नो कंडोम सेक्स स्टोरी में पड़ोस की चालू लड़की मेरे लंड के लिए बेताब थी. एक बार हमें मौक़ा मिला तो मैं आधी रात में उसके कमरे में गया.
फ्रेंड्स, मैं कबीर आपको अपनी पड़ोसन लड़की को चोदने वाली सेक्स कहानी सुना रहा था.
कहानी के पहले भाग
पड़ोसन लड़की के साथ मूवी देखने गया
में अब तक आप पढ़ चुके थे कि शीतल मेरे साथ मूवी देखने आई थी और उसने अपनी सहेली से मेरा परिचय अपने ब्वॉयफ्रेंड के रूप में कराया था.
अब आगे नो कंडोम सेक्स स्टोरी:
फिर मैंने कॉर्नर की लास्ट रो की टिकट्स ली.
मूवी को रिलीज हुए काफी टाइम हो गया था और ये मॉर्निंग का शो था, तो ज्यादा भीड़ नहीं थी.
हम सब अन्दर गए.
उसकी फ्रेंड बोली- मैं बाथरूम जाकर आती हूँ.
वह बाथरूम गई तो मैंने पूछा- ऐसा क्यों बोला कि मैं तुम्हारा BF हूँ?
शीतल- मेरी सब फ्रेंड्स के BF हैं … और वे सब मुझे चिढ़ाती हैं. आप हैंडसम दिखते हो तो ये जब बाकी सबको बोलेगी तो उनको भी जलन होगी, इसलिए कहा. आप प्लीज बुरा मत मानना.
मैं- इसमें क्या बुरा मानना वैसे भी तुम इतनी क्यूट हो. मैं तो रियल में तुम्हारा BF बनने को रेडी हूँ!
शीतल मुझे हैरानी से देखती हुई बोली- तो ठीक है आज से हम दोनों BF-GF, लेकिन घर वाले किसी को नहीं पता चले!
मैं- लेकिन रिलेशन कैसा रहेगा?
शीतल- मतलब?
मैं- मतलब ये कि सीरियस रिलेशन या एंजॉय के लिए?
शीतल- एंजॉय के लिए. सीरियस नहीं.
मैं- ओके ठीक है.
इतने में उसकी फ्रेंड आ गई.
हम थिएटर में ऐसे बैठे थे कि पहले अनु, फिर शीतल, फिर मैं.
मूवी स्टार्ट हुई.
कुछ टाइम बाद मैंने उसके हाथ पर अपना हाथ रखा और सहलाने लगा.
वह भी मेरी तरफ हो गई.
फिर मैं उसकी जाँघ पर हाथ रख कर सहलाने लगा.
उसे मज़ा आने लगा.
मैं अब उसके छोटे-छोटे बूब्स कपड़ों के ऊपर से दबाने लगा.
मुझे उसके छोटे बूब्स में भी मजा आने लगा.
शीतल ने भी मेरे पैंट के ऊपर से लंड को पकड़ लिया और वह लंड सहलाने लगी.
हमने पूरी मूवी में ऐसे ही एक दूसरे को सहलाया.
फिर बाहर आकर रेस्टोरेंट में गए और उधर हम तीनों ने खाना खाया.
वहां उसकी फ्रेंड ने बिल दिया, मुझे नहीं देने दिया.
बाद में पता चला कि वह एक बड़े बिजनेस वाले की बेटी थी.
फिर जब हम घर आ रहे थे तो शीतल मुझसे चिपक कर बैठी थी.
मैंने उससे कहा- तुम बहुत सेक्सी हो!
उसने कहा- कहां सेक्सी, पतली सी तो हूँ … और जो बड़े होने चाहिए वे भी छोटे छोटे से हैं!
मैंने कहा- बॉडी से नहीं, तुम अपने मन से सेक्सी हो. मैंने तुम्हारे फोन में पोर्न साइट देख ली थी.
फिर मैंने उसे कमल वाली बात भी बताई तो वह शर्मा गई.
वह बोली- ये आजकल के बच्चे जल्दी बिगड़ जाते हैं.
मैं हंस दिया.
उसने कहा- मैं कमल को नहीं बताऊंगी कि मुझे ये सब पता चल गया है!
मैंने कहा- ठीक है. लेकिन अब हम कब अकेले में मिलें?
शीतल- जल्दी मौका मिलता है, तब देखते हैं.
मैं- ओके.
फिर हम घर आ गए.
हम दोनों साथ में ही ऊपर आए, तो शीतल की मम्मी ने पूछा- साथ में गए थे क्या?
