ब्लोजॉब सेक्स स्टोरी में मेरी पहचान की एक लड़की ने मुझे अमीर प्यासी विधवा से सम्पर्क करवाया. उस लेडी ने मुझे अपने घर बुलाया. वहां उसकी नौकरानी भी थी.
नमस्कार दोस्तो, आशा करता हूँ कि आपको मेरी पिछली सेक्स कहानी
बीवी ने शौहर के सामने गैरमर्द से चुत चुदवाई
पसंद आई होगी. रिया-अमित के साथ मस्ती को कहानी लिखी थी.
उस सेक्स कहानी में वैसे तो लिखने को बहुत कुछ था लेकिन कम शब्दों में ही मैंने उसे पूरा किया.
जैसा कि आप जानते हैं कि मैं आजकल स्वैप, गैंगबैंग, ककोल्ड पार्टी करवाता हूँ.
उस सफर में ये मेरी दूसरी सेक्स कहानी है … ब्लोजॉब सेक्स स्टोरी … मैंने ये सब कैसे शुरू किया.
जब रिया-अमित के साथ मेरा सेक्स का खेल हुआ था, उसके बाद रिया-अमित मुझे कई बार मिले.
एक बार रिया ने अपनी इस सहेली के बारे में बताया, जो उसकी फ्रेंड की फ्रेंड थी.
लेकिन उन दोनों का अक्सर मिलना होता था और वे एक-दूसरे को अच्छी तरह जानती थीं.
समस्या सिर्फ यही थी कि रिया की इस सहेली कामिनी की उम्र चालीस साल की थी और उसकी एक 19 साल की बेटी भी थी.
वे दोनों एक बड़े बंगले में रहती थीं.
उनके घर एक नौकरानी भी रहती थी, जिसका नाम संजना था, यह मुझे बाद में मालूम हुआ था.
कामिनी के पति को मौत सात साल पहले हो चुकी थी.
वह पुणे में एक बड़ी कंपनी की मालकिन थी.
ये सब मुझे रिया ने बताया.
मैं तो पहले मना कर रहा था.
लेकिन रिया ने मुझे मना लिया और कहा- एक बार मिल लो, अगर जमे तो ठीक, नहीं तो मना करके निकल जाना!
मैंने एक दिन सोचा, लेकिन एक नई चूत मिल रही है इसलिए मैंने रिया को हां कर दी.
रिया ने मुझे कामिनी का नंबर दे दिया और मेरा नंबर कामिनी को दे दिया.
रिया ने मुझे मना किया कि मैं डायरेक्ट कामिनी को फोन न करूँ, वह खुद मुझे फोन करेगी.
इस बीच दो हफ्ते गुजर गए.
मेरे दिमाग से कामिनी का ख्याल निकल गया.
शुक्रवार को दोपहर में एक नंबर से कॉल आया, जो रिया ने दिया था, ये वह नंबर नहीं था.
एकदम वीआईपी नंबर था.
मुझे लगा मेरे किसी बिजनेस के सिलसिले में है.
मैंने फोन उठाया- हैलो!
सामने से एक मधुर आवाज आई- हैलो, क्या मैं जैक से बात कर रही हूँ?
मैं- हां, मैं जैक बात कर रहा हूँ.
‘मैं कामिनी बोल रही हूँ. रिया ने तुम्हारा नंबर दिया था.’
मैं- हां, मुझे बताया था रिया ने … कामिनी जी!
कामिनी- आज तुम मेरे घर पर आ जाओ. मैं तुम्हें गूगल पर लाइव लोकेशन भेजती हूँ.
मैंने ‘ठीक है’ कहा तो सामने से फोन कट गया.
अभी तो सिर्फ 11 ही बजे थे.
मैं बैचेन हो गया और घर से निकल गया.
एक सिगरेट फूंकने के बाद मैं वापस घर में आ गया.
मैंने पहले अपने शरीर के सारे बालों को साफ किया, नहाया और सोने चला गया.
शाम को पांच बजे उठा.
अभी तक मुझे लाइव लोकेशन नहीं मिली थी.
मेरे मन में बैचेनी थी कि वह मुझे बुलाएगी कि नहीं!
तब भी मैं तैयार हुआ, अपना बैग आदि पैक करके बैठ गया.
करीब सात बजे कामिनी के नंबर से मेरे पास मैसेज आया.
उसमें एक जगह का नाम देते हुए लिखा था- माफ करना जैक, काम कुछ ज्यादा था. अब मैं घर जा रही हूँ. तुम उधर पहुंचो, मैं तुम्हें घर पहुंचते ही फोन करती हूँ.
