पड़ोसन भाभी मेरे लंड से चुदकर गर्भवती हुईं

Views: 115 Category: First Time Sex By ry687140 Published: June 06, 2026 📖 9 min read
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भाभी प्रेगनेंसी सेक्स कहानी में मेरे पड़ोस में मेरा एक अच्छा दोस्त है. उसकी शादी के काफी अरसे बाद भी उसको कोई औलाद नहीं हुई. एक दिन हम दोनों ड्रिंक कर रहे थे.

सभी लोगों को मेरा नमस्कार, मेरा नाम रोहित यादव है.
मेरी उम्र 27 वर्ष है और मैं उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का रहने वाला हूँ.

भाभी प्रेगनेंसी सेक्स कहानी अभी दो साल पहले की है.
मेरे पड़ोस में एक परिवार रहता है जिसमें 4 सदस्य हैं … श्रीवास, उसकी पत्नी, उसके पिताजी और माताजी.

श्रीवास मेरे साथ जॉब करता है.
श्रीवास की पत्नी का नाम अनुराधा सिंह है जो बहुत ही खूबसूरत, हॉट और अच्छे स्वभाव की हैं.

भाभी से मेरा हंसी मजाक चलता रहता था लेकिन यह मजाक एक साफ सुथरा देवर भाभी वाला मजाक था.

मैं अक्सर उनके घर जाता रहता हूँ.
श्रीवास मेरा बहुत ही अच्छा दोस्त है.

हम दोनों जब तब साथ बैठ कर ड्रिंक भी कर लेते थे.

श्रीवास की पत्नी को काफी समय से बच्चे नहीं हो रहे थे.
इस बात को लेकर श्रीवास के परिवार वाले काफी परेशान रहते थे.

एक दिन मैं और श्रीवास ड्रिंक कर रहे थे.
वह तीन पैग पी चुका था.
उसे खासा न.शा हो गया था.

उस वक्त उसने मुझसे कहा- भाई, मेरा एक काम करोगे?
मैंने कहा- हां भाई, बोलो क्या काम है?

तो उसने मुझसे कहा- तुम मेरी पत्नी को गर्भवती कर सकते हो? मुझे तुम्हारा सहयोग चाहिए क्योंकि डॉक्टर ने साफ बोल दिया है कि मैं अपनी पत्नी को गर्भवती नहीं कर सकता … और यह बात बाहर नहीं जानी चाहिए. अब तुम मेरे बहुत ही अच्छे दोस्त हो, इसलिए मैं तुम्हें यह सब बता रहा हूँ.

उसने यह कहा, तो वह सब सुनकर मेरे तो होश उड़ गए.
मैंने कहा- पागल हो तुम, मैं तुम्हारा अच्छा दोस्त हूँ और इस वक्त तुम शराब के न.शे में हो. मैं अनुराधा भाभी को हमेशा अच्छी नजरों से देखता हूँ … और यह सब तुम मुझसे नहीं कहो.

वह मेरा हाथ पकड़ कर बोला- हां, मैं नशे में हूँ तभी तो यह सब कहने की हिम्मत जुटा पाया हूँ. प्लीज रोहित तुम मेरी बात की गंभीरता को समझो. सारे परिवार का मेरे ऊपर प्रेशर है और अनु भी इस बात को लेकर काफी परेशान है.

मैं एक पल के लिए चुप रहा और अपना गिलास एक ही घूंट में हलक के नीचे उतार कर अपने दोस्त को देखने लगा.

फिर मैंने उससे पूछा- श्री … क्या इस बात के लिए भाभी जी तैयार होंगी?
श्रीवास ने बोला- हम दोनों बात करके ही तुमसे यह बात कह रहे हैं और वह तुम्हारे साथ सेक्स करने के लिए तैयार है.

मैं सोचता रहा और मेरी नजरों में अनु भाभी का हॉट जिस्म घूमने लगा.
दारू के नशे में मेरे लंड ने भाभी की जवानी को याद करके फुफकार मारनी शुरू कर दी थी.

यह बात श्रीवास ने नोटिस कर ली थी.
वह हंस कर बोला- तेरा छोटू भी अनु की लेने के लिए रेडी दिख रहा है.

मैं उसकी हंसी देख कर शर्मा गया और अपने लौड़े को सहला कर शांत करने का प्रयास करने लगा.
तभी श्रीवास ने सिगरेट सुलगाई और मुझसे कहा- तो बात पक्की रही न!

मैंने भी भाभी की चुदाई लिए हां बोल दी.

एक बात आपको और भी बता दूँ कि मैंने आज तक कभी किसी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया था.
अनु भाभी मेरे लंड की सील तोड़ने वाली थीं.

