माय हॉट पुसी स्टोरी में मैं अपने पड़ोस के लड़के को पसंद करती थी. मैं उसके जवान लंड का मजा लेना चाहती थी. मैंने उसका लंड अपनी चूत में कैसे लिया?
दोस्तो, मैं अनिता शर्मा हूँ. मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ.
मैं आज अपनी एक यादगार माय हॉट पुसी स्टोरी लेकर आप लोगों से साझा करना चाहती हूँ कि कैसे मैंने अपने हसबैंड और अपने यार के साथ इंदौर घूमने का प्लान बनाया और पति को नशे में करके यार के साथ कैसे एंजॉय किया.
मेरी उम्र 36 साल है.
मैं दिखने में बेहद गोरी हूँ और मेरा फिगर 36-34-38 का है.
मेरे पड़ोस में एक लड़का रहता है, उसका नाम मोनू है.
वह दिखने में बहुत गोरा है, उसकी उम्र 22 साल है, बस उसकी हाइट जरा कम है लेकिन मुझे बड़ा ही प्यारा लगता है और मैं उससे 3 साल से प्यार करती हूँ.
एक दिन मैंने अपने पति से कहा- मेरा कहीं घूमने का मन है.
तो वे बोले- चलो उज्जैन चलते हैं.
मैंने हां कर दी.
उन्होंने 18 मार्च की ट्रेन की टिकट बुक कर दी.
उसके बाद मैंने मोनू को फोन किया.
मैंने उससे मजाक में कहा- हम लोग घूमने जा रहे हैं, तुम भी चलो हमारे साथ घूमने!
मैं तो ऐसे ही कहा था, पर वह तो सच में साथ में चलने को तैयार हो गया.
जब उसका मन देखा तो मैंने प्लान बनाया कि कैसे मोनू को साथ लेकर चलूँ.
मेरे दिमाग में एक आइडिया आया.
शाम को जब पति काम से घर आए, तो मैंने अपने पति से बात की.
‘सुनो, सामने वाली आंटी बोल रही हैं कि तुम उज्जैन घूमने जा रहे हो तो हमारे मोनू को भी ले जाना. उसका बहुत मन है उज्जैन घूमने का!’
इस पर पति बोले- हां, बोल दे कि टिकट करवा ले!
मैंने कहा- उसकी मम्मी बोल रही हैं कि पैसे वह दे देंगी, तुम ही उसकी टिकट करवा लेना.
पति ने हामी भर दी.
फिर अगले दिन मैंने पति को 3000 रुपये दिए जो मेरे पास थे.
उन्होंने मोनू की टिकट भी करवा दी.
पति ने मुझे बताया कि उन्होंने उसकी टिकट करवा दी और मेरे मोबाईल पर उसकी टिकट भेज दी.
मैंने कहा- ओके!
उन्होंने फिर से कहा- मोनू को या उसकी मम्मी को दे देना उसकी टिकट … और बता देना कि 18 तारीख को शाम 5 बजे ट्रेन है .. दिल्ली से नागदा जाने वाली … साथ में कुछ पैसे जरूर रख ले.
मैंने मोनू को फोन करके सब समझा दिया.
उसने कहा- पर मेरे पास पैसे नहीं हैं.
मैंने कहा- तुम टेंशन मत लो, साथ चलो बस!
उस दिन हम सब रेडी होकर रेलवे स्टेशन पहुंचे.
पति हमें स्टेशन पर बिठाकर पानी लाने चले गए.
इतनी देर में मेरे पास 5000 रुपये रखे थे तो मैंने तुरंत पति की जानकारी में आए बिना मोनू को दे दिए.
उसने रख लिए.
कुछ देर बाद हमारी ट्रेन प्लेटफ़ॉर्म पर आ गई और हम ट्रेन में बैठ गए.
रात 12 बजे ट्रेन नागदा रेलवे स्टेशन पर पहुंची.
हमने पहले से ही दो रूम बुक कर रखे थे.
होटल पहुंच कर हमने रूम देखे, दोनों रूम आमने-सामने थे.
मोनू अपने रूम में चला गया.
मैं अपने रूम में पति के साथ सोने की तैयारी करने लगी.
तभी पति ने अपने बैग से शराब की बॉटल निकाल कर पैग बनाकर पीना शुरू कर दिया.
मैंने मोनू को फोन पर मैसेज करके सब समझा दिया.
पति ने एक पैग पीकर दूसरा पैग बनाया और बाथरूम चले गए.
मैंने तुरंत पति के ड्रिंक में नींद की गोली मिला दी.
वे बाथरूम से वापस आकर अपना ड्रिंक पीने लगे और मैं फोन में बिजी थी.
जब पति ने 3-4 पैग लगा लिए तो उनको नींद आने लगी और वे ऐसे ही 15-20 मिनट में सो गए.
जब मैंने उन्हें हिलाकर देखा तो वह गहरी नींद में सो गए थे.
तब मैंने मोनू को फोन किया- तुम अपना दरवाजा खोलो, मैं आ रही हूँ.
उसने अपना दरवाजा खोला.
मैंने पति को अपने के रूम में लॉक कर दिया और मोनू के रूम में घुस आई.
जैसे ही मैं घुसी, मोनू ने मुझे अपने सीने से लगा लिया और मुझे किस करने लगा. मैं भी उसके होंठों को चूसने लगी.
