सेक्स क्रेजी कपल स्टोरी में एक रिसोर्ट में अपनी सेक्स लाइफ में नयापन लाने के लिए 6 विवाहित जोड़े एक रिसोर्ट में आकर रुके. रिसोर्ट का थीम था कि 50 से ऊपर के जोड़ों में सेक्स का नया भाव पैदा किया जाए.
कहानी के तीसरे भाग
प्रौढ़ लोगों के लिए सेक्स जीवन की दूसरी पारी
में आपने पढ़ा कि अपने जीवन साथी से सेक्स में सहयोग ना मिलने से दुखी एक महिला और एक पुरुष ने आपस में यौन सम्बन्ध बनाए और इसी तरह से नीरस सेक्स लाइफ से ऊब चुके लोगों के लिए एक रिसोर्ट बनाया.
अब आगे सेक्स क्रेजी कपल स्टोरी:
शाम को साढ़े छह बजे से ही पूल पर हंसी और खिलखिलाहट की आवाजें आनी शुरू हो गयीं.
सात बजे तक सब आ गये.
सभी लड़कियों ने गुलाब के फूल लगा रखे थे.
नीता ने गले लगाकर सभी लड़कियों का स्वागत किया.
सभी से कानाफूसी हुई और फिर जोरदार खिलखिलाहट.
हाई टी तैयार थी और पूल भी तैयार था.
सभी बहुत रूमानी मूड में थे.
अब जोड़ों का परिचय कराते हैं.
करीम-मेहरीन, संजू-सारिका, विजय-पिंकी, दीपक-गीता, मनीष-मोना और अनुज-दीपा.
सभी 50-55 के आयु वर्ग के.
इन सबमें सबसे ज्यादा चुहलबाज सारिका और पिंकी थीं.
और लड़कों में विजय और अनुज.
करीम-मेहरीन और दीपक-गीता कुछ संकोच कर रहे थे सबसे घुलने मिलने में.
हाई टी से निबटते ही छुपन छुपाई का खेल शुरू हुआ.
सुनील ने सबसे कहा- आप ग्राउंड और आसपास जहां भी जगह हो छुप सकते हैं. आपमें से एक सिपाही बनेगा और उसे छिपे चोरों को ढूंढना है. पहली बार सिपाही बनेगी गीता और बाकी आप सब छुपेंगे. जगह बहुत हैं छिपने की. कोशिश कीजिये कि अपने पार्टनर के साथ न छिप कर किसी और के साथ छिपा जाए.
गेम शुरू हुआ.
चूँकि पहली बार था तो अधिकतर लड़कियां लड़कियों के साथ छिपी और रह गए लड़के तो उन्हें तो आपस में ही छिपना पड़ा.
चूंकि सब दो जगह ही छिपे थे तो गीता ने उन्हें जल्दी ढूंढ लिया.
कुछ मजा नहीं आया.
अबकी बार नीता ने कहा- अबकी बार सिपाही मैं बनूंगी और सुनील आप ज़रा लाइट बहुत कम करवा दो. अबकी बार सब लोग जोड़े बदलकर छिपना. जो सबसे बाद पकड़ा जाएगा उसे एक गिफ्ट मिलेगा.
सभी उत्साहित हो गये.
लाइट बहुत धीमी कर दी गयी.
नीता ने आँखें बंद कर दीं.
हल्का म्यूजिक चल रहा था.
सभी लोग छिपने के लिए दौड़े.
सुनील उनको जगह बता रहा था.
इस बार जोड़े अलग अलग जगह और पार्टनर बदल कर छिपे.
सुनील के हाथ में माइक था, वो रनिंग कमेन्ट्री कर रहा था.
सुनील बोला- सभी लोग छिपे रहें. कोई आवाज न करे. अपने पार्टनर के साथ चिपक कर खड़े हो जाएँ. एक दूसरे की कम्पनी एन्जॉय करें. कोई किसी को नहीं देख रहा. जो सबसे बाद में पकड़ा जाएगा उसे एक गिफ्ट हैंपर मिलेगा. नीता ने ढूंढना शुरू कर दिया है.
