वर्जिन गर्ल रॉ सेक्स कहानी में मेरे मामा की जवान बेटी मुझे बहुत पसंद करती थी. मैं उसे मना करता था पर वह मुझे छूती रहती थी. तो मैंने भी उसकी गर्मी का मजा ले लिया.
दोस्तो, मेरा नाम राहुल है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ।
ये कहानी मेरे और मेरी कजिन सिस्टर की है।
वर्जिन गर्ल रॉ सेक्स कहानी शुरू होती है जब हम जवान हुए हुए थे तो मेरी मामा की लड़की पारुल जो कि देखने में सुंदर और जिस्म में एकदम पतली सी लड़की थी।
उस वक्त उसकी उम्र 19 वर्ष होगी और मेरी 22 वर्ष थी।
धीरे धीरे, पारुल और मैं काफी अच्छे दोस्त बन गए थे और हम दोनों एक दूसरे से हर तरह की बात कर लेते थे।
फिर मुझे पारुल ने बताया कि वो मुझे बचपन से पसंद करती थी और मुझसे शादी करना चाहती थी।
ये बातें सुनकर मैंने उसको समझा दिया था कि एक भाई और बहन में ये सब नहीं होता है।
उस दिन के बाद से मेरी नज़र मेरी बहन के लिए बदल गई थी और मेरा भी मन उसको छूने का करने लगा था।
उसके बाद जब भी उससे मिलना होता तो मैं उसके बदन को छूने लगा था और उसको भी मज़ा आने लगा था।
एक दिन सर्दियों की बात है, मैं रज़ाई में बैठा था और पारुल का हमारे घर पर आना हुआ।
फिर क्या, मुझे लगा इससे अच्छा मौका कब मिलेगा और मैंने उसको अपने साथ बिठा लिया।
मैंने उसका हाथ पकड़ा और धीरे से अपने पजामे के अंदर दे दिया।
ये शायद उसका पहला अनुभव था किसी भी लंड को छूने का।
और उसके शरीर में एक कंपकपी सी दौड़ गई।
फिर वो धीरे धीरे मेरे लंड को सहलाने लगी और मेरा लंड भी उसकी गरमाई का मज़ा लेते लेते खड़ा होने लगा।
अब मेरा दिमाग लगा कि इससे आगे कैसे बढ़ा जाए, क्योंकि घर में और भी लोग थे, पर मेरी बहन मुझसे भी ज़्यादा चुदासी थी और खुद ही रज़ाई के अंदर मुँह करके सोने का नाटक करने लगी।
उसके बाद मैंने अपना लंड उसके होंठों पर रखा और वो धीरे धीरे उसे चूमने लगी और धीरे धीरे अपने मुँह से अंदर बाहर करने लगी।
मुखमैथुन अपने चरम सीमा तक आने वाला था और मैं जैसे तैसे उसके छोटे छोटे बूब्स दबा रहा था।
फिर थोड़ी ही देर में मैंने अपना सारा वीर्य उसके मुँह के अंदर निकाल दिया और वो सीधा गटक गई और ऐसे उठी जैसे सच में सो रही थी।
फिर वो और मैं आपस में काफी खुलने लगे और मैं उससे कहने लगा- मुझे और लड़कियाँ भी दिला दे सेक्स करने के लिए।
और वो झट से बोली- मेरे साथ तो कर लो पहले!
एक दिन मेरे घर पर कोई नहीं था तो मेरा दिमाग घूमा और मैंने पारुल को अपने घर बुला लिया और उसको ऊपर वाले फ्लोर पर ले गया।
दरवाज़ा बंद करते ही मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और वो भी पूरा साथ देने लगी जैसे मेरी ही तरह वो भी इसी पल का इंतज़ार कर रही हो।
फिर झटके से मैंने उसे बेड पर फेंका और उसके ऊपर टूट पड़ा और उसके होंठ चूस कर लाल कर दिए।
फिर उसके बूब्स दबाता और साथ में अपनी एक उँगली उसकी चूत के ऊपर चलाता रहा और उसकी सिसकने की आवाज़ कमरे को एक कामुक जगह बना रही थी।
फिर जल्दी से मैंने उसके सारे कपड़े उतारे और मेरी बहन की गुलाबी चूत ठीक मेरे सामने थी और मेरा लंड एकदम तैयार था उसे चोदने के लिए।
जैसे ही मैंने अपना लंड उसकी चूत पर लगाया वो बोली- भैया, पहली बार चुद रही हूँ, रहम खाना अपनी बहन पर!
और ये सुन के मैंने एकदम पूरा लंड बहन की चूत में घुसा दिया और दर्द के मारे उसकी चीखें और खुशी के मारे उसके आँखों से आँसू निकलने लगे।
फिर थोड़ा रुक कर मैंने पारुल को झटके देने चालू किए और वो बोले जा रही थी- आह आह भैया, चोद दो अपनी बहन को, और ज़ोर से चोदो, आज सारी कसर निकाल दो, इतने सालों से तुमसे चुदना चाह रही थी!
जिससे मेरे झटके और तेज़ होते जा रहे थे।
दस मिनट तक अपनी बहन को चोदने के बाद मैंने अपना सारा वीर्य उसके मुँह में निकाल दिया ताकि मैं अपनी ही बहन के बच्चे का बाप न बन जाऊँ।
उसके बाद हमने देखा कि जिस कमरे में हम अपना ये सेक्स कर रहे थे, उसके बाथरूम से मेरी छोटी बहन जो कि मेरे से 2 साल छोटी थी, ने लाइव चुदाई का नजारा देख लिया है।
अब कैसे हमने उसको समझाया और न चाहते हुए भी उसको इस कार्यक्रम में जोड़ा! ये सब आगे कभी बताएँगे!
मेल करिए हमें और इस वर्जिन गर्ल रॉ सेक्स कहानी को प्यार दीजिए!
आपका अपना राहुल
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