गांव की पड़ोसन बंगाली भाभी को चोदा- 2

Views: 17 Category: Bhabhi Sex Story By surajonline95 Published: July 16, 2026

हॉट बेंगाली भाभी सेक्स कहानी में मेरी पड़ोसन भाभी का खुलापन देखकर मैंने उनके साथ शरारत की तो उन्होंने इसका मजा लिया. बस भाभी को चोदने का रास्ता खुल गया था.

दोस्तो, मैं सूरज त्रिपाठी आपको अपने पड़ोस में रहने वाली मस्त जवान पूजा भाभी की चुदाई की कहानी सुना रहा था.
कहानी के पहले भाग
सेक्सी बंगाली भाभी की वासना
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि पूजा भाभी मुझसे अपनी चुत रगड़वा रही थीं. मुझे भी उम्मीद हो गई थी कि आज भाभी पक्के में अपनी चुदाई करवा लेंगी.

अब आगे हॉट बेंगाली भाभी सेक्स कहानी:

भाभी- आह आह … साले बहुत मजा आ रहा है … आह करो … और तेज करो मुझको चोद दो आह आज चोद दो … मैंने बहुत दिन से लंड नहीं लिया है.
मैंने कहा- हां साली कुत्ती कमीनी … मैंने भी कभी किसी चुत को नहीं चोदा है, आज मेरा बहुत मन कर रहा साली तेरी चूत में लंड डालने का!

अब मैंने उनको पूरी नंगी कर दिया और मैं खुद भी पूरा नंगा हो गया.

अब मैं भाभी की चूत को चाटने लगा और वे आंह आंह करती हुई मेरे सर को अपनी चुत में मानो घुसेड़ लेना चाह रही थीं.
सच में बड़े ही मस्त और रसीले होंठ थे उनकी चूत के … मुझको तो भाभी की चुत चूसने में बहुत मजा आ रहा था.

भाभी- आह साले चाट साले कमीने पूरा अन्दर तक जीभ डाल हरामी!
मैंने कहा- हां साली कुत्ती डाल तो रहा हूँ कमीनी … इतना गर्मा क्यों रही है!

भाभी- तेरे को क्या पता साले, जब लंड नहीं मिलता है न … तब कैसा लगता है मादरचोद.
मैंने कहा- हां साली पता है मुझको सब पता है … जैसा अभी तू चुदासी हो रही है न … उससे तो आज समझ में आ रहा है कि इतनी ज्यादा गर्मी भि होती है क्या लड़की के अन्दर!
भाभी- हां बे कुत्ते, लड़की की चुत के अन्दर बहुत गर्मी होती है. रात में तो दुगुनी हो जाती है साले … मेरे अन्दर की गर्मी एकदम भड़क गई है आह चोद दे मेरी जान आह!

कुछ देर बाद मैंने भाभी से लंड चूसने को बोला, तो वे लंड चूसने लगीं.

मुझको भाभी से लंड चुसवाने में बहुत मजा आ रहा था.
मैं आह आह आह कर रहा था.

भाभी- उंह आह आह … साला क्या गन्ना है तेरा … मजा आ गया चूस कर आह!
मैंने कहा- हां साली बहन की लौड़ी … चूस ऐसे ही चूस कमीनी … तेरे अन्दर की गर्मी आज इसी गन्ने के रस से शांत होगी. अब तक किधर छुपाए बैठी थीं अपनी चुत को … अब तक तो मैं इस चुत को भोसड़ा बना देता.

भाभी- आह भोसड़ी के, मैंने पहले भी तुमको कितनी बार बुलाया है, मगर तुम आते ही नहीं थे. अब आज मेरे हाथ आए हो साले, आज तो पूरी प्यास बुझा कर ही जाने दूँगी.
मैंने कहा- मुझको कहां पता था भाभी कि आप मुझको अपनी चुत चोदने बुला रही हो … सच में आप तो इतनी ज्यादा प्यासी हो, साफ समझ आ रहा है.

भाभी- तुमको मेरा इशारा समझना तो चाहिए था … एक बार खुद भी तो कोशिश करते … मैं क्या देती और क्या नहीं देती … वह तो हाथ लगाने के बाद पता चलता न तुझे … अब मुझको चोद कमीने प्लीज.
मैंने कहा- हां साली रंडी आह मुझसे भी अब रहा नहीं जा रहा है.

मैं अपना लंड भाभी के मुँह से निकाल कर उनके ऊपर चढ़ गया.

भाभी ने जल्दी से खुद अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत में लगा कर बोलीं- जल्दी से अन्दर करो इसको आह.
मैंने भी तुरंत एक धक्का दे मारा, तो सट से लंड अन्दर चला गया.

जाता भी क्यों न भाभी जो 2 बच्चों को इसी चूत से निकाले थे तो चूत पूरी खुली हुई थी.

