पापा-मम्मी और आंटी ने कुंवारी लड़की को चोदा- 2

Views: 1 Category: Group Sex By rahulenters8 Published: August 28, 2026 📖 10 min read
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फोरबिडन Xxx कहानी में मेरी मम्मी ने अपनी सहेली से मिल कर मेरे साथ लेस्बियन सेक्स किया. फिर उन्होंने मुझे पापा के हवाले कर दिया मेरी गांड मारने के लिए.

दोस्तो, मैं सोनम आपको अपनी सेक्स कहानी के पहले भाग
कुंवारी लड़की को सेक्स की जरूरत थी
में बता रही थी कि किस तरह से मैं अपने पापा से चुदने से बचकर अपनी मम्मी के साथ उनकी सहेली मोना आंटी के घर आ गई थी.
उधर मोना आंटी ने मुझे एक जूस पिला कर मेरी वासना को भड़का दिया था.

अब आगे फोरबिडन Xxx कहानी:

मोना आंटी ने मुझे फ्रूट जूस पिलाया और मम्मी के पास जाते हुए कहा- बस तू कुछ ही देर में सब समझ जाएगी.

मैं अपनी चूचियों को सहलाने लगी और अपनी वासना से लड़ने लगी.

कुछ देर बाद आंटी वापस आईं और वे मुझे उसी कमरे में ले गईं, जहां मम्मी गई थीं.

कमरे में जाते ही मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं.

मम्मी पूरी नंगी बेड पर लेटी थीं.
उनके बड़े बड़े दूध और टांगें खुली हुई थीं.
उनकी बिना बालों वाली सफाचट चिकनी जामुनी रंग की चूत मेरी आंखों के सामने थी.

मैं कुछ कहती, तब तक मोना आंटी ने मेरे सिर को पकड़ कर मम्मी की चूत पर टिका दिया और पहली बार चूत की महक मेरे नाक में पड़ी.

चूत में बहुत गर्मी थी लेकिन वह सूखी हुई थी.
मेरी पजामी भी मोना आंटी ने पीछे से उतार फेंकी और उन्होंने अगले ही पल अपना मुँह मेरी पैंटी में घुसेड़ दिया.

मैं मचलने लगी और अचानक से मुझे महसूस हुआ कि मेरी पैंटी को साइड में खिसका कर मोना आंटी अपनी जुबान मेरी चूत पर चला रही हैं.
अब तो मैं एकदम पागल सी होने लगी और मेरी जुबान भी मम्मी की चूत में चलने लगी.

फिर मेरी पैंटी को उतार कर मोना आंटी मेरी गांड में मुँह डाल कर चूत चाटने लगी.
तब तक मम्मी की चूत भी रसीली होने लगी और मम्मी के दोनों हाथ मेरे सर को और अन्दर दबाने लगे.

तभी अचानक से मेरी गांड में आंटी की उंगली टच होने लगी और मैंने पीछे मुड़कर देखते हुए कहा- वहां कुछ मत करिए आंटी.
मम्मी ने मुझे ऊपर खींचा और अपने मम्मों पर दबा दिया.

आंटी मेरी गांड को भी चाटने लगीं और अपनी उंगली धीरे धीरे मेरी गांड में देने लगीं.

मुझे दर्द के साथ साथ मजा भी आ रहा था और मैं यह भी सोच रही थी कि पापा से गांड मरवाने से तो अच्छा ही है ये!

मम्मी मेरी चूत को सहलाने लगीं.
आंटी ने मुझसे अलग होकर अपने कपड़े उतारे और वे पूरी नंगी हो गईं.

आंटी ने मुझे बेड पर सीधा लेटा दिया और मेरी दोनों नंगी टांगें पकड़ कर बेड के किनारे तक खींच लिया.
मम्मी ने मेरी टी-शर्ट भी उतार दी और मेरे छोटे छोटे चूचों को आजाद कर दिया.

मुझे अपनी मम्मी और आंटी के सामने नंगी होने में बहुत शर्म आ रही थी.
शर्म इसलिए आ रही थी कि कहां मोना आंटी के बड़े बड़े चूचे … और कहां मेरे छोटे छोटे समोसे जैसे … लेकिन मोना आंटी मेरे समोसे देख कर खुश होती दिखीं.

वे मेरे समोसे पकड़ती हुई बोलीं- आज पहली बार किसी कुंवारी लड़की का भोग लगाने का मौका मिला है. हर बार तेरी मम्मी की चुदी हुई चुत को चूस कर मेरा मजा फीका हो जाता था.
अब मुझे समझ आया कि मेरी मम्मी एक लेस्बियन हैं इसलिए पापा के साथ शायद उनके झगड़े होते हैं.

इतने में मेरे एक चूचे को मोना आंटी ने अपने मुँह में भर लिया था. वे बड़े प्यार से मेरे दोनों चूचों को चूस और मसल रही थीं.
इससे मेरी मदभरी आहें निकलने लगी थीं.

मम्मी भी आंटी के साथ आ गईं और उन दोनों ने मेरे एक एक दूध को आपस में बाँट लिया.
वे दूसरे चूचे के निप्पल को अपने दांतों से काटने लगीं.