शीतल ने कहा- हां साथ में गए थे. ये भी वही मूवी देखने जा रहे थे तो साथ ही आए.
उसकी मम्मी को इसमें कोई बुरा नहीं लगा क्योंकि सबको मैं एक सीधा लड़का लगता था.
फिर मैं घर में गया और सो गया.
ऐसे ही कुछ दिन निकल गए.
हम दोनों मौका मिलते ही किस कर लेते या मैं उसके बूब्स या गांड दबा देता.
एक दिन टेरेस पर हम दोनों ही थे और शाम का टाइम था.
उसने कहा कि मुझे लंड देखना है.
तो मैंने कहा- यहां कोई आ जाएगा!
वह टेरेस के दरवाजे के पास खड़ी हो गई.
वह ऐसे खड़ी हुई कि कोई नीचे से आने को हो तो पहले ही पता चल जाए.
टेरेस की दीवार बड़ी थी और ऐसा टेरेस था कि किसी को पता नहीं चलेगा कि क्या हो रहा है.
उसने इशारा किया तो मैंने पैंट और चड्डी नीचे की और लंड बाहर लटकने लगा.
शीतल बहुत गौर से देखने लगी.
फिर मैंने पैंट ऊपर की और हम नीचे आ गए.
दूसरे दिन शीतल अकेले में मिली तो उसने कहा- यार, तुम्हारा कल देख कर मन कर रहा था मुँह में लेने का!
मैं- तो ले लेना चाहिए ना!
शीतल- वहां कोई भी आ सकता था इसलिए …
मैं- मुझे भी बहुत मन कर रहा है. लग रहा है कि तुम्हें पूरी नंगी करके अपनी बांहों में भर लूँ.
शीतल- मन तो मेरा भी करता है लेकिन कहां करें, समझ ही नहीं आता.
मैं- होटल में चलें?
शीतल- नहीं यार, वहां डर लगता है. होटल रिस्की होता है.
इतने में कोई आ रहा था तो हम अलग हो गए.
अब हम दोनों मौका ढूंढने लगे कि अकेले में कैसे मिलें.
ऐसे ही एक दिन बहुत बारिश हो रही थी.
मैं ऑफिस से भीग कर आया तो देखा कि शीतल के मम्मी-पापा कहीं जा रहे थे.
मैंने पूछा- क्या हुआ? कहीं जा रहे हो क्या अंकल?
उन्होंने बताया कि हम लोग 2 दिन के लिए गांव जा रहे हैं. कुछ जरूरी काम है तो अभी ही जाना पड़ रहा है. राजू और शीतल इधर हैं तो उन्हें कोई काम हो तो प्लीज उनका ध्यान रखना.
मैंने ‘ओके.’ बोला.
फिर उनके जाने के बाद मैं अपने फ्लैट में आ गया.
रात को कमल के घर खाना खाने गया तो पता चला कि राजू ने कमल को उसको सोने के लिए अपने घर बुलाया है.
मैं सोचने लगा कि 2 दिन शीतल और राजू अकेले हैं, ऐसे में कुछ करने का मौका ढूंढना होगा.
कमल राजू के साथ उसके घर चला गया.
मैं भी खाना खा के शीतल के घर गया और शीतल से बोला- अंकल बोलकर गए हैं, कुछ काम हो तो बताना.
शीतल ने कहा- ओके. मैं बता दूँगी कुछ काम होगा तो.
मैं अपने फ्लैट में आकर लेट गया.
इतने में शीतल का कॉल आया.
मैंने कहा- कुछ सैटिंग करो, अच्छा मौका है.
शीतल ने कहा- रात को 12 बजने के बाद तुम मेरे घर चुपके से आ जाना.
मैंने कहा- राजू और कमल होंगे?
शीतल- वे दोनों दूसरे रूम में सोएंगे. मैं मम्मी-पापा के रूम में सो रही हूँ, हम वहां आज प्यार करेंगे.
मैंने कहा- ठीक है तुम कॉल करना, मैं आ जाऊंगा.
फिर फोन काट कर मैं उसी वक्त मैं बाहर जाकर कंडोम लेकर आ गया.
रात को ठीक साढ़े 12 के आस-पास शीतल का कॉल आया.
मैं अपने फ्लैट से बाहर आया और सब तरफ देखा कि कहीं कोई देख तो नहीं रहा.
फिर शीतल के फ्लैट में गया.
शीतल ने मुझे अन्दर लिया.
फिर मैं जब रूम में जाने लगा तो मुझे याद आया कि कहीं कमल जाग तो नहीं रहा?
