सेठ की पत्नी को जमकर पेला

Views: 83 Category: First Time Sex By ramji909808 Published: September 05, 2026 📖 9 min read
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माय फर्स्ट Xxx की कहानी में मैं एक दुकान पर काम करता था. मालिक का घर पीछे ही था. मालकिन मस्त माल थी, मैं उन्हें चोदना चाहता था. एक दिन मैंने मालकिन की पैंटी चुरा ली.

दोस्तो, मैं कोई लेखक तो नहीं हूँ पर यहाँ बहुत सी कहानियाँ पढ़ने के बाद मेरा भी मन किया कि अपने जीवन की ये घटना आप लोगों को बताऊँ।
विश्वास है कि आप लोगों को अच्छा लगेगी मेरी माय फर्स्ट Xxx की कहानी।

जब से मैं सेक्स को जानने के लायक हुआ हूँ तब से कुँवारी लड़कियों से ज्यादा भाभियों और आंटियों को देखता हूँ।
उनका भरा हुआ शरीर, उभरे हुए बड़े-बड़े बूब्स, और मटकती गाड़ मुझे अपनी ओर खींचती है।

माय फर्स्ट Xxx की कहानी उस समय की है जब मैं अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी कर एक इलेक्ट्रॉनिक की दुकान में काम सीखने जाने लगा।
दुकान के मालिक, जिन्हें अंकल कहता था, बहुत अच्छे थे।

हम दोपहर को खाना खाने के लिए दुकान बंद कर देते हैं।
खाना खाकर कुछ देर आराम करते हैं और शाम को दुकान खोलते हैं।

मेरे आराम के लिए एक अलग कमरा है।

मैं, अंकल और आंटी हम सभी एक साथ खाना खाते हैं।
घर में वो दोनों बस रहते हैं।
उनके दोनों बेटे पढ़ाई के सिलसिले में घर से बाहर होस्टल में रहते हैं।

आंटी बहुत ही खूबसूरत बला लगती है।
मेरी उससे नजर हटती ही नहीं, लेकिन क्या करूँ, खुद पर काबू रखता हूँ।

खाना खाने के बाद अंकल अपने कमरे में चला जाता है।
आंटी किचन का काम समेटती है तो मैं उसको खा जाने वाली निगाहों से देखता रहता हूँ।

आंटी दिखने में थोड़ी मोटी है पर कयामत लगती है। उसका गदराया हुआ गोरा बदन, सीने में लटकते बड़े-बड़े बूब्स, कमर के नीचे मटकती बड़ी-बड़ी गाड़, मेरे लन्ड को खड़ा कर देती है।

मैं आराम नहीं करता, बस आंटी की जवानी को देखता रहता हूँ और उसको चोदने के बारे में सोचता रहता हूँ और अपना लन्ड हिलाकर पानी निकालता रहता हूँ।

ऐसा एक महीने तक चलता रहा।

धीरे-धीरे आंटी को चोदने की मेरी लालसा बढ़ने लगी।

मैं एक दिन अंकल-आंटी दोनों सो रहे थे तो मैं आंटी को खिड़की से देख रहा था।
आंटी का पल्लू सीने से हटा हुआ था।

गहरा गला का ब्लाउज पहने होने के कारण उसके बूब्स आधे से ज्यादा दिख रहे थे और नीचे से साड़ी ऊपर सरका हुआ जिससे उसका आधा जांघ दिख रहा था, जो मुझे और उत्तेजित कर रहा था।
मैं वहीं खड़े-खड़े ही मुठ मारकर अपने लन्ड को शांत किया और आराम करने गया।

अगले दिन खाना खाने के बाद मैं ऊपर के रूम में सोने गया।
बाहर छत पर निकला तो आंटी की पैंटी सूख रही थी।

मैं उसे निकालकर अपने कमरे में ले गया और अपने सारे कपड़े निकालकर आंटी की जवानी के बारे में सोचकर लन्ड हिला रहा था.
तभी दरवाजा खुलने की आवाज आई।

आंटी छत से कपड़े निकालने के लिए आई थी।
उसे पैंटी न मिलने पर इधर-उधर देखने लगी तो खिड़की से मुझे नंगा देख लिया।

वो तुरंत दरवाजे से अंदर आई, मेरे हाथ में अपनी पैंटी और मुझे बिना कपड़ों के देखकर गुस्से से बोली, “तुम ये क्या कर रहे हो!”

मैं एक हाथ में अपना लन्ड पकड़े डरा हुआ आवाज से आंटी को सॉरी बोला और उसकी पैंटी उसे दे दी।
उसने झटकाते हुए मेरे हाथ से अपनी पैंटी ली और बोली, “कितने हरामी हो तुम!”

