सेक्स विद हॉट भाभी कहानी में एक बार बस में मुझे पुरानी क्लासमेट मिल गयी. बात हुई और फोन नम्बर आदि ले लिए. फोन पर बात होने लगी. उसके पति विदेश में थे.
दोस्तो, मेरा नाम पंकज है. मेरी उम्र अभी 37 साल है. मैं मुंबई में रहता हूँ.
मैं अपने बारे में थोड़ा बात करूँ. मेरा कद पांच फुट आठ इंच का है. मैं देखने में सामान्य हूँ, पर बातों में एक्सपर्ट हूँ.
यह सेक्स विद हॉट भाभी कहानी पिछले साल की है.
इस बार जिस भाभी के साथ यह वाकिया हुआ, उसका नाम शीला है और वह मेरे साथ कॉलेज में पढ़ी हुई थी पर अब किसी और की ब्याहता थी जिस वजह से मैंने उसे भाभी लिखा है.
वैसे अब तक कई सारी भाभियों को मैं चोद कर खुश कर चुका हूँ.
मेरे जीवन में भाभी और आंटी के साथ सेक्स का बहुत बड़ा हिस्सा है.
वे पूरी मस्ती से मेरे लंड को अपनी चुत में लेती हैं.
मेरे लौड़े का साइज़ छह इंच है और यह काफी मोटा है.
मैं अपने लौड़े से जिसको भी चोद देता हूँ, वह इसे बार बार याद करती है.
पिछले साल की बात है.
मुझे कुछ काम से बस में सफर करना था.
सामान्यतः मैं बस से सफर नहीं करता, पर उस दिन पता नहीं क्या हुआ, मालूम नहीं … मैंने बस से सफर करने का ही सोचा.
मैं बस स्टैंड पर पहुंचा और अपनी यात्रा के लिए बस में चढ़ने लगा.
तभी पीछे से किसी ने आवाज़ लगाई- पंकज!
मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो मेरी स्कूल की फ्रेंड शीला थी.
यह उसका बदला हुआ नाम है.
मैं उसके पास गया और हम दोनों बात करने लगे.
हम लोग लगभग 20 साल के बाद मिले थे.
पहले वह दिखने में कोई खास नहीं थी, पर अब उसके बड़े-बड़े बूब्स और मस्त फिगर हो गया था जिस वजह से वह काफी अच्छी माल लग रही थी.
हम दोनों ने एक-दूसरे के नंबर लिए और अलग हो गए.
वह भी जल्दी में थी, इसलिए चली गई.
मैं भी अपने काम पर निकल गया.
फिर रात को ग्यारह बजे उसका मैसेज आया- हैलो!
मैंने भी रिप्लाई किया- हैलो!
हम दोनों चैट करने लगे.
बीस मिनट चैट करने के बाद वह बोली- कॉल करो!
हम दोनों कॉल पर बात करने लगे.
स्कूल टाइम की, फैमिली के बारे में हमारी काफी सारी बातें हुईं.
उसने बताया कि उसके दो बच्चे हैं और उसके हस्बैंड दुबई में रहते हैं.
उसने कहा कि रात को बच्चे सोने के बाद मैं मोबाइल देखती थी, पर तुमसे बात करके अच्छा लगा.
मैं बोला- मेरी वाइफ भी आजकल बच्चों की छुट्टियां होने के कारण अपने मायके गई है.
हम दोनों ने रात को करीब एक बजे तक बातें की और सो गए.
सुबह मैं देरी से उठा.
उसका एक गुलाब के फूल साथ गुड मॉर्निंग का मैसेज आया था.
मैंने भी ‘गुड मॉर्निंग’ लिख दिया.
फिर रात को ग्यारह बजे उसका कॉल आया.
हम लोग वापस से बात करने लगे.
आज हमारी बातों में स्कूल में हुए अफेयर्स को लेकर चर्चा होने लगी थी.
मेरा स्कूल में दो लड़कियों के साथ अफेयर था, उसे मालूम था.
उसने मुझसे पूछा- तुम अब उनसे मिलते हो कि नहीं?