क्योंकि उसे पता था कि शीतल उंगली करती है तो साला देखने के लिए उसके कमरे की तरफ व्यवस्था न बनाए हो!
मैंने उसके रूम में चुपके से देखा तो दोनों सो रहे थे.
फिर हम दोनों अन्दर गए.
शीतल ने नाइट ड्रेस पहनी हुई थी.
मैंने कमरे में अन्दर जाकर उसे अपनी बांहों में ले लिया और जोर-जोर से किस करने लगा.
वह भी मेरा साथ देने लगी.
उसके नर्म होंठों को चूसने में बहुत मजा आ रहा था.
फिर शीतल ने मेरी टी-शर्ट निकाल दी और मेरे बदन को चूमने लगी.
वह मेरे निप्पल ऐसे चूम रही थी जैसे बहुत बार कर चुकी हो.
साली बार-बार मेरे सीने की घुंडियों को जीभ की नोक से लिकलिक करके चूम रही थी.
मैं उसकी इस हरकत से बहुत एक्साइटेड हो रहा था.
फिर वह नीचे हुई और उसने मेरी पैंट निकाल दी.
मैंने चड्डी पहनी ही नहीं थी इसलिए अब मेरा लंड उसके सामने था.
लंड उसकी हरकत से पहले ही खड़ा हो चुका था.
शीतल ने झट से लंड को अपने मुँह में ले लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी.
मुझे बहुत ही एक्साइटमेंट हो रही थी.
उसके होंठ मेरे लंड पर घिस रहे थे, तब मैं आंखें बंद करके आनन्द ले रहा था.
वह बिल्कुल मंज़ी हुई खिलाड़ी की तरह लंड चूसे जा रही थी.
मैं अभी भी खड़ा ही था जबकि वह घुटनों के बल बैठी थी और रांड की तरह लंड चूसे जा रही थी.
काफी देर चूसने के बाद मुझे फील हुआ कि अब पानी निकल जाएगा तो मैंने उसे अलग किया.
वह मेरी तरफ देखने लगी.
साली ऐसे देख रही थी जैसे पोर्न मूवी में लंड चूसने के बाद पोर्न एक्ट्रेस देखती है.
फिर मैंने उसे खड़ी किया और उसके कपड़े निकाल दिए.
उसने भी अन्दर कुछ नहीं पहना था.
मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया.
उसके बदन को देखा … बिल्कुल पतली लड़की, छोटे-छोटे बूब्स जो अब थोड़े बड़े होने लगे थे.
गोरा बदन और नीचे मस्त बिना बाल वाली चिकनी चूत.
उसकी चूत देख कर साफ लग रहा था कि शायद पहले चुत में कुछ लिया है इसने.
मैंने उसको चूमना शुरू किया, उसके बूब्स को मुँह में लेकर चूसने लगा.
मैं उसके आधे से ज्यादा बूब्स को मुँह में भर कर चूस रहा था.
उसके बूब्स छोटे थे पर निप्पल बहुत ही मस्त थे.
एकदम नुकीले दूध जैसे समोसे हों, सच में चूसने में बहुत मजा आ रहा था.
वह बोली- कैसे हैं?
मैंने कहा- मसाले वाले समोसे हैं.
वह हंस दी और बोली- गुजिया भी मावे की है!
उसकी बात सुनकर ऐसे ही उसके जिस्म को चाटते-चाटते नीचे आ गया.
उसकी चूत पर मैंने अपना मुँह रखा और चूत को चाटने लगा.
जैसे ही चूत को मैंने अपने मुँह में लिया, शीतल पूरी तरह से सिहर उठी.
मैं उसकी चूत में जीभ की नोक को डालकर चाटने लगा.
उसकी गांड आगे पीछे हो रही थी जिससे पता चल रहा था कि उसे चुत चुसवाने में बहुत मजा आ रहा था.
हालांकि मुझे पता चल गया था कि उसकी चूत पहले चुद चुकी है और एकाध बार नहीं, बहुत बार.
मुझे इससे क्या मतलब था, मैं तो बस चुत चाटने में लगा रहा.
देर तक चुसाई के बाद उसकी चूत ने पानी निकाल दिया.
तो शीतल निढाल सी हो गई.
मैं- शीतल, अब चूत को लंड का स्वाद चखाता हूँ.
शीतल- हां जल्दी करो. मुझे उसी की तड़प है!
मैंने पैंट से कंडोम निकाल लिया तो शीतल बोली- आज बिना कंडोम के ही चोदो!
