स्कूटी सिखाने के बहाने से भाभी की चुदाई

Views: 77 Category: Padosi By v7365688 Published: May 15, 2026

मराठी भाभी सेक्स कहानी में मुझे मेरे पड़ोस में रहने वाली भाभी बहुत्पसंद हैं. वे जब मेरी मम्मी से मिलने आती थी तो मुझे अर्थपूर्ण नजरों से देखती थी.

दोस्तो, मेरा नाम विक्की है. मैं मुंबई का रहने वाला हूँ.
मेरी हाइट 5 फुट 6 इंच है और मेरा लंड का साइज 6 इंच है. मेरा रंग गोरा है.

आज मैं आप लोगों को अपनी एक सच्ची मराठी भाभी सेक्स कहानी सुना रहा हूँ.

मेरे घर के सामने एक परिवार रहता है.
वे दोनों पति पत्नी हैं.
मराठी भाभी का नाम सलोनी और उनके पति का नाम अम्बर है.
मैं उनको भैया बोलता हूँ.

भैया भाभी के दो बच्चे हैं और दोनों लड़कियां हैं.
एक की उम्र 10 साल है और दूसरे की उम्र 5 साल है.

सलोनी भाभी मुझे बहुत पसंद हैं.
उनका फिगर इतना मस्त है कि जब भी देखता हूँ तो मेरा लंड खड़ा हो जाता है.

भाभी मेरे घर आती थीं.
उनको मेरी मम्मी से मिलना होता था.
वे बस मुझे देखा करती थीं और कुछ नहीं कहती थीं.

मैं भी उनके फिगर को वासना से देखता था.
ये बात उनको पता चल चुकी थी.

ऐसे ही दिन बीत रहे थे … हो कुछ नहीं रहा था.

एक दिन हुआ यूँ कि भाभी ने मेरी मम्मी से कहा कि उनको गाड़ी चलाना सीखना है.
वे स्कूटी चलाने की बात कर रही थीं.

मम्मी ने कहा- तू विक्की से बोल न! वह तुझे सिखा देगा!
भाभी ने मुझसे कहा तो मैंने खुशी-खुशी हां बोल दिया.

भाभी मेरा नंबर ले गईं और जाती जाती बोलीं- मैं फोन करके तुम्हें बुला लूँगी.
मैंने कहा- ऐसे समय फोन करना जब सुनसान रहता हो … भीड़ में स्कूटी चलाना मुश्किल हो सकता है!
भाभी ने हां कहा और चली गईं.

अगले दिन सुबह 5 बजे उन्होंने फोन किया और मैंने खुशी से उनको सीखने आने के कह दिया.
जब वे बाहर आईं और मैंने उनको देखा तो बस देखता ही रह गया.

क्या माल लग रही थीं मराठी भाभी!

फिर मैं उनको स्कूटी पर बिठा कर मोहल्ले से दूर खुली जगह में ले गया और उन्हें आगे बिठा कर स्कूटी चलाना सिखाना शुरू कर दिया.

भाभी मुझसे एकदम चिपकी हुई थीं और मैं उनके कमनीय बदन की खुशबू ले रहा था.
इतनी सुबह भी भाभी मस्त महक रही थीं.

स्कूटी सिखाते समय मैं उन्हें अपनी बांहों में भरे हुए था और उन्हें सिखाने के बहाने से उनके गाल को अपने गाल से रगड़ ले रहा था.

करीब एक घंटा तक मैंने भाभी को स्कूटी चलाना सिखाया था, उस दौरान मेरे लंड ने अपनी सख्ती का अहसास भाभी को करवा दिया था.
वे भी समझ गई थीं कि मेरे लौड़े को उनकी चुत की चुम्मी लेने का मन हो गया है.

साढ़े छह बजे भाभी ने कहा- अब घर चलो, मुझे आठ बजे ऑफिस जाना होता है.
हम दोनों वापस आ गए.

आने के बाद मैं उनके बारे में ही सोच रहा था और मेरा लंड एकदम टाइट हो गया था.
मैंने जल्दी से अपने घर के बाथरूम में जाकर उनके नाम की मुठ मारी और वीर्य विसर्जन के बाद कमरे में आकर आराम करने लगा था.

उसी वक्त भाभी का मैसेज आया ‘हाय.’
मैंने उनसे बात शुरू की.

पहले तो मुझे भाभी से चैट करने में कुछ डर सा लग रहा था, फिर जब उन्होंने GF है या नहीं, ये सब पूछा तब मैंने थोड़ा डरना बंद किया.

मैंने बोला- मेरी कोई GF नहीं है.
फिर उन्होंने बोला- क्यों नहीं है?

मैंने बोला- कोई पसंद ही नहीं आती है. जो पसंद है, वह मेरी सैटिंग बन नहीं सकती है!
भाभी बोलीं- कौन है वह?
मैंने भी हिम्मत करके बोल दिया- आप ही तो हो.

