सेक्सी चाची की चूत चोदकर मजा लिया

Views: 76 Category: Chachi Ki Chudai By sanchitgupt123 Published: March 21, 2026

देसी चाची सेक्स कहानी में मैं चाची के घर खाना खाता था तो उनसे लगाव हो गया था. एक दिन उनको चोट लग गयी तो मैंने चाची की सेवा की. बदले में चाची ने मुझे चूत दी.

मेरा नाम संजय साव है, उम्र 21 वर्ष और मैं झारखंड से हूँ।

मेरे घर में माँ और पापा हैं और एक बहन है जिसकी शादी हो गई है।
जब मेरी बहन कुंवारी थी तब मेरा काम चल जाता था, लेकिन बहन की शादी होने के बाद मेरी जिंदगी में बहुत दिक्कतें आने लगी थीं।

फिर मैंने एक गर्लफ्रेंड बनाई.
लेकिन वो मेरा केवल इस्तेमाल करती थी; वह मुझसे रुपया लेती थी पर अपना हिस्सा कभी नहीं देती थी, इसलिए मैंने अपनी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप कर लिया।

मेरा ग्रेजुएशन पूरा हो गया था।

यह देसी चाची सेक्स कहानी ऐसे शुरू हुई कि मेरे एक सगे चाचा हैं जिनकी उम्र 40 वर्ष है।

मेरे चाचा की फैमिली में एक मेरा चचेरा भाई 7 साल का है और चाची की बेटी 12 साल की है।
मेरी चाची की उम्र 31 साल है।

मेरे घर के हालात ये हैं कि मेरे पापा बाहर बैंगलोर में काम करते हैं और मेरी मम्मी लेडीज कपड़ों की सिलाई की दुकान चलाती हैं।
दुकान के कारण दोपहर का खाना बनाने में दिक्कत होती थी, तो मेरी माँ ने मेरी चाची से कहा कि दोपहर का खाना इसे खिला देना, इसके बदले मेरी माँ चाची को 1500 रुपये महीना देती थीं।

मेरे चाचा का अपना होटल है जिसमें वे सुबह घर से निकलते हैं तो रात को 9 बजे के बाद ही घर वापस आते हैं।
मेरी चाची की बेटी 7वीं क्लास में और उनका बेटा 2 दूसरी क्लास में पढ़ता है।

मैं दोपहर का खाना अपने चाची के घर खाने लगा।

करीब 20 दिन के बाद की बात है, मैं खाना खाकर अपने चाची के घर में टीवी देख रहा था और मेरी चाची नाइटी पहनकर बाथरूम में नहा रही थीं।
नहाने के बाद बाथरूम से निकलते वक्त गीली टाइल्स की वजह से मेरी चाची फिसलकर जमीन पर धड़ाम से गिर गईं!

आवाज सुनकर मैं दौड़ा और अपने चाची को उठाकर बेड पर लिटा दिया।
गिरने की वजह से मेरे चाची की कमर में बहुत जोर से चोट लगी थी।

उसके बाद बहुत सी अगल-बगल की लेडीज जमा हो गईं और उन लेडीज ने मिलकर मेरी चाची को साड़ी पहना दी और मुझे डॉक्टर लाने को कहा।

मैं बाइक से डॉक्टर लेकर आया।
डॉक्टर ने चेकअप करके बताया कि केवल दर्द है और कुछ नहीं हुआ है।
डॉक्टर ने दर्द की टैबलेट और मलहम दिया और बोला कि गरम पानी और नमक मिलाकर कपड़े से सेकना और मलहम से मालिश करना, और कुछ नहीं हुआ है।

फिर डॉक्टर पैसा लेकर चले गए। इसके बाद चाची के बेटा और बेटी आ गए और उनकी देखभाल करने लगे।

फिर रात हुई और उसके बाद सुबह हुई।
मेरी चाची के बेटी और बेटे स्कूल चले गए।

फिर सुबह 10 बजे मेरी चाची ने मुझे कॉल किया और बोला, “मेरे घर आ जाओ!”

