पत्नी की बेरुखी और सास की चूत

Views: 11 Category: Risto Me Chudai By dbtr90 Published: July 23, 2026

Xxx मदर इन लॉ कहानी में मेरी शादी के कुछ समय बाद मेरी बीवी की सेक्स में रूचि कम हो गयी. मैं बहुत परेशान था. मैंने यह बात अपनी सास को खुले शब्दों में बता दी.

नमस्ते दोस्तो, मैं धीरज आज अपने जीवन में हुई इस सच्ची घटना को सेक्स कहानी के रूप में पेश कर रहा हूँ.

ये Xxx मदर इन लॉ कहानी 3 साल पुरानी है.

मेरी शादी तय हुई थी.

मेरी शादी जिस लड़की से तय हुई थी, वह एक सांवली लड़की थी.
मुझे गोरे सांवले रंग से कोई दिक्कत नहीं था, इसलिए मैंने उससे शादी करने के लिए हां कर दी थी.

वह लड़की एक इंजीनियर थी और एक प्राइवेट कंपनी में बड़े ओहदे पर थी.
मैं भी सरकारी नौकरी में था इसीलिए उसने भी मुझसे शादी की हां कर दी थी.

मेरी होने वाली पत्नी का नाम संगीता था.
पारंपरिक तरीके से हमारी शादी हुई.

मेरा नसीब इतना गांडू था कि शादी के अगले ही दिन ऑफिस से बॉस की कॉल आ गई कि कुछ जरूरी काम है, तो आपको थोड़ा जल्दी आना होगा.
इधर मेरी सुहागरात की तैयारियां चल रही थीं और सरकारी नौकरी ने मेरी गांड में कीला ठोक दिया था.

सुहागरात मनाने की मेरी इच्छा अधूरी रह गई.
लेकिन एक बात की खुशी थी कि काम खत्म होते ही मेरी छुट्टियां फिर से लागू होने वाली थीं.

मेरे काम पर जाने वाले दिन मेरी बीवी ने मुझे टिफिन बना दिया और मैं काम के लिए अपने ऑफिस वाले शहर को निकल आया.

घर से निकलने से पहले मैंने अपनी बीवी को एक गहरा किस किया था.
उसके गुलाबी होंठों को चूमते ही मुझे एक मदहोशी भरा अहसास हुआ और मेरा लंड एकदम से टाइट हो गया.

अपने खड़े लंड के साथ मुझे वहां से निकलना पड़ा.
मुझे शहर जाकर ड्यूटी जॉइन करनी थी और रात को उधर ही मिले अपने कमरे में रुकना भी था.

मैं अपनी बीवी को प्यार से सोनू बुलाता था तो उस दिन रास्ते में ही मैं उससे फोन पर बातें करने लगा.

ऑफिस खत्म करके मैं कमरे में आया और अपनी बीवी के साथ वीडियो कॉल पर सेक्स की बातें करने लगा.
मैं अपने लंड को हिला रहा था और उधर सोनू भी उंगली करके कसमसा रही थी.

उस रात को बात करते-करते सोनू ने मुझे पूछ लिया- कब आओगे?

मैंने भी बोल दिया- अरे जान, इस मादरचोद बॉस को मुझे परेशानी है, साले ने मुझे पूरे हफ्ते के लिए टांग दिया है.
वह शिट कह के रह गई.
क्योंकि सोनू को अपने ऑफिस से सिर्फ 20 दिन की छुट्टी मिली थी, जिसमें एक हफ्ता तो मेरे गंडमरे बॉस के कारण खराब होने वाला था.

वह नाराज होकर सो गई.

मैंने एक हफ्ता बोलकर उसके साथ मजाक किया था क्योंकि मैं उसे सरप्राइज देना चाहता था.

अगले दिन घर के लिए निकलने से पहले मैंने सोनू के लिए नई ब्रा और पैंटी के साथ नाइटी के 2 सैट खरीद लिए.
घर पहुंचते ही मैंने सोनू को सरप्राइज दिया.

मुझे आया देख कर मेरे घर वाले खुश थे और सोनू तो बेहद ही खुश हो गई थी.

उस रात को खाना खाकर मैं अपने कमरे में आ गया और सोनू के आने का इंतजार करने लगा.