मैंने फोन बैग उठाया और उसकी बताई जगह की तरफ निकल पड़ा.
मुझे एक घंटा लगा.
रास्ते में ही मुझे लाइव लोकेशन मिल गई थी, तो मैं सीधा उस लोकेशन पर पहुंचा.
सभी अच्छे बंगले थे.
एकदम आलीशान और पूरा वातावरण एकदम मस्त था.
इतने में मुझे कामिनी का फोन आया- कहां तक पहुंचे हो?
मैंने कहा- आपने जो लोकेशन भेजी थी, वहीं हूँ.
उसने मुझे कहीं से देख लिया और कहा- सफेद शर्ट पहनी है क्या?
मैंने हां कहा.
कामिनी- इधर देखो तुम्हारे राइट साइड पर!
उसने मुझे हाथ दिखाया.
उसी गेट की तरफ मैं चल पड़ा.
गेट पर कोई नहीं था.
मैं सीधा अन्दर घुस गया.
अन्दर बड़ी-बड़ी गाड़ियां लगी थीं. बंगला करीब एक एकड़ में होगा.
मैं दरवाजे पर पहुंचा और बेल बजाई. दरवाजा एक 27-28 साल की औरत ने खोला.
वह पांच फुट हाइट वाली एकदम स्लिम थी और सलवार सूट में थी.
मुझे पहले तो लगा कि वही कामिनी है.
उसने मुझे अन्दर बुलाया, सोफे पर बैठने के लिए कहा.
थोड़ी देर में पानी लेकर आई और मुझसे कहा- थोड़ा वेट कीजिए, मैडम आएंगी अभी.
तो मैं समझ गया कि ये नौकरानी है.
मैं वहीं बैठा था.
पंद्रह मिनट निकल गए तो मैं बोर होने लगा और उठ कर इधर-उधर घूमने लगा.
बहुत बड़ा हॉल था, बाहर स्विमिंग पूल दिख रहा था, बड़ी-बड़ी 3 गाड़ियां लगी हुई थीं.
कमरे में एक से बढ़कर एक एंटीक पीस थे.
मैं अपने आप को एकदम कमजोर महसूस कर रहा था.
रिया को कोस रहा था.
इतने में सामने से एक औरत आती दिखाई दी.
उम्र का तो पता नहीं चल रहा था लेकिन 30 साल की औरत … लंबे घने बाल जो उसकी गांड तक आ रहे थे.
एकदम मलाइका अरोड़ा जैसा फिगर, एकदम गोरी चिट्टा बदन … नाक-नक्श एकदम लुभावने, बड़ी-बड़ी चूचियां, भरे हुए नितंब और वन पीस में एकदम अप्सरा लग रही थी.
मैं वापस सोफे पर जा बैठा
वह आकर मेरे सामने बैठी और मुझे इंट्रो दिया.
कामिनी- कैसे हो जैक? मैं कामिनी. मैंने ही तुम्हें बुलाया था!
मुझे लगा मेरा भाग खुल गया.
अब तो रिया ने कामिनी को उम्र तो 40 साल बताई थी, लेकिन कामिनी तो कहीं से 30 के ऊपर नहीं लग रही थी.
मैं- मैं ठीक हूँ. आप कैसी हो? रिया ने आपके बारे में बताया था थोड़ा-थोड़ा.
कामिनी- अच्छा, चलो हम एक-दूसरे के बारे में जान लेंगे. बोलो, क्या लेना चाहोगे? रम, विस्की, वोदका, जिन या कुछ और?
मैं- जो आपको ठीक लगे.
कामिनी ने आवाज दी- संजना, जरा दो ग्लास और रम ले आओ और कुछ खाने के लिए भी लगा देना.
मैं थोड़ा सहज हुआ.
अगले दस मिनट में सामने सब कुछ था.
कामिनी ने 2 पैग बनाए. एक पैग उसने लिया, एक पैग मुझे दिया.
भाई, कुछ भी कहो लेकिन शराब और शबाब साथ हो तो एक अलग ही मजा आता है.
मैं दो पैग के बाद ही बहक गया.
अब तक जो मैं कामिनी को तमीज से बात कर रहा था, अब तू-तड़ाक पर आ गया.
शायद कामिनी भी यही चाह रही थी.
मैंने कामिनी को बोल दिया- जिस काम के लिए बुलाया, वह शुरू करें!
कामिनी- क्या बात है जैक बहुत बेताब हो रहे हो?