मैं बोला- अब नहीं, उसी समय मिलता था … अब तो बहुत दिन हो गए!
फिर वह पूछने लगी- कुछ रिलेशनशिप बिल्ड हुआ था क्या?
मैं समझ गया कि इसको क्या चाहिए!
मैं बोला- कल मूवी देखने चलते हैं!
उसने बोला- यार पॉसिबल नहीं होगा बच्चों के वजह से.
मैं चुप रहा.
फिर वह अगले ही पल वापस बोली- मॉर्निंग में अपनी सिस्टर से बात करके बोलूंगी कि अपने बच्चों को उसके घर छोड़ सकती हूँ कि नहीं!
उसकी सिस्टर का घर उसके घर से आठ किमी दूर था.
मैं बोला- ठीक है!
फिर हम दोनों ने फोन रख दिया.
मुझे रात में काफी देर तक नींद नहीं आई.
सुबह तीन बजे नींद आई.
जब सुबह मैंने आंखें खोलीं तो देखा उसके आठ मिस कॉल थे.
मेरा फोन साइलेंट पर था इसलिए घंटी की आवाज सुनाई नहीं दी थी.
मैंने फ्रेश होकर और चाय आदि पीने के बाद उसे दस बजे कॉल किया.
उसने बोला- कब से कॉल कर रही हूँ!
मैंने कारण बताया और बात करने लगा.
वह उत्साहित स्वर में बोली- मैं बच्चों को सिस्टर के इधर ड्रॉप करने जा रही हूँ. उसके बाद सीधे साढ़े ग्यारह बजे सिनेमा हॉल के पास मिलते हैं!
मैं बोला- ठीक है!
मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
शायद चुत का इंतजाम हो गया था.
मैं जल्दी जल्दी नहाया और नाश्ता आदि करके रेडी हुआ और सिनेमा हॉल पहुंच गया.
साढ़े बारह बजे का शो था.
टिकट उसी ने ऑनलाइन बुक किया था.
हम दोनों बारह बजे मिले.
उसे आने में जरा देरी हो गई थी.
हम दोनों ने आंखों ही आंखों से एक-दूसरे को काफी कुछ बोल दिया था और समझ चुके थे कि अब मिलन होगा.
फिर हम लोग मूवी देखने हॉल के अन्दर चले गए.
मूवी स्टार्ट के दस मिनट में उसका हाथ मेरे बदन से टच हो गया.
मैं उसके हाथ को देख रहा था.
उसने हाथ नहीं हटाया.
फिर मैंने भी उसके हाथ पर अपना हाथ रख दिया.
वह कुछ नहीं बोली.
अगले कुछ ही मिनट बाद मैंने अपना हाथ उसकी कंधे पर रखा.
उसने मेरी तरफ देख कर स्माइल किया और कोई रिएक्शन नहीं दिया.
फिर उसने अपना सिर मेरे कंधे पर रखा और मूवी देखने का नाटक करने लगी.
मैं समझ गया कि आज इसे मुझसे क्या चाहिए.
फिर मैंने अपना हाथ सीधा शीला के बूब्स में डाला.
वह मेरा स्पर्श पाते ही पागल हो गई और मुझे सपोर्ट करने लगी.
यहां मैं अकेला ही सुख लेने वाला नहीं हूँ, आप भी मजा लीजिए.
इसलिए शीला के बारे में सुन लीजिए.
उसकी हाइट सवा पांच फुट के आस-पास है, फिगर 38-32-40 का रहा होगा.
मैं उसके दूध मसलने लगा और वह भी मुझे अपने मम्मों से खेल खिलाती रही.
उसका हाथ भी मेरे लौड़े पर आ गया था और वह भी लंड का आकार समझने लगी थी.
फिर इंटरवल हो गया, तो हम दोनों हॉल से बाहर आ गए.
उसने कहा- चलो घर चलते हैं.
चुदाई का मूड हो गया था तो सिनेमा हॉल में चुदाई का सही से मजा नहीं लिया जा सकता था.
फिर हम दोनों उसके घर आ गए.
रास्ते में मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था, मैं सेक्स विद हॉट भाभी के लिए बेचैन था.