पिंकी और संजू झाड़ियों के पीछे छिपे थे.
पिंकी ने संजू का हाथ कस के पकड़ लिया था.
उसकी हंसी नहीं रुक रही थी. संजू ने उसका मुंह हाथ से बंद किया.
पिंकी चुलबुली थी.
उसने संजू की आँखों में झंका तो संजू ने उसके होंठों पर होंठ रख दिए.
पिंकी ने उसका पूरा साथ दिया.
दोनों एक दूसरे को चूमने चाटने लगे. पर जब उन्हें एहसास हुआ कि कोई आसपास है तो वो दम साधे एक दूसरे से लिपटे बैठे रहे.
उनके पास ही एक टॉयलेट के अंदर सारिका और विजय थे.
जगह कम थी और नीता पहले उधर ही होकर गुजरी तो सारिका विजय से और चिपट कर खड़ी हो गयी.
उसके मम्मे विजय की छाती से टकरा रहे थे.
दोनों की आँखों में शरारत थी.
विजय ने सारिका की आँखों में झांका तो उसमें शरारत भरी हुई थी.
विजय को कुछ न सूझा तो उसन कहा- यू आर वैरी स्वीट.
सारिका मुस्कुराई और विजय के होंठ से होंठ लगाते हुए कहा- अब चख कर दोबारा बताओ.
विजय कुछ कहता इससे पहले पीछे से नीता आ गयी और उसने फुसफुसाते हुए सारिका के कान में कहा- लगी रह और मजे ले. मैं थोड़ी देर बाद आती हूँ.
कह कर उसने सारिका को विजय की ओर धकेल दिया.
अब तो सारिका और विजय चिपट गये, दोनों ताबड़ तोड़ चूमने लगे.
विजय की हिम्मत कुछ बढ़ी तो उसने सारिका के मम्मे सहलाये.
सारिका बोली- ऐसे नहीं ऐसे करो.
कह कर उसने अपनी टी शर्ट उठा दी.
उसने ब्रा नहीं पहनी थी.
विजय के सामने उसके मांसल दूस्ध से मम्मे और उन पर तने हुए निप्पल आ गये.
विजय ने उन्हें चूम लिया.
सारिका सिहर गयी.
अब पीछे से नीता ने उन्हें धप्पा कह दिया.
दोनों बाहर आ गये.
अनुज और मोना झाड़ियों के पीछे छिपे थे.
हालांकि नीता ने उन्हें देख लिया था पर वो उधर नहीं गयी बल्कि सुनील से इशारा करके उधर की लाइट और बंद करवा दी.
अनुज मोना के और नजदीक हो गया.
मोना सकुच रही थी.
पर उसकी गर्म साँसें अनुज के चेहरे पर पड़ रही थीं.
अनुज ने उसका हाथ थामा हुआ तो था ही.
अब अनुज ने उसके कान में फुसफुसाया- तुम और इधर आ जाओ, नीता इधर ही आ रही है.
अनुज ने उसे अपनी और लिपटा लिया तो दोनों के चेहरे नजदीक आ गये.
अनुज ने धीरे से उसे चूम लिया.
मोना सकुचाई और बोली- प्लीज मत करो.
अनुज फुसफुसाया- क्या तुम्हें लगता है की मनीष और दीपा कुछ नहीं कर रहे होंगे. आज हमें थोड़ी तो मस्ती करनी ही है.
मोना मुस्कुराई तो अनुज ने उसे होंठों पर चूम लिया.
अबकी बार मोना ने उसका साथ दिया.
पर पीछे से नीता की धप्पा आई तो दोनों बाहर आ गये.
सबसे देर में मनीष और गीता पकड़ में आये.
दोनों झाड़ियों से होते हुए एक स्टोर में छिप गये थे.
गीता जो पहले तो बहुत संकोच कर रही थी.
उसने तो सबसे ज्यादा खुल कर मजे लिए.
मनीष ने उसके मम्मे जम कर चूसे और गीता ने उसका लंड खूब मसला.
अब सब जोड़े हँसते खिलखिलाते बाहर थे.
