Xxx सुहागरात स्टोरी में मेरी सेटींग अपनी टीचर से थी. वह मैरिड थी, मुझसे चुद चुकी थी. पर मेरी तमन्ना सुहागरात मनाने की थी. मैंने उनको कहा तो वे मान गयी.
फ्रेंड्स, मैं हार्दिक तायल आपको अपनी क्लास की टीचर पल्लवी मेम के साथ अपनी आशनाई की सेक्स कहानी में चुदाई की घटना को लिख रहा हूँ.
कहानी के पहले भाग
टीचर गर्लफ्रेंड के साथ सुहागरात की तैयारी
में अब तक आप पढ़ चुके थे कि पल्लवी मैडम मेरे लंड से सैट हो चुकी थीं और मैं उन्हें एक बार मसूरी ले जाकर भी चोद चुका था.
उस समय ही मैंने पल्लवी मैडम की गांड की ओपनिंग की थी.
उसके बाद की कहानी में मैंने आपको बताया था कि मैं उनके साथ उनके ही फ्लैट में अपनी दुल्हन बना कर सुहागरात वाली असली चुदाई करना चाहता था, जिसमें वे मेरे सामने ब्रा पैंटी में आ गई थीं.
अब आगे Xxx सुहागरात स्टोरी:
पल्लवी ब्रा पैंटी में ही उठी और मेरे कपड़े निकाल रही थी तो मैंने उसको बेड पर धक्का दिया और उसके ऊपर चढ़ कर उसे किस करने लगा.
मैंने उसकी कमर के पीछे हाथ डाला और मुँह से ब्रा के दोनों कप खींच कर निकाल दिए. ये दोनों कप एक साथ दोनों मम्मों पर चिपके हुए थे.
अब उसके दोनों बूब्स मेरे सामने आजाद थे.
मैंने उसके दोनों मम्मों को अपने मुँह और हाथ के कब्जे में लिए और एक-एक करके चूसना मसलना शुरू कर दिया.
उसकी मादक आह निकल रही थी और वह मेरा सिर अपने बूब्स पर दबाती हुई घुसेड़ लेने की सी कोशिश कर रही थी.
कुछ देर बाद मैंने उसके एक कंधे को ऊपर उठाया और उसकी मादक महक वाली बगल पर जीभ फिरानी शुरू कर दी.
मैं कभी इस तरफ वाली बगल को चाटता तो कभी उस तरफ वाली को.
वह बिन पानी की मछली की तरह तड़पने लगी और कहने लगी- और नहीं … अब सहन नहीं होता!
मैं वासना से बोला- जान, अभी तो शुरू किया है … जरा सब्र तो करो!
वह कुछ बोलती, उससे पहले मैंने अपने होंठों से उसके होंठ बंद कर दिए और लंबी किस में लग गया.
अब मैं उसके बूब्स पर किस करते हुए नीचे आने लगा और पेट पर दोबारा जीभ फिराने लगा.
वह समझ गई थी कि अगला निशाना चुत है, तो वह भी मेरे सर को दबा कर मुकाम तक पहुंचाना चाह रही थी.
जब मैं उसकी पैंटी तक पहुंचा तो पाया कि वह पूरी गीली हो चुकी थी.
मैं पैंटी के ऊपर से चुत पर हाथ फिराने लगा.
उसने रहा न गया तो उसने खुद से अपनी पैंटी निकाल फेंकी.
अब उसकी गोरी चूत की गुलाबी पंखुड़ियां मेरे सामने आ गईं.
चुत की नमी देख कर मेरा लंड तो फड़फड़ाने लगा और मेरी चड्डी से बाहर आने लगा.
मैंने उसकी चूत के ऊपर एक किस किया और चूत के साइड में जीभ फिराने लगा.
वह पागलपन की हद पार करने लगी थी.
उसके हाथ मेरे बालों को पकड़ कर चुत के रास्ते मेरी मुंडी को अन्दर घुसेड़ लेने की चेष्टा करने लगे थे.
