वाइफ शेयरिंग स्टोरी में मेरे एक दोस्त को अपनी बीवी को गैर आदमी से चुदती देखना पसंद था. मैं उसकी बीवी को चोद भी चुका था. पर अब मैं अकेले में उसकी बीवी को चोदना चाहता था.
फ्रेंड्स, कैसे हैं आप सब … उम्मीद करता हूं कि आप सब अच्छे होंगे.
मेरा नाम देव है और मैं गुजरात के गांधीनगर शहर के पास एक गांव का रहने वाला हूं.
मेरी पत्नी का नाम कोमल है.
मुझे उसे किसी गैर मर्द से चुदवाते हुए देखना बहुत पसंद है.
आपने मेरी पिछली कहानी
सेक्सी बीवी को मेरे दोस्त का लंड चाहिए
नहीं पढ़ी है, तो एक बार पढ़ लीजिए. आपको सेक्स का सही मायनों वाला मजा आएगा.
अब आगे की वाइफ शेयरिंग स्टोरी शुरू करते हैं.
जय अब कोमल के साथ फोन सेक्स चैट भी करता था, उसमें कोमल को भी काफी मजा आता था और वह खुलकर जय का साथ देती थी.
धीरे-धीरे कोमल और जय चैट के अलावा सीधे फोन पर भी बातें करने लगे.
उनकी जो भी बातें होतीं, वह सब जय मुझे बता देता था.
अब आगे की कहानी आप जय की जुबानी सुनिए.
आपको काफी मजा आएगा.
दोस्तो, मैं जय हूँ, देवराज का दोस्त और उसकी वाइफ का बॉयफ्रेंड … सुनने में काफी मजेदार लगता है ना!
कोमल की और मेरी हर रोज बातें होती थीं और मैं उसे हर बार सेक्स के लिए काफी एक्साइट कर देता था.
इसके पीछे मेरा मकसद यह था कि अब जब भी कोमल मुझसे मिले तो वह खुलकर मेरे लौड़े से चुत चुदवाए.
मैं उसे यही कहता था कि हमारी बात हम दोनों के बीच में ही रहेगी.
पर मैं देवराज को सब बता देता था ताकि उसे भी मजा आए क्योंकि उसकी वजह से ही में कोमल को चोद पाया था.
फिर एक दिन मैंने कोमल से पूछा- क्या तुम्हें ऑफिस में मेरे साथ चुदने में मजा आया था?
वह चहक कर बोली- हां बहुत मजा आया था.
मैंने कहा- मुझे जरा कम मजा आया था.
वह बोली- क्यों?
मैंने कहा- अरे ऑफिस भी कोई चुदाई करने की जगह होता है. इससे अच्छा तो कोई रूम होता तो तुमको नंगी करके लिटाता और चोदता तो हम दोनों को ही ज्यादा मजा आता. तुम भी अच्छे से टांगें उठा कर मेरा लंड ले पातीं!
कोमल- हां यार, यह तो सही बात कही है आपने … फिर आप कहीं कोई रूम ही देख लो, ताकि अगली बार पूरा मजा आए.
जय- ऐसे कहीं रूम मिलना मुश्किल है. अगर तुम कहो तो होटल में चले चलते हैं!
कोमल- ना बाबा ना … होटल में मुझे बहुत डर लगता है और वहां अपना आईडी प्रूफ भी देना पड़ता है.
जय- अरे उसमें टेंशन लेने वाली कोई बात नहीं होती. वहां सब कुछ सेफ रहता है. वह हमारी पहचान भी राज रखते हैं.
कोमल- नहीं, मुझे इसमें रिस्क नहीं लेना है. भले रूम ना मिले तो ऑफिस तो है ना!
जय- हां पर मैं तुम्हें बेड पर अच्छे से लिटा कर चोदना चाहता हूं प्लीज यार मान जाओ न!
कोमल- अच्छा जी तो उस टाइम अच्छे से नहीं चोदा था क्या?
जय- अच्छा तुम मुझे खुद बताओ कि क्या सोफे पर तुम अच्छे से लेट पा रही थीं?
कोमल- नहीं वह बात तो सही है!
जय- सोफे से ज्यादा बेड पर ही मजा आता है यार … तुम्हें भी पता है ये बात!
कोमल- हां वह बात तो आपकी सही है!
जय- अगर तुम कहो तो मैं देवराज से बात करूं?
कोमल- मैं सोच कर बताऊंगी.
उसके बाद कोमल ने देवराज से बात की और कहा- जय मुझे होटल में ले जाना चाहता है.
देव ने वाइफ शेयरिंग की अनुमति देते हुए कहा- अगर तुम्हें जाना है तो तुम जा सकती हो, पर शायद होटल में तीन लोगों की एंट्री अलाऊ नहीं होगी, तुम दोनों को जाना पड़ेगा.
