दोस्त ने अपनी बीवी को चोदने को कहा- 2

Views: 190 Category: Hindi Sex Story By valmiks482 Published: April 07, 2026

वासना हॉट भाभी स्टोरी में मेरे दोस्त की बीमारी के चलते उसने अपनी बीवी की यौन इच्छा को पूरा करने के लिए मुझे कहा. भाभी की रजामंदी से मैं भी मान गया.

फ्रेंड्स, मैं रतन दत्त आपको एक ऐसी सेक्स कहानी सुना रहा था, जिसमें एक दोस्त अपनी बीमारी के कारण अपने दोस्त से अपनी बीवी को चोदने की बात कहता है और उसकी बीवी भी अपने पति के दोस्त से चुदवाने के लिए सहर्ष राजी हो जाती है.

यह वासना हॉट भाभी स्टोरी आपको मेरा पाठक और प्रशंसक विजय सुना रहा था.
आगे का हाल भी आप विजय की जुबानी ही सुनें.

दोस्तो, मैं विजय पुन: आपकी सेवा में हाजिर हूँ.
कहानी के पहले भाग
बीमार दोस्त की सेक्सी बीवीhttps://www.antarvasna3.com/bhabhi-ki-chudai/hot-wife-no-sex-kahani/
में अब तक आप पढ़ चुके थे कि मेरे दोस्त मोहन की बीवी शालिनी मेरे साथ सुहागरात मना रही थी और हम दोनों नंगे हो चुके थे.

अब आगे वासना हॉट भाभी स्टोरी:

मैं उठकर शालिनी के पैरों के बीच आया, तो चित लेटी शालिनी ने अपने पांव फैला दिए.
मैं लंड चूत में डालने लगा … उसकी चूत काफी टाइट थी, जिस वजह से मेरा लंड अन्दर नहीं जा पा रहा था.

शालिनी ने पलंग के पास की टेबल पर रखी तेल की बोतल की तरफ इशारा कर कहा- इसे लगा लो.
उसने पूरी तैयारी कर रखी थी.

मैंने लंड पर तेल लगाया और लंड चूत में पेल दिया.
शालिनी दर्द से आ आ कर उठी, उसकी आंखों में आंसू आ गए … पर चेहरे पर मुस्कान थी.

मैं चोदने लगा, शालिनी कमर उठाकर साथ दे रही थी.
उसकी मदभरी सिसकारियां और हमारे बदन टकराने की थप थप कमरे में गूंज रही थी.

करीब दस मिनट घमासान चुदाई के बाद हम साथ साथ झड़ गए.
शालिनी की चूत वीर्य से भर गयी.

मैं- मैं कंडोम लगाना भूल गया, यदि गर्भ ठहर गया तो?
शालिनी- फ़िक्र न करो, मैंने कॉपर टी लगा रखी है.

मैं शालिनी के ऊपर लेटा रहा.
हम दोनों लम्बी सांसें ले रहे थे, दोनों के चेहरे पर संतुष्टि भरी मुस्कान थी.

मेरा लंड सिकुड़ने लगा और पक की आवाज़ के साथ चूत से बाहर निकल गया.
मैं शालिनी के ऊपर से उतरा, शालिनी बाथरूम गयी और वापस आकर नंगी ही पलंग पर लेट गयी.

मैं भी बाथरूम से लंड धोकर आया और नंगा ही शालिनी के पास लेट गया.
मेरा मन नहीं भरा था.

मैंने शालिनी के बालों पर हाथ फेरकर कहा- बहुत सालों बाद ऐसा सुख मिला.
शालिनी बोली- मुझे भी.

कुछ देर बाद मैं उसके मम्मों से खेलने लगा.

मैं- मेरा मन एक बार और करने को कर रहा है.

शालिनी पलंग से उतरी, चलते समय उसके भरे कूल्हे मस्त थिरक रहे थे.
बेडरूम के कोने में उसका पर्स रखा था.

उसने पर्स से ग्लूकोस-डी का सैचे निकाला, उसे दो ग्लासों में डाला पानी मिला कर एक ग्लास मुझे देकर कहा- इससे एनर्जी मिलेगी.

हम दोनों ने पिया.

मैं पलंग पर बैठा था.
मेरा लंड आधा खड़ा था.
शालिनी ने मेरा लंड सहलाया और लंड चूमकर चूसने लगी.

मैंने उसे रोककर कहा- चलो 69 पोजीशन में एक दूसरे का चूसते हैं.
हम दोनों 69 में लेट गए.

मैंने अपना मुँह शालिनी की चूत पर रखा तो शालिनी ने अपना एक पैर मेरे कंधे पर रख दिया.
इससे उसकी चूत पूरी खुल गयी.

