गांव की पड़ोसन बंगाली भाभी को चोदा- 1

Views: 18 Category: Padosi By surajonline95 Published: July 16, 2026

बंगाली चूत की कहानी में मेरे गाँव की एक भाभी मस्त माल थी. वे मुझसे खुली हुई थी, मजाक करती थी. एक दिन मैंने उनके फोन में पोर्न साईट की हिस्ट्री देखी.

दोस्तो, मैं सूरज त्रिपाठी घाटशिला (जमशेदपुर) से हूं.

मेरी पिछली सेक्स कहानी
कंटीली मौसी को शादी में पेला
को आप सब लोगों ने बहुत ही ज्यादा प्यार दिया.
उसके लिए आपका आभार.

आज मैं फिर से आपके लिए एक नई सेक्स कहानी लेकर हाजिर हुआ हूं.

आपको तो पता ही है कि अगर चोदने का चस्का लग जाए, तो इंसान बिना चुत चोदे रह नहीं पाता है.
इसी मुद्दे को लेकर आज की इस सेक्स कहानी का आनन्द लें.

ये बंगाली चूत की कहानी मेरे और मेरे गांव की एक भाभी के बीच हुई चुदाई की है.

उस वक्त मेरी उम्र उस समय 23 साल की थी और उन भाभी की उम्र यही कोई 35 साल की रही होगी.
मैं एक बंगाली परिवार से हूं.

आप लोग तो जानते ही होंगे कि बंगाली भाभियां कितनी सेक्सी माल होती हैं और उनके अन्दर भी सेक्स कूट कूट कर भरा रहता है.
मैं आगे बढ़ने से पहले आपको उन भाभी का नाम बता देता हूँ.

उनका नाम अमृता मिष्टी (बदला हुआ) है और वे थोड़ी सांवली हैं.
लेकिन वे जिस्मानी तौर पर एकदम गदराई हुई माल हैं.

वैसे भी मुझको सांवली लड़की या महिला बहुत सेक्सी लगती है क्योंकि इन लोगों में सेक्स की इच्छा बहुत अधिक होती है.

जैसा कि मैंने बताया कि मिष्टी भाभी दिखने में गदराई हुई हैं, तो उनके दूध व चूतड़ मस्त लगते थे.
वैसे भी आम तौर पर बंगाली भाभियां भरी हुई होती हैं.

मिष्टी भाभी का फिगर यही कोई 34-30-38 का था.
इससे आप समझ ही सकते हैं कि वे कैसी माल रही होंगी.

भाभी मुझसे बहुत मजाक करती हैं और वे बातचीत में बहुत खुली हुई भी हैं.
मेरे सामने वे सिगरेट भी पीती हैं तो उस वक्त तो वे और भी मस्त लगती हैं.

हालांकि मैंने उनको अभी तक कभी भी गलत नजर से नहीं देखा था.
लेकिन भाभी की आदत इतनी ज्यादा मस्तीखोर महिला की है कि लगता है मानो वे लाइन दे रही हैं.

उनकी बातों में अश्लीलता तो मानो कूट कूट कर भरी रहती है और वे बात बात में गालियां भी देती हैं.

कभी कभी तो मुझे ऐसा लगता था कि भाभी शायद अपने मन में सोच रही होंगी कि मैं इसके सामने इतनी खुल कर बोलती हूँ तब भी ये मेरे साथ कुछ करता क्यों नहीं है.
मेरा मन भी करने लगता था कि मैं भाभी के साथ कुछ हरकत करके देखूँ लेकिन फिर मेरी गांड फट जाती थी कि साला कहीं उल्टा दांव पड़ गया तो बेइज्जती हो जाएगी.

एक दिन भाभी के फोन में कुछ समस्या आ गई तो उन्होंने मुझे फोन करके बुलाया.
उस वक्त मार्च का आखिरी हफ्ता चल रहा था.
मौसम में गर्मी बढ़ने लगी थी.

मैं भाभी के बुलाने पर दोपहर को उनके घर गया.
उनके घर में सिर्फ भाभी और भैया ही रहते हैं.
भाभी भैया के दो लड़के भी हैं, जो हॉस्टल में रह कर पढ़ते हैं.

उस टाइम भैया ड्यूटी गए हुए थे.
घर में सिर्फ भाभी थीं और उस समय वे सो रही थीं.

कमरे में कूलर चल रहा था तो मस्त ठंडी हवा चल रही थी.

मैंने आवाज देकर भाभी को उठाया.
मेरे आवाज देने पर भाभी उठ ही नहीं रही थीं, शायद वे गहरी नींद में सोई हुई थीं.

मैंने डरते डरते किसी तरह उन्हें हिलाया और उठाया.
भाभी उठीं और मुझे देखने लगीं.

फिर मैंने भाभी से मजाक करते हुए कहा- क्या हुआ भाभी, रात में सोई नहीं हो क्या, जो अभी इतनी गहरी नींद में सो रही हैं?