मुझको भाभी की चुत में लंड पेलने में मजा आ रहा था.

भाभी- आह साले चोद जोर से … दूध भी चूस साले कुत्ते!
मैंने कहा- हां साली कमीनी मुझको भी बहुत मजा आ रहा है … आह आह आह … बहुत मजा आ रहा है.
भाभी- हां तो ले न मजे और चोद कमीने चोद … आह जोर जोर से चोद हरामी!

लड़कियों को अपने दूध चुसवा चुसवा कर चुदवाने में बहुत मजा आता है.
मैं भी भाभी के दूध चूस चूस कर उन्हें चोदने लगा.

भाभी मेरी पीठ पर नाखून गाड़ रही थीं तो मुझे और भी ज्यादा मजा आ रहा था.

मैंने कहा- भाभी आपकी चूत तो अन्दर से बहुत गर्म है!
भाभी- हां साले कुत्ते चूत गर्म ही होती है और वैसे भी मैं बहुत दिन से चुदवाई नहीं हूं तो आह मेरे कुत्ते मेरी चुत भभक रही है … आह चोद दे आह आह साले पेल पूरा अन्दर तक पेल मादरचोद!

मैं और जोर जोर से धक्का मारने लगा.
भाभी ‘आह आह.’ की आवाज़ कर रही थीं.

मुझे बहुत मजा आ रहा था.

ऐसे भी भाभी की गर्मी अपने जिस्म में पाकर मुझे बहुत ही ज्यादा सनसनी हो रही थी और उनके दूध को मसलने में मुझे बेहद मजा आने लगा था.
मैं हाथों से उनके दूध मसल रहा था और लंड चुत में चलाते हुए उनके होंठों को चूसने व काटने में लगा हुआ था.

भाभी बस उंह उंह कर पा रही थीं, वे कुछ बोलना तो चाह रही थी लेकिन मेरे होंठ उनके मुँह को बंद किए हुए थे तो वे कुछ कह ही नहीं पा रही थीं.
इधर मेरे अन्दर तो मानो सेक्स का भूत सवार हो गया था तो मैं उनके होंठों को छोड़ ही नहीं रहा था.

लगभग 20-25 मिनट तक ऐसे ही भाभी को चोद लेने चोदने के बाद मैंने लंड भाभी की चुत से खींचा और उन्हें घोड़ी बनने को बोला.
भाभी भी शायद यही सोच रही थीं कि कब घोड़ी बना कर चोदेगा!

भाभी झट से उठ कर घोड़ी बन गईं.

मैं उनकी कमर पकड़ कर अपने लंड चुत में पेल कर उन्हें दबादब चोदने लगा.
भाभी की गांड बहुत बड़ी थी … मुझको उनकी गांड में चमाट मारते हुए चोदने में बहुत मजा आ रहा था.

उधर भाभी अपने चूतड़ पर थप्पड़ का अहसास करती हुई गांड हिला रही थीं और मस्ती में आवाज निकाल रही थीं- आह आह आह साले कुत्ते … चोद दे हरामी आह मेरी गांड में मजा आ रहा है आह और जोर जोर से शॉट मार कमीने … मेरी चुत की खुजली मिटा दे आह तेरे लंड से चुदने में बहुत मजा आ रहा है!
मैंने कहा- हां साली कुतिया रंडी तेरी गांड भी मारूँगा अभी … ले अभी तो चुत में लवड़ा ले आह ओर जोर से ले कुतिया छिनाल … आह तेरी लेने में मुझको भी बहुत मजा आ रहा है मेरी लवली लवली भाभी आह!

मैं भाभी के दोनों दूध मसल मसल कर उन्हें पूरी ताकत से चोद रहा था.

उन्हें घोड़ी बना कर चोदने में इतना मजा आएगा, यह मैंने सपने में भी नहीं सोचा था.

उनकी मखमली पीठ मेरी छाती से रगड़ रही थी और वे मेरी बांहों में दबी हुई अपने दूध मिंजवा रही थीं. उधर लंड को चुत की गर्मी मजा दे रही थी.

मेरे शरीर का हर अंग भाभी के संगमरमरी जिस्म से रगड़ खा रहा था.

भाभी- आह आह चोद दे कमीने … ऐसे ही लंबे लंबे शॉट मार भोंसड़ी के आह आह साले पेल पूरा … आह तेरा अन्दर तक जा रहा है कुत्ते … मेरी बच्चेदानी की चुम्मी ले रहा है तेरा सुपारा आह हां ऐसे ही पेल उंह आह.

मैंने भी पूरी ताकत से लंड अन्दर तक ठाँसा और उन्हें चूम कर कहा- हां मेरी प्यारी छिनरो भाभी … साली कुतिया … ले बहन की लवड़ी आह ओर जोर से लेगी साली कमीनी … आह ले ले कमीनी!
भाभी- आह आह. मजा आ गया आज तेरे साथ आह.

