ओल्डर मैन यंग गर्ल सेक्स स्टोरी में मैंने अपने पड़ोस की जवान लड़की पटा रखी थी, वो हर समय लंड लेने को तैयार रहती थी. एक दोपहर मेरा मन उसकी चुदाई करने का हुआ.
दोस्तो, मैं अजीत एक शादीशुदा व्यक्ति हूं. मेरी उम्र भी चालीस से ज्यादा है.
शादीशुदा होने के बावजूद मेरी एक सैटिंग है, जो मेरे पड़ोस की माल है.
उससे मैं बेहद प्यार करता हूं और उसको चोदना मुझे बहुत ज्यादा पसंद है.
वह लड़की गांव की सबसे खूबसूरत और सेक्सी लड़की है और उस पर पूरा गांव फिदा है लेकिन वह किसी को भी भाव नहीं देती है.
वह अभी मात्र तेईस 23 साल की नई जवान लड़की है.
उसके चूतड़ और चूचे बिल्कुल कसे हुए हैं.
उसकी कमर पतली है और फुद्दी मस्त पावरोटी की तरह फूली हुई.
उसकी गोरी त्वचा इतनी मुलायम है और इतनी चिकनी है कि जो भी उसे सहल कर देखेगा, मेरी गारंटी है कि वह उसे चाटना ही चाहेगा.
उस लड़की को मुझसे चुदवाना बहुत अच्छा लगता है और मुझे भी उसे चोदना बहुत अच्छा लगता है.
उसकी फुद्दी में लंड डाल कर मैं मस्ती से धक्के लगाता हूँ और हम दोनों एक दूसरे की खूब प्यार से चुदाई करते हैं.
चुदते समय कभी वह मेरे लंड के ऊपर आकर झूला झूलती है तो कभी मैं उसे अपने लंड के नीचे लेकर रगड़ कर चोदता हूँ.
हम दोनों चुदाई के मामले में ऐसे दीवाने हैं कि कितना भी एक दूसरे को चोदें, मन नहीं भरता है.
यह ओल्डर मैन यंग गर्ल सेक्स स्टोरी इसी लड़की की चुदाई की है.
एक दिन बिस्तर पर लेटे लेटे मेरा मन कुछ ज्यादा ही उसकी चुदाई करने का होने लगा.
मैं अपनी जान को जब भी बुलाता हूँ तो मेरी कुतिया … किसी मतवाली रंडी की तरह अपनी फुद्दी लेकर मटक मटक कर चुदवाने आ जाती है.
चाहे जितना रिस्क रहे, पर फुद्दी की खुजली मिटवाने के लिए वह मेरे लंड पर बैठने चली आती है.
उस समय दिन का समय था और चारों तरफ लोग थे.
पर जब अपनी जान को मैसेज किया … तब उसने न नहीं कहा. वह तुरंत तैयार होकर आ गई.
मैंने इधर उधर देखकर उसे खिड़की से ही कमरे के भीतर ले लिया और वह भी मेरी बांहों में लटक कर कमरे में आ गई.
कमरे के भीतर आते ही वह मुझसे ऐसे चिपक गई जैसे पता नहीं कितने दिन से उसकी फुद्दी और चूचियां मेरे हाथों और लंड से मसलने के लिए तड़प रही थीं.
अपनी फूली हुई सुंदर सी कचौड़ी जैसी फुद्दी को उसने अपने कपड़ों के ऊपर से ही मेरे लंड पर दबा दिया और अपनी चूचियों को मेरे सीने पर रगड़ा और चिपक गई.
अगले ही पल उसने मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल दी और फुल मस्ती से चूमती चाटती हुई मजा देने लगी.
तभी उसने एकदम जोर से मेरे होंठ को काट लिया और कटे हुए होंठ को चूमने भी लगी.
मैंने अपने दोनों हाथों को पीछे ले जाकर उसके चूतड़ों पर रख दिया और कपड़ों के ऊपर से ही जोर जोर से उसकी फुद्दी को अपने लंड पर रगड़ना चालू कर दिया.
मेरे ऐसा करने से वह एकदम मचल गई और हम दोनों ने अपने अपने मुँह का पानी एक दूसरे के मुँह में डालने लगे.
उसने मेरे थूक को पी लिया और मैंने उसके.
एक दूसरे की लार पीते ही हम दोनों और ज्यादा जोश में आ गए और चुदाई की मदहोशी में आकार वह अपनी फुद्दी को बार बार मेरे लंड पर पटकने लगी.
वह मुझसे बार बार जल्दी से चोद देने के लिए कहने लगी ‘प्लीज जान … अब न तड़पाइए मुझे आह अच्छे से चोद दीजिए और मेरी फुद्दी को अपने पानी से भर दीजिए.’
