जवान चुदासी तीन ममेरी बहनों को पेला- 3

Views: 1 Category: Group Sex By susmitasenwar Published: October 03, 2026 📖 11 min read
Share
Text size:

सिस्टर ऐस्स स्टोरी में मेरी 3 ममेरी बहनें अब मेरे साथ खुल कर सेक्स का मजा लेने लगी थी. बड़ी दोनों चाह रही थी कि मैं पहले उनको चोदूं जबकि मेरी नजर सबसे छोटी वाली पर थी.

फ्रेंड्स, मैं दीपक चौधरी आपको सुष्मिता जी के माध्यम से अपनी ममेरी बहनों की सेक्स कहानी सुना रहा था.

कहानी के दूसरे भाग
तीन बहनों के साथ चुम्मा चाटी
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि हम चारों एक दूसरे को अपने जूठे आम खिलाते हुए चूमा चाटी भी करने लगे और इसमें हम सभी कामुक होते जा रहे थे.

अब आगे सिस्टर ऐस्स स्टोरी:

फिर थोड़ी देर बाद जैसे ही रमणी दीदी के पास आम खत्म हुए तो मैंने उसे ऐसे दबोचा कि जैसे शेर हिरणी को दबोचता है.

मैं उसको गालों पर किस करने लगा था लेकिन अभी तक उन तीनों में से किसी के भी कपड़े नहीं खुले थे.
हां कविता अपनी फ़्रॉक के कारण जरूर आधी नंगी हो जा रही थी.

मैं कपड़ों के ऊपर से ही रमणी के बूब्स मसलने लगा था और कभी गर्दन पर किस कर देता तो कभी गालों पर चूम लेता.

मेरा लंड अब तक पूरा खड़ा हो चुका था.
मैं रमणी के कपड़ों के ऊपर से ही लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा था.

और इतने में छोटी वाली बहन सोनम भी मेरे ऊपर चढ़ कर लेट गई.
वह अपनी चूचियां मेरी पीठ पर रगड़ने लगी थी.

मैं बीच बीच में रमणी दीदी की चूत पर अपना लंड आगे पीछे करके रगड़ रहा था.
जबकि छोटी वाली मेरे ऊपर अपनी चूत रख रही थी और चूची दबा रही थी.

मेरे लिए तो यह सैंडविच जैसा सीन बन गया था.
मेरे सामने तीन सील पैक चूत चुदने को रेडी थीं.

चूची दबाते दबाते मैंने रमणी की गर्दन को पीछे और आगे से चूम कर उसे पागल कर दिया था.

मैं उसकी चूचियों को कपड़े के अन्दर से जबरदस्ती बाहर निकालना चाह रहा था पर उसकी चूचियां बाहर नहीं आ पा रही थीं.

काफी देर तक चले ओरल सेक्स के बाद अब मेरे लंड से और बर्दाश्त नहीं हो रहा था.
उसे बस सुराख चाहिए था, नहीं तो वह बस झड़ने वाला ही था.

फिर मैंने जोश में आकर रमणी दीदी के कपड़े फाड़ने चाहे लेकिन उसका कुर्ता थोड़ा सा ही फट सका था.
वह नीचे दब गई थी और अब उसके ऊपर भी काफी वजन आ गया था तो उसने शरीर को हिला कर कर हम दोनों को गिराकर अलग कर दिया.

फिर रमणी दीदी अपने कपड़े उतारने लगी क्योंकि वह भी अब बहुत ही ज्यादा गर्म हो चुकी थी.

उस समय दोनों ही सलवार सूट पहनी हुई थीं और अन्दर के कपड़े भी यानि ब्रा पैंटी भी पहनी हुई थीं.

तभी मुझे छोटी वाली बहन कविता को मसलने का मौका मिल गया था.
वह इतनी देर से बस रोमांस देख रही थी तो उसकी चुदास भी भड़क चुकी थी.

मेरा मन उसकी चुदाई का करने लगा था क्योंकि वह बहुत ही कच्चा माल था.
उसे पेलने में बहुत ही ज्यादा मजा आने वाला था.

फिर जब मैंने कहा- तुम वहां क्यों बैठी हो? आ जाओ!
वह तो मानो इसका ही इंतजार कर रही थी.

अगले ही पल वह मेरे करीब आ गई और मैं भी उसी की तरफ हो गया था.
वह नीचे थी और मैं उसके ऊपर चढ़ गया था.