अगले दिन श्रीवास के पिताजी और मां कहीं रिश्तेदारी के यहां जाने वाले थे.
यह प्रोग्राम श्रीवास को मालूम था और शायद उन दोनों पति पत्नी ने यह प्रोग्राम जानकर ही मेरे साथ चुदाई का कार्यक्रम सैट कर लिया था.

श्रीवास ने मुझे उसी दिन अपने घर पर बुलाया और कहा- आज तुम मेरी पत्नी को अपनी पत्नी समझ कर अच्छे से सेक्स करना.

कुछ देर बाद अनुराधा भाभी मेरे लिए पानी लेकर आईं और मेरे साथ बगल में बैठ गईं.

भाभी की फिगर 34-32-36 थी.
वे बहुत ही हॉट लग रही थीं.

उनको देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया और मेरा भी मन अनुराधा भाभी को चोदने का करने लगा.
मैंने श्रीवास की तरफ देखा और सोचने लगा कि क्या ये अपने सामने ही अपनी बीवी को चुदवाएगा!

मैंने उसकी तरफ देखा और कुछ बेचैन निगाहों से अनु भाभी को देखने लगा.
तभी भाभी ने श्रीवास से कहा- आप कहीं जाने वाले थे न!

यह सुनकर श्रीवास उठ गया और मुझसे बोला- रोहित तू बैठ अपनी भाभी के साथ … मैं जरा काम से जा रहा हूँ.

यह कह कर श्रीवास किसी काम का बहाना बनाता हुआ बाहर चला गया.
मैंने अनुराधा भाभी की तरफ देखा, तो उन्होंने मुस्कुरा कर मेरा हाथ पकड़ा और कहा- चलो कमरे में चलते हैं!

मैं चुपचाप उनके साथ उनके बेडरूम में चला गया.
भाभी ने दरवाजे को अन्दर से बंद करके मुझे देखा और अगले ही पल वे मेरे करीब आकर मेरे सीने से लिपट गईं.

वे प्यासी आवाज में बोलीं- रोहित, आज मुझे जी भर कर प्यार करो. मैं बहुत प्यासी हूँ … मुझे चोद दो ताकि मैं गर्भवती हो जाऊं.

भाभी के मुँह से इतना साफ साफ सुनकर मेरे अन्दर उत्तेजना बढ़ गई और मैं भाभी को किस करने लगा.

किस करते-करते मैं भाभी के मम्मों को अपने हाथों से दबाने लगा.

भाभी भी मुझे किस कर रही थीं और मेरे लौड़े को टटोलने लगी थीं.
जैसे ही उन्हें मेरे कड़क लंड का अहसास हुआ, वे मेरे कपड़े उतारने लगीं.

मैंने भी भाभी के कपड़े उतारना शुरू कर दिए.
जल्दी ही भाभी ब्रा पैंटी में आ गईं.

मैं उन्हें इस रूप में देख कर एकदम से बौरा गया और मैंने उनकी ब्रा को भी उतार दिया.

अब भाभी मेरे सामने आधी नंगी हो चुकी थीं और उनके 34 साइज के बूब्स मेरे सामने एकदम खुले हुए थे.
मैं उन्हें अपने हाथों से दबाकर पीने लगा और भाभी मेरे सर को अपने सीने से लगाकर दबाने लगीं.

मैं उनके दोनों दूध बारी बारी से चूस रहा था और भाभी को अपने दूध चुसवा कर मजा आ रहा था.

वे वासना से बोलीं- कैसे हैं मेरे दूध?
मैंने उनकी आंखों में झांक कर कहा- मीठे और रसीले!

वे हंस दीं और उन्होंने मुझे खींच कर मुझे अपनी चूचियों में दबा लिया.

कुछ देर यूं ही प्यार करने के बाद मैंने भाभी की पैंटी भी उतार दी और उनकी चूत को सहलाने लगा.

फिर भाभी ने मेरे अंडरवियर को नीचे करके मेरा लंड बाहर निकाल लिया.
मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया.

मेरे लंड की साइज अच्छी खासी है.
यह 6 इंच लंबा और ढाई इंच मोटा है.

भाभी मेरे लंड को मुँह में ले लिया और वे खूब अच्छे से लौड़े को चूसने लगीं.
मुझे चैन मिलने लगा था.
आज पहली बार मैं लंड चुसवाने का मजा ले रहा था.

काफी देर तक लंड चूसने के बाद उन्होंने मेरे लंड का सारा पानी पी लिया.
हम एक दूसरे को किस करने लगे.

कुछ ही देर में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और मैंने इस बार भाभी को 69 की पोजीशन में होने को बोला.
भाभी ने मेरी बात मान ली और 69 की पोजीशन में आ गईं.

