जिन्दगी के रंग, सेक्स के संग- 4

Views: 1 Category: Chudai Ki Kahani By enjoysunny6969 Published: August 25, 2026

Xxx सिस्टर्स ग्रुप सेक्स कहानी में बड़ी बहन की शादी के बाद छोटी के साथ लेस्बियन सेक्स करते हुए उसे पति के लंड की जरूरत महसूस हुई तो तीनों ने ग्रुप सेक्स का मजा लिया.

कहानी के तीसरे भाग
साली अपने जीजू को पटाकर चुद गई
में आपने पढ़ा कि साली ने जीजू को उकसाकर उनके साथ सेक्स रिलेशन बना लिए ताकि उसके अपनी बहन के साथ लेस्बियन सेक्स में कोई अड़चन ना आये.

अब आगे Xxx सिस्टर्स ग्रुप सेक्स कहानी:

मीना तो रात को भी नहीं सो पाई थी और जिंदगी के पहले सेक्स के बाद वो भी थक गई थी और नीचे उसकी चूत भी दुख रही थी।
हालांकि उसने एक पेन किलर ले ली थी, पर वो इसे घोड़े बेच के सोई कि शाम को रीना के आने पर ही उठी।

रीना हंसते हुए बोली, “तू तो लगता है पूरी थकान मिटाने आई है मेरे पास!”
मीना भी अंगड़ाई लेते हुए बोली, “हाँ, अब रात भर तुझे सोने नहीं दूंगी!”
कहकर मीना ने रीना को प्यार से लिपटा लिया।

अब वो बेहतर महसूस कर रही थी, दर्द का एहसास अभी भी था।

रीना ने उसे गर्म चाय दी और एक कॉम्बीफ्लेम भी दे दी।

मीना चाय पीकर नहाने गई और गर्म पानी से तरेड़े लगाकर अपने को फ्रेश किया।
रीना बहुत खुश थी उसे अपने साथ देखकर।

उसने आंख मारते हुए पूछा, “कल तो महारानी जी ने कृपा की मुझ पर, आज का क्या प्रोग्राम है?”
मीना मुस्कुराते हुए बोली, “तुझे तो जीजू ने रात को भी चैन नहीं लेने दिया। पूरी रात हल्ला मचाती रही हो तुम!”

रीना हंसते हुए गले लग गई उसके और मम्मे मसल दिए।

रीना बोली, “तेरे जीजू तेरे को देखकर ज्यादा ही गर्म हो जाते हैं और सारी रात मुझे परेशान करते हैं। मन तो किया कि उन्हें तेरे पास भेज दूं!”
मीना बोली, “भेज देती। मुझे क्या, मैं तुझसे नहीं उनसे ही निबट लेती और एक दिन तो ये होना ही है!”

रीना अचरज से बोली, “क्या मतलब?”
मीना सीरियस होकर बोली, “तू कान खोलकर सुन ले। मैं जीजू से ही शादी करूंगी ताकि तेरे साथ रह सकूं। तेरे साथ रहने के लिए मुझे उनकी रखैल बनना भी मंजूर है!”

रीना ने उसे गले लगा लिया और बोली, “अब तो बड़ी हो जा! कब तक ये बचपना करेगी। जमाना नहीं मानेगा ये सब!”
मीना बोली, “मुझे जमाने से क्या लेना। मेरा मतलब तुझसे है। जीजू को तू मनाएगी। तू कहेगी तो मैं मना लूंगी!”

रीना बोली, “तू कैसे मनाएगी?”
मीना बोली, “मुझे चैलेंज मत कर। एक रात बिना कपड़ों के तुम दोनों के बीच घुस जाऊंगी। मेरी उफनती जवानी और मांसल जिस्म के आगे जीजू हथियार डाल देंगे!”
रीना बोली, “कुछ भी बोलती रहती है!”

उसे क्या मालूम था कि मीना तो सारी तैयारी से आई है इस बार।
और किला तो वो जीत चुकी है।

मीना ने रात को भी रीना और सुमित को अलग सोने दिया।
अगले दिन उसका इंटरव्यू था।
सारी सेटिंग सुमित ने कर ली थी।
तो नौकरी तो पक्की थी।

शाम को सरिता का भाई अनिल ही रीना को छोड़ने आया।
मीना को अजीब सा लगा जैसे रीना लिपटकर बैठी थी अनिल के साथ मोटरसाइकिल पर।
रीना बहुत खुश थी।

रीना के कहने पर अनिल थोड़ी देर रुक गया।
मीना को उसके पास बिठाकर रीना चाय बनाने चली गई।

अनिल के गाल पर हल्की सी लाली थी।
मीना समझ गई कि ये रीना की लिपस्टिक है।
पर वो कुछ नहीं बोली।