इस बार मैंने छोटी वाली सोनम की चूत को भी हाथ से मसलना शुरू कर दिया और कपड़े के ऊपर से और नीचे से.
जब मैं उसकी चूत की तरह हाथ बढ़ाता, तो वह अपनी जांघ से मेरे हाथ को पकड़ने की कोशिश करती.

उसकी चूत को में कपड़े के ऊपर से काफी रगड़ा था और वह गीली भी होने लगी थी.
इतने में बड़ी रमणी दीदी अपने कपड़े उतार कर केवल ब्रा और पैंटी में मेरे ऊपर आ गई.
मैं उसे भी लपेटने लगा.

इस तरह से काफी देर तक मैंने दोनों बहनों, बड़ी रमणी और बीच वाली सोनम के साथ चुम्बन लेने, बूब्स मसलने और चूत रगड़ने का काफी मस्ती से खेल खेला.
इस वजह उन दोनों की चूत काफी गीली हो गई थी.

उन दोनों ने भी मेरे लंड के साथ काफी देर से खेला था उस वजह से मेरा भी लंड फटने को हो गया था और बिना चुदाई के ज्यादा देर तक चुत से अलगाव बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं था.

रमणी और सोनम दोनों ही बहनें काफी उत्तेजित थीं और दोनों ही ललचाई नजरों से मेरे लोहे जैसे खड़े लंड को देख रही थीं.

वे अपनी नशीली नजरों से मेरे लौड़े को ऐसे देख रही थीं जैसे लंड को चुत में घुस जाने का मूक आमंत्रण दे रही हों कि आओ और हमें पटक कर हमारी चुत को चोद डालो.

मैं उन दोनों से अलग हुआ और अलग को बैठी छोटी बहन कविता के पास जाकर उसे पकड़ कर किस करने लगा.
वह भी इतनी देर से सेक्स क्रिया देख रही थी, उस वजह से काफी उत्तेजित थी.
मेरे पकड़ते ही वह मेरा साथ देने लगी.

तभी रमणी दीदी ने मुझसे कहा- दीपक उसे छोड़ दो, वह अभी छोटी है. तुम्हें हम दोनों के साथ जो भी करना है, कर लो.

मगर मुझे छोटी वाली यानि कविता को पहले चोदने का बड़ा मन कर रहा था क्योंकि उसकी गांड बहुत ही गोल थी … और जब चलती थी तो गजब की हिलती थी.
उसकी कातिल जवानी देख कर बार बार मेरा मन उसकी चूत चोदने से ज्यादा उसकी गांड मारने का कर रहा था.

मैंने कहा- नहीं, मुझे पहले कविता की गांड के साथ खेलना है. उसके बाद तुम दोनों के साथ खेलूंगा. यदि तुमको मंजूर नहीं है, तो मैं वापस जा रहा हूं.
यह सुनकर रमणी और सोनम ने एक साथ कहा- अरे तुम जाओ नहीं, छोटी के साथ खेल लो मगर हम दोनों भी इस खेल में शामिल रहेंगी!

रमणी और सोनम दोनों ही बहनें काफी चुदक्कड़ थीं.
अब तक उन दोनों ने खुद से ही अपने सलवार सूट उतार दिए थे और वे दोनों बस ब्रा और पैंटी में ही थीं.

मेरे हां करते ही वे वापस से मेरे ऊपर चढ़ गई थीं.
लेकिन इस बार मैंने कविता को अपने से दूर नहीं जाने दिया था.

मैंने कहा- कविता, मुझे तेरी गांड बहुत सेक्सी लग रही है. पहले मैं तुम्हारी गांड मारने की कोशिश करता हूं.
वह बोली- गांड में दर्द होगा.
मैंने कहा- मेरे साथ मजे करने के लिए अगर थोड़ी बहुत तकलीफ हो, तो प्लीज तुम बर्दाश्त कर लेना.

कविता बड़ी ही भोली भाली लड़की थी.
उसके साथ पहली बार गांड मारने की बात हो रही थी.
उसको नहीं पता था कि गांड चुदवाने में कितना दर्द होता है!
उसने हां बोल दिया.

अब मैं कविता की बड़ी बड़ी चूचियों को अपने दोनों हाथों से मसलने लगा.
वह ‘आह .. उहह .. सीई दर्द कर रहा है आराम से दबाओ न’ बोल रही थी.

