न्यूड पुसी फिन्गेरिंग स्टोरी में मेरी कोचिंग की स्टूडेंट मेरे से सेट हो गयी थी, मेरे साथ सेक्स का मजा लेना चाह रही थी. मैं उसे टेबल पर पढ़ा रहा था, मेरा पैर उसने अपनी नंगी चूत पर ले लिया.
फ्रेंड्स, मैं रोहित सिंह आपको अपनी सेक्स कहानी में अपनी स्टूडेंट मीरा की चूत की चुदाई की कहानी सुना रहा था.
कहानी के पहले भाग
गर्म लड़की सेक्स की आग में जल रही थी
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि मीरा की टांगों में मैं अपनी टांग को लड़ाने लगा था.
वह मेरे इस कदम से जरा घबरा गई थी.
अब आगे न्यूड पुसी फिन्गेरिंग स्टोरी:
उसकी घबराहट देख कर मैं भी डर गया और मैंने अपनी टांग झट से नीचे कर ली.
पर तभी मैंने देखा कि वह थोड़ा सा मायूस हो गयी.
शायद उसको मेरा जांघों पर पैर से टच करना अच्छा लगा था लेकिन मैंने अपनी टांग हटा ली तो उसका मज़ा किरकिरा हो गया.
मैंने दोबारा अपनी किस्मत आज़माने की सोची.
मैंने फिर से अपनी टांग को उठा कर अपनी दूसरी टांग के ऊपर रखा और फिर से वही हुआ.
पर इस बार मीरा ने कुछ रिएक्ट नहीं किया बल्कि वह मेरी इस हरकत को अनदेखा करके किताब में देखने लगी.
इससे मेरी हिम्मत थोड़ी बढ़ी, मैंने थोड़ा सा और नीचे सरक कर अपने पैर से मीरा की जांघ को सहलाया.
उसने आंख उठा कर मेरी तरफ देखा,
मैंने थोड़ा सा स्माइल किया और अपने पैर से उसकी जांघ को सहलाना जारी रखा.
वह समझ गयी कि मसला क्या है!
उसने अपनी आखें बंद कर लीं.
मैं समझ गया कि उसको भी मज़ा आ रहा है.
मैंने अपने पैर की हरकत बढ़ा दी.
उसकी सांसें भारी होने लगीं और उसके दोनों दूध तेज़ी से ऊपर नीचे होने लगे.
अचानक उसके मुँह से हल्की सी सिसकारी निकल गयी ‘ऊऊहह.’
उसकी इस सिसकारी से ऋतु और मुग्धा चौंक गईं.
मैंने झट से अपने पैर को मीरा की जांघ से हटा लिया.
अब मैंने नाटक करते हुए पूछा- मीरा क्या हुआ?
वह भी खुद अपनी सिसकारी से घबरा गयी थी तो हड़बड़ा कर बोली- नहीं सर, कुछ नहीं, बस ऐसे ही हल्का सा सिर में दर्द हो रहा है, लेकिन मैं ठीक हूँ.
मेरी जान में जान आ गयी.
मैंने सोचा कि बच गया!
फिर मैंने अपने पैर को चलाना बंद कर दिया लेकिन पैर को वहां से हटाया नहीं.
मेरा पैर अभी भी मीरा की जांघ से चिपका हुआ था.
क्या बताऊं दोस्तो, उसकी जांघें इतनी नर्म, इतनी मुलायम और इतनी मखमली थीं जैसे मेरा पैर मक्खन के एक ढेर में घुस गया हो.
मेरा लंड झटके पर झटके मार रहा था, और ऐसे फड़फड़ा रहा था जैसे तौलिया फाड़ कर बाहर आ जाएगा.
मज़ा तो मेरा भी खराब हो गया था लेकिन अब क्या कर सकता था!
तभी मीरा ने ऐसी हरकत की कि मैं सोच भी नहीं सकता था.
उसने अपनी चेयर को और भी आगे की तरफ सरकाया और जितना टेबल के नीचे जा सकती थी, चली गयी.
इससे हुआ यह कि मेरा पैर उसकी चूत के एकदम नज़दीक पहुंच गया.
शायद एक इंच की दूरी रह गयी थी मेरे पैर और उसकी चूत के बीच में!
उसने अपनी स्कर्ट उठा कर मेरे पैर के ऊपर रख दी.
यह उसकी तरफ से क्लियर सिग्नल था.
बस फिर क्या था, मैंने अपने पैर दोबारा उसकी जांघ से लगा दिया और पैर की हरकतों से उसकी जांघों को सहलाने लगा.
आआहह सस्स्शह… कितना मज़ा आ रहा था.
