जवान प्यासी चूत प्यासी ही रह गयी- 1

Views: 0 Category: Jawan Ladki By garimaexplores Published: September 06, 2026 📖 9 min read
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सेक्स डेयर स्टोरी में मेरी सहेलियां अपने बॉयफ्रेंड से सेक्स का मजा लेती थी जबकि मेरा ब्रेकअप हो गया था. उससे पहले भी मैंने कभी पूरी चुदाई नहीं की थी.

दोस्तो, मेरा नाम गरिमा है. मेरी सहेलियां मुझे गरिमा गर्म कहती हैं.
मैं जयपुर के एक प्राइवेट कॉलेज से अपना पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हूँ.
अपनी गोपनीयता के लिए मैं कॉलेज का नाम और अपनी ब्रांच नहीं बता रही हूँ.

सेक्स डेयर स्टोरी तब की है जब मैं ग्रेजुएशन के दूसरे साल में थी और लड़कियों और लड़कों के हमारे बिंदास ग्रुप के कारण में काफी ज्यादा बिगड़ गयी थी.

अपने पहले साल में मैं हॉस्टल में रहती थी.
लेकिन उधर काफी सारी पाबंदियां होने के कारण हम 3 लड़कियों ने कॉलेज के कुछ दूर पर ही एक फ्लैट रेंट पर लेने का सोचा.

मैं और मेरी दो सहेलियां नाज़िया और काव्या हम तीनों ने मिल कर एक थ्री-बीएचके का फ्लैट रेंट पर ले लिया.

इतना बड़ा फ्लैट लेने का कारण ये था कि नाज़िया और काव्या के बॉयफ्रेंड यहां आते रहते थे और वे कभी कभी तो पूरी रात यहीं रुक कर सेक्स करते थे.

मेरा अपने सीनियर के साथ चक्कर चल रहा था लेकिन उसकी जॉब साउथ में लग जाने के कारण हम दोनों अकेले अकेले हो गए थे.
धीरे धीरे हम दोनों में लड़ाई होने लगी तो मैंने उससे ब्रेकअप कर लिया.

फिर इन दोनों के बॉयफ्रेंड के आने के कारण मेरी चूत की आग बहुत ज्यादा बढ़ गयी.
काफ़ी दिनों से मुझे अपनी चूत को शांत करने के लिए कोई लंड नहीं मिल पा रहा था.

एक दिन काव्या ने कहा- क्यों ना हम सब मिल कर यहीं अपने फ्लैट पर पार्टी करते हैं, रोज़ाना पब वगैरह जाकर थोड़ा बोर हो गए हैं.
इतने में नाज़िया भी आ गयी और वह भी उसकी हां में हां मिलाने लगी.

मैंने भी सोचा कि आईडिया बुरा नहीं है और पार्टी मतलब उसके दोनों बॉयफ्रेंड तो आएंगे ही … फिर ये दोनों उनके साथ बिजी हो जाएंगी … तब मेरा क्या होगा!

फिर अगले ही पल मैंने यह भी सोचा कि चल कोई बात नहीं, जो होगा देखा जाएगा.
मैंने भी पार्टी के लिए हां बोल दी.

शनिवार की रात पार्टी का प्रोग्राम फिक्स हुआ ताकि संडे को आराम से उठ सकें.

नाज़िया के बॉयफ्रेंड इरफान ने पीने के लिए बढ़िया किस्म की शराब का इंतज़ाम कर लिया था.
काव्या के बॉयफ्रेंड सूरज ने इंडियन चाइनीज और अच्छे खाने का इंतज़ाम कर लिया.

वहीं दूसरी तरफ हम तीनों लड़कियां पार्लर जाकर वैक्सिंग वगैरह करवा कर तैयार हो गईं.

हमारे पास पहले से ही एक म्यूजिक सिस्टम था, जिस पर हमने गाने बजाने शुरू कर दिए.
साथ में हॉल में सेंटर टेबल पर खाने और पीने का सामान लगा दिया ताकि जिसको जो जरूरत हो, वह खा पी सके और म्यूजिक के साथ नाच गया सके.

मुझे नाचने का इतना शौक नहीं था इसलिए मैं आराम से सोफे पर बैठी हुई अपना जाम चुसक रही थी और मुझे सिगरेट पीने की आदत है तो मैं सिगरेट का धुआँ उड़ाती हुई बाकी दोनों कपल को डांस करते हुए देख रही थी.

वे चारों मेरे सामने एक दूसरे से चिपक कर डांस कर रहे थे.
सूरज और काव्या गले लगे हुए थे, काव्या के हाथ सूरज की गर्दन से लिपटे थे और सूरज के हाथ काव्या की गांड पर घूम रहे थे.

वहीं दूसरी तरफ इरफ़ान ने नाज़िया को पीछे से पकड़ा हुआ था और उसकी गर्दन को चूम रहा था.
साथ ही उसके हाथ कभी उसके पेट तो कभी उसके बूब्स पर घूम रहे थे.