मैंने उसके पेट को सहलाया और हाथ नीचे सरका कर उसकी चूत के आस पास हाथ फेरने लगा.
वह काफी उत्तेजित हो गई थी और अपने हाथों से ही अपनी चूत के ऊपर वाले हिस्से में निकली क्लिट को रगड़ने लगी.

मैंने पोज सैट किया और उसकी गर्म चूत के ऊपर अपनी जीभ को फिराया, तो उसने अपने दोनों पैरों से मेरे सिर को जकड़ लिया.
मैंने अपने हाथों से उसकी टांग की जकड़न को अलग करके खुद को छुड़ाया.

फिर मैंने उसको पलट दिया और उसकी गांड के गोले ऊपर हो गए थे.
उसके चूतड़ काफी सेक्सी लग रहे थे.

मैं हल्के हाथों से चमाट लगाते हुए उसके चूतड़ों के गुंदाज मांस को अपनी हथेलियों से भर भर कर मसलने लगा.
वह मस्त होने लगी थी और आह आह करने लगी थी.

दो तीन मिनट तक चूतड़ों से खेलने के बाद मैंने उसके पेट के नीचे तकिया लगा कर गांड को ऊंची कर दिया और दोनों पैर खोल दिए.
अब मुझे उसकी कसी हुई गांड के अन्दर हल्की गुलाबी रंगत लिए हुए एक घेरा दिखने लगा.
उसके केंद्र में एक बंद फूल जैसा छेद दिखने लगा.

मैंने उस छेद पर अपनी जुबान की नोक को टच किया तो वह सिहर उठी.
मैं छेद को चाटने लगा, तो कविता को काफी अच्छा लगने लगा था.

वह अपनी दोनों टांगों को भरपूर खोल कर अपनी गांड चटवाने में गुदगुदी महसूस कर रही थी.
मैं कभी कभी अपनी दो उंगलियों से उसकी चूत को भी कुरेद दे रहा था.

इसी बीच सोनम भी बाजू में अपनी चुत खोल कर लेट गई थी तो मैं बीच बीच में सोनम की चूत को भी रगड़ रहा था.
इस तरह से थोड़ी देर तक मजा करने में छोटी वाली बहन कविता की चूत ने पानी छोड़ दिया था और मेरा हाथ उसकी बुर के लसलसे पानी से भीग गया था.

छोटी बहन के झड़ जाने के बाद मेरे लंड ने भी सहने की शक्ति की सीमा पार कर दी थी और अब उसे किसी का भी सुराख चाहिए था.

सामने कविता की गांड का छेद खुल बंद हो रहा था.
मैंने उसके एक चूतड़ पर जोरदार थप्पड़ मारा और उसकी गांड के छेद पर ढेर सारा थूक डाल दिया.

वह चिहुँक कर पहले जैसे मजा का अहसास करने का सोच रही थी मगर अब कांड होने वाला था.
मैं अपने लंड से ही उसकी गांड के छेद पर पड़े मेरे थूक को छेद के आस पास मलने लगा.

फिर एक उंगली को थूक के सहारे गांड के अन्दर पेल दिया.
कविता हल्के से चिल्लाई और आह आह करने लगी.

इधर मेरे ऊपर अपनी चूत रगड़ते रगड़ते सोनम भी झड़ गई थी और उसने मेरे हाथ को अपनी चुत की मलाई से भिगो दिया था.
सोनम झड़ कर मेरे पास से हट गई.

मैंने रमणी से कहा- तुम भी अब थोड़ी मदद करो, मैं छोटी की गांड में लंड डालने जा रहा हूँ!

बड़ी वाली यानि रमणी की चूत को अच्छे से रगड़ना बाकी था लेकिन मैंने पहले लंड का पानी निकालना उचित समझा था.

मुझे छोटी बहन कविता के साथ ज्यादा मजा भी आ रहा था तो मैंने उसकी गांड पर और ज्यादा थूक कर दोनों बहनों को भी वहां थूकने के लिए कहा.

उन्होंने भी ढेर सारा थूक थूक कर कविता की गांड को थूक से भर दिया था.
मैंने अपना लंड कविता की गांड के सुराख पर रख दिया और धक्का लगाने की कोशिश करने लगा.

मेरा लंड बार बार निशाने से फिसल रहा था.
फिर मैंने रमणी से जब मदद करने को बोला, तो उसने एक हाथ से मेरे लौड़े को पकड़ा और छेद पर टिका दिया.