तो मैंने साफ-साफ बोल दिया- जब-जब आपको देखता हूँ तो मेरा लन्ड खड़ा हो जाता है और मेरे मन में बस आपको चोदने का ख्याल आता है।

फिर आंटी ने लन्ड से मेरा हाथ हटाया और जैसे ही उनकी नजर मेरे 7 इंच लंबे और 3 इंच मोटे लन्ड पर पड़ी तो गुस्से वाली निगाहों में हवस की चमक दिखी।
उसका मुंह खुला का खुला रह गया।

मैं समझ गया कि अब मेरी इच्छा पूरी होने वाली है।

आंटी ने कहा, “ये क्या है?”
मैं, “ये मेरा शेर है, जो आपका शिकार करने के लिए कब से तड़प रहा है।”

आंटी, “अच्छा ऐसा है।”
मैं, “हाँ।”

तभी आंटी ने मेरे लन्ड को अपने हाथ में पकड़ लिया और उसे हिलाने लगी।
मैं समझ गया आंटी को मेरा लन्ड चाहिए।

उसने पूरी जोश से हिला-हिलाकर मेरा पानी अपने दोनों बूब्स के दरार में ले लिया और मुझे शांत कर दिया।
मैंने आंटी से कहा, “आज हिलाकर तो शांत कर दिया लेकिन इसे अपनी चूत कब लोगी? ये कब से तड़प रहा है।”

तब आंटी ने कहा, “अब तो मैं भी बेकरार हो रही हूँ तुम्हारे लन्ड को अंदर लेने के लिए, लेकिन तुम्हारे अंकल घर पर हैं। उसे पता चल जाएगा। जिस दिन तेरे अंकल दुकान का सामान खरीदने के लिए बाहर जाएँगे उस दिन हम मजे करेंगे। तब तक इंतजार करो मेरे राजा!”

कह के आंटी नीचे चली गई।

अब बस इंतजार ही कर सकते थे और भगवान से प्रार्थना कर रहे थे कि कब अंकल सामान के लिए बाहर जाएँ और मैं आंटी को चोदने के लिए अंदर जाऊँ।

अगले दिन दुकान आया तो अंकल ने मुझे कहा- आज मैं सामान खरीदने के लिए बाहर जाऊँगा, जल्दी बंद करेंगे।
यह बात सुनकर मैं खुशी से पागल हो गया।

हम 12 बजे बंद कर घर गए तो आंटी ने पूछा, “आज कैसे जल्दी आ गए खाने?”
अंकल ने कहा, “सामान खरीदने बाहर जाऊँगा!”

आंटी सुनकर मेरे तरफ देखा और खुश होकर स्माइल की।

हम सभी खाना खाए और अंकल बाहर चले गए।
आंटी किचन में चली गई।

मैंने मेन डोर बंद कर आंटी के पास किचन में गया और उसे पीछे से बाहों में भरकर उसके गर्दन पर किस किया।

उसने कहा, “मुझे काम समाप्त करने दो फिर करेंगे।”
मैंने कहा, “तुम अपना काम करो मैं अपना काम करता हूँ।”

तो आंटी बोली, “तुम नहीं सुधरोगे!”
और बर्तन धोने लगी।

मैं किचन में पीछे से आंटी को किस करने लगा, उसके दोनों बूब्स को दबाने लगा और धीरे-धीरे उसके ब्लाउज के हुक को खोलने लगा और पूरा निकाल दिया।
मैंने उनका साड़ी-पेटीकोट भी निकाल दिया।

अब आंटी केवल पैंटी में काम कर रही थी।

काम खत्म कर आंटी ने मुझे बाहों में भर लिया और किस किया।

समय न गवाते हुए मैं उसे बेडरूम में ले जाकर लिटा दिया और उसको किस करने लगा।

पहले मैंने उसके माथे पर किस किया, फिर उसके दोनों गालों को किस करते हुए उसके होठों को किस कर चूसने लगा।

आंटी सिहरने लगी।

फिर मैं उसके गले को चूमने लगा और धीरे-धीरे उसके छाती पर हाथ फेरने लगा.
और फिर उसके एक बूब को चूसने लगा और दूसरे को दबाने लगा।

आंटी तड़पने लगी और हल्की-हल्की मादक आवाजें निकालने लगी।
फिर उसके पेट को किस करते हुए उसके दोनों टाँगों के बीच आ गया जहाँ उनकी गोरी चूत है।

मैंने उसके दोनों टाँगों को फैलाया और चूत को किस किया और चाटने लगा।
यह मेरा पहला सेक्स था; इससे पहले मैंने कभी चुदाई नहीं की थी।

चाटते-चाटते मैं अपनी जीभ आंटी की चूत में डाल देता तो आंटी चिहुँक उठती और मेरे सर को अपनी चूत में दबाती।