अब मेरी आंखें मज़े और उन्माद से बंद होने लगी थीं.
मुझे लग रहा था कि अभी मेरा लंड फट जाएगा और मेरे सारा माल निकल जाएगा.
उधर मेरे पैर की हरकतों की वजह से मीरा का भी बुरा हाल होने लगा.
उसकी सांसें भारी होने लगीं, चूचियां ऊपर नीचे होने लगीं, आवाज़ लड़खड़ाने लगी.
मैं तो समझ गया, लेकिन ऋतु और मुग्धा कन्फ्यूज़ हो गयी थीं कि आख़िर माज़रा क्या है!
तभी मैंने मीरा से कहा- अगर तुम्हारे सिर में दर्द हो रहा है तो तुम घर चली जाओ!
लेकिन उसने कहा- नहीं नहीं सर, मैं घर नहीं जाऊंगी!
मुझे शक था कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो ऋतु और मुग्धा सब समझ जाएंगी कि असल में मेरे और उसके बीच क्या चल रहा है.
तभी इसका सोल्यूशन भी मीरा ने झट से निकाल लिया.
वह बोली- सर अगर आप कहें तो मैं थोड़ा सा अपने सर को नीचे रख कर रेस्ट कर लेती हूँ. कम से कम मैं सुन तो पाऊंगी कि आप क्या पढ़ा रहे हो.
यह सुनते ही मेरी आंखें खुशी से चमक उठीं.
मैंने अपने मन में सोचा कि कितनी स्मार्ट लड़की है यार!
मैंने कहा- ओके!
वह अपने दोनों बाजू मोड़ कर सिर झुका कर बैठ गयी और मेरी और उसकी रास लीला चलती रही.
अब मैं बेधड़क उसकी जांघों को अपने पैर से सहला रहा था.
आअहह सस्स्स्शह… क्या मज़ा आ रहा था.
अप्रतिम उन्माद आ रहा था मेरे लंड में … ऐसा महसूस हो रहा था कि अभी के अभी ही फट जाएगा.
मेरा दिल कर रहा था कि अभी मीरा को पूरी नंगी करके चोद दूँ!
उसके चूचे मसल दूँ, उसकी चूचियां, मुँह में लेकर चूस लूं, काट लूं, खा जाऊं! उसकी चूत चाट लूं.
दिल कर रहा था कि काश मैं और वह इस टाइम अकेले होते तो मैं उसको चोद कर पूरा मज़ा ले लेता.
लेकिन ये संभव नहीं था.
मैंने पैर से उसकी जांघों को सहलाना जारी रखा.
उसका तो मुझसे भी ज़्यादा बुरा हाल था.
वह बुरी तरह से सिसकार रही थी.
उसको इसकी बात की भी चिंता नहीं थी कि उसकी सहेलियां क्या सोचेंगी.
वह बैठी बैठी थोड़ा और आगे को आ गयी और अब मेरा पैर सीधा उसकी चूत से टच हो गया.
उसकी चूत की नमी पाते ही मुझे ज़ोर का झटका लगा.
ऐसा लगा जैसा पैर किसी गर्मागर्म भट्टी में घुस गया हो!
ओह माय गॉड क्या करूँ … क्या करूँ!
ये सब सोचते सोचते मैंने फुल स्पीड से अपने पैर के अंगूठे से उसकी चूत को चड्डी के ऊपर से ही सहलाना शुरू कर दिया.
उसने अपना हाथ अपने मुँह पर रख कर अपनी आवाज को दबा दिया.
जबकि उसने ज़ोर से ‘इस्स’ किया था और उसी के साथ उसने खुद अपनी चूत को मेरे पैर के अंगूठे पर एकदम से दबा दिया था.
अब मैं बिल्कुल पागल हो गया था.
ऋतु और मुग्धा कभी मुझे तो कभी मीरा को देख रही थीं.
शायद उन्हें समझ आ गया था कि आख़िर माजरा क्या है.
वे दोनों एक दूसरे को देख कर स्माइल कर रही थीं.
मैं भी समझ गया था कि इनको थोड़ा थोड़ा समझ में आ रहा है.
तभी मीरा ने कहा- सर मुझे वॉशरूम जाना है!
मैंने कहा- ठीक है जाओ!
वह उठी और वॉशरूम में चली गयी.
दो मिनट बाद वह वापस आई और पहले की तरह एकदम टेबल के अन्दर होकर बैठ गयी.
हमारी रास-लीला फिर से शुरू हो गयी.
मैंने पहले की तरह अपने पैर के अंगूठे को उसकी चूत पर रख दिया.
इस बार मुझे 440 वोल्ट का करेंट लगा.
