दीदी सेक्स कहानी में मेरी बड़ी बहन शादी से पहले ही चुदाई की शौकीन थी. मौक़ा मिलते ही वह किसी का भी लंड ले लेती थी. पर शादी के बाद उसे बच्चा नहीं हुआ.
दोस्तो, मैं सुष्मिता चौधरी आप सब को प्यार भरा नमस्कार करती हूं.
उम्मीद है कि आप सब अच्छे से होंगे, मस्ती कर रहे होंगे और raatkibaat की गर्मागर्म सेक्स कहानियों का मजा ले रहे होंगे.
मैं सबसे पहले आपको मेरा परिचय दे देती हूं.
मेरा नाम तो आपको पता ही हो गया है.
मेरी वर्तमान उम्र 26 साल है. मेरी शादी हुए लगभग 4 साल हो चुके हैं और अब मैं एक लड़के की मां भी हूं, जो अब 2 साल का होने वाला है.
मैं raatkibaat की वेब साइट पर वर्ष 2016 से हूं और उसके बाद से मैंने अब तक इधर प्रकाशित हजारों सेक्स कहानियां पढ़ी हैं लेकिन मैंने कभी भी अपनी कोई कहानी नहीं लिखी है.
मुझे नहीं पता है कि भेजी हुई कहानी प्रकाशित होती भी है या नहीं … और इसी कारण से सेक्स कहानी लिखने का मन भी नहीं करता है.
आज मैंने तय किया कि चाहे कहानी प्रकाशित हो या न हो, मुझे लिखना ही है.
तो आज बड़ी मुश्किल से समय निकाल कर मैं अपनी सेक्स कहानी लिखने जा रही हूं.
यह एकदम सच वाकिया है.
यह दीदी सेक्स कहानी बहुत ही रोचक है.
चूंकि मैं इसे अपने मुँह से हर किसी को सुना भी नहीं सकती हूँ तो इसे लिखना ही ठीक समझा है.
इधर लिखने से दूसरी सबसे बड़ी समस्या व्यक्तिगत पहचान उजागर नहीं हो सकती है, इस कारण से भी लिख रही हूँ.
यह मेरी पहली व मेरे बचपन की कहानी है.
हालांकि यह कहानी मेरी नहीं है, फिर भी इस कहानी में मेरा भी आंशिक रोल है.
आगे बढ़ने से पहले में आपको मेरे पारिवारिक स्थिति के बारे में भी जानकारी दे देती हूं.
मैं आपको यह नहीं बता सकती हूं कि मैं कहां से हूं और वर्तमान में कहां रहती हूं बस इतना ही बता सकती हूं कि मैं राजस्थान से हूं.
मेरे परिवार में मेरे दादा जी, दादी जी हैं और उनके दो बेटे हैं.
उन दोनों की पत्नियां हैं और बड़ी बात यह है कि वे दोनों स्त्रियां आपस में सगी बहनें हैं.
यानि मेरे चाचा की पत्नी, मेरी मम्मी की सगी बहन हैं, जो मेरे रिश्ते में मौसी लगती हैं.
मेरे पापा सरकारी कर्मचारी हैं और मां व चाची गृहणी हैं.
चाचा जी खेत में काम करते हैं और हम सब गांव में रहते हैं.
मेरे परिवार में हम दो बहनें हैं.
मैं और बड़ी दीदी.
चाचा के परिवार में एक भैया ही हैं, उसकी कोई सगी बहन नहीं है, हम दोनों बहनें ही उसे राखी बांधती हैं.
यह कहानी मेरी दीदी और भैया के बीच की है और इस कहानी में मेरा भी रोल है, इस कारण सबसे पहले में कहानी के तीनों ही पात्रों के बारे में आपको बता देती हूं.
मेरी बड़ी दीदी का नाम चंद्रकांता चौधरी है, यह बदला हुआ नाम है.
बड़ी दीदी की वर्तमान में उम्र लगभग 34 साल की है.
उनको एक लड़का व एक लड़की है.
मेरी दीदी मुझसे 8 साल बड़ी हैं क्योंकि हमारे बीच में जन्म लेने वाली कोई भी संतान जीवित नहीं रही थी.
इस कारण से हम दो बहनें ही हैं. हमारे कोई भी भैया नहीं है.
मेरे भैया का नाम आर्यन चौधरी है. वह मेरे चाचा का लड़का है और मेरी उम्र का ही है.
यह कहानी बहुत ही ज्यादा पुरानी है.