मैं आंटी की चूत चाट रहा था, तभी उसका गरम-गरम पानी मेरी जीभ पर लगा, बहुत स्वादिष्ट लगा।
मैंने पूरी चूत चाट कर साफ कर दी।

फिर आंटी ने मुझे खड़ा किया और मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और मुझे किस किया फिर मेरे लन्ड को हाथ में पकड़कर हिलाने लगी।

मैंने उसे लंड मुंह में लेने को कहा तो उसने तुरंत लन्ड मुंह में ले लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी।
मुझे बहुत अच्छा लगने लगा।

लन्ड इतना बड़ा और मोटा था तो उसके मुंह में पूरा नहीं जा पा रहा था तो मैं उसके सर को पकड़कर लन्ड अंदर-बाहर करने लगा।
लन्ड उसके गले तक चला जा रहा था।

उसकी आँखों से आँसू आने लगे तो मैंने लन्ड बाहर किया तो उसने फट से फिर मुंह में ले लिया।

करीब 15 मिनट के बाद चूसना बंद किया और कहा, “अब और इंतजार नहीं होता, अब चोदो मुझे!”

तो मैंने देर न करते हुए तुरंत उसे बेड पर लिटाया और उसके कमर के नीचे एक तकिया रखा जिससे उसकी चूत की फाँकें खुल गईं और छेद साफ दिखने लगा।

फिर मैं उसके दोनों टाँगों के बीच आया और उसके टाँगों को अपने कंधे पर रखा और लन्ड उसके चूत में सेट किया और एक जोर का धक्का दिया तो लन्ड का केवल सुपाड़ा ही अंदर गया.
लेकिन आंटी की चीख निकल गई।

मैंने तुरंत उसके मुंह में अपना मुंह रख दिया जिससे उसकी चीख मेरे मुंह में समा गई और वो शांत हुई तो मैंने फिर एक जोर का धक्का दिया।
वो फिर चीखी लेकिन मैं तुरंत एक और जोर का धक्का दिया जिससे मेरा पूरा 7 इंच का लन्ड पूरा अंदर चला गया।

आंटी की हालत खराब हो गई।
लन्ड घुसे हुए मैं आंटी के जिस्म से खेलने लगा जिससे आंटी दर्द भूलकर एंजॉय करने लगी।

कुछ देर के बाद आंटी ने कहा, “मैं ठीक हूँ, तुम चुदाई जारी रखो।”

तो मैं फिर धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा।
दो-चार धक्के के बाद आंटी भी मजे लेने लगी और अपनी कमर उठा-उठाकर मेरा साथ देने लगी।

फिर मैं अपनी रफ्तार बढ़ाने लगा और वो जोर-जोर से सिसकारियाँ लेने लगी।

लन्ड और चूत के फच-फच की आवाज से रूम गूंजने लगा जिससे हमारा जोश और बढ़ने लगा।
मैं अपना स्पीड और बढ़ाकर चोदने लगा।
कभी मैं हाथ से उसके बूब्स दबाता तो कभी चूसने लगता तो कभी बूब्स को मारता।

आंटी को मजा आ रहा था।

फिर हमने अपना पोजीशन चेंज किया।
मैं लेट गया और आंटी मेरे लन्ड पर बैठ गई और खुद गाड़ उठा-उठाकर चुदाने लगी।

मैं उसके हिलते बूब्स को मसलने लगा।
अब तक आंटी 2 बार झड़ चुकी थी।

कुछ देर बाद मेरा होने वाला था तो मैं उठा, आंटी को कुतिया बनाया और उसके पीछे आकर चूत चोदने लगा।

तब मैंने आंटी से पूछा, “माल कहाँ निकालूँ?”
तो आंटी ने कहा, ” चूत में ही डाल दो!”

मेरा वीर्य निकलने वाला था तो स्पीड बढ़ गई।
झटके के बाद मेरे लन्ड से एक फव्वारा छूटा जिससे आंटी की पूरी चूत भर गई।

हम दोनों पसीने से लथपथ बेड पर निढाल होकर लेट गए।
आंटी बहुत खुश थी।

आधे घंटे तक हम दोनों ऐसे लेटे रहे।
फिर आंटी उठकर बाथरूम जाने लगी तो मैं भी साथ गया।

उसने मेरे लन्ड पर साबुन लगाकर धोया जिससे मेरा लन्ड और खड़ा हो गया।
बाथरूम में ही मैं आंटी को खड़े-खड़े ही और चोदा।

आंटी बहुत खुश थी।
वो ठीक से चल नहीं पा रही थी।

इस प्रकार जब भी अंकल बाहर जाते हैं हम रासलीला मनाते हैं।

मेरी माय फर्स्ट Xxx की कहानी आपको अच्छी लगी होगी.
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धन्यवाद।
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