मैंने महसूस किया कि मीरा ने अपनी चड्डी उतार दी थी.
अब वह केवल स्कर्ट पहनी हुई थी और उसके अन्दर वह पूरी नंगी थी.
वाह मेरी तो लाइफ ही बन गयी यार!
अब मैं एकदम खुल गया और फुल बेशर्मी के साथ मीरा की चूत को अपने पैर के अंगूठे से रगड़ने लगा.
मैं भी आगे को सरक आया और टेबल के एकदम अन्दर की तरफ आकर फुल मज़ा लेने लगा.
ऋतु और मुग्धा सब समझ गयी थीं, पर अब इसकी परवाह किसे थी.
वे दोनों भी मस्त होने लगीं.
मीरा चेयर पैर बैठी बैठी अपनी चूत को आगे पीछे कर रही थी.
ऐसे कर रही थी मानो वह मेरे पैर के अंगूठे को अपनी चूत में लेना चाहती हो.
थोड़ी ही देर में वह बुरी तरह हांफने लगी.
मैं समझ गया कि इसका रस झड़ने वाला है.
मैं और ज़ोर ज़ोर से अपने पैर के अंगूठे को उसकी चूत के ऊपर चलाने लगा.
आहह … मेरा दिल तो कर रहा था कि अपने लंड को तौलिया से बाहर निकाल कर मीरा के मुँह में डाल दूँ और उसके मुँह में ही झड़ जाऊं.
लेकिन यह होना मुश्किल था.
ऋतु और मुग्धा की मस्ती को देख कर मैं और मीरा और भी खुल गए थे और ज़ोर-ज़ोर से ‘आह ऊह ओह’ करने लगे थे.
मेरे पैर ने अपनी हरकत चालू रखी.
न्यूड पुसी फिन्गेरिंग से हम दोनों को जन्नत का मज़ा आ रहा था.
तभी मीरा ने अपनी चूत को आगे पीछे करना बंद किया और उसने अपनी चूत को मेरे पैर पर पूरा दबा कर रख दिया.
इस वजह से मैं अपने पैर को नहीं चला पा रहा था.
अचानक से उसका बदन अकड़ने लगा और अगले ही पल मुझे अपने पैर के ऊपर कुछ चिपचिपा सा महसूस हुआ.
मैं समझ गया कि मीरा झड़ गयी है.
वह तो झड़ गई थी लेकिन मेरा तो बुरा हाल हो रहा था!
मैं तो उसको खा जाना चाहता था. लेकिन ऋतु और मुग्धा की वजह से मुझे अपनी इच्छा दबा कर रखनी पड़ रही थी.
कुछ पल में ही मीरा पूरी झड़ गयी. उसने अपने सिर को उठा कर मुझे देखा और मुस्कुरा दी.
उसके चेहरे पर परम संतुष्टि के भाव थे.
मैंने उससे ऐसे ही पूछा- मीरा, सिर का दर्द अब कैसा है, कुछ आराम है?
वह मेरा मतलब समझ गयी और फुल बेशर्म होकर बोली- हां सर, अब तो मेरे सर का दर्द पूरा ठीक हो गया है. मैंने थोड़ा आराम कर लिया ना!
ये कह कर वह एकदम से हंस पड़ी.
थोड़ी देर वहां बैठने के बाद ऋतु और मुग्धा ने कहा- चल मीरा, तेरा दिल भर गया हो तो घर चलें!
यह कह कर वे दोनों भी एकदम से हंस दीं.
जब मीरा को ये बात समझ आई तो वह भी एक नशीली अंगड़ाई लेती हुई बोली- हां यार, थोड़ा मन तो भर ही गया है!
अब वे तीनों मुझे प्यार भरी, वहशी नज़रों से देखती हुई ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगीं!
मुझे पता नहीं क्यों ऐसा लग रहा था, जैसे मैं एक लड़की हूँ और ये तीनों लड़के हैं.
मेरी इस हालत को देख कर मीरा ने बहुत प्यार से मुझसे कहा- बाइ सर!
मैं भी उन्हें ‘बाइ’ कहते हुए खड़ा होने लगा.
जैसे ही मैं चेयर को पीछे सरकाते हुए खड़ा हुआ, अचानक से मेरा तौलिया पूरा खुल गया और झट से नीचे गिर गया.
मेरा लंड एकदम तना हुआ था.
तीनों की आंखें फटी की फटी रह गईं.
मीरा तो अपनी नज़रें ही नहीं हटा रही थी.
ऋतु और मुग्धा ने बनावटी शर्म के साथ अपने मुँह पर हाथ रखा और कहा- हाआ सर, शेम शेम!
ये कहती हुई वे दोनों दरवाज़ा खोल कर बाहर भाग गईं.