मैंने कमरे को पूरा सजवा दिया था.
मैं अपने साथ सोनू को देने के लिए 2 सिल्क चॉकलेट भी लाया था.

कुछ देर बाद सोनू सजी-धजी नई नवेली दुल्हन की तरह से कमरे में आई.

वह अपने हाथ में दूध का गिलास पकड़ी हुई थी.
मैंने उसके हाथ का दूध का गिलास ले लिया और फट से पी लिया.
फिर सोनू को अपने ओर खींचा और उसे पागलों की तरह चूमने लगा.

वह भी मेरा खूब साथ देने लगी.

कुछ देर बाद मैंने उसे अपने से अलग किया और लाया हुआ गिफ्ट उसे दिया.
सोनू ने उसे देखकर खुशी जताई.

पैकेट खोलकर देखने के बाद उसने मुझे मेरे सर पर चूमा और मेरे इशारे को समझ कर बिना कुछ कहे बाथरूम में जाकर नाइटी पहन कर वापस आ गई.

वाह … क्या कमाल की कांटा माल लग रही थी मेरी बीवी … एकदम विपाशा बसु जैसी लग रही थी.

एक तो वह सांवली है, ऊपर से झीनी नाइटी में उसका 34-30-36 का फिगर वाला गदराया हुआ बदन देखकर मेरा लंड एकदम तन कर खड़ा हो गया था.

उसने मेरी लाई हुई ब्रा पैंटी का सैट पहन लिया था, जो फिशनेट वाला था.
उस नेट वाली ब्रा में उसके उठे हुए चूचे मस्त नुमाया हो रहे थे और नाइटी में से एकदम कड़क नजर आ रहे थे.

यह नाइटी सोनू को एकदम फिट हुई थी.
मेरा लंड तो बस चूत चूत कर ही रहा था, तो देरी करने का कोई सबब ही न था.

हम दोनों एक-दूसरे को मदहोश होकर चूमने लगे.
उसके नर्म नर्म होंठों को मैंने अपने होंठों में लिया और चूमने लगा.

वह भी मेरे साथ जौंक के जैसी लिपटी हुई थी.
उसकी जीभ मेरे मुँह के अन्दर घूम रही थी और मेरे रस को पी रही थी.

मैं भी मस्ती से अपनी आंखें बंद किये उसके मुँह में अपनी जीभ को अन्दर बाहर कर रहा था.

चूमते-चूमते हम दोनों कब पलंग पर गिर गए, पता ही नहीं चला.

अब सोनू ने मेरे लंड को ऊपर से ही सहलाना शुरू किया.
मैं भी उसकी चूत को नाइटी के ऊपर से ही सहला रहा था.

फिर मैंने लंड बाहर निकाला.

अब तक सोनू ने मेरा लंड सिर्फ वीडियो कॉल में देखा था.
असलियत में देखने के बाद वह उसे चूमने लगी और बड़ी अदा से लंड को चाटती हुई उसे बड़े मजे से मुँह में लेने लगी.
उसके मुँह की गर्मी पाकर मेरे लौड़े को बेहद सनसनी होने लगी थी और मेरे कंठ से अहह अहह निकलने लगा था.

क्या मस्त पल था यार … पहली बार एक लड़की ने मेरे लंड को मुँह में लिया था.

मैं उत्तेजित हो गया था तो उसके मुँह को चूत समझ कर हल्के हल्के धक्के लगाने लगा था.
वह भी पूरा मुँह खोल कर मेरे लौड़े को अपने गले तक लेने लगी थी.

करीब 2 मिनट तक लंड चूसने के बाद उसने मुझे देखा.
मेरा काम तमाम होने को था.
मैंने उसे इशारा किया कि मेरा निकलने वाला है.

वह आंखों से ही हंस दी.
मैंने सोनू का मन भाँप लिया कि ये रस पीना चाहती है, तो मैं उसके मुँह में ही झड़ गया.

वह बिना किसी हिचक कर मेरा सारा रस बड़े ही प्यार से … और स्वाद से पी गई.

अब मैंने उसकी नाइटी को निकाला.
मेरी सोनू उस वक्त सिर्फ गुलाबी पैडेड ब्रा-पैंटी में थी.
उसके सांवले शरीर पर गुलाबी कलर क्या खूब खिल रहा था.

