पंजाबी लड़की चुद गयी बिहारी लंड से

Views: 5 Category: Koi Mil Gaya By partaprudar36 Published: September 25, 2026 📖 7 min read
Share
Text size:

पंजाबी गर्ल सेक्स कहानी में मेरे चोदू यार से चुदकर मुझे बहुत मजा आता था. एक बिहारी उसका दोस्त था. एक रात मैं यार से चुदने को आतुर थी. लेकिन हुआ क्या?

नमस्ते प्यारे पाठको, मेरा नाम रिम्पल दीप है।
आप मुझे नहीं जानते … पर अब जान जाओगे।

कृपया करके लड़के अपने लंड हाथ में ले लो और लड़कियाँ अपनी फुद्दी सहलाने के लिए तैयार हो जाएँ!

हाँ, मनी को पता है वो बहुत समय के बाद आपके लिए नई कहानी लेकर नहीं आया है।
उसके लिए क्षमा कीजिए।
वो अपने पुराने ईमेल का पासवर्ड भूल गया था।
रूद्र मनी, यानी आपका प्यारा मनी।

मैं उसकी कॉलेज की सहेली हूँ।
गर्लफ्रेंड नहीं, बस चूत सहेली।

हम दोनों कॉलेज के समय से अच्छे मित्र हैं।
बिहार की गर्म कुंवारी चूत
वाली चाँदनी के जाने के बाद तो उसको फुद्दी का नशा सा हो गया था।

मैं एक पंजाबी लड़की हूँ।
ठीक-ठाक परिवार से हूँ।

मैं 19 वर्ष की हूँ, सुंदर, एक अच्छे बदन की मालकिन हूँ।
मैं भी मनी की दीवानी थी, उसकी बॉडी से बहुत प्रभावित थी।

वो मेरे ही असाइनमेंट वाले ग्रुप में था।
उसकी असाइनमेंट में मैं ही सहायता करती थी।

एक दिन उसने मुझे सीधे ही कहा, “रिम्पल, मैं समय खराब नहीं करना चाहता! मुझे चूत चाहिए, चूत! अपनी फुद्दी देगी?”
मैं तो पहले ही चुदना चाहती थी उससे!!

वो हर शनिवार और रविवार को 2 दिन में मेरी 3-3 बार चुदाई करता।
मतलब 2 दिन में 6 बार।
मेरा अपनी कामवासना पे भी कोई कंट्रोल नहीं था।
मनी से ज्यादा तो मैं झड़ जाती थी।

चुदाई के बाद मेरे बदन की मालिश और मुझे अपने हाथों से खाना बनाकर खिलाता।
इसीलिए मैं उसको इतना प्यार करती।
कोई भी लड़की ऐसे मर्द पर मर जाए जो उसकी रानी की जैसे सेवा करे।

यह तो हो गया मैं मनी को कैसे जानती हूँ।

अब असली पंजाबी गर्ल सेक्स कहानी पे आते हैं।
मनी को चूत की तड़प चाँदनी की देन है।
वो बताता था मेरे साथ सम्भोग के दौरान।

मनी का एक दोस्त था जो उसी के गाँव में उसी के साथ पला और बड़ा हुआ था।
उसका नाम विजय था!
दोनों में गहरी दोस्ती थी।

वो प्रवासी था बिहार से।

उसके घर वाले पंजाब काम के सिलसिले में आए थे।
अब वो भी ठीक-ठाक अमीर थे।

यह कहानी एक सच्ची घटना पे आधारित है।

मैं एक बार मनी के गाँव में एक पार्टी पे गई थी।
मनी ने कॉलेज पास होने के बाद सबको इन्वाइट किया था।

वहाँ मैं विजय को पहली बार मिली थी।
देखने वो इतना खास नहीं था।
मैंने भाव नहीं दिया!

मनी ने सबका विजय से परिचय किया।
बाद में हम सबने खूब दारू पी और नाचने लगे।

विजय मनी के साथ बातें कर रहा था और मेरी तरफ देखकर मेरे लिए पेग लेकर साथ नाचने लगा।
मुझे थोड़ा अजीब लगा, पर नाचते-नाचते उससे बात करके अच्छा लगने लगा।
रात पार्टी के बाद सब घर चले गए।

मैं वहीं पे रुक गई और मनी के साथ उसके कमरे में गई।
पलंग पे एक प्लास्टिक कवर चढ़ा दिया कि चुदाई से बिस्तर गीला न हो।

मनी हँसते हुए बोला, “बड़ी गरम हो रही हो!”
मैं बोली, “इस कमरे में और करते क्या हैं हम!”

