डबल Xxx स्टोरी में मैं पड़ोस की चालू लड़की को चोद चुका था. पर वह एक साथ चूत और गांड में लंड डलवा कर चुदना चाह रही थी. मैंने पड़ोस के एक लड़के को तैयार किया.
दोस्तो, मैं कबीर आपको अपनी सेक्स कहानी के पिछले भाग
पड़ोस की गर्म लड़की को चोदा बिना कंडोम
में सुना रहा था कि मैं शीतल को चोद रहा था और चुदाई खत्म होने के बाद हम दोनों नंगे ही बिस्तर पर लेट कर बात करने लगे थे.
अब आगे डबल Xxx स्टोरी:
मैं शीतल के छोटे-छोटे बूब्स को सहला रहा था- शीतल, मेरे साथ कैसा लगा?
शीतल- बहुत मजा आया.
मैं- एक बात पूछूँ? सच-सच बताना!
शीतल- पूछो.
मैं- तुम्हारी चूत बहुत खुली हुई है. तुमने पहले कितनों के साथ सेक्स किया है और किसके साथ?
शीतल- दो साल तक मैंने रोज सेक्स किया है. वह भी 2 लोगों के साथ किया है. उसमें एक का लंड तो बहुत मोटा था.
मैं- किसके साथ किया?
शीतल- मेरे ट्यूशन टीचर और मेरे एक फ्रेंड के साथ. दोनों ने मुझे 2 साल तक बहुत चोदा. जब तक मैं ट्यूशन गई, तब तक रोज चुदाई करवाई. दोनों के साथ एक साथ भी सेक्स किया है. बहुत बार तो आगे-पीछे एक साथ लंड भी लिए थे दोनों के. सर को मेरे पीछे डालने में बहुत मजा आता था. वह तो मेरे फ्रेंड की भी गांड मारते थे. उन्होंने मेरे सामने भी बहुत बार उसकी गांड मारी थी.
मैं- जब तुमने इतना सेक्स किया है तो तुम्हारे बूब्स और गांड क्यों बाहर नहीं आई?
शीतल- मैंने डॉक्टर को बताया था तो उन्होंने कहा कि ऐसा होता है किसी-किसी के साथ. उन्होंने कहा कि हो सकता है थोड़े साल बाद बढ़ जाए.
मैंने कहा- सील किसने तोड़ी थी? सर ने या फ्रेंड ने?
शीतल- सील इन दोनों में से किसी ने नहीं तोड़ी थी.
मैं- तो किसने तोड़ी?
शीतल- सील जब मैं गांव गई थी, तब वहां मेरी चाची का एक दूर का भाई था जो मुझसे थोड़ा बड़ा था, उसने तोड़ी थी. उसके साथ एक बार ही किया था.
मेरा लंड उसकी बात सुनकर खड़ा हो गया.
मैंने उसे अब बिस्तर पर घोड़ी बनाया और उसकी गांड को फैलाया और उंगली डाली.
वह गांड मरवाने के लिए राजी थी.
मैंने थूक लगाया और लंड पेल दिया.
साला बड़ी आसानी से उसकी गांड में लंड घुसता चला गया था.
मैंने जोर से धक्का मारा तो इस बार उसकी चीख निकल गई.
सच में उसकी गांड बहुत खुली हुई थी.
मेरा लंड अन्दर आसानी से चला गया था.
अब मैं जोर-जोर से उसकी गांड मार रहा था.
थप-थप की आवाज से कमरा गूँजने लगा था.
मैं उसके छोटे-छोटे बूब्स को मसल-मसल कर गांड मार रहा था.
उसे भी मेरे साथ बहुत मजा आ रहा था.
उसकी गोरी-गोरी गांड में मेरा लंड मस्ती से अन्दर-बाहर हो रहा था.
जैसे-जैसे उसकी गांड में धक्के लगाता, वह पूरी हिल जाती.
उसके कूल्हे बहुत गोरे और चिकने थे.
ऐसे कूल्हे मैंने किसी के नहीं देखे थे.
उसकी गांड चुदाई घपाघप चालू थी.
फिर मैंने लंड बाहर निकाला और उसे सीधा करके उसकी टांगें हवा में उठा दीं और वापस उसकी गांड मारने लगा.
काफी लंबी चुदाई के बाद जब मैं झड़ने को हुआ तो मैंने लंड बाहर निकाला और उसके बूब्स और पेट पर सारा माल गिरा दिया.
फिर मैं उससे चिपक कर सो गया.
सारा वीर्य दोनों के शरीर पर लगा हुआ था.
जब अचानक से नींद खुली तो देखा कि सुबह के 4 बजने को थे.
तो मैं उठ कर सावधानी से देखता हुआ अपने फ्लैट में जाने लगा.