फिर उसने अपना दरवाजा बंद किया और मेरी चूचियों को मेरी शर्ट के ऊपर से ही दबाने लगा.
मैं उसका लंड दबाने लगी.
मुझे जोश आने लगा.
अपने प्यार से मिलते ही मैं अपने कपड़े खुद उतारने लगी और वह मुझे देखने लगा.
जब मैं बिल्कुल नंगी हो गई तो वह मेरे पास आया और मेरी चूचियों को मुँह में भरकर चूसने लगा.
मेरे मुँह से ‘आह… आह’ की आवाज़ रूम में गूँजने लगी.
फिर वह मुझे बेड पर ले गया और अपने बैग से बीयर की केन निकाल कर सिप मारने लगा.
मैंने भी कहा- मैं भी पियूंगी!
तो उसने मुझे अपनी झूठी बीयर पिलाई और मैं पीने लगी.
इतनी देर में वह भी नंगा हो गया.
मैंने उसका लंड देखा और उसे मुँह में भरकर चूसने लगी.
वह ऊपर से अपने लंड पर बीयर डालने लगा और मैं उसके लंड को चूसती हुई बीयर का स्वाद लेने लगी.
उसे मजा आने लगा.
फिर मैंने कहा- मोनू, मेरी चूत चूसो.
उसने मेरी दोनों टांगों को उठाकर मेरी चूत में अपनी जीभ डाल दी.
मैं मस्ती में खो गई और उसके सर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी.
मेरे मुँह से तेज़ आवाज़ निकलने लगी- आह … आह … आह.
कामुक आवाजों से रूम गूँजने लगा.
फिर वह बोला- एक बार मेरा लंड पुनः चूसो!
मैं तुरंत उसके लंड पर अपना मुँह रखकर खूब तेज़ चूसने लगी. उसके आंड को भी चूसने लगी.
अब मैंने मोनू से कहा- मोनू, अब मुझे चोदो जल्दी.
उसने अपनी पोजीशन ली और मेरी दोनों टांगों को पकड़ कर अपना लंड मेरी चूत पर रख दिया.
फिर एक ज़ोरदार धक्का मारा तो उसका पूरा लंड माय हॉट पुसी में घुस गया.
मेरी चीख इतनी तेज़ निकली कि रूम से बाहर तक चली गई.
होटल के बाहर होटल वेटर सोया हुआ था.
चीख सुनकर उसने दरवाजा खटखटाया.
तो मैं डर गई कि कहीं पति तो नहीं जग गए.
फिर मोनू से पूछा- कौन है?
वेटर बोला- आप लोग आवाज़ मत करो. सब सो रहे हैं.
मोनू ने कहा- सॉरी.
वेटर चला गया.
फिर मेरा दर्द थोड़ा आराम हुआ तो मोनू ने धक्के मारने शुरू किए.
थोड़ी देर बाद मुझे मजा आने लगा.
मैं भी उसका साथ देने लगी … अपनी गांड उठा उठा कर.
मैं वासना की मस्ती में मोनू को न जाने क्या-क्या बोलती रही कि ‘तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ!’
किंतु उसे झांट कुछ समझ में नहीं आ रहा था.
वह तो धक्के पर धक्के मारता ही जा रहा था और मेरी चूचियों को भी चूस रहा था.
मैं झड़ने वाली थी तो मैंने मोनू से बोला- मैं आ रही हूँ जल्दी जल्दी चोदो.
मोनू ने धक्के और तेज़ कर दिए.
मेरे साथ मोनू भी झड़ गया और मेरे ऊपर ही लेटा रहा.
हम दोनों बहुत खुश थे.
मैंने मोनू को किस किया और हम दोनों उठे और अपने आप को साफ किया.
मैं बेड पर लेट गई.
हम दोनों बातें करने लगे.
मैंने मोनू से कहा- मैंने पति के ड्रिंक में तुम्हारे लिए नींद की गोली मिला दी. हम दोनों पूरी रात मजे करेंगे!
तो मोनू ने कहा- तुम कितना प्यार करती हो मुझसे?
मैंने कहा- जान से भी ज़्यादा, तभी तो मैंने अपने पति को धोखा दिया … तुमसे मिलने के लिए!
फिर मैंने पूरी रात उसके साथ एंजॉय किया.
सुबह हमारी ट्रेन थी 9 बजे की इंदौर के लिए.
मैं सुबह उठी और अपने कपड़े पहनने लगी.
मोनू मुझे नंगी देखकर आया और मेरी गांड पर हाथ मारकर पीछे से चिपक गया.
वह बोला- एक फोटो लेने दो ऐसे ही!
उसने अपने फोन से मेरी नंगी फोटो ले ली.
फिर मैंने कपड़े पहने और मोनू को किस किया.
मैं बोली- अभी तो बहुत समय बाकी है, अपना टूर अभी शुरू हुआ है … और भी एंजॉय करेंगे!
मोनू से अलग होकर अपने रूम में गई. तो देखा पति सोए हुए थे.
मैं जाकर उनके बाजू में लेट गई.
सुबह आठ बजे में उठी, तैयार हुई और स्टेशन के लिए निकल गई.
तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी रियल माय हॉट पुसी स्टोरी. मुझे जरूर बताएं.
मेरी ईमेल आईडी है
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