अब चारों और अन्धेरा सा था.
सुनील ने सबको पूल में आमन्त्रित किया.
पूल साइड पर स्नैक्स और ड्रिंक्स लगे थे.
लगभग सभी ने पेग बनाए.
लड़कियों ने छोटे और लड़कों ने बड़े.
साइड में सभी के लिए स्विमिंग कॉस्ट्यूम्स रखे थे.
एक एक करके सभी ने चेंजिंग रूम में जाकर कपड़े चेंज किये.
नीता ने सबको चेहरे छिपाने के लिए मास्क पहनने को दिए.
मास्क पहनने के बाद तो अब कोई किसी को पहचान ही नहीं रहा था.
सब पूल में उतर गए.
खूब तेज म्यूजिक चल रहा था. चारों और से रंगीन लाइट पूल के इर्द गिर्द पड़ रही थीं.
पूल में अन्धेरा था.
अब सभी आपस में खुल गये थे तो पानी में एक दूसरे पर पानी मारने की खुराफातें शुरू हो गयीं.
जिन्हें तैराकी आती थी, वो तैरने लगे. बाकी किनारे पर बदन को टिका कर एन्जॉय करने लगे.
सुनील ने इशारा किया तो और अन्धेरा हो गया.
अब सभी जोड़े बनाकर मस्ती करने लगे.
किसी को नहीं मालूम था कि उनका जोड़ीदार किसके साथ है और क्या कर रहा है.
पूल बड़ा था और जोड़े सिर्फ सात.
सुनील और नीता भी पूल में ही थे.
म्यूजिक सेक्सी हो गया.
अब नजदीकियां बढ़ती गयीं.
विजय के साथ सारिका थी.
चूँकि एक दिन का ही परिचय था और चेहरे पर मास्क तो कोई किसी ओ नहीं पहचान रहा था.
इससे सभी बड़ा कम्फ़र्टेबल महसूस कर रहे थे.
विजय और सारिका दोनों ही मस्तीखोर थे तो वे पूल के एक कोने में चले गये और होंठों पर होंठ रखकर चूमने लगे.
उनकी चूमाचाटी इतनी गहरी थी कि उनकी देखादेखी सभी के जोड़े बन गए और सभी एक दूसरे जोड़ों से कुछ दूरी बनाकर आपस में लग गए.
विजय ने सारिका की पीठ पर हाथ फेरते हुए उसके पिछवाड़े को अपनी ओर धकेला.
सारिका और उससे लिपट गयी.
अब उसके मम्मे विजय की छाती में गड़ रहे थे.
विजय ने एक हाथ आगे किया और सारिका की पेंटी लाइन को उंगली से सहलाने लगा.
सारिका कसमसाने लगी. उसका कोई विरोध नहीं था.
विजय ने सारिका का हाथ पकड़ कर अपनी शॉर्ट्स के आगे रखा.
सारिका अब उसका लंड दबा रही थी.
दोनों की जीभ अब ज्यादा चुभलाने लगीं.
विजय ने सारिका की पैंटी में उंगली करनी चाही तो सारिका ने रोक दिया.
वो बस कस के लिपटी रही विजय से.
पिंकी अपने साथ करीम को ले गयी थी.
करीम शाम तक तो संकोच कर रहा था, पर अब वो भी खुल गया था.
उसने पिंकी के पेट और कमर पर घेरा बना रखा था.
विजय सारिका उनसे कुछ दूरी पर ही थे तो करीम और पिंकी भी एक दूसरे को चूमने लगे.
पिंकी के मम्मे भारी थे तो करीम उन्हें ऊपर से चूमने लगा.
पिंकी को तो आग लग गयी.
उसने बिना कोई मौक़ा दिए हाथ नीचे करके करीमक का लंड टटोल लिया और लगी मसलने.
करीम का लंड भी मोटा था या आज कुछ ज्यादा ही तन गया था.
वो पिंकी की चूत पर धक्के देने लगा.
पिंकी फुसफुसाई- क्या कर रहे हो?
पर खुद उसने करीम की शॉर्ट्स में हाथ दाल दिया और उसका लंड पकड़ लिया.