उस समय इंटरनेट या मीडिया का जमाना नहीं था.
उस समय मैं और भैया दोनों ही चुदाई आदि के बारे में कुछ भी नहीं समझते थे.
इंटरनेट के साधन आदि न होने के कारण समय से पहले ही चुदाई और गपागप आदि के बारे में समझना आसान नहीं था.
आजकल तो जवानी में कदम रखते ही सब लोग एक्सपर्ट होने लग गए हैं.
उस समय चुदाई आदि के बारे में समझने में काफी उम्र निकल जाती थी.
उस दौर में साथ पढ़ने वाले साथियों से या ज्यादा मुँहफट महिलाओं के मुँह से सुनी बातों से या रात में छुप कर किसी का संभोग देखने से ही चीजों की जानकारी हो पाती थी.
फिल्मों में भी जब नायक नायिका प्रेमालाप करते थे, तो दो फूलों को आपस में जोड़ कर दिखा कर बता दिया जाता था कि क्या हो रहा है.
आज कल तो ब्लू-फिल्म के जैसे ही सब कुछ फिल्मों में दिखा दिया जाता है बस चुत लंड का मिलन नहीं दिखाते हैं बाकी तो सब कुछ साफ दिखा देते हैं.
मेरी बड़ी बहन और मैं व भैया तीनों ही एक ही स्कूल में पढ़ते थे.
हम सब एक ही साथ जाते थे.
दीदी हम में सबसे बड़ी थीं तो बस हर जगह उनकी ही चौधराहट चलती थी.
घर में भी उनका ही राज था.
वे चाहे जो कर सकती थीं और मम्मी पापा चाचा जी और चाची सब उनकी ही बात मानते थे.
भैया और मेरा अलग ग्रुप बना हुआ था और हम दोनों ज्यादातर साथ ही रहते थे.
दीदी ने स्कूल टाइम में ही कोई एक पुरुष मित्र बनाया था, जिसे हम उस जमाने में अपनी भाषा में बेली कहते थे और बुजुर्ग लोग खोदा कहते थे.
स्थानीय भाषा में कहें तो फलाने की लड़की खोदो के साथ कूदती है यानि चुदवाती है.
दीदी ने जिस लड़के को पटाया था, वह बहुत ही ज्यादा अमीर परिवार से था और दीदी भी जमकर उससे चुदवाती थीं.
हालांकि दीदी को चुदते हुए मैंने तो कभी नहीं देखा था लेकिन परिवार में और स्कूल में लड़के और लड़कियां अक्सर बातें करते थे, जिससे साफ पता चलता था कि दीदी बहुत ही ज्यादा चुदक्कड़ किस्म की लड़की थीं और उन्होंने चुदाई के मजे शादी से पहले बहुत लिए थे.
लेकिन मैं इस सब में ज्यादा ध्यान नहीं देती थी और न ही उस समय कुछ समझती भी थी.
ये सब बातें मुझे बाद में समझ में आई थीं.
वैसे में एक बात बताना तो भूल ही गई थी.
अक्सर सेक्स कहानी में लोग फिगर को पढ़ने में बहुत ही ज्यादा आनंदित रहते हैं.
तो दीदी के अगर वर्तमान फिगर की बात करें तो दीदी बहुत ही ज्यादा मोटी हो गई हैं और उनके बूब्स 38 इंच के हो गए हैं.
उनके दूध बड़े बड़े पपीते की भांति लटकते रहते हैं, कमर भी 34 इंच की हो गई है और पिछवाड़ा बहुत ही ज्यादा बड़ा है … जो लगभग 45 इंच का है.
छोटी उम्र में ही चुदवाने के कारण ही दीदी का आज फिगर इस लेवल पर आ गया है.
दीदी उस जमाने की पोर्न स्टार रही थी.
एक बार वे ननिहाल गई थीं, वहां भी किसी लड़के से चुदवाती हुई पकड़ी गई थीं.
फिर ननिहाल वालों ने उसे वहां रखने से मना कर दिया था.
यह सब बात हम दोनों भाई बहन के पास काफी लेट पहुंची थी क्योंकि उस समय इस तरह की बातों को छुपा लिया जाता था.
चूंकि फोन की सुविधा सीमित थी तो बात जल्दी इधर से उधर नहीं जा पाती थी.
हमारे इधर घर के आसपास तो दीदी पता नहीं कहां कहां चुदवाती थीं.