भाभी तो मजाक के लिए मानो हर समय तैयार ही रहती थीं.
वे तपाक से बोलीं- तुम्हारे भैया सोने कहां देते हैं, जो पाऊंगी!
मैंने कहा- क्यों, ऐसा क्या करते हैं भईया?
भाभी- चलो वह सब छोड़ो, देखो मेरे फोन में नेट क्यों नहीं चल रहा है … न ही यूट्यूब चल रहा है और न ही कुछ सर्च हो पा रहा है!

मैं उनका फोन चेक करने लगा.
मैंने देखा तो भाभी ने उसमें कोई vpn एक्टिव करके रखा था.

मैंने उसको डिस्कनेक्ट किया और नेट चला कर देखा, मस्त चलने लगा था.

मैंने कहा- लीजिए भाभी आपका फोन ठीक हो गया!
भाभी- दिखाओ तो!

भाभी फोन चेक करने लगीं, अब नेट सही चल रहा था.

भाभी- हां अब तो सही चल रहा है. यार देखो तो इसमें वह सब नहीं चल रहा है बहुत दिन से …
मैंने कहा- वह सब क्या!

भाभी ने आंख दबा कर कहा- अरे वही सेक्स वीडियो वगैरह …
मैंने कहा- लाइए फोन वापस दीजिए, देखता हूँ.

मैंने उनका मोबाइल लिया और मोबाइल में हिस्ट्री चेक करने लगा कि ये क्या देखती हैं. मैंने देखा कि भाभी फ्री सेक्स कहानी साईट के सेक्स वीडियो ज्यादा देखती थीं तो उन्हीं की लिंक्स भरी पड़ी थी.
मैंने उनकी पसंद की ब्लू-फिल्मों में से एक सेक्स वीडियो को चला दिया.

अब चूंकि नेट सही चल रहा था तो फिल्म एकदम से चलने लगी.

मैंने उनके हाथ में मोबाइल पकड़ा दिया और कहा- लो भाभी, आपकी चुदाई की फिल्म चलने लगी है.

भाभी- वाह यार, कैसे चल गई तुमसे? मुझसे तो चलता ही नहीं!
मैंने कहा- वह छोड़ो भाभी, आप तो यह बताओ कि आप भी ये सब भी देखती हैं?

भाभी ने एक सिगरेट सुलगाई और कश लेती हुई फिल्म में चुदाई देखती हुई बोलीं- हां यार, अब दोपहर को टाइम पास नहीं होता न … तुमको भी बुलाती हूँ तो तुम आते ही नहीं हो. इसलिए देख लेती हूँ और खाली टाइम को पास कर लेती हूँ. क्यों, तुम नहीं देखते हो क्या?
मैंने कहा- देखता हूँ लेकिन रात में.

भाभी- रात में तो करना होता है, देखना तो दिन में होता है न पागल!
मैंने कहा- मेरी बीवी थोड़ी है, जो मैं रात में कुछ करूंगा.

भाभी- अच्छा … कोई सैटिंग भी नहीं है?
मैंने कहा- हां … सैटिंग भी कोई नहीं है … और होती भी तो रात में घर में कैसे लाता उसे … आप खुद ही बताओ न कि मैं क्या करूं?

भाभी- ओके, मन है तुम्हारा?
मैंने कहा- जवान लड़के का मन क्यों नहीं होगा भाभी!

यह कह कर आज मैंने उनके हाथ से सिगरेट ले ली और खुद कश लगाने लगा.

भाभी ने मुझे वासना से देखा और अपने दूध खुजलाती हुई बोलीं- मेरे साथ करके देखो, मजा आ जाएगा.
मैंने भी मजाक समझा और कह दिया- हां आप दिखाओ तो देख लूँगा.

वे बोलीं- चलो वह सब छोड़ो, पहले साथ में ये देखते हैं.
मैंने हामी भर दी और उनके साथ सेक्स वीडियो देखने लगा.

कुछ ही मिनट बाद भाभी ने मेरी तरफ देखा, तो मेरा लंड पूरा तन गया था.

भाभी- अरे तुम्हारा तो पूरा खड़ा हो गया है!
मैंने वासना से कहा- हां भाभी, पूरा खड़ा हो गया … मेरा बहुत मन कर रहा चोदने को … भाभी आप मुझको सेक्स वीडियो दिखा रही हैं न … तो मेरा खड़ा तो होगा ही.

भाभी मस्ती से बोलीं- हां, तो घर जाकर हिला लेना.
मैंने कहा- नहीं भाभी, अभी ही मन कर रहा है. प्लीज आप हिला दीजिए न … और हिलाने की क्या जरूरत, आप हो न … सवारी करने दो न!

भाभी- अरे यार, ये सब हिलाना विलाना मुझसे नहीं होगा … ओर क्या कहा कि हम हैं … तो क्या मुझको चोदोगे क्या बे साले ज्यादा ठरक चढ़ गई है क्या?

