मैरीड टीचर लव स्टोरी मेरी सेटिंग मुझे पढ़ाने वाली टीचर से हो गयी थी. हम दोनों ने मसूरी जाकर भरपूर सेक्स किया. मेरा मन था कि मैं मैडम के साथ सुहागरात रोलप्ले करूं.
दोस्तो, आप सभी पाठक पाठिकाओं को एक बार फिर से मेरे खड़े लंड का नमस्कार.
मुझे आप सभी के मेल आ रहे थे कि मैं अपनी सेक्स कहानी का अगला भाग भी पोस्ट करूँ, तो मैंने भी सोचा कि क्यों न उसी कहानी के आगे का भाग लिख कर पूरा किया जाए.
पिछली सेक्स कहानी का लिंक मैंने नीचे दिया हुआ है, एक बार पुनः इसे पढ़ कर यादें ताजा कर लें.
कॉलेज टीचर के साथ मसूरी में मस्ती
इस कहानी में आपने कॉलेज कॉलेज टीचर की चुदाई की कहानी को पढ़ा था कि कैसे मुझे मेरी जान पल्लवी मेम ने मेरे बर्थडे पर अपना जिस्म गिफ्ट के रूप में मुझे सौंप दिया था और मैंने भी बदले में उनको मसूरी की ट्रिप का रिटर्न गिफ्ट दिया.
उस ट्रिप में हम दोनों ने बड़े मजे से चुदाई की और मैंने उनकी कुवारी गांड भी फाड़ दी.
अब आगे इस मैरीड टीचर लव स्टोरी में मैं आपको बताऊंगा कि मसूरी से आकर हमने क्या कुछ नया किया और कुछ अलग तरीकों से मजे लिए, तो चलिए शुरू करते हैं.
जब हम दोनों मसूरी में थे, तो वहां हमने खूब मजे किए, काफी सारी शॉपिंग भी की और फिर घर आकर एक दूसरे को थोड़ा रेस्ट दिया.
उसके बाद एक दिन मैं ऐसे ही हिसाब लगा रहा था, तो मैंने पाया कि हमारा मसूरी में 4-5 दिनों में लगभग साढ़े तीन लाख रुपए का खर्चा हुआ है. इस खर्च में पल्लवी की शॉपिंग भी शामिल थी.
मैं सोच रहा था कि बाकी के बचे हुए पैसों का क्या किया जाए. पल्लवी मेम को तो इन बचे हुए पैसे की बात करना ही नहीं है तो क्यों न थोड़ा अपने ऊपर ही खर्च कर लेता हूँ.
मैंने अब कॉलेज जाना शुरू कर दिया था क्योंकि अगर मैं पल्लवी के साथ ही जाता तो सब बातें बनाते.
हालांकि उससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, पर पल्लवी को पड़ जाता.
ऐसे ही जब मुझे कॉलेज जाते हुए 3-4 दिन हो गए, तो पल्लवी भी कॉलेज आ गई.
वह इस बीच अपने मम्मी-पापा के पास कुछ दिनों के लिए चली गई थी, तो मैं भी उससे नहीं मिल पाया था.
पल्लवी मेम जब क्लास में आई तो वह मुझे देखकर आंख मारने लगी और एक प्यारी सी स्माइल करती हुई मेरी घड़ी की तरफ इशारा करने लगी कि अच्छी लग रही है.
मैं आपको बता दूँ कि ये घड़ी मैंने मसूरी से आने के बाद ही बचे हुए पैसों से खरीदी थी.
मैंने भी एक स्माइल की और वह हम सबको पढ़ाने लगी.
उसका लेक्चर खत्म हुआ तो हमारी छुट्टी हो गई और हम सब घर चले गए.
मैं और पल्लवी मेम ने कॉलेज में ऐसे बिहेव किया कि हमारे बीच सब सामान्य है.
फिर मैंने घर आकर उसका मैसेज देखा.
उसमें लिखा था कि ‘कल संडे भी है, मुझे तुमसे कुछ बात भी करनी है तो फ्री रहना!’
मैंने उसको सीधा फोन लगाया, पर उनका नंबर व्यस्त आ रहा था.
मैं कुछ तनाव में आ गया कि अभी थोड़ी देर पहले सब ठीक था, अब क्या हो गया!
फिर मैंने सोचा कि कोई नहीं, बात होगी तो पता चल जाएगा कि क्या हुआ.