अनिल चाय पीकर चला गया।

शाम को जब सुमित आया तो मीना ने कहा, “आज मुझे पार्टी चाहिए!”
सुमित बोला, “चलो बाहर चलते हैं!”
मीना बोली, “नहीं घर पर ही करेंगे। पहले दारू पार्टी फिर डिनर।”

रीना ने विरोध भी किया पर सुमित ने हाँ कह दी।

रात को महफिल सजी।
मीना ने रीना को जबरदस्ती फ्रॉक पहनाई और खुद भी पहनी।
ब्रा दोनों ने नहीं पहनी थी।

ड्रिंक्स के साथ मीना ने शाम को ही कटलेट्स बना लिए थे।
अब हंसी-मजाक के बीच सभी के दो-दो पेग हो गए।

रीना तो नशे में आ गई थी।
पर मीना ने जबरदस्ती एक-एक पेग और बना दिया सबका।
म्यूजिक लगा दिया।

रीना दारू से बचने के लिए सुमित का हाथ पकड़कर डांस करने लगी।
पर नशा तो चढ़ ही चुका था।

मीना ने लाइट बहुत हल्की कर दी और सुमित के कान में फुसफुसाकर बोली, “इसे गर्म कर!”

सुमित ने उसका इशारा समझकर रीना को अपने गिलास से थोड़ी और व्हिस्की पिला दी और फिर लिपटा-लिपटी के साथ चूमा-चाटी शुरू कर दी।

पीछे से मीना भी आ गई।
वो रीना से लिपटकर पीछे से उसके मम्मे दबाने लगी।

रीना पहले तो बहक रही थी, पर धीरे-धीरे वो गर्म हो गई और कसमसाने लगी।

सुमित नीचे बैठ गया और रीना की एक टांग अपने कंधे पर रख ली और उसकी पेंटी को एक ओर करके उसकी चूत में उंगली करने लगा।
रीना की चूत पानी बहा रही थी।

रीना कसमसा रही थी, “ये क्या कर रहे हो!”
पर मीना ने उसके होंठों को अपने होंठों से जकड़ लिया था।

अब तीनों बेड पर आ गए।
रीना तो खासी नशे में थी पर सुमित और मीना को होश बाकी था।

मीना ने अपने और रीना के कपड़े उतार फेंके।
सुमित तो पहले ही नंगा हो चुका था।

रीना बहकते हुए मीना से बोली, “ये क्या कर रही है सुमित के सामने?”
मीना बोली, “अब सुमित मेरा भी पति है। आज से ये हम दोनों की लिया करेगा। और आज रात को तू अपने हाथ से इसका लंड मेरी चूत में डालेगी!”

रीना तो नशे में थी, बोली, “सुमित को कोई ऐतराज़ तो नहीं?”
सुमित बोला, “तुम दोनों की खुशी है तो मैं तैयार हूँ!”

अब सुमित मीना के ऊपर चढ़ गया।
रीना ने सुमित का लंड पकड़ा और बहकते-बहकते मीना की चूत के ऊपर रख दिया और मीना के मम्मे चूसने लगी।

सुमित ने एक ही बार में मीना की चूत में अंदर घुसेड़ दिया।
मीना ने ड्रामा किया, “फाड़ दी जीजू ने मेरी!”

रीना सुमित से नाराजगी से बोली, “आराम से करो। अभी ब.च्ची है!”
सुमित ने कहा, “कहां से ब.च्ची है। इसके मम्मे तो बहुत बड़े हैं और चूत बहुत गर्म!”

अब सुमित ने पेलम-पेल शुरू कर दी थी।
मीना भी उछल-उछलकर उसका साथ देने लगी।

रीना तो नशे में थी, वो उन्हें उकसा रही थी।
उसे एहसास था कि क्या हो रहा है।

मीना की चोदकर सुमित ने एक राउंड रीना की चूत पर भी मारा।
फिर तीनों नंगे ही लुढ़क-पुढ़ककर सो गए।

सुबह सबसे पहले रीना की आँख खुली।
उसे माजरा समझ में आया।

उसने झंझोड़कर मीना को उठाया और चिल्लाई, “ये क्या किया तूने!”

अब सुमित भी उठ गया था।
रीना जोर से रोने लगी, “तुम दोनों ने ये क्या किया!”

सुमित बोला, “अकेले हमने नहीं किया। तुमने अपने हाथ से मेरा लंड मीना की चूत में किया है। तुम नशे में कह रही थी मीना से कि तूने आज तक तो मजे मुझे दिए हैं, आज अपने जीजू को दे!”

रीना मीना से बोली, “बस ये आखिरी बार था। इसके बाद कभी नहीं होगा!”
मीना बिफरकर बोली, “मेरी जवानी लुटवा दी और अब कह रही हो कि अब नहीं होगा। मैं तो इस जिंदगी में जीजू को ही अपना पति मान चुकी हूँ और पति समझकर ही चोदने दिया। वरना ऐसे मुझे कौन छू सकता है!”