उसे इस हालत में देखकर मेरा लंड फिर से कड़क होने लगा.

सोनू के मादक रूप को देखकर मैंने उसके चूचों को उस टाइट ब्रा से आज़ाद कर दिया और उसके दोनों रसभरे चूचों से बारी बारी से खेलने लगा.
सच में बड़ा मजा आ रहा था.

मैं सोनू का एक चूचा अपने मुँह में लेकर चूस रहा था और दूसरा हाथ में लेकर मसल रहा था.

सोनू की मदहोश करने वाली आवाज़ निकल रही थी- अहह अहह उम्म उम्म.
उसकी कामुक आवाजें मुझे और ज्यादा उत्साहित व उत्तेजित कर रही थीं.

कुछ देर बाद मैंने सोनू की चूत पर हाथ फेरा और उसकी गीली हो चुकी पैंटी को खींच कर निकाल दिया.

वह अपनी दोनों टांगें खोल कर मुझे वासना से देखने लगी.
मैं उसकी चूत को चाटने लगा.

खुद की चूत चटने से सोनू मछली जैसी तड़प उठी.

उसकी चूत को कुछ देर चाटने के बाद मैंने अपने लंड को सोनू की चूत के मुँह पर रख दिया और एक धक्का लगा दिया.
मेरा थोड़ा सा लंड अन्दर जाते ही सोनू की चीख निकल गई.

उसने मुझे लंड बाहर निकालने को बोला लेकिन मैंने उसकी एक न सुनी और लंड को अन्दर घुसेड़ता निकालता रहा.
मेरे इस रवैये से वह और चीख रही थी.

कुछ देर लंड अन्दर-बाहर करने के बाद सोनू थोड़ी सामान्य हुई और मेरा साथ देने लगी.
अब मैं उसे जमकर चोदने लगा.

शायद वह एक बार झड़ चुकी थी, इसीलिए उसकी चीखें मादक आवाज़ में बदल गईं और रूम में फच-फच की आवाज़ गूंजने लगी.

‘आह आह.’ करते हुए हम दोनों एक-दूसरे का चुदाई में साथ दे रहे थे.

कोई 5 मिनट तक चोदने के बाद सोनू फिर से एक बार झड़ गई.
अब मेरा भी माल निकलने वाला था.

मेरे तेज होते धक्कों को देख सोनू ने मुझसे वीर्य बाहर ही निकालने को कहा.

मुझे मन नहीं था कि मैं चूत से बाहर झड़ूँ लेकिन सोनू की इच्छा को ध्यान में रखते हुए मैंने लंड को बाहर निकाल लिया.
लंड एकदम से स्खलित होने को था, तो चूत से बाहर निकलते ही पिचकारी निकल गई और मैंने अपना पूरा वीर्य सोनू के पेट पर ही निकाल दिया.

फिर शांत होकर मैं सोनू के बाजू में ही लेट गया.

उसे चोद लेने के बाद मुझे बड़ा सुकून महसूस हुआ कि मेरी सुहागरात सही से मन गई.

तभी मैंने देखा कि सोनू अपनी चूत में लगे खून को और वीर्य को एक कागज के नैपकिन से साफ कर रही थी.

फिर वह उठ कर बाथरूम में जाने लगी.
उससे ठीक से चला नहीं जा रहा था.

मैंने तुरंत उसके करीब जाकर उसे अपनी गोदी में उठाया और बाथरूम ले जाकर उसकी चूत साफ करने में मदद की.

अन्दर उसकी चूत को छूते ही मेरा लंड फिर से सलामी देने लगा.
सोनू के विरोध के बावजूद मैंने उसे बाथरूम में ही खड़ी अवस्था में ही चोद दिया.

इस बार मैंने अपना पूरा माल सोनू की गांड के छेद के ऊपर निकाल दिया.
वह पुनः अपनी गांड चूत धोने लगी.

मैंने भी अपना लंड साफ किया और हम दोनों बाहर आकर सोने लगे.
उस रात दो घंटे के बाद मैंने एक बार फिर से सोनू को चोदा और सो गया.

अब मैं रोज़ रात को सोनू को चोदने लगा.
मैं सोनू को चोदकर उसे मां बनाना चाहता था जबकि वह अभी बच्चा नहीं चाहती थी.