एक दूसरे को किस करते हुए हम दोनों उसके घर पहुंच गए.
उसने घर के अन्दर आते ही दरवाजे को कुंडी मारी और मेरी तरफ देख कर बोली- पानी दूँ क्या?
मेरे जबाव देने से पहले ही वह पानी लेकर आ गई.
मैंने पानी पिया और उसने मेरे बाजू में बैठ कर मुझे किस करना स्टार्ट कर दिया.
हम दोनों जल्दी ही चुदास से भर गए और उसके बेडरूम में आ गए.
मैं उसे किस कर रहा था.
मैंने उसकी सलवार कुर्ती खोल दी और उसे ब्रा और पैंटी में कर दिया.
उसके बदन को चूमने लगा.
फिर मैंने उसकी ब्रा को ओपन कर दिया और उसके बड़े-बड़े बूब्स को चूसने लगा.
अब वह पागल हो रही थी और मुझे अपने हाथ से पकड़ पकड़ कर अपने दूध पिला रही थी.
कुछ देर बाद वह मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरी शर्ट-पैंट व अंडरवियर आदि उतार कर मुझे नंगा कर दिया.
मेरे हैवी लंड को देखकर वह पागल होने लगी और बोली- इतना बड़ा लंड है!
वह मेरे कहे बिना ही लौड़े को चूसने लगी.
करीब पांच मिनट तक लंड चूसने के बाद उसने अपनी पैंटी को टांगों से जुदा कर दिया और फुल न्यूड होकर मेरे सामने अपनी कमर पर हाथ रख कर खड़ी हो गई न्यूड वाला प्यार करने के लिए.
उसके तन एक भी कपड़ा नहीं था.
चुत एकदम चिकनी थी और उसमें से पानी चमक रहा था.
फिर उसने अपनी चुत में उंगली करके मुझे आंख मारी.
मैंने उसे 69 की पोजीशन में ले लिया और उसकी चुत को चाटने लगा.
उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और वह ‘आआ … हूऊ …! करती हुई मस्ती में चिल्ला रही थी.
शीला- आह मेरी जान … चाट लो मेरी चूत बहुत प्यासी है … आह अभी तक मेरे हस्बैंड ने कभी ऐसा नहीं किया है!
कोई पांच मिनट बाद मैंने उससे कहा- अब चल जल्दी से अपने पैर फैला ले मेरी बुलबुल … आज तुझे मोटी वाली कुल्फी खिलाता हूँ!
उसने पोज बदला और सीधी होकर मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया.
उसने अपनी चुत के छेद के निशाने पर लंड का सुपारा रखा और लौड़े से चुत की खुजली मिटाने लगी.
तभी मैंने एक तेज धक्के में अपना लंड उसकी चुत में डाल दिया.
गीली चुत थी तो आधा लंड चुत को फाड़ता हुआ अन्दर चला गया.
मैं शीला को चोदने लगा.
वह चिल्ला रही थी- आआ … हां … बहुत मज़ा आ रहा है पंकज!
मैंने कुछ ही धक्कों में अपना पूरा लंड उसकी चुत में डाल दिया और अपने दोनों हाथों से उसकी गांड को उठाकर चोद रहा था.
उसे दर्द भी हो रहा था और मज़ा भी आ रहा था.
मैं करीब पंद्रह मिनट तक शीला को तबियत से चोदा.
हालांकि वह तो पांच मिनट में ही झड़ गई थी लेकिन उसने साथ देते हुए चुदाई जारी रखी.
पूरी चुदाई में उसका दो बार स्खलन हुआ था.
उस शाम तक मैंने उसे चार बार चोदा.
वह बोली- आज तक मेरे हस्बैंड ने कभी ऐसा नहीं चोदा है!
फिर मैं अपने घर चला गया.
अब जब भी हम दोनों को टाइम मिलता है, महीने दो महीने में एक बार पूरा दिन उसको चोदता हूँ.
आपको मेरी रियल सेक्स विद हॉट भाभी कहानी कैसी लगी?
प्लीज़ आप मेल करके जरूर बताएं.
pankajjdear@rediffmail.com