जाते जाते मीरा ने मेरे लंड को देखते हुए एक फ्लाइंग किस दिया.
मेरे मुँह से निकल गया- हाय मेरी जान, अब कब आओगी?
उसने बड़ी धीमी आवाज़ में कहा- जल्दी ही आऊंगी मेरी जान!
ये कहती हुई वह भी निकल गयी.
मैंने झट से दरवाज़ा बंद किया और मीरा के बारे में सोचते हुए वहीं खड़े रह कर ज़ोर ज़ोर से मुठ मारना चालू कर दिया.
कुछ ही देर में छात्रों के आने का वक़्त हो गया था.
मैंने कुछ मिनट वहीं खड़े-खड़े मुठ मारी और बाथरूम में जाकर अपना सारा माल गिरा दिया.
उसके बाद कुछ दिन ऐसे ही निकल गए, मैं खाली वक़्त में मीरा के बारे में सोचता रहता कि काश कभी वह दिन भी आए, जब मैं और मीरा इस कमरे में अकले हों और मैं उसे जी भर कर चोद दूँ!
उसके मम्मे काट काट कर खा जाऊंगा, चूस चूस कर लाल कर दूँगा.
अपना लंड उसकी चूत में पेल कर उसकी चूत फाड़ दूँगा.
लेकिन अब इंतज़ार करने के अलावा कुछ कर भी नहीं सकता था.
कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा.
फिर एक दिन मिश्रा सर ने कहा- रोहित, मुझे अपने परिवार के साथ एक हफ्ते के लिए गांव जाना पड़ेगा, किसी रिश्तेदार की शादी है. आप ऐसा करना कि सिर्फ़ ग्यारवीं क्लास के बच्चों को इंग्लिश पढ़ा देना, मैंने सारे बच्चों को और उनके पेरेंट्स को इनफॉर्म कर दिया है, लेकिन इन बच्चों के अगले महीने से एग्जाम हैं और कुछ स्टूडेंट्स जैसे मीरा और उसकी क्लास की 2-3 लड़कियां पहले से ही इंग्लिश में काफ़ी वीक हैं, इसलिए उनकी छुट्टी करना पासिबल नहीं, बाकी मैथ्स को मैं आने के बाद बच्चों को कवर करवा दूँगा!
मैं बहुत खुश हुआ कि शायद ये ऊपर वाले की बनाई हुई स्कीम है. वह मुझे और मीरा को पूरा एक हफ़्ता दे चाहता है चुदाई के लिए.
मैं मन ही मन बहुत खुश हो गया और मैं मिश्रा सर से कहा- ठीक है सर, कोई बात नहीं. मैं सिर्फ इंग्लिश की क्लास ले लिया करूँगा!
अगले दिन ही सर और उनकी फैमिली गांव चली गई.
मैं मौके का इंतज़ार करने लगा.
अगले दिन मीरा, ऋतु, मुग्धा अपना स्कूल खत्म होने के बाद ट्यूशन पढ़ने के लिए आ गईं.
मैं उस दिन तो ज़्यादा कुछ नहीं कर पाया, लेकिन मीरा, ऋतु और मुग्धा लगातार मुझे ही देखी जा रही थीं.
ख़ासकर मीरा तो जैसे पागल हुई जा रही थी.
वह टेबल के नीचे से मेरी टांगों को लगातार हाथों से सहलाई जा रही थी, मैं बड़ी मुश्किल से अपने ऊपर कंट्रोल कर पा रहा था.
ऋतु और मुग्धा को सब पता था मीरा की हरकतों के बारे में.
मुझे मीरा का ये टीज़ करना बहुत मस्त लग रहा था, लेकिन मैं कुछ नहीं कर सकता था.
तभी ऋतु ने कहा- सर, हमारे घर कल एक पूजा है, तो हम कल नहीं आ पाएंगी, तो हमें कल की छुट्टी चाहिए!
मैंने कहा- हम लोग, मतलब कौन-कौन?
उसने कहा- मैं और मुग्धा!
मैंने मन ही मन खुश होते हुए कहा- ठीक है, लेकिन अपना होम वर्क कंप्लीट कर लेना, मैं परसों चेक करूँगा!
उन्होंने कहा- ओके सर!
दोस्तो, अब बात बन गई थी, जब मैं मीरा को अपने फ्लैट में बुला कर उसे चोद सकता था.
न्यूड पुसी फिन्गेरिंग स्टोरी के अगले भाग में आपको बुर और गांड की ओपनिंग का मजा पढ़ने को मिलेगा.
आप अपने मेल और कमेंट्स भेजते रहें.
sexyboy29032014@gmail.com