कुछ देर बाद मैंने उसकी टांगों पर जीभ फिरानी शुरू की और बारी बारी से दोनों टांगों पर जीभ फिराई.
अब उसने मुझे धक्का दे दिया.
मैं कुछ समझ पाता कि उसने मेरी चड्डी को निकाल कर लपक कर मेरा लंड पकड़ लिया और चूसने लगी.
कुछ मिनट बाद मैंने उसको वापस लिटा दिया.
वह कहने लगी- अब और न तड़पाओ, मुझसे सहन नहीं हो रहा है!
मैंने उसकी चूत पर अपनी उंगली फिराई और उसको थोड़ा अन्दर डाला, जिससे उसको कुछ राहत सी मिली.
मैंने उंगली से उसकी चूत की पंखुड़ी को खोला और उस पर जीभ फिराने लगा.
वह और ज्यादा तड़पने लगी और मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाने लगी.
मैं भी मजे से चूत चाट रहा था.
फिर जब मुझे लगा कि वह अकड़ने लगी है और झड़ जाएगी. मैंने झट से अपना मुँह चूत से हटा लिया, वह गुस्से से मुझे देखने लगी.
मैंने स्माइल करते हुए अपना लंड उसकी चूत पर रख दिया.
उसको लगा कि मैं अब अन्दर डालूँगा, पर मैं लंड को चूत पर फिराने लगा.
मेरा लंड आज कुछ ज्यादा ही कड़ा हो गया था.
मैं उसे हल्का सा चूत में दबाता और फिर बाहर खींच लेता.
उसने खुद भी अपनी गांड उठा कर लंड अन्दर लेने की कोशिश की पर मैंने उसकी कोशिश सफल नहीं होने दी.
मैं ऐसे ही लंड को चुत पर रगड़ता रहा.
वह सिसकती हुई बोली कि साले अब मैं तड़प-तड़प कर मर जाऊंगी … पेल दे न!
मैं हंस कर बोला- जान, ये सुहागरात तुमको हमेशा याद रहनी चाहिए ना!
उसने हां में सिर हिलाया.
मैंने कहा- तो मुझे करने दो. ये रात तुम कभी नहीं भूल पाओगी. आगे जब भी इस रात के बारे में सोचोगी, तो तुम्हारी चूत गीली हो जाएगी!
वह कुछ नहीं बोली और मैंने अपना काम जारी रखा.
उसकी चूत पर लंड फिराने के बाद मैंने फिर से अपनी एक उंगली से चूत के दाने को रगड़ना आरंभ किया और उंगली को अन्दर डालने लगा.
वह इस समय इतनी गर्म हो चुकी थी कि मैं अगर अपना पूरा हाथ भी अन्दर डालने को कहता, तो वह ले लेती.
वह बोली कि मेरी चूत को आज फाड़ दो अपने लंड से प्लीज मुझे चोद दो!
मैंने उंगली को थोड़ा आगे-पीछे और ऊपर-नीचे किया और उसके बाद लंड चूत पर फिराते हुए एक धक्के में पूरा अन्दर घुसेड़ दिया.
अचानक लगे इस धक्के से उसकी सांस सी अटक गई, पर वह कुछ ना बोली.
मेरा पूरा लंड फिसलता हुआ उसकी चूत की पंखुड़ियां चीरता हुआ अन्दर चला गया.
उसकी बस एक जोर से ‘आहह मर गई …’ निकली.
.
उसके बाद मैं कुछ सेकंड रुका और फिर से धक्के लगाने शुरू कर दिए.
मैं शुरू से ही तेज धक्के मार रहा था, जिससे उसको दर्द के साथ मजा आ रहा था और वह ‘आआहह उहह आई …’ की आवाज निकाल कर मुझे और ज्यादा उत्तेजित कर रही थी.
मैं भी अपना लंड पूरा अन्दर बच्चेदानी तक घुसेड़ रहा था.
कुछ देर तक धक्के मारने के बाद वह झड़ गई.
