फिल्थी अनहाईज़ेनिक सेक्स कहानी में मैं गरीब लड़का एक दूकान पर काम करता हूँ. एक सेक्सी ग्राहक लेडी को देख मेरी नजर उसी पर टिक गयी. उसे भी पता चला गया.
दोस्तो, मैं राहुल बिलासपुर (छत्तीसगढ़) का निवासी हूं और मैं raatkibaat का एक नियमित पाठक भी हूं.
मुझे डर्टी सेक्स स्टोरी पढ़ना ज्यादा पसंद आती हैं और मैं सेक्स लाइफ में उसे उपयोग भी करता हूं.
मुझे सेक्स के समय माहवारी का खू.न, पेशाब, टट्टी, इन सब चीजों का स्वाद लेना पसंद है.
जिन पाठकों को घिन आ रही है, वे इस फिल्थी अनहाईज़ेनिक सेक्स कहानी को ना पढ़ें, किसी अन्य कहानी पर जाएँ.
यह घिनौनी सेक्स कहानी सच्ची घटना पर आधारित है और ये मेरी ही कहानी है.
यह बात आज से कुछ साल पहले की है.
उस वक्त मैं एक सीधा-सादा लड़का था और एक दुकान पर काम करता था.
वहीं पर एक दिन एक मैडम कस्टमर आईं.
वे दिखने में बहुत ही कामुक और आकर्षक माल जैसी थीं.
उनका साइज 34-30-36 का एकदम मस्त फिगर था.
उस दिन मैं उन्हें बड़ी गौर से देखता रहा और सोचता रहा कि उनसे मेरी बात हो जाए.
मगर उस दिन उनसे मेरी बात नहीं हो पाई और वे मेरे मालिक से ही डीलिंग करके चली गईं.
इस बात को लगभग पंद्रह दिन गुजर गए.
फिर एक दिन उन्हीं मैडम ने मेरी दुकान के मालिक को फोन करके कुछ सामान अपने घर पर मंगवाया.
इस बार मेरे मालिक ने मुझसे कहा कि जाओ उनके घर ये सामान छोड़ कर आ जाओ!
मुझे नहीं पता था कि ये सामान उन्हीं मैडम के घर जाना है, जिन्हें मैंने पहली नजर में पसंद कर लिया था.
मैं सामान लेकर उनके घर पहुंचा और गेट खटखटाया.
जब उन्होंने गेट खोला मैं तो दंग ही हो गया कि ये तो वही मैडम हैं, जिन्हें देखते ही मैं पागल हो गया था.
क्या फिगर था उनका … आह क्या मस्त खूबसूरती थी!
उस दिन तो वे अपने घर पर पहनने वाले छोटे छोटे कपड़ों में थीं तो और भी ज्यादा गजब माल दिख रही थीं.
मैंने गहरी नजरों से उन्हें चोदते हुए देखा और कहा- मैडम आपका सामान!
उन्होंने भी मेरी नजरों को शायद पढ़ लिया था तो ठंडी सी आवाज में कहा- हम्म … अन्दर रख दो.
मैंने सामान अन्दर रखा और जाने लगा.
उन्होंने पीछे से आवाज लगाई- सुनो!
मैं- हां!
उन्होंने पूछा- क्या नाम है तुम्हारा?
मैं- मैडम … राहुल … आ…आपका क्या नाम है मैडम जी … व…वह मालिक को बताना पड़ेगा कि किसे दिया है … सा…सामान!
उन्होंने कहा- ज्योति.
मैंने कहा- जी, आप कुछ कह रही थीं!
ज्योति- हां मुझे एक छोटा सा काम था, तुम कर दोगे क्या … जो लगे, पैसे ले लेना!
मैं- जी मैडम … कर दूंगा. बताइए क्या करना है?
ज्योति- काम थोड़ा घिनौना है, लेकिन पैसे अच्छे दे दूंगी.
मैं- घिनौना मतलब, क्या काम है मैडम … बताइए?
ज्योति- टॉयलेट साफ करवाना था. आज सुबह से स्वीपर ढूंढ रही हूं, मिल ही नहीं रहा है और मेहमान भी आने वाले हैं. मैं तुम्हें पैसे दे दूँगी.
मैं- ठीक है मैडम कर दूंगा. थोड़ी देर में लंच टाइम में आकर कर दूंगा.
उस टाइम मुझे यह नहीं पता था कि उनके मन में क्या चल रहा है.
मैंने थोड़े से पैसों के लालच में उन्हें हां बोल दिया था.
मैं वापस आ गया और दुकान का काम निपटा कर मैं ज्योति मैडम के घर आ गया.
जैसे ही मैं पहुंचा, मैडम ने कहा- अन्दर आ जा बे जल्दी से!
उनकी इस टोन से मुझे तनिक अचंभा सा हुआ कि इनको अचानक से क्या हुआ?
मगर मैंने नजरंदाज कर दिया.
फिर उन्होंने मुझसे पूछा- पैसे के लिए मेरा टॉयलेट भी साफ करने लगे?
