पक्के दोस्त ने खुद से अपनी बीवी चुदवाई

Views: 10 Category: Chudai Ki Kahani By ffor8397 Published: October 18, 2026 📖 15 min read
Share
Text size:

लॉन्ग डिक स्टोरी में मेरा लंड बड़ा है तो मुझे लडकियां खूब मिली. मेरे दोस्त का लंड छोटा है. उसने भी कई लड़कियां चोदी. शादी के बाद उसने मुझे कहा कि मैं उसकी बीवी को लम्बे लंड का मजा दूँ.

ये दोस्त की बीवी के साथ हुई एक लॉन्ग डिक स्टोरी है.
वह भाभी मेरे एक बहुत अच्छे दोस्त की बीवी है.
मैं और समीर बहुत अच्छे दोस्त है. हमने कॉलेज साथ किया और हमारी बॉन्डिंग दिन पर दिन बढ़ती गयी.

हम दोनों कॉलेज टाइम से ही हर फील्ड में आगे रहे हैं, बस लड़कियों के मामले में समीर का हाथ तंग था.
मैं और समीर रूममेट थे. हमारे दो और दोस्त भी थे.

पारुल मेरी गर्लफ्रेंड भी थी और उसके अलावा खूब सारी लड़कियां फ्रेंड्स विद बेनिफिट थीं.
मतलब मेरे लौड़े के लिए चूतों की कमी नहीं थी.

हम दोनों दोस्तों ने ये फैला रखा था कि समीर सोता नहीं, सोते समय मर ही जाता है.
इसके बगल में कुछ भी हो जाए. ये आठ घंटे से पहले नहीं उठेगा.

सच ये था कि जब मेरी गर्लफ्रेंड आती थी तो समीर को मेरे रूम में ही सोना पड़ता था.

हालांकि तब भी मैं उस रूम में अपनी गर्लफ्रेंड को उसके बगल में लिटा कर खुल कर नंगी करके ठोकता था.
मेरी गर्लफ्रेंड को लगता था कि समीर सो रहा है.
जबकि असल में वह पूरी चुदाई देखता था, पर चुपचाप.

समीर मेरा यार है.
मेरी खुशियों में वह ज्यादा खुश होता है.

वह इस बात से भी खुश रहता था कि जिस चीज में वह पीछे है, उसमें मेरी पीएचडी है.

उसका लंड छोटा था और इसी वजह से वह अपने आप को अंडरस्टीमेट करता था.

शायद इसी वजह से उसने कॉलेज में भी कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनाई थी.
लेकिन उसको इस बात का कोई अफसोस नहीं था क्यूंकि मैं उसके हिस्से की चुत भी चोदता था.

मेरा लंड उसने देख रखा था कि मैं अपनी गर्लफ्रेंड पारुल को कैसे बेड पर अच्छे से तोड़ता था.

ऊपर से पारुल के अलावा भी खूब फ्रेंड्स विद बेनिफिट आती थीं, तो मुझे चोदने में मजा आता था और समीर को चुदाई देखने में मजा आता था.

वह इसी बात से खुश रहता था कि उसका दोस्त चुत चुदाई का उस्ताद है.

कॉलेज के बाद समीर की गर्लफ्रेंड बनी.
जब उसको समीर ने खूब चोदा तो उसका छोटे लंड वाला अंडरस्टीमेट का भ्रम खत्म हो गया.

उस लड़की से ब्रेकअप के बाद समीर ने आंटियां भी बजाईं.
आप समझ जाइए कि वह क्या से क्या हो गया था.

मेरी और समीर की बॉन्डिंग ही अलग है.
वह मेरी कोई बात सामान्यतः कभी मना नहीं करता है.
मैं भी उसकी बात मानता था.

अगर वह बोल देता था कि ये करना है, तो मैं एक बार भी मना नहीं करता था.
बाकी उसको पता है कि हां या ना करना मेरे मूड पर भी होता है.

चूंकि हम दोनों को एक-दूसरे की बॉउंड्री पता थी कि उस सीमा से बाहर पुश नहीं करना है.

हम दोनों का सीक्रेट है तो हम दोनों का ही है, तीसरा कोई नहीं होता.
समीर वह शख्श है, जिसने पारुल की यानि मेरी कॉलेज गर्लफ्रेंड की चुत चाट रखी है. वह भी पूरे एक सेमेस्टर तक.