कोमल- फिर तो रहने ही देते हैं. आप नहीं आएंगे तो आपको मजा नहीं आएगा. आप मुझे चुदते हुए देखना चाहते हैं ना!
“‘हां वह बात तो है पर अगर तुम चाहो तो एक बार उससे अकेले में भी चुदवा सकती हो. तुम उसके मजे ले लो, फिर आकर मुझे बताना कि क्या-क्या किया, उसने तुम्हें कैसे-कैसे चोदा!”
कोमल- हां पर फिर भी आपके बिना अच्छा नहीं लगेगा.
देव- एक बार ट्राई करो, अगर अच्छा ना लगे तो दोबारा मत करना.
कोमल- ये ठीक है, मैं देखती हूँ!
उसके बाद कोमल ने मुझसे (जय) से बात कर ली.
मुझको तो पता था ही कि देव मना नहीं करेगा इसलिए मैंने पूछा- अब तो आओगी?
कोमल- हां ठीक है आऊंगी, पर कहां जाएंगे … आपके पास किसी होटल का कोई कॉन्टैक्ट है?
मैं- अरे वह सब तो मिल ही जाएगा. पर एक बात बताओ तुम वहां मुझे देव नहीं कहोगी बल्कि मेरी वाइफ बनोगी. हम दोनों हसबैंड वाइफ की तरह ही होटल में जाएंगे और पति पत्नी की तरह ही सेक्स करते हुए एक दूसरे का पूरा साथ देंगे.
कोमल- हां ठीक है, जैसा आप कहें.
मैं- जान एक बात बताओ कि क्या चुदाते समय तुम्हें गालियां सुनना और बोलना पसंद है?
कोमल- हां मुझे गंदी भाषा सुनना और बोला दोनों ही बहुत पसंद है.
मैं- तो ठीक है, हम वैसा ही करेंगे, साथ दोगी ना मेरा?
कोमल- हां दूंगी पूरा साथ, पर वहां जो कुछ भी हम करें या बातें करें वह सब आप देव से नहीं कहेंगे … प्लीज!
मैं- ठीक है डार्लिंग नहीं कहूंगा और कुछ?
कोमल- बस और कुछ नहीं.
मैं- तुमने कोई नए दोस्त बनाए या नहीं?
कोमल- नहीं, आप हैं तो सही … मुझे ज्यादा दोस्त चाहिए भी नहीं हैं!
मैं- देव की कोई और फैंटेसी है?
कोमल- होगी शायद, पर जब भी वो मुझे चोदते हैं तो हर बार कहते हैं कि कोई मेरे सामने तुम्हें रांड की तरह चोदे … गालियां दे देकर, तो मजा आ जाए.
मैं- क्या तुम्हें ऐसे चुदवाना पसंद है … गालियों के साथ?
कोमल- हां उस वक्त वे काफी जोश में आकर मुझे चोदते हैं और मुझे भी ऐसे ही चुदने में ज्यादा मजा आता है.
मैं- तो मेरे साथ भी देव जैसे ही रहोगी ना?
कोमल- हां क्यों नहीं?
मैं- मैं गालियां दूंगा तो भी चलेगा ना … फिर ऐसा ना हो कि तुम बुरा मान जाओ, मैं सिर्फ मस्ती के लिए ही बोलूंगा और तुम भी बोलोगी एकदम बेशर्म चुदक्कड़ रांड की तरह!
कोमल- अच्छा ठीक है ठीक है … आप तो अभी से चालू हो गए!
मैं- ठीक है, फिर मेरी रांड बनोगी ना!
कोमल- हां जानू पक्का बनूंगी.
मैं- यार, ये सब सुनने में कितना मजा आ रहा है!
कोमल- मुझे भी … अब कब आ रहे हो चोदने?
मैं- जल्दी ही आऊंगा डार्लिंग. इस बार की चुदाई तुम ज़िंदगी भर नहीं भूल पाओगी.
कोमल- मैं भी ऐसी ही चुदाई चाहती हूं मेरे राजा … बस जल्दी से आ जाओ अब अपनी रानी के पास, क्यों उसकी चूत को तड़पा रहे हो!
मैं- आऊंगा मेरी जान, बोल तेरे लिए क्या गिफ्ट लाऊं यहां से?
कोमल- मेरा गिफ्ट आपकी पैंट में है … मुझे और कुछ नहीं चाहिए!
मैं- वाउ यार, तुम जितनी हॉट और सेक्सी हो .. उतनी ही समझदार भी हो काश … तुम मेरी बीवी होतीं!
कोमल- अच्छा तो अब मैं तुम्हारी भी बीवी हूं, खुश अब?
मैं- थैंक्स यार इतने अपनेपन के लिए अब तो बीवी के लिए गिफ्ट लाना तो बनता है.