मैं अपने चाची के घर चला गया।

चाची ने मुझे पलंग पर बैठने को कहा और डरते हुए कहा, “बेटे, क्या मेरे कमर में मलहम मालिश कर दोगे?”
मैंने सिर हिलाकर हाँ कह दिया।

तो मेरी चाची ने साड़ी को थोड़ा ऊपर करके मालिश करने को बोला।
पंखा हवा दे रहा था और मेरी चाची पलंग पर लेटी हुई थीं।

जैसे ही मेरा हाथ मेरी चाची की कमर में स्पर्श हुआ, मेरी चाची एकदम से आँखें बंद करके मदहोश हो गईं!

मेरी चाची की त्वचा गोरी है, शरीर थोड़ा भारी और स्तन बड़े-बड़े हैं।
कोई भी देख लेगा तो लन्ड अपने आप खड़ा हो जाएगा, फिर एक कुंवारे लड़के के बारे में तो सोचो ही मत कि क्या हाल होगा!

मेरी चाची पलंग पर लेटी हुई थीं और मैं उनके चोट लगी कमर में मलहम की मालिश कर रहा था।

10 मिनट मालिश करने के बाद मेरी चाची सो गईं।
अब मेरे अंदर की वासना जाग गई थी और मेरा लन्ड सलामी दे रहा था।
मुझे चाची से डर भी लग रहा था।

फिर अचानक से मेरी चाची पैर उठाकर लेट गईं, जिससे उनका पेटीकोट और पैंटी बिल्कुल नजर आ रहे थे!

मैंने हिम्मत करके उनके पैर को छू लिया, जिससे मेरी चाची का कोई रिएक्शन नहीं आया।
फिर मैं किचन से सरसों का तेल लाया और चाची के पैरों की मालिश कर दी।

मेरी चाची पेटीकोट पहनी हुई थीं, उन्होंने ब्लाउज और साड़ी को और खोल दिया और बोलीं, “मेरी जांघों की भी मालिश कर दो!”

इससे मुझमें बहुत हिम्मत आ गई और मैंने चाची के पैर और जांघों की मालिश कर दी।
फिर जब मैं उठकर जाने लगा.

तो मेरी चाची ने मुझे रोक लिया और बोलीं, “खाना खाकर ही जाना!”

लेकिन समय 11 बजने वाले थे, तो मैंने कहा कि अभी भूख नहीं है। तो वो बोलीं, “मेरे पास ही रहो, अभी जाओ मत!”
मैं चाची के पास ही रुक गया।

मेरी चाची साडी पहनकर किचन चली गईं और मैं टीवी देखने लगा।

12 बजे मेरी चाची ने पूछा, “खाना खाओगे?”
मैंने सिर हिलाकर हाँ कहा।

चाची और मैंने साथ में टेबल पर बैठकर खाना खा लिया।
खाने के बाद मेरी चाची ने दर्द की दवाई खाई और फिर 30 मिनट तक पलंग पर साथ बैठकर आराम किया।

फिर चाची ने कहा, “गरम पानी और कपड़े से मेरे कमर की सिकाई और मालिश कर दो!”

उस समय मेरी चाची केवल पेटीकोट और ब्लाउज पहनी हुई थीं और साड़ी खोल दी थी।
मैं अपनी चाची की कमर में मालिश करने लगा।

20 मिनट के बाद मेरी चाची लेट गईं और उन्होंने पैर को ऊपर उठा लिया।
मैंने पैर के अंदर झाँककर देखा तो मैं हैरान रह गया!

मेरी चाची ने पैंटी नहीं पहनी थी!
उनके गुप्तांग के बाल साफ नजर आ रहे थे और मेरा लन्ड फनफनाकर खड़ा हो रहा था।

मैंने हिम्मत करके अपनी चाची की जांघ छू ली।
फिर मैंने उनके गुप्तांग में अपनी उंगली डाल दी, जिस पर मेरी चाची का कोई रिएक्शन नहीं आया।

मैं उंगली से 5 मिनट तक अंदर-बाहर करने लगा।
फिर मेरा हाथ चाची के ब्लाउज में चला गया और मैं ब्लाउज के ऊपर से ही अपनी चाची के दूध दबाने लगा।

5 मिनट के बाद मेरी चाची धीमे स्वर में बोलीं, “डरो मत, मुझे प्यार करो!”
मैं देसी चाची सेक्स की बात सुनकर हक्का-बक्का रह गया!