मैंने कहा- अरे कामिनी, लिमिटेड ड्रिंक ही सेक्स के लिए अच्छी है अगर मैं ज्यादा पी लूँ … तो मेरा खड़ा तो रहेगा, लेकिन तुम्हें खुश नहीं कर पाऊंगा. तुम सोचो क्या करना है … और हां, मैं तो थोड़ी-थोड़ी देर में बूस्ट लेता रहूँगा. मेरी चिंता मत करो!
कामिनी- ये लो, ये टैबलेट खा लो!
मैंने देखा वह सेक्स की टैबलेट थी.
मैंने मना करते हुए कहा- ये मैं नहीं खाऊंगा, शराब पीने के बाद ये नहीं खाता हूँ. एक तो शराब के वजह से ब्लड फुल स्पीड में होता है और इसका काम भी वही है … चाहे वह 50 एमजी हो, 100 एमजी हो या 200 एमजी. अगर मेरे साथ करना है तो कुदरती तरीके से करो. इन गोलियों से कुछ नहीं होगा!
कामिनी मेरे जवाब सुनकर हैरान थी.
उसे लगा था कि मैं मान जाऊंगा.
लेकिन मुझे गोली के दुष्परिणाम पता थे इसलिए मैंने मना कर दिया.
कामिनी मान गई.
उसने संजना को आवाज लगाई- संजना संजना … जाओ, मेरा बेड ठीक करो. मैं भी देखूँ जैक में क्या बात है जो रिया इतनी तारीफ कर रही थी!
संजना दस मिनट बाद लौट आई और कामिनी से कहा- दीदी, बेड तैयार है!
मैं असमंजस में था कि क्या हो रहा है.
हल्का नशा भी था.
कामिनी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे बेडरूम में लेकर गई.
वहां मदहोश करने वाली खुशबू थी.
कमरा एक लाल कलर की रोशनी में रंगा था और मेरी हालत अब मेरे बस से बाहर थी.
कामिनी ने मुझे अब अपनी ओर खींचा और एक मंद स्वर का गाना प्ले कर दिया.
धीरे-धीरे वह मेरे कपड़े निकाल रही थी और मैं इरेक्ट हो रहा था.
मेरा लंड खड़ा हो गया था.
कामिनी खुद को एक स्लेव की भाँति प्रतीत करवा रही थी जबकि वह एक बड़ी कंपनी की मालकिन थी.
कामिनी ने मेरा लंड खुला कर दिया और चूसने लगी.
अब ऐसा अहसास मैंने कभी नहीं लिया था.
भले उसकी उम्र 40 के ऊपर हो, लेकिन अब तक मैंने उसे नंगी नहीं देखा था.
वह फुल मस्ती में अपनी इच्छा पूरी कर रही थी.
वह पहले तो चूसती रही लेकिन रम पीने के वजह से मेरा लंड जल्दी पानी छोड़ने के मूड में नहीं था.
वह 30 मिनट तक लंड चूस रही थी.
मेरे लंड से प्रीकम निकल चुका था.
वह उसके थूक और मेरे प्रीकम से सफेद झाग निकल रहा था.
मुझे मालूम पड़ रहा था कि प्रीकम निकला है.
लेकिन कामिनी चूसती जा रही थी. मुझे भी मजा आ रहा था.
मैंने भी कुछ नहीं कहा और मैं मजे लेता रहा.
कामिनी थक चुकी थी.
उसने अपने कपड़े एक-एक कर निकालना शुरू कर दिए.
मैं कब से तरस रहा था उसे नंगी देखने के लिए.
अब मेरी ख्वाहिश पूरी होने वाली थी
तो अपने लौड़े को सहलाने लगा था.
कामिनी हंस दी और उसने एक मिनट में खुद के सारे कपड़े निकाल दिए.
पर उसने मेरा लंड नहीं छोड़ा था.
वह अभी भी लौड़े को चूसती जा रही थी.
मैं वासना से उसे देख रहा था.
वह सिर्फ पैंटी में थी. उसका बदन एकदम कसा हुआ था. बूब्स एकदम सुडौल और कसे हुए.
ऊपर से नीचे तक की बॉडी एकदम कसी हुई थी … एकदम मलाइका अरोड़ा जैसी!
मेरा लंड एकदम अकड़ गया.
मुझे उसकी बॉडी देखकर होश नहीं रहा था और मैं एकदम से झड़ने लगा.
लेकिन कामिनी ने मेरा लंड मुँह से नहीं निकाला और वह मुझे ब्लोजॉब देती रही.