हुआ यूं कि कॉलेज के थर्ड ईयर के लास्ट सेम में पारुल को पता लग गया था कि समीर सोता नहीं है.
क्यूंकि एक दफे समीर की आंखें खुली थीं और मैं पारुल को चोद रहा था.

यह पारुल ने देख लिया था कि साला चुदाई देख रहा है.
उन दोनों ने भी नज़र मिला ली थी.

पारुल ने कोई रिएक्शन नहीं दिया तो समीर पहले थोड़ा बेशर्म हुआ, फिर तो वह चुदाई के वक्त सिगरेट पीते हुए बैठ जाता और पारुल की चुदाई एन्जॉय करता था.
वह बस लंड चुत की कुश्ती देखता था, करता कुछ नहीं था.

मतलब वह उस दौरान अपना लंड छूता भी नहीं था.
बस चुदाई एन्जॉय करता था.

फिर पारुल ने एक दिन मुझसे कहा- अलग फ्लैट ले लो. उधर तुम व समीर रह लेना. यहां किसी को पता लग गया कि समीर हमारी चुदाई देखता है, तो सही नहीं लगेगा.
मैं समझ गया कि पारुल अब समीर के सामने खुल कर चुदना चाहती है.

उसको पता लग गया था कि समीर को जब तक हम दोनों नहीं बोलेंगे, वह कभी उसे टच भी नहीं करेगा.

मैंने कॉलेज के लास्ट ईयर में समीर के साथ एक टू बीएचके फ्लैट ले लिया.
समीर का एक रूम और एक हमारा, जिसमें मैं पारुल लिव-इन में रहने लगे थे.

स्टार्टिंग से ही पारुल मूड में थी.
घर में सिर्फ ब्रा पैंटी में घूमना, लॉन्ग टी-शर्ट पहन कर नीचे से नंगी रहना. मन हो तो फ्लैट में नंगी घूमना.

उसको लगता था कि अब वह क्या ही छुपाए … सब कुछ तो समीर जानता था.
चुदते हुए देखा है उसने पारुल को.
वह सही भी थी.

एक इंसान हमारी सिर्फ चुदाई एन्जॉय कर रहा तो उसको क्यूँ ना चुदाई दिखाई जाए.
पूरे लास्ट ईयर समीर के सामने मैंने पारुल को हर तरीके से चोदा.

समीर ने सिर्फ चुदाई एन्जॉय की जैसे पहले करता था.

अब कॉलेज खत्म होने में सिर्फ एक सेमेस्टर बचा था.
पेपर के बाद छुट्टियां थीं.
कॉलेज एक महीने के लिए बंद था.

फिर बस ज्वाइन करना था क्यूंकि लास्ट ईयर इंटर्नशिप थी पूरे सेम्स्टर.
पेपर के बाद हम तीनों की इंटर्नशिप लग गयी. छुट्टियों के पहले वीक.
हम तीनों रुक गए.

दो वीक के बाद इंटर्नशिप स्टार्ट होनी थी.
हमने फ्लैट पर दो वीक चिल करने का प्लान किया.

एक दिन समीर मूवी देख रहा था.
मैं दूसरे रूम में पारुल को चोद रहा था.

पारुल बोली- मुझे समीर से चुत चटवानी है. लेकिन सिर्फ चुत … वह कमर से ऊपर नहीं आएगा. मुझे उसके पेशेंस को रिवॉर्ड करना है. वह सिर्फ चुत चूसेगा, बाकी कुछ नहीं. ये बात हम तीनों में रहेगी. मैं नहीं बोलूंगी. तुम दोनों का तो पता है.

मैं उसको चोदते हुए बोला- चटवा लो. मैं बोल दूंगा, सिर्फ चुत चाटेगा. बाकी सीक्रेट रखना हमें आता है.
उसके बाद मैंने पारुल को तबियत से पेला और सो गया.

अगले दिन समीर के सामने मैं पारुल को चोद रहा था.
पारुल ने मेरा लंड मुँह में लिया और चूसने लगी.

मैंने समीर से कहा- भाई पारूल चाहती है कि तुम उसकी सिर्फ चुत चाटो.

पहले समीर ने मना कर दिया.
मैं बोला- भाई चाट ना … मैं देखना चाहता हूँ.