चुपके से जब मैं अपने फ्लैट में जा रहा था तो कमल के घर से कुछ आवाज आ रही थी.
मैंने उसके फ्लैट को खिड़की से अन्दर झाँक कर देखने की कोशिश की तो एक जगह से थोड़ा दिखने लगा.
अन्दर कमल के पापा कमल की मम्मी को चोद रहे थे.
कमल के पापा कमल की मम्मी के ऊपर चढ़े हुए थे, दोनों बिल्कुल नंगे थे.
जिधर से मैं देख रहा था, कमल के पापा का पीछे का भाग ही दिख रहा था.
लेकिन उन्होंने कमल की मम्मी को ऐसे लिटाया था कि उनकी चूत में लंड घुस रहा था, वह साफ दिख रहा था.
भाभी जी बोल रही थीं- बहुत दिन बाद आज जमके चुदाई की है आपने … आह और जोर से चोदो!
भैया जोर-जोर से चूत में लंड पेलने लगे.
फिर उनका शायद हो गया तो वे भाभी के ऊपर ही लेट गए.
फिर जब वे ऊपर से हटे तब देखा कि कमल की मम्मी तो अन्दर से बड़ी ज़ोरदार माल थीं.
उनके बड़े-बड़े बूब्स थे और गांड भी मस्त थी.
मैं तो देखता ही रहा.
कुछ देर बाद भाभी भैया से बोली- आज तो आपने 3 राउंड चोदा, सच में मजा आ गया!
भैया बोले- हां मुझे भी मजा आया.
फिर वे दोनों नंगे ही चिपक कर सो गए.
मैं भी अपने कमरे में आकर सो गया.
मेरे शरीर से वीर्य की बू आ रही थी.
सुबह जब टिफिन लेने गया तो कमल की मम्मी को देख कर रात की बात याद आ गई.
मैंने कमल की मम्मी को देखा, उन्होंने नाइटी पहनी थी.
उसमें से उनके मस्त बूब्स उभर कर दिख रहे थे.
मैंने टिफिन लिया और चला गया.
रात को मैंने फिर से शीतल को बहुत चोदा.
उस दिन वापस अपने फ्लैट में जाते समय कमल के घर से आवाज थोड़ी सी आई लेकिन आज खिड़की से कुछ नहीं दिखाई दिया.
फिर शीतल के घर वाले आ गए.
अब हम दोनों सोच रहे थे कि दोबारा कैसे चुदाई करें.
एक दिन बारिश में टेरेस पर मैं भीग रहा था.
तो शीतल भी आ गई और कमल की मम्मी और पापा भी और राजू और कमल भी.
बारिश बहुत जोर से हो रही थी.
मैंने देखा भाभी जी पूरी तरह भीग गई थीं.
उनकी नाइटी चिपक गई थी तो उनके बूब्स और निप्पल दिखने लगे थे.
मस्त जामुन लग रहे थे.
फिर सब नीचे जाने लगे तो मैं और शीतल ही ऊपर रह गए.
भैया बोले- जोर-जोर से हवा आ चल रही है, टेरेस का दरवाजा बंद कर दो!
हम दोनों तो खुश हो गए.
दरवाजा बंद करते ही शीतल को किस और हग किया.
फिर उसकी शॉर्ट नीचे करके उसकी चूत में लंड पेल दिया.
हमारी टेरेस पर क्या हो रहा है, ये किसी को नहीं दिख सकता था तो हम दोनों बिंदास होकर तेज बारिश में चुदाई करने लगे.
फिर कुछ देर में दोनों झड़ गए लेकिन बारिश में उसे चोदने का बहुत मजा आया.
हम दोनों को ही सेक्स करने का बहुत मन करता था लेकिन मौका नहीं मिलता था.
एक दिन मेरे ऑफिस के एक दोस्त ने जॉब छोड़ दी.
वह दूसरी सिटी में जाने को हुआ तो उसने अपने घर को किराए पर देने का प्लान बनाया.
उसका घर 2 माले का था.
उसने मुझसे कहा कि मैं वहां एक माले पर रहूँ और नीचे का माला किसी को भाड़े पर दे दे रहा हूँ, तो मैं उसका ध्यान रखूँ.
मैं मान गया. मैंने वहां शिफ्ट कर दिया.
अब अक्सर शीतल वहां आती और हम दोनों चुदाई करते.
मैं अब भी टिफिन लेने कमल के घर ही जाता.
अब शीतल की गांड बाहर निकलने लगी थी और बूब्स भी बढ़ने लगे थे.
एक दिन शीतल और मैं पोर्न वीडियो देख रहे थे जिसमें 2 लड़के 1 लड़की को आगे-पीछे एक साथ चोद रहे थे.
शीतल ने कहा कि उसे भी एक साथ 2 लंड लेने हैं.
मैंने सोचा किसके साथ करें ऐसा, फिर कमल की बात याद आई.