उसका शाम को फोन आया कि वह दिन में कॉलेज में व्यस्त थी तो पलट का कॉल नहीं लगा पाई. उसी वक्त उसकी मम्मी की भी कॉल आई थी, तो वह और भूल गई.
मैंने पूछा, तो वह मिलने के लिए कह रही थी.
मैंने कहा- किधर मिलना है बेबी?
वह बोली कि कल कहीं बाहर किसी रेस्टोरेंट में मिलते हैं, जहां आराम से बातें हो जाएं.
पहले मैंने सोचा कि घर भी तो मिल सकते हैं, बट कुछ बोला नहीं कि कुछ तो बात होगी ही या उसका मन होगा रेस्टोरेंट में जाने का.
मैंने कहा कि हां ठीक है. सुबह ग्यारह बजे मैकडोनाल्ड चलते हैं या हल्दीराम में चलते हैं, वहां बात भी हो जाएगी और घूमना भी हो जाएगा.
वह बोली- ओके डन.
अगले दिन वह अपनी कार से मेरे घर से थोड़ा दूर मुझे पिक करने आ गई.
उसने जींस और कुर्ती पहनी थी और हल्का सा मेकअप किया था, जिसमें वह हमेशा की जैसे काफी मस्त और सेक्सी लग रही थी.
उसके कसे हुए दूध और उठी हुई गांड उसकी जवानी में आठ चांद लगा रहे थे.
चार चांद तो सब लगा लेते हैं.
फिर मैं गाड़ी में बैठा और पूछने लगा- क्या हुआ पल्लवी जी? क्या बात करनी है आपको?
वह बोली- बताती हूँ, चलो तो पहले.
फिर हम दोनों हल्दीराम में गए, वहां ऑर्डर किया और सामान्य बात करने लगे.
वह बोली- यार, मैं अपने घर गई थी तो मेरे पेरेंट्स ज़िद करने लगे कि मैं अपने हसबैंड के पास चली जाऊं और उसी के साथ रहूँ. अब मैं उनको कैसे समझाऊं कि मेरे पति का किसी और से चक्कर चल रहा है इसलिए वह मेरे साथ नहीं रहता. हनी मुझे बस तुम्हारे साथ रहना है!
उसने मेरा हाथ पकड़ा और बोली- ज़िंदगी में अब जाकर तो थोड़ी खुशी मिली है, अब तक सब था मेरे पास … बस कोई प्यार करने वाला नहीं था जैसे तुम मिले हो.
मैं उसे प्यार से देखने लगा.
वह फिर से बोली- घर वाले सक्षम को लेकर भी थोड़ा परेशान हैं कि तुम तो जॉब पर रहती हो, तो कैसे मैनेज करती होगी. पर अभी तो मैंने झूठ बोल दिया कि उसका ट्यूटर आता है रोज पढ़ाने वही देखभाल भी करता है.
मैंने कहा- हां ये सही किया तुमने, इससे मेरी भी प्रॉब्लम सॉल्व हो गई.
यह सुनकर वह बोली- वह कैसे?
मैंने कहा- मेरे घर वालों को लगता है कि मेरे पास पैसे कहां से आ रहे हैं, तो मैं अब बोल दूँगा कि मैं टीचिंग करता हूँ और ट्यूशन भी पढ़ाता हूँ. उनको क्या पता चलेगा कि मैं पढ़ाता हूँ या नहीं और तुमको भी दिक्कत नहीं होगी अगर कभी किसी ने मुझे तुम्हारे घर आते जाते देख लिया!
तब वह कड़क आवाज में बोली- यहां कौन देखेगा? हमें जानता ही कौन है यहां, ज्यादा समय नहीं हुआ यहां आए हुए न!
मैंने उससे कहा- तुम एक काम करो, अभी अपने पेरेंट्स को कॉल लगाओ और जैसा मैं बोलता हूँ, वैसा बोलो.
वह मुझे अजीब तरह से देखने लगी.
फिर मैंने भी उसके हाथ पर हाथ रखते हुए कहा- तुम करो तो, जैसा मैं कहता हूँ.
उसने वैसा ही किया, मेरे सामने अपने पेरेंट्स को कॉल लगाई और बोली- मैं यहां खुश हूँ। जॉब भी करती हूँ और ठीक ठीक कमा भी लेती हूँ. ऊपर से मेरे हसबैंड मुंबई में काम करते हैं, अपने ऑफिस की वजह से व्यस्त रहते हैं और बाहर भी जाना लगा रहता है. अगर मैं भी सक्षम को लेकर वहां गई तो उनको परेशानी होगी और वे ये सब हमारे लिए ही तो कर रहे हैं. वे हर महीने अच्छा खासा पैसा भी भेजते हैं, जिससे मैं आराम से अपनी लाइफ इन्जॉय कर रही हूँ. कोई समस्या नहीं है.