रीना ने दिन में मीना को बहुत समझाया कि ये सही नहीं है।
मीना बोली, “मुझे तेरे पति में कोई इंटरेस्ट नहीं है। पर जब भी मैं यहां आऊंगी, हम दोनों हमेशा ऐसे ही रहेंगी जैसे हमेशा रहती आई हैं। और अब तो सब कुछ जीजू को मालूम है तो वो कुछ नहीं कहेंगे!”

मीना अगले दो दिन वहां रही।
रीना उसे दिन-रात समझाती रही कि ये व्यवहारिक नहीं है। समाज इसे नहीं मानेगा।
पर मीना नहीं मानी।

रीना ने सुमित से कहा तो वो बोला, “मैं एक बार कोशिश करता हूँ!”

रात को रीना को सहेली सरिता के देवर की शादी में जाना था।
उसने मीना से कहा कि तू भी चल.
तो मीना बोली, “चली चलूंगी पर सिंदूर लगा कर चलूंगी!”

सुमित ने रीना से कहा, “तुम शादी में जल्दी चली जाओ। मैं मीना को समझा-बुझाकर थोड़ी देर से लाता हूँ!”

रीना के सामने कोई और विकल्प नहीं था।
वो चली गई।

उसके जाते ही मीना उछलकर सुमित की गोद में आ गई।
दोनों एक दूसरे को ताबड़-तोड़ चूमने लगे।

मीना ने सुमित से साफ कह दिया कि अगर अब उसने उसे छोड़ा तो वो आत्महत्या कर लेगी।

सुमित ने उसे चूमते हुए कहा, “पागलपन न करो, मैं कुछ रास्ता निकालता हूँ!”

दोनों के कपड़े उतर गए।
मीना ने पहल की और नीचे होकर सुमित का लंड चूसने लगी।
ऐसा जबरदस्त सेक्स तो रीना कभी नहीं करती थी।

अब मीना उलट गई और बोली, “मेरी भी चूसो!”
सुमित ने उसकी फांके चौड़ाते हुए अपनी जीभ उसकी चूत में कर दी।
मीना भी पूरा जोर लगा रही थी सुमित के लंड पर।

आज समय ज्यादा नहीं था।
रीना बार-बार कह गई थी कि जल्दी आना, वरना सब टोकेंगे।

सुमित ने मीना को नीचे लिटाया और उसकी टांगें चौड़ाते हुए ऊपर कर दीं।
अब उसकी मखमली चूत साफ नजर आ रही थी।

सुमित ने थोड़ा सा उस पर थूक गिराया और लंड घुसेड़ दिया।
मीना चीखी पर फिर जल्दी ही ताल में ताल मिलाने लगी।

सुमित के दोनों हाथ उसके मम्मों पर थे।
वो बार-बार झुककर उसे चूम भी रहा था।

मीना की चुदास भी भड़की हुई थी।
उसने सुमित को नीचे किया और चढ़ बैठी उसके ऊपर और लगी उछलने।
उसके मम्मे और बाल हवा में लहरा रहे थे।

सुमित नीचे से भी धक्के लगा रहा था।

तभी रीना का फोन आ गया।
सुमित को चुदाई रोकनी पड़ी।
सांसें थमने पर उसे फोन उठाया और उठाते ही कहा, “मीना नहाने गई है। जल्दी ही आते हैं!”

मीना चुदाई पूरी करना चाहती थी।
उसका शादी में जाने का कोई मन नहीं था।

पर सुमित ने वादा किया कि रात को तीनों चुदाई करेंगे, तब मीना मानी।

शादी में मीना अलग ही नजर आ रही थी।
एक तो सुंदर ऊपर से चंचल।
सभी की निगाहें उस पर ठहर रही थीं।

रीना की सहेली तो अपने मन में उसे अपने भाई अनिल के लिए रीना से मांग भी चुकी थी।
अनिल रीना को भी बहुत अच्छा लगता था तो रीना ने भी हाँ कह दी, बस बात रह गई मीना को मनाने की।

देर रात तीनों शादी से घर वापिस आए।
मीना बहुत खुश थी।
उसे नौकरी मिल गई थी।
शाम को ही मेल आया था।

रीना इसलिए खुश थी कि अगर मीना का रिश्ता हो जाता है तो उसके पागलपन का इलाज हो जाएगा और उसे अनिल का साथ मिलेगा।

सुमित इसलिए खुश था कि आज उसे दो-दो चूत मिलेंगी और इसके लिए उसकी खुशामद उसी की बीवी करेगी।
सुमित ने और मीना ने इस बारे में कुछ प्लानिंग कर ली थी।

घर आकर कपड़े बदलकर सोने जाते समय सुमित बोला, “आज तुम दोनों बहनें साथ सो जाओ। कल तो मीना चली ही जाएगी!”