मेरा वीर्य और उसका थूक मिलकर एक अलग अहसास दे रहा था.
कुछ वीर्य उसने पी लिया, कुछ उसके मुँह से निकल कर उसके बूब्स पर जा गिरा.
लेकिन वह लगातार चूसती जा रही थी.
मेरा लंड पूरा सफेद हो गया था.
जब मेरा लंड सिकुड़ कर छोटा हो गया, तब मुझे कामिनी ने छोड़ा.
मैं हांफते हुए बिस्तर पर पसर गया.
कामिनी मेरे बाजू में लेट गई और पूछा- कैसा लगा जैक?
मैं- बहुत मजा आया कामिनी … क्या कमाल करती हो तुम!
कामिनी- मुझे लगा था कि तुम दस मिनट में ढेर हो जाओगे, लेकिन तुम तो काफी दमदार हो यार … अच्छा स्टैमिना है तुम्हारा … मजा आएगा. अभी मेरी बेटी बाहर गई है, कल सुबह आएगी. तब तक अच्छे से मजा करेंगे.
इतना कहते ही उसने संजना को आवाज लगाई- संजना संजना … अन्दर तो आना जरा!
संजना भागती हुई अन्दर आई.
‘जी बोलिए दीदी!’ संजना ने कहा.
कामिनी- साहब को साफ करो और हमारा खाना यहीं लगा दो.
मैं थोड़ा शर्मा गया.
मुझे उम्मीद नहीं थी कि कामिनी कुछ ऐसा करेगी.
संजना मेरे पास आई और एक कपड़े से मेरे लंड को साफ करने लगी.
लेकिन उसके नरम हाथों का स्पर्श मिलते ही मेरा लंड दुबारा खड़ा होने लगा.
संजना ने मेरा पूरा लंड और गोटे पेट आदि को साफ किया और फिर दुबारा बाहर चली गई.
कामिनी मेरी तरफ देख रही थी.
वह हंसती हुई बोली- क्या हुआ जैक? तुम्हारा दुबारा लंड कैसे खड़ा हो गया इतनी जल्दी?
मैं सकपका गया और कामिनी से पूछ ही लिया- क्या संजना को पता है इन सब के बारे में? और वह भी बेझिझक तुम जो कहती हो .. वह सुनती है? मैं कुछ समझा नहीं?
अब कामिनी बताने लगी- मैं इसी बिस्तर पर कई लोगों से सेक्स कर चुकी हूँ. गोरे ब्रिटिश लोग, काले निग्रो और इंडियन बिजनेस मैन जो मेरी कंपनी के क्लाइंट हैं. मेरे पति को मरे दस साल हो गए. मेरी भी कुछ इच्छाएं हैं. मैं अपने तरीके से अपनी जिंदगी जीती हूँ. मेरी अंतर्वासना भी शांत होती है और मेरे बिजनेस को भी फायदा होता है. ये जो शोहरत देख रहे हो, वह दिमाग और मेरे शरीर दोनों की देन है.
मैं उसे सुन रहा था.
‘मैं संजना को हर महीना तीस हजार देती हूँ तो वह मेरी बात मानेगी ही, बस उसने किसी के साथ सेक्स नहीं किया है. वह हमेशा साफ करना, नहलाना … यही काम करती है. उसका पैसा अलग से मिलता है. इसलिए मैंने दूसरे नौकरों को रात में घर पर नहीं रखा. सब रात में निकल जाते हैं और संजना मेरी बेटी का ख्याल रखती है कि कहीं वह मेरे कमरे की तरफ न आ जाए.’
मैंने दिल में कहा कि मेरा क्या जाता है? मुझे तो अच्छा लगा.
तभी संजना खाना लेकर आई. साथ में ड्रिंक भी थी.
संजना ने पैग बनाए.
तब तक कामिनी वॉशरूम में जाकर कुल्ला करके आ चुकी थी. लेकिन मेरा वीर्य अभी भी उसके बूब्स और पेट पर लगा हुआ था.
मैंने और कामिनी ने पैग लगाना शुरू किया.
संजना वहीं खड़ी थी.
मेरी नजर एक बार कामिनी की तरफ जाती तो एक बार संजना की तरफ.
मुझे तो कामिनी से ज्यादा संजना पसंद आ रही थी.
मैं सोच रहा था कि काश संजना भी एक बार चोदने को मिल जाए.
दोस्तो, आपको मेरी ब्लोजॉब सेक्स स्टोरी कैसी लग रही है प्लीज जरूर बताएं.
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