उसके बाद तो समीर ने जो चुत चाटना चालू की तो पारुल की तो समझो निकल पड़ी.
समीर ने पारुल की चुत दो दो घंटे तक चाटी है.

उसके बाद पारुल समीर से चुत चुसवाने की आदी हो गयी.
खाना बनवाते हुए भी समीर नीचे बैठ कर पारुल की चुत में लगा होता था, वह चुत को चाट रहा होता.

जब मैं किसी बहाने से किसी और लौंडिया के साथ रांडपा करने बाहर जाता था तब समीर पारुल की चुत को चाट चाट कर उसको झाड़ देता था.

पारुल भी उससे सिर्फ चुत चटवाती थी.
चुदना उसको सिर्फ मुझसे ही होता था.

पारुल ने उससे इतनी चुत चुसवाई कि वह उसके चुत चाटने की फैन हो गयी.

बाद में वह इसके अलावा अच्छा चुदक्कड़ भी हो गया था, झाड़ कर ही झड़ता था.
उसके लौड़े से चुद कर लड़कियां खुश रहती थीं.

अब कहानी में मोड़ आया.

अब तक की कहानी में आपको हम दोनों की बॉन्डिंग तो पता लग ही गयी होगी.
कॉलेज के बाद हम दोनों एक ही सिटी में जॉब करने लगे और दोनों की शादी भी हो गयी.

मेरी बीवी ऑफिस वर्क से एक एक वीक के लिए बाहर रहती थी.
उसकी फॉरेन ट्रिप भी खूब लगती थी.

हमारी लव मैरिज थी तो बॉन्डिंग अलग थी.
मेरी बीवी को मेरे बारे में सब पता था.

सामान्यतः मैं अकेला रहता हूँ. मेरी बीवी मोस्टली साल में चार महीने तो बाहर रहती ही है.
जब वह नहीं होती है, समीर और उसकी वाइफ आते हैं.

मेरी वाइफ थी नहीं कि समीर आ गया अपनी वाइफ के साथ.
रात में हम दोनों देर तक जागे. खूब दारू पी और न/शे में टल्ली हो गए.

समीर बोला- मैं तेरे रूम में जा रहा, तू मेरे रूम में जा … आज अक्षरा को चोद. तेरी भाभी को तेरा लंड बहुत पसंद है.

मैं बोला- तेरा दिमाग ठीक है भोसड़ी के … क्या बकवास कर रहा है?
समीर बोला- बहनचोद, पारुल की चुत चाटी है मैंने … वह तेरी गर्लफ्रेंड थी.

‘तू बकचोदी की बातें न कर. वहां भी पारुल को चटवाना थी चुत और मुझे भी कोई ऑब्जेक्शन नहीं था. इसलिए उसकी चुत चटी.’
वह बोला- हां तो वैसा ही ये भी राज है. अक्षरा मुझसे खूब खुश है. लेकिन उसको हमारी कहानी भी पता है … सारी, इन्क्लूडिंग पारुल वाली भी!

मैं बोला- भाई वह मेरी गर्लफ्रेंड थी और उसको तुझसे चटवानी थी. उसको ये पता था, उसकी ये फैन्टेसी पूरी हो जाएगी और राज राज भी रहेगा. यहां वह मेरी भाभी है बे!

समीर बोला- भाभी को तेरा लंड चाहिए, उसकी भी बड़े लंड से चुदने की फैंटसी है. तेरा लंड उसकी फैंटसी पूरी कर रहा बिना रिस्क के!
मैं बोला- यार, मैंने कभी ऐसा सोचा नहीं उनको लेकर … बहुत गलत है ये!

समीर बोला- तो मैंने सोचा था क्या? सोचता तो सिर्फ देखता नहीं, पटक कर चढ़ जाता और रंडी बना ठोकता. लेकिन तेरी गर्लफ्रेंड को करना था … तो तूने एलाऊ किया.
मैंने बात मानी.

मैं हल्के गुस्से में बोला- समीर वह मेरी गर्लफ्रेंड थी और ये भाभी है!