कहकर वो दूसरे रूम में चला गया।

रीना बहुत खुश थी।
उसने मीना को लिपटा लिया। दोनों के होंठ मिल गए।

मीना ने रूम की डोर बस ऐसे ही भेड़ दी, लाइट बंद कर दी।
दोनों बेड पर आ गईं।

रीना ने कहा भी, “डोर लॉक कर दे!”
मीना बोली, “अब सुमित तो आएगा नहीं इधर और हम बाहर क्यों ही जाएंगी!”

रीना बोली, “अब तू सुमित को नाम से बुला रही है, जीजू नहीं!”
मीना बोली, “अब ये तेरे ऊपर है कि मैं उसे कैसे बुलाऊं!”

रीना बोली, “क्या मतलब?”
मीना बोली, “अगर तू मुझसे ये वादा करे कि जब भी मैं तेरे घर आऊंगी हम दोनों ऐसे ही सोएंगे या फिर सुमित का मन करे तो वो भी हमें जॉइन कर ले, तो तो मैं उसे जीजू बोलूं या फिर वो मेरा भी पति है!”

रीना हंस पड़ी बोली, “तेरे लिए एक बहुत अच्छा रिश्ता आया है अनिल का। तू उससे शादी कर ले। ये मेरा वादा कि फिर तू जब भी मेरे पास आएगी, हम दोनों ऐसे ही सोएंगी। पर ये बात तू अपने पति को नहीं बताएगी!”

कहते हुए रीना ने अपनी नाइटी उतार दी और मीना को भी नंगी कर दिया।
दोनों एक दूसरे की भूखी तो थीं ही, तो चिपट गईं एक दूसरी से।

दोनों 69 होकर एक दूसरे की चूत चाटने लगीं।

मीना कसमसा कर बोली, “यार अब बिना लंड के मजा नहीं आता!”
रीना बोली, “तभी तो कह रही हूँ कि तू मेरी सहेली के भाई से शादी कर ले। वो तो सब तैयार हैं। लड़का भी हैंडसम है। कमाता भी अच्छा है!”

मीना ने उसकी चूत में दो-दो उंगलियां करते हुए कहा, “ये बता लंड कितना मोटा है उसका?”
रीना बोली, “क्या बक रही है, मुझे क्या मालूम?”

अब मीना उसके ऊपर आई और बोली, “सच बताओ कमीनी, तू चुदी है न उससे?”
रीना चुप रही।

मीना ने उसे होंठों पर चूमते हुए कहा, “हमने आपस में कभी कुछ नहीं छिपाया। चल तुझे बताती हूँ मैं और जीजू ने दो दिन पहले पहली बार सेक्स किया है। सच बड़ा मजा आया। पर मेरी नियत तेरा घर खराब करने की नहीं है। बस तुझे हासिल करना चाहती हूँ!”

रीना बोली, “तुझसे झूठ नहीं बोलूंगी। वो अब तक तो सील पैक था। पिछले हफ्ते ही शादी के डांस की तैयारियों में हम दोनों नजदीक आए। फिर एक शाम ऊपर कमरे में उसने मुझे दबोच लिया। मुझे भी मजा आया। उसके बाद एक-दो बार घर पर भी सेक्स किया हम लोगों ने। पर अब डर लग रहा है कि कहीं सुमित को मालूम पड़ गया तो। अनिल लड़का बहुत अच्छा है। पर जब से मेरी सहेली ने तुझे देखा है और आज जब तुझे शादी में देखा तो पीछे पड़ गई कि तेरी शादी उसके भाई से करा दूं।”

मीना बोली, “ताकि तू भी दो-दो लंड के मजे ले सके!”
रीना बोली, “हाँ यार मजा तो आता है दूसरे लंड में। पर अगर तू शादी कर लेगी तो तेरी मर्जी होगी कि मैं उससे मिलूं या नहीं!”

मीना बोली, “अच्छा अब मैं जाती हूँ तू अपनी चूत की आग बुझा ले। भेजती हूँ तेरे खसम को!”

रीना बोली, “नहीं तू क्यों जाती है, उसे यहीं बुला लेते हैं। आज दोनों मिलकर उसे निचोड़ेंगी, पर वादा कर अनिल और मेरे सेक्स के बारे में सुमित को कुछ नहीं बताएगी। अगर तेरी शादी अनिल से हो गई तो फिर जब मौका मिलेगा, तो चारों एक साथ करेंगे.”


दोस्तो, कैसी लगी आपको मेरी कहानी ‘जिंदगी के रंग, सेक्स के संग’?
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