मैं अपने दोस्त की बीवी की चुत चूसने लगा.
शालिनी भी मेरा लंड चूस रही थी.

हम दोनों सिसकारी ले रहे थे.

मेरी बीवी (जिससे मेरा तलाक हो गया था) ने कभी मुझे मुख मैथुन का सुख नहीं दिया था, यह अलग ही मजा था.

मेरा लंड खड़ा होकर झटके ले रहा था.
शालिनी ने लंड चूसना बंद किया, वह उठी और उसने मुझे धक्का देकर चित लेटा दिया.

उसने मेरे ऊपर आकर लंड पकड़ कर अपनी चूत में डाल दिया और उछल उछल कर लंड की सवारी करने लगी.
उसके चूचे मस्त उछल रहे थे.

मैं कमर हिलाकर नीचे से धक्का दे रहा था, उछलते चूचे देख रहा था.
शालिनी ने रूककर झुक कर एक चूचा मेरे मुँह पर रख दिया, मैं उस चूचे को चूसने लगा और दूसरे को दबाने लगा.

शालिनी फिर सीधी होकर लंड की सवारी करने लगी.
कुछ देर बाद शालिनी थक गयी.

शालिनी पलंग के किनारे घोड़ी बनकर खड़ी हो गयी, उसके घुटने पलंग पर थे, पैर पलंग से बाहर.
शालिनी ने अपने कूल्हे थपथपाकर मुझे चोदने का आमंत्रण दिया.
मैं फर्श पर खड़ा हो गया, शालिनी की कमर पकड़ कर उसे चोदने लगा.

मैं उसके कूल्हों पर हल्के चांटे मार रहा था, तो शालिनी बोली- और जोर से चांटे मारो!
मैं जोर जोर से चांटे मारने लगा.

हर चांटे के साथ शालिनी जोर की सिसकारी ले रही थी, कमर हिलाकर लंड और अन्दर ले रही थी.
इस बार चुदाई काफी देर तक चली.

मैं थोड़ी देर पहले ही झड़ा था.
शालिनी दो बार झड़ गयी.

अब मैं झड़ने के करीब था इसलिए मैं उसे धुआंधार चोदने लगा और झड़ गया.

हम दोनों पलंग पर लेट गए.
हल्की गर्मी थी, तो पंखा चल रहा था.

चुदाई की कसरत से हम दोनों भी पसीने से भीग गए थे.
कुछ देर बाद शालिनी बोली- मैं नहाकर आती हूँ.

मैं बोला- चलो साथ नहाते हैं.
हमने एक दूसरे को साबुन लगाकर नहलाया, एक दूसरे के बदन पौंछे, कपड़े पहने और सो गए.

सुबह शालिनी ने मुझे जगाया, हम दोनों बेडरूम से बाहर निकले.
मोहन चाय बना रहा था.

उसने पूछा- रात कैसी रही … शालिनी तुम खुश और संतुष्ट हुईं?
शालिनी- हां मैं संतुष्ट हुई, विजय भी खुश है. मोहन तुम मेरा कितना ख्याल रखते हो, अब तुम्हारी मेरे बारे में चिंता दूर हुई. तुम जल्दी ठीक होने की कोशिश करो, मैं अपने दोनों पतियों को संभाल लूंगी.

मैं- मोहन, डॉक्टर ने कहा था यदि तुम खुश रहो तो जल्दी ठीक हो जाओगे … अब तुम्हारी शालिनी के बारे में चिंता दूर हुई.

मैं और मोहन साथ फैक्ट्री गए.
उस रात बेडरूम में मैं शालिनी के साथ था.

फोरप्ले के बाद शालिनी बोली- विजय मैंने सुना है कि तुमने कभी पिछवाड़े में डालने का मजा नहीं लिया, आज तुम चाहो तो मैं तैयार हूँ.

मैंने मोहन को बताया था कि मेरी पत्नी गांड मारने नहीं देती थी.
मैं तुरंत तैयार हो गया.

शालिनी ने मुझे गांड मारने के बारे में बताया कि क्या करना होता है.

शालिनी पेट के बल लेट गयी.
मैं शालिनी के भरे कूल्हों को चूमने लगा और मसलने लगा.

कुछ देर बाद शालिनी ने अपने दोनों कूल्हों को हाथ से फैलाकर गांड के छेद से दूर करते हुए छेद को खुला कर दिया.

मैंने उंगली में तेल लगाकर गांड के छेद को अच्छे से लुब्रिकेट किया.
पहले एक उंगली से छेद में तेल लगाया, फिर दो उंगलियों को अन्दर घुसेड़ कर हौले हौले से छेद को फैलाते हुए तेल से चुपड़ दिया.