इसी बात को लेकर हम दोनों में जरा खटास हो गई थी.

करीब 8 दिन बाद मुझे महसूस हुआ कि सोनू मुझे अब ज्यादा चोदने नहीं देती थी.
इसी वजह से हम दोनों में झगड़े होने लगे.

इसका असर हमारी शादीशुदा ज़िंदगी पर होने लगा.
मैं बहुत परेशान रहने लगा.

एक दिन मैंने सोचा कि ये सब बातों की शिकायत सास-ससुर से कर दूँ.

मैंने सोनू से कहा- चलो, कुछ दिन के लिए तुम्हारी मां के यहां चलते हैं.
वैसे भी उसको पहली बार की विदाई के बाद अपनी मां के पास जाना था.

उसने भी हां कर दी.

हम दूसरे दिन वहां पहुंच गए.

सास-ससुर से मिलने के बाद शाम को मैं घर की छत पर घूम रहा था कि मेरी सास मुझे ढूँढती हुई मेरे पास आईं और मुझसे बातें करने लगीं.

इधर-उधर की बातें होने के बाद मैं चुप सा दिखा, तो मेरी सासू मां ने पूछा- क्या बात है दामाद जी? कोई परेशानी है क्या?

मैंने बिना झिझक के बोल दिया- ये क्या लड़की आपने मुझे दे दी? मेरी तो पूरी ज़िंदगी बर्बाद हो गई!
मेरी इस बात पर सासू मां बड़े शांति से पूछा- ऐसी क्या बात हुई है?
मैंने कहा- आपकी बेटी सोनू मुझे रात में छूने नहीं देती, सिर्फ सुहागरात ही मना पाया … वह भी थोड़ी जबरदस्ती से!

मेरे इस जवाब से सासू मां थोड़ी हैरान हुईं.
मैंने उनसे कहा- अगर ऐसा ही चलता रहा, तो मुझे तलाक देने का सोचना पड़ेगा!

मेरी इस बात से सासू मां थोड़ी घबरा गईं और मुझसे बोलीं- नहीं दामाद जी, इससे हमारी बहुत बदनामी होगी. आप ऐसा मत कीजिए, मैं सोनू को समझाऊंगी.

मैंने उनसे ‘ठीक है’ बोलकर बात को वहीं खत्म किया.

कुछ पल बाद मैंने उनसे कहा- पिछले एक महीने से मेरा लंड चूत के बिना ही रह गया है. अगर इधर कोई जुगाड़ मिल जाएगी तो मैं वहीं से चूत चोद कर आता हूँ.

इतनी साफ और अश्लील बात सुनकर मेरी सास के चेहरे की रंगत बदल गई.
कुछ ही पल रुकने के बाद मेरी सासू मां के स्वर बदल गए.

उन्होंने कहा- आप मेरे साथ ये कैसी बातें बोल रहे हैं? आप इधर किसी को दिख गए तो मोहल्ले में लोग बातें करेंगे और सोनू के पापा से ये सब बर्दाश्त नहीं होगा!

इस पर मैंने भी जवाब दिया- पिछले एक महीने से मैं भी बर्दाश्त ही कर रहा हूँ, आज तो मैं पक्का जाऊंगा किसी रंडी को चोदने!

मेरी सास मुझे विनती करने लगीं और बोलीं- आज आप रूम में ही रहो, मैं आपके लिए कुछ इंतजाम करती हूँ.

अब रात को सब खाना खाकर सोने जा रहे थे तो मैंने सोनू से पूछा- तुम कहां जा रही हो?
इस पर सोनू ने कहा- पापा आज घर नहीं आने वाले! तो मैं मम्मी के साथ सोने जा रही हूँ.

मैंने कुछ नहीं बोला और गुस्से से अपने कमरे में चला गया.

मुझे लगा कि सासू मां मेरे लिए इसे मनाएंगी, लेकिन ये तो कुछ और ही हुआ.

करीब रात के 2 बजे मैं अपना लंड हिला रहा था, तब मुझे अहसास हुआ कि दरवाजे पर कोई है.

कुछ देर में दरवाजा खुला तो मेरी सास थीं.
उनको आया देखकर मैं थोड़ा हैरान रह गया.