समीर ने कहा- देख ये करना है क्यूंकि मैं तुझसे कंफ़र्टबल हूँ. उसकी फैंटसी पूरी हो जाएगी. साली अपनी फैंटसी के लिए एक परसेंट भी कहीं दूसरी जगह रंडाप करेगी, तो उससे तो अच्छा तेरे साथ का है. मैं उसकी किसी भी बेजा हरकत का भी रिस्क क्यों लूं. तू मेरे पास है. मेरी बीवी तेरी फैन है चुदाई की. तू चोद बहनचोद. उसको चोदेगा तो वह कहीं नहीं जाएगी. घर की बात घर में रहेगी. तेरी बीवी को ये नहीं पता लगेगा, ये मेरी गारंटी है और अक्षरा की भी!

मैं चुप हो गया.
समीर बोला- चल अब तू सोच, खूब सोच लेकिन याद रहे ये आज रात तुझे ये करना ही है.

समीर उठा और सोने चला गया.
मैं भी अपने रूम आ गया.

रात में मैंने मूड बना लिया कि भाभी को चोदूंगा.

अक्षरा भाभी लम्बी और पूरी फिट थी.
हाउसवाइफ थी तो काम करने की वजह से उसका फिगर भी बवाल था.

पतली कमर साड़ी में कहर ढाती थी. चूचियां जितनी परफेक्ट होनी चाहिए, उतनी ही थीं और गोरा भी एकदम दूध सा रंग. मतलब जेनुइन माल थी.

अगले दिन मैं देर तक सोता रहा था.
करीब ग्यारह बजे होंगे कि मेरा दरवाजा नॉक हुआ.

मैंने दरवाजा खोला तो सामने अक्षरा भाभी थी.
मैं कुछ बोल पाता वह बोली- महिमा (मेरी वाइफ का नाम) के सूट होंगे. एक मुझे चाहिए मैं कपड़े लेकर नहीं आयी.

मैंने उसे अलमीरा दिखाई और कहा- निकाल लीजिये.
उसने लोअर टी-शर्ट पहना हुआ था. अलमीरा खोल कर वह कपड़े निकालने लगी और मैं अनायास ही उसको देखने लगा.

बहुत दिन से बीवी थी नहीं.
रांडाप मैंने शादी के बाद ना के बराबर कर दिए थे तो आलरेडी गर्म था.
मैंने सोचा कि समीर और अक्षरा की इच्छा पूरी कर देता हूँ.

मैंने उठ कर दरवाजा लॉक कर दिया.
अक्षरा अभी भी अलमीरा में कुछ ढूंढ रही थी.

मैंने पीछे से जाकर उसको कस के एक हाथ से पकड़ लिया.
उसको दोनों हाथ सावधान पोजीशन में मेरे कब्जे में थे.

मैंने लपेट कर एक हाथ से उसको खुद से चिपकाया.
मेरा लंड भाभी के चूतड़ों की घाटी में फंस गया.

मैंने हल्का सा खुद को एडजस्ट किया और लंड को गांड की दरार में चिपका दिया.

लंड गांड की दरार को अपना साइज बताने लगा.

उसकी गर्दन पर मैंने कुत्ते की तरह जीभ चलाई और एक बार चाटा.
फिर गर्दन प्यार से चूमने लगा.

अक्षरा ने हटने का हल्का सा नाटक किया और हल्की कड़क आवाज में बोली- अजय, छोड़ो मुझे!

मैं अब एक हाथ उसके लोवर के ऊपर से चुत पर ले गया और उसकी चुत की फ़ूली हुई पुत्तियों के बीच की दरार में ऊपर से उंगली फेरने लगा.
मैं उसकी गर्दन को चूमते हुए बोला- भाभी, आपके देवर को पता है कि आपको चुदना है मुझसे. आप के बारे में कभी गलत सोचा नहीं लेकिन अब जब आप ही चाह रही तो आज आपको दिखाते हैं कि समीर क्यूँ मेरी तारीफ करता है!

अक्षरा बोली- मुझे सिर्फ तुम्हारा लंड चाहिए. कमर से ऊपर कुछ नहीं. उसके लिए समीर है मेरे पास!

मैंने अक्षरा को घुमा कर बेड पर गिरा दिया और लोअर को नीचे खिसका कर पैंटी भी नीचे कर दी.
उसकी गीली चुत सामने नंगी हुई तो मैंने अपना पूरा आठ इंच का लंड उतार दिया.