मैं ठीक वैसा ही कर रहा था, जैसा जैसा शालिनी बताती जा रही थी.

कुछ देर बाद उसने मुझे रोका और खुद पलट कर पीठ के बल लेट गयी.
वह अपने दूध मसलती हुई बोली- हम दोनों पहले मिसनरी पोजीशन में शुरू करते हैं, इस पोज में सेक्स करते हुए हम दोनों बात कर सकेंगे. तुम धीरे धीरे से पेलना शुरू करना. मैं बहुत साल बाद पीछे ले रही हूँ.

उसने कमर के नीचे तकिया लगाया, अपने पैर उठा कर छाती की तरफ कर लिए.
मैंने लंड पर तेल लगाया और धीरे से लंड को हाथ से पकड़ कर उसकी गांड के छेद में डालने लगा.

उसकी गांड काफी टाइट थी, मगर वह पुरानी खिलाड़ी थी तो उसने छेद को ढीला छोड़ा … और मेरे लंड का सुपारा उसकी गांड के पहले छल्ले को फैलाता हुआ अन्दर घुस गया.
उसकी दर्द भरी आह निकली तो मैं रुक गया और तेल की शीशी को दबा कर छेद पर तेल लगाया.
इससे थोड़ा सा लंड भी अन्दर चला गया.

शालिनी के चेहरे पर दर्द दिख रहा था.
वह बोली- अब थोड़ा रुको!

मैं रूक गया और शालिनी के चूचों को चूसने लगा.

कुछ देर बाद शालिनी बोली- अब दर्द कम हो गया है!

मैंने धीरे धीरे दबाव देना शुरू किया और बाकी का लंड भी उसकी गांड में पेल दिया.
पूरा लंड अन्दर जा चुका था तो मुझे लौड़े पर बड़ी कसावट लग रही थी.

मैं धीरे धीरे शालिनी की मखमली गांड मारने लगा, मुझे उसकी नरम गांड में लंड अन्दर बाहर करने में बड़ा मजा आ रहा था.
शालिनी भी कामुक सिसकारियां ले रही थी.

फिर मैंने शालिनी के पैर अपने कंधों पर रख लिए और गांड चोदने की स्पीड बढ़ा दी.

कुछ देर तक उसके चूचों को मसलते हुए गांड चुदाई का मजा लिया और उसकी गांड में झड़ गया.
मैंने लंड बाहर निकाला तो शालिनी जल्दी से बाथरूम गयी और सीधी कमोड पर बैठ गई.
वह फ्रेश होकर कमरे में आ गयी.

उसने बताया गांड में वीर्य एनिमा के समान काम करता है.
मैं बाथरूम गया लंड साबुन से धोकर आया.

उस ने बताया था कि गांड में कीटाणु हो सकते है, लंड को साबुन से जरूर धोना.

शालिनी- विजय मजा आया?
मैं- मेरी एक फंतासी आज पूरी हो गयी.

शालिनी ने पानी में ग्लूकोस डी घोला, हम दोनों ने पीया.

शालिनी ने पूछा- और कोई फंतासी है?
मैं बोला- मौका आने पर बताऊंगा.

थोड़ी देर बाद हम चूमा-चाटी करने लगे, 69 पोजीशन में एक दूसरे के चूत लंड चूसने लगे.

शालिनी मुझसे अलग होकर चित लेट गयी. उसने अपने पांव घुटनों से मोड़े और जांघें फैला दीं.
फिर उसने मुझे उंगली के इशारे से करीब बुलाया और अपने ऊपर चढ़ने का इशारा किया.

मैं इत्मीनान से उसके ऊपर चढ़ गया और चुत चोदने लगा.
शालिनी कमर उछाल कर साथ दे रही थी और कह रही थी- आह और जोर से!

कुछ देर की चुदाई के बाद शालिनी बोली- आह मेरा हो गया, इस बार मेरे अन्दर रस नहीं छोड़ना, मुझे वीर्य पीना है!

जब मैं झड़ने के करीब था, तो मैंने लंड चूत से निकाला और जल्दी से उसके मुँह के पास आ गया.
शालिनी मुँह खोलकर बैठ गयी.

मैं पलंग के नीचे खड़ा होकर लंड शालिनी के मुँह के पास ले गया.
शालिनी लंड चूसने लगी.

मैं जब झड़ने लगा शालिनी पूरा वीर्य पी गयी.
हम दोनों पसीने से तर थे.

हम दोनों ने दो दो गिलास पानी पीया, फिर साथ में नहाने बाथरूम में आ गए.