वे इतनी रात में सलवार-कुर्ती में थीं.
यह ड्रेस उनके ऊपर काफी अच्छी लग रही थी.

अब इधर मैं आपको अपनी सास के बारे में बता देता हूँ.
वे एक 42 साल की औरत हैं. उनका फिगर 36-32-40 का है.

मेरी सासु मां दिखने में जरा सांवली हैं लेकिन उनकी अदाओं को देखकर किसी भी मर्द का लंड खड़ा हो जाए, वे ऐसी माल हैं.

वैसे भी मेरी नजर उन पर शादी से ही थी, लेकिन मैंने कभी इतना ध्यान नहीं दिया था क्योंकि सोनू जैसी माल के सामने मैं किसी को क्यों देखता!

सासु मां के अन्दर आते ही मैंने उन्हें बैठने को बोला.
वे मेरे बाजू में बैठीं और मुझसे बोलीं- आप एक बार फिर से सोचो … ये तलाक और बाहर की औरतों की बातें अच्छी नहीं होतीं!

यह सुनकर मैंने उनको अपने पास खींच लिया और उनका हाथ अपने हाथ में लेकर कहा- एक बार मेरे बारे में भी तो सोचो. मैं कब तक अकेले अपना लंड हिलाऊंगा?

मेरी इस बात पर उनकी आंखों में एक चमक दिखी.

पहले तो वे बहुत मिन्नतें करने लगीं- ये मत करो दामाद जी, हमारी इज्जत का सवाल है. पूरे परिवार में बदनामी हो जाएगी.
मैंने उनसे कहा- आप सोनू की कमी पूरी कर दो, तो मैं किसी को कुछ नहीं कहूँगा.

मेरी इस बात का उन्होंने सीधा ना कहकर जवाब दिया.
मैं नाराज हुआ और सोने के लिए लेट गया.

मुझे लगा सासू मां चली गई होंगी, लेकिन वे मेरे पैरों के पास बैठी थीं.
मैंने उनको देखा और उनके पास जाकर उनसे चिपक गया.

मेरे चिपकने से सासू मां थोड़ी सहज सी हुईं तो इससे मेरी भी हिम्मत बढ़ गई.

मैं अब जानबूझ कर उनको अपने पास खींचने लगा.

उनका पुनः थोड़ा विरोध देखकर मैं रुक गया और वहां से उठकर जाने लगा.

मेरे उठते ही सास ने मेरा हाथ पकड़ा और बोला- बैठिए.
मैं बैठ गया.

उन्होंने कहा- ये सब मैं अपनी बेटी के लिए कर रही हूँ. किसी को पता नहीं चलना चाहिए.
मैंने हां ने सर हिला दिया.

अब क्या था, दो दिल मिलने को तैयार थे, तो देर किस बात की.

मैंने उनको अपनी ओर खींचकर चूमना शुरू कर दिया.

इस बार मेरी सास भी मस्ती से साथ देने लगी थीं.
मेरे होंठ उनके होंठों से जुड़ गए थे.

वाह क्या स्वाद था उनके होंठों का और अन्दर के रस का … वे एकदम मीठी वाली सास थीं.

कुछ ही पलों में हम दोनों चुंबन में इतने ज्यादा मशगूल हो गए थे कि दरवाजा बंद करना ही भूल गए.

फिर अचानक से सासू मां ने मुझे रोका और उन्होंने उठ कर दरवाजा बंद कर दिया.

वे वापस आईं तो मैं उनको पकड़ कर वापस चूमने लगा.
फिर मैं उनकी कुर्ती को निकालने लगा. वे भी साथ देने लगीं.

कुर्ती निकालते ही उनके स्तनों को देखता ही रह गया.
उनके 36 इंच के स्तन लाल ब्रा में क्या कमाल के आम लग रहे थे.

मैंने उनकी ब्रा को पकड़ कर खींचा और फाड़ दिया.
मेरे इस हमले के लिए सासू मां तैयार नहीं थीं.

वे मुझसे बोलीं- ये क्या कर दिया आपने?
मैं बोला- कुछ नहीं संगीता मेरी जान!