करीम बेचैन हो उठा.
उसने गर्दन नीचे की और पिंकी के मम्मे ऊपर करते हुए उसका एक निप्पल बाहर कर लिया और लगा चूसने.
अब तो पिंकी मचल गयी.
उसका मन किया कि करीम का लंड अपनी चूत में ले ले.
पर इतना भी अन्धेरा नहीं था कि औरों को अंदाज़ न लगे कि बगल में क्या हो रहा है.
ऊपर से नीता ने हूटिंग शुरू कर दी थी तो दोनों थोड़ा संभले.
पर आपस में लिपटे रहे.
उनसे अगले थे अनुज और दीपा.
अनुज तो मस्तीखोर था ही… उसने तो बिना लाग लपेट किये दीपा को पीछे से अपने से लिपटा रखा था.
दोनों के चेहरे आगे थे पर दोनों के हाथ एक दूसरे के अंदर थे.
मतलब अनुज दीपा की चूत मसल रहा था और दीपा हाथ पीछे करके उसका लंड मसल रही थी.
और जब गर्मी ज्यादा बढ़ गयी तो दीपा पलट गयी और दोनों के होंठ मिल गए.
दीपा ने उसका लंड बाहर निकाल रखा था तो अनुज ने दीपा की पैंटी को नीचे खिसकाना चाहा पर वो ऐसा कर नहीं पाया.
दोनों की कामाग्नि भड़की हुई थी और दो जिस्म एक होने को बेताब थे.
पर तय शर्तों के हिसाब से सुनील और नीता ने कह दिया था कि पूल में कोई सेक्स नहीं करेगा.
इससे माहौल एक साथ गड़बड़ा जाता.
इसलिए अनुज ने पेंटी के ऊपर से ही दीपा की चूत पर लंड से दवाब बनाया.
दीपा भी गर्म हुई हुई थी तो वो उसके गले में हाथ डालकर और ज्यादा नजदीक हो गयी.
अब उसके मम्मे अनुज को बुला रहे थे.
दीपा ने अपने हाथों से अपना एक आम बाहर कर दिया था अनुज के चूसने के लिए.
अनुज उसकी निप्पल पर जीभ फेरने लगा.
तभी ऊपर से सुनील ने हूटिंग की तो वो दोनों संभले.
आगे मनीष और मेहरीन थे और संजू और गीता भी उनके साथ ही थे.
वो चारों आसपास थे.
हालाँकि शुरू में वो संकोच कर रहे थे पास होने से.
पर सभी अपने में मस्त एही तो वो भी चूमा चाटी में लग गये.
मेहरीन और गीता आपस में ठिठोली कर रही थी तो वे चारों ही एक दूसरे से मजे लेने लगे और आपस में जोड़े बदलने लगे.
मनीष ज्यादा खुराफाती था.
उसने तो मेहरीन और गीता दोनों के मम्मे अच्छे से दबाये और नीचे पेंटी की ऊपर से उनका दाना भी मसला.
शुरू शुरू में तो मेहरीन और गीता झिझकीं पर जब औरों को देखा तो वो भी लग गयीं.
गीता ज्यादा गर्म हो गयी तो उसने संजू का लंड पकड़ लिया.
संजू भी अब मस्ती में आ गया.
उसने इधर उधर से हाथ करके गीता की चूत में उंगली कर ही दी.
अब तो दोनों आपस में ताबड़ तोड़ चूमा चाटी करने लगे.
पर सबसे ज्यादा मस्ती की मोना और दीपक ने.
वो पूल में सबसे अलग एक कौने में थे.
उन्होंने मिलन आहिस्ता अहिस्ता शुरू किया पर इधर उधर देख कर इसे लिपटे की फिर सारी हदें पार कर दीं.
मोना के मम्मे भारी थे और दीपक का लंड मोटा था.
मोना को लंड चूसने का बहुत शौक था, मनीष का लंड वो देर तक चूसती थी अपनी जवानी के दिनों में.
आज मोना ने वही दिन ताज़ा किये.