मैं- मुझे पेशाब लगी है. मेरी फैंटसी है मूत्र पिलाने और मूत्र स्नान कराने की, क्या तुम तैयार हो?

शालिनी नीचे स्टूल पर मुँह खोलकर बैठ गयी.
मैं उसके मुँह के अन्दर मूत रहा था, कुछ मूत वह पी रही थी, बाकी उसके शरीर पर गिर रहा था.
मेरा मूतना ख़त्म हुआ.

शालिनी- अब मुझे शु शु आ रही है … मैं कर लेती हूँ … फिर साथ में नहाएंगे.
मैं- मुझे तुम्हारा मूत्र पीना है.

शालिनी दीवार पर पीठ टेककर पैर फैलाकर खड़ी हो गयी, मैं नीचे स्टूल पर बैठा और उसकी चूत पर मुँह लगा दिया.
शालिनी ने मेरे बाल पकड़ कर मेरा मुँह चूत के ऊपरी भाग में खींच कर लगा दिया.

वह बोली- मूत्र यहां से निकलता है बुद्धू!

शालिनी मूत रही थी, तो उसकी चुत से सीटी की मधुर आवाज़ आ रही थी.

मैं चुत से मूत की धार को पीता जा रहा था. सच में गर्म गर्म खारा मूत पीकर मजा आ गया.
फिर हम दोनों नहाकर बाहर निकले.

थोड़ी देर बाद सो गए.

उसके बाद मैं शालिनी के साथ बेडरूम में सेक्स वीडियो देखता, उसी दौरान हम दोनों तय करते कि आज किस किस आसन में सेक्स का मजा लेना है.
खूब मजे करते.

एक महीने बाद की बात है.
जिस पलंग पर हम दोनों सोते थे, वह थोड़ा कमजोर हो गया था.

सम्भोग के समय हिलने लगता.
मैं और शालिनी ने तय किया कि अब हम बड़ा साइज़ वाला मजबूत सा पलंग लेंगे.

हमने किंग साइज 7 फुट बाई 7 फुट का पलंग पसंद किया और ले आए.
इसके साथ नए साइज़ वाले गद्दे भी ले लिए थे.

उस रात हम लोग नंगे थे और फोरप्ले कर रहे थे.

शालिनी बोली- आज कुछ नया करते हैं.
शालिनी ने मुझे नंगा घोड़ा बनकर पलंग पर खड़े होने को कहा.

उसने एक चुन्नी मेरी पीठ पर लगाम जैसे बांधी, हाथ में लकड़ी का स्केल लेकर मेरे पीठ पर बैठकर बोली.
‘जब मैं एक बार मारूं तो चलना, दो बार मारूं तो रुक जाना!’

मैं शालिनी के इशारे पर चल और रुक रहा था, हम दोनों खूब हंस रहे थे.

दीवार पर लगे बड़े आईने में नंगी शालिनी खूब मस्त माल लग रही थी.
उसके दूध गजब हिल रहे थे.

मेरा लंड खड़ा हो गया.
मैं बोला- अब घोड़े की बारी है, तुम घोड़ी बन जाओ!

मैंने शालिनी को फर्श पर खड़ा कर उसकी पीठ पर चुन्नी की लगाम बांधी, उसे सामने झुककर पलंग पर हाथ रखकर घोड़ी बनने को कहा.
शालिनी घोड़ी बन गयी.

मैंने स्केल कूल्हे पर हल्के से मारकर कहा- पांव फैलाओ!
मैं लगाम पकड़कर पीछे से चूत चोदने लगा … साथ स्केल से कूल्हों पर मार रहा था.

शालिनी की चूत से कामरस निकल कर उसकी जांघों पर बह रहा था.

थोड़ी देर बाद मैंने लंड बाहर निकाला.
लंड पर तेल लगाया और शालिनी की गांड में लंड पेल दिया.
कई बार गांड मारने से शालिनी की गांड थोड़ी ढीली हो गयी थी, उसे गांड मरवाने में मजा आने लगा था.

वह कमर हिलाकर लंड और अन्दर ले रही थी, मैं उसकी गांड के अन्दर ही झड़ गया.
शालिनी गांड में से लंड निकलवा कर बाथरूम में चली गयी.
तब से हम दोनों अक्सर ही यह मजेदार खेल खेलने लगे थे.

तो दोस्तो, आपको मेरी इस वासना हॉट भाभी स्टोरी में कितना मजा आ रहा है, प्लीज जरूर बताएं.
अगले भाग में मैं शालिनी और उसके पति के थ्रीसम सेक्स को भी लिखूँगा.
मुझे मेल लिखते समय सेक्स कहानी का शीर्षक अवश्य लिखें.
valmiks482@gmail.com

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