यह सुनकर उसके पापा बोले- अगर ऐसी बात है और तुम खुश हो तो हमें क्या चाहिए … और अगर कभी कोई बात हो तो बता जरूर देना बेटा … तुम खुश रहो मुझे इसी में शांति है.
ऐसे ही बात होने के बाद फोन कट हो गया और अब पल्लवी मेम ने मुझे जोर से हग किया.
सब हमको देखने लगे.
फिर हम दोनों ने अपना खाना खाया और वहां से फ्री होकर थोड़ा घूमने लगे.
करीब एक घंटा बाद हम दोनों अपने-अपने घर आ गए.
हम दोनों ने सेक्स जैसा कुछ भी नहीं किया था.
उसने मुझे ड्रॉप किया और वह भी अपने घर चली गई.
अगले दिन मैं कॉलेज गया और जब पल्लवी मेम का लेक्चर आया, तो मैं उसे प्यार से देखने लगा.
वह आज बेबी पिंक कलर की साड़ी पहन कर आई थी, जिसमें वह बिल्कुल ज़हर लग रही थी.
क्लास में आते ही वह बोली- हैलो एवरि वन!
मेरी क्लास के आधे लड़कों का मुँह खुला का खुला रह गया.
वह सच में हॉट माल लग रही थी.
फिर वह मेरी तरफ स्माइल करने लगी और लेक्चर कब खत्म हुआ, पता ही नहीं चला.
मेरा यकीन है कि किसी लड़के को झांट कुछ समझ में नहीं आया होगा क्योंकि किसी ने उसकी पढ़ाई पर ध्यान ही नहीं दिया होगा.
लेक्चर खत्म होने के बाद हम सब घर जाने लगे तो मेरे पास मेम का मैसेज आया- रुक जाना थोड़ा, मुझे कुछ काम है. मैं बस अभी आती हूँ!
मैंने अपने दोस्तों को जाने को बोला और खुद बाहर इंतजार करने लगा.
वह 15 मिनट बाद आई और मुझसे बोली- मेरे साथ चलो.
हम दोनों उसके घर चले गए.
अन्दर जाने के बाद मैंने उससे पूछा- क्या बात मैडम जी? आज किस पर बिजली गिराने का इरादा है?
वह हंस कर बोली- मेरी बिजली तो तुम पर ही गिरेगी.
मैंने कहा- अच्छा जी!
उसने मुझे हग किया और किस भी.
मैं भी उसे चूमने लगा.
फिर मैंने रुक कर उससे कहा- मुझे भी तुमसे कुछ कहना था.
वह बोली- कहो.
तब मैंने बोला- मुझे तुम्हारे साथ सुहागरात मनानी है.
तब वह हंसकर बोली- हां, इसके लिए ही तो हम दोनों यहां आए हैं अकेले.
तब मैं बोला- ऐसे नहीं यार, एकदम सुहागरात … जैसे शादी के बाद होती है, बिल्कुल सेम वैसे ही!
वह हंस कर बोली कि वह भी मना लेंगे, अभी ऐसे ही काम चला लो.
मैंने थोड़ा इतराते हुए कहा- नहीं जी, अब तो पहले सुहागरात मनेगी तब ही आगे कुछ होगा.
वह बोली- अच्छा बच्चू, वैसे सुहागरात, रात को होती है, आ पाओगे? तुम्हारे घर वाले आने देंगे?
मैं बोला- वह सब मेरी टेंशन है … तुम अपनी बताओ.
उसने एक मिनट कुछ सोचा और बोली- बिल्कुल सेम शादी के जोड़े में?
मैंने कहा- हां.
फिर वह बोली- ठीक है अभी 3-4 दिन लगेंगे … और मैं तुमको इस सुहागरात में अपने पति से ज्यादा मजे दूँगी.
यह सुनते ही मैंने उसको अपनी बांहों में भर कर जोर से कस लिया और किस करने लगा.
उसने मुझे पीछे हटा दिया और बोली- अब तो मियां जी सुहागरात में ही होगा सब! शादी के पहले यह सब नहीं चलेगा!
