कुराते हुए देखा.
‘मुझे मालूम था कि कंडोम फट गया है, लेकिन जो सुख मिल रहा था, उसे खोना नहीं चाहती थी!’
‘क्यों?’
कामिनी- मेरा ये पहली बार था… तुम्हारा वीर्य अन्दर जाते हुए मुझे बहुत अच्छा लगा.
मैंने राहत की सांस ली.
मुझे लगा कि कहीं कामिनी बुरा न मान जाए.
न्यू ऐस्स फक के बाद कामिनी की गांड से मेरा वीर्य बह रहा था और उसकी गांड का छेद खुला हुआ था.
हम दस मिनट वैसे ही लेटे रहे.
कामिनी ने संजना को बुलाया.
हम दोनों नंगे ही थे.
संजना आई तो कामिनी ने उसे बेडशीट और उसके नीचे का प्लास्टिक शीट बदलने को कहा.
संजना मेरे लंड की तरफ देख रही थी लेकिन इस बार उसको मुझे छूने का मौका नहीं मिला.
फिर एक साथ हम दोनों वॉशरूम में घुस गए.
मैं मूतने लगा तो कामिनी मुझे देखे जा रही थी.
मेरा लंड अभी भी आधा खड़ा था.
ये सब रम का कमाल था.
धीरे से आगे आकर कामिनी ने मेरा लंड पकड़ लिया और मुझे पेशाब करवाने लगी.
फिर उसने मेरे लंड को हिलाते हुए उस पर साबुन लगाया और धोने लगी.
ये मेरे लिए एक नया अहसास था.
मेरा लंड दुबारा खड़ा होने लगा.
उसने अच्छे से मेरे शरीर को साफ किया और खुद को भी साफ किया.
हम दोनों एक साथ ही बाहर आए.
तब तक संजना ने पुरानी बेडशीट निकाल दी थी और नई डाल रही थी.
कामिनी- अरे संजना, अब तक काम पूरा नहीं हुआ?
संजना- दीदी, सब गंदा हो चुका था और पेशाब की कितनी बदबू मार रही है चादर … सब निकाल कर नया डाल रही हूँ. आपका तो अच्छा है, मजे कर लेती हो और गंदगी मुझे साफ करनी पड़ती है.
कामिनी- समझ गई बाबा, कल दिन में तुम्हारा ही नंबर है. कल तुम्हारी अच्छे से सेवा होगी.
संजना- नहीं दीदी, मुझे नहीं करना पिछली बार आपका दोस्त पांच मिनट में ही भाग गया था.
कामिनी- अरे वह तो निकम्मा था, मुझे भी रात भर में एक बार चोदा था और रात भर चाटता रहा. जैक को देखा नहीं? दो बार हो चुका है, लेकिन उसका लंड अभी तक खड़ा है!
संजना- हां दीदी, आपके चिल्लाने की वजह से जान गई हूँ कि क्या हुआ होगा.
कामिनी- अच्छा, ये सब जाने दे. पूजा का कोई फोन आया या नहीं?
संजना- नहीं दीदी, वह तो सुबह आएगी कहकर गई थी.
कामिनी- चलो ठीक है. सुबह आएगी तो उसे सीधे उसके रूम में भेज देना.
पूजा कामिनी की बेटी है. रिया ने मुझे 19 साल की बताई थी.
पुणे और मुंबई में नाइट लाइफ में बड़े घरों की लड़कियां और लड़के पूरा मजा लेते हैं. शायद चुदाई भी करते होंगे.
मेरे मन में तो लड्डू फूट रहे थे कामिनी और संजना … अब दोनों मेरे हाथ में थीं.
रात भर कामिनी के साथ और दिन में संजना के साथ मेरी हसरतें पूरी होने वाली थीं.
पर मुझे एक बात समझ में नहीं आ रही थी कि अगर पूजा दिन में घर पर रहेगी तो मैं संजना के साथ कैसे कुछ कर पाऊंगा.
मैंने उत्सुक होते हुए पूछ लिया-कामिनी, अगर तुम्हारी बेटी घर पर होगी दिन में, तो मैं संजना के साथ कैसे कुछ कर सकता हूँ?
कामिनी ने हंसते हुए कहा- ओ हो जनाब, बड़ी चुल्ल हो रही है तुम्हें संजना की लेने की!
कामिनी और संजना हंसने लगीं.
संजना मेरे लंड को निहार कर देख रही थी.
एक तरफ कामिनी नंगी थी तो संजना कपड़ों में.
मुझे संजना को भी एक बार नंगी देखना था लेकिन मैं कुछ कह नहीं पा रहा था.