फिर मैंने चाची से कहा- आप पूरे कपड़े खोल दो।

चाची पलंग से उठीं और पूरे कपड़े खोलकर पूरी तरह से नंगी हो गईं।
मैं भी पूरी तरह से अपनी चाची के सामने नंगा हो गया।
मेरा खड़ा लन्ड मेरी चाची के अंगों को सलामी दे रहा था।

फिर चाची ने पूछा, “क्या तुमने इससे पहले किसी को चोदा है?”
मैंने कहा, “नहीं!”

फिर चाची पलंग पर लेट गईं और मैं अपनी चाची के ऊपर चढ़कर उनके दूध दबाने लगा और उन्हें किस करने लगा।
20 मिनट तक मैंने उनके ताबड़तोड़ दूध दबाए और किस किया।

फिर चाची बोलीं, “अब मुझे चोदो!”
तो मैंने अपना लन्ड चाची के अंदर घुसा दिया।
घुसाते वक्त वो हल्के दर्द से कराह उठीं।

मैंने चाची से पूछा, “क्या माँ बनने के बाद भी अभी भी दर्द हो रहा है?”
तो वो बोलीं, “नहीं, तेरे चाचा की उम्र होने के चलते अब वो ठीक से चोद नहीं पा रहे हैं। उन्होंने 8 दिन पहले चोदा था, इसीलिए आज हल्का दर्द हो रहा है!”

फिर मैं अपनी चाची को ताबड़तोड़ चोदने लगा।
चोदते वक्त मैंने अपनी चाची से कहा, “चाचा अब अच्छे से नहीं चोद पाते हैं?”
तो वो बोलीं, “हाँ!”

फिर 20 मिनट तक चाची को चोदने के बाद मैंने बोला, “मेरा गिरने वाला है।”
चाची बोलीं, “अंदर ही गिरा दो!”

मैंने चाची से कहा, “अगर बच्चा ठहर गया तो?”
तो वो बोलीं, “बेटे की डिलीवरी के समय मैंने ऑपरेशन करवा लिया है!”

तब मैंने अपना वीर्य चाची के अंदर ही गिरा दिया।

उसके बाद 3 बज चुके थे और चाची के बेटा-बेटी के आने का समय हो गया था।
मैंने चाची से परमिशन ली और घर से निकल गया।

इस तरीके से रात हुई।
रात को मैं चाची को चोदने के बारे में ही सोचता रहा और फिर सो गया।

अगली सुबह 10 बजे फिर चाची ने मुझे कॉल किया।
मैं चाची के घर गया।

चाची पारदर्शी नाइटी पहनी हुई थीं।
मुझे देखकर वे हल्का सा मुस्कुराईं और सीधे बेडरूम में चली गईं।

चाची वहाँ बिल्कुल नंगी हो गईं।
मैंने गरम पानी और कपड़े से मलहम लगाकर उनकी मालिश की और फिर चाची को चोदने की तैयारी में लग गया।

चाची ने पूछा, “रात को तुम्हें कैसा लग रहा था?”
तो मैंने कहा, “मन कर रहा था कि तुम मेरे साथ ही रहो, मैं तो रात भर तुम्हारे ही सपने देख रहा था कि तुम्हें चोद रहा हूँ! पर आपको रात को कैसा लगा चाची?”

तो वो बोलीं, “तेरे चाचा दारू पीकर घर आए, खाना खाकर 5 मिनट चोदकर अपना गिरा दिया और सो गए! मैं रात भर गरम रही और तेरा ही इंतजार करने लगी। तेरे चाचा की आदत है कि मुझे गरम करके वो सो जाते हैं और मैं बिना पानी की मछली की तरह तड़पती रहती हूँ। पिछले 2 साल से मेरी जिंदगी इसी तरह चल रही थी!”