मैं हंस पड़ा.
हम दोनों ने ऐसे ही हंसी-मज़ाक किया और मैं वहां से चला गया.
अब उसने सुहागरात की तैयारी की.
सबसे पहले तो उसने सक्षम को अपनी केयरटेकर नैनी के घर उसे शिफ्ट किया, फिर वह पार्लर में गई, अपना वेक्स और फेशियल वगैरह कराया.
फिर हमारी सुहागरात का दिन आ गया.
मैंने घर पर बहाना बनाया कि मेरे दोस्त का बर्थडे है तो रात को वहीं रुकूँगा.
मैं पल्लवी के घर आ गया और उसकी कार से उसको पार्लर तक छोड़कर आया.
फिर शाम तक वह रेडी हुई, तब तक मैंने उसके घर आकर सुहागरात वाले कमरे को देखा और उस कमरे को एक डेकोरेटर की मदद से पूरा सजवा लिया था.
फिर शाम हुई तो मैं भी रेडी हुआ.
जैसे ही उसकी कॉल आई, तो मैं उसको लेने चला गया.
जब मैंने उसको पार्लर से आते देखा, मैं देखता ही रह गया.
वह उस शादी के जोड़े में किसी एक्ट्रेस से कम नहीं लग रही थी. वैसे ही वह बहुत सुंदर है, पर आज तो उसका अलग ही रूप सामने आया था.
एकदम मासूम कमसिन कली के जैसी लग रही थी.
वह मुझे देख कर हल्की सी मुस्कुराई.
मैं मदहोशी से उसे देख रहा था.
फिर हम दोनों गाड़ी में बैठने लगे.
वह पीछे बैठ गई थी.
मैंने भी उसे मना नहीं किया.
वह धीरे से बोली- क्या हुआ बच्चू, ऐसे शॉक क्यों हो गए?
तब मैं बोला- यार, तुम लग ही रही हो इतनी हसीन कि मन कर रहा है यहीं शुरू हो जाऊं!
वह हंसकर बोली- बेटा थोड़ा सा और इंतजार कर ले, घर जाकर इससे भी अच्छे नज़ारे दिखाऊंगी. आज तुझे चूस लूँगी पूरा!
यह सुनकर मैं समझ गया कि आज तो मेरी पौ बारह होने वाली है.
मैं भी स्माइल करने लगा और उसको घर लेकर आ गया.
मैं कमरे के बाहर सोफ़े पर बैठ गया और वह मेरे लिए दूध का गिलास लेकर कमरे में चली गई.
वह अन्दर का नजारा देख कर भौचक्की रह गई.
उसी वक्त मैं भी अन्दर आ गया.
उसने मुझसे कहा- सजावट तो बड़ी अच्छी की है, चलो अब जल्दी से दूध पियो!
मैं बोला- ऐसे नहीं जान, एक नई दुल्हन प्यार से जैसे अपने पति को बोलती होगी, वैसे बोलो न!
वह बेड पर बैठ गई और अपना घूंघट नीचे करके उसने दूध का गिलास हाथ में लेकर शर्माते हुए कहा- पतिदेव ये लीजिए और इसको पी लीजिए.
मैंने उसके हाथ से दूध का गिलास लिया और आधा पीकर उसके होंठों से लगा दिया.
उसने भी गिलास को खत्म करके मुझसे गिलास लेकर साइड में रख दिया.
फिर मैंने उसका घूंघट उठाने के लिए हाथ बढ़ाया, तब वह बोली- मेरी मुँह दिखाई कहां है?
मैंने अपनी जेब से एक ब्रासलेट निकाल कर उसको दे दिया और पूछा- कैसा लगा ये?
वह उसे देखती हुई बोली- वाओ ये बहुत सुंदर है थैंक्यू मेरी जान!
फिर उसने भी मुझे एक गिफ्ट दिया.
मैंने पूछा- ये किस लिए?
वह बोली- सुहागरात तो दोनों की है, तो गिफ्ट भी दोनों देंगे ना!
मैं कुछ नहीं बोला और गिफ्ट खोलने लगा.
मैंने देखा उसमें एक ब्रांड न्यू आई फोन था.
मैंने पूछा- इसकी क्या जरूरत थी?
वह बोली- क्यों जान, हम दोनों के पास सेम फ़ो होना चाहिए ना, सेम कलर … और वैसे भी तुम्हारा फोन पुराना हो गया है और मुझे मालूम है कि तुम खुद उसको चेंज नहीं करोगे तो मैंने गिफ्ट कर दिया!