मेरे मुँह से ‘संगीता’ सुनकर वे भी खुश हो गईं.
मैं उनके स्तनों के साथ खेलने लगा, एक-एक कर दोनों को जोर से दबाने लगा.

उनकी ‘सी सी’ करती आवाज़ मेरे अन्दर और भी ज्यादा जोश भरने लगी.
अब मैं उनके स्तनों को काटने लगा, जिससे उनकी चीखें निकल रही थीं.

मेरा लंड पूरे उफान पर था.
पर ये क्या, मेरे कुछ बोलने से पहले ही सास ने मेरे लंड को निकाल कर मुँह में लेना शुरू कर दिया.

हाय … क्या माहौल बन गया. जो मैं चाह रहा था, वह सब खुद ब खुद हो रहा था.

गुप्-गुप् कर मेरी सास लंड को अन्दर तक ले रही थीं और बोल रही थीं- काफी बड़ा है आपका हथियार!
मैंने भी बोल दिया- चलता भी वैसे ही लंबा है!

अब 2-3 मिनट की मुँह चुदाई के बाद मेरा झड़ने को था और मैंने पिचकारी अपनी सास को संगीता समझ कर उनके मुँह में ही मार दी.
वे भी मेरा सारा वीर्य पी गईं.

अब मैंने उनकी पजामी को नीचे किया और देखा तो वे मेरे सामने एक छोटी सी काले रंग की पैंटी में थीं.

पैंटी के टाइट होने की वजह से सासु मां की चूत का फूला हुआ उभार काफी मस्त कचौड़ी जैसा दिख रहा था.
मैंने झट से पैंटी को उतार फेंका और सासू मां की चूत पर टूट पड़ा.

उनकी चूत काफी दिनों से चुदी नहीं थी, तो काफी तंग लग रही थी.
मैं चूत में मुँह लगाकर चाटने लगा.

चूत चुसवाने से सासू मां की कामुक सिसकारियां निकलने लगी थीं- ओह्ह दामाद जी … अहह अहह अहह.

मैंने उनकी चूत में उंगली डालना शुरू किया और जल्दी ही सासू मां की धार निकलने लगी.

मैंने उनकी चूत से निकले रस को चाटना शुरू कर दिया.
इधर मेरे लंड ने भी सलामी देना शुरू कर दिया था.

मैंने ज़्यादा देर न करते हुए सीधा लंड चूत में घुसेड़ना शुरू कर दिया.
थोड़ा-थोड़ा करके पूरा लंड अन्दर घुस गया.

इधर संगीता की मम्मी की आवाज़ भी बढ़ने लगी- ओह्ह ओह्ह … दामाद जी चोदो … आह और जोर से चोदो!

मैं भी जोर-जोर से धक्के लगाने लगा.
सच में लंड और चूत में इतना तनाव था कि चुदाई में बड़ा मजा आ रहा था.

मेरी सासू मां की चूत बहुत दिनों के बाद चुद रही थी तो उनकी चूत की कसावट भी मस्त थी.
‘अहह अहह उम्म उम्म’ की आवाज़ से कमरा गूंज रहा था.

फिर मैंने सासू मां को घोड़ी बनने को बोला और पीछे से उनकी चूत में लंड घुसाते हुए उन्हें चोदने लगा.
मेरी Xxx मदर इन लॉ मेरा खूब साथ दे रही थीं.

करीब 5-6 मिनट की चुदाई के बाद मेरा लंड झड़ने को था.
मैंने पूरा माल उनकी चूत में ही डाल दिया और उनके ऊपर ही निढाल होकर सो गया.

कुछ देर बाद शायद सासू मां सोनू के रूम में चली गई थीं.
सुबह जब मैं उठा तो देखा सासू मां किचन में नाश्ता बना रही थीं.

मैं उनके पास जाकर कहा- आज रात के लिए फिर से तैयार रहना!
उन्होंने भी हल्की हंसी से हामी भर दी और कहा- रात में बहुत सुख मिला!

दोस्तो, यह मेरी सच्ची Xxx मदर इन लॉ कहानी आपको कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.

यदि आपके मेल मिले और आपकी मर्जी हुई तो अगली सेक्स कहानी में मैं मां और बेटी को एक साथ में कैसे चोदा, वह ज़रूर बताऊंगा.
dbtr90@gmail.com

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