उसने मुझे इशारे से रुकने का बोला.
मैंने पूछा- क्या हुआ?
तो उसने मुझे साइड में उतार दिया और मेरे पैरों में बैठकर मेरे लंड को चूसने लगी.
वह लंड को ऐसे चूस रही थी, जैसे कोई बच्चा लॉलीपॉप चूसता है.
फिर उसने मेरे लंड को पूरा गीला करके उस पर बहुत सारा थूक लगाया और मेरे ऊपर बैठ गई.
उसने मेरे खड़े लंड को अपनी चुत के छेद में सैट किया और एक बार में पूरा लंड अन्दर लेकर जोर-जोर से चिल्लाती हुई उछलने लगी.
‘आह कम ऑन हार्दिक और तेज … आज फाड़ दो चूत को … आह घुसेड़ दो पूरा अन्दर!’
वह तेज-तेज उछलने लगी.
फिर कुछ मिनट बाद वह दोबारा झड़ गई और मेरे ऊपर निढाल होकर गिर गई.
मैंने धक्के मारना जारी रखा और सोचने लगा कि आज तो बहुत देर हो गई, पर मेरा हुआ क्यों नहीं!
फिर वह उठी और डॉगी स्टाइल में घोड़ी हो गई.
वह मेरी तरफ स्माइल करती हुई बोली- यही सोच रहे हो ना कि तुम्हारा हुआ क्यों नहीं अभी तक?
तब मैं बोला- हां, तुमको कैसे पता?
वह बोली- मैंने कहा था ना आज पूरे मजे दिलाऊंगी, जन्नत की सैर करा दूँगी!
मैंने कहा- हां तो?
वह बोली- तुम्हारे दूध में एक बड़ा डोज दवाई का डाल दिया था, तो अब चोदो मुझे पूरी रात. हां, तुम्हारा लंड झड़ने के बाद भी खड़ा रहेगा, तो बस चोदते रहो हनी!
इस पर मैंने उसकी गांड पर एक जोरदार चपत मारी और एक ही झटके में पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया.
वह चिल्ला पड़ी- आई मर गई भोसड़ी के … धीरे चोद न!
मैं बोला कि हां मर कैसे गई साली … अभी करवाता हूँ तुमको जन्नत की सैर!
मैं उसकी चुत में पीछे से ताबड़तोड़ धक्के मारने लगा.
वह और मस्त आवाज निकालने लगी.
काफी देर बाद जब मेरा होने वाला था, तब मैं बोला कि मेरा होने वाला है!
वह बोली- तो क्या करना है?
मैंने कहा- अन्दर ही निकाल दूँ?
इस पर वह बोली- जान, मैं तुम्हारी बीवी हूँ … तुम कुछ भी करो, बस चोदते रहो.
मैंने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और कुछ ही पल में धक-धक करके उसकी चूत को अपने रस से भर दिया.
वह भी झड़ गई और उसकी चूत के साइड से पानी बाहर आने लगा.
हम दोनों कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे और सो गए.
हमारी आंख बीच रात में खुली. मेरा लंड उससे पहले खड़ा हो गया.
यह दवा का असर था.
मैं अपना लंड उसकी चूत पर फिराने लगा.
वह भी जाग गई और बोली- बहुत मजा आया जान आई लव यू … बस हल्का सा दर्द है.
मैं बोला- कोई नहीं जान, कल सिकाई कर लेना, आज की रात लंड का मजा लो!
वह बोली- अच्छा बाबा, मैं सुसू करके आती हूँ.
वह नंगी ही उठकर चल दी.
मैं भी पीछे-पीछे चल दिया.
पल्लवी की एक आदत है कि जब भी वह कमरे से बाहर जाती है या बाथरूम भी जाती है तो एक तौलिया या कुछ कपड़ा जरूर अपने ऊपर डाल लेती है, वह बिना कपड़ों के नहीं जाती.
फिर मैं पीछे बाथरूम में घुस गया.