मैंने उसके माथे पर एक किस किया और उसके गालों पर अपने होंठ फिराने लगा.
उसने खुद ही अपने होंठ मेरे होंठों से मिला दिए और मैंने भी होंठ उसके होंठों पर रख दिए.
मेरा लंड भी मेरे पजामे से बाहर निकलने को तैयार था और आज तो ऐसा लग रहा था, जैसे ये कपड़ा फाड़कर बाहर आ जाएगा.
पर मैंने उसकी उछल कूद पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. अपना चुम्बन जारी रखा.
मैंने उसको चूमते हुए उसकी ज्वेलरी को उतार दिया और सिर से हेयर पिन निकालने लगा.
उस काम में मेरी काफी मेहनत लग गई.
अब मैंने पल्लवी मेम को लिटा दिया और उसके ऊपर आकर उसे किस करने लगा.
मैं होंठों से शुरू होकर नीचे आता गया और उसकी गर्दन पर किस करने लगा.
वह कामुकता से बेचैन होने लगी.
मैंने उसके ब्लाउज के ऊपर से उसके क्लीवेज पर जीभ फिराई तो वह सिहर उठी.
उसने मेरे सर को अपने मम्मों पर दबा लिया.
मगर मैं अभी उसके मम्मों से खेलने के मूड में नहीं था तो मैं सर हटाया और उसको उल्टा लिटा दिया.
वह पट लेट गई थी, मैं उसकी गोरी कमर पर हाथ फिराने लगा.
उसने बैकलैस ब्लाउज पहना था, जो कंधों पर सिर्फ डोरियों से कमर पर एक पतली सी पट्टी में लगे एक हुक पर टिका था.
मैंने उसके ब्लाउज का हुक खोला और दोनों डोरियों को नीचे कर दिया.
अन्दर ब्रा नहीं थी शायद क्योंकि उसकी पट्टी या हुक वगैरह कुछ नहीं दिख रहा था.
मैं पुनः उसकी कमर पर किस करने लगा और जीभ फिराने लगा.
उसने अपने हाथ ऊपर को उठा कर तकिये पर रख लिए थे तो मैं उसकी दोनों बगलों को बारी बारी से सूंघने और चाटने लगा.
वह कसमसा रही थी तो मैं उसकी एक बगल पर भी ऊपर से जीभ फिराने लगा, जिससे वह तड़प उठी.
अब मैंने उसको सीधा लिटा दिया और उसके ब्लाउज को मम्मों से उतार दिया.
मैं हरान था कि उसने अपने मम्मों पर ब्लाउज के रंग से मैच वाली ब्रा को पहन हुआ था.
मैंने ध्यान से देखा तो यह ब्रा जैसी ही थी लेकिन इसमें सिर्फ दो कप थे, जो उसके दोनों आमों को ढके हुए थे.
उस लाल रंग की जालीदार ब्रा से उसके दूध मस्त दिख रहे थे और निप्पलों की जगह पर गुलाब के फूल टंके हुए थे.
वैसे फूल उसके लहंगे में भी लगे थे.
फिर मैंने उसकी इस नई स्टाइल की ब्रा के ऊपर से ही मम्मों पर जीभ को फेरा और एक दूध को हल्का सा काटा, जिससे उसकी मदभरी आह निकल गई.
अब मैं उसके पेट पर जीभ फिराते हुए नीचे आ गया और लहंगे तक आ पहुंचा.
मैंने उसका लहंगा खोला और उसको गांड से उठाकर लहंगा टांगों से नीचे खींच कर निकाल दिया.
अब पल्लवी मेरे सामने लाल रंग की ब्रा और पैंटी में थी.
उसकी ये पैंटी भी फूलों वाली थी, जो अक्सर नई नवेली दुल्हनें अपनी सुहागरात में पहनना पसंद करती हैं.
उसने भी मेरी ड्रेस उतार दी. मैं भी उसके सामने चड्डी में आ गया था.
दोस्तो, टीचर को नंगी करके उसके साथ सुहागरात में मैंने किस तरह से उसकी चुत और गांड चोदी, यह सब मैं आपको अपनी मैरीड टीचर लव स्टोरी के अगले भाग में लिखूँगा.
आप अपने मेल जरूर लिख कर बताएं कि आपको मेरी सेक्स कहानी कैसी लग रही है.
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