मैंने कहा- हां लग भी है भाभी कि तुमको मेरे लौड़े से चुदवाने में बहुत मजा आ रहा है!
भाभी- हां बस तू तो मुझे चोदता रह आह.

कुछ देर बाद मैंने आसन बदला और इस बार भाभी सीधा करके उन्हें सामने से उनकी चूत में लंड डालने लगा.
भाभी मेरे होंठों में अपने होंठ फंसा कर बेताबी से किस कर रही थीं.
उनको जल्दी से चुत में लंड चाहिए था.

मैंने एकदम से लंड चुत में ठांस दिया.
भाभी- आह आह साले मार दिया … आह अब चोद जोर जोर से आह मेरी गांड में भी एक उंगली डाल कुत्ते.

मैंने भी उनकी गांड में एक उंगली डाल दी और उनकी बड़ी गांड को रगड़ने लगा.

मुझको उंगली में भाभी की गांड की गर्मी से बहुत अच्छा लग रहा था.
मैं कभी उनकी गांड में उंगली डाल कर ड्रिलिंग करने लगता तो कभी गांड को दबाते हुए भाभी को रगड़ने लगता.

उनके दोनों छेद पेलने में मुझको बहुत ज्यादा मजा आ रहा था.

भाभी- आह आह बहुत मजा आ रहा है … ऐसे ही गांड में भी उंगली करते रह साले कुत्ते!
मैंने कहा- हां भाभी अभी जब गांड में लंड पेलूँगा, तब और मजा आएगा … आह आह ले रंडी आह.

भाभी- मेरे बूब्स को भी दबाओ न जोर जोर से आह!
मैंने भाभी के बूब्स को मुँह से दबा कर चूसना चालू कर दिया.

उधर गांड में उंगली चल रही थी, चुत में लंड चल रहा था और मुँह से होंठों को चूस रहा था.
आह दोस्तो, सच कह रहा हूँ कि मुझको उम्मीद ही न थी कि मेरे लौड़े की ओपनिंग में इतना मजा आएगा.

एक तो ऐसी गदराई शरीर वाली महिला को अपने सीने से लिपटाए हुए था और ऊपर से उसकी मस्त चुदाई चल रही थी.
यह सब तो पहले सोचने में ही मेरा लंड खड़ा जाता था.
जबकि आज तो भाभी जैसी मादक माल पूरी नंगी होकर मेरे लंड को अपनी चुत के अन्दर ली हुई थीं.

मैं यही सब सोच रहा था और चुदाई के साथ साथ अपनी कल्पना को साकार होते देख कर एक अलग ही लेवल का मजा मजा आ रहा था.

भाभी को कोई 20 मिनट तक रगड़ कर चोदने के बाद मैं थकने लगा था.
मगर कमाल की बात यह थी कि न तो भाभी झड़ने को आई थीं और न मेरे लंड से रस निकलने को राजी था.

मैंने भाभी को फिर से घोड़ी बनने को बोला, क्योंकि अब मुझको भाभी की गांड में लंड डालने का सुख लेने का मन हो गया था.

भाभी भी जल्दी से फिर से घोड़ी बन गईं और मैं फिर से उनकी बड़ी सी गांड पकड़ कर लंड पेलने लगा.

मैंने कहा- भाभी, आपकी गांड मुझको बहुत आकर्षित कर रही है!
भाभी- आह आह साले, अभी चुत चोद मेरी .. कमीने कुत्ते गांड बाद में मार लियो … अभी चुत चोद और जोर जोर से अन्दर तक लंड पेलो!

मैं भाभी को जोर जोर से पेलने लगा.
ठप ठप की आवाज़ के साथ हॉट बेंगाली भाभी सेक्स की मस्त आवाजें निकाल रही थीं.

ऐसे ही कुछ 5-7 मिनट बाद मेरा वीर्य चूत में ही निकल गया और उसी के साथ भाभी भी झड़ गईं.
हम दोनों आह आह करते हुए झड़े और मैं भाभी के ऊपर लेट गया.

कुछ 10 मिनट बाद मैं उठा और भाभी को किस करने लगा.
भाभी मुस्कुरा कर बोलीं- सही रगड़ दिया सूरज तूने … मजा आ गया तुम्हारे लौड़े से चुदने में!

मैंने कहा- गांड में भी मजा देना भाभी!
वे हंस दीं.

फिर हम दोनों ने कपड़े पहने और मैं उनके घर से आ गया.
अब मैं रोज भाभी के घर जाने लगा और हम दोनों रोजाना सेक्स करने लगे थे.

ये थी मेरी लाइफ की एक सच्ची घटना जिसे मैंने आपके लिए सेक्स कहानी के रूप में लिखा है.

आप लोगों को मेरी यह रियल हॉट बेंगाली भाभी सेक्स कहानी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताइएगा.
मेरी मेल आईडी है
surajonline95@gmail.com

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