मैंने शीतल को बोला कि कमल के साथ करते हैं.
पहले तो वह मना करने लगी, फिर मान गई.
लेकिन कमल से बात कैसे करनी है, ये उसने मुझसे कहा.
मैं दूसरे दिन रात को जब उनके घर खाना खाने गया तो खाना खा कर मैंने कमल से कहा- मेरे साथ चलो, एक काम है.
वह मेरे साथ नीचे आया.
मैंने उसे कहा- शीतल को चोदना है क्या?
कमल- क्या सच में?
मैं- हां.
कमल- हां मैं रेडी हूँ.
फिर मैंने उससे कहा कि मैं बोलूँगा, उस दिन मेरे घर पर आ जाना.
उसने हामी भर दी.
एक दिन दोपहर में शीतल और कमल दोनों आए.
मैंने उस दिन छुट्टी ले रखी थी.
शीतल ने जींस और कुर्ता पहना था.
उन दोनों को अन्दर लेकर दरवाजा बंद कर दिया.
कमल थोड़ा शर्मा रहा था.
मैंने पूछा- कमल, आज क्या करने आए हो यहां?
वह शर्मा रहा था.
शीतल बोली- बोल दे, शर्मा मत!
कमल बोला- शीतल दीदी के साथ सेक्स करने आया हूँ!
शीतल- वाह साला दीदी भी बोलता है और सेक्स भी करना है!
मैंने कहा- अब ज्यादा बेचारे को चिढ़ाओ मत. हमारे पास ज्यादा टाइम नहीं है.
हम सब अन्दर के रूम में आ गए.
मैं शीतल को किस करने लगा.
वह भी मुझे किस करने लगी.
कमल हम दोनों को देख रहा था.
मैंने कमल को पूछा- अपनी शीतल दीदी के क्या देखोगे पहले … बूब्स या चूत या गांड?
कमल- बूब्स!
मैंने शीतल की कुर्ती निकाल दी और ब्रा भी.
अब उसके गोरे-गोरे लेकिन सामान्य साइज़ के बूब्स नंगे थे.
कमल दूध देख रहा था.
मैंने कहा- देखो मत, आओ चूसो इसके मम्मों को!
कमल शीतल के बूब्स को पहले हाथों से मसलने लगा, फिर अपने मुँह में एक दूध रख कर चूसने लगा.
उसे बहुत मजा आ रहा था.
वह जोर-जोर से चूस रहा था.
तब तक मैंने अपने कपड़े निकाल दिए.
अब मैं बिल्कुल नंगा था.
मैंने शीतल की जींस भी निकाल दी.
उसने चड्डी नहीं पहनी थी.
शीतल भी बिल्कुल नंगी थी.
कमल शीतल की चूत को देख रहा था.
शीतल- क्या हुआ कमल? क्या देख रहे हो?
कमल- दीदी, आपकी चूत बहुत मस्त है. पहले भी देखी है लेकिन इतने पास से देखने मिलेगा, सोचा नहीं था!
शीतल- देखने ही नहीं, आज तुमको चुत चोदने भी मिलेगी!
मैंने शीतल को कहा- कमल को नंगा तो कर दो.
तो शीतल ने कमल के सारे कपड़े निकाल दिए.
उसका लंड खड़ा होकर हवा में झटके दे रहा था .
शीतल ने उसके लंड को मुँह में लेकर चूसना चालू किया.
मैंने शीतल की चूत को चूसना चालू किया.
कमल पहली बार लंड चुसवा रहा था. वह ‘आह्ह आह’ कर रहा था.
फिर मैं खड़ा हुआ और शीतल से बोला- बस करो, वरना इसका पानी निकल जाएगा!
शीतल ने कमल के लंड को अपने मुँह से बाहर निकाल दिया.
कमल अभी भी हांफ रहा था.
फिर मैंने कमल से पूछा- शीतल की चूत चूसोगे?
तो वह हां कह कर शीतल की चूत चूसने लगा.
मैं शीतल के बूब्स चूसने लगा.
हम सभी को बहुत मजा आ रहा था.
फिर शीतल ने कहा- अब बहुत हुआ, अब अन्दर डालो!
मैंने कमल को कहा- अब तैयार हो जाओ. तुम जन्नत की सैर करने वाले हो.
शीतल नीचे लेट गई और कमल को ऊपर लिया.
कमल ने जब शीतल की चूत में लंड डाला तो आसानी से अन्दर चला गया.
कमल जैसे-जैसे शीतल को चोद रहा था, वह उह्ह्ह उह्ह्ह की आवाज निकाल कर चोद रहा था.
मैं शीतल के मुँह के पास गया और उसके मुँह में अपना लंड डाल दिया.
शीतल की चूत में कमल का लंड था और मुँह में मेरा.