लंड चुत की कुछ देर पुनः चुसाई के बाद चुदाई का नंबर आया तो मैंने उन्हें घोड़ी बना दिया.
भाभी को मुझसे किसी भी आसन में चुदवाने में कोई आपत्ति नहीं थीं तो वे घोड़ी बन गईं.

मैंने पीछे से भाभी की चूत पर अपना लंड रख दिया और उनकी कमर को पकड़ कर एक जोरदार झटका दे दिया, जिससे मेरा लंड आधा भाभी की चूत में चला गया.
एकदम से लंड घुसा तो भाभी के मुँह से दर्द की आवाज निकल गई.

उन्होंने मुझे रुकने का इशारा किया.
मैं रुक गया और कुछ देर तक हम दोनों वैसे ही पड़े रहे.

फिर मैंने एक दूसरा झटका दिया. इस बार मेरा पूरा लंड भाभी की चूत में चला गया.

अब भाभी जी खूब मजे ले लेकर मेरे लंड से चुदवाने लगीं.
मैं हर 2 मिनट के बाद पोजीशन बदलता रहता था और हर झटके के साथ भाभी की आवाज पूरे रूम में गूंज रही थी.

कुछ देर बाद भाभी मेरे लंड की सवारी का मजा लेने लगीं और झुक कर मुझे अपने दूध पिलाने लगीं.
उसके बाद भाभी ने कहा- रोहित तुम्हें याद है न कि तुमको क्या करना है?

मैंने कहा- हां अनु भाभी मुझे अच्छी तरह से याद है कि आपकी कोख हरी करनी है!
वे मुस्कुरा दीं और बोलीं- देने वाला सदैव ऊपर रहता है!

मैंने कहा- तो चलो, आप अब नीचे आ जाओ!
भाभी मेरे लौड़े से उतर कर बिस्तर पर चित लेट गईं और मैंने मिसनरी पोज में आकर भाभी की चुत में अपना लंड पेल दिया.

अब भाभी अपनी टांगों को हवा में उठाई हुई थीं और मैं दनादन उनकी चुत की गहराई में उनकी बच्चेदानी तक चोट मार रहा था.

करीब 15 मिनट की खपाखप करने के बाद मैंने भाभी से पूछा- भाभी, मैं आने वाला हूँ.

उन्होंने बोला- इसी का तो इंतजार कर रही थी मैं! अपना सारा रस मेरे अन्दर ही डाल दो … एक भी बूँद बाहर नहीं आना चाहिए!

मैं और तेजी से भाभी को चोदने लगा और कुछ ही देर बाद मेरे लंड ने चरम बिन्दु हासिल कर लिया था.
मैं भाभी को चूमता हुआ उनकी चुत में अपने लंड का पानी भरने लगा.

भाभी ने भी वीर्य का अहसास करके अपनी टांगों से मेरी कमर को जकड़ लिया.
झड़ने के करीब पांच मिनट तक हम दोनों इसी पोजीशन में पड़े रहे और अंततः मैं भाभी की चुत से लंड निकाल कर अलग हो गया.

मेरे हट जाने के बाद भी भाभी ने अपनी स्थिति नहीं बदली क्योंकि वे वीर्य का एक कतरा भी बाहर नहीं निकलने देना चाहती थीं.
मैंने उन्हें देखा और मुस्कान बिखेरते हुए कहा- पहली धार का माल है भाभी … आपको सफलता जरूर मिलेगी!

वे मेरी इस बात को समझ नहीं पाईं कि ‘पहली धार का माल है’ का क्या मतलब हुआ.

वे सवालिया नजरों से मुझे देखने लगीं, तब मैंने उन्हें बताया कि मैं आज पहली बार किसी के साथ सेक्स कर रहा हूँ.

यह सुनकर तो भाभी इतनी ज्यादा खुश हुईं मानो उन्हें भगवान का प्रसाद मिल गया हो.

उस दिन मैंने भाभी को तीन बार खूब अच्छे से चोदा.

इस चुदाई का रिजल्ट एक महीने के बाद पता चला.
भाभी की मासिक-धर्म चक्र रुक गया और वे प्रेग्नेंट हो गई थीं.

अब भाभी अच्छी जिंदगी जी रही हैं.

हालांकि अब तो मैं और श्रीवास दोनों लोग मिल कर अनुराधा भाभी को चोद लेते हैं क्योंकि भाभी मुझे भी अपना पति मानने लगी हैं.

आप सभी लोगों को मेरी इस सच्ची भाभी प्रेगनेंसी सेक्स कहानी को पढ़ने के लिए धन्यवाद.
मैं आप सभी के ईमेल का इंतजार करूंगा.
ry687140@gmail.com

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