भाभी पहले तो चुप हो गईं, फिर कुछ पल बाद बोलीं- मैं क्यों? मैं तो शादीशुदा हूँ और ये सब करना गलत है. कोई और देख लो.
मैंने कहा- नहीं, मुझे कोई और नहीं देखना है.

अब मैंने उनकी तारीफ करना शुरू कर दिया.
धीरे-धीरे हमारी बात होती गईं.
फिर उन्होंने बाय बोला.

उसके बाद हमने सारी रात बात की.
वे सब बातें बताकर मैं आप लोगों को बोर नहीं करना चाहता हूँ.

अगली सुबह मैं फिर से स्कूटी लेकर भाभी को सिखाने गया.
उस दिन मुझे अलग-सा लग रहा था, जैसे वे खुद भी कुछ कहना चाह रही हैं.

भाभी मुझसे एकदम चिपकी हुई थीं और उनकी मोटी गांड में मेरा लंड टच हो रहा था.

ऐसे ही 3 दिन निकल गए.

एक दिन रात में हम बात कर रहे थे, तब मैंने भाभी से पूछा- भैया सो गए हैं क्या?
उन्होंने बोला- हां, वे तो जल्दी सो जाते हैं.

फिर मैंने कहा- क्या आदमी है यार … इतनी खूबसूरत वाइफ हो तो कौन सोता है!
उन्होंने हंसने वाली इमोजी भेजते हुए लिखा- मतलब?

मैंने बोला- मतलब यह कि बिना कुछ किए कौन सो सकता है?
वे बोलीं- क्या किए बिना?

मैंने लिखा- आप तो ऐसे बोल रही हो जैसे आप समझ ही नहीं रही हो?
भाभी ने हंसने वाली इमोजी भेजते हुए लिखा- क्या? साफ साफ बोलो न!

मैंने बोला- सेक्स किए बिना कौन सोएगा?
उन्होंने कहा- अब हमारे बीच उतना हॉट नहीं है. जब से दोनों लड़कियां हुई हैं, तब से वे कुछ शांत से हो गए हैं!

मैंने पूछा- आपका मन नहीं करता है क्या?
उन्होंने लिखा- करता है, पर क्या ही करें?

मैं चुप हो गया.

उन्होंने मुझसे पूछा- तुम्हारा मन नहीं करता है?
मैंने कहा- हां बहुत करता है, इसलिए हिला लेता हूँ.

यह लिख कर मैंने आंख दबाने वाली इमोजी भेज दी.

वे बोलीं- तुम शादी कर लो, फिर हिलाना नहीं पड़ेगा!
मैंने कहा- आपकी तो हो चुकी है, फिर मैं किस से करूँ?
वे बोलीं- किसी और से कर लो!

फिर हम ऐसे ही बात कर रहे थे.

तभी मैंने उन्हें प्रपोज कर दिया.
उन्होंने कुछ नहीं बोला, बस गुड नाइट बोलकर सो गईं.

फिर हम सुबह मिले तो मुझे डर लग रहा था.
लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बोला.

वे कुछ देर बाद खुद मस्ती करने लगीं.
मस्ती-मस्ती में हम दोनों एकदम करीब आ गए.

वे बोलीं- स्कूटी रोको.
एक जगह गाड़ी रोककर हम दोनों बात कर रहे थे.

मेरी हिम्मत थोड़ी बढ़ी और मैंने उनके हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया.

वे कुछ समझ पातीं कि मैं उनके लिप्स पर किस करने लगा.

पहले तो भाभी थोड़ा नाटक कर रही थीं लेकिन बाद में वे भी साथ देने लगीं.
कुछ 10 मिनट हुए थे कि किसी बाइक की आवाज ने मुझे और उनको दूर कर दिया.

फिर हम घर के लिए निकले लेकिन वे आज मुझसे एकदम चिपक कर साथ में बैठी थीं.

उन्होंने शाम को मिलने को बोल दिया.
मैं बहुत खुश हो गया था.

शाम को हम दोनों घर से बाहर मिले.

हम लोग एक गार्डन में जाकर बैठ गए और बात करने लगे.

उन्होंने मुझसे पूछा- विक्की प्लीज, किसी को कुछ बोलना मत!
मैंने कहा- मैंने किसी को कुछ नहीं बताया और ये सब बातें किसी से कही भी नहीं जाती हैं!
वे मुस्कुरा दीं.

मैंने उनके होंठों पर होंठ जमा दिए और उन्हें किस करने लगा.
भाभी भी मेरा साथ देने लगीं.

मेरे हाथ उनके बूब्स पर आ गए, उनके ब्लाउज के ऊपर से सहलाने लगा.
वे कुछ नहीं बोलीं तो मैं भाभी के दूध जोर-जोर से मसलने लगा.

उनके पेट को टटोलने लगा.
फिर मैं उनकी साड़ी ऊपर करने लगा.

उन्होंने रोक दिया और बोलीं- नहीं, पब्लिक प्लेस है, कोई देख लेगा.