मन तो कर रहा था कि संजना को अभी नंगी कर दूँ, लेकिन मैं अपने आप को रोक रहा था.
तभी कामिनी बताने लगी- मैं और संजना लेस्बियन पार्टनर हैं. संजना की शादी हो चुकी है. उसका पति बहुत शराब पीता था, इसलिए संजना मायके में रहती थी. वह मेरे ही गांव से है, इसलिए मैं उसे मेरे साथ मेरे घर ले आई. संजना मुश्किल से 3 महीने ससुराल में रही, लेकिन उसके पति ने 3 या 4 बार ही सेक्स किया होगा.
मैं यह बड़ी ध्यान से सुनने लगा.
‘जब हमारा मन करता है, तब हम दोनों लेस्बियन सेक्स कर लेती हैं. मेरे एक बिजनेस क्लाइंट ने संजना को दो बार चोदा भी है.’
‘हम्म …’
‘मैं तो अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए सेक्स करती थी, लेकिन उनकी नजर भी संजना पर होती थी … तो हम दोनों मिलकर मजा करती हैं.’
मैंने दिल की बात पूछ ही ली- अच्छा, अब तक कितने लोगों से और कितनी बार सेक्स किया है?
अब संजना बेड पर कामिनी का हाथ पकड़ कर बैठ गई.
कामिनी- मेरे पति और मुझमें 22 सालों का अंतर है. बीस साल की उम्र में मेरी शादी हो गई थी और तब वे 42 के थे. शादी के एक साल में ही मुझे पूजा पैदा हो गई. पति कामों के सिलसिले में हमेशा बाहर रहते थे और उनका सेक्स स्टैमिना उम्र के हिसाब से कम होने लगा. वे घर आते तो बस दो मिनट में झड़ जाते. लेकिन मैं मजबूर थी. हमारी बिजनेस फैमिली का नाम बड़ा है. मैं बाहर कुछ कर नहीं सकती थी, ना ही मेरे पति से कह सकती थी.
‘फिर?’
‘फिर एक दिन मेरे पति ने खुद मुझे एक ऑफर दिया कि हमारी कंपनी के ब्रिटिश इंपोर्टर से एक बड़ी डील होनी है. तुम्हें मेरे साथ रहना है और वक्त आने पर तुम्हें उनके डायरेक्टर के साथ सोना भी पड़ेगा. मैं पशोपेश में थी, लेकिन मेरे अन्दर भी एक अलग आग लगी थी. तब तक पूजा भी पांच साल की हो गई थी. इसलिए मैंने पूजा को नानी के पास छोड़ा और मुंबई मीटिंग में चली गई.’
‘ओके.’
‘तब मेरा पहली बार उस ब्रिटिश आदमी से पति के अलावा सेक्स हुआ था. मजा भी आया. पर मेरे पति जब तक जिंदा थे, तब तक उनके हिसाब से ही उनके बिजनेस क्लाइंट के साथ सेक्स किया … कभी उनके सामने, कभी अकेले में. लेकिन उनके सामने करने में मजा आता था.’
‘फिर?’
‘फिर उनके मरने के बाद मुझ पर कंपनी की जिम्मेदारी आ गई. इसलिए चुनिंदा बिजनेस क्लाइंट के साथ किया. अब तक आठ या नौ लोगों से सेक्स किया होगा, जिसमें दो इंडियन, दो अफ्रीकन और 4 या पांच व्हाइट लोग हैं. कुल 25 से 30 बार सेक्स किया है.’
मैंने ओके कहा.
‘लेकिन वे लोग मेरे साथ अपनी मर्जी चलाते थे, इसलिए मजा नहीं आता था. संजना आने के बाद तो मुझे लेस्बियन सेक्स में मजा आने लगा. फिर रिया से तुम्हारी तारीफ सुनी तो मैंने तुम्हें बुलाने का सोचा. लेकिन सच मानो, मजा आया … मेरा पूरा बदन सुकून महसूस कर रहा है.’
मैं गौर से कामिनी की बात सुन रहा था.
जब मुझसे न रहा गया तो दुबारा से पूछ लिया- और संजना ने कितनों के साथ किया? और मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया कि अगर पूजा घर में होगी कल, तो मैं संजना के साथ कैसे कर पाऊंगा?
कामिनी और संजना एक-दूसरे को हंसती हुई देख रही थीं.
आंखों ही आंखों में कामिनी ने संजना को इशारा किया.
दोस्तो, न्यू ऐस्स फक स्टोरी का अगला भाग आपको और ज्यादा मजा देगा.
अब तक की कहानी कैसी लगी आपको?
मेरी मेल आईडी पर पर बता सकते हैं.
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