अपना बाथरोब टांगों से खोल कर वह खड़ी होकर ही सुसू कर रही थी.
मुझे देखकर वह बोली- क्या हुआ हार्दिक? सुसू तो कर लेने दो!
मैं बोला कि हां कर लेना सुसू, पहले अपनी जान से तो मिल लो!
उसने एक नजर मुझ पर डाली और फिर मेरे लंड पर … वह हंसने लगी.
वह कुछ बोलती, उससे पहले मैंने उसको किस करना शुरू कर दिया और उसको उल्टा करके दीवार से चिपका दिया.
उसके मम्मे दीवार में धंस गए.
मैं उसकी गर्दन पर जीभ फिराने लगा, कभी उसके कान पर काटता, तो कभी गर्दन पर.
फिर मैंने शॉवर चला दिया तो हम दोनों ही भीग गए.
वह सीधी हुई और मुझे किस करने लगी. फिर हग करने लगी, जिससे मेरा लंड कपड़े के ऊपर से ही उसकी चूत में घुसने की कोशिश करने लगा.
फिर मैंने पल्लवी का बाथरोब उतार दिया, जिससे शॉवर का पानी उसके नंगे बदन को भिगोने लगा.
वह और मदहोश होने लगी.
इसी के साथ मैंने अपनी जीभ को उसके नंगे बदन पर फेरनी शुरू कर दी.
मैंने पहले उसकी गर्दन पर जीभ को फिराया, फिर थोड़ा नीचे आते-आते बूब्स पर जीभ से निप्पलों को चाटने लगा. फिर उसके पेट पर आकर उसकी नाभि में जीभ को घुसेड़ने लगा.
आप सोचो कि एक तो वह पूरी नंगी थी … ऊपर से उसके मदहोश कर देने वाले बदन पर हल्का-हल्का गिरता पानी और साथ में मेरी जीभ चल रही थी, तो क्या हालत हो रही होगी उसकी.
वह वापस हॉट हो गई और तड़पने लगी.
मैंने उसे वासना से देखा तो वह झट से अपने घुटनों पर बैठ गई और मेरे लंड को चूसने लगी.
उसको मेरा लंड चूसना बहुत पसंद है.
मैंने उसको पुनः खड़ी किया और पलट कर झुका दिया.
मैं खुद उसके पीछे आ गया और लंड सैट करके एक ही धक्के में उसकी चूत में पेल दिया.
मेरा लंड उसके चूसने से चिकना हो गया था और लगातार पानी गिरने के कारण वह एकदम से फिसलता हुआ चूत की जड़ में घुस गया.
वह एक मस्त ‘अह्ह्ह.’ के साथ मछली की तरह उछली और उसने लौड़े को अपनी चुत में अन्दर ले लिया.
अब मैंने उसकी कमर को पकड़ कर धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए ताकि वह लंड को सही से एडजस्ट कर ले.
धक्कों के साथ पानी की हल्की-हल्की ‘चपाक-चपाक’ आवाज भी आने लगी.
लंड मस्ती से चुत की जड़ तक जाकर आने लगा था.
मैंने अब अपनी स्पीड बढ़ा दी, जिससे मधुर आवाज और तेज हो गई.
बाथरूम में ‘छप्प छप्प’ की मधुर ध्वनि आने लगी और वह भी हल्की-हल्की सिसकारी लेने लगी.
बीच-बीच में मैं उसकी गांड पर चपत मार देता, जिससे वह उछलती और ‘आह्ह्ह ओउच्ह्ह’ की आवाज निकाल कर हंसती हुई चुदवाती रहती.
कुछ ही मिनटों में पल्लवी झड़ गई और उसकी चूत का रस पानी के साथ बह गया.
मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उससे कहा- चलो अब अच्छे से नहाते हैं.
मैंने बाथटब का नल खोल दिया और कुछ ही मिनटों में वह भर गया.
मैं उसमें जाकर बैठ गया और साथ ही उसमें थोड़ा लिक्विड सोप मिला लिया, जिससे उसमें खुशबूदार झाग उठ गए.