कुछ देर बाद कमल ने स्पीड बढ़ा दी और वह झड़ गया.
उसने शीतल की चूत में ही पानी छोड़ दिया.
फिर मैंने उसे हटाया और मैं शीतल पर चढ़ गया, उसकी चूत में अपना लंड डाल कर उसे चोदने लगा.
कमल के वीर्य की वजह से शीतल की चूत गीली हो गई थी इसी लिए जब मैं उसे चोद रहा था तो ‘फच-फच’ की आवाज आ रही थी.
मैं उसे लगातार चोदे जा रहा था.
कमल लेटे हुए बस चुदाई देख रहा था.
कुछ देर चोदने के बाद मैं भी झड़ गया.
अब थोड़ी देर हम लेटे रहे.
फिर तीनों ने नंगे ही थोड़ा सा खाना खाया.
शीतल फिर से मेरा लंड चूसने लगी.
मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.
हमें देख कर कमल का भी लंड खड़ा हो गया.
अब मैं नीचे लेट गया.
शीतल मेरे लंड के ऊपर आ गई और अपनी चूत मेरे लंड पर सैट करके उस पर बैठने लगी.
मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया.
शीतल मेरे ऊपर पूरी झुक गई और वह कमल से मजाक करती हुई बोली- अपनी शीतल दीदी की गांड में लंड डालो बेटा!
कमल शीतल के पीछे आया और उसकी गांड में लंड सैट किया और धक्का लगाया तो एक ही झटके में अन्दर घुस गया.
अब शीतल के दोनों छेद में लंड थे.
फिर भी शीतल को कोई ज्यादा तकलीफ नहीं हो रही थी.
उसे तो मजा आ रहा था
हम दोनों शीतल के दोनों छेद को चोदने में लगे थे.
शीतल साली गजब की रांड थी और मस्ती से ‘आह आह ओउच ओह्ह’ की कामुक आवाजें निकाल रही थी.
वह बार-बार बोल रही थी- चोद डालो अपनी शीतल को … चोद डालो कमल अपनी शीतल दीदी की गांड को … चोद डालो कबीर अपनी पड़ोसन लौंडिया की चूत को!
शीतल बार-बार ऐसे कुछ न कुछ बोले जा रही थी.
शीतल की बॉडी मुझ पर झुकी हुई थी तो उसके बूब्स मेरी छाती से रगड़ रहे थे.
कमल जोर-जोर से शीतल की गांड मार रहा था.
फिर हमने पोजीशन बदल कर शीतल को चोदा.
अब मैं उसकी गांड मार रहा था.
शीतल मस्ती से चुदवा रही थी.
उसे बहुत मजा आ रहा था.
कोई देखता तो उसे लगता कि एक दुबली-पतली लड़की को 2 लोग चोद रहे हैं, बेचारी को बहुत दर्द हो रहा होगा.
लेकिन यहां तो ये पतली सी लड़की रंडी की तरह 2 लंड एक साथ ले रही थी
लंबी चुदाई के बाद हम सब एक साथ झड़ गए.
फिर हम तीनों नंगे ही चिपक कर आराम करने लगे.
मैं- कैसा लगा शीतल डबल Xxx करने में?
शीतल- बहुत मजा आया, इसे तो ब.च्चा समझती थी. इसने आज पूरा मजा दे दिया!
कमल खुश हो गया.
फिर मैंने कमल से पूछा- कैसा लगा?
कमल- बहुत मजा आया. शीतल दीदी के नाम से मुठ मारता था. आज अपना मुठ शीतल दीदी की चूत में गिरा दिया. थैंक यू शीतल दीदी!
शीतल- थैंक यू … तुमने मस्त चोदा!
कमल- क्या आप मुझे आगे भी चोदने दोगी?
शीतल- हां लेकिन किसी को पता नहीं चलना चाहिए.
फिर वे दोनों एक साथ चले गए.
उसके बाद हम साथ में सेक्स करते.
शीतल कमल के साथ मौका मिलता तो उनके घर पर कर लेती.
ऐसे ही एक लम्बे अरसे तक चुदाई चलती रही.
मैं फिर दूसरी सिटी चला गया लेकिन शीतल कमल से चुदाई करवाती रही.
शीतल की शादी के बाद भी कमल ने उसे बहुत बार चोदा.
कमल ने तो राजू की शादी के बाद उसकी बीवी को भी चोदा.
कमल की भी शादी हो चुकी थी और सब खुश थे अपनी लाइफ में.
मैंने वहां से जाने से पहले कमल की मम्मी को भी 2 बार चोदा था.
लेकिन वह एक लंबी कहानी है.
आप लोग चाहेंगे तो मैंने किसी और सेक्स स्टोरी में बताऊंगा.
डबल Xxx स्टोरी कहानी आपको कैसी लगी?
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