मैं बहुत नशे में थी और बोल रही थी, “चोद दो मुझे!”
तब मैं अपनी चूत स्कर्ट के नीचे पैंटी के ऊपर से सहलाने लगी और “आआ आआह हह ह उहह यस यस! पा दे मेरी फुद्दी च अपना लंड!” बोलते-बोलते मदहोश होने लगी।

उसी बीच मनी बोला, “रुक जा सोहणिये! हुणी पाड़दां तेरी फुद्दी! बस पार्टी पे आए कारिंदों का पैसे का भुगतान कर आऊँ!!”

और लाइट बंद करके चला गया।
मैं फुद्दी रगड़ते-रगड़ते और मदहोशी में चली गई!!

फिर थोड़े वक्त के बाद मेरी स्कर्ट के नीचे से मेरी पैंटी उतरी और जीभ से चूत की मालिश शुरू हुई।
मेरी सिसकारने की आवाज पूरे कमरे में गूंजने लगी, “आ आआआ ई ईईउई माँ! और तेज निकाल चूत रस और पी जा इस अमृत भरी चूत से!!”

और मैं बोली, “रुक जरा! मैं तेरे चेहरे को देखना चाहती हूँ। मुझे लाइट चलाने दे।”

जब मैंने लाइट ऑन की तो मैं साथ में झड़ गई और सारा का सारा अमृत विजय गटक गया।
उसकी आँखें काम से भरी थीं।

विजय को देखकर मेरे नीचे से पलंग खिसक गया।
मैंने विजय को लात से अपने से दूर किया और बोली, “यह क्या कर रहा है मादरचोद के ब.च्चे! शर्म नहीं आई यह सब करते हुए?? हरामजादे!”

विजय बोला, “रिम्पल जी, मैंने जब आपको देखा था आप में लंड डालने का मौका ढूँढ रहा था। आप मनी से सिर्फ अपनी और उसकी प्यास के लिए चुदती हो! मुझसे क्यों नहीं चुद सकती?”

मैं कामवासना में होने के बावजूद बोली, “मैं एक बिहारी से चुदूं? अक्ल ठिकाने है?”
विजय बोला, “क्यों? बिहारी के लंड नहीं लगा होता? बिहारी का चूत के अंदर नहीं घुसता? रही बात, हाँ हूँ मैं बिहारी का लड़का पर मेरा जन्म पंजाब का है!!”

मैं, “अरे हराम के पिल्ले मूरख ऐसे कैसे? रहेगा तो तू बिहारी!”
विजय बोला, “अभी थोड़ा समय पहले तो इस बिहारी की जीभ से गीली होकर सारा अमृत इसके मुँह में डाला? यदि अब मेरा लोड़ा मुँह और फुद्दी में ले लोगी तो क्या हो जाएगा?”

मैं और गुस्सा होकर बोली, “अगर मनी को पता चला वो तुम्हारी ऐसी की तैसी कर देगा!!”
विजय हँसते हुए बोला, “हाहा हाहा! उसकी चिंता न करो तुम जानू! बस मेरा यह फनफनाता साँप अपने मुँह में लो!”

और उसने अपना लंड मेरे मुँह में डालना चाहा.

मैं फिर उसे धकेल पीछे हुई, बोली, “क्या कर रहा है तू रंडी के ब.च्चे!!”
विजय बोला, “निकाल ले गाली, पर बस अपनी चूत दे दे!!”

अब मेरी भी कामवासना मुझे कह रही थी, ले ले यह लंड।
मैंने विजय को कहा, “अगर मनी आ गया तो?”
विजय बोला, “अरे तुम्हें क्या लगता है? वो गांडू आएगा? उसे कोई और मिल गई होगी आज की रात! तुम और मैं अकेले हैं!”

मैंने सोचा कि चलो कोई बात नहीं!!