मैंने कहा- मैडम, मैं एक गरीब घर का लड़का हूं. इसलिए सोचा कि दस मिनट के काम के मुझे एक्स्ट्रा पैसे मिल जाएंगे. बस तभी मैंने हां बोल दिया. आप तो बताइए मैडम जी कि क्या क्या साफ करना है!
मैडम ने पूछा- क्यों ज्यादा पैसों की जरूरत है क्या?
मैंने धीमे से हां कह दिया.
वे अपने होंठों में ही बुदबुदाती हुई बोलीं- भोसड़ी वाले, तुझे अपनी जरूरत पूरी करनी है, तो मेरी गांड साफ करनी पड़ेगी!
मैंने यह सुन तो लिया था, पर सामने से बोला कि हां जी मैडम, आपने कुछ कहा?
वे बोलीं- कुछ नहीं, तुम जाओ और वह सामने वाले टॉयलेट में जाकर उसे साफ कर दो.
जैसे ही मैंने टॉयलेट का दरवाजा खोला, इतनी तेज बदबू आई कि मुझे उलटी होने ही वाली थी.
यह देख कर मैंने कहा- इतना गन्दा टॉयलेट है मैडम?
उन्होंने कहा- अबे तुम्हारे लिए क्या गन्दा और क्या अच्छा … जा जाकर साफ कर दे!
मैं चुप रहा और टॉयलेट को साफ करता रहा.
कुछ देर बाद मैडम खुद टॉयलेट में आ गईं और मेरे सामने ही शॉर्ट्स व चड्डी नीचे सरका कर चुत खोल कर कमोड पर बैठ गईं और मूतने लगीं.
मैं तो उनकी चिकनी चुत को देखता ही रह गया कि मेरे होने न होने से इनको कोई फर्क ही नहीं पड़ा!
फिर कमोड से उठ कर वापस से चड्डी को चुत पर चढ़ाया और कमोड में थूक कर बोलीं- अच्छे से साफ करना और साफ करके मेरे रूम में आ जाना!
मैं ‘जी मैडम’ बोलकर साफ करता रहा.
इधर मैं आपको बताना चाहता हूँ कि उस वक्त जब मैडम मूतने के लिए अपनी चड्डी को नीचे कर रही थीं तो उनकी पैंटी में नैपकिन लगी हुई थी, जिससे मुझे समझ में आ गया था कि इनकी माहवारी आई हुई है.
जैसे ही मैं टॉयलेट साफ करके उनके रूम में पहुंचा, उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया.
मैं करीब गया तो वे सिगरेट पी रही थीं.
मुझे देख कर बोलीं- तुम्हें कितने पैसों की जरूरत है?
मैंने कहा- मैडम, मुझे दस हजार रुपए की जरूरत है.
वे बोलीं- ठीक है, मैं तुम्हें पैसे दे दूंगी, पर तुम्हें मेरी कुछ बातें माननी पड़ेंगी!
मैं बोला- कैसी बातें मैडम?
वे बोलीं- बस तुझे मेरी चूत चाटनी है!
मैंने कहा- मैडम आपकी तो माहवारी आई हुई है तो अभी कैसे चाट सकता हूँ?
यह सुनकर मैडम ने एक जोरदार चांटा खींच दिया और बोलीं- मादरचोद, तुझे कैसे पता कि मेरे पीरियड चल रहे हैं?
मैंने गाल सहलाते हुए कहा- हां मैडम, जब आप मूतने आई थीं, तो देखा था.
यह सुनते ही उन्होंने एक और जोरदार चांटा दे मारा.
मैं गाल पकड़ कर बोला- मैडम गलती हो गई … मुझे माफ कर दो!
इतने में वे मुझे खींचती हुई अपने बेड के पास ले आईं और बोलीं- चल भोसड़ी के … मेरी पैंटी उतार मादरचोद … और वह भी अपने दांतों से उतार बहन के लौड़े!
मैं सकपकाया सा अपने मुँह से उनकी पैंटी को दांतों से पकड़ कर उतारने लगा.
उनके जिस्म की मादक महक मुझे उत्तेजित करने लगी थी.
मैंने चड्डी नीचे सरका दी तो उनकी चुत पर लगी नैपकिन भी नीचे आ गई.
वे अपनी गांड को आगे करती हुई बोलीं- चल लग जा … और चाट अच्छे से!
मैं बेमन से उनकी पीरियड वाले खू.न से सनी चूत को चाटने लगा.
छी: कितना गन्दा टेस्ट था और बदबू भी बहुत आ रही थी, फिर भी मैं चाटता रहा.
वे अपने दोनों हाथों से मेरा सर अपनी चूत में दबाती हुई ‘आह आह ओह माई गॉड यस ऐसे ही चाट साले … बड़ा मजा आ रहा है!’ बोलती हुई चूत चटवाने लगीं.
फिर अचानक से मैडम ने मुझे फर्श पर सीधे लेट जाने को कहा.
मेरे लेटते ही वे अपनी चूत मेरे मुँह में दबा कर बैठ गईं और पेशाब करने लगीं.