अक्षरा ‘आह मर गई …’ की आवाज करती हुई अपने दांतों से होंठ काटने लगी.
मैंने लंड को पूरा बाहर खींचा और दुबारा से पूरा पेल दिया.

अक्षरा दर्द से चीख उठी.
मैंने अब हल्के हल्के झटके मारने स्टार्ट किये और अक्षरा के गालों को चूसने लगा.

उसके ऊपर लेट गया और हाथ से एक चूची को मसलता हुआ बोला- समीर ने बताया नहीं, मैं शर्तों पर नहीं चोदता. लड़की की चुत के साथ पूरी लड़की चाहिए होती है मुझे!

ये बोल कर मैंने उसको सीधा कर दिया और पेट को चाटने लगा.
भाभी की टी-शर्ट को निकाल कर ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स को दबा दबा कर चूसने लगा.

अक्षरा कुछ नहीं बोली.
मैं बोला- लेकिन सिर्फ आज ही आपको जैसे चाहूंगा वैसे चोदूँगा. आज के बाद आपके टर्म्स पर चुदाई होगी, सिर्फ कमर से नीचे.

अब मैंने अक्षरा की ब्रा को ख़ोल दिया और उसके बूब्स को प्यार से पीने लगा और फिर उसके गालों पर हाथ फेरने लगा.
मैं बोला- भाभी यार आपको चोदूंगा, ऐसा कभी सोचा ही नहीं था. लेकिन आज आपको चोदने में शर्म नहीं आ रही. आपकी चुत अपनी लग रही.

भाभी ने टांग खोल कर हाथों से लंड चुत पर सैट किया और बोली- आप इतने स्मार्ट हो … ऊपर से पता लग गया था, पर बेड पर भी लाजवाब हो, यह चुदने पर ही पता चला. मुझे लंड चाहिए था बड़ा.
लंड को चूत पर घिसती हुई वह बोली- मेरा पति तेरे लंड का दीवाना है, कोई रिस्क नहीं है … तो मैंने भी सोचा कि क्यूँ ना लूँ तुम्हारा लंड!

मैंने लंड चुत में घुसा दिया.
गीली चुत को फाड़ता हुआ लंड पूरा चुत में था.

जब पूरा लंड झटके से अन्दर घुसा, तो अक्षरा सिसकारियां लेने लगी और अपने दोनों पैरों से मुझे दबा कर पूरा लंड अन्दर तक गड़वाने लगी.
मैंने भी चुत की बोरिंग करना स्टार्ट कर दी.

अक्षरा मस्ती में मस्त चुद रही थी.
मैं हल्की हल्की कमर हिला कर अक्षरा को बजा रहा था और हम दोनों के होंठ अलग ही नहीं हो रहे थे.

कमाल के रसीले होंठ थे.
आज ही मौका था पूरा रस पी जाना चाहता था मैं.

मैंने उनको चूसा भी खूब!
पूरी लिपस्टिक गायब कर दी थी मैंने चूस चूस कर.

अब मैं घुटनों के बल बैठ गया और अक्षरा को घुमा कर लंड पर बिठा लिया.
उसके पेट को मैंने हाथों से गले लगाया और अक्षरा को पूरी ताकत से चोद चोद कर उछालने लगा.

अक्षरा मेरी चुदाई से खुद कण्ट्रोल नहीं कर पायी और झड़ गयी.
मेरा लंड वीर्य पूरा भीग गया लेकिन भाभी की बोरिंग चालू थी.

अक्षरा ने अलग होने की कोशिश की, तो मैंने मुँह में लंड दे दिया और कहा- चूसिये.
वह बड़े प्यार से लंड चूसने लगी और चाट चाट कर पूरा लंड क्लियर कर दिया.

अक्षरा ने बीस मिनट तक तबियत से मेरा लॉन्ग डिक चूसा था तो लंड वापस एक्शन में आ गया था.

वह उसे चूस चूस कर पुनः निचोड़ देना चाहती थी.
मैंने भी मना नहीं किया क्योंकि मुझे भी बहुत दिन बाद मजा आया था, भाभी ने ऐसे लंड चूसा था.

मैंने भाभी के मुँह की भी बोरिंग की. उसकी आंखों से आंसू आ गए पूरा लंड निगलने में.