मैंने चाची के स्तनों को मसलना शुरू किया और उनके मुँह में किस करने लगा।
फिर मैं चाची को फच-फच चोदने लगा।

पूरे कमरे में पलंग की ‘फच-रच’ की आवाज सुनाई दे रही थी।

चाची बोलीं, “मुझे अपनी सुहागरात की याद आने लगी! तेरे चाचा नई शादी के समय ऐसे ही चोदते थे!”

चोदते-चोदते मैंने चाची से पूछा कि क्या शादी के बाद उनका किसी और से कोई अफेयर रहा?
तो उन्होंने बोला, “नहीं!”

मैं चाची को चोदने लगा, उनके दूध दबाने लगा और चुम्मा लेने लगा।

फिर मैंने चाची को घोड़ी बनने को कहा।
घोड़ी बनने के बाद जब मैंने चोदना शुरू किया तो चाची को दर्द होने लगा।

मैंने चाची को दिलासा दिया, “थोड़ा दर्द सह लो, फिर मजा आएगा!”

मैं पीछे से चाची के दूध दबाने लगा और उनकी पीठ को सहलाने और दबाने लगा।
15 मिनट के बाद मैंने चाची से कहा कि मेरा गिरने वाला है।
तो चाची बोलीं, “खाना खाने के बाद एक बार फिर तुझे चोदना है!”

तो मैंने लन्ड बाहर निकाला, कपड़े पहने और पास की राशन दुकान से शहद खरीदने चला गया।

1 बजे मैं चाची के घर वापस आया।
चाची बोलीं, “चलो, खाना लगा देती हूँ!”

मैंने चाची के साथ बैठकर खाना खाया।
खाना खाने के बाद थोड़ा आराम किया।

फिर जब 2 बजने वाले थे तो चाची बोलीं, “चलो, अब चोदने का काम शुरू करते हैं!”

मैंने शहद निकाला और अपने लन्ड में लगा दिया।
फिर मैंने चाची से लन्ड चूसने को कहा।

पहले चाची ने मना किया, पर मेरे कहने पर वे चूसने लगीं और बोलीं, “यह तो बहुत अच्छा लग रहा है! शहद की वजह से तेरे चाचा भी ऐसे ही चूसने को बोलते थे, पर तब मुझे उल्टी आ जाती थी!”

फिर चाची ने पूछा, “यह शहद वाला आइडिया तुम्हें कहाँ से आया?”
तो मैंने कहा, “गंदी फिल्मों से!”

उन्हें लन्ड चूसने में बहुत मजा आया।

फिर दोपहर के 2:30 बज गए।
चाची बोलीं, “जल्दी से चोदो, बेटा-बेटी स्कूल से आने वाले हैं!”

फिर 30 मिनट तक मैंने ताबड़तोड़ चाची को चोदा।
फिर चाची बोलीं, “अब कल चोदना मेरे राजा, अब बच्चे आते होंगे!”

मैंने फिर से चाची के अंदर ही अपना वीर्य गिरा दिया।
वीर्य गिरने के बाद चाची बोलीं, “मेरे अंदर ऐसा लग रहा है जैसे गरम-गरम लावा गिर रहा हो!”

कैसी लगी देसी चाची सेक्स कहानी?
मेल और कमेंट्स करके बताएं.
sanjaysao571@gmail.com

You May Also Like

जीवन की पहली चुदाई हॉट मामी के साथ
Views: 97 Category: Chachi Ki Chudai Author: RaatKiBaat Published: April 11, 2026

हॉट मामी पोर्न कहानी में मेरे मामा की शादी के समय ही मामी मुझे अच्छी लगी और उनसे दोस्ती हो गयी. उनसे मिलने मैं नानी के घर …

मेरी मम्मी और ममेरे भाई की कामक्रीड़ा- 2
Views: 118 Category: Chachi Ki Chudai Author: ukp1982 Published: February 07, 2026

माँ Xxx हॉट हिंदी कहानी में मेरी मम्मी और ममेरे भाई की चुदाई की घटना बताई है. मैंने उन दोनों की चुदाई देखने के लिए घर मे…

Comments