मैं हाथ पैर मारने लगा, पर कोई फायदा नहीं हुआ.
उनकी चूत से पेशाब सीधे मेरे मुँह में भर रही थी और न चाहते हुए भी मुझे उनकी पेशाब को पीना पड़ा.
मूतने के बाद वे खड़ी हुईं और जोर से खंखार कर मेरे मुँह में थूक दिया.
इसके बाद मैडम ने अपने पैर के एक पंजे से मेरा मुँह दबा दिया ताकि मैं उनके थूक को बाहर न निकाल सकूँ.
जब तक मैंने वह थूक पी नहीं लिया, तब तक वे मेरे मुँह को दबाए रहीं.
फिर वे जोर जोर से हंसने लगीं और मैं बस सहन करता रहा.
फिर मैंने धीमे से कहा- मैडम ये आपने क्या किया? मैं आपका टॉयलेट साफ करने आया था … अपने मुझे ही अपना टॉयलेट बना लिया!
तब वे और जोर से हंस कर बोलीं- अभी टॉयलेट बना नहीं है भोसड़ी के … मेरी टॉयलेट तो तू अब बनेगा.
मैं समझ ही न सका कि यह क्या कह रही हैं ये.
मेरे मुँह से सिर्फ इतना ही निकला- क्या मतलब?
वे जोर जोर से हंसती हुई बोलीं- चुपचाप सीधा लेट जा मादरचोद … वर्ना मैं अपना मूत पीने का तेरा वीडियो वायरल कर दूंगी!
मैंने सोचा कि हां कर दो वायरल … मुझे क्या झांट असर पड़ने वाला है. फिर भी मैंने सोचा कि इनके सामने डरने का नाटक करता रहूँगा तो हो सकता है कि कल को इनकी चुत चोदने भी मिल जाए!
मैं डरने का नाटक करता हुआ चुपचाप लेट गया और उस वक्त मैं वास्तव में अकबका गया, जब वे अपनी गांड मेरे मुँह में टिका कर बैठ गईं.
मुझे लगा कि गांड चटवाने के लिए कहेंगी शायद … तो मैंने उनकी गांड में जीभ लगा दी और चाटने लगा.
तभी मैडम मेरे मुँह में टट्टी करने लगीं. मैं फंस गया था और न चाहते हुए भी मुझे उनकी गंदी व बदबूदार टट्टी खानी पड़ी.
अजीब बहन का लौड़ा शौक था उनका … मैं उन्हें ताकत से उठाते हुए हटा और जल्दी से वाशबेसिन में जाकर कुल्ला करने लगा.
वे लगातार हंस रही थीं और एक टिश्यू पेपर से अपनी गांड पौंछने लगी थीं.
मैं चुपचाप मुँह धोकर आया तो वे दूसरी सिगरेट सुलगा रही थीं.
मैडम बोलीं- सॉरी तुझे मेरे शौक पूरे करने पड़े … ये ले अपने दस हजार रुपए … और बता कर जा कि वापस आएगा मेरे पास!
पहले तो मैंने सोचा कि गाली दे दूँ, मगर तभी उन्होंने एक शराब की बोतल में से चौथाई गिलास शराब से भर कर मुझे पकड़ा दिया और बोलीं- गटगट करके एक बार में पी जा … मजा आ जाएगा.
उस वक्त सच में मुझे शराब की जरूरत थी तो मैंने बिना कुछ कहे उनके हाथ से गिलास लिया और मुँह से लगा कर एक ही सांस में शराब को हलक के नीचे उतार ली.
यह बहुत उम्दा किस्म की स्कॉच व्हिस्की थी तो मुझे स्वाद में भी बढ़िया लगी.
मैंने जीभ से होंठों को चाटा और उनकी तरफ देखा.
वे अपनी सिगरेट मेरी तरफ बढ़ाती हुई हंस कर बोलीं- क्या हुआ बे!
मैंने सिगरेट का कश लिया और कहा- बढ़िया स्वाद लगा है मैडम … थोड़ी और मिलेगी?
वे हंस कर बोलीं- और लेगा मुँह में … तो और मिलेगी!
मैंने हंस कर हाथ जोड़ लिए और मना कर दिया.
वे बोलीं- चल आज तेरा पहली बार का मामला था … आज मैं तुझे पूरी बोतल ही दिए दे रही हूँ.
यह कहते हुए मैडम ने शराब की पूरी बोतल मुझे दे दी.
मैंने उन्हें सलाम किया और बाहर आ गया.
दोस्तो, सेक्स की दुनिया में किस किस तरह की विकृतियां होती हैं, यह मुझे उस दिन पता चला था.
इसके बाद मैंने मैडम को चोदा भी था, वह सेक्स कहानी भी मैं आपको सुना सकता हूँ लेकिन आपको मुझे मेल करके बताना पड़ेगा कि आपको यह फिल्थी अनहाईज़ेनिक सेक्स कहानी कैसी लगी.
प्लीज आप अपना फीडबैक मुझे जरूर दीजिएगा.
मेरी मेल आईडी है Shubham4778@gmail.com