अब मैंने भाभी को खड़ी किया और बेड पर एक पैर रखने के लिए बोला.
फिर पीछे से आकर मैंने उसको बेड पर झुकाया और पीछे से उसकी चुत बजाने लगा.

आह आह की मादक सिसकारियां मुझे बावला कर रही थीं.
मैं उसे दूध दबाते हुए बोला- भाभी बहुत गर्म माल हैं आप. आपकी चुत बहुत मुलायम है. मन ही नहीं भर रहा है! भाभी आज आपको जीभर के चोदना है फिर तो आपकी शर्तों पर चोदूंगा.

अक्षरा ने अब मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे ऊपर आकर मुझे किस करने लगी.
फिर लंड को चुत में ले कर अपनी कमर चला कर चुत की दरार की मालिश करवाने लगी.

मेरे पूरे लंड पर उसकी चुत के दोनों होंठ लंड की हार्डनेस नाप रहे थे.

भाभी मुझे चूमती हुई बोली- महिमा बहुत भाग्यशाली पत्नी है! क्या कमाल है आपका लंड … मेरी चुत का शेप चेंज कर दिया आपने!
यह बोल कर उसने हल्का सा उठ कर लंड को सीधा किया और वापस उस पर बैठ गयी.

मैंने उसकी कमर में हाथ डाल कर लपेटा और उसको अपने सीने से चिपका लिया. अक्षरा कमर चला चला मुझे चोदने लगी.

दस मिनट की उस चुदाई ने मुझे मजे दिला दिए.

अब मैंने उसकी कमर से उसको कसके पकड़ा और सीने से जोर से चिपका लिया.
वह मेरे सीने पर अपने दूध रगड़वाने का सुख लेने लगी और नीचे से मैं उसकी चुत में अपना मोटा बांस पेलने लगा.

धक्के इतने जोरदार थे कि अक्षरा के बूब्स मेरी छाती पर स्वतः ही ऊपर नीचे होकर घिस रहे थे.

थोड़ी देर बाद मैंने उसको सीधा लिटाया और उसकी टांगों को फैला कर धकापेल चोदने लगा.
कुल मिला कर दूसरा राउंड लगभग चालीस मिनट तक चला, जिसमें मैंने उसको कई तरह से ठोका.

बाद में अक्षरा और मैं एक साथ झड़ गए.

हम दोनों ने एक दूसरे को लम्बा किस किया और अक्षरा ने अपने कपड़े उठाये और नंगी ही अपने रूम में चली गयी.
शाम को उन दोनों को अपने फ्लैट पर जाना था.

मैंने अक्षरा को उस दिन एक बार और चोदा लेकिन सिर्फ उसकी शर्त पर.
किचन में उसको पीछे से खड़ा करके उसको चोदा.

फिर वे दोनों चले गए.

उसके बाद तो अक्षरा भाभी बेड पर अक्षरा बन कर चुदने आने लगी थी.
उसकी शर्त के अनुसार आज तक कमर से ऊपर नहीं बढ़ा हूँ मैं.
ना ही उसने बोला है.
लेकिन गांड कमर के नीचे है.

उसको भी मैंने अपनी बीवी के फ्लैट में रहते मारी है.
अक्षरा वह चुदाई नहीं भूल सकती क्यूंकि उसकी गांड मैंने उसको बिना बताये मारी थी.

गांड मरवाने के बाद उसकी चाल कुछ दिन तक के लिए ख़राब हो गयी थी.

आपको ये लॉन्ग डिक स्टोरी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.
ffor8397@gmail.com

You May Also Like

जिन्दगी के रंग, सेक्स के संग- 4
Views: 105 Category: Chudai Ki Kahani Author: enjoysunny6969 Published: August 25, 2026

Xxx सिस्टर्स ग्रुप सेक्स कहानी में बड़ी बहन की शादी के बाद छोटी के साथ लेस्बियन सेक्स करते हुए उसे पति के लंड की जरूरत महसूस ह…

मेरी वाइफ के बॉयफ्रेंड ने उसकी पैंटी-फाड़ चुदाई की- 2
Views: 19 Category: Chudai Ki Kahani Author: lakshaykashyap516 Published: October 13, 2026

माय सेक्सी वाइफ Xxx कहानी में मैंने घर में लगाए स्पाई कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी कि कैसे मेरी अनुपस्तिथि में 3 दिन रात मेरी …

Comments