मैं मस्ती से तड़पने लगी और मेरे हाथ उन दोनों के बालों में ऐसे चलने लगे जैसे कोई अपने बच्चे को दूध पिला रहा हो.

मोना आंटी मेरे पेट को चूमने लगीं, फिर वे नाभि को जीभ से कुरेदने लगीं.

उसके बाद वे मेरी जांघों पर आईं और उन्होंने मेरी दोनों टांगों को पकड़ कर फैला दिया.
मेरे पैर जमीन से उठ गए और बेड के किनारे पर आकर मुड़ गए.

जैसे ही मोना आंटी ने मेरी चूत पर मुँह रखकर जोर से चूसना शुरू किया, मेरी गांड हवा में खुद ब खुद उठने लगी.
मम्मी ने एक तकिया मेरी गांड के नीचे लगा दिया और आंटी से कहा- मोना कितना पीना है, पी ले इस कुंवारी चूत को.

आंटी लपक कर चुत को चूसने लगीं.
थोड़ी ही देर में मेरी चुत से पानी निकल गया और मैं हांफने लगी.

मम्मी ने मुझे थोड़ा पानी पिलाया और फिर से मोना आंटी मेरी चूत पर टूट पड़ीं.
इस बार भी वही हुआ, मैं फिर से झड़ गई.

मैंने कहा- मुझे प्यास लगी है, अब रहने दो ना आंटी, आज के लिए इतना काफी है. मैं कहीं भागी थोड़ी ना जा रही हूं.
मम्मी ने मुझे उठाया और एक एनर्जी जूस पिलाया.

उस जूस को पीने से मुझे थोड़ी ताकत सी महसूस हुई.
मम्मी ने मेरी चूत के दाने पर उंगलियां फेरीं तो मैं फिर से अपनी चुत खोल कर लेट गई.

मोना आंटी मेरी चूत को पीने लगीं.
उनकी जुबान मेरी चूत के चारों तरफ चलते हुए मेरे छेद में भी घुसने का प्रयास कर रही थी.

जल्दी ही मुझे थकान सी महसूस होने लगी थी.
ऐसा लग रहा था कि मेरी चूत अब पानी छोड़ेगी तो में मर ही जाऊंगी.

मैंने अपनी चूत को पानी छोड़ने की इजाजत नहीं दी लेकिन मोना आंटी तो हटने का नाम ही नहीं ले रही थीं.
तभी मुझे लगा कि मुझे जोर की सुसु आने वाली है.

मैंने कहा- आंटी छोड़िए, लगता है पेशाब आई है मुझे!
आंटी ने मेरी ओर देखा और हंस कर कहा- तो क्या हुआ, कर दो यहीं.

मैंने कहा- मुझे सच में आई है.
पर मोना आंटी तो फिर से चूत पर चिपक गईं.

मैं भी अब बर्दाश्त के बाहर जाने लगी और न चाहते हुए भी मेरी चुत से सुसू की गर्म धार बह निकली.
मोना आंटी थोड़ा सा पीछे को हुईं तो मैंने उनसे सॉरी कहा.

मोना आंटी ने कहा- रोका क्यों, बहने दो ना!
अब मैंने भी ठान ली कि जब इन्हें खुद ही परवाह नहीं है तो मैं क्यों पेशाब को रोकूं!

मैंने चुत को खुला छोड़ दिया और सी सी सीटी की आवाज करते सुसु की धार मोना आंटी में मुँह और गले पर बहने लगी.
मोना आंटी मेरी चूत को फैला कर मेरी सुसु देखने लगी, मुझे अजीब सा लग रहा था.

मेरी सुसु पूरी निकल जाने के बाद मुझे राहत सी आई और मैं मुँह खुला छोड़कर सांसें लेने लगी.

इतने में मोना आंटी मेरे मुँह पर आकर बैठ गईं और अपनी चूत को बहुत दम लगाकर मेरे मुँह पर रखने लगीं.

उनकी चूत से पानी टपक रहा था, जो न चाहकर भी मुझे पीना पड़ा.

अब तक शाम ढलने वाली थी लेकिन मोना आंटी मुझे अपनी बांहों में भरकर जी भरकर प्यार करती जा रही थीं.

मुझे उनकी गांड भी चाटनी पड़ी और सुसु भी चखनी पड़ी.
लेकिन इस सबमें मुझे भी मजा आने लगा था.

मोना आंटी ने अपने चूचे भी पिलाए, साथ में मेरी गांड में उंगली भी पेली.

अब मैं भी कुछ कम गंडमरी नहीं रही और मैंने भी मोना आंटी की गांड में उंगलियां की.

काफी समय हो जाने के कारण मम्मी ने कहा- अभी रात हो गई है मोना, बाकी मजे कल फिर से करेंगे.

हम दोनों मां बेटी घर आ गए.
घर आते ही देखा की पापा बड़े गुस्से में हैं.

मैं समझ गई कि उनकी गांड मारने की इच्छा अधूरी रह गई इसलिए गुस्से में हैं.
मम्मी मुझे रूम में लाईं तो पापा भी साथ में आ गए.