वह झट से मेरे आगे आकर बैठ गई.
पहले तो मैंने उसकी कमर पर और गर्दन पर किस किया.
फिर अपने दोनों हाथ उसकी गांड के नीचे ले जाकर मैंने उसको ऊपर उठाया और अपने लंड पर बिठा लिया.
उसने अपने आपको लौड़े पर सैट किया और एक ही झटके में मेरे लंड को अपनी चूत में समा लिया.
अब वह खुद ही ऊपर-नीचे होने लगी, जिससे पानी उथल-पुथल होने लगा.
कुछ पानी हमारे ऊपर गिरता तो कुछ टब के बाहर.
हर धक्के के बाद ‘चप-चप’ की आवाज आती जो हमें और ज्यादा उत्तेजित करने लगी.
वह ठंडे पानी में भी पूरी गर्म हो रखी थी.
कुछ देर बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसकी गांड पर सैट करके धीरे-धीरे अन्दर घुसेड़ दिया.
वह मेरा पूरा लंड अपनी गांड में ले गई और मेरी तरफ देखने लगी.
मैं बोला- कुछ मजा तो गांड को भी लेने दो, तभी तो ये चुदाई यादगार रहेगी!
वह दर्द मिश्रित हंसी अपने होंठों पर लाई और अपनी गांड को हिलाती हुई ऊपर-नीचे होने लगी.
उसने मुझसे अपनी गांड मरवाई थी तो जल्द ही वह सहज हो गई और अपनी चूत में उंगली करने लगी.
मैं खुद भी उसको अपने लौड़े पर ऊपर-नीचे करने लगा.
अपनी चुत में लगातार उंगली चलाने से वह कुछ ही देर में भलभला कर झड़ गई.
अब उसने मेरा लंड बाहर निकाला और चुत में लेकर बोली- इसको मेरी चूत में ही रहने दो. अगर अब ये लंड इस चूत से बाहर निकला तो तेरी खैर नहीं!
मैं बोला- आपका हुक्म सर आंखों पर मैडम!
वह हंस दी और उसने एक चुम्मी उछाल कर कहा- चालू हो जाओ!
मैंने उसकी चूत में धक्के लगाने शुरू किए और उसको वापस डॉगी पोजीशन में लेकर रगड़ कर चोदने लगा.
कुछ देर बाद मैं नीचे बैठ गया और वह मेरे लंड पर चुत फंसा कर उछलने लगी.
कुछ ही देर में हम दोनों का साथ में पानी निकल गया.
झड़ने के बाद हम दोनों कुछ मिनट तक ऐसे ही बैठे रहे.
हम दोनों ने इतनी अधिक चुदाई कर ली थी कि उठने की हिम्मत ही नहीं हो रही थी.
पानी भी हमारे गर्म जिस्मों को अच्छा लग रहा था.
कुछ देर बाद हम लोग उठे, तौलिया से अपने बदन पौंछे और नंगे ही बाहर बेड पर आकर लेट गए.
कब सो गए, कुछ पता ही न चला.
Xxx सुहागरात से थकान इतनी अधिक हो गई थी कि सारी रात बेसुध सोते रहे.
सीधे सुबह दस बजे जाकर मेरी आंख खुली.
बाजू में पल्लवी नहीं थी.
वह मुझसे कुछ देर पहले ही उठी थी और नाश्ता बना रही थी.
मैं उठ कर नंगा ही किचन में गया और उसको पीछे से हग कर लिया.
वह प्यार से बोली- उठ गया मेरा बाबू … चल फ्रेश हो जा … मैं नाश्ता लगाती हूँ.
मैंने चड्डी पहन ली और हम दोनों ने नाश्ता किया.
फिर मैं अपने कपड़े पहन कर अपने घर आ गया.
दोस्तो, आपको मेरी Xxx सुहागरात स्टोरी कैसी लगी?
मुझे ईमेल करके जरूर बताइएगा.
hardiktayal09@gmail.com