फिर दोनों हाथों से उसने कविता के दोनों चूतड़ों को गांड के छेद से अलग अलग करके उसे चौड़ा किया.
तभी मैंने लंड को अपने हाथ से पकड़ कर सुराख पर सैट करके रखा और दबाना शुरू कर दिया.

मैं अपना मूसल जैसा लंड कविता की गांड के छेद पर रख कर दबा रहा था तो वह मचल रही थी.

फिर मैंने कविता के दोनों कंधों को पकड़ कर एक जोरदार झटका मारा.
मेरा थोड़ा सा ही लंड सिस्टर ऐस्स के अन्दर गया था कि उम्म्ह… अहह… हय… याह… वह जोर से चिल्लाने लगी थी और रोने लगी.

सोनम ने मुझे वहां से हटने को कहा, लेकिन मेरा लंड उसकी गांड में नहीं घुस पा रहा था.
मैंने कविता की गांड के छेद के ऊपर ही काफी देर तक लंड को रगड़ा और वीर्य को गांड की दरार में ही गिरा दिया.

अब मैं उसके पास में लेट गया.
हालांकि उसकी गांड मारने की बहुत कोशिश की थी लेकिन मेरा लंड उसकी गांड में ज्यादा अन्दर घुस ही नहीं पाया था.
उधर उत्तेजना भरपूर थी तो मेरा वीर्य निकल गया था जो उसकी दरार से बहता हुआ उसकी चूत तक पहुंच गया था.

रमणी अपने हाथ में लंड पकड़ी हुई थी तो इसी कारण थोड़ा सा वीर्य उसके हाथ पर भी लग गया था.

रमणी ने अपने हाथों पर लगी मलाई को बहुत ही सेक्सी और छिनाल की तरह देखा और वह मेरी आंखों में देखती हुई अपनी जीभ से वीर्य को चटनी को तरह चाटने लगी.

वह अपनी आंखों से ऐसी शरारत कर रही थी मानो मुझे ललकार रही हो!
वीर्य चाट लेने के बाद रमणी दीदी ब्रा और पैंटी में मेरे सामने खड़ी हो गई.

वह अपने दूध हिला रही थी.
अपनी चूचियों को अपने हाथ से ऊपर नीचे कर रही थी कभी कभी अपने दोनों ही मम्मों को दबा भी दे रही थी.
वह घूम घूम कर अपनी गांड भी मुझे हिला कर दिखा रही थी.

अब मुझे झड़े हुए दस मिनट हो गए थे और उसकी हरकतों से मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा था.
फिर वह बेड पर आई और मेरे ऊपर बैठ गई.

रमणी ने मेरे लंड पर आसन जमाना शुरू कर दिया था.
वह अपने दोनों पैर मेरी जांघों के अगल बगल में करके मेरे ऊपर लेट गई थी.
उसके घुटने मुड़े हुए थे और पूरी तरह से खुले नहीं थे.
इस वजह से चुत लंड से नहीं जुड़ सकी थी.

हालांकि अभी तक मैंने रमणी की तीनों ही चीजों यानि दोनों दूध और चुत को अपने हाथ से सीधे टच नहीं किया था, तो उसको अपनी इन तीनों चीजों को मुझसे टच करवाने का मजा लेना था. इस कारण वह बहुत ही ज्यादा उतावली हो रही थी.

दोस्तो, सिस्टर ऐस्स स्टोरी के अगले भाग में आपको सोनम और रमणी की चुदाई के साथ साथ कविता की चुत चुदाई की सेक्स कहानी का मजा भी पढ़ने को मिलेगा.
आप अपने मेल जरूर भेजें.
susmitasenwar@gmail.com

You May Also Like

पड़ोसन चुदक्कड़ लड़की की चुदाई का मजा- 3
Views: 69 Category: Group Sex Author: stylemaker82 Published: August 27, 2026

डबल Xxx स्टोरी में मैं पड़ोस की चालू लड़की को चोद चुका था. पर वह एक साथ चूत और गांड में लंड डलवा कर चुदना चाह रही थी. मैंन…

भाई के साथ मेरी और मेरी सहेली की पहली चुदाई
Views: 344 Category: Group Sex Author: anky25delhi Published: April 26, 2026

सेक्सी सिस्टर फक स्टोरी में मेरा सहेली और मैं कई लंड खा चुकी थी. एक दिन मेरा सहेली ने मेरे भाई से चुदने की बात की. कुछ ही …

Comments