काफी समय बाद में मुझे उसकी इस हरकत के बारे में पता चला था कि ननिहाल में दीदी ने किसी शादी में खेल कर लिया था.
उस शादी में पता नहीं कैसे उस लड़के से दीदी की दोस्ती हुई थी और घर से दूर पशुओं के बाड़े में दीदी चुदाई करवा रही थीं, तब वे पकड़ी गई थीं.
यह बात मुझे मेरे मामा की लड़की ने काफी बाद में तब बताई थी, जब हम दोनों ही जवान हो चुकी थीं.
दीदी की शादी उसी लड़के से ही 20 साल की उम्र में ही कर दी थी और उस समय दीदी बीएससी सेकंड ईयर में पढ़ती थीं.
शादी उसी लड़के से ही कैसे हुई थी, यह भी एक रहस्य था.
उस समय तो लव मैरिज आदि कुछ था ही नहीं … तो यह कैसे हुआ था, इसे रहस्य ही समझा जा सकता है.
दीदी की शादी काफी धूमधाम से हुई थी लेकिन दीदी को शादी के 5 साल के बाद भी कोई भी संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ था.
इस कारण दीदी और जीजू बहुत ही परेशान रहने लगे थे और हमारे घर में भी सब लोग परेशान रहने लगे थे.
बाद में मेडिकल जांच में सामने आया था कि जीजू के ही शुक्राणुओं में कमी है और वे कभी भी पिता नहीं बन सकते हैं.
यही कारण था कि मेरी बड़ी बहन की शादी के 5 साल बाद भी उन्हें संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ था.
तमाम कोशिशों और मेडिकल जाँचों के बाद वे किसी पराए मर्द के जरिए ही गर्भ धारण करना चाहती थीं, जिसके लिए मेरे चचेरे भाई बोलें या मौसी का लड़का बोलें … तो आर्यन चौधरी ही एकमात्र ऑप्शन था.
उस समय तक हम दोनों ही भाई बहन नहीं समझते थे कि यह एक खेल नहीं है बल्कि इसे चुदाई करना कहते हैं.
जबकि जीजी के सास ससुर दीदी को ही ताने देते थे कि इस लड़की के कारण ही हमारी वंश रेखा रुक गई है.
जीजू इकलौते भाई थे और उसके परिवार में वंश रेखा चलाने वाले भी वे ही एक मात्र पुरुष थे.
गांवों में अक्सर यह होता है कि संतान न होने का दोष लड़की को ही देते हैं.
मेरी दीदी के साथ भी यही हुआ था.
इसी वजह से दीदी बहुत परेशान रहने लगी थीं.
उन्होंने कई चिकित्सकों से सलाह भी ली थी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ था.
दीदी जब भी घर आती थीं तो वे मां की गोदी में सर रख कर बहुत रोती थीं.
यह सब देख कर तो हम दोनों भाई बहन को भी दया आ जाती थी.
फिर दीदी अपने प्यार को छोड़ना भी नहीं चाहती थीं, जिससे दूसरी जगह शादी का भी जुगाड़ भी नहीं हो सकता था.
अब एक ही उपाय था कि पर-पुरुष से संभोग … और कमाल की बात यह थी कि उसके पति इसके लिए तैयार भी हो गए थे.
मुझे थोड़ा थोड़ा सा ऐसे सुनने में आया था.
घर परिवार में महिलाएं अक्सर बातें करती हैं तो हर कोई आसानी से सुन सकते हैं … लेकिन पुरुषों को इस मामले से दूर रखा जाता था.
दीदी मेरे काफी करीब थीं और हम दोनों में अक्सर कई बार बातचीत होती थी.
लेकिन मैं उस समय चुदाई और सेक्स और गर्भ धारण आदि के बारे में कुछ भी नहीं समझती थी.
इसलिए दीदी को मुझसे इस बारे में बात करके कोई फायदा नहीं होने वाला था.
लेकिन दीदी की बातों से लग रहा था कि दीदी भैया से चुदाई करवा कर गर्भवती होना चाहती थीं.
बस इसी समस्या के चलते यह सेक्स कहानी आगे बढ़ी थी.
मेरी दीदी ने किस तरह से मेरे चचेरे भाई से चुत चुदवा कर इस समस्या का हल खोज लिया था, वह सब मैं आपको सेक्स कहानी के अगले हिस्से में लिख कर बताऊंगी.
प्लीज दीदी सेक्स कहानी में मेरे साथ बने रहें और अपने मेल व कमेंट्स जरूर भेजें.
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