कोमल- आज रात में आपको याद करके देव के साथ चुदूंगी … और देव जब मुझे गाली देंगे तो मैं समझूँगी कि मेरे दूसरे पति मुझे चोदते हुए गाली दे रहे हैं!
मैं- आह डार्लिंग … कितना मीठा बोलती हो तुम … ठीक है मेरी जान आज मैं उससे कहता हूँ कि वह तुमको अच्छे से चोदे … बल्कि यह कहूँगा कि मेरी वाइफ को जरा अच्छे से चोदना आज!
कोमल- ठीक है चलिए बाद में बात करेंगे.
मैं- बाय बाय डार्लिंग.
फिर कुछ दिन बाद मेरा अहमदाबाद जाना तय हुआ तो मैंने देवराज से मैसेज में बात कर ली और कोमल को भी बताया.
वह ये बात सुन कर काफी खुश हुई.
मैंने अहमदाबाद के अपने कुछ दोस्तों से भी बात की, जिन्हें मैं काफी टाइम से मिला नहीं था.
वे सब भी मेरे आने की खबर सुनकर काफी खुश हुए.
उसके बाद मैंने अपने एक बहुत ही खास दोस्त को कॉल किया, जिससे मैं अपनी सारी बातें शेयर करता था.
उससे मैंने किसी होटल के बारे में पूछा, जहां मैं कोमल को ले जाकर चोद सकूं.
तभी उसने कहा कि होटल में क्या जाना … उसके पास एक फार्म हाउस है जो अहमदाबाद से 30 किलोमीटर की दूरी पर है. वह जगह भी अच्छी है और किसी का खास आना जाना भी नहीं है. उधर जो मजे करने हो, बड़े आराम से कर सकते हो.
यह सुनकर मैं भी काफी खुश हुआ.
अब होटल का कोई झमेला ही नहीं था तो कोमल को भी कोई डर नहीं लगेगा.
अगर देव को भी बुलाना चाहूँ, तो उसे भी बुला सकता हूं.
पर यह बात मैंने देव से नहीं कही क्योंकि मैं कोमल को अकेले में चोदना चाहता था और शायद कोमल को भी यह पसंद था.
फिर मैंने कोमल से बात की.
कोमल- अरे वाह, यह तो काफी अच्छी बात है. अब देव भी हमारे साथ आ सकते हैं.
मैं- मुझे तुमसे एक बात करनी थी.
कोमल- हां बोलिए!
मैं- क्या हम दोनों एक रात अकेले बिताएं … तुम चाहो तो?
कोमल- पर अगर वे आ सकते हैं, तो उनको भी अच्छा लगेगा.
मैं- पर मैं तुम्हारे साथ सिर्फ एक बार अकेले में सब कुछ करना चाहता हूं, तुम्हें अच्छा नहीं लगेगा क्या? या अब भी भरोसा नहीं है?
कोमल- ऐसी कोई बात नहीं है. चलिए ठीक है एक बार ट्राई करते हैं. फिर उनको बुला लेंगे.
मैं- थैंक्स यार इतना भरोसा करने के लिए … मैं तुम्हें कुछ पैसे ट्रांसफर कर रहा हूं. पार्लर जाकर अच्छे से रेडी हो जाओ. मैं कल तुम्हें लेने आऊंगा हम तीन दिन के लिए जाएंगे.
कोमल- तीन दिन? नहीं नहीं … फिर घर पर क्या बोलेंगे?
मैं- अच्छा 2 दिन?
कोमल- ठीक है, आप देव से बात कर लीजिए. कुछ बहाना बनाना होगा ना अगर पहले अकेले जाना हो तो?
मैं- हां पहले होटल जाएंगे, तुम उससे यही बोलना. उसके बाद हम दोनों फार्म हाउस पर आ जाएंगे.
फार्म हाउस की सुनकर कोमल कुछ नहीं बोली. उसे भी शायद देव से अलग होकर मेरे साथ चुदने का मन था. यह बात मैंने भी देव को नहीं बताई.
उसके बाद मैंने कोमल को कुछ पैसे ट्रांसफर किए, जिससे वह पार्लर में जाकर वैक्स और आदि सब कुछ करवा सके.
मैंने देव से भी बात कर ली. उसने भी हां कह दिया, वह भी काफी खुश था.
फिर मैं रात को अपनी कार से अहमदाबाद के लिए निकल गया.
देव और कोमल भी बहाना बना कर घर से निकल गए.
मैं अहमदाबाद जाकर देव और कोमल से रास्ते में ही मिला.
उस दिन कोमल घर से नॉर्मल अपनी साड़ी पहन कर निकली थी पर वह जिस पार्लर में गई थी, वह उसकी सहेली का था.
उसने वहां जाकर अपने कपड़े चेंज कर दिए और ब्लैक साड़ी और टाइट ब्लाउज पहन कर आई थी.