मैंने विजय का साँप पकड़ा और हाथ से सहलाने लगी और बोली, “विजय गांडू! यह तेरा पहला और आखिरी बार है! मेरी कामवासना मुझे चूत मरवाने को कह रही है!”
विजय बोला, “रिम्पल जी, आपको पेलूंगा भी वैसे!”

फिर मैंने विजय का लंड मुँह में लिया और कुल्फी के जैसे चूसने लगी.
जिससे विजय की आँखें बाहर आ गईं.

वो बोला, “मार डाला रंडी तूने तो! ऐसा किसी ने न चूसा!”
मैंने गुस्से में लंड पे काटते हुए बोला, “मैं तेरी नहीं, मनी की रंडी हूँ साले!”

वो बोला, “मजाक था! आप बस चूसो!”

मैं मजे में “आह आ हआह उम्म उम्मआ हआह आह उम्मउम्म आ” कर रही थी।
सारा कमरा गलप गलप की आवाज से गूंज रहा था!!

5 मिनट बाद वो झड़ने लगा और बोला, “मैं छूटने वाला हूँ!”
यह कहते मेरे मुँह में सारा माल निकाल दिया!

मैं बोली, “वाह रे गांडू! इतना गाढ़ा माल! साले दिल बाग-बाग कर दिया! अभी इसमें साँप में जान है कि मर गया?”

हँसते हुए मैं बोली, “चूत में जाने लायक है यह?”
विजय बोला, “जान, आप मौका तो दो!”

मैं बोली, “दिया तुझे मौका! अब आ इस पंजाबन की चूत में डाल दे अपनी तलवार और मना ले विजय दिवस!”

उसने मुझे घोड़ी बनाके मेरी फड़फड़ाती हुई गीली चूत में अपना लंड डाला और बोला, “यह मेरा पसंदीदा तरीका है!”

मैं हाँफते हुए “आआ आआह उउउउ” बोली, “जो मर्जी जैसे मर्जी! बस चोद मुझे चोद! चोद अपनी रंडी को!”

यह सुन के वो और जोर-जोर से चोदने लगा।

फिर 10 मिनट की ठुकाई बाद मेरी चूत में माल छोड़ गया.

उस रात इस पंजाबन की चूत में वो बिहारी 4 बार झड़ा!
और सुबह होने से पहले वो चला गया.

मनी जब सुबह मेरे लिए ब्रेकफास्ट लेकर आया, मुझे उठाकर बोला, “केसी रही तेरी चुदाई? मुझे तो तू एकदम से भूल गई थी!”
वो हँसते हुए बोला!

मैं हैरान, बोली, “मनी गांडू! यह तुम दोनों की मिली-भगत थी, अब समझ आई!!”

मैं नंगी उसके पीछे-पीछे जूता लेकर भागने लगी और बोली, “यह तो तेरे कहने पे थ्रीसम भी कर लेती उसके साथ!”

फिर दोनों ने नाश्ता किया।
फिर मेरे नहाने के बाद वो मुझे घर ड्रॉप करने चला गया।

अभी मनी की और कहानी आएगी, जो बाकी रहती है!

रुदरमनी सिंह की पिछली कहानी तो आपने पढ़ी होगी।
वो अब कनाडा रहता है। इंडिया आता रहता है.

पंजाबी गर्ल सेक्स कहानी कैसी लगी आपको?
आपकी प्यारी रिम्पलदीप
partaprudar36@gmail.com

You May Also Like

ट्रेन में मिली औरत को उसके घर में चोदा
Views: 71 Category: Koi Mil Gaya Author: rs599873 Published: August 30, 2026

Xxx भाभी स्टोरी में आगरा से दिल्ली की ट्रेन में एक लड़की मुझे लाइन दे रही थी. उसके साथ की एक भाभी ने मुझे देखा तो वो भी मुझ…

सहेली के ससुर के लंड से चुदाई- 1
Views: 355 Category: Koi Mil Gaya Author: preetimisal111 Published: May 05, 2026

हॉट गर्ल X स्टोरी में मैं अपने मायके गयी तो अपनी सहेली के घर गयी. वहां सहेली के ससुर के अलावा कोई नहीं था. उन्होंने मुझे अ…

Comments