यह कहते हुए ही उसने खुद ही अपने कपड़ों को उतार फेंका और सीधे मेरे लंड को मुँह में लेकर जोर जोर चाटने लगी.
कुछ ही पलों के बाद हम दोनों एकदम जोश में आ गए.
उसने 69 का पोज बनाया और अपनी फुद्दी को मेरे मुँह पर रख दिया.
वह खुद मेरे ऊपर थी तो अपनी जीभ से मेरे लंड और उसके आसपास चाटने लगी.
उसकी फुद्दी से एकदम मादक गंध आ रही थी.
बुर से एकदम नमकीन पानी आ रहा था और फुद्दी के आपसपास उसके मूत की जोरदार गंध थी.
इस गंध से पागल होकर मैंने अपनी जीभ को नुकीला करते हुए उसकी फुद्दी में ठेल दिया.
फिर फुद्दी की फांकों को मुँह में लेकर चूसने लगा.
मैं कभी फुद्दी में पूरी जीभ को कड़ा करते हुए घुसेड़ रहा था तो कभी उसकी चुत के दाने को अपने होंठों से पकड़ कर खींचते हुए चूस रहा था.
वह मेरी चुत चुसाई से इतनी अधिक मस्त हो गई थी कि मेरा लंड चाटना भूल गई.
अब वह अपनी फुद्दी को जोर जोर से मेरे मुँह और जीभ से रगड़वाने का सुख ले रही थी.
उसकी फुद्दी से लगातार पानी गिर रहा था जो मेरे चेहरे और गर्दन को गीला कर रहा था.
वह काफी तेजी से चूतड़ों को उछालती हुई अपनी फुद्दी को मेरे चेहरे पर रगड़ कर मदहोश होकर मजे ले रही थी.
काफी देर बाद जब उससे बर्दाश्त न हुआ तो खुद ही वह उठ कर सीधी हुई और उसने अपनी फुद्दी को मेरे लंड के ऊपर रख कर जोर से धक्का दे दिया.
बुर को दीवारों से रगड़ खाता हुआ मेरा पूरा का पूरा लंड सनसनाते हुए उसकी बच्चेदानी से जा भिड़ा.
उसे मीठे दर्द के साथ मस्ती का अहसास हुआ और खुद ही मेरे हाथों को अपनी चूचियों के ऊपर ले जाकर मुझसे उन्हें मसलने को बोली.
वह एकदम जंगली बिल्ली की तरह गुर्राती हुई अपनी फुद्दी को खुद ही मेरे लंड से चोद रही थी.
काफी देर ऐसा करने के बाद मैंने उसे नीचे पटक दिया.
इतनी देर की चुदाई से लंड और फुद्दी काफी गीले और चिकने हो चुके थे.
इस कारण से मैंने उसकी टी-शर्ट से अपना लंड पौंछा और अपनी शर्ट से उसकी फुद्दी को साफ कर दिया.
ऐसा करने का मकसद यह था कि चुदाई के लिए फिर से फुद्दी लंड तैयार हो जाएं, ज्यादा फिसले नहीं.
चुदाई के बाद जब वह अपने घर जाए तो उसके पास मेरे लंड और मेरे पास उसकी फुद्दी की गंध रहे.
अब मैं ऊपर आ गया और उसके दोनों पैरों को मोड़ कर मैंने उसकी चूचियों से सटा दिए.
इससे फुद्दी एकदम से खुल कर सामने आ गई थी.
मैंने छेद पर लंड रखकर जोर से धक्का दिया, एक बार में ही उसकी फुद्दी में पूरा लंड घुसता चला गया.
उसकी मीठी आह निकली और घपघप चुदाई चलने लगी.
करीब दस मिनट की दनादन चुदाई हुई.
इस दौरान दोनों ने एक दूसरे को नाखूनों से नोंचा और दांत से काटा.
फिर अचानक से उसका पूरा जिस्म थरथराने लगा.
मैं समझ गया कि ये जाने वाली है.
उसी वक्त मैं भी अपने चरम पर आ गया था तो मैंने भी अपने लंड को सरपट दौड़ा दिया और उस लड़की की फुद्दी में ही अपना गर्म गर्म पानी छोड़ दिया.
हम दोनों ने एक साथ ही चरम को हासिल किया.
तृप्त होकर दोनों ने एक दूसरे का चुम्बन लिया और गले लग गए.
उसने अगली बार इससे भी मस्त चुदाई का मजा देने का वादा किया और चली गई.
दोस्तो, आपको मजा आया होगा.
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