मैंने कंडोम रख दिया.
शीतल ने अपने पैर फैलाए.
उसकी चूत पूरी तरह से गीली थी.
मैं पोज सैट करके उसके पैरों के बीच आ गया और अपना लंड उसकी चूत पर सैट कर दिया.
फिर जैसे ही मैंने धक्का लगाया तो एक ही धक्के में पूरा लंड अन्दर चला गया.
शीतल ने एक हल्की सी आह भरी.
उसे शायद हल्का सा दर्द हुआ.
इसका साफ मतलब था कि बहन की लौड़ी पहले बहुत बार चुद चुकी है.
मैं अब उसकी चूत में लंड अन्दर-बाहर करने लगा.
शीतल भी पूरा साथ दे रही थी.
वह नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर लंड से चुदने का मजा ले रही थी.
मैं धक्के पर धक्के दे रहा था.
शीतल का पूरा शरीर हर धक्के में साथ हिल रहा था- आह चोदो मुझे … और जोर से चोदो आह्ह बहुत मजा आ रहा है, चोदो!
मैं उसे और जोर-जोर से चोदने लगा.
फिर उसने मुझे बांहों में भींच लिया और वह मेरे बदन को नोंचने लगी.
साली रंडी, लंड से चुदने का पूरी तरह से मजा ले रही थी.
मैंने अब उसे और जोर-जोर से चोदना चालू कर दिया.
मेरे झटकों से पट पट की आवाज आ रही थी और उधर शीतल भी ‘आह आह ओह्ह’ कर रही थी.
तभी मैंने अपना लंड बाहर निकाला और बिस्तर से नीचे आ गया.
शीतल मुझे ऐसे देख रही थी, जैसे किसी ने उसके मुँह से निवाला छीन लिया हो.
शीतल- क्या हुआ? उठ क्यों गए?
मैं- रुको, बताता हूँ!
मैंने उसे अपने पास बुलाया.
मैं बिस्तर के किनारे लेट गया और अपने पैर बिस्तर से नीचे लटका लिए थे.
अब मैंने उससे कहा- मेरे लंड पर बैठो!
शीतल मेरे ऊपर आई और मेरे खड़े लंड पर अपनी चूत सैट करके आहिस्ता-आहिस्ता बैठ गई.
मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया.
मैंने उसे अपनी बांहों में ले लिया और ऐसे ही उसे जोर से पकड़ कर अपनी गोद में उठाए उठाए खड़ा हो गया.
मेरा लंड अभी भी उसकी चूत में था.
उसने अपने पैरों से मुझे पकड़ रखा था.
मैंने उसके चूतड़ों को अपने हाथों से साध लिया और उसे खड़े-खड़े गोद में लिए चोदने लगा.
वह बिल्कुल हल्की सी थी तो मैं जोर-जोर से उसे क चोदने लगा.
मैं उसे ऐसे ही चोदते हुए लटकाए लटकाए पूरे कमरे में घूमा.
उसे भी ऐसे चुदने में बहुत मजा आ रहा था.
वह मेरी गर्दन में हाथ डाल कर मेरे सीने से अपने दूध मींज रही थी और बोल रही थी- ऐसे में बहुत मजा आ रहा है … आह चोदो कबीर और जोर से चोदो!
मैंने महसूस किया कि शीतल अब काँप रही थी.
थोड़ी देर में उसका पानी निकल गया.
उसका पानी मेरे पैरों से होकर नीचे आने लगा.
मैं ऐसे ही उसे चोदने में लगा रहा.
कुछ देर बाद मेरा पानी भी निकलने को हुआ.
मैंने खड़े-खड़े ही उसी पोजीशन में उसके अन्दर पानी छोड़ दिया.
मैं झड़ने के बाद भी उसे अपनी गोद में लिए ही खड़ा रहा.
फिर मैंने उसे अपने से अलग किया.
खड़े-खड़े जब मेरा लंड उसकी चूत में से बाहर निकला तो उसके साथ उसकी चूत से वीर्य भी नीचे गिरने लगा.
फर्श पर उसके पानी से मिला हुआ मेरा वीर्य गिरा हुआ था.
हम दोनों एक दूसरे को देखते रहे.
फिर उसने मुझे हग किया और होंठों को चूमा.
हम दोनों ने टॉवल से अपने लंड और चूत को साफ किया और बिस्तर पर लेट गए.
दोस्तो, उम्मीद है कि आपको मेरी नो कंडोम सेक्स स्टोरी में मजा आ रहा होगा.
प्लीज मुझे जरूर बताएं.
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