वे बोले- देख आज या तो तू अपनी गांड दे ही दे वरना मैं सोनम की गांड मारूंगा!
मम्मी ने कहा- इस कुंवारी पर तो रहम करो!

पापा ने कहा- ठीक है फिर तू तैयार हो जा!
और पापा ने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए.

मम्मी तो डर सी गईं और उन्होंने मुझसे कहा- सोनम बेटा, क्या तू अपने पापा से गांड मरवाएगी? मेरी खातिर मरवा ले … मुझसे इनका लंड सहन नहीं होता.
मैंने कहा- मम्मी पापा से बचने के लिए ही तो मैं आपके साथ चली गई थी.

मम्मी ने हैरानी से देखा और पूछा- क्या … तेरी गांड मार दी ही इन्होंने?
मैंने कहा- नहीं मम्मी, लगभग मेरी गांड का ढक्कन खुलने ही वाला था, वह तो ऐन मौके पर आपने आकर मुझे बचा लिया.

मैंने मम्मी को सारी बात बता दी.
मम्मी ने कहा- कब तक हम दोनों इनके लौड़े से बचेंगी. एक न एक दिन तो ये अपनी मनमानी करके ही रहेंगे. इसलिए तू मेरी खातिर एक बार इनसे चुद जा!

मैंने कहा- मम्मी मुझे डर लगता है!
मम्मी ने कहा- कुछ नहीं होगा, मैं तेरा ख्याल रखूंगी.

फिर उन्होंने पापा से कहा- जरा धीरे धीरे करना!
पापा ने हामी भर दी.

मैंने कहा- मम्मी, आप ऐसी निकलोगी, मुझे पता नहीं था.
लेकिन अब मैं क्या करती, मम्मी को मेरी चूत चाहिए थी और पापा को गांड.

मेरे कुछ सोचने समझने से पहले मम्मी, पापा को अपने रूम में ले गईं और उन दोनों में न जाने क्या बातें हुई.
वे दोनों एक साथ नंगे होकर मेरे रूम में आ गए.
पापा ने मुझे बिस्तर पर लिटा कर पूरी नंगी कर दिया.

पहले उन दोनों ने मुझे खूब चूमा, मेरी चुत व गांड को चाट चाट कर मुझे गर्म कर दिया.
मैं भी साथ देने लगी.

मम्मी बिस्तर पर सीधी लेट गईं और मुझे अपने ऊपर इस तरह से घोड़ी बना कर ले लिया, जिससे मेरा मुँह मम्मी की चूत में और मेरी गांड पापा की आंखों के सामने हो गई.

नीचे से मम्मी मेरी चूत को देख रही थीं.
ऊपर से पापा ने अपना लंड मेरी गांड पर फिर से टिका दिया.

मैंने चीखने के लिए मुँह ऊपर किया तो पापा ने उसे दबा दिया.
उसी समय उन्होंने लंड घुसेड़ने के लिए गांड के मुँह पर लगा दिया.
नीचे से मम्मी ने थोड़ा ऊपर उठकर अपनी जुबान मेरी चूत में चला दी, जिससे मैं गर्म हो गई और पापा का लंड मेरी गांड में प्रवेश पा गया.

मेरी जांघें कांपने लगी और पापा का लंड मेरी गांड के अन्दर को घुसता चला गया.
अचानक से मुझे एक मजा सा आने लगा.

पापा ने मेरी गांड पर दनादन धक्के मारने शुरू कर दिए थे.
पूरा रूम थप थप की आवाजों से गूंजने लगा.

जब पापा का गर्म लावा मेरी गांड में बहा, तो जान में जान आई … पर मजे बहुत आए.
फिर पापा बेड पर लेट गए. मम्मी और मैं एक दूसरे को प्यार करने लगीं.

इतने में पापा पीछे से मुझसे लिपट गए.

मैंने कहा- पापा, इस बार मेरी चूत का भी उद्घाटन कर ही दीजिए.
पापा ने मेरी एक टांग ऊपर उठा कर अपना लंड चूत पर सैट कर दिया.

मैंने पापा को मोना आंटी की बात भी बताई तो वे उनकी चुदाई की बात करते हुए लंड मेरी चुत में ठूँसने लगे.
मैंने हिचकी ली और पापा का लंड मेरी चूत में बड़े आराम से अन्दर बाहर होने लगा.

पापा ने कहा- अगली बार मोना आंटी को अपने घर पर लाना नहीं भूलना ताकि हम तीनों एक साथ तेरी चूत गांड की सेवा कर सकें.

मैं तो खुशी से पागल हो गई थी.
मैंने चाहा था कि कोई एक मुझे आकर चोदे … और यहां तो तीन लोग मुझे चूम चाटकर चोदने को मिल गए.

इस फोरबिडन Xxx कहानी पर आपके मेल मिलने के बाद मैं लिखूँगी कि कैसे टीना ने मेरी कमसिन जवानी को लूटा.
ये सब आप कहेंगे तो ही अगले भाग में बताऊंगी.
rahulenters8@aol.com

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