मैंने भी उनकी कदर की और आगे कुछ नहीं किया.

फिर हम दोनों मॉर्निंग में भी किस, बूब्स दबाना और गांड ये सब करते थे लेकिन सेक्स करने का मौका नहीं मिल पा रहा था.

रात में मैंने वीडियो कॉल किया.
उस दिन भाभी भी मूड में थीं.

उनसे ज़िद करके मैंने उनके बूब्स देखे और उन्हें अपना लंड दिखाया.

फिर वीडियो कॉल पर मैं लंड हिलाने लगा.

उन्होंने भी चड्डी के अन्दर हाथ डाल दिया और वे अपनी चुत में उंगली करने लगीं.
फिर मैंने रिक्वेस्ट की तो उन्होंने चूत दिखाई और कुछ देर बाद हम दोनों सो गए.

सुबह मैंने फिर वही किया.

अब भाभी बोलीं- शनिवार को तुम्हारे भैया बाहर जा रहे हैं. तुम मेरे घर आ जाना.

मैंने ओके कह दिया और शनिवार को सुबह भाभी से मिल कर दिन में ही उनकी चुदाई का प्रोग्राम फिक्स कर लिया.

दोपहर को भाभी का मैसेज आया- आ जाओ.
उनकी दोनों बच्चियां स्कूल से जल्दी आकर खाना आदि खाकर सो गई थीं.

मैं भाभी के घर आ गया.
भाभी ने मुझे कमरे में जाने का इशारा किया और वे मेन दरवाजा बंद करके आ गईं, मोबाइल साइलेंट पर कर लिया और मेरे साथ चिपक गईं.

हम दोनों ने चूमाचाटी शुरू कर दी और जल्द ही हम दोनों नंगे हो गए.
मैंने भाभी के दूध चूसना चालू किये तो वे आह आह करने लगीं और खुद ही अपने हाथ से अपने दूध पकड़ कर मेरे मुँह में देने लगीं.

मैंने उनके एक दूध को चूसा और डूरे को मसला.
वे कहने लगीं कि सच में विक्की आज बहुत दिन बाद दूध चुसवा कर मजा आ रहा है. तेरे भैया तो कभी चूसते ही नहीं हैं!

मैंने कहा- जब वे आपके दूध नहीं चूसते हैं तो चुत चूसने की बात तो दूर की कौड़ी है!
वे हंस दीं.

मैंने कहा- आप ओरल पसंद करोगी?
वे मुस्कुरा कर हां में सर हिलाने लगीं.

मैंने 69 की पोजीशन सैट की और उनके मुँह में लंड लगा दिया.
भाभी ने मेरे लौड़े को चूसा और उसे सख्त कर दिया.
मैंने भी उनकी चुत चूसी और एकदम रसीली कर दी.

भाभी बोलीं- अभी पहले जल्दी से एक राउंड कर लेते हैं. कहीं बच्चे न उठ जाएं.

मैंने भी देरी करना ठीक नहीं समझा और उन्हें चित लिटा कर चुत में लवड़ा पेल कर चुदाई चालू कर दी.
लंड घुसवाते ही भाभी की मदभरी आह निकल गई और वे दांत भींच कर मेरे लंड को झेलने लगीं.
मैंने पूछा- क्या हुआ?
वे बोलीं- दो महीने बाद ले रही हूँ न … और तुम्हारा कुछ ज्यादा मोटा भी है!
मैंने कहा- कुछ ही देर में सब सही हो जाएगा.

कुछ देर बाद भाभी मस्त टांगें उठा कर चुदवा रही थीं.
उन्हें मेरे लवड़े से चुद कर बड़ी लज्जत मिल रही थी तो वे अपनी गांड उठा उठा कर चुत में लंड ले रही थीं.

मेरा पूरा लंड भाभी की चुत में अन्दर तक जाता और मेरे टट्टे भाभी की गांड पर अपनी चोट मारते, जिससे भाभी को बेहद मस्ती चढ़ रही थी.

करीब बीस मिनट बाद मैंने भाभी से कहा- किधर निकालूँ रस?
वे बोलीं- बाहर निकालना!

मैंने तेज तेज झटके मारे और भाभी की चुत से लंड निकाल कर बाहर झड़ गया और उनके बाजू में लेट गया.

कुछ देर बाद मैंने कपड़े पहनने शुरू किये, तो भाभी बोलीं- रात को आ सकते हो!
मैंने कहा- हां आ जाऊंगा!

रात को ग्यारह बजे में मैं भाभी का मैसेज मिलने के बाद उनके घर में चला गया और सारी रात भाभी के साथ चुदाई मजा लेता रहा.

अब तो हालत यह हो गई है कि कभी भी मौका मिलते ही मैं भाभी को चोद देता हूँ.
भाभी भी मुझसे बहुत खुश रहने लगी हैं.

आपको मेरी ये देसी मराठी भाभी सेक्स कहानी कहानी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.
v7365688@gmai.com

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