मैं- हां भाभी, आज तो आपको ही चोदने का मन कर रहा है. साली बड़ी कुत्ती चीज आप … भैया से तो आप बहुत चुदवाती हो … आज देवर को भी मौका देकर देखो न!
न जाने किस झोंक में मैं यह सब कह गया था.

भाभी ने मुझे घूर कर देखा और बोलीं- नहीं बे साले कुत्ते … मैं कुछ नहीं करूंगी. और रही बात तेरे भैया की, तो अब उनका मेरी लेने का मन ही नहीं होता है.
मैंने कहा- गजब बात कह रही हो भाभी, अभी कुछ देर पहले आप कह रही थीं कि सारी सारी रात भैया सोने नहीं देते और अब कह रही हो कि उनसे कुछ होता ही नहीं है!
भाभी हंस दीं और बोलीं- वह तो मैं मजाक कर रही थी.

यह सब बात होते होते भाभी भी पूरी गर्मा गई थीं.

वे मुझसे गाली देती हुई बात कर रही थीं.
मुझको भी उन्हें गाली देने में बहुत मजा आ रहा था.

अब तो मैं भी भाभी को छेड़ने लगा था.
मैंने कहा- भाभी यार आप न बहुत सेक्सी बातें करती हो, पता है आप जब भी मुझको छेड़ती हो न … तो मेरा एकदम से खड़ा हो जाता है.
भाभी- हां बे कुत्ते साले, तेरे को बुलाती ही इसी लिए हूँ … साले तेरे लंड से चुदवाने के लिए मन करता है. मालूम है मेरी चूत में कितनी गर्मी भरी है. पता है तुझे साले … देख मेरी चूत में उंगली डाल कर देख .. आह चिकने साले .. तू चीज ही ऐसी हो कि तुमको छेड़े बिना रहा ही नहीं जाता.

यह कह कर भाभी मुझको लिप किस करने लगीं.
आह यार क्या मस्त रसीले होंठ थे भाभी के … मैं भी उन्हें बेताबी से किस करने लगा और उनके मम्मों को दबाने लगा.

भाभी ने मेरे हाथ को पकड़ कर अपनी चुत पर रख दिया तो मैं भाभी की चूत को उनके कपड़ों के ऊपर से रगड़ने लगा.

भाभी मस्त हो गईं और कराहने लगीं- आह यार … दबा साले और जोर जोर से कर न यार!
मैं- हां भाभी दबा रहा हूँ आज मसल कर रख दूंगा आपकी चुत को!
भाभी- आह आह साले कुत्ते … अन्दर हाथ डाल न आह आज मुझे चोद दे साले कुत्ते!

उनकी चुत में हाथ फेरने से मुझको अब और ज्यादा गर्मी चढ़ने लगी थी.
मैं भाभी के ऊपर आ गया और उन्हें किस करने लगा. उनकी चूत को ऊपर से ही जोर जोर से रगड़ने लगा.

‘आह यार … तू फिर ऊपर से करने लगा!’
मैंने तुरंत भाभी की साड़ी को ऊपर कर दिया और उनकी पैंटी के अन्दर हाथ डाल कर चूत को सहलाने लगा.

आह यार क्या मस्त फ़ूली हुई बंगाली चूत थी भाभी की … मेरे हाथ लगाने से उनकी चुत ने रोना शुरू कर दिया था और मेरा हाथ उनकी चुत के पानी से पूरा गीला हो गया था.

भाभी- आह साले कुत्ते कमीने उंगली डाल न पूरी अन्दर तक पेल और चोद मेरी चुत को अपनी उंगली से … आ आह आह आह हरामी … हां डाल दे न पूरी अन्दर तक … डाल न कमीने!

कुछ देर चुत को उंगली से चोदने के बाद भाभी झड़ गईं और मैंने हाथ चुत से निकाल कर उनकी चूचियों पर रख दिया.

भाभी लंबी लंबी सांसें भर रही थीं तो मैंने उनके ब्लाउज के बटनों को खोल दिया.
उनकी चूचियों को बाहर निकाल कर मैं उनके दोनों मम्मों को बारी बारी से चूसने लगा.
फिर कुछ देर बाद मैं पुनः उनकी चुत में उंगली डालने लगा.

भाभी उस वक्त इतनी ज्यादा गालियां दे रही थीं कि क्या ही कहूँ. उनकी गालियों का मतलब साफ समझ में आ रहा था कि आज भाभी का भोसड़ा पूरा गर्म है और आज उन्हें चोद कर बहुत मजा आने वाला है.

दोस्तो बंगाली चूत की कहानी के अगले भाग में मैं आपको पड़ोसन बंगाली भाभी की चुदाई की कहानी को विस्तार से लिखूँगा.
आप मुझे मेल लिख कर बताएं कि आपको सेक्स कहानी कैसी लग रही है.
surajonline95@gmail.com

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