इस ड्रेस में उसके गोरे गोरे बूब्स जबरदस्त भरे हुए लग रहे थे.
मैंने देव से हाथ मिलाया और कोमल को कस के गले लगाया, उसे शायद इस बात का अंदाजा नहीं था.
थोड़ी देर हुई कि देव ने कहा- बस कर, अब क्या यहीं सड़क पर चोद दोगे?
यह सुनकर मैं अलग हो गया.
कोमल ने भी हंसते हुए एक चमाट लगा दी.
फिर हम सब एक होटल गए और वहां बैठ कर देव से होटल के बारे में सारी बातें की.
उसने कहा- चलो, तुम दोनों मजे करो, मैं कहीं बाहर रह लूंगा.
इस बात पर कोमल थोड़ी नाखुश लग रही थी, पर मैंने उसका हाथ पकड़ा टेबल के नीचे से, तो उसने भी कुछ नहीं बोला.
फिर हम तीनों वहां से निकल गए.
देव अपनी कार लेकर निकल गया और हम दोनों भी कार में आ गए.
कोमल थोड़ी उदास लग रही थी.
तो मैंने कहा- अगर देव को बुलाना चाहो तो बुला लो … पर उसके बिना भी तुम काफी मजे करोगी!
यह कह कर मैंने कोमल के होंठों पर होंठ रख दिए और उसे किस करने लगा.
कोमल भी मेरा साथ दे रही थी.
उसके बाद हम दोनों सीधा फार्म हाउस तरफ निकल गए.
वहां मेरा दोस्त पहले से ही आ गया था.
उसने जब कोमल को देखा तो देखता ही रह गया.
उसके सामने ही मैंने कोमल की कमर ने हाथ डाल कर उसे अपनी ओर खींच लिया.
कोमल मेरे दोस्त के सामने थोड़ी हड़बड़ाने लगी.
मैंने उससे कहा- अरे यार, बिल्कुल भी डरने का या शर्माने की जरूरत नहीं है. ये इसी का फार्म हाउस है और हम यहां 2 दिन रुकेंगे.
मेरे दोस्त ने भी कोमल से हाथ मिलाया और बेफिक्र रहने को बोला.
हम दोनों ने फार्म हाउस को हर तरफ से देखा, काफी अच्छा था.
चारों ओर थोड़ी ऊंचाई पर दीवार बनाई थी, उससे बाहर का कोई अन्दर देख नहीं सकता था.
उसके बाद मैंने कोमल को अपनी ओर खींचा ओर खुद से चिपका लिया.
मैं- अब खुल कर मजे करोगी ना?
कोमल- हां! पर आपका दोस्त, वह क्या सोचेगा मेरे बारे में … और आप उसके ही सामने मुझे ऐसे बांहों में क्यों ले रहे थे जैसे मैं आपकी बीवी हूं?
जय- तो मैसेज में तो मैंने तुम्हें कहा ही था कि इधर हम दोनों पति पत्नी बन कर रहेंगे और वह मेरा दोस्त … हम दोनों बचपन के दोस्त हैं और सब बातें आपस में शेयर करते हैं. मुझे उस पर पूरा भरोसा है … यार तुम टेंशन न लो!
इतना कह कर मैं झूठ-मूट का गुस्सा दिखाते हुए उससे थोड़ी दूर हो गया.
कोमल ने मुझे अपनी ओर खींचा, पर मैं गया ही नहीं.
मैंने कोमल से कहा- अगर मैं तुम्हें उसके सामने भी चोदूं तो वह तुम्हारी मर्जी के बिना कुछ करेगा भी नहीं .. और हमारा राज राज ही रखेगा क्योंकि उसके काफी सारे राज मुझे भी पता हैं!
उसके बाद कोमल ने मुझे अपनी ओर खींचा और हम दोनों जबरदस्त किस करने लगे.
तभी मेरा दोस्त आ गया, पर कोमल ने किस करना चालू ही रखा.
मेरा दोस्त भी वहीं खड़े होकर सब देख रहा था.
फिर मेरे दोस्त ने कहा- अब रुक भी जाओ भाभी जी, आपके पास काफी टाइम ही इस सबके लिए … पहले खाना तो खा लो!
भाभी शब्द सुनकर कोमल भी मुस्कुराने लगी.
फिर हम सबने खाना खाया.
उसके बाद मेरा दोस्त हम दोनों को छोड़ कर चला गया.
उसके बाद मैं और कोमल बातें करने लगे.
मुझे कोमल को चोदने के लिए पूरा एक दिन और एक रात मिलने वाली थी.
मैं कोमल को कुछ ज्यादा उकसाना चाहता था ताकि वह खुल कर और पूरे मजे से मुझसे चुदे.
अब आगे की सेक्स कहानी अगले पार्ट में लिखूँगा.
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