जब दीपक ने उसके मम्मे खूब दबाये तो वो भी गर्म हो गयी.
उसने पानी के अंदर ही दीपक का बरमुडा नीचे कर दिया और उसका लंड आज़ाद कर दिया.
पहले तो वो उसे रगड़ती रही फिर चुपके से नीचे डाइव मारकर उसका लंड मुंह में ले लिया.
हालाँकि समय ज्यादा नहीं मिला पर वो ही एकमात्र ऐसा जोड़ा रहा जिसने ऐसा किया.
दीपक भी उसकी चूत में उंगली करना चाह रहा था पर उसकी बिकनी टाइट थी तो वो ऐसा खुल कर नहीं कर पाया तो उसने कसर मम्मों को दबा दबा कर निकाली.
सभी जोड़ों जो पूल में उतरे आधा पौना घंटा हो गया था और सुनील और नीता को अंदाज़ था कि ज्यादा देर पूल में छोड़ा तो कपड़े उतर जायेंगे जो वो नहीं चाहते थे.
तो उन्होंने सबसे कहा- अब सब बाहर आ जायें और टॉवेल लपेट कर अपने अपने रूम में चले जायें और कपड़े चेंज करके डिनर के लिए आ जाएँ. सबसे जरूरी बात कि रूम में जाकर अभी सेक्स न करने लगे. जो आग लगी है उसे जलाए रखें तभी रात को आनंद उठा पायेंगे. और कोई भी अपने पार्टनर को पूल में क्या हुआ, किसके साथ हुआ ज्याद नहीं कुरेदे.
सभी जोड़े आधा घंटे में तैयार होकर आ गये.
सभी बहुत चहक रहे थे.
डिनर से पहले स्नैक्स थे.
सभी ने हंसी ठिठोली के बीच खाने का लुत्फ़ उठाना शुरू किया.
डिनर से निबटते निबटते रात के 11 बज गये.
अब सुनील और नीता माइक पर आए.
उन्होंने कहा- आज सभी ने अपने रूटीन से बाहर आकर जिन्दगी जी है. बदलाव जरूरी है. अब आगे की मस्ती उनके अपने ऊपर है. हम किसी को आगे बढ़ने या रुकने को नहीं कहेंगे. सभी के रूम में फोन हैं और फोन के पास आप सभी की लिस्ट रखी है. अब आप सभी एक दूसरे से मिल चुके हैं, एक दूसरे की आदत जान चुके हैं. आप आपस में संपर्क करना चाहे, जो चाहे करना चाहें अपनी इच्छा से और अपने रिस्क पर कर सकते हैं. हम लोग सुबह 9 बजे बाहर ब्रेकफास्ट पर मिलेंगे.
विजय खड़ा हुआ और हँसते हुए बोला- आज की रात मैं पार्टनर बदलना चाहता हूँ, मेरा साथ कौन देगी?
पिंकी खड़ी हुई और उसने एक धौल लगाया विजय के- इसे जो चाहे वो परमानेंट ले जाए अपने साथ. मैं भी बदलना चाहती हूँ अपना पार्टनर.
सभी हंस पड़े.
नीता बोली- ऐसे खुलेआम नहीं. जैसा सुनील ने बताया कि आप रूम से आपस में संपर्क करें. हमें कोई मतलब नहीं. पर हमारा सुझाव है कि अभी आपके पास एक रात और भी है यहाँ पर. तो आज की रात आप अपने पार्टनर के साथ मस्ती करें, पुरानी यादें ताज़ा करें और फिर आपसी विश्वास और सहमती से यदि आगे कुछ और मस्ती तय करनी है वो तय करतें.
सब आपस में गुड नाईट बोलकर अपने अपने रूम में चले गये.
वापिस जाते में सबसे ज्यादा हल्ला आपस में विजय-पिंकी और दीपक-गीता ही कर रहे थे.
सभी अपने अपने रूम में पहुँच गये.
कहानी अगले भाग तक चलेगी.
सेक्स क्रेजी कपल स्टोरी आपको कैसी लगी?
मुझे बताएं.
enjoysunny6969@gmail.com