शराब का सुरूर हम सब पर चढ़ कर बोल रहा था और उन चारों पर तो शराब और शवाब दोनों का ही नशा बोल रहा था.

तभी काव्या अचानक से बोली- चलो एक गेम खेलते हैं.
नाज़िया- कैसा गेम?
काव्या- स्पिन द बॉटल.

सूरज- ये कैसा गेम है?
काव्या- वैसे तो ये बहुत तरीके से खेला जाता है, लेकिन हम जो खेलेंगे उसमें हम एक खाली बॉटल बीच में रखेंगे और हम सब उसके चारों तरफ बैठ जाएंगे, फिर उस बॉटल को गोल गोल घुमाएंगे, जिसकी तरफ का बोतल का मुँह होगा … उसको एक न एक टास्क करना पड़ेगा.

वैसे तो ये गेम मेरे लिए नया नहीं था, बचपन में मैं काफी बार खेल चुकी थी.
लेकिन बचपन के टास्क ओर जवानी के टास्क में बड़ा फ़र्क होता है.
ये ट्रुथ एंड डेयर की तरह ही था, लेकिन इसमें आप खुद कुछ नहीं चुन सकते कि क्या करना है बल्कि बाकी सब बताएंगे की क्या करना है!

सूरज ने जल्दी से दो बियर की बोतल उठाईं और हम सबके लिए गिलास भर दिए.
उसमें से एक बोतल को बीच में रख दिया.

हम बियर पीते पीते गेम खेलने के लिए सब तैयार थे.

नाज़िया ने सबसे पहले बोतल को घुमाया, तो सूरज की तरफ बोतल का मुँह आया.

सूरज- चलो बताओ क्या करना होगा?

नाज़िया ने कुछ देर सोचते हुए कहा- तुम अपनी अंडरवियर को पैंट के ऊपर पहनो और नीचे से चिप्स के 4 पैकेट लेकर आओ.
हम में से किसी ने नहीं सोचा था कि नाज़िया ऐसा टास्क देगी, जिसमें फ्लैट से बाहर जाना पड़ेगा.

लेकिन अब आनाकानी करने से कुछ होने वाला नहीं था, जब टास्क लिया था तो करना तो पड़ेगा ही!

सूरज वहां से उठा और काव्या के रूम की तरफ गया.
लेकिन मुझे यह समझ में नहीं आया कि वह कमरे में क्यों गया?

जब वह बाहर आया तो पता चला कि उसने अंडरवियर पैंट के ऊपर पहनी हुई थी.

दरअसल सूरज के कुछ कपड़े काव्या के रूम में भी पड़े रहते थे, अंडरगार्मेंट्स भी, तो उसने अपनी पहनी हुई चड्डी को नहीं उतारते हुए रूम से जाकर दूसरी चड्डी को पैंट के ऊपर पहना और बाहर आ गया.
सूरज फ़्लैट से बाहर निकला और लिफ़्ट में चल दिया.

हम सबका भी देखने के लिए मन हो गया था कि ये टास्क सही से कर पाता है कि नहीं!
इसी लिए हम सब भाग कर बालकनी में चले गए.
क्योंकि जो शॉप थी वह हमारे फ़्लैट के सामने वाली बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर थी. हमारा फ़्लैट सेकंड फ़्लोर पर था, तो हम सब बड़े आराम से सारा नजारा देख सकते थे.

सूरज ने हिम्मत दिखाई और शॉप में घुस गया.

आस पास के लोग पहले देख कर शॉक हो गए, कुछ भी हंस रहे थे.
दुकानदार भी बस घूर रहा था.

सूरज ने जल्दी से पैसे दिए और सामान लेकर भागता हुआ वापस आ गया.

पूछने पर पता चला कि उसकी क़िस्मत इतनी तो अच्छी थी कि लिफ़्ट में कोई नहीं मिला था.

सूरज ने अपना टास्क पूरा कर लिया था.
अब फिर से हम सब बैठे, बीयर का घूंट लगाया और नाज़िया ने फिर से बोतल को घुमा दिया.

इस बार टास्क करने की बारी मेरी थी.

काव्या बोली- इस बार टास्क मैं देती हूँ!
मैं- हां बोलो क्या करना है?

काव्या- गरिमा, तुम ऐसा करो कि ऊपर वाले फ्लैट पर जो लड़के रहते हैं, उनसे चीनी या कुछ भी सामान लेकर आओ!
सूरज तेजी से बोल पड़ा- मुझे तो इतना मुश्किल टास्क दिया और इसको इतना आसान … ये तो ग़लत बात है!

काव्या- अरे पूरा सुनो तो सही जानू, इसको चीनी लेकर तो आनी है लेकिन अभी ये बताना बाकी है ना कि क्या पहन कर जाना है!

मैं- क्या मतलब क्या पहन कर जाना है? कपड़े ही पहनूँगी, ऐसे ही थोड़े ही ना जाऊंगी?
काव्या- हां लेकिन कौन से कपड़े पहनोगी … ये मैं बताऊंगी ना! तो सुनो तुम ऐसा करो कि एक छोटा सा क्रॉप टॉप पहनो साथ में शॉर्ट्स लेकिन बिना ब्रा और पैंटी के!

मैं- तुम पागल हो गयी हो क्या? अगर मैंने बिना ब्रा के टॉप पहना तो सब कुछ साफ साफ पता चल जाएगा!
काव्या- मैं भी तो यही चाहती हूँ बेब कि उन लड़कों को तेरा छुपा हुआ रूप दिखे. वैसे भी तुम कौन सी नंगी जा रही हो!

मैं भी क्या करती… अब सेक्स डेयर गेम खेल रहे हैं और टास्क मिला है तो करना ही पड़ेगा.
मैं वहां से उठ कर अपने रूम में चली गयी और अपने कपबोर्ड से क्रॉप टॉप निकालने लगी.

मेरे पास 4 तरह के क्रॉप टॉप थे, जिसमें से 2 टी-शर्ट की तरह थे.
वे मेरे बूब्स के थोड़े से नीचे नाभि के पास खत्म होते थे.

एक जो था उसका गला थोड़ा डीप था, जो मेरे मम्मों की घाटी को काफी अन्दर तक दिखा रहा था.

आखिरी वाला जो था वह ऑफ शोल्डर था यानि वह मेरे बूब्स तक ही था … यानि मेरे बूब्स के नीचे मगर मेरी नाभि के थोड़ा ऊपर ख़त्म.
पहले तो मैंने सोचा कि यही पहन लूं, लेकिन फिर मैंने डीप क्लीवेज वाला टॉप पहनने का फैसला किया.

जब मुझे ये टास्क मिला था, तब मुझे बड़ी घबराहट हुई थी लेकिन जब रूम में खड़ी टॉप सेलेक्ट कर रही थी तो मेरे मन में काफ़ी उत्तेजना बढ़ गई थी.
मैंने सोचा कि जब करना ही है, तो क्यों ना अच्छे से किया जाए ताकि टास्क करने में भी मज़ा आए.

वैसे भी लड़के इतना सब देख ही रहे हैं तो अच्छे से दिखाया जाए!

मैंने अपने पहने हुए कपड़े निकाले और बिना ब्रा और पैंटी के टॉप और गांड की गोलाइयों को दिखाने वाला निक्कर पहन लिया.

इस टॉप में मेरी लंबी सी क्लीवेज के साथ मेरे निप्पल भी साफ़ दिख रहे थे, जो उत्तेजना के कारण खड़े हो गए थे.
मेरा शार्टस जो मेरी जांघों से काफी ज़्यादा ऊपर था और साथ में थोड़ा टाइट था.

वह मेरी गांड का आकार और साइज को एकदम साफ साफ दिखा रहा था.

जैसे ही मैं अपने रूम से बाहर आई तो सब मुझे देखते ही रह गए.
ऐसा नहीं था कि उन्होंने मुझे कभी शॉर्ट्स में नहीं देखा था लेकिन इस तरह से टास्क के लिए इतना उत्तेजित होते और मेरे सेक्सी रूप को देखते ही दोनों लड़कों का तो मुँह खुला का खुला रह गया और मैंने ध्यान दिया कि उन दोनों के लंड भी तन गए थे.

मैंने किचन में से एक कटोरा उठाया और सबको फ्लाइंग किस देती हुई ऊपर वाले फ्लैट की तरफ चल दी.
मेरे पीछे पीछे ये सब भी आ गए और सीढ़ियों के पास आकर छुप गए ताकि वे सब होने वाली मजेदार घटना को देख सकें.

मैंने अपने बाल ठीक किए और थोड़ी लंबी सांस भरती हुई फ्लैट की घंटी बजा दी.

कुछ सेकेंड बाद एक लड़के ने गेट खोला.
वह लगभग 20 साल का था.

उसके चेहरे ही हालत देखने लायक थी.
जैसे ही उसने दरवाजा खोला, उसके सामने एक 24 साल की हॉट एंड सेक्सी लड़की खड़ी थी, जिसके 34 की साइज़ के बड़े बड़े बूब्स छोटे से क्रॉप टॉप के अन्दर क़ैद थे.

मेरे टॉप के बीच में से खुला डीप क्लीवेज उस लड़के को मेरे बूब्स के अन्दर तक दर्शन करवा रहे थे.
टॉप और शॉर्ट्स के बीच में 4 इंच का गैप था, जिसमें से मेरी नाभि और पेट साफ साफ दिखाई दे रहा था.

दोस्तो, मेरी इस सेक्स डेयर स्टोरी को पढ़ कर आपको कैसा लग रहा है, प्